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- -विधायक किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल-कृषक उन्नति योजनांतर्गत बस्तर जिले के 40 हजार से ज्यादा किसानों को मिले 205.95 करोड़ रूपएरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर से प्रदेश के 25 लाख किसानों को 10 हजार 328 करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित किया। इस कार्यक्रम में वर्चुअली जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता कार्यक्रम एवं वृहद किसान सम्मेलन से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए।इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने वादे के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतर की राशि को एकमुश्त देकर किसानों की होली त्योहार की खुशी को दुगुनी कर दी है। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए संवेदनशील होकर पहल कर रही है और वर्तमान बजट में भी उनकी सहायता के लिए अनेक किसान हितैषी प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को उन्नत खेती किसानी के लिए सहूलियत होगी। न्होंने सहकार से समृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि बस्तर में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने सहित लघु वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण के लिए सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को हरसंभव मदद देने, सिंचाई संसाधनों को बेहतर बनाने प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां के निवासियों की आमदनी बढ़े और बस्तर की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो।उन्होंने बस्तर की बेहतरी और तरक्की में समाज की व्यापक सहभागिता पर जोर देते हुए इस दिशा में सभी को मिलजुल कर कार्य करने का आव्हान किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक श्री किरण देव ने हल्बी में संबोधित करते हुए किसानों को होली त्योहार की हार्दिक बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार के निर्णय से किसानों के परिवारों में उत्सव का माहौल है उनकी होली की खुशियां बढ़ गई है। यह हमारी सरकार की किसान हितैषी सकारात्मक प्रयास है। वीर सावरकर भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जगदलपुर महापौर श्री संजय पांडे, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री कामदेव बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया गया। जिसमें मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई है। जिले में इस योजना का सर्वाधिक लाभ बकावण्ड और बस्तर ब्लॉक के किसानों को मिल रहा है, जहाँ क्रमशः 67.90 करोड़ रुपए और 55.78 करोड़ रुपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई।
- - 270 वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किया गया नि:शुल्क सहायक उपकरण- वरिष्ठ नागरिकों ने सहायक उपकरण मिलने पर खुशी जाहिर की- एक माह के भीतर जिले के 500 से अधिक चिन्हांकित वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 50 लाख रूपए की लागत का सहायक उपकरण का किया गया नि:शुल्क वितरणराजनांदगांव । समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को जबलपुर द्वारा गांधी सभागृह राजनांदगांव में वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री मधुसूदन यादव उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरण प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने सहायक उपकरण मिलने पर वरिष्ठ नागरिकों को बधाई दी। इस दौरान 270 वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को जबलपुर (जनरल इंश्योरेंस कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा शिविर लगाकर सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हांकन एवं परीक्षण किया गया। एलिम्को जबलपुर द्वारा एक माह के भीतर जिले के 500 से अधिक चिन्हांकित वरिष्ठ नागरिकों को एसआर मद से लगभग 50 लाख रूपए की लागत का सहायक उपकरण का नि:शुल्क वितरण किया गया है। वरिष्ठजनों को व्हील चेयर, व्हील चेयर कमोड, वाकर, फोल्डिंग बैसाखी, टेट्रापेड, वाकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र, सर्वाइकल कॉलर, स्पाइनल सपोर्ट, एलएस बेल्ट, फुट केयर किट, पोलीमर जेल, वनी फेश, स्टूल विथ कमोड सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किया गया। बड़ी संख्या में वरिष्ठजनों का चिन्हांकन चुनौतीपूर्ण कार्य रहा। वरिष्ठ नागरिकों ने सहायक उपकरण मिलने पर खुशी जाहिर की तथा शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता सिन्हा, सभापति जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी, पार्षद श्री शेंकी बग्गा, पार्षद श्री शरद सिन्हा, सरपंच कोपेडीह श्री चुनेश्वर साहू, सरपंच कोटरा श्री डान कुमार साहू, एलिम्को के प्रबंधक श्री नीतिन माहौर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, नायब तहसीलदार राजनांदगांव, विभाग के वरिष्ठ कलाकार श्री बीरसिंह साहू, बालकृष्ण बघेल, श्री तीहार सिंह ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।
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- प्रदेश में राजनांदगांव जिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक में प्रथम स्थान पर
राजनांदगांव । राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के निरीक्षण के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुनी विकासखंड डोंगरगांव में राष्ट्रीय निरीक्षक डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी एवं डॉ. मधुरजय बरूवा द्वारा 2 दिवसीय एनक्यूएएस असेसमेंट सफलता पूर्वक सम्पन हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन एवं डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार के द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। जिले से डॉ. विकास राठौर, डॉ. स्नेहा जैन, डॉ. निहारिका टीम बनाकर तैयारी कराई जा रही है। जिले के 30 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। 83 संस्था की तैयारी पूर्ण का आवेदन किए हुए हैं, 24 का निरीक्षण हो चुका है जिसका राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र आना बाकी है। मार्च 2026 तक 7 और संस्था की तैयारी पूर्ण कर आवेदन किया जाएगा। पूरे प्रदेश में राजनांदगांव जिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक में प्रथम स्थान पर है। - राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा का असर अब दिखाई दे रहा है। जिले में गिरते हुए भू-जल स्तर के दृष्टिगत किसान रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा के क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित तरीके से कार्य किया रहा है। जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे है। यह अभियान जनसहभागिता से चलाया जा रहा है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनमानस को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। धान की फसल में पानी की अधिक आवश्यकता को देखते हुए किसानों का रूझान अब फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहा है। जिससे उनकी जागरूकता परिलक्षित हो रही है।छुरिया विकासखंड के किसान श्री कामता साहू ने जल संरक्षण अभियान से प्रेरित होकर 10 एकड़ में धान फसल की जगह गेहूं, चना की फसल ली है। उन्होंने बताया कि किसानों को भी ग्रीष्म ऋतु में धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है। धान के बदले प्याज फसल प्रदर्शन के तहत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धामनसरा के किसान श्री गणेश राम पटेल ने 0.5 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी की कृषक श्रीमती प्रभा बाई मंडावी ने 1 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी के कृषक श्रीमती पुराईन बाई ने 1.800 हेक्टेयर में प्याज की फसल लगाई है। किसानों का रूझान धनिया की फसल की ओर भी बढ़ा है। ग्राम धामनसरा के कृषक श्री मनसुख पटेल ने 0.800 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक प्रद्धुम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक श्री नेतराम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम भर्रेगांव के कृषक श्री बसदेव निषाद ने 0.025 हेक्टेयर में धनिया की फसल ली है।
- -जल संरक्षण के साथ ही ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यमरायपुर। मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत औराबांधा में एक छोटी-सी पहल ने ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत हितग्राही किसान किशन सिंह के खेत में निर्मित “आजीविका डबरी” आज जल संरक्षण, सिंचाई और मछली पालन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। हितग्राही किशन सिंह ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए पानी की कमी बनी रहती थी, लेकिन अब डबरी बनने से खेत में वर्षभर पानी उपलब्ध रहेगा और मछली पालन से आय भी बढ़ेगी।जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में आजीविका डबरी न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण आजीविका संवर्धन का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। योजना के तहत स्वीकृत 1.94 लाख रुपये की लागत से इस डबरी का निर्माण कराया गया। कार्य के दौरान कुल 792 मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे स्थानीय मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिला और पलायन में कमी आई। निर्मित डबरी अब खेतों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित हुई है, जिससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में फसल उत्पादन की संभावना बढ़ी है। पहले जहां पानी की कमी के कारण फसल प्रभावित होती थी, वहीं अब किसान आत्मविश्वास के साथ बहुफसली खेती की ओर अग्रसर है।साथ ही, डबरी में मछली पालन की योजना से अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत विकसित हो रहा है, जो परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रहा है। जिले में आजीविका संवर्धन की दृष्टि से आजीविका डबरी निर्माण की अभिनव पहल व्यापक स्तर पर क्रियान्वित की जा रही है। वर्ष 2025-26 हेतु कुल 285 डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और 20 पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को एकीकृत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- महासमुंद / जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायपाली में सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत की गई है। यह सुविधा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में महिलाओं को महासमुंद, रायपुर अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय पर उपचार सुनिश्चित होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार आएगा। साथ ही गरीब एवं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।यह उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में प्रारंभ की गई है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के कुशल निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक तैयारियां पूर्ण कीं।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुशल नायक के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा को सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा सका। इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. भागेश्वर (शुभा नर्सिंग होम), नर्सिंग टीम, प्रगति सिस्टर, समीर पटेल, स्मृति एवं अंकिता का विशेष योगदान रहा। समस्त टीम के सामूहिक प्रयासों से प्रथम सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।सिजेरियन सुविधा के तहत ग्राम खैरमल निवासी प्रमिला मांझी (27 वर्ष), पति खिरसागर मांझी का प्रसव सुरक्षित रूप से कराया गया। मां एवं नवजात दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की सतत निगरानी में हैं।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू होने से जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। अब जटिल प्रसव मामलों में त्वरित उपचार संभव हो सकेगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। हमारा लक्ष्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।वर्तमान में यह सुविधा पूर्व नियोजित प्रसव के लिए प्रारंभ की गई है। शीघ्र ही इसे सभी प्रकार के प्रसव मामलों के लिए विस्तारित किया जाएगा, जिससे सेवा को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके।स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सरायपाली एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के लिए वरदान बताया है।
- -उन्नत तकनीक से खेती कर किसान चिंतामणी ने बढ़ाई अपनी आमदनीरायपुर । किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है। उन्होंने परंपरागत सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन है। पहले वे सामान्य सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन, तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।
- रायपुर। आसन्न होली पर्व पर ग्रामों में अमन-चैन बनाये रखने आसपास के 30-32 ग्रामों के सहयोग से लगभग 33 वर्षों पूर्व सफल शराब भट्ठी विरोधी आंदोलन करने वाले आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज व आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों के ग्रामीणों से रायशुमारी के बाद पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है । ज्ञापन में थाना क्षेत्रों के ग्रामों को सेक्टरों में बांट सेक्टर मुख्यालयों से पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व होलिका दहन के दिन तक ग्रामीण सड़क मार्गों में रस्सी से अवरोध पैदा कर कथित रूप से नौनिहालों द्वारा राशि वसूलने की प्रवृत्ति के चलते दुर्घटना घटित होने की आंशका के मद्देनजर इस पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया गया है । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर जिला ग्रामीण डा. प्रशांत शुक्ला ने प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश अपने अधीनस्थों को दिया है ।रायपुर जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित डा. शुक्ला व आरंग , मंदिर हसौद व खरोरा थाना प्रभारी को बीते कल सौंपे गये ज्ञापन में आंदोलन के अगुवाई कर चुके व शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने ग्राम भानसोज व खरोरा थाना क्षेत्र के प्रमुख ग्राम खौली सहित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया , नारा , चंदखुरी फार्म , गोढ़ी , रीवा , मंदिर हसौद, पलौद आदि को अस्थायी सेक्टर मुख्यालय बना होली पर्व तक पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व सघन गश्त कराने की मांग की है । साथ ही खासकर पुलिसिया रिकार्डधारी अवैध शराब विक्रेताओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के दायरे में आने वाले असामाजिक तत्वों को त्यौहार संपन्न होने तक जमानत न मिलने देने की व्यवस्था का आग्रह करते हुये जानकारी दी गयी है कि पूर्व में ऐसे असामाजिक तत्वों को जमानत दिया जाता रहा है, जिसके चलते ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद रहते हैं ।ज्ञापन में नौनिहालों द्वारा सड़क मार्गों पर रस्सी से अवरोध डाल कथित रूप से राशि वसूलने व इन्हें परोक्ष रूप से असामाजिक तत्वों व ग्रामों के ही कतिपय नासमझ व्यक्तियों का संबल मिलने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि नशेड़ी वाहन चालकों की वजह से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है । इसके लिये ग्राम कोटवारों को सतत निगरानी का निर्देश देने व पंचायत प्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग का आग्रह करने का भी अनुरोध किया गया है ।
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दुर्ग/ शासकीय नवीन महाविद्यालय, बोरी में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियां को सम्मानित करने हेतु किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जितेंद्र साहू (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तेल धनी विकास बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पवन शर्मा जी (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत दुर्ग) ने समारोह की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि श्री जितेंद्र साहू ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को परिश्रम अनुशासन एवं नवाचार को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए कहां की युवा शक्ति हैं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अवसर उपलब्ध कराने हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। अति विशिष्ट अतिथि श्री पवन शर्मा ने महाविद्यालय की प्रगति की शरण करती हुई विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों एवं शैक्षणिक उपलब्धियां के संतुलन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमर तलत ने की। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियो एवं नवाचारों तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। इसके उपरांत विभिन्न विषयों एवं विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जन भागीदारी प्रबंध समिति के सदस्य गण, ग्राम क्षेत्र के सरपंच गण, सामाजिक कार्यकर्ता, पालकगण, एलुमनी के प्रतिनिधि एवं महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक ,कर्मचारी गण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री मोहित कुमार एवं डॉ भारती साहू द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
- -महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठ सभासद प्रो. इंगले संचालित करतीं हैं अपना पॉडकॉस्ट भीरायपुर। सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती है। इस वाक्य को महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद प्रो. नीला इंगले ने सच कर दिखाया। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद और नेशनल इंस्ट्रीट्यूट आफ इंजीनियरिंग (एनआईटी) की रिटायर्ड प्रोफेसर नीला इंगले ने लगभग 79 माह की आयु में 12 अप्रैल 2024 को इंग्लैंड में वाइल्टशायर ओल्ड सेरम एयर फिल्ड में 10 हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग कर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज करा लिया।लिम्का बुक में इस आयु की प्रो. नीला भारत देश की पहली महिला हैं, जिन्होंने इतनी ऊंचाई से स्काई डाइविंग की हो। प्रो. नीला अपने सपनों को पूरा करने के लिए पांच साल पहले अपना पॉडकास्ट शुरू किया था। उन्होंने मराठी साहित्य की पॉडकास्ट रिकॉर्डिंग शुरू की और अब तक उन्होंने 70 से अधिक एपिसोड बने लिए हैं।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने प्रो. नीला इंगले को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र मंडल के लिए भी गर्व की बात है। हमें इस बात की खुशी है कि आज भी वे हर उम्र के लोगों को अपनी साहसिक व सकारात्मक सक्रियता के लिए प्रेरित करती हैं।संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि प्रो. नीला ने 12 अप्रैल 2024 को 78 वर्ष 10 महीने की आयु में साहसिक स्काई डायविंग की थी। आज इस स्काई डायविंग की सिर्फ इसलिए चर्चा हो रही है क्योंकि शुक्रवार, 27 फरवरी को लिम्का बुक की ओर से प्रो. नीला को प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति संबंधी परिपत्र जारी*
बिलासपुर. राज्य शासन ने बिलासपुर में एनएच-130ए से नेहरू चौक उसलापुर पुल तक 3.20 किलोमीटर में सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ 25 लाख 21 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। - -मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से घर के समीप जांच एवं उपचार सुविधारायपुर। दूरस्थ वनांचल और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।बलरामपुर रामानुजगंज जिले में विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इन यूनिटों के माध्यम से विकासखण्ड बलरामपुर, राजपुर, कुसमी और शंकरगढ़ के सुदूर पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांव और बसाहटों तक पहुंचाई जा रही हैं। अब ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्रों की ओर नहीं जाना पड़ता, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं उनके घर के समीप पहुंच रही हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन जैसे आवश्यक लैब टेस्ट किए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर भी किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा बुजुर्गों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 235 बसाहटों में 87 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 3,678 हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। पहले जहां ग्रामीण सामान्य बुखार या संक्रमण को नजरअंदाज कर देते थे या बैगा गुनिया का सहारा लेते थे, लेकिन अब वे नियमित जांच और परामर्श के महत्व को समझने लगे हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।गौरतलब है कि जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में मोबाइल मेडिकल यूनिट का सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है। नियमित मॉनिटरिंग, तय रूट चार्ट और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बसाहटों में स्वास्थ्य सेवायें सुनिश्चित की जा रही है। पीएम जनमन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार निश्चित ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में सशक्त प्रयास सिद्ध हो रहा है।
- रायपुर। प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई दिशा देते हुए महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों को बड़ी सौगात मिली है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला है। मजबूत और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलती है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि सूरजपुर जिला के पहाड़गांव से गोपालपुर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग- 43 तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 5.10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पुल-पुलिया सहित किया जाएगा। यह सड़क क्षेत्र के अनेक ग्रामों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा और सुगम जुड़ाव सुनिश्चित होगा।इस सड़क निर्माण से आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक समय पर पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में आसानी होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और चरणबद्ध रूप से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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*होली एवं ईद पर्व आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का निर्णय*
*पर्व में अनहोनी से निपटने जिला प्रशासन का पुख्ता इंतजाम*बिलासपुर/जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में होलिका दहन, 4 मार्च को होली एवं आगामी ईद-उल-फितर पर्व को आपसी तालमेल एवं भाईचारे की भावना के साथ सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में सभी धर्मों एवं सम्प्रदाय का सम्मान करते हुए भाईचारे के साथ सभी धर्मों के पर्वों और उत्सवों को मनाने की वैभवशाली परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा आगे भी जारी रखनी है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह सामाजिक सौहार्द का पर्व है। सुरक्षा के सारे मापदण्डों का पालन किया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी, हुड़दंगियों पर, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर मुखौटे बेचना प्रतिबंधित होगा।बैठक में पर्व के दौरान आपात सहायता एवं किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए पुलिस सहित नगर पालिक निगम, नगर सेना एवं सिम्स एवं जिला अस्पताल, विद्युत मण्डल आदि विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों ने पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर अपनी-अपनी सहमति जताई।नगर पालिक निगम द्वारा होलिका दहन स्थलों को चिन्हांकित कर साफ-सफाई कराई जाएगी। नियमित रूप से दो तीन बार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों, धार्मिक स्थलों, सिम्स, जिला अस्पताल सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए है। बीच सड़क पर डिस्क एवं बिजली तार के नीचे होलिका दहन नहीं किया जाएगा। पेट्रोेलिंग पार्टी की संख्या बढ़ाकर मुख्य मार्गों के साथ-साथ अंदर की गलियों में गश्त की जाएगी। नगर सेना द्वारा फायर बिग्रेेड वाहन मुस्तैद रखा जाएगा। सिम्स एवं जिला अस्पताल इस दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान विद्युत की निरंतर आपूर्ति बनाये रखने एवं आपात स्थिति में सुधार के लिए कर्मचारियों की टीम तैनात रखे जाने के निर्देश दिए गए है।बैठक में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहरी श्री पंकज पटेल, एसडीएम श्री मनीष साहू, शांति समिति के सदस्य श्री हबीब मेमन, श्री सुधीर खण्डेलवाल, श्री चंचल सलूजा, प्रेस क्ल्ब के अध्यक्ष श्री अजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे। - रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ’कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता राशि वितरण हेतु, शनिवार 28 फरवरी को कोरबा के सीएसईबी फुटबॉल मैदान में एक विशाल जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे।जिला प्रशासन कोरबा द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह की तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। शनिवार सुबह 11ः00 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में जिले भर के हजारों किसान शामिल होंगे, जिन्हें शासन की ओर से आर्थिक सहायता राशि का वितरण किया जाएगा।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत उपस्थित रहेंगी। साथ ही गरिमामयी उपस्थिति के रूप में कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, और कृषि स्थाई समिति की सभापति श्रीमती सुष्मिता कमलेश अनंत सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मंच साझा करेंगे।किसानों को संबल देने की तैयारीकृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाना और अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन स्थल पर पहुँचने की अपील की है।
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रायपुर/रायपुर प्रेस क्लब ने पारदर्शी और, स्मार्ट प्रेस क्लब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्लब की समस्त वित्तीय गतिविधियों को पूर्णतः डिजिटल (कैशलेस) करने का निर्णय लिया है। 1 मार्च 2026 से प्रेस क्लब में किसी भी प्रकार की प्राप्ति एवं भुगतान नकद (कैश) में नहीं किया जाएगा। सभी लेन-देन केवल डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से ही संपादित होंगे।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि क्लब के सदस्यों के बीच वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आय-व्यय का सटीक एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा जवाबदेही को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रणाली से कार्यप्रणाली अधिक सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यह पहल क्लब को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यकारिणी का मानना है कि डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता के साथ-साथ सदस्यों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्राप्त होगी।अध्यक्ष ने आगे बताया कि यह पहल प्रेस क्लब को “स्मार्ट प्रेस क्लब” के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। डिजिटलाइजेशन के इस कदम को आगे बढ़ाते हुए क्लब की अन्य प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटाइज्ड किया जाएगा, ताकि सदस्यों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।प्रेस क्लब प्रबंधन ने सभी सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे 1 मार्च से लागू हो रही इस नई व्यवस्था का पालन करें तथा डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान एवं अन्य वित्तीय प्रक्रियाएं पूर्ण करने में सहयोग करें। - -14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का भव्य समापनरायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य समापन शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में दुर्ग में संपन्न हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्रीय बलों से आए खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनके अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रही है और राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही है। जशपुर में आर्चरी एकेडमी तथा नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा युवाओं के लिए कैरियर के नए अवसर भी बनते हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेताओं को आकर्षक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और अभिभावकों से बच्चों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और धनुर्विद्या की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छह टीमों सीआईएसएफ, राजस्थान, सीआरपीएफ, उत्तर प्रदेश, बीएसएफ एवं आईटीबीपी को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया तथा प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा की। इस अवसर पर अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय (महानदी भवन) में पदस्थ वरिष्ठ स्टॉफ ऑफिसर श्री दिनेश चन्द्र मिश्रा 28 फरवरी, 2026 को अपनी 43 वर्ष 08 माह की सुदीर्घ और बेदाग शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए हैं। श्री मिश्रा वर्तमान में श्री अंकित आनंद, सचिव, आवास एवं पर्यावरण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा पंजीयन विभाग में स्टॉफ ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। श्री अंकित आनंद ने श्री मिश्रा की शासकीय सेवा के रूप में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं का उल्लेख किया।श्री मिश्रा का करियर राज्य के शासकीय सेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने 16 जून, 1982 को बस्तर कलेक्टर कार्यालय में एक स्टेनोटाइपिस्ट (तृतीय वर्ग) के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। अपनी कार्यक्षमता, अटूट निष्ठा और समर्पण के बल पर वे क्रमशः स्टेनोग्राफर, निज सहायक, निज सचिव, स्टॉफ ऑफिसर और अंततः वरिष्ठ स्टॉफ ऑफिसर (प्रथम श्रेणी) के गरिमामय पद तक पहुँचे।बस्तर प्रवास- वर्ष 1982 से 1993 और फिर 1997-2000 के दौरान उन्होंने कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय, बस्तर में वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के साथ कार्य किया।भोपाल में सेवा- अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान वर्ष 1994 से 1996 तक उन्होंने वल्लभ भवन, भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री के सचिव के अधीन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।छत्तीसगढ़ मंत्रालय में योगदान- राज्य निर्माण के बाद वर्ष 2000 से लगातार वे छत्तीसगढ़ मंत्रालय में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के शीर्ष अधिकारियों के साथ शासन के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों में सक्रिय रहे। आज श्री मिश्रा को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सभी सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके सभी स्वत्तों का भुगतान किया गया। साथ ही मंत्रालय की शाख समिति द्वारा भी चेक प्रदान किया गया।उनकी इस लंबी शासकीय सेवा को मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके लिए प्रेरणादायक बताया। विदाई समारोह के दौरान सहयोगियों ने उनके कर्तव्यपरायण स्वभाव और प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की। अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री मिश्रा को श्रीफल एवं शाल तथा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
- -गीदम विकासखंड में प्रशिक्षण से शुरू हुई स्व-रोजगार की सराहनीय पहलरायपुर। बस्तर जैसे वन संपन्न क्षेत्र में अब महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। गीदम विकासखंड में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण से प्रेरित होकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में नए प्रयास शुरू किए हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।गीदम की महिला उद्यमी रेणु पोटाम ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपनी टीम “महिला साहिता समूह” के साथ पत्तल एवं दोना निर्माण का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षण लिया। इस योजना में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। जिले में यह प्रशिक्षण चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा, उद्योग विभाग दंतेवाड़ा के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यवसाय प्रबंधन, बाजार की जानकारी, लागत निर्धारण, ब्रांडिंग और शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण से प्रेरित होकर रेणु पोटाम ने साल और अन्य वन पत्तों से पर्यावरण अनुकूल पत्तल और दोना बनाने की शुरुआत की। बस्तर क्षेत्र में कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होने के कारण यह कार्य लाभकारी साबित हो रहा है। प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका लक्ष्य इन उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके।रेणु पोटाम अब अपने उद्यम को औपचारिक रूप से पंजीकृत कर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण लेने की तैयारी कर रही हैं। ऋण से आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में वृद्धि होगी।लघु वनोपज और पारंपरिक उत्पादों को मिल रही पहचानइसी क्रम में लुनिता चिमनकर ने लघु वनोपज से पौष्टिक गोंद के लड्डू बनाने का व्यवसाय शुरू किया है। उनका उद्देश्य स्थानीय वन उत्पादों को मूल्य संवर्धन के साथ बाजार तक पहुंचाना है। प्रेमलता यादव ने प्रशिक्षण के माध्यम से व्यवसाय संचालन की जानकारी लेकर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाइयों को व्यावसायिक पहचान देने का संकल्प लिया है।नगर पंचायत गीदम की सुचिता जैन ने केक, बिस्कुट और अन्य बेकरी उत्पादों का निर्माण शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनकी पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।महिला सशक्तिकरण की नई मिसालउद्यमिता विकास कार्यक्रम के माध्यम से गीदम क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी जा रही है। वन संपदा, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण के समन्वय से यहां की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इन प्रयासों से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं।
- रायपुर । प्रभावित डंपिंग ग्राउंड था, लेकिन अब यह एक सुंदर पर्यटन स्थल और स्वरोजगार का केंद्र बन गया है।इस परिवर्तन के पीछे वन विभाग की विशेष पहल और शासन की योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में इस क्षेत्र का व्यापक विकास किया गया। आरक्षित वनखंड कक्ष क्रमांक 1021 के इस क्षेत्र को साफ-सुथरा कर यहाँ लगभग 1700 मीटर लंबा नेचर ट्रेल बनाया गया है। साथ ही सुंदर तालाब और एक आकर्षक आइलैंड विकसित किया गया है। लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए योग चबूतरा, योग शेड और ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बैठने के लिए पाँच सुंदर पैगोड़ा और एक आकर्षक पुल भी बनाया गया है।इस वाटिका की खास बात इसकी समृद्ध वनस्पति है। यहाँ औषधीय पौधे, फलदार वृक्ष और बांस की विभिन्न प्रजातियाँ लगाई गई हैं। पूरी वाटिका को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। यह परियोजना केवल पर्यावरण सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिला है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा यहाँ जंगल कैंटीन का संचालन किया जा रहा है, जहाँ पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेते हैं।डीएफओ श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि इस पहल से 20 महिलाओं का समूह आत्मनिर्भर बना है। अब तक 10 हजार से अधिक पर्यटक यहाँ आ चुके हैं, जिससे महिला समूह को लगभग दो लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। आज यह स्थान शहरवासियों के लिए सुबह की सैर, योग और शांति का पसंदीदा स्थल बन गया है। ‘गार्बेज से गौरव’ तक का यह सफर बताता है कि सही योजना, मजबूत नेतृत्व और जनभागीदारी से किसी भी स्थान का कायाकल्प संभव है। यह सफलता कहानी पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल है।
- रायपुर। कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सब्जी विज्ञान विभाग में अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के अनुसूचित जनजाति उप योजना (कोंडागांव) एवं अनुसूचित जाति उप योजना (जांजगीर चांपा) के अंतर्गत लाभान्वित कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं सब्जी बीज वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत करते हुए हुए अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा ने बताया कि जांजगीर-चांपा (एसएसपी) एवं कोण्डागांव (टीएसपी) क्षेत्र से आए हुए किसानों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति एवं आय वृद्धि के उद्देश्य से भिंडी, बैंगन, बरबटी सहित विभिन्न सब्जियों के उन्नत बीज वितरित किए जाएंगे तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने किसानों से कहा कि हरी सब्जियों के नियमित सेवन से पोषण की कमी से होने वाले रोगों में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांवों में अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव विकसित नहीं होंगे, तब तक राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।डॉ. एस.एस. टुटेजा ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से सब्जी उत्पादन अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. आरती गुहे अपने उद्बोधन में कहा कि सब्जियां पोषण से भरपूर होती हैं, परंतु गुणवत्तायुक्त बीज का चयन अत्यंत आवश्यक है। किसानों को अपनी पोषण बाड़ी विकसित करने तथा अतिरिक्त उत्पादन को बाजार में बेचकर आय बढ़ाने की सलाह दी गई।कार्यक्रम के दौरान किसानों को बीज किट वितरित किए गए, जिनमें कोकोपीट, नर्सरी ट्रे, वर्मी कम्पोस्ट एवं उन्नत किस्मों के बीज शामिल थे। साथ ही इनके उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई। प्रशिक्षण में भूमि एवं मिट्टी परीक्षण के आधार पर किस्म चयन, टपक सिंचाई प्रणाली एवं उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने, गुणवत्तायुक्त बीज भंडार से प्रमाणित बीज खरीदने तथा आय वृद्धि हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यक्रम में कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे, विभागाध्यक्ष, सब्जी विज्ञान विभाग, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. नरेंद्र लाखपाले, अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा, सब्जी विज्ञान विभाग के अन्य प्राध्यापक गण तथा जांजगीर एवं कोण्डागांव जिले से बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त करने आए हुए किसान उपस्थित रहे। औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात किसानों को विभागीय प्रयोगशाला एवं प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया।
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रायपुर ।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपने पहले बजट को ‘ज्ञान’ को समर्पित किया था। दूसरे बजट में ‘गति’ की रणनीति अपनाई गई, जिसमें गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के माध्यम से तीव्र आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया। अब तीसरा बजट ‘संकल्प’ के माध्यम से समावेशी और समग्र विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का उत्थान है। यही ‘ज्ञान के उत्थान’ की मूल भावना है।2047 का विजन और दीर्घकालिक रणनीतिवित्त मंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘अमृतकाल’ में विकसित भारत की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों की सहभागिता से ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समन्वित रणनीति के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान बजट एक वर्षीय लक्ष्य के साथ 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की कड़ी है।विकसित भारत जी रामजी योजना: 4000 करोड़ का प्रावधानवित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा की तुलना में ऐतिहासिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ ठोस परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि योजनाओं का दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो।कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूतीकृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये तथा विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।अधोसंरचना और औद्योगिक विकासराज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य की 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन सड़क का प्रावधान रहेगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 से 2014 तक जितने एयरपोर्ट बने, उससे अधिक एयरपोर्ट पिछले दशक में बने हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है।शिक्षा, युवा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहलछत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा लैंड बैंक के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं ‘निपुण’ योजना के माध्यम से नई पीढ़ी को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।नक्सलवाद उन्मूलन और डबल इंजन सरकारवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि पहले हर सप्ताह शहादत की खबरें आती थीं, लेकिन अब स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूर्व नक्सली सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधनवित्त मंत्री ने कहा कि राज्य ने जीएसटी संग्रह में देश में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उधारी एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों के तहत जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा में ही ली जाएगी और कुल ऋण जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से नीचे रखा जाएगा। राज्य सरकार ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तहत पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी को घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक लाया है। कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्प्शन फंड में भी प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी।बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधानबस्तर एवं सरगुजा अंचल के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये, बस्तर ओलंपिक्स के लिए 22 करोड़ रुपये तथा सरगुजा ओलंपिक्स के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर नेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये तथा पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित किए जाएंगे।शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धिकुनकुरी, मनेंद्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। युवाओं के लिए दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़ रुपये तथा 25 महाविद्यालय भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विभिन्न योजनाओं के लिए 33 करोड़ रुपये रखे गए हैं।शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधासरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रारंभ की जाएगी, जिससे उन्हें अस्पताल में तत्काल भुगतान की परेशानी और प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट राज्य को नई विकास ऊंचाइयों तक ले जाएगा। - रायपुर ।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को जारी वार्षिक परीक्षा कैलेंडर के अंतर्गत वर्ष 2026 में आयोजित की जाने वाली विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए आरक्षित संभावित तिथियों के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी की गई है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नियंत्रक ने बताया कि मंडल द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक पद की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 तथा व्याख्याता पद की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित किए जाने की संभावित तिथि निर्धारित की गई है। किसी भी संशोधन या अद्यतन जानकारी के लिए अभ्यर्थी मंडल की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें।
- -‘मोर माटी, मोर मान’ की थीम पर होगा छत्तीसगढ़िया आगाज-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर हुई बैठकरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव और आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि रायपुर साहित्य महोत्सव की तरह ही नवा रायपुर में आगामी 27 और 28 मार्च को भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल भी तैयार किया गया है, इस पोर्टल के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है । सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ वासियों को यहां के लोगों से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के आयोजन को राज्य और प्रवासियों दोनों के लिए एक बेहतर अवसर बताया ।मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि समिट में आने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ वासियों को उनकी आवश्यकतानुसार सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।मुख्य सचिव ने सम्मेलन के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के ऐसे लोग जो अपने कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रहे हैं उन्हें सम्मानित करने की भी बात कही।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में आने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ियों से यहां के युवाओं का मार्गदर्शन सत्र भी रखा जाये जिनसे उन्हें लाभ प्राप्त हो ।विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए प्रवासियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर यदि प्रवासी नागरिक किसी भी सेक्टर में निवेश अथवा कार्य करने की सहमति प्रदान करते हैं तो उनसे एमओयू भी किया जाएगा। प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी परोसा जाएगा।बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक , आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ,उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार,स्टेट कैपिटल रीजन के सीईओ श्री अंकित आनंद, , उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव गृह श्रीमती नेहा चंपावत, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री श्याम धावड़े, श्री चंदन कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग की सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। लोगों द्वारा विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी। इसमें दूरभाष, व्हाट्सएप, पोर्टल पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी। मुख्यमंत्री के जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों के आवेदनों निराकरण भी सीएम हेल्पलाईन से किया जा सकेगा एवं जिलों में कलेक्टर द्वारा जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाईन में दर्ज किया जाएगा। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत की अध्यक्षता में सीएम हेल्पलाईन योजना हेतु नामांकित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों एवं सहायक नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी सपोर्ट टीम द्वारा अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के तहत कार्य करने का प्रेजेंटेशन के जरिये तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में जनसामान्य की शिकायतों का निराकरण शीघ्रता से हो, इसके लिए सीएम हेल्पलाईन एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायतों को पंजीकृत कर निर्धारित समय-सीमा मंे समस्याओं का निराकरण होगा। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी कि वे प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करें। राज्य शासन के विभागों के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों को पंजीकृत किया जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के सचिव को होगी। विभागीय सचिव को यह जानकारी होगी की दर्ज शिकायत का निराकरण किस स्तर के अधिकारी द्वारा कर दिया गया है। यदि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का निवारण नहीं करते है तो उनकों उस शिकायत के निराकरण के संबंध में स्पष्ट हेल्पलाईन पर करना होगा। सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से एक प्लेटफार्म पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी शिकायत कर सकेंगे। शिकायत पंजीकृत कर संबंधित शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी प्रदान किया जाएगा। जिसके माध्यम से वह अपनी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। बैठक सह प्रशिक्षण के इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।









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