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- 0- 12 हजार से अधिक पुस्तकें दान दी जा चुकी हैरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में आज सहायक शिक्षक श्रीमती सोनिया शुक्ला ने इतिहास, विज्ञान, गणित और प्रतियोगी परीक्षाओं की 25 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।श्रीमती शुक्ला ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 12 हज़ार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।--
- रायपुर. हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम लाने वाले शासकीय स्कूल के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आज टाउन हॉल में सम्मान किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में शामिल सभी उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और शिक्षकों को भी बधाई दी।कलेक्टर ने कहा कि आज हम सभी मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज कर जिले का नाम रौशन किया है, ये हमारे जिले के गौरव हैं। कलेक्टर ने कहा कि मिशन उत्कर्ष के तहत एक कार्ययोजना बनाई गई थी। जिसकी अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम मिले। इसके लिए शिक्षकगण बधाई के पात्र हैं। आशा है कि आने वाले समय में इससे भी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने किया प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआतरायपुर. जिला प्रशासन रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गइ है। इसके तहत टाउन हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मुख्य आतिथ्य में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आज सेवानिवृत्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्रीफल, शॉल, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया साथ ही तत्काल उनके सभी सत्वों का आज ही भुगतान किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी सदैव प्रशासन की सेवा करते हैं उनके पूरे सेवाकाल की समाप्ति पर सहसम्मान विदाई हो इसके लिए प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि अब से किसी भी विभाग के कर्मचारी रिटायर होंगे, उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि रिटायरमेंट के पश्चात् अपने पेंशन तथा अन्य सत्वों के भुगतान के लिए भटकना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लेकिन जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग की शुरूआत की गई है। सेवानिवृत्ति के पश्चात् अधिकारी व कर्मचारी अपना समय शिक्षण या अन्य कार्यों देकर सहभागी हो सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि अब से किसी भी शासकीय कर्मचारी को रिटायरमेंट के पश्चात् पेंशन संबंधि किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो संबंधित विभाग के डीडीओ एवं संबंधित अधिकारी को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- सिल्क समग्र-2 योजना अपनाकर हितग्राही बनें आत्मनिर्भररायपुर. केंद्र सरकार की “सिल्क समग्र-2” योजना के तहत जिले के किसानों को रेशम उत्पादन के माध्यम से आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। रेशम विभाग के उप संचालक ने बताया कि इच्छुक किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत शहतूत की खेती और रेशम कीट पालन के लिए किसानों को लगभग 5 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसमें पौधारोपण एवं सिंचाई के लिए 60-60 हजार रुपये, कीट पालन हेतु भवन निर्माण के लिए 3 लाख 25 हजार रुपये तथा आवश्यक सामग्री के लिए 55 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस राशि में 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार एवं 20 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।उप संचालक ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए लाभकारी है। किसान अपनी 1 एकड़ भूमि में शहतूत की खेती कर वर्ष में 5 से 6 बार रेशम कीट पालन कर सकते हैं, जिससे प्रत्येक चक्र में लगभग 30 से 40 हजार रुपये तक की आय संभव है। इस प्रकार किसान सालाना लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर सकते हैं।उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और रेशम खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। रेशम संचालनालय रायपुर एवं संबंधित विभाग द्वारा किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे इस योजना से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।--
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, राजनांदगांववासियों के साथ विस अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने जताया मुख्यमंत्री साय का आभार
युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आसमान: कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय से राजनांदगांव में खेल अधोसंरचना को बढ़ावारायपुर ।विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के पश्चात राजनांदगांव के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से उनके विधानसभा स्थित कक्ष में सौजन्य मुलाकात की।इस दौरान हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजनांदगांव के खेल विकास को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय पर विस्तार से चर्चा हुई।कैबिनेट द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा अंतर्गत दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने के निर्णय पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय को क्षेत्र के खेल प्रतिभाओं के लिए एक नई दिशा देने वाला कदम बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। इस पहल से न केवल क्षेत्र में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे। - -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मद्देनजर कांग्रेस पर हमलारायपुर। भारतीय जनती पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। श्री देव ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण के मुद्दे पर कांग्रेस का दोहरा चेहरा अब देश के सामने बेनकाब हो चुका है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक बिल को सदन में रखा, तो कांग्रेस और उसके घटक दलों ने इसका विरोध किया। श्री देव ने सवाल किया, "आज़ादी के बाद पाँच दशकों तक कांग्रेस की सरकार केंद्र और राज्यों में रही, लेकिन उन्होंने कभी महिलाओं को उनका वाजिब हक देने का गंभीर प्रयास नहीं किया। जब भी बिल आया, इनके सहयोगियों ने ही इसे गिराने का काम किया। यह एक बड़ी साजिश नहीं तो और क्या है?" विपक्ष द्वारा बिल को तत्काल लागू करने की मांग पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी कानून को लागू करने की एक संवैधानिक व्यवस्था होती है। वर्तमान में जनगणना का कार्य प्रगति पर है, जिसके बाद परिसीमन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 तक की समयसीमा संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप तय की गई है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी इस देश की बेटी और बहन हैं। वे एक ऐसे समाज से आती हैं जिसका सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस उन पर भी टिप्पणी करने से नहीं चूकती। कांग्रेस के पतन पर तंज कसते हुए श्री देव ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को पूरे देश से उखाड़ फेंका है। एक समय था जब लगभग हर राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन आज वे सिमटकर केवल तीन राज्यों में रह गए हैं। उन्हें अपनी इस स्थिति के पीछे के कारणों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा लाया गया संकल्प सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस की 'बहानेबाजी' और 'नकारात्मक राजनीति' के कारण वहां भी केवल बहस ही देखने को मिली।
- -भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक लता उसेण्डी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वन्दन' संकल्प पर रखा भाजपा का पक्षरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आज आहूत विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वन्दन विधेयक' (महिला आरक्षण) के अनुसमर्थन हेतु लाए गए शासकीय संकल्प पर सत्ता पक्ष की ओर से प्रथम वक्ता के रूप में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने प्रभावशाली संबोधन दिया। उन्होंने इस विधेयक को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बताते हुए नारी शक्ति के सशक्तीकरण के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता को रेखांकित किया।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक सुश्री उसेण्डी ने कहा कि दशकों से लम्बित महिला आरक्षण का सपना आज धरातल पर उतर रहा है। यह केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और आधी आबादी को नीति-निर्धारण में समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाला 'युगांतकारी कदम' है। सुश्री उसेण्डी ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में महिलाएं सदैव निर्णय लेने की प्रक्रिया में अग्रणी रही हैं। इस विधेयक के माध्यम से अब छत्तीसगढ़ की बेटियों को विधानसभा और संसद में अपना नेतृत्व सिद्ध करने का व्यापक अवसर मिलेगा। 'नारी शक्ति वन्दन अधिनियम' मातृशक्ति के प्रति भाजपा की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह विधेयक महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयाँ प्रदान करेगा। अपने संबोधन में कांग्रेस के घोर महिला विरोधी चरित्र पर प्रहार करते हुए सुश्री उसेण्डी ने शाहबानो-प्रकरण की चर्चा भी विशेष रूप से की। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ लोकसभा में विधेयक लाकर कोर्ट के फैसले को उलटते हुए मुस्लिम महिलाओं को भरण-पोषण प्राप्त करने के हक से वंचित कर दिया था। वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के आगे राजीव गांधी को झुकना पड़ा था। देश उस मामले को भूला नहीं है। पंचायतों में 33 प्रतशित महिला आरक्षण का श्रेय लेने के कांग्रेस के प्रयासों पर कटाक्ष करते हुए सुध्री उसेण्डी ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को सिर्फ उतना ही दिया, जिससे उसे खतरा न हो, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार ने पंचायतों में महिला आरक्षण को 2008 में 33 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया था। सुश्री उसेण्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस विषय पर केवल राजनीति की, जबकि वर्तमान नेतृत्व ने इसे "संकल्प से सिद्धि" तक पहुँचाया है। सुश्री उसेण्डी ने सदन के सभी सदस्यों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस शासकीय संकल्प का सर्वसम्मति से समर्थन करने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि जब प्रदेश की महिलाएँ सदन में अधिक संख्या में चुनकर आएंगीं, तो वे न केवल जनहित के मुद्दों को अधिक संवेदनशीलता से उठाएंगीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी अहम भूमिका भी निभाएंगीं।
- -नारी शक्ति वंदन में बाधा डालने वालों को जनता माफ नहीं करेगी – मुख्यमंत्रीरायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में मातृशक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरती माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की भूमि है, जहां नारी को सदैव शक्ति के रूप में पूजा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि सृजन और शक्ति की आधारशिला है। नवरात्रि में जिस शक्ति की हम पूजा करते हैं, वही शक्ति समाज में मातृरूप में विद्यमान है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुराणों में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है – “या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता…” — यह केवल श्लोक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का मूल दर्शन है। छत्तीसगढ़ की धरती पर भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, उषा बारले जैसी विभूतियों ने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश और विदेश में पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।आधुनिक भारत में भी कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी बेटियों ने अंतरिक्ष तक भारत का गौरव बढ़ाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि यदि समय पर परिसीमन होता, तो अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता और लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता। उन्होंने कहा कि आज लोकसभा और विधानसभा के क्षेत्र इतने बड़े हो गए हैं कि जनप्रतिनिधियों के लिए प्रत्येक गांव तक पहुंच पाना कठिन हो गया है। परिसीमन से न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ता, बल्कि विकास की गति भी तेज होती।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस विषय पर स्पष्ट और तार्किक दृष्टिकोण रखा, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया। मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण देने की वास्तविक मंशा विपक्ष की कभी रही ही नहीं, और इसी कारण वे परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों को बहाना बनाकर इस ऐतिहासिक पहल को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता इस रवैये को कभी स्वीकार नहीं करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से करोड़ों शौचालय बनाकर महिलाओं की गरिमा की रक्षा की गई। कई राज्यों में इन शौचालयों को ‘इज्जत घर’ नाम दिया गया है, जो अपने आप में सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई गई, जिससे उनके स्वास्थ्य की रक्षा हुई। जनधन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया। सुकन्या समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से बेटियों और माताओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में दी जा रही है और अब तक 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी अब विकास की नई धारा बह रही है। जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां आज हजारों महिलाएं योजनाओं का लाभ ले रही हैं। महतारी वंदन योजना का लाभ वहां की 22 हजार से अधिक महिलाओं तक पहुंचाया जा चुका है, जो एक बड़े परिवर्तन का संकेत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें महिलाओं को स्वामित्व का अधिकार दिया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 41 लाख परिवारों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 8 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इसे 10 लाख तक पहुंचाने का है। नई औद्योगिक नीति में भी महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री ने पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में आज 57 प्रतिशत प्रतिनिधित्व महिलाओं का है, जो पूरे देश में एक उदाहरण है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक’ का विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट जैसी योजनाओं को पूर्व में स्वयं सहायता समूहों से छीन लिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार पुनः महिलाओं को यह कार्य सौंपने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में 96 हजार से अधिक महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राशन कार्ड को महिलाओं के नाम पर जारी करने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने महिलाओं को परिवार और समाज में सशक्त बनाया है।अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री एक नया अध्याय लिखना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष की हठधर्मिता के कारण यह ऐतिहासिक अवसर बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के इस महायज्ञ में सभी को सहयोग करना चाहिए।
- -सैकड़ो की संख्या में महिला मोर्चा सहित विभिन्न संगठन की महिलाएँ हुई शामिलरायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के आह्वान पर रायपुर शहर जिला महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन के नेतृत्व में गुरुवार को विशाल मशाल रैली निकाली गई। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर निकल गई। भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर से निकली इस रैली में काफी संख्या में विभिन्न सामाजिक संगठनों की महिलाओं सहित भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुईं।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण के साथ लोकसभा एवं विधानसभा में नेतृत्व करने का मौका देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नारी शक्ति वन्दन अधिनियम सदन में रखा था। कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दल ने इस अधिनियम का विरोध कर इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सहित विपक्षी दल नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी को 33% आरक्षण के साथ नेतृत्व करने का मौका मिले। कांग्रेस के लिए महिलाएँ केवल वोट बैंक हैं जो चुनाव के समय उन्हें याद आती है। आज देश की महिलाएँ देश के विकास में पूर्ण सहभागी हैं। आज महिलाएँ हर क्षेत्र में परचम लहरा रही है और देश का नाम रोशन कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाएँ नेतृत्व करें। कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अगर महिलाएँ नेतृत्व करेगीं तो देश से कांग्रेस का नामोनिशान मिट जाएगा। इसलिए वह नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध कर रही है।महिला मोर्चा रायपुर शहर जिला अध्यक्ष कृतिका जैन ने कहा कि देश की आधी आबादी 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ देश का नेतृत्व करेगी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं जो अवश्य पूरा होगा और जल्द ही महिलाएँ देश के विकास में नेतृत्व करने की क्षमता के साथ आगे बढ़ेंगीं। कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष को देश की महिलाएँ आने वाले समय में करारा जवाब देंगींऔर देश से कांग्रेस को विदा करेगी। इस दौरान मशाल रैली में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता डॉ किरण बघेल, प्रभा दुबे, महामंत्री शीतल नायक, फुलेश्वरी पैकरा, जिला महामंत्री माया शर्मा, कमलेश बसंत वर्मा सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रही।
- -1 मई को होगा खेल कौशल का परीक्षणबिलासपुर । खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए आज हाकी और एथलेटिक्स के कुल 540 खिलाड़ियों ने हिस्सेदारी की। विभाग द्वारा रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित चयन ट्रायल के तीसरे दिन आज छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने भाग लिया। चयन ट्रायल में हॉकी के 111 बालिका और 173 बालक सहित 284 खिलाड़ी, तथा एथलेटिक्स के 87 बालिका एवं 169 बालक सहित 256 खिलाड़ियों ने भागीदारी की। अकादमी में प्रशिक्षण के लिए इन खिलाड़ियों का चयन मोटर एबिलिटी एवं खेल कौशल के आधार पर किया जाएगा। चयन ट्रायल के आखिरी दिन 1 मई को सुबह 7 बजे से अंतराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-2 में हाकी खिलाड़ियों के और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा।
- -कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय : केदार कश्यपरायपुर। प्रदेश के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने मजदूर दिवस पर बोरे-बासी खाने से जुड़े प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कांग्रेस विलायती रीति-नीति को महत्व देती है, तभी तो मजदूर दिवस के दिन कांग्रेस के नेताओं ने कांग्रेस शासन काल में मजदूर दिवस के दिन बोरे-बासी खाने के नाम पर 8 करोड रुपए का घोटाला कर डाला। श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने जन-धन की लूट के लिए कोई दिन नहीं छोड़ा। आपदा को अवसर में बदलने वाली कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक धरोहर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें तो केवल प्रदेश एवं देश की जनता को केवल लूटना और भ्रमित करना है।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परम्परा एवं धरोहर को बचाने व सजाने का काम भाजपा सरकार ने किया। डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को एवं छत्तीसगढ़ी परम्परा को आगे बढ़ाने का काम भाजपा की सरकार ने किया। लेकिन जब जनता ने कांग्रेस को प्रदेश में सत्ता की बागडोर सौंपी तो कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ी परम्पराओं को ताक पर रखकर केवल लूट मचाने का काम किया। बोरे-बासी खाने के लिए मजदूर दिवस पर 8 करोड़ रुपए का घोटाला कर डाला। प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ी परम्पराओं को फिर से महत्व मिला और मजदूरों को सम्मान मिला। श्री कश्यप ने बैज के बयान को छत्तीसगढ़िया अस्मिता का अपमान और राजनीतिक ढोंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि कांग्रेस पांच वर्षों तक सत्ता में रहकर 'बोरे-बासी' के नाम पर केवल इवेंट मैनेजमेंट और करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करती रही। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की धारा प्रवाहित करने वाली छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने वाली कांग्रेस बोरे-बासी खाने के नाम पर केवल ढोंग कर रही है।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बोरे-बासी को केवल एक विज्ञापनी हथियार बनाया गया। संस्कृति के संरक्षण के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए के विज्ञापन जारी किए गए, लेकिन धरातल पर मजदूर और किसान बदहाल ही रहे। बोरे-बासी तिहार के आयोजन के नाम पर जो फिजूलखर्ची और बंदरबाँट हुई, वह छत्तीसगढ़ की गरीब जनता के साथ क्रूर मजाक था। बैज को बताना चाहिए कि जिस संस्कृति का वे आज राग अलाप रहे हैं, उसी के नाम पर उनके आकाओं ने छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार का गढ़ क्यों बना दिया था? भाजपा को संस्कृति विरोधी बताए जाने पर श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा के लिए छत्तीसगढ़ी संस्कृति 'वोट बैंक' नहीं, बल्कि जीवन की पद्धति है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के दोमुँहेपन और 'सांस्कृतिक पाखंड' को पहचान चुकी है।
- -शासकीय स्कूल की छात्रा हेमलता प्रतिदिन साइकिल से 7 किमी सफर कर छूआ सफलता का शिखर-मेहनत, समर्पण और कड़ी मेहनत से हासिल किया मुकामरायपुर । रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम नहरडीह की होनहार बेटी हेमलता साहू ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 500 में से 487 अंक, 97.4 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली हेमलता प्रतिदिन अपने गांव नहरडीह से 7 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालय तक साइकिल से आती-जाती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती को पार किया।हेमलता पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने हेमलता की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए हेमलता एक मिसाल हैं। हेमलता की यह सफलता उनके परिवार, गांव नहरडीह, विद्यालय तथा पूरे तिल्दा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
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-आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रयास विद्यालय बने शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र
रायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें रायपुर प्रयास आवासीय विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा में मेरिट सूची में शामिल होकर रायपुर जिले को गौरवान्वित किया है।प्रयास विद्यालयों के 8 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है। इनमें 6 बालक एवं 2 बालिका विद्यार्थी शामिल हैं। विशेष उपलब्धि के रूप में जिले की एक छात्रा ने पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले एवं विभाग का मान बढ़ाया है।रायपुर जिले में वर्तमान में चार प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं :- प्रयास आवासीय विद्यालय सड्डू (बालक), प्रयास आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी (बालिका), प्रयास आवासीय विद्यालय, अनुसूचित जाति, नवीन गुढ़ियारी (बालिका), ओबीसी प्रयास आवासीय विद्यालय, सड्डू (बालक)। इन सभी संस्थानों के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। - - 01 मई को नगर निगम दुर्ग के वार्ड क्रमांक 01 चन्द्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिविर का आयोजन- नगरीय निकायों में जनसमस्याओं का होगा त्वरित समाधान, विभिन्न वार्डों में लगेंगे विशेष शिविर- नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा सहित नगर पालिकाओं और पंचायतों सहित 44 विभिन्न स्थलों पर लगेंगे शिविरदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में नगरीय क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने और जन समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए ’सुशासन तिहार-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन शिविरों का आयोजन 01 मई 2026 से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें वार्डवार क्लस्टर बनाकर लोगों की शिकायतों और मांगों का निराकरण किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत 01 मई 2026 शुक्रवार को वार्ड क्र. 01 चंद्रशेखर आजाद उ.मा. विद्यालय पंचशील नगर में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 1 से 13 और 56, 57 शामिल होंगे। इसी तरह 07 मई को वार्ड 60 शा.प्र.शाला कातुलबोर्ड में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड 58 से 60, वार्ड 14 से 19, वार्ड 20 से 24 और वार्ड 47 शामिल होंगे। 13 मई को वार्ड 46 स्वामी विवेकानंद भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 39 से 54 शामिल होंगे। 23 मई 2026 को वार्ड क्र. 37 पुराना गंज मंडी में शिविर का आयोजन होगा जिसमें वार्ड क्र. 25 से 38 और वार्ड 55 के नागरिक शामिल होंगे। इसी क्रम में नगर निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत 05 मई 2026 मंगलवार को सामुदायिक भवन उमदा वार्ड क्र. 06 में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 06 तक के नागरिक शामिल होंगे। 11 मई 2026 सोमवार को मंगल भवन भिलाई-3 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07 से 17 तक के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। 20 मई 2026 बुधवार को सामुदायिक भवन चरोदा में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18 से 29 तक तथा 28 मई 2026 गुरुवार को सामुदायिक भवन सोमनी में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 30 से 40 तक के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिक निगम रिसाली के अंतर्गत 09 मई 2026 (बुधवार) को वार्ड क्र. 39 जगदंबा चौक पुरैना में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 38, 39 और 40 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (बुधवार) को दुर्गा मैदान स्टेशन मरोदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 11 से 21 और 32 से 34 वार्ड के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 25 मई 2026 (शुक्रवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल रिसाली में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 10 और 22 से 31 वार्ड को शामिल किया गया है। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 36 ड़ुंडेरा मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 35, 36 और 37 के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पालिक निगम भिलाई के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को हाई स्कूल जुनवानी/शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के वार्ड क्र. 01 से 08 (जुनवानी, स्मृति नगर, मॉडल टाउन, नेहरू नगर, कोसानगर, प्रियदर्शिनी परिसर, राधिका नगर और कृष्णा नगर) शामिल होंगे। इसके बाद 08 मई 2026 (शुक्रवार) को निगम मुख्य कार्यालय सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के ही वार्ड क्र. 09 से 13, 17 और 18 (राजीव नगर, लक्ष्मी नगर, फरीद नगर, रानी अवंती बाई कोहका, पुरानी बस्ती कोहका, नेहरू भवन और कान्ट्रैक्टर कॉलोनी) के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। इसी क्रम में 14 मई 2026 (गुरुवार) को वैशाली नगर स्थित लोक मंगल परिसर में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 14, 15, 16, 19, 20 और 27 से 29 (शांति नगर, आंबेडकर नगर, सुपेला, राजीव नगर, वैशाली नगर, शास्त्री नगर, प्रेम नगर और वृंदा नगर) को शामिल किया गया है। 19 मई 2026 (मंगलवार) को हाउसिंग बोर्ड सूर्यकुण्ड सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 21 से 25 (कैलाश नगर, कुरूद बस्ती, घासीदास नगर, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर और हाऊसिंग बोर्ड) शामिल होंगे। इसके बाद 22 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड-37 शीतला मंदिर डोमशेड में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जोन-03 मदर टेरेसा नगर के वार्ड क्र. 30 से 37 एवं 52 से 56 (प्रगति नगर, मदर टेरेसा नगर, वैकुण्ठधाम, संतोषी पारा, वीर शिवाजी नगर, शारदा पारा, श्याम नगर, संत रविदास नगर और सेक्टर-1 से सेक्टर-3 के विभिन्न भाग) के नागरिक शामिल हो सकते हैं। अंत में 28 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्रमांक 49 डोम शेड श्रीराम चौक ग्राउण्ड में शिविर आयोजित होगा, जिसमें जोन-04 शिवाजी नगर के वार्ड क्र. 38 से 51 (सोनिया गांधी नगर, चन्द्रशेखर आजाद नगर, शहीद चुम्मन यादव नगर, इंडस्ट्रियल एरिया छावनी, गौतम नगर, बापू नगर और शहीद वीर नारायण सिंह नगर, लक्ष्मीनारायण वार्ड, बालाजी नगर, दुर्गा मंदिर खुर्सीपार, जोन-3 खुर्सीपार, सुभाष मार्केट, शास्त्री नगर) के क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। 1 जून 2026 सोमवार को वार्ड 65, सेक्टर 10 गुंड्डीचा मंच डोमशेड में शिविर लगेगा जिसमें वार्ड 57 से 60 अंतर्गत सेक्टर 4-10 के विभिन्न भागों के नागरिक शामिल होंगे।इसी क्रम में नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जामुल, अहिवारा और अमलेश्वर में भी निर्धारित तिथियों में शिविरों का आयोजन होगा। नगर पालिका परिषद कुम्हारी के अंतर्गत 06 मई 2026 (बुधवार) को राजीव भवन परसदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13 एवं 16 शामिल होंगे। इसके बाद 12 मई 2026 (मंगलवार) को बैडमिंटन कोर्ट वार्ड क्र. 15 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09 से 12 एवं 14, 15 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 18 मई 2026 (सोमवार) को सामुदायिक भवन वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 08 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। 25 मई 2026 (सोमवार) को कर्मभवन जंजगिरी में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 17, 19, 23 एवं 24 शामिल होंगे। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को मानस भवन कुगदा में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18, 20, 21 एवं 22 शामिल होंगे। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद जामुल के अंतर्गत 08 मई 2026 (शुक्रवार) को हाई स्कूल डोम शेड वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04 एवं 06 शामिल होंगे। इसके बाद 14 मई 2026 (गुरुवार) को प्राथमिक शाला रावण भाठा वार्ड क्र. 09 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 07, 09 एवं 10 के नागरिक शामिल होंगे। इसी कड़ी में 19 मई 2026 (मंगलवार) को ए.सी.सी. मंगल भवन वार्ड क्र. 13 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 08, 11, 12, 13, 14 एवं 15 शामिल होंगे। 26 मई 2026 (सोमवार) को मंगल भवन वार्ड क्र. 16 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 16, 17 एवं 18 शामिल होंगे। अंत में 01 जून 2026 (सोमवार) को सांस्कृतिक भवन बाजार चौक सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 19 एवं 20 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिका परिषद अहिवारा के अंतर्गत 07 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 एवं 04 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में ही दूसरा शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 06, 07 एवं 08 शामिल होंगे। इसी प्रकार 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09, 10, 11 एवं 12 के लोग शामिल होंगे। अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13, 14 एवं 15 के नागरिकों को शामिल किया गया है। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल अमलेश्वर में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 और 18 शामिल होंगे। इसके बाद 09 मई 2026 (शनिवार) को शासकीय प्राथमिक शाला खुडमुड़ा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 04, 05, 06 और 07 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी तरह 26 मई 2026 (मंगलवार) को शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13-17 को शामिल किया गया है। अंत में 29 मई 2026 (शुक्रवार) को शासकीय प्राथमिक शाला अमलेश्वर डीह में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 08 से 12 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पंचायत धमधा, पाटन और उतई में भी शिविरों का आयोजन होगा। जिसमें नगर पंचायत धमधा के अंतर्गत 02 मई 2026 (शनिवार) को डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 05 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। इसके बाद 11 मई 2026 (सोमवार) को बजरंग चौक मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 06, 07, 08, 09 और 15 के नागरिक शामिल होंगे। अंत में 22 मई 2026 (शुक्रवार) को सांस्कृतिक भवन तमेर पारा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 10, 11, 12, 13 और 14 के निवासी शामिल हो सकेंगे। नगर पंचायत पाटन के अंतर्गत 05 मई 2026 (मंगलवार) को वार्ड 09 कार्यालय नगर पंचायत पाटन में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 03, 08, 09, 10, 11 और 12 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड क्र. 04 देवांगन समाज भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 04, 05 और 06 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। अंत में 23 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 15 खुबचंद बघेल सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07, 13, 14 और 15 को शामिल किया गया है। नगर पंचायत उतई के अंतर्गत सभी शिविर कार्यालय नगर पंचायत उतई परिसर में आयोजित होंगे। पहला शिविर 06 मई 2026 (बुधवार) को लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04, 07 और 08 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित शिविर में वार्ड क्र. 12, 13 और 14 के नागरिक शामिल होंगे। 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 09, 10 और 11 के लिए शिविर लगेगा और अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 05, 06 और 15 के नागरिकों के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा।सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल, पेयजल और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सूचना प्रसार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शहरी क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुँचाना है।
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-*ग्रामीण क्षेत्र का पहला शिविर हरदीकला में*-लोगों की समस्याओं का मौके पर होगा त्वरित निराकरणबिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार 2026 का शुभारंभ 1 मई से किया जाएगा। यह अभियान जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध रूप से संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 73 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नगरीय निकाय क्षेत्रों में 24, नगर पंचायत क्षेत्रों में 18 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 31 शिविर शामिल हैं।कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा।नगर निगम क्षेत्र में 1 मई को वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 तथा 4 मई को वार्ड क्रमांक 5, 6, 7 एवं 8 में शिविर लगाए जाएंगे। रतनपुर नगर पालिका परिषद में 01 मई को वार्ड 1 से 05 तक शिविर लगाए जाएंगे। 04 मई को तखतपुर नगर पालिका परिषद में वार्ड 1 से 05 तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 मई को ग्राम पंचायत हरदीकला से अभियान की शुरुआत होगी, इसके पश्चात 2 मई को तखतपुर के रानीडेरा एवं 4 मई को मस्तूरी ब्लॉक के सोंठी में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में सेवाओं का लाभ मिल सके।एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी प्रमुख सेवाएंइन शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्राप्त आवेदनों का अधिकतम निराकरण मौके पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविरों में पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और जनसमस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने निकटतम शिविर में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाएं और शासन की योजनाओं से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। - रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में सेवानिवृत्ति उपरांत दो कर्मियों को डंगनिया मुख्यालय में आयोजित समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। बिलासपुर के कार्यालय कार्यपालक निदेशक उपकेन्द्र में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी श्री अमरजीत सिंह एवं अधीक्षण अभियंता, अतिरिक्त उच्च दाब निर्माण संभाग रायपुर में कार्यरत दफ्तरी श्री राजकुमार मिश्रा को प्रतीकात्मक भेंट एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।अपने उद्बोधन में श्री शुक्ला ने कहा कि कंपनी के विकास, परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन तथा संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में सेवानिवृत्त कर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुमूल्य रहा है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मियों द्वारा भी अपने सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर ईडी सर्वश्री के एस मनोठिया, एमएस चौहान, संजय पटेल, वी.के.दीक्षित, मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, रश्मि वर्मा, डीजीएम अल्पना शरत तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक जनसंपर्क श्री गोविंद पटेल ने किया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी ने किया।
- रायपुर । निस्तारी पानी की समस्या से जूझ रहे बड़गांव के ग्रामीणों को तालाब में पानी भर राहत दिलाने बड़गांव के युवा जुट गये हैं । दरबा से सोनपैरी के बीच माइनर में विध्नसंतोषी तत्वों द्वारा मनाही के बाद भी किये गये तोड़फोड़ को जहां युवाओं ने मशक्कत कर बांधा वहीं माइनर में चौकसी भी शुरू कर दी है । बड़गांव के ग्रामीणों ने दरबा व सोनपैरी के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्राम प्रमुखों से आग्रह किया है कि वे बड़गांव के तालाब को भरने सहयोग प्रदान करें ।ज्ञातव्य हो कि निस्तारी पानी की समस्या को देखते हुये पंचायत ने सिंचाई विभाग से निस्तारी पानी देने की मांग की थी । मांग पर गंगरेल से छोड़े जा पानी मांढर शाखा नहर से निकले वितरक शाखा क्रमांक 10 के सोनपैरी माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव में पहुंच गया है पर दरबा व सोनपैरी में कतिपय विध्नसंतोषी तत्वों द्वारा माइनर में तोड़फोड़ करने से बड़गांव में नियमित व पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है ।इसे देखते हुये गुरूवार की सुबह ग्रामीण सभा अध्यक्ष रामजी वर्मा व उपसरपंच बनवारी यादव व रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा के साथ पंचों व ग्रामीण युवाओं की टीम ने पूरे माइनर का निरीक्षण किया और दरबा व सोनपैरी में एक - एक जगह निर्धारित कुलापे वाले स्थल पर तोड़फोड़ कर पानी निकासी होते पाया वहीं सोनपैरी में मुरूम खुदाई की वजह से बने तालाब नुमा गढ्ढे में भी पानी गिरते पाया । युवाओं की टीम ने बोरियों से इन्हें बांधा व दिन और रात में सतत् चौकसी की निर्णय लेने के साथ दरबा व सोनपैरी के ग्रामीणों से सहयोग का आग्रह किया है । इधर युवाओं द्वारा माइनर मरम्मत व चौकसी के चलते शाम होते होते रफ्तार से पानी बड़गांव पहुंच तालाब में गिरना शुरू हो गया है और ग्रामीण जेसीबी लगा ग्रामीण नाली की मरम्मत कर प्रभावी पानी ले जाने के कार्य में जुटे हैं ।
- रायपुर। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पुणे जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में एक महिला यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर विमान को रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतरा गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संख्या 6ई-135 को एक महिला यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर उतारा गया। उन्होंने बताया कि विमान दोपहर लगभग 12 बजे रायपुर हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गया।अधिकारियों ने बताया कि उड़ान के दौरान एक महिला यात्री अचानक बेहोश हो गईं, जिसके बाद चालक दल ने तत्काल मेडिकल सहायता के लिए रायपुर हवाई अड्डे में एटीसी से संपर्क किया और विमान को रायपुर में उतारने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने विमान के उतरते ही महिला यात्री को प्राथमिक सहायता प्रदान की और एम्बुलेंस के जरिये उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं और स्थिति सामान्य होने के बाद विमान ने लगभग दोपहर एक बजे फिर से अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरी।
- -श्रम मंत्री ने श्रमवीरों को दी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएंरायपुर / अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।
- -सीओआरएस तकनीक से राजमार्ग निर्माण में आएगी तेजी, सेंटीमीटर की सटीकता के साथ होगा डिजिटल सर्वे-जीपीएस की जगह अब रियल-टाइम डॉटा और अत्याधुनिक तकनीक से बनेंगे स्मार्ट राजमार्गरायपुर । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सीओआरएस (CORS - Continuously Operating Reference Stations) नेटवर्क के माध्यम से प्रिसीजन पोजिशनिंग सेवाएं विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जीपीएस (GPS) प्रणालियों की सीमाओं को पार कर अत्याधुनिक सीओआरएस तकनीक को अपनाना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की योजना और निर्माण को बेहतर बनाया जा सके।एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजमार्ग निर्माण अब और भी स्मार्ट व आधुनिक होने जा रहा है। सीओआरएस तकनीक को अपनाने से हम बुनियादी ढांचे के विकास में वैश्विक मानकों को छू सकेंगे। यह तकनीक न केवल सर्वेक्षण प्रक्रिया को तेज करेगी, बल्कि ठेकेदारों और इंजीनियरों को रियल-टाइम डॉटा उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगी।भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण सर्वेक्षक और छत्तीसगढ़ के प्रभारी श्री राजेश रंजन ने तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सीओआरएस नेटवर्क एक ऐसी आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रणाली है जो पूरे देश में सटीक स्थान की जानकारी प्रदान करती है। राजमार्ग क्षेत्र में इसके उपयोग से जटिल भौगोलिक क्षेत्रों में भी त्रुटिहीन डिजिटल मैपिंग और डॉटा संग्रहण संभव हो पाएगा।कार्यशाला में भारतीय सर्वेक्षण विभाग के ऑफिसियल सर्वेयर श्री प्रभात कुमार प्रधान ने बताया कि सीओआरएस तकनीक के माध्यम से राजमार्गों के सर्वेक्षण और निर्माण कार्यों में सेंटीमीटर-स्तर की सटीकता प्राप्त की जा सकती है। यह तकनीक न केवल रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सहायक है, बल्कि इससे निर्माण की गुणवत्ता में सुधार होगा और परियोजनाओं के समय व लागत में भी भारी बचत होगी। एनएचएआई के परियोजना निदेशक सर्वश्री डी.डी. पार्लावार, दिग्विजय सिंह और मुकेश कुमार तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर श्री रामवीर यादव सहित अनेक अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यशाला में उपस्थित थे।
- रायपुर । आदिवासी बहुल नारायणपुर जिले में स्थापित पुनर्वास केंद्र, लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए एक नई उम्मीद का केंद्र बन चुका है। यहां न केवल उन्हें सुरक्षा और आश्रय मिल रहा है, बल्कि उन्हें समाज से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल भी की जा रही हैं। जिन्होंने कभी बंदूक का रास्ता अपनाया था, लेकिन आज वही लोग मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।इसी क्रम में प्रशासन द्वारा पुनर्वासित लोगों को शासकीय सेवाओं का लाभ दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में 8 पुनर्वासित लोगों को वोटर आईडी कार्ड बनाकर वितरित किए गए, जिससे वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सके। इसके अलावा 25 लोगों का ऑनलाइन पंजीयन किया गया और 40 लोगों के फॉर्म-6 भरवाए गए। यह पहल केवल दस्तावेज बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें एक पहचान देने और समाज में बराबरी का अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।कलेक्टर नम्रता जैन के पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने इस बदलाव को और भी गहराई से दर्शाया। यहां मौजूद 40 पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उनसे एक विशेष मांग रखी कि वे ट्रैक्टर चलाना सीखना चाहते थे, साथ ही ट्रैक्टर की मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण भी लेना चाहते थे। यह मांग इसलिए भी खास थी क्योंकि इनमें से कई लोग ऐसे थे, जिन्होंने अपने जीवन में कभी साइकिल तक नहीं चलाई थी।कलेक्टर नम्रता जैन ने इस मांग को गंभीरता से लिया और बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई करते हुए सोमवार से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करवा दिया। अब ये सभी लोग नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें उन्हें ट्रैक्टर चलाने की बारीकियां, उसकी तकनीकी जानकारी, मरम्मत और रखरखाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं।यह प्रशिक्षण केवल एक कौशल विकास कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन को नई दिशा देने का माध्यम बन रहा है। ट्रैक्टर चलाना सीखने के बाद वे खेती-किसानी, परिवहन या अन्य कार्यों के माध्यम से अपनी आजीविका कमा सकेंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वे आत्मसम्मान के साथ समाज में अपनी नई पहचान भी बना सकेंगे।आज इन पुनर्वासित लोगों के जीवन में स्पष्ट बदलाव देखा जा सकता है। जहां पहले उनके जीवन में अस्थिरता और डर था, वहीं अब उनके चेहरों पर आत्मविश्वास, संतोष और भविष्य के प्रति उम्मीद दिखाई देती है। वे राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और धीरे-धीरे एक सामान्य नागरिक की तरह जीवन जीने की ओर अग्रसर हैं।नारायणपुर का यह पुनर्वास केंद्र अब केवल एक पुनर्वास स्थल नहीं रहा, बल्कि यह परिवर्तन, विश्वास और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। यह साबित करता है कि यदि सही दिशा, अवसर और सहयोग मिले, तो कोई भी व्यक्ति अपने अतीत को पीछे छोड़कर एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकता है।
- -कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में किया टॉप-10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में हासिल की प्रथम स्थान-राज्य में संचालित 11 एकलव्य विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत्-प्रतिशत-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर, / छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री श्री नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विज्ञालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश के साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार, पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित 800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इन विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान की गई है।
- - जल प्रबंधन का ऐसा मॉडल जो पूरे देश के लिए बना मिसाल-वैज्ञानिक मैपिंग और सॉल्ट लिक तकनीक से बदला अभयारण्य का परिदृश्य-240 से अधिक जल स्रोतों की हो रही है रियल-टाइम मॉनिटरिंगरायपुर । छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और जैव-विविधता के केंद्र बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने इस भीषण गर्मी में वन्यजीव संरक्षण की एक नई इबारत लिखी है। जब पारा आसमान छू रहा है और प्राकृतिक जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं, तब बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा अपनाई गई वैज्ञानिक और व्यावहारिक जल प्रबंधन प्रणाली वन्यजीवों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।अभयारण्य प्रबंधन ने पूरे क्षेत्र का विस्तृत मानचित्रण (Mapping) कर 240 से अधिक जल स्रोतों को चिन्हित किया है। इसमें तालाब, स्टॉप डैम, वॉटरहोल और कृत्रिम सॉसर शामिल हैं। रणनीति ऐसी बनाई गई है कि वन्यप्राणियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। प्रत्येक 5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बारनवापारा का यह मॉडल केवल पानी भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डेटा और तकनीक पर आधारित है। स्थलों का नियमित निगरानी का प्रबंध किया गया है। प्रत्येक 15 दिनों में जल स्तर का आकलन किया जाता है। 'स्टाफ गेज' के माध्यम से जल स्तर मापकर स्रोतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि जहां पानी कम हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जा सके।सभी जल स्रोतों की जियो-टैगिंग की गई है, जिससे मुख्यालय से भी इनकी स्थिति पर सटीक नजर रखी जा सके।वन्यजीवों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि 'सुरक्षित पानी' मिले, इसके लिए नियमित अंतराल पर pH मान और TDS (Total Dissolved Solids) का परीक्षण किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पानी वन्यजीवों के स्वास्थ्य के अनुकूल हो। जिन दुर्गम क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोत सूख गए हैं, वहां विभाग द्वारा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।वन्यजीवों के समग्र स्वास्थ्य और उनकी खनिज आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल स्रोतों के पास रणनीतिक रूप से 'साल्ट लिक' (Salt Licks) बनाए गए हैं। इससे जानवरों को पानी के साथ-साथ आवश्यक मिनरल्स भी एक ही स्थान पर मिल रहे हैं, जो गर्मी के तनाव (Heat Stress) को कम करने में सहायक है।वनमंडलाधिकारी ने कहा कि एक ऐसी जवाबदेह प्रणाली विकसित की है जो केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती है। लगातार निगरानी और वैज्ञानिक डेटा के कारण हम जल स्तर गिरने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था करने में सक्षम हैं। यह मॉडल भविष्य के वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक मानक स्थापित कर रहा है।"
- रायपुर । प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप के बीच जिला प्रशासन ने एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है। प्राकृतिक आपदा के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने लू लगने से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।यह सहायता राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) की धारा 6-4 के निहित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदान की गई है। कलेक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रकरण का त्वरित निराकरण किया और संबंधित तहसीलदार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में RTGS के माध्यम से अंतरित की जाय।ज्ञात हो कि मृतक मोजीराम साहू निवासी ग्राम ओड़ान, तहसील पलारी का अत्यधिक गर्मी और लू की चपेट में आने से आकस्मिक मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी दुलारी बाई को यह राशि प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीषण गर्मी में सावधानी बरतें। साथ ही, राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्राकृतिक आपदा से जुड़ी जनहानि के मामलों में बिना किसी विलंब के पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया जाए।
- -हजारों हितग्राहियों को बड़ी राहत, 31 मई तक ले सकते है योजना का लाभरायपुर । प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना कबीरधाम जिले के आम नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत कबीरधाम जिले के कुल 13 हजार 868 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, जिन्हें अब तक 11 करोड़ 75 लाख 38 हजार 570 रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है। यह योजना बीपीएल, निम्नदाब घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपने पुराने बकाया बिजली बिलों के बोझ से मुक्त हो सकें। योजना के अंतर्गत सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जिले में योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष ’समाधान शिविरों’ का भी लगाई गई। विभाग की टीमें न केवल इन शिविरों में उपस्थित रहकर सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर भी लोगों को योजना की जानकारी दे रही हैं। उपभोक्ताओं को पात्रता, छूट की प्रक्रिया और आवेदन संबंधी जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 31 मई तक इस योजना का लाभ उठा सकते है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया हैं, वे इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया का निपटारा कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। बकाया बिजली बिलों का समय पर निपटारा कर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बोझ से राहत पा सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही, यह कदम बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में भी सहायक होगा।उन्होंने बताया कि कवर्धा सर्कल के 5 हजार 63 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 75 लाख 97 हजार 706 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 566 उपभोक्ताओं के 22 लाख 67 हजार 926, एपीएल के 538 उपभोक्ताओं के 48 लाख 62 हजार 408 रूपए और बीपीएल के 3 हजार 959 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 4 लाख 67 हजार 371 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसी तरह पंडरिया सर्कल के 8 हजार 805 उपभोक्ताओं के 7 करोड़ 99 लाख 40 हजार 864 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 340 उपभोक्ताओं के 27 लाख 35 हजार 629, एपीएल के 1881 उपभोक्ताओं के 1 करोड़ 9 लाख 97 हजार 435 रूपए और बीपीएल के 7 हजार 284 उपभोक्ताओं के 6 करोड़ 62 लाख 7 हजार 801 रुपये की छूट प्रदान की गई है।














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