- Home
- छत्तीसगढ़
- भिलाईनगर। राष्ट्रीय बौद्ध महासभा की शिकायत पर नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित एक भवन को कब्जा मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई निगम के जोन 3 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र में की गई जहां संबंधित भवन पर अनाधिकृत रूप से कब्जा कर संचालन किया जा रहा था।जोन-3 राजस्व विभाग एवं बेदखली की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद भवन को खाली कराते हुए उसे शील बंद कर अपने कब्जे में लिया। कब्जा मुक्त कराए गए भवन की चाबी विधिवत रूप से जोन 3 मदर टेरेसा नगर कार्यालय में जमा करा दी गई है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध कब्जों और अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार अधिकारियों को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शहर में कानून व्यवस्था एवं नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
- भिलाईनगर । आगामी जनगणना कार्यों की सटीकता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सोमवार को उपायुक्त सह नोडल अधिकारी (जनगणना) डी.एस. कोसरिया ने जोन 04 शिवाजी नगर तथा जोन 02 वैशाली नगर क्षेत्रांतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रशिक्षण हॉल में उपस्थित प्रगणकों से चर्चा की और जनगणना फॉर्म भरने की तकनीकी बारीकियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रगणक को डिजिटल और मैन्युअल डेटा प्रविष्टि के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि मैदानी कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो ।उपायुक्त ने जोन स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें हर परिवार की सटीक जानकारी दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं, जैसे पेयजल और बैठक व्यवस्था का भी अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान संबंधित जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, राजस्व अधिकारी जेपी तिवारी, सहायक राजस्व अधिकारी प्रसन्न तिवारी, विजेंद्र परिहार, एवं जनगणना कार्य से जुड़े अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। आयुक्त के निर्देशानुसार, आगामी दिनों में अन्य जोन क्षेत्रों के प्रशिक्षण केंद्रों का भी इसी प्रकार निरीक्षण किया जाएगा ताकि शत-प्रतिशत त्रुटिरहित डेटा संकलन सुनिश्चित हो सके।
- 0- आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कचांदुर की मंजुलता ने भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनेली के श्री तोरण लाल एवं डोटोपार की प्रेमवती ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, ग्राम पिरीद के चिनेश्वरी ने जाॅब कार्ड बनाने, मर्रामखेड़ा के दुर्गेश्वरी ने महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- जल संरक्षण को बढ़ावा देने विभिन्न गतिविधियों का किया गया आयोजनबालोद. ग्राम पंचायत बिरेतरा में नीर चेतना अभियान अन्तर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा देने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत गुण्डरदेही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि यह अभियान ग्राम के नागरिकों के बीच जल संरक्षण हेतु जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने का एक सफल प्रयास है। इस दौरान जय माँ दुर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा रंगोली बनाकर जल संचय और जल संरक्षण के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया। जय माँ बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह द्वारा जल संचय और जल संरक्षण के महत्व को समझाने हेतु नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।इस नाटक के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और व्यवहारिक समझ विकसित की गई। इसके साथ ही महिला समूह और ग्रामीणों द्वारा गांव के मोहल्ला में जल संरक्षण का प्रचार-प्रसार करने रैली आयोजित की गई। रैली के दौरान ग्रामीणों ने ’जल बचाओ’ संदेश के साथ मानव श्रृंखला बनाकर सामूहिक प्रतिबद्धता दिखाई। इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती रीना डोमन देशमुख, एसडीओ जनपद पंचायत गुण्डरदेही, पीओ मनरेगा, तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत गुण्डरदेही के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री लेखराम साहू, ग्राम पंचायत बिरेतरा की सरपंच श्रीमती तारिणी देशमुख, पूर्व सरपंच योगेश देशमुख, सरपंच भाठागांव बी, सरपंच बोदल, सरपंच कुथरेल, उपसरपंच, पंच एवं स्व-सहायता समूह की दीदीयों एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- 0- सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का ’आई गोट कर्मयोगी’ पोर्टल में अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने भारत सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के कार्यक्षमता, जवाबदेही एवं नागरिक केन्द्रित सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ’आईगोट कर्मयोगी’ पोर्टल में अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों के आॅनबोर्डिंग के कार्यों की समीक्षा की।उन्होंने ’आईगोट कर्मयोगी’ पोर्टल में विभागवार आॅनबोर्डिंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का शीघ्र आॅनबोर्डिंग कराने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 15 अप्रैल तक ’आईगोट कर्मयोगी’ पोर्टल में आॅनबोर्डिंग कराना अनिवार्य है। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए उन्हें आईगोट कर्मयोगी पोर्टल में आॅनबोर्डिंग कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों के वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में भी इसकी जानकारी अंकित की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर से मौजूदा शिक्षा सत्र से दल्लीराजहरा में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रयास आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास के लिए चयनित भवन का समुचित रंगरोगन, साज-सज्जा तथा भवन में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने विभागवार जीएसटी रिटर्न के कार्य की भी समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने जिला मुख्यालय बालोद में सड़क चैड़ीकरण एवं हाईमास्ट लाईट लगाने आदि कार्य के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुरसुनी में 23 अप्रैल को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जल संचय, जनभागीदारी अभियान 2.0 के कार्य के अंतर्गत जिले में निर्मित किए जा रहे जल संरचनाओं की जेएसजेबी पोर्टल में किए जा रहे एंट्री कार्य की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने जिले में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रोपे गए पौधों की समुचित देखभाल हेतु विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे उपायों की भी जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने-अपने विभागों के अंतर्गत रोपे गए पौधों की देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी से जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे उपायों तथा इनकी समुचित प्रचार-प्रसार के संबंध में जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को अक्षय तृतीया के आगमन को देखते हुए आम जनता को बाल विवाह की दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान करने हेतु समुचित प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश भी दिए।--
- 0- धान खरीदी योजना अंतर्गत सहकारी समितियों से शेष धान का शीघ्र उठाव सुनिश्चित कराने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत जिले के सहकारी समितियों में शेष धान के तत्काल उठाव के संबंध में सहकारिता, खाद्य, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले के सहकारी समितियों में उठाव हेतु शेष धानों का तत्काल उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सहकारी समितियों में भौतिक रूप से बिल्कुल भी धान उठाव हेतु शेष नही होना चाहिए। बैठक में उन्होंने सहकारी समितियों में उठाव हेतु शेष रह गए धान की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को इसकी निरंतर माॅनिटरिंग कर सहकारी समितियों से शेष धान का शीघ्र उठाव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी श्री टिकेन्द्र राठौर एवं अन्य अधिकारियों के अलावा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा प्रबंधकगण उपस्थित थे।
- 0- सर्वेयरों के द्वारा निर्धारित स्थलों पर पहुँचकर किया जा रहा है सर्वे का कार्यबालोद. भारत सरकार द्वारा संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत “ज्ञान भारतम्“ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य को एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के विद्यालयों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों तथा निजी संग्रहों में सुरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) का अन्वेषण, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कर उन्हें व्यापक रूप से जनसुलभ बनाना है। यह पहल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा भावी पीढ़ियों तक उसके ज्ञान को पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।“ज्ञान भारतम मिशन“ द्वारा प्रारंभ किया गया यह महत्वपूर्ण कार्य भारत के अमूल्य पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए प्रारंभ की गई एक राष्ट्रीय पहल है। जिससे देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। उल्लेखनीय है कि इन पाण्डुलिपियों में हमारी सभ्यता का ज्ञान, परंपराए, विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृतियां सुरक्षित है जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। बालोद जिले में इस कार्य की मूर्त रूप देने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व संघ का भी गठन किया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी इसके नोडल एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।बालोद जिले में 09 अप्रैल से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस कार्य हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम पंचायत सचिवों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए वार्ड मुहर्रिरों को सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वे का संपूर्ण कार्य ’ज्ञान भारतम्’ मोबाईल एप्प के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने हेतु इस अभियान में शामिल सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। इस कार्य के अंतर्गत सर्वे कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा ताड़ पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथ, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्राचीन दस्तावेजों का चिन्हांकन एवं सूचीकरण किया जाएगा। सर्वे टीम के द्वारा जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, शासकीय पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, संस्कृत पाठ शालाएं, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरूकुल एवं जिले में स्थित ट्रस्टों के अलावा संग्रह कर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों के साथ-साथ संस्कृत विद्वानों से संपर्क स्थापित कर पाण्डुलिपि का संग्रहण एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा।बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के किसी भी व्यक्ति के पास प्राचीन पाण्डुलिपि, ताड़ पत्र या हस्तलिपि ग्रंथ उपलब्ध होने पर इसकी जानकारी तत्काल संबंधित जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकाय में देने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा जिले के पुरातत्व विदों एवं आम नागरिकों से “ज्ञान भारतम्” पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के इस राष्ट्रीयव्यापी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
- 0- कोपलवाणी में आयोजित समारोह में कौशल्या साय ने महिला समाजसेवियों को किया सम्मानितरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की स्वास्थ्य समिति की समन्वयक डॉ. कमल वर्मा और फिजियोथैरेपी सेंटर की वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. संगीता कश्यप का कोपलवाणी में आयोजित महिला सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय ने अभिनंदन किया। यह आयोजन समदृष्टि क्षमता विकास व अनुसंधान मंडल, सक्षम सेवा संस्थान महिला आयाम छत्तीसगढ़ प्रांत ने आयोजित किया।गत कई दशकों से आमजनों व जरूरतमंद लोगों की नि:स्वार्थ चिकित्सकीय सेवा कर रहीं डॉ. कमल वर्मा और तीन वर्षों से महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में सेवाएं दे रहीं डॉ. संगीता कश्यप को सम्मानित करती हुईं कौशल्या साय भी गर्व से भर गईं। उन्होंने कहा कि आप लोगों की चिकित्सा क्षेत्र में की जा रही सेवाओं को देखकर हम लोग भी प्रेरित होते हैं। इसी तरह आप लोग भी अन्य सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवियों को अधिकाधिक सेवाभावी कार्य करने के लिए प्रेरित करें।कौशल्या साय ने कहा कि आज का समय ऐसा है कि सभी को परिवार के साथ मिलकर रहना चाहिए। संगठन ही शक्ति है, इसलिए एक साथ रहना जरूरी है। अभी का समय महिलाओं को सशक्त करने का है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सक्षम संस्था की प्रांत अध्यक्ष डा. सुरेंद्र शुक्ला ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शताब्दी पांडे उपस्थित थीं।महिला सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष सेवा प्रदान करने वाली 101 महिलाओं का सम्मान कोपलवाणी के मुक- बधिर छात्रों द्वारा बनाए गए बस्तर के चित्र बेंट सम्मान स्वरूप दिया गया। सक्षम के प्रांत संगठन मंत्री रामजी राजवाड़े का कार्यक्रम संचालन में विशेष मार्गदर्शन रहा। सक्षम की जिला अध्यक्ष डॉ. नम्रता सिरमौर की कार्यक्रम में मुख्य सहभागिता रहीं।
- 0- महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष काले, सचिव दंडवते सहित कार्यकारिणी सदसय, पदाधिकारी व कार्यालयीन स्टाफ भी हुआ शामिलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद, आध्यात्मिक समिति की पदाधिकारी संध्या श्याम सुंदर खंगन ने सोमवार को अपना जन्मदिन सियान गुड़ी में मंडल के कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों व बुजुर्गों के बीच मनाया। इस दौरान कविता पाठ, गीत, भजन के साथ सभी ने एक साथ भोजन भी किया।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि यह हमारे सदस्यों द्वारा शुरू की जा रही एक अच्छी परंपरा है। मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने पत्नी संध्या खंगन का जन्मदिन को सियान गुड़ी में बुजुर्गों के बीच मनाया। इसके चलते आज यहां रूटीन से हटकर भी बहुत कुछ हुआ। सियान गुड़ी में प्रतिदिन आने वाले कुशालपुर के गोपाल प्रसाद जोशी ने सुंदर भजन सुनाये। उन्होंने जन्मदिन वाला गाना गाकर सभी को प्रसन्न कर दिया। वहीं डा. कमल वर्मा और डा. जेएस उरकुरकर ने कविता का पाठ किया।इस दौरान सियान गुड़ी की सुविधा का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा की गई। प्रतिदिन आने वाले बुजुर्गों ने कहा कि हम अपने परिचितों को महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी के बारे में बताते है। मंडल व्यवस्थापिक बी. नंदिनी नायडू ने समस्त स्टाफ की ओर से संध्या खंगन को गुलदस्ता भेंटकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सचिव चेतन दंडवते, प्रवीण क्षीरसागर, अधिवक्ता प्रशांत बक्षी, डॉ. कमल वर्मा, डॉ. जेएस उरकुरकर, मंडल की मेस प्रभारी मंजिरी भगाड़े, हुल्लास देवांगन, सियान गुड़ी प्रबंधक मनीष देसाई, रमा नहरगढ़कर और बड़ी संख्या में बुजुर्ग उपस्थित रहे।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हुई भजन स्पर्धा में तात्यापारा उप विजेता, बूढ़ापारा की महिलाएं तीसरे स्थान पर0- आपकी आत्मीयता को देखकर लगता है कि अगली बार यहां आने से पहले मुझे भी मराठी सीखनी होगी: महापौर मीनल चौबेरायपुर। ‘लगबग अंबा आली’ भजन की सुमधुर प्रस्तुति से अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित चैत्र गौर हल्दी कुंकू में आयोजित भजन स्पर्धा में तात्यापारा केंद्र की महिलाएं उप विजेता रहीं, तो बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आप सभी की मेरे प्रति इतनी आत्मीयता है कि मुझे अगली बार यहां आने से पहले थोड़ी मराठी सीखनी होगी, ताकि मैं कम से कम दो शब्द मराठी के बोल सकूं। आप लोगों की सांस्कृतिक गतिविधियां प्रशंसनीय है।महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के न्यू राजेंद्र नगर-कमल विहार, टाटीबंध, कोटा और सरोना केंद्र की महिलाओं ने 17 महिला केंद्रों के बीच यह प्रतियोगिता रविवार, 12 अप्रैल को आयोजित की थी। इसमें महिला केंद्रों की ओर से गोंधल, लावणी, अभंग, भारुण जैसे मराठी लोकगीतों की श्रृंखला सुनने को मिली। भजन स्पर्धा में नौ टीमों डंगनिया, शंकर नगर, वल्लभ नगर, बूढ़ापारा, सुंदर नगर, रोहिणीपुरम, तात्यापारा, चौबे कॉलोनी और अवंति विहार केंद्र की महिलाओं ने भाग लिया था। स्पर्धा में दीपक गुणवंत व्यास और रमेश पालकर निर्णायक रहे।जागृति भाकरे, आशा तंबोली, सविता महाजन, गीता हाटे, भारती देवरणकर, सुदेशना नेने, पूजा भंडारी, शुभदा चौधरी, अनया कुम्हरे सहित अन्य महिला सभासदों की अवंती विहार केंद्र की टीम ने ‘लगबग अंबा आली’ भजन की सुमधुर प्रस्तुति देकर स्पर्धा में विजेता बनीं। महिलाओं के भजन की प्रस्तुति में अशोक कुर्म के तबले और रुपेंद्र श्रीवास्तव के हारमोनियम में संगत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं तात्यापारा केंद्र की महिलाओं ने ‘अंबा आली दुर्गा आली माइया घराला’ भजन प्रस्तुत किया और स्पर्धा में द्वितीय रहीं। बूढ़ापारा की महिलाओं ने ‘नदीच्या पल्याड आईचा डोंगुर’ प्रस्तुत कर स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। इस टीम को मोहन देसाई के हारमोनियम की स्वर लहरियों का शानदार साथ मिला।सबसे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और महिलाओं को हल्दी-कुंकू लगाकर किया। भजन स्पर्धा के बाद सभी महिला केंद्रों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को अलग ही ऊंचाई दी, जिसका लुत्फ हॉल में बैठी सैकड़ों महिलाओं ने उठाया। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका बोवरणकर ने किया।
- 0- चैत्र गौर हल्दी कुंकू समारोह में मीनल चौबे का किया गया सम्मानरायपुर। महापौर निर्वाचित होने के बाद के जब मैं पहली बार महाराष्ट्र मंडल आई थी, तो मुझसे मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने दो मांग की थी। पहली मांग आयुर्वेदिक कॉलेज के पास स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रातिमा लगाने की थी और दूसरी शहर के श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए नि:शुल्क लकड़ी उपलब्ध कराने की थी। मंडल की पहली मांग वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ प्रतिमा बनवाकर अनावरण करना है। इसी तरह अंतिम संस्कार के लिए नि:शुल्क लकड़ी उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम का प्रयास जारी है। महाराष्ट्र मंडल के चैत्र गौर हल्दी कुंकू कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महापौर मीनल चौबे ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।इस मौके पर महापौर मीनल को मंडल अध्यक्ष अजय काले, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, महिला प्रमुख विशाखा मदन तोपखानेवाले ने सूत माला, शाल- श्रीफल, स्मृति चिह्न से सम्मानित किया। तत्पश्चात मीनल ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के कार्य हमें प्रेरित करते हैं। साथ ही हमें भी विभिन्न समाजों के लिए किस तरह के काम करने चाहिए, इस दिशा में मार्गदर्शन भी देते हैं।अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष काले ने कहा कि महापौर मीनल ने वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। लंबे समय से हमारी लंबित मांग को महापौर मैडम ने सबसे पहले मेयर इन काउंसिल से पास कराया और पिछले हफ्ते ही नगर निगम की सामान्य सभा में इस प्रस्ताव को पास करवा लिया। हमें विश्वास है कि जल्दी ही वीर सावरकर की प्रेरक प्रतिमा का अनावरण आयुर्वेदिक कॉलेज के पास किया जाएगा। इन प्रयासों के लिए महापौर मीनल चौबे के प्रति महाराष्ट्र मंडल के सभी सभासद की ओर से मैं आभार व्यक्त करता हूं। इस मौके पर संत ज्ञानेश्वर सभागृह में उपस्थित सैकड़ों महिला सभासदों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
- दुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए 10 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस भर्ती की ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सीईई) का आयोजन 01 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य किया जाना संभावित है। संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशों के परिपालन में, जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग द्वारा आवेदकों की सहायता के लिए 01 मई 2026 से 31 मई 2026 तक परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है।प्रशिक्षण का उद्देश्य पंजीकृत युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक जो इस प्रशिक्षण का लाभ उठाना चाहते हैं, वे रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं । इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं अथवा कार्यालय के फोन नंबर 0788-2323504 या ईमेल [email protected] के माध्यम से भी जानकारी ले सकते हैं। अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर इस निःशुल्क मार्गदर्शन का लाभ ले सकते है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा-6 के तहत प्रत्येक ग्राम सभा का आयोजन प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार किया जाना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वर्ष भर निर्धारित तिथियों पर ग्राम सभाओं का आयोजन सुनिश्चित किया जाना है।इसी क्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी अनुसार समस्त ग्राम पंचायतों में 14 अप्रैल 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं आश्रित ग्रामों में आयोजित होने वाली इन ग्राम सभाओं के लिए पूर्व से समय-सारिणी तैयार कर ली गई है तथा संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।उक्त ग्राम सभाओं में विभिन्न विषयों - विगत तिमाही के आय-व्यय का प्रस्तुतिकरण एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति, स्वीकृत/प्राप्त/व्यय राशि एवं वर्तमान स्थिति का विवरण कर अधिरोपण एवं संग्रहण प्रणाली को ऑनलाइन करने हेतु समर्थ पंचायत पोर्टल का उपयोग एवं संपत्ति कर निर्धारण, पंचायत के वर्तमान/पूर्व पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लंबित लेखा/बकाया की जानकारी, सड़कों पर आवारा एवं पालतू पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु उपाय एवं जागरूकता, अविवादित नामांतरण एवं बटवारा प्रकरणों की समीक्षा, पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों का प्रस्तुतीकरण एवं सुधार हेतु कार्ययोजना, मुक्तिधाम में साफ-सफाई एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था, जरूरतमंदों को वितरित खाद्यान्न की जानकारी एवं लाभार्थियों के नामों का वाचन, जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की चर्चा की जाएगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा समस्त ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ग्राम सभा में उपस्थित होकर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, जिससे ग्राम स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके।
- 0- 20 अप्रैल तक प्रस्तुत कर सकेंगे दावा-आपत्तिदुर्ग. जिले में नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 हेतु मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालयों का निर्धारण किया गया है, जहाँ मतदाता सूची का अवलोकन और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया संपन्न होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 01 (जुनवानी) के लिए तहसील कार्यालय भिलाई को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय बनाया गया है।इसी प्रकार, नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 (रुआबांधा उत्तर) एवं वार्ड क्रमांक 39 (एनएसपीसीएल पुरैना) के लिए नगर पालिक निगम कार्यालय रिसाली को अधिकृत किया गया है। जनपद पंचायत दुर्ग के रिक्त वार्डों तिरगा, भोथली, बोरई, कोटनी, उमरपोटी के लिए जनपद पंचायत कार्यालय दुर्ग, जनपद पंचायत धमधा के वार्डों रूहा, पथरिया, लहंगा, नंदवाय, करेली के लिए जनपद पंचायत कार्यालय धमधा को केंद्र बनाया गया है। जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत आने वाले वार्डों सुरपा, तुलसी, मानिकचौरी, कसही, गोडपेन्ड्री, भनसुली (के), गोरिद, गातापार और जनपद पंचायत सदस्य क्षेत्र पाहंदा (अ), सांकरा के लिए जनपद पंचायत कार्यालय पाटन को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। मतदाता सूची के इस प्रकाशन के पश्चात, नागरिक अपनी आपत्तियाँ या नाम जुड़वाने हेतु आवेदन 20 अप्रैल 2026 सोमवार, अपरान्ह 3.00 बजे तक जमा कर सकते हैं। इसके लिए पात्र व्यक्ति संबंधित वार्डों में स्थापित मतदान केंद्रों पर जाकर अपना दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जनहित के विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए कुल 10 लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधानसभा क्षेत्र भिलाई नगर विधायक श्री देवेंद्र यादव द्वारा अनुशंसित इन कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिलाई नगर के विभिन्न वार्डों में बुनियादी सुविधाओं और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाएंगे।इसमें मुख्य रूप से वार्ड क्रमांक 52, स्ट्रीट नंबर 03, सेक्टर 04 स्थित हनुमान मंदिर के पास सार्वजनिक चबूतरा निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 2.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार, वार्ड क्रमांक 69, सेक्टर-09 भिलाई गोल मार्केट में स्ट्रीट लाइट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 2.50 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। अन्य विकास कार्यों के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 70 हुडको कॉलोनी से वाय शेप ब्रिज तक लगे खंभों में रोप लाइट लगाने तथा श्रीराम चौक के पास सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 2.00 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड क्रमांक 68, सेक्टर 08 भिलाई फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे स्थित मंदिर के पास पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य हेतु 1.20 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।--
- -बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर हम समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय, समानता और मानव अधिकारों के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और एक ऐसे भारत की नींव रखी, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा साहेब के आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक विकास और अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सशक्त बने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। file photo
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया ‘माय भारत बजट क्वेस्ट 2026’ का भव्य शुभारंभ-युवाओं को बजट और नीति-निर्माण से जोड़ने की राष्ट्रीय पहल, 30 हजार में से चयनित 471 प्रतिभागियों ने की सहभागिता-छत्तीसगढ़ में माय भारत के 17 नए कार्यालय खोले जाएंगेरायपुर। नया रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी में ‘माय भारत बजट क्वेस्ट 2026’ के भव्य शुभारंभ के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि “युवा शक्ति ही विकसित भारत की वास्तविक शक्ति है” और यह आयोजन युवाओं को आर्थिक नीतियों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त मंच प्रदान करता है।यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘माय भारत’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय बजट 2026 के प्रति युवाओं और आमजन की समझ को सुदृढ़ करना है, ताकि बजटीय प्रावधानों को अधिक सुलभ, प्रासंगिक और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके। कार्यक्रम में देशभर से लगभग 30 हजार युवाओं में से चयनित 471 प्रतिभागियों की उपस्थिति इस आयोजन की व्यापकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है।मुख्य अतिथि श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के विकास का रोडमैप होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मंच का उपयोग सीखने, सोचने, प्रश्न पूछने और अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए करें। उन्होंने कहा कि जब युवा नीति-निर्माण की प्रक्रिया को समझते हैं और उसमें सक्रिय भागीदारी करते हैं, तब लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने यह भी कहा कि करदाताओं के पैसे का उपयोग किस प्रकार और किन क्षेत्रों में हो रहा है, इसकी जानकारी प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को होना आवश्यक है, जिससे उत्तरदायित्व और जागरूकता की भावना विकसित होती है।कार्यक्रम के दौरान माय भारत छत्तीसगढ़ के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी ने ‘बजट क्वेस्ट 2026’ की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह पहल युवाओं को वर्षभर रचनात्मक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों में जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है और यह मंच युवाओं को अपने विचार रखने तथा नीति-निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जानकारी दी कि ‘माय भारत’ की घोषणा 31 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। यह एक स्वायत्त संस्था है, जो युवाओं के लिए, युवाओं के साथ और युवाओं द्वारा कार्य करती है, जिसका मूल मंत्र है - “सेवा से संस्कार”। श्री तिवारी ने आगे बताया कि देश के सभी 763 जिलों में माय भारत कार्यालय स्थापित किए जाने की योजना है, जिनमें से छत्तीसगढ़ में 17 नए कार्यालय खोले जाएंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से युवाओं का क्षमता संवर्धन, प्रशिक्षण और यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम जैसे आयोजनों के जरिए उन्हें सशक्त बनाया जाएगा।ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के डायरेक्टर श्री ओमप्रकाश व्यास ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि 30 हजार प्रतिभागियों में से चयनित 471 युवाओं का यहां उपस्थित होना उनकी प्रतिभा, परिश्रम और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह मंच उन्हें सीखने, जुड़ने और देश के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।कार्यक्रम के समापन पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 जैसे आयोजन युवाओं को जागरूक, सक्षम और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए निरंतर प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में माय भारत छत्तीसगढ़ के डिप्टी डायरेक्टर श्री नितिन शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -कवर्धा के जानकी वन धाम शिवालय में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल-धार्मिक आस्था के साथ उभरता पर्यटन केंद्र, प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगमरायपुर । जिला कबीरधाम अंतर्गत कुंआ-बिपतरा स्थित जानकी वन धाम में आयोजित नूतन शिवालय प्राण-प्रतिष्ठा एवं महायज्ञ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल विधायक श्रीमती भावना बोहरा के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवाधिदेव महादेव का विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजन कर समस्त चराचर जगत के कल्याण की कामना की।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की गहन आस्था से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। मंत्री श्री अग्रवाल ने भगवान आशुतोष से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से छत्तीसगढ़ सदैव समृद्ध और प्रगतिशील बना रहे तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख और शांति का वास हो।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। यह आयोजन न केवल आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का भी कार्य करता है, जिससे नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ सके। मंत्री श्री अग्रवाल ने इस सफल आयोजन के लिए जानकी वन समिति एवं समस्त क्षेत्रवासियों को साधुवाद देते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी और समर्पण से ही ऐसे भव्य आयोजन संभव हो पाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास और सांस्कृतिक उन्नयन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।कुंआ-बिपतरा क्षेत्र में स्थित जानकी वन धाम वर्तमान में एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं प्राकृतिक आस्था केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। घने जंगलों, हरियाली और शांत वातावरण से घिरा यह धाम श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। यहां पहुंचने पर जहां एक ओर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक सौंदर्य मन को आनंदित करता है।यह धाम मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। महाशिवरात्रि, श्रावण मास सहित अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिससे इस स्थल की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो रही है। जानकी वन धाम केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। यहां आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एकता को बढ़ावा मिल रहा है और परंपराओं को संरक्षित किया जा रहा है।पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थल अत्यंत संभावनाशील है। प्राकृतिक वातावरण, स्वच्छ वायु और शांत परिवेश इसे आध्यात्मिक पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाते हैं। कवर्धा शहर से निकटता और सड़क मार्ग से सुगम पहुंच के कारण यहां स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आने वाले समय में यह स्थल छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
- -हैदराबाद में आयोजित सोयाबीन अनुसंधान परियोजना की वार्षिक बैठक में मिला सम्मान-कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) को राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023-2025 की मूल्यांकन अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।यह सम्मान राष्ट्रीय अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) नेटवर्क के अंतर्गत प्रदान किया गया। यह पुरस्कार रायपुर केंद्र की बहुआयामी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया गया जिसमें अनुसंधान परीक्षण, वैज्ञानिक प्रकाशन, प्रजनन नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास, किसान संपर्क कार्यक्रम और बीज उत्पादन शामिल हैं। यह पुरस्कार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) विश्वविद्यालय टीम के सदस्यों डॉ. सुनील कुमार नाग (प्रधान वैज्ञानिक), डॉ. रामा मोहन सावु (वरिष्ठ वैज्ञानिक) एवं डॉ. ऐश्वर्या टंडन (सह-प्राध्यापक) द्वारा प्राप्त किया गया। यह सम्मान डॉ. प्रताप सिंह, माननीय कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर; डॉ. एस.के. राव, पूर्व कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर; डॉ. के.एच. सिंह, निदेशक, आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर तथा डॉ. आर.के. माथुर, निदेशक, आईसीएआर-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद द्वारा 09 अप्रैल 2026 को हैदराबाद स्थित प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय, राजेंद्र नगर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) की 56वीं वार्षिक समूह बैठक में प्रदान किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने पुरस्कृत अनुसंधान दल के टीम लीडर एवं सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं।यह पुरस्कार व्यापक मूल्यांकन प्रणाली और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर केंद्र ने असाधारण उपलब्धियाँ प्रदर्शित कीं। केंद्र ने लगातार तीन वर्षों तक पादप प्रजनन, सस्य विज्ञान, पादप रोग विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में सभी आवंटित परीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किए और उनकी स्वीकृति प्राप्त की। सोयाबीन अनुसंधान से संबंधित उच्च-गुणवत्ता वाले नास रेटेड शोध पत्र, सम्मेलन पत्र, बुलेटिन तथा एम.एससी. एवं पीएच.डी. छात्रों के मार्गदर्शन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। केंद्र ने सुदृढ़ जर्मप्लाज्म प्रबंधन (प्रति वर्ष 1000 से अधिक अभिग्रहण), व्यापक संकरण कार्यक्रम तथा आएससी 11-42, आएससी 11-72 और आएससी 12-32 जैसी उत्कृष्ट किस्मों के विकास में प्रगति की। प्रमुख उपलब्धियों में पूर्वी क्षेत्र के लिए तीन उन्नत सोयाबीन किस्मों का विकास, छह उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों का विकास तथा तीन जर्मप्लाज्म लाइनों का पंजीकरण शामिल है। केंद्र ने प्रति वर्ष 100 फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन, कांकेर जिले में जनजातीय उप-योजना के अंतर्गत किसानों को लाभान्वित करने तथा नियमित किसान प्रशिक्षण एवं खेत प्रदर्शन के माध्यम से उत्कृष्ट विस्तार कार्य किया। प्रजनक बीज उत्पादन में लगभग 90 : लक्ष्य प्राप्ति के साथ-साथ न्यूक्लियस बीज उत्पादन में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई।केंद्र ने बड़े जर्मप्लाज्म संग्रह (1100 तक लाइनों) के मूल्यांकन, उच्च उपज एवं रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे आएससी 11-42 एवं आएससी 11-35) के विकास, समेकित पोषक तत्व एवं खरपतवार प्रबंधन सहित टिकाऊ कृषि पद्धतियों में नवाचार तथा जलवायु-अनुकूल एवं किसान हितैषी तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने सशक्त विस्तार तंत्र के माध्यम से अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं सोयाबीन केंद्र ने उच्च उपज वाली किस्मों एवं उन्नत फसल प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देकर, लक्षित हस्तक्षेपों के जरिए जनजातीय किसानों को सहयोग प्रदान कर तथा टिकाऊ एवं यंत्रीकृत कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सोयाबीन उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह पुरस्कार बहुविषयक टीम के सामूहिक प्रयासों, वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति समर्पण तथा किसानों के लिए सोयाबीन उत्पादन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टीम भविष्य में भी नवाचार करते हुए राष्ट्रीय कृषि विकास में योगदान देती रहेगी। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं सोयाबीन, आईजीकेवी रायपुर में वर्ष 2001 से संचालित है और यह भारत के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में समन्वित अनुसंधान के माध्यम से सोयाबीन उत्पादकता बढ़ाने हेतु एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इन उपलब्धियों में और वृद्धि करते हुए, डॉ. सुनील कुमार नाग को सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास समिति, इंदौर द्वारा फेलो-2025 से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. तापस चौधरी को एक नवाचारपूर्ण तकनीक के विकास हेतु सम्मानित किया गया, जिसमें माइक्रोबियल कंसोर्टिया (ब्रैडीराईज़ोबियम डेकिंगेन्स एवं बैसिलस आर्यभट्टई) /10 ग्राम/किग्रा बीज के साथ बीज उपचार की सिफारिश की गई है, जो सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने तथा पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार करने में सहायक है।
- -डिजिटल क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता, 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगाररायपुर । छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है।खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।
- -वित्त मंत्री ने पुसौर में लाइब्रेरी, पुष्पवाटिका एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण-समीक्षा बैठक में प्रगति का किया गहन मूल्यांकन, अधिकारियों को दिए निर्देश-जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति देने का आह्वानरायपुर / प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने पुसौर में निर्माणाधीन लाइब्रेरी भवन, पुष्पवाटिका उद्यान, चंदन तालाब सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहानिर्माण स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यों की स्थिति देखना, बुनियादी ढांचे का विकास कराना हम सभी की जिम्मेदारी है l उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर पंचायत पुसौर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।बैठक में उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास संभव है। साथ ही उन्होंने पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत पुसौर में पुष्पवाटिका उद्यान निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार रुपये, बोरोडीपा चौक से कॉलेज तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण के लिए 4 करोड़ 8 लाख रुपये, चंदन तालाब के सौंदर्यकरण के लिए 2 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये तथा लाइब्रेरी भवन निर्माण के लिए लगभग 99.12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त तेलीतार तालाब के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की सौंदर्य वृद्धि के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।इस अवसर पर नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष श्री मानी मोहित सतपथी, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नगर पंचायत पुसौर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति थे ।
- -मकान सूचीकरण और मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक; पहली बार मोबाइल एप से होगा डिजिटल डेटा संकलन-स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना के लिए छत्तीसगढ़ में 62,500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात; टोल-फ्री नंबर 1855 क्रियाशीलरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य में 'भारत की जनगणना 2027' के सफल क्रियान्वयन हेतु आज सर्किट हाउस, रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) श्री मनोज कुमार पिंगुआ और निदेशक (जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण) श्री कार्तिकेय गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए आगामी जनगणना की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1872 से शुरू हुई जनगणना की श्रृंखला में यह 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी ।इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है, जिसमें देश में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प दिया जा रहा है । छत्तीसगढ़ में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपादित होगा, जिसमें प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) 01 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा । स्व-गणना का विकल्प चुनने वाले नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी स्वयं भर सकते हैं, जिसके पश्चात उन्हें प्राप्त SE ID प्रगणक के साथ साझा करनी होगी।डेटा सुरक्षा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी । इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस जांच या किसी भी कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता है; इसका उपयोग केवल प्रदेश एवं देश के विकास हेतु योजनाएं बनाने के लिए होगा । राज्य के 33 जिलों और 19,978 ग्रामों में इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए लगभग 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं । आमजन की सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर 1855 भी 16 अप्रैल 2026 से क्रियाशील हो जाएगा।
- रायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पालिका में 8 कार्यों के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने बोदरी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में दो बी.टी. कोटिंग सड़कों के लिए 42 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। वार्ड क्रमांक-15 में बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 13 लाख 13 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-11, 12, 13 एवं 14 में झूलेलाल मंदिर से दुर्गा मदिर तक बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 41 लाख 61 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-14 में आत्मानंद स्कूल से काली मंदिर होते हुए मेन रोड तक बी.टी. सड़क के लिए 16 लाख 73 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने वार्ड क्रमांक-6 में रहंगी रोड से मुक्तिधाम तक सी.सी. रोड के लिए 31 लाख 8 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-10 में प्राथमिक शाला दड़हा से मेन रोड तक सी.सी. रोड के लिए 12 लाख 83 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने पीपल चौक से बिजली ऑफिस रहंगी मोड़ तक आर.सी.सी. नाली के निर्माण के लिए भी 41 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।
- -डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा-खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता से होंगे कार्यरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट कोरबा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।बैठक के दौरान डीएमएफ मद से संचालित कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अन्य योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफ मद से भी कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमोदित कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से पीवीटीजी समुदाय के लिए प्राथमिकता से विकास कार्य संचालित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया।मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करें, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करें। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वयपूर्वक कार्य कर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों से उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने की आवश्यकता बताई।विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि डीएमएफ राशि से जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला होने के कारण कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ के तहत बनाए गए निर्माण पोर्टल को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों की भर्ती को उपयोगी कदम बताया। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार से आमजन को हो रहे लाभों का उल्लेख किया।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक है। शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन कर उन्हें इस वित्तीय वर्ष से लागू किया गया है। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य खनन के दुष्प्रभावों को कम करना और प्रभावित लोगों की आजीविका एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने डीएमएफ के कार्यों को पारदर्शिता के साथ करने, निर्माण पोर्टल के माध्यम से डीएमएफ सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी मिलने के संबंध में बताया। डीएमएफ नियमों के तहत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण पर व्यय किया जाएगा तथा 30 प्रतिशत राशि अन्य आधारभूत संरचनाओं पर व्यय की जाएगी। जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिसके अनुसार 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इससे डीएमएफ की बड़ी राशि कोरबा जिले के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी।उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहयोग से खनन प्रभावित परिवारों का विस्तृत बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर एक वर्ष की पर्सपेक्टिव योजना तैयार होगी। आंकड़ों के अनुसार एसईसीएल की विभिन्न खदानों से प्रभावित 20,069 परिवारों और 4,102 विस्थापित परिवारों के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर शासन को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने गौण खनिज राजस्व के उपयोग, प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों के चिन्हांकन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास और अधोसंरचना को दी गई प्राथमिकता के संबंध में भी जानकारी दी।बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विशेष निधियों के अनुमोदन के साथ-साथ खनन प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों एवं विस्थापित परिवारों की सूची के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इसके अलावा एंडोमेंट फंड के गठन तथा पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव, शासी परिषद ने डीएमएफ अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई के चयन, प्रशासनिक व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की स्वीकृति, खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं संबंधित विभागीय कार्यों के अनुमोदन, वार्षिक प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तथा 2025-26) के अनुमोदन का प्रस्ताव भी पारित किया गया।बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए वेबसाइट, वेब पोर्टल, डाटा प्रबंधन प्रणाली, डॉक्यूमेंट्री एवं वेबपेज निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति, जीजीवी के साथ एमओयू, वीसी रूम एवं स्टोरेज संरचना निर्माण, थर्ड पार्टी ऑडिट तथा टोल-फ्री नंबर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
- -मैदानी स्तर पर डिजिटल सर्वे के जरिए जुटाई जा रही जानकारी, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग को मिलेगा बलरायपुर /भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के सभी 18 PVTG बहुल जिलों में निवासरत परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी जानकारी "सर्वे सेतु ऐप" में अपलोड की जा रही है। पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से PVTG परिवारों की भौतिक एवं सामाजिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह पहल PVTG समुदाय के शत-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।यह सर्वे कार्य विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जबकि प्रमुख सचिव श्री बोरा स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर सर्वे कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। राज्य के जिन 18 जिलों में यह सर्वे कार्य चल रहा है, उनमें मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर, बिलासपुर, धमतरी, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, बलौदाबाजार, कोंडागांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, मुंगेली, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरबा, खैरागढ़- छुईखदान-गण्डई, कबीरधाम, रायगढ़ और महासमुंद शामिल हैं।शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार इस सर्वे को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति कार्य कर रही है, जबकि विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम स्तर पर सर्वे दल इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं।सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार की विस्तृत जानकारी एकत्र कर उन्हें 'PVTG एंटाइटलमेंट कार्ड' से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इससे शासन को भविष्य की नीतियों के निर्माण में भी सटीक डेटा उपलब्ध होगा।भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सर्वेक्षण कार्य अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लगातार समीक्षा और निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले द्वारा भी सक्रिय रूप से गांव-गांव पहुंचकर सर्वे कार्य को समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल PVTG समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि राज्य में समावेशी विकास को भी नई दिशा दे रही है l
















.jpg)



.jpg)






.jpg)