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- -श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षारायपुर /श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त श्री गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
- -जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभरायपुर // आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। नारायणपुर जिले की निवासी जगनी बाई लाभान्वित हुई हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।जगनी बाई ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। कमजोरी, शरीर में दर्द तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल जाकर इलाज कराने की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेहतर उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। कई बार इलाज के खर्च की चिंता के कारण समय पर अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिसके बाद उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। कार्ड बनने के बाद जगनी बाई को अस्पताल में भर्ती होने, आवश्यक जांच कराने, डॉक्टरों से परामर्श लेने तथा दवाइयों सहित उपचार की सुविधा बिना किसी आर्थिक बोझ के मिली।उन्होंने बताया कि पहले इलाज के खर्च को लेकर परिवार के सदस्य हमेशा चिंतित रहते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है और परिवार के लोगों को भी मानसिक राहत मिली है। जगनी बाई ने सरकार की इस जनहितैषी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक अभाव के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आयुष्मान भारत योजना ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब गरीब परिवार भी बेहतर अस्पतालों में इलाज करा पा रहे हैं।70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को योजना के माध्यम से विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। शासन की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। शासन द्वारा लगातार लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। जगनी बाई की तरह अनेक हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और विश्वास भी दे रही है।
- रायपुर । दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसपाल रोड स्थित पुरनतरई गांव से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां एक नन्हे बालक आनंद कश्यप ने अपने छोटे से प्रयास से बड़ा संदेश दिया है। गांव में स्थित एक छोटी सी दुकान के बाहर कार्डबोर्ड के डिब्बे से बनाया गया एक अनोखा कूड़ेदान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। उस पर बड़े सरल शब्दों में लिखा था, “कचरा यहां डिब्बा में डालें।” देखने में साधारण लगने वाला यह कूड़ेदान स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है।
जब दुकान संचालक से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह कूड़ेदान उनके बेटे आनंद कश्यप ने स्वयं बनाया है। आनंद की इस सोच और प्रयास ने सभी को प्रभावित किया। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह छोटा सा प्रयास यह दर्शाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आनंद कश्यप की यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा दे रही है। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आनंद जैसे नन्हे सिपाही ही स्वच्छ और सुंदर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।
- -मुख्य सचिव श्री विकासशील ने की समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी। इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे।सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में कटघोरा- डोंगरगढ़ रेल लाइन सहित प्रदेश में चल रही अन्य रेल परियोजनाओं की प्रगति और बोर्ड के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी पहलुओं और समयसीमा पर चर्चा की। बैठक में सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग एवं रेल परियोजनाएं श्री रजत कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आयुक्त जनसंपर्क तथा संचालक खनिज विकास निगम श्री रजत बंसल सहित वित्त विभाग एवं रेलवे कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी पर्वतारोहण उपलब्धियों तथा आगामी अभियानों की जानकारी राज्यपाल को दी।सुश्री अंकिता गुप्ता वर्तमान में कबीरधाम (कवर्धा) पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में लद्दाख स्थित यूटी कांगड़ी पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने यूरोपीय महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।भेंट के दौरान सुश्री अंकिता ने राज्यपाल को बताया कि उनकी अगली योजना अफ्रीका महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट किलिमंजारो पर आरोहण करने की है। उन्होंने अपने अब तक के पर्वतारोहण अभियानों, अनुभवों और भविष्य की तैयारियों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।राज्यपाल रमेन डेका ने अंकिता गुप्ता के साहस, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं की ऐसी सफलताएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अंकिता को उनके आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
- रायपुर । प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासनिक पहल के तहत आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के चेहरे पर संतोष और खुशी दिखाई दे रही है।इसी कड़ी में जिला दंतेवाडा के ग्राम हितामेटा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्राम कोरकोटी के दो दिव्यांग बच्चों के परिवारजनों द्वारा सहायता हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा अस्थि बाधित दिव्यांग बच्ची जुलगो मुचाकी, पिता श्री बुटलू मुचाकी तथा अस्थि बाधित दिव्यांग बालक नारसू पोयाम, पिता श्री आयतू राम पोयाम को एक-एक नग व्हीलचेयर प्रदान की गई।व्हीलचेयर मिलने से दोनों बच्चों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब बच्चों को दैनिक गतिविधियों, स्कूल आने-जाने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में सुविधा मिल सकेगी। परिवारजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे लंबे समय से व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हो गया। इस पहल ने न केवल दिव्यांग बच्चों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बन रहा है।
- -समय पर आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों का हुआ सम्मानरायपुर ।प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को समय पर पक्के एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेशभर में अभियान स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत मदगुरी में आवास जन चौपाल आयोजित कर हितग्राहियों को समय-सीमा में आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित किया गया।आवास जन चौपाल में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने हितग्राहियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने हितग्राहियों से निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने का आग्रह करते हुए सभी को समय पर आवास निर्माण पूर्ण करने का संकल्प दिलाया।कार्यक्रम के दौरान समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना बताते हुए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अन्य हितग्राहियों को भी शीघ्र आवास निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया। जन चौपाल के पश्चात जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने ग्राम पंचायत मदगुरी में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -’देवस्थलों और पूर्वजों की आस्था स्थलों के संरक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा’-’पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान की महासभा आयोजित’रायपुर। मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।महासभा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -’पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले एवं डॉ. रामचंद्र गोडबोले द्वारा बस्तर में किए गए सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की सराहना’- ’बस्तर में सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसेवा पहुंचाने पर सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री’रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।
- -165 जनसमस्याओं का स्थल पर ही निराकरणरायपुरl छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को आम जनता के दरवाजे तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं पर सीधा प्रहार करने के लिए शुरू हुआ 'सुशासन तिहार 2026' अब धरातल पर एक बड़ा विश्वास बन चुका है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत कचना में आयोजित क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर में उम्मीदों और समाधान का एक अनोखा संगम देखने को मिला। शिविर में 165 मामलों का मौके पर ही निपटारा (161 मांग और 4 शिकायतें) कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई lइस महा-शिविर में कचना सहित आस-पास की कुल 17 ग्राम पंचायतों (सिलीडीह, सिलतरा, नवागांव (क), जी जामगांव, अंवरी, गणेशपुर, मडेली, भैंसबोड़, जरवायडीह, कोलियारी, जोरातराई (अ), थूहा, नवागांव (थू), सिर्वे, कुम्हारी और भेण्डसर) के ग्रामीणों का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने शासन की इस मुहिम को पूरी तरह सफल बना दिया।शिविर की भव्यता और जनता के विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ कुल 819 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 812 आवेदन विभिन्न विकास कार्यों व मांगों से जुड़े थे, तो वहीं 7 आवेदन शिकायतों के रूप में दर्ज किए गए। प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए 165 मामलों का मौके पर ही निपटारा (161 मांग और 4 शिकायतें) कर ग्रामीणों को तत्काल राहत की सौगात दी। शेष आवेदनों के लिए समय-सीमा तय कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।ग्रामीणों का हौसला बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे सुनने के लिए क्षेत्र के कई दिग्गज जनप्रतिनिधि इस शिविर का हिस्सा बने। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष, सभापति और जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष ने विशेष रूप से शिरकत की। इसके साथ ही बडी संख्या में सरपंच, सचिव और पंचगण मौजूद रहे।इस शिविर की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई जब पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार की सामग्रियां और प्रमाण पत्र सौंपे गए। कई सालों से अटके काम जब चंद मिनटों में पूरे हुए, तो ग्रामीणों के चेहरे खुशी से दमक उठे। राजस्व विभाग ने जमीन और घर का सपना पूरा करते हुए ग्रामीणों को 'आबादी पट्टा' (भू-स्वामित्व) सौंपा। मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा की छांव देते हुए 'संगठित श्रमिक कार्ड' प्रदान किए गए। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों की आंखों को रोशनी देने के लिए 'निःशुल्क चश्मा' और मुफ्त इलाज की गारंटी वाला 'आयुष्मान कार्ड' दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नौनिहालों के लिए 'पोषण आहार' और बेटियों के सशक्त भविष्य के लिए 'नोनी सुरक्षा योजना' के प्रमाण पत्र बांटे गए। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगों और बुजुर्गों के कदम मजबूत करने के लिए 'बैशाखी' और 'पोषण किट' का वितरण किया ।कचना का यह क्लस्टर शिविर सुशासन की उस सच्ची परिभाषा को बयां कर गया, जहां सरकार खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुंचती है। इस 'सुशासन तिहार' ने ग्रामीणों के चेहरों पर जो मुस्कान बिखेरी है, उसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।
- -श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षारायपुर। श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवंागन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त श्री गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
- -छत्तीसगढ़ नवा अंजोर विजन 2047: धान की अपेक्षा फसल विविधीकरण और डिजिटल खेती पर दे रहें हैं जोर-दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि-ठोस रसायनिक उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया-डीएपी को दे रहे हैं बढ़ावा-नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में शामिल हुए मंत्री रामविचार नेतामरायपुर। धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।कृषि मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने कांफ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती के तहत् 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जा चुका है, जिसमें 461 क्लस्टर्स और 922 कृषि सखियों की मदद ली जा रही है। सॉइल हेल्थ के तहत् वर्ष 2025-26 में 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ने के लिए राज्य के 126 पीएम श्री स्कूलों में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) स्थापित की जा चुकी हैं। स्मार्ट इरिगेशन के तहत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप‘ के तहत सूक्ष्म सिंचाई और लागत कम करने के लिए ड्रोन तकनीक व ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम’ (फसल $ पशुपालन $ मत्स्य $ केंटकी) को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम किसान और पीएम फसल बीमा योजना के डेटा को इंटीग्रेट करके जून से जुलाई 2026 तक विशेष केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) अभियान चलाया जाना प्रस्तावित है। वहीं पीएम आशा योजना के अंतर्गत दलहन और तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने की तैयारी है।कृषि मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय मंच के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष कृषि विकास की गति को और तेज करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव और अपेक्षाएं भी रखी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धान प्रधान राज्य होने के कारण, फसल विविधीकरण को गति देने के लिए केंद्र से एक पृथक प्रोत्साहन नीति की मांग की गई है। साथ ही प्राकृतिक उत्पादों का एमएसपी प्राकृतिक और जैविक खेती के उत्पादों के लिए अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की व्यवस्था की जाए।मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में सप्लाई प्लान और खाद सब्सिडी उर्वरकों की समय पर उपलब्धता के लिए माहवार सप्लाई प्लान के अनुसार खाद प्रदाय की मांग के साथ ही डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में एनपीके की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को छोटे किसानों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान किया जाए। वहीं उर्वरकों की अत्यधिक खपत और बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों की 25 किलोग्राम की छोटी बोरी तैयार की जानी अपेक्षित है। साथ ही राज्य के आदिवासी बाहुल्य और वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए विशेष कृषि विकास पैकेज तथा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तकनीकी व आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता प्रदान की जाए।इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही राज्य सरकार की योजनाएं0- निधि की मेहनत और सफलता देखने कार्यस्थल पहुंचे कलेक्टररायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी का परिणाम है कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेण्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम अमरपुर की निधि तिवारी आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली निधि तिवारी ने वर्ष 2023 में बिहान योजना के तहत दीप महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया। वे समूह की सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।समूह से जुड़ने के तीन महीने बाद निधि को बिहान योजना के तहत चक्रीय निधि (आरएफ) से 10 हजार रुपये की सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने जर्सी नस्ल की गाय खरीदी और पशुपालन शुरू किया। उनकी गाय प्रतिदिन लगभग 15 लीटर दूध देती है, जिससे नियमित आय का जरिया बना।निधि की मेहनत और लगन को देखते हुए छह महीने बाद उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के तहत 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। अपनी बचत और अतिरिक्त राशि जोड़कर उन्होंने खेतों में सब्जी बाड़ी का कार्य प्रारंभ किया। मौसम के अनुसार विभिन्न सब्जियों की खेती कर वे लगातार बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। मार्च में निधि ने अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई। अच्छी देखभाल और मेहनत से फसल बेहतर हुई और अब वे स्थानीय बाजारों में लगभग 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेच रही हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पशुपालन और सब्जी उत्पादन से निधि की वार्षिक आय लगभग ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है। निधि तिवारी का कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अपने सपनों को भी साकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं और बिहान मिशन के सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की नई दिशा दी है।निधि की सफलता और नवाचार से प्रभावित होकर गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही जिले के कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन स्वयं उनके कार्यक्षेत्र पहुंचे और पशुपालन एवं सब्जी बाड़ी कार्यों का अवलोकन किया। कलेक्टर ने निधि की मेहनत, लगन और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और स्वरोजगार के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे ने भी निधि की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास का माध्यम बनी है। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं अब अपने परिवार और गांव की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।निधि तिवारी की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सम्मान और समृद्धि की नई पहचान दे रही हैं।
- 0- प्रमुख सचिव श्री बोरा ने हितग्राही मुन्नीबाई को सौंपी आवास की चाबीरायपुर। प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने लोरमी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अचानकमार के ग्राम शिवलखार पहुंचकर पीएम जनमन आवास योजना के हितग्राही परिवार से मुलाकात की और हितग्राही श्रीमती मुन्नीबाई को नए पक्के आवास की चाबी सौंपकर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान प्रमुख सचिव ने हितग्राही परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से जनजातीय एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। हितग्राही श्रीमती मुन्नीबाई ने पक्का आवास मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले कच्चे मकान में बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नए पक्के घर से परिवार को सुरक्षा और सम्मान का एहसास हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत क्षेत्र में संचालित कार्यों और हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी भी प्रमुख सचिव को दी। इस दौरान कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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दुर्ग। भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन, देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और शिक्षा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम एडसिल (इंडिया) लिमिटेड ने सेल के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 26 मई, 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, SAIL के परिचालन क्षेत्रों (Operational Areas) के आसपास स्थित स्कूलों में 'स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम्स' स्थापित किए जाएंगे।इस सहयोग का उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना और सीखने के परिणामों (लर्निंग आउटकम्स) को और आगे ले जाना है। यह परियोजना सीधे तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल विकास लक्ष्य-4 (SDG-4) के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ सभी के लिए समावेशी, न्यायसंगत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सीखने के अवसर सुनिश्चित करना है।
सेल और EdCIL के बीच इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर SAIL के निदेशक (कार्मिक), श्री के. के. सिंह की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर SAIL और एडसिल (EdCIL) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। -
महासमुंद। जिले में पुलिस ने बम्हनी धान उपार्जन केंद्र में हुए करोड़ों रुपये के धान घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर किसानों के हक के एक करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक मूल्य के धान के गबन का आरोप है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक पिरदा के शाखा प्रबंधक की लिखित शिकायत पर थाना बसना में यह मामला दर्ज किया गया । प्रशासनिक जांच दल द्वारा बम्हनी केंद्र के भौतिक सत्यापन के दौरान 3,742 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कुल कीमत एक करोड़ 16 लाख दो सौ रुपये आंकी गई है।शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बसना पुलिस ने मुख्य आरोपी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस गड़बड़ी में संलिप्त अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। - 0- प्रमुख सचिव और कलेक्टर ने चौपाल लगाकर जमीनी हकीकत की पड़ताल, मौके पर दिए समाधान के निर्देशरायपुर. मुंगेली जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शासन की संवेदनशीलता और जनसरोकारों का प्रेरणादायी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ग्राम शिवलखार पहुंचे और जमीन पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वनांचल के ग्रामीणों से हुए इस आत्मीय संवाद ने प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को पूरी तरह कम कर दिया। प्रमुख सचिव ने ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनी तथा उनके त्वरित निराकरण के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख सचिव के समक्ष रखीं। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनांचल क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच प्रभावी रूप से सुनिश्चित की जाए तथा जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए। आवास योजना से संबंधित एक ग्रामीण महिला की शिकायत पर प्रमुख सचिव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। इस दौरान प्रमुख सचिव ने मोबाइल मेडिकल यूनिट का अवलोकन भी किया और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दौरान डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना शासन की पहली प्राथमिकता -उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा0- उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री शर्मा भनसुला में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में हुए शामिलमोहला. सुशासन तिहार 2026 के तहत आज मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के जनपद पंचायत अंबागढ़ चौकी के ग्राम पंचायत भनसुला में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री द्वारा जिले की महिला स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का “मोहला ब्रांड” के रूप में शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और सरलता के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और किसी भी समस्या या आवश्यकता को प्रशासन तक सीधे पहुंचाएं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला और युवाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो तथा जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि आज राज्य नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पुनाऊ राम फुलकावरे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति बाई त्रिपुरे, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, श्री मदन साहू, श्री अनिल गुप्ता, श्री नेहरू रजक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंचगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।ग्राम पंचायत भनसुला क्लस्टर के अंतर्गत गोर्राटोला, आतरगांव, पांगरी, बुटाकसा, केसला, छछानपाहरी, बहोरनभेड़ी, दाउटोला, आटरा, थुहाडबरी, हितागुटा, ब्राम्हणभेड़ी, सांगली, मचांदुर एवं कोटरा सहित कुल 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शिविर में शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आमजनों की समस्याएं सुनी गईं तथा कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसे आयोजन गांव स्तर पर लोगों को सीधे लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।शिविर में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित रागी का लड्डू, महुआ का अचार, रागी का आटा, मिलेट्स कुकीज, वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं अगरबत्ती जैसे स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समूह की महिलाओं से उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया, विपणन व्यवस्था तथा होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं की आत्मनिर्भरता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर तैयार किए जा रहे उत्पाद जिले की पहचान बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाएंगे।उन्होंने क्लस्टर स्तर पर ऑर्गेनिक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए तथा कहा कि जिले के प्राकृतिक एवं सामान्य संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएं। उन्होंने “मोहला ब्रांड” को आगे बढ़ाने के लिए महिला समूहों को निरंतर प्रशिक्षण, पैकेजिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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-पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की रहेगी विशेष उपस्थिति
-विभिन्न एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी के साथ मिलेगा उपचार का अवसर भीभिलाईनगर । भिलाई में तीन दिवसीय विशाल एकीकृत योग शिविर का आयोजन 30 मई से मनसा कॉलेज कुरूद रोड कोहका में किया जा रहा है। शिविर में तीनों दिन पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की विशेष उपस्थिति रहेगी। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि युवा भारत और किसान सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय विशाल शिविर में सुबह 5:15 बजे से 7:30 बजे तक योग के माध्यम से निरोग रहने विविध योगासनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।इस संदर्भ में भारत स्वाभिमान न्यास छत्तीसगढ़ प्रमुख अनूप बंसल और युवा भारत के प्रभारी जयंत भारती ने बताया कि शिविर में समूचे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहेगी वहीं एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों में योग के साथ-साथ यज्ञ चिकित्सा, वॉटर थेरेपी और एक्यूप्रेशर के माध्यम से उपचार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान चयनित लोगों का आयोजन स्थल पर उपचार भी किया जाएगा। यहां कार्यकर्ताओं को इन एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें कार्यशाला में विभिन्न सत्र होंगे।शिविर में स्वामी परमार्थ देव की उपस्थिति को विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि स्वामी परमार्थ देव 30 व 31 मई और एक जून को तीनों दिन योग शिविर की निगरानी करेंगे तथा शिविर में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। योग शिविर के अलावा स्वामी परमार्थ देव के अन्य कार्यक्रम भी रखे गए हैं। जिसमें 30 मई को राजनांदगांव में कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। वहीं राजनांदगांव,बालोद, खैरागढ़ व मानपुर मोहला जिले के योग शिक्षकों एवं पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक करेंगे। इसी तरह 31 मई को भिलाई के योग शिविर में भाग लेने के साथ स्वामी परमार्थ देव आयोजन स्थल पर ही सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे।उल्लेखनीय है कि स्वामी परमार्थ देव, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ और भारत स्वाभिमान (न्यास) के मुख्य केंद्रीय प्रभारी हैं। वह योग ऋषि स्वामी रामदेव के प्रमुख शिष्यों में से एक हैं और भारत भर में योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा योग शिविरों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पतंजलि परिवार (महिला पतंजलि, युवा भारत आदि) के माध्यम से आमजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक योग विद्या को पहुँचाने के लिए निरंतर देशव्यापी शिविरों का नेतृत्व कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि शिविर की सारी तैयारियां अंतिम चरण में है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से इस नि:शुल्क योग शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। आयोजन की तैयारियों में नरेंद्र पटेल, शंभू प्रसाद कुशवाहा, पिंकी चौधरी, प्रतिभा, उर्वशी शर्मा, प्रीति त्रिपाठी, मुरलीधर साहू, संदीप, दिनेश शर्मा, देवेश सिंह साहू, भावेश साहू, राजेश तिवारी, तिजाऊ राम साहू और बलवंत सिंह सहित अन्य लोग जुटे हैं। -
0- आकांक्षी जिला कार्ययोजना एवं कुपोषण नियंत्रण को लेकर विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
मोहला। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर आमजन की मांगों एवं समस्याओं के निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन महत्वपूर्ण है, अतः सभी विभाग आवेदनों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर उनका गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जिले में अब तक आयोजित शिविरों में जिन विभागों के आवेदन अधिक प्राप्त हुए हैं, ऐसे आवेदकों की पात्रता का परीक्षण कर उन्हें विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर भविष्य में अन्य योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा जैसे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।आकांक्षी जिला कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग बेहतर एवं परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्धारित सूचकांकों पर विशेष फोकस करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए, ताकि जिले को बेहतर प्रतिसाद प्राप्त हो सके और हितग्राहियों को अधिकतम लाभ मिल सके। इस दौरान कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं वन विभाग सहित विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बच्चों को कुपोषण से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें सुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान की जाए तथा आवश्यकतानुसार डाइट चार्ट तैयार कर नियमित मार्गदर्शन दिया जाए, जिससे महिलाएं स्वस्थ एवं सुपोषित रहें तथा बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके। बैठक में अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। - 0- महाराष्ट्र मंडल रायपुर के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का लोगों के बीच में लगातार बढ़ रहा क्रेजरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ अब एक बार फिर रायगढ़ और बिलासपुर में तहलका मचाने के लिए तैयार है। रोटरी क्लब रायगढ़ स्टील सिटी के माध्यम से यह सस्पेंस थ्रिलर ड्रामा जिंदल सभागृह पतरापाली रायगढ़ में 30 मई की शाम सात बजे मंचित किया जाएगा। वहीं जीआई हेल्थ फाउंडेशन 'मैं अनिकेत हूं’ का प्रयोग सिम्स ऑडिटोरियम में कराने जा रहा है। दोनों शहरों में रंगप्रेमी दर्शकों को प्रवेश के लिए पास अथवा आमंत्रण पत्र अनिवार्य किए गए हैं। यही कारण है कि नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ को देखने के लिए रायगढ़ में पास और बिलासपुर में निमंत्रण पत्र को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है।महाराष्ट्र मंडल रायपुर की 90वीं वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवासीय समारोह (मराठी सोहळा) के पहले दिन चार अक्टूबर 2025 को नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन किया गया था, तो किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ महीनों में ही इस नाटक के मंचन को लेकर विभिन्न शहरों के समाजसेवियों संस्थाओं व क्लबों में लगभग होड़ की स्थिति बन जाएगी। पहले मंचन के दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स के डायेरक्टर लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) को ‘मैं अनिकेत हूं’ इतना पसंद आया कि उन्होंने अगले एक-दो दिनों में ही इस नाटक को एम्स के ऑडिटोरियम में कराने पर जोर दिया। महज पांच दिनों के बाद नौ अक्टूबर 2025 को ‘मैं अनिकेत हूं’ का प्रयोग एम्स के ऑडिटोरियम में डॉक्टर्स स्टाफ व उनके परिजनों के बीच किया गया। उन्हें यह नाटक उतना ही पसंद आया, जितना की एम्स के डायरेक्टर डॉ. जिंदल को भाया था।‘मैं अनिकेत हूं’ का अगला प्रयोग 26 दिसंबर 2025 को बालाघाट के कला निकेतन केंद्र में किया गया। तत्पश्चात 21 जनवरी को धमतरी, 21 मार्च को राजीव गांधी ऑडिटोरियम कोरबा, 15 मई को संस्कार भारती के नाट्य समारोह में महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में, अगले दिन यानी 16 मई को सेल ऑडिटोरियम राउरकेला (ओडिशा) में इस सुपरहिट नाटक का मंचन किया गया। सभी स्थानों पर नाटक को लेकर नाट्य प्रेमी दर्शकों का प्रतिसाद अभूतपूर्व और अकल्पनीय था।‘मैं अनिकेत हूं’ के आयोजक के रूप में रोटरी क्लब और स्थानीय महाराष्ट्र मंडलों की भूमिका कमाल की रही। वहां के लोगों को नाटक बेहद पसंद भी आया और उन्हीं की माउथ पब्लिसिटी का नतीजा है कि दोनों समाजसेवी संस्थाओं में ‘मैं अनिकेत हूं’ के मंचन को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। बहरहाल सभी कुछ ठीक ठाक रहा, तो जून महीने के तीसरे- चौथे शनिवार या रविवार को नाटक इसका मंचन सेक्टर- 4 स्थित महाराष्ट्र मंडल भिलाई और महाराष्ट्र मंडल, बल्देव बाग राजनांदगांव के तत्वावधान में संभावित है।निर्देशक शशि वरवंडकर के अनुसार इन दिनों रायगढ़ और बिलासपुर में नाटक के मंचन से पहले की तैयारियां महाराष्ट्र मंडल परिसर में जारी हैं। सभी कलाकार अनुशासन के साथ समय पर मंडल आकर रिहर्सल में भाग ले रहे हैं और अपने किरदार को और भी परिपक्व व सधा हुआ बनाने में लगे हुए हैं। मंच सज्जा, लाइट और साउंड के लिए अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर के साथ प्रकाश गुरव भी पूरे तामझाम के साथ रायगढ़ और बिलासपुर जाने के लिए तैयार हैं।
- 0- निगम आयुक्त ने किया खुर्सीपार क्षेत्र का औचक निरीक्षण0- मिनी स्टेडियम की 60 दुकानों की होगी दोबारा नीलामी, दिए निर्देशभिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र का सघन दौरा कर विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।आयुक्त सबसे पहले जोन-4 खुर्सीपार अंतर्गत इंडोर स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने खेल परिसर का मुआयना करते हुए खेल गतिविधियों के उचित और सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों को आवश्यक गाइडलाइंस दीं। इसके पश्चात उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय मिनी स्टेडियम का निरीक्षण किया। स्टेडियम परिसर में पूर्व से निर्मित 60 दुकानों के खाली पड़े होने या अव्यवस्थित होने पर नाराजगी जताते हुए आयुक्त ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से इन सभी दुकानों की पुनः नीलामी की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां खुर्सीपार स्टेडियम के ठीक सामने एच.पी. गैस एजेंसी द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के व्यवसाय का संचालन किया जा रहा था। सार्वजनिक और खेल परिसर के समीप इस तरह के व्यावसायिक गतिविधियों को देखकर आयुक्त महोदय ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जोन आयुक्त और सहायक राजस्व अधिकारी को संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।आयुक्त ने स्टेडियम के समीप स्थित सामुदायिक शौचालय का भी जमीनी स्तर पर बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई की स्थिति को देखा और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वार्ड के स्वच्छता कर्मियों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक शौचालयों में पानी, बिजली और स्वच्छता की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। "निगम की संपत्तियों का सही रखरखाव और जनता को बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है। अवैध रूप से व्यवसाय करने को बख्शा नहीं जाएगा।"निरीक्षण के दौरान जोन-4 के जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, स्वच्छता निरीक्षक अतुल यादव सहित निगम का अमला उपस्थित रहे।
- 0- अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकताबिलासपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम,नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली।विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।
- 0- भ्रांतियों को दूर करने का दिया संदेशबिलासपुर. मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन दिवस 28 मई के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में रिवर व्यू परिसर में “तारुण्य वार्ता – मासिक धर्म पर खुलकर बात” विषय पर जागरूकता रैली एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक चुप्पी को तोड़ते हुए स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।कार्यक्रम भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला मुख्य आयुक्त श्री विजय टांडे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। राज्य मुख्यालय आयुक्त (स्काउट) श्री रविश गुप्ता ने कहा कि मासिक धर्म कोई शर्म नहीं बल्कि प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिस पर खुलकर संवाद होना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि श्री अवधेश अग्रवाल ने इसे सामाजिक सोच बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।अध्यक्षता कर रहे जिला मुख्य आयुक्त श्री राजेन्द्र कुमार साहू ने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन किशोरियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। जिला मुख्यालय आयुक्त श्री नवनीत कौशिक ने कहा कि जागरूकता ही माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।इसी अवसर पर फिल्म निर्माता आर्यन तिवारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सूर्यवंशी द्वारा माहवारी विषय पर आधारित साइलेंट शॉर्ट फिल्म के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत स्कार्फ, पौधे एवं “पीरियड फ्रेंडली ब्रेसलेट” भेंट कर किया गया।जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि स्वस्थ बेटियां ही सशक्त समाज की आधारशिला हैं और यह अभियान महिलाओं एवं किशोरियों को सम्मानजनक और जागरूक वातावरण देने की दिशा में निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर-रेंजर्स सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

















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