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नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने बुधवार को कहा कि वह अपनी पहली भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 21 जून को चलाएगा जिसमें यात्रा करने वाले तीर्थयात्री नेपाल के जनकपुर भी जा सकेंगे। यह ट्रेन स्वदेश दर्शन योजना के तहत चिह्नित रामायण परिपथ पर चलेगी और इसके मार्ग में भगवान राम के जीवन से जुड़े माने जाने वाले प्रमुख स्थान शामिल होंगे। इनमें नेपाल के जनकपुर में स्थित राम जानकी मंदिर भी शामिल है। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन की एक यात्रा 18 दिन की होगी जिसका पहला ठहराव भगवान राम के जन्मस्थल अयोध्या में होगा। अयोध्या में पर्यटक श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे और भगवान राम के छोटे भाई भरत के नंदीग्राम स्थित मंदिर भी जाएंगे। अयोध्या के बाद ट्रेन बिहार के बक्सर में रुकेगी। इसके बाद ट्रेन सीता जी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए सीतामढ़ी तक जाएगी और यात्री सड़क मार्ग से नेपाल के जनकपुर जाएंगे। यात्री जनकपुर के होटलों में रात्रि विश्राम करेंगे और वहां प्रसिद्ध राम-जानकी मंदिर में दर्शन करेंगे। सीतामढ़ी के बाद ट्रेन वाराणसी जाएगी। इसके अलावा ट्रेन नासिक, किष्किंधा (हंपी) और रामेश्वरम आदि स्थानों पर भी जाएगी।
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नयी दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाली फेसबुक ने मार्च के दौरान भारत में लगभग 2.16 करोड़ सामग्रियों (कंटेंट) पर कार्रवाई की। सोशल मीडिया दिग्गज की एक मासिक रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई 13 उल्लंघन श्रेणियों में की गई। इन श्रेणियों में स्पैम, धमकाना और उत्पीड़न, बच्चों के लिए प्रतिकूल, खतरनाक संगठन और व्यक्ति, हिंसक और ग्राफिक सामग्री और वयस्क अश्लीलता तथा यौन गतिविधियां शामिल हैं। मेटा द्वारा हाल में जारी भारत की मासिक रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक ने 1-31 मार्च, 2022 के बीच कई श्रेणियों में लगभग 2.16 करोड़ कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान इंस्टाग्राम ने 12 श्रेणियों में लगभग 27 लाख कंटेंट पर पर कार्रवाई की। पिछले साल मई में लागू हुए आईटी नियमों के तहत, बड़े डिजिटल मंचों को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होती है। इस रिपोर्ट में उन्हें मिली शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण होता है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक के मामले में की गई कुल 2.16 करोड़ कार्रवाइयों में से 1.49 करोड़ स्पैम श्रेणी में, 25 लाख हिंसक और ग्राफिक सामग्री श्रेणी में और 21 लाख वयस्क अश्लीलता तथा यौन गतिविधि श्रेणी में की गईं। रिपोर्ट में कहा गया कि एक मार्च से 31 मार्च के बीच भारतीय शिकायत तंत्र के माध्यम से 656 रिपोर्ट मिलीं और फेसबुक इनमें से सभी का जवाब दिया।
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नयी दिल्ली। नीति आयोग की मार्च, 2022 के लिये आकांक्षी जिला रैंकिंग में बिहार का मुजफ्फरपुर शीर्ष स्थान पर रहा। नीति आयोग ने ट्विटर पर लिखा है कि पूर्णिया (बिहार) और मेवात (हरियाणा) सूची में क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं असम का दरांग और मध्य प्रदेश में दमोह क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर है। डेल्टा रैंकिंग मार्च, 2022 में विकास से जुड़े छह क्षेत्रों में 112 आंकाक्षी जिलों की प्रगति के आधार पर तैयार की गयी है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा तथा जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास और मूल बुनियादी ढांचा शामिल हैं। रैंकिंग तैयार करने के लिये इन क्षेत्रों में जिलों की प्रगति को देखा गया। आकांक्षी जिला कार्यक्रम जनवरी 2018 में शुरू हुआ। इसका मकसद उन जिलों को विकास के मामले में आगे लाना है, जो प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में पीछे रह गये और पिछड़े क्षेत्रों की सूची में आते हैं। आकांक्षी जिलों की रैंकिंग हर महीने होती है।
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नयी दिल्ली। रेलवे ने विभिन्न बिजली संयंत्रों में कोयले की ढुलाई के लिए अपने 86 प्रतिशत खुले वैगनों को तैनात किया है। देश में बिजली संकट से निपटने के लिए ऐसा किया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे 1,31,403 बॉक्सएन या खुले वैगनों के अपने बेड़े में से 1,13,880 का इस्तेमाल कोयला परिवहन के लिए कर रहा है। उन्होंने बताया कि कोयला और बिजली मंत्रालयों की सलाह से रेलवे द्वारा तैयार की गई योजना के तहत यह फैसला किया गया। आंकड़ों से पता चलता है कि रेलवे के पास लगभग 3,82,562 वैगन हैं, जिनमें से 1,31,403 खुले वैगन हैं। इनमें से 3,636 को दो मई तक मरम्मत की आवश्यकता थी। बिजली संयंत्रों की मांग को पूरा करने के लिए रेलवे रोजाना औसतन 28,470 वैगनों में कोयला लाद रहा है। एक कोयला ट्रेन में आमतौर पर 84 वैगन तक होते हैं। रेलवे ने परिवहन में तेजी लाने के लिए झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 122 स्थानों पर तीन से पांच रेलगाड़ियों को एक साथ चलाने के लिए एक अभिनव तरीके का इस्तेमाल किया है। सूत्रों ने कहा कि रेलवे कोयला ले जाने के लिए लगभग 40-50 क्षतिग्रस्त वैगनों का इस्तेमाल कर रहा है। इसी तरह जिन रेक को पहले 7,500 किलोमीटर चलने के बाद मरम्मत के लिए गैराज भेजा जाता था, उन्हें अब 10,000 किलोमीटर के बाद गैराज भेजा जा रहा है।
- नयी दिल्ली. फ्रांस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित कान फिल्म महोत्सव में भारत को आधिकारिक तौर पर सम्मानित देश (कंट्री ऑफ आनर) बनाया गया है जहां भारत की संस्कृति, धरोहर, भाषाई विविधता, सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जायेगा । सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी । कान फिल्म महोत्सव 17 से 25 मई तक चलेगा। इस महोत्सव में भारत को फिल्मों की विषय सामग्री के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा । ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा, यह संयोग ही है कि जहां भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर उत्सव मनाया जा रहा है, वहीं भारत एवं फ्रांस के राजनयिक संबंध स्थापित होने के भी 75 वर्ष पूरे हुए हैं तथा कान फिल्म महोत्सव के भी 75 वर्ष हुए हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत को इस महोत्सव में सम्मानित देश (कंट्री ऑफ आनर) बनाया गया है । उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी देश को सम्मानित देश बनाया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करने जा रहे हैं, वहीं आने वाले दिनों में कान फिल्म महोत्सव में सरकार भारत की संस्कृति, धरोहर, भाषायी विविधता, सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी। उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत ने स्टार्ट अप के क्षेत्र में दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है, ऐसे में इस महोत्सव में पांच स्टार्ट अप को दृश्य श्रव्य लाइब्रेरी के स्तर पर हिस्सा लेने का मौका मिलेगा । अनुराग ठाकुर ने बताया, कान फिल्म महोत्सव में ‘वर्ल्ड प्रीमियर' में आर माधवन की फिल्म ‘राकेटरी' को प्रदर्शित करने के लिये चुना गया है। इसे 19 मई को प्रदर्शित किया जायेगा।'' उन्होंने बताया कि इसके अलावा ‘कान जाने वाली श्रेणी' में पांच फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा । उन्होंने बताया कि इसमें वैसी पांच फिल्में होंगी जिनका प्रदर्शन नहीं हुआ हो । उनके अनुसार इसका मकसद यह है कि इन फिल्मों को मंच एवं बाजार मिल सकेगा । इन फिल्मों 22 मई को प्रदर्शित किया जायेगा । ठाकुर ने बताया, इस वर्ष हम महान फिल्मकार सत्यजीत रे शताब्दी समारोह मना रहे हैं । ऐसे में उनकी दुर्लभ फिल्म ‘‘प्रतिद्वंद्वी'' को इस बार कान फिल्म महोत्सव में विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।'' गौरतलब है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक परियोजना राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत ‘‘प्रतिद्वंद्वी'' के प्रिंट का नवीनीकरण किया गया है। यह कार्य मुंबई की लैब ‘‘प्राइम फोकस टेक्नोलाजीज़'' ने प्रख्यात सिनेमेटोग्राफर सुदीप चटर्जी की देखरेख में किया है। उन्होंने बताया कि कान फिल्म महोत्सव में एक समर्पित भारत मंच और मंडप बनाया जा रहा है जहां भारतीय फिल्मों से जुड़ी नीतियों, विषय वस्तु एवं अन्य विषयों पर विचारों का आदान प्रदान किया जायेगा ।--
- नयी दिल्ली. सरकार ने विशेष प्रकार के इस्पात के घरेलू विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहत योजना (पीएलआई) के तहत आवेदन देने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मई, 2022 कर दी है। एक आधिकारिक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है। आवेदन की समयसीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। इससे पहले इस्पात विनिर्माताओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 मार्च थी, जिसे उस समय बढ़ाकर 30 अप्रैल किया गया था। इस्पात मंत्रालय की तरफ से 28 अप्रैल को जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘इस्पात विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना के तहत आवेदन अब 31 मई, 2022 तक किया जा सकता है।'' इससे पहले, मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया था कि सरकार इस्पात विनिर्माताओं की कुछ चिंताओं के बाद विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना में संशोधन पर विचार कर रही है। अधिकारी ने कहा था कि सरकार विशेष इस्पात के उत्पादन के लिए एक समान प्रोत्साहन देने की योजना पर काम करने के साथ इसमें अधिक ग्रेड शामिल करने पर विचार कर रही है....विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले सामान के लिए।
- नयी दिल्ली. कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि देशभर में उसके पेशेवर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूलों की संख्या 500 हो गई है और उसका लक्ष्य 2025 तक करीब 25 लाख लोगों को प्रशिक्षण देना है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल्स (एमएसडीएस) की शुरुआत 2005 में हुई थी और अब 242 शहरों में उसके 500 अत्याधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल हैं जिनमें 17 लाख से अधिक लोगों को वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एमएसडीएस के साथ करीब 1,500 प्रमाणित, योग्य एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षक जुड़े हैं जो सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण देते हैं। हमारा उद्देश्य 2025 तक 25 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देना और मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल के नेटवर्क का विस्तार करना है।
- इंदौर (मध्यप्रदेश) .अपने भारी-भरकम फलों के चलते "आमों की मलिका" के रूप में मशहूर "नूरजहां" किस्म के स्वाद के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। सब कुछ ठीक रहा तो इस बार इसके केवल एक फल का अधिकतम वजन चार किलोग्राम से ज्यादा रह सकता है। आम की इस खास किस्म के एक उत्पादक ने बुधवार को यह अनुमान जताया। अफगानिस्तानी मूल की मानी जाने वाली, आम की प्रजाति नूरजहां के गिने-चुने पेड़ मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में पाए जाते हैं। यह इलाका गुजरात से सटा है। इंदौर से करीब 250 किलोमीटर दूर कट्ठीवाड़ा के आम उत्पादक शिवराज सिंह जाधव ने बताया, "इस बार मेरे बाग में नूरजहां आम के तीन पेड़ों पर कुल 250 फल लगे हैं। ये फल 15 जून तक पककर बिक्री के लिए तैयार होंगे और इसके एक फल का अधिकतम वजन चार किलोग्राम के पार जा सकता है।'' उन्होंने हालांकि बताया कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण इस बार नूरजहां के कई बौर (आम के फूल) पेड़ पर नहीं टिक पाए और फल में तब्दील होने से पहले ही नीचे टपक गए। आम उत्पादक ने बताया कि पिछले साल नूरजहां के एक फल का वजन औसतन 3.80 किलोग्राम था। जाधव ने बताया कि कट्ठीवाड़ा के पास स्थित गुजरात के कई शौकीन नूरजहां आम के फलों की अग्रिम बुकिंग के लिए उनसे अभी से फोन पर पूछताछ कर रहे हैं, जबकि इन्हें पककर बिक्री के लिए तैयार होने में कोई डेढ़ महीना बाकी है। उन्होंने कहा,‘‘मौसम का कोई भरोसा नहीं है और आंधी-बारिश का अंदेशा बना हुआ है। इसलिए मैं नूरजहां आम के ज्यादा फलों की अग्रिम बुकिंग नहीं ले रहा हूं।'' जाधव ने बताया कि वह इस बार नूरजहां का एक आम 1,000 रुपये से 2,000 रुपये के बीच बेचने पर विचार कर रहे हैं, जबकि पिछले साल इसके एक फल का भाव 500 रुपये से 1,500 रुपये के बीच रहा था। बागवानी के जानकारों ने बताया कि नूरजहां आम के पेड़ों पर आमतौर पर जनवरी-फरवरी से बौर आने शुरू होते हैं और इसके फल जून के पहले पखवाड़े तक पककर बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि नूरजहां आम के भारी-भरकम फल तकरीबन एक फुट तक लम्बे हो सकते हैं और इनकी गुठली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।
- इंग्लिश बाजार (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बुधवार की सुबह एक छोटी नौका के पानी में डूब जाने से दो लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक ,यह घटना सुबह करीब 10 बजे इंग्लिश बाजार थाना क्षेत्र में बांग्लादेश सीमा के पास कृष्णापुर-मोस्लामपुर में एक जलाशय में हुई। अधिकारियों के मुताबिक नौका में चार लोग सवार थे, जिसमें से दो लोग तैरकर वापस किनारे पहुंच गए, लेकिन उनमें से दो लोग डूब गए। पुलिस ने बताया कि दोनों शवों को बाद में 80 बीघा में फैले जलाशय से निकाला गया। मृतकों की पहचान सलीउज्जमान और रेजौन शेख के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। चारों युवक सूजापुर के रहने वाले हैं और ईद पर अपने एक रिश्तेदार के यहां आए थे। उनका एक रिश्तेदार ही जलाशय का मालिक है।-file photo
- जयपुर. बीकानेर जिले के बीछवाल थाना क्षेत्र में बुधवार को एक तेजगति से आ रहा पिकअप जीप अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि हादसा के वक्त पिकअप जीप गैरसर गांव से बीकानेर शहर की तरफ जा रही थी। उन्होंने बताया कि जीप में कई बच्चे और परिवार के सदस्य सवार थे और वे सभी शादी के लिए कपड़ों की खरीददारी करने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि हादसे में जीप में सवार मांगीलाल (54), उनके पोते मोहन राम (11) और सुमन (9) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 13-14 लोग घायल हो गये। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
- कम्पाला (युगांडा) .पश्चिमी युगांडा में एक सड़क हादसे में यात्री बस में सवार 20 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बुधवार को सुबह हुए इस हादसे में मारे गए लोगों में सात नाबालिग हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। बस फोर्ट पोर्टल शहर से युगांडा की राजधानी कम्पाला जा रही थी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए हादसे के फोटो में लोगों को दुर्घटना स्थल पर मलबे से यात्रियों को बचाते हुए देखा जा सकता है।
- नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नया दिशानिर्देश तैयार किया है जिसके तहत देश भर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्र सेवा केंद्र (एसएससी) स्थापित करने होंगे जो छात्रों के तनाव एवं भावनात्मक समस्याओं से जुड़े विषयों के प्रबंधन के लिये जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही दिशानिर्देश में परिसर में जीवंत माहौल और शारीरिक गतिविधियों में हर छात्र की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। यूजीसी की उच्च स्तरीय कमेटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सुझावों के तहत शरीरिक दक्षता, खेल, छात्र स्वास्थ्य, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के संबंध में नया दिशानिर्देश तैयार किया है। यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया, ‘‘ इन दिशानिर्देशों का मकसद छात्रों में शारीरिक व खेल गतिविधियों और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। यह सभी छात्रों के तनाव, दबाव और उनकी व्यवहारिक परेशानियों को दूर करने और मानसिक स्थिति ठीक रखने के लिए जरूरी है। '' दिशानिर्देशों के अनुसार, युवाओं के शारीरिक और मानसिक फिटनेस के अलावा उनके भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसका उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में तो खेलकूद अनिवार्य विषय रहता है, लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों में विकल्प के तौर पर रहता है। यह विडंबना है कि संस्थानों में दाखिला लेने वाले प्रत्येक छात्र से खेल शुल्क लिया जाता है लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों में खेलकूद गतिविधियों में हिस्सेदारी या खेल सुविधाओं का उपयोग केवल एक या दो प्रतिशत छात्रों द्वारा ही किया जाता है। दिशानिर्देशों के अनुसार, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि स्वस्थ्य शरीर के विकास के लिये पर्याप्त शारीरिक गतिविधियां अपरिहार्य हैं और संस्थानों में प्रत्येक छात्रों की खेल गतिविधियों में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। इसमें कहा गया है कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब छात्र सेवा केंद्र (एसएससी) बनाने होंगे जो छात्रों के तनाव एवं भावनात्मक समस्याओं से जुड़े विषयों के प्रबंधन के लिये जिम्मेदार होंगे। इसमें छात्रों खास तौर पर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों की मदद के लिये मानक एवं व्यवस्थित प्रबंध किया जायेगा। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि छात्रों के लिये संस्थानों में बेहतर पठन पाठन का माहौल, उचित मूल्यांकन प्रणाली और सभी के साथ समतापूर्ण व्यवहार जीवंत परिसर के आवश्यक तत्व हैं। यह अकादमिक एवं पाठ्येत्तर गतिविधियों सहित जमीनी प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर से जुड़ी गतिविधियों, शैक्षणिक दौरों, ग्रीष्मकालीन ‘इंटर्नशिप' के जरिये हो सकता है। इसमें कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थान छात्रों के हित में इन दिशानिर्देशों को लागू करने के लिये अपने अध्यादेशों, नियामक प्रावधानों एवं अन्य नियमों में संशोधन कर सकते हैं ।
- इटावा (उत्तर प्रदेश) .इटावा जिले के चौविया क्षेत्र में बुधवार तड़के कर्नाटक से आ रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक से टकरा जाने से उस पर सवार एक दंपत्ति की मृत्यु हो गयी , जबकि 12 अन्य यात्री घायल हो गये। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने यहां बताया कि आगरा से बनारस जा रहे कर्नाटक निवासी श्रद्धालुओं से भरी एक बस की आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चौविया थाना क्षेत्र के अंतर्गत चैनल नंबर 113 पर ट्रक से टक्कर हो गयी। इस हादसे में बस पर सवार कर्नाटक के बेलगाम निवासी बिठ्ठल मारुति सुचिता (65) एवं उनकी पत्नी सुलोचना (60) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे में बस सवार 12 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। उनमें से 10 को सैफई मेडिकल कॉलेज मे भर्ती कराया गया है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिये भेजे गये हैं। सिंह ने बताया कि श्रद्धालु कर्नाटक से दिल्ली, मथुरा, वृन्दावन और आगरा से वाराणसी जा रहे थे। बस में कुल 50 तीर्थयात्री सवार थे।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी 20-21 मई को राजस्थान की राजधानी जयपुर में पार्टी संगठन से जुड़े देश भर के नेताओं की एक बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीतियों के साथ ही वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा की जाएगी। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुलाबी नगरी में होने जा रही इस बैठक के किसी एक सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर सकते हैं। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा करेंगे। पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा प्रदेशों के अध्यक्ष, केंद्रीय प्रभारी और संगठन महामंत्री भी इसमें मौजूद रहेंगे। देश में कोविड-19 महामारी की शुरुआत की बाद भाजपा नेताओं की यह पहली ऐसी बैठक होगी, जिसमें सभी मौजूद रहेंगे। महामारी के दौरान पार्टी ने बैठकों का आयोजन तो किया लेकिन वह सभी बैठकें वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गईं। सभी नेताओं की एक बैठक 20 मई को होगी जबकि अगले दिन पार्टी के शीर्ष नेता और संगठन महामंत्रियों की बैठक होगी। ज्ञात हो कि भाजपा में संगठन महामंत्री का पद बहुत शक्तिशाली माना जाता है। संगठन महामंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि होते हैं और वे पार्टी और संघ के बीच समन्वय का काम भी देखते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार की ओर से किए गए एक संवाद में प्रदेश अध्यक्षों और राज्यों के संगठन महामंत्रियों को अपने-अपने राज्यों में चलाए गए कार्यक्रमों और गतिविधियों के बारे में रिपोर्ट लाने को कहा है। कांग्रेस शासित राजस्थान में इस बैठक के आयोजन का राजनीतिक रूप से बहुत महत्व है क्योंकि हाल में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के अलावा अन्य मुद्दों पर भाजपा राज्य की अशोक गहलोत सरकार को घेरने में जुटी हुई है। कांग्रेस का ‘‘चिंतन शिविर'' भी 13 मई को राजस्थान के उदयपुर में होने वाला है। राजस्थान में अगले साल के मध्य में विधानसभा चुनाव होने हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में गुजरात, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है। हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा था। पार्टी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित चार राज्यों में जीत हासिल की। इस जीत से उत्साहित पार्टी ने अब आगामी चुनाव वाले राज्यों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं वहीं कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
- नोएडा (उप्र) .गौतमबुद्ध नगर जिले में अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। पुलिस मामलों की जांच कर रही है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना सूरजपुर क्षेत्र के गुलिस्तानपुर गांव की अनीता सरकार (40) ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर पर तेजाब पी लिया। उन्होंने बताया कि गंभीर हालत में अनीता को नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रवक्ता ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। प्रवक्ता ने बताया कि थाना सेक्टर 63 क्षेत्र के बहलोलपुर गांव के पास मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव पेड़ की डाल में फंदे से लटका मिला है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस शव की शिनाख्त का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि थाना कासना क्षेत्र के सिरसा गांव के अरुण (22) ने घर में हुए झगड़े के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया, गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रवक्ता के अनुसार थाना सेक्टर 113 क्षेत्र के सर्फाबाद गांव में रहने वाली रोमा सरकार (33) ने मानसिक तनाव के चलते सेक्टर 77 के पार्क के पास पेड़ की डाल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि 17 वर्षीय किशोरी ने जहरीला पदार्थ खा लिया, उसे उपचार के लिए नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई। पुलिस सारे मामलों की जांच कर रही है।
- उत्तरकाशी (उत्तराखंड) .चारधाम यात्रा के पहले दिन यमुनोत्री तीर्थ जाते हुए एक महिला सहित तीन बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल ने बताया कि जानकीचट्टी से यमुनोत्री मंदिर के बीच पैदल रास्ते में अलग-अलग जगहों पर तीनों की मृत्यु हुई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर के अनिरुद्ध प्रसाद जायसवाल (65), राजस्थान के डूंगरपुर के कैलाश चौबीसा (63) और मध्य प्रदेश के जबलपुर की शकुन परिहार (63) के रूप में हुई है।
- उज्जैन (मध्य प्रदेश). जिले के बड़नगर कस्बे के पास ट्रैक्टर और कार की टक्कर में कार सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य महिला घायल हो गई। इंगोरिया थाने के प्रभारी पृथ्वी सिंह खटाले ने बताया कि दुर्घटना मंगलवार को हुई और उस वक्त सभी लोग इंगोरिया शहर में एक शादी समारोह में भाग लेने के बाद कार से अपने घर बलोदा आमल गांव लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान भेरू सिंह (60) और शिवा बाई (42) के रूप में हुई है। खटाले ने बताया कि हादसे में घायल महिला को उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।
- कोपेनहेगन. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां फिनलैंड की अपनी समकक्ष सना मरीन से मुलाकात की और व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। तीन यूरोपीय देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को बर्लिन से यहां पहुंचे मोदी ने डेनमार्क की राजधानी में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से इतर मरीन से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरीन ने कोपेनहेगन में मुलाकात की। भारत और फिनलैंड के बीच विकासात्मक साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऐसे अन्य क्षेत्रों में इस साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया कि इस ‘‘सार्थक बैठक'' के दौरान, दोनों नेताओं ने ‘‘एआई, 5जी/6जी और ‘क्वांटम कंप्यूटिंग' जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की। भारत में हाई-टेक क्षेत्रों में निवेश करने के लिए फिनलैंड के व्यवसायी समुदाय को आमंत्रित किया।'' मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने 16 मार्च, 2021 को ऑनलाइन तरीके से आयोजित द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के नतीजों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।'' विज्ञप्ति के अनुसार दोनों नेताओं ने कहा कि स्थिरता, डिजिटलीकरण और विज्ञान तथा शिक्षा में सहयोग जैसे क्षेत्र द्विपक्षीय साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, भविष्य की मोबाइल प्रौद्योगिकियों, और स्मार्ट ग्रिड जैसी नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड की कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने और भारतीय बाजार में विशेष रूप से दूरसंचार बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में व्यापक सहयोग पर भी चर्चा हुई। मोदी डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद से हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे।
- कोपेनहेगन. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत और नॉर्डिक देश बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं और वैश्विक समृद्धि तथा सतत विकास में योगदान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने डेनमार्क में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद यह बात कही। यह सम्मेलन मुख्य रूप से महामारी के बाद आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर केंद्रित था। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के जरिये इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को बढ़ावा देने में एक लंबा सफर तय किया जायेगा। साथ में, हमारे देश बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं और वैश्विक समृद्धि तथा सतत विकास में योगदान कर सकते हैं।'' शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों ने भी भाग लिया।पहला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम में आयोजित किया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘दूसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन शुरू हुआ। इससे उभरती प्रौद्योगिकियों, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, आर्कटिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में नॉर्डिक क्षेत्र के साथ हमारे बहुआयामी सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा।'' मोदी जर्मनी की अपनी यात्रा के बाद बुधवार को डेनमार्क पहुंचे जहां उन्होंने जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ व्यापक बातचीत की थी। कोपेनहेगन में, मोदी ने मंगलवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडेरिक्सेन के साथ बातचीत की थी। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले, मोदी ने डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें की थीं।
- तमुलपुर (असम)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को असम सरकार से बोडो भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंनेयहां बोडो साहित्य सभा (बीएसएस) के 61वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि बोडो भाषा को स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानों, दोनों में शिक्षा के माध्यम के रूप में शामिल किया जाए। राष्ट्रपति ने कहा कि बोडो को राज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया है और एक भाषा का संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार समाज व सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। मैं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने का आह्वान करता हूं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति व सद्भाव और केंद्र तथा असम सरकार द्वारा की गई विकास पहलों के चलते ‘बोडोलैंड भूभागीय क्षेत्र' (बीटीआर) में और अधिक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा, ''पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र से सद्भाव और शांति का माहौल मजबूत होता जा रहा है। इस बदलाव में विकास कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मैं क्षेत्र के लोगों और सरकारों की सकारात्मक भूमिका की सराहना करता हूं। कोविंद ने 2004 में बोडो को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के प्रयासों के लिये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी याद किया। पश्चिम बंगाल, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और बांग्लादेश और नेपाल सहित 35 लाख से अधिक लोग बोडो बोलते हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे खुशी है कि आज सभा के सम्मेलन में इन राज्यों और देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ''कई विद्वानों तथा लेखकों ने बोडो भाषा और साहित्य को समृद्ध किया है। और अब तक 17 लेखकों को बोडो भाषा में उनके कार्यों के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।'' कोविंद ने अन्य भाषाओं के बोडो में अनुवाद कार्यों पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। कोविंद पूर्वोत्तर भारत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान मंगलवार को यहां आए थे।
- चेन्नई. एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म (एसीजे) पत्रकारिता पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। विभिन्न श्रेणी में दिये जाने वाले इस पुरस्कार के विजेताओं में संदीप सिंह और श्यामलाल यादव के नाम शामिल हैं। सिंह और यादव को राम मंदिर मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भूमि खरीद की कवरेज के लिए सम्मानित किया गया है। एसीजे की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार अयाज मेमन भी शामिल थे जिसने विजेताओं की घोषणा की। अन्वेषण पत्रकारिता के लिए जहां यादव और सिंह को विजेता घोषित किया गया, प्रेमा श्रीदेवी और हिमांशु काला को सामाजिक प्रभाव पत्रकारिता के लिए के. पी. नारायण कुमार मेमोरियल पुरस्कार प्रदान किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया कि दिसंबर 2021 में इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ‘अयोध्या लैंड डील्स' शीर्षक वाली खबर में बताया गया था कि किस तरह राम मंदिर परिसर के पांच किलोमीटर के दायरे में सरकारी अधिकारियों और परिजनों ने गलत तरीके से जमीन खरीदी। श्रीदेवी और काला को जिस डॉक्यूमेंट्री के लिए पुरस्कृत किया गया उसमें दिल्ली के सफाई कर्मचारियों की स्थिति को दिखाया गया था।
- नयी दिल्ली.केंद्र सरकार देश में कोविड महामारी के कारण पिछले दो वर्षों के दौरान मोतियाबिंद सर्जरी के लंबित 1.02 करोड़ मामलों के मद्देनजर एक जून से विशेष अभियान चलाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इन लंबित मामलों के हल का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आधार पर एक अनुमान के अनुसार, मोतियाबिंद के कारण अंधेपन की सर्जरी के 49 लाख मामले लंबित हैं जबकि मोतियाबिंद के कारण दृष्टि के गंभीर रूप से प्रभावित होने के 53.63 लाख मामले लंबित है। आधिकारिक सूत्र ने कहा, "देश में कोविड महामारी की स्थिति के कारण लंबित मामलों की संख्या बढ़ गयी। अगले तीन वित्त वर्षों में उपरोक्त श्रेणियों के रोगियों की कुल संख्या 2.05 करोड़ होगी।" मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2022-23 में देश भर में होने वाली मोतियाबिंद सर्जरी की संख्या को बढ़ाकर 75 लाख, 2023-24 में 90 लाख और 2024-25 में 1.05 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के तहत राज्यों को धन मुहैया कराया जाएगा। वित्त वर्ष 2017-18 में मोतियाबिंद के 64 लाख ऑपरेशन किए गए जबकि 2018-19 में 66 लाख और 2019-20 में 64 लाख ऑपरेशन किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोविड अवधि में 2020-21 के दौरान देश भर में मोतियाबिंद की 36 लाख सर्जरी की गईं जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में 57 लाख ऐसी सर्जरी की गईं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक प्रौद्योगिकी और ज्ञान के इस्तेमाल पर आधारित, आपदा के अनुकूल अवसंरचना विकसित करने की जरूरत रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि इससे ना सिर्फ वर्तमान पीढ़ी को आपदा से बचाने में मदद मिलेगी बल्कि भावी पीढ़ी को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (सीडीआरआई) के चौथे संस्करण के उद्घाटन सत्र को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह एक साझा सपना और दृष्टि है, जिसे हम सच्चाई में बदल सकते हैं।’’मोदी ने कहा कि भविष्य को बेहतर बनाने के लिए ‘‘आपदा के अनुकूल अवसंरचना’’ बनाने की दिशा में काम करना होगा।उन्होंने कहा कि आपदा के अनुकूल अवसंरचना व्यापक अनुकूलन प्रयासों का केंद्र हो सकती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना का अर्थ सिर्फ पूंजीगत आस्तियों का निर्माण और दीर्घ अवधि के लिए निवेश या रिटर्न हासिल करना नहीं है और ना ही यह सिर्फ संख्या या धन के लिए है बल्कि यह जनता के लिए है।उन्होंने कहा कि अवसंरचना का मंतव्य लोगों को समानता के आधार पर उच्च गुणवत्ता वाली, भरोसेमंद और सतत सेवायें प्रदान करना होता है।उन्होंने कहा, “लोगों को किसी भी अवसंरचना विकास गाथा के मर्म में होना चाहिये। भारत बिलकुल यही कर रहा है।”शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने का पानी, सफाई, बिजली और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि के भारत के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम लोग बहुत स्पष्ट तरीके से जलवायु परिवर्तन का मुकाबला कर रहे हैं। यही कारण है कि हम कॉप-26 में अपने विकास प्रयासों के समानान्तर 2070 तक ‘नेट-ज़ीरो’ को हासिल करने के लिये संकल्पित हैं।”प्रधानमंत्री ने मानव क्षमता के भरपूर उपयोग के लिये अवसंरचना के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि अवसंरचना की क्षति पीढ़ियों तक चलती रहती है ।उन्होंने कहा, “हमारे पास उपलब्ध आधुनिक प्रौद्योगिकी और ज्ञान के आधार पर क्या हम परिस्थितियों का सामना करने वाली अवसंरचना का निर्माण कर सकते हैं, जो सदैव कायम रहे?”उन्होंने कहा कि यही चुनौती सीडीआरआई की रचना की बुनियाद है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सीडीआरआई का विस्तार हुआ है और उसने मूल्यवान योगदान किये हैं।उन्होंने कॉप-26 में शुरू की गई ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेज़ेलियंट आईलैंड स्टेट्स’ (अवरोधी द्वीपीय राज्यों के लिये अवसंरचना) पहल और पूरी दुनिया में 150 हवाई अड्डों के सम्बंध में ‘रेज़ेलियंट एयरपोर्ट्स’ (अवरोधी विमानपत्तन) पर सीडीआरआई के कामकाज का उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने बताया कि सीडीआरआई के नेतृत्व में चलने वाले ‘ग्लोबल असेसमेंट ऑफ डिजास्टर रेज़ेलियंस ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स’ (अवसंरचना सम्बंधी प्रणालियों की आपदा अवरोधी स्थिति का वैश्विक मूल्यांकन) से वैश्विक ज्ञान के सृजन में मदद मिलेगी, जो बहुत मूल्यवान होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि अपने भविष्य को हर परिस्थिति के अनुकूल बनाना है तो हर परिस्थिति के योग्य अवसंरचना परिवर्तन के लिये काम करना होगा और हर परिस्थिति में काम करने के लायक अवसंरचना को विस्तृत समायोजक प्रयासों के केंद्र में भी रखा जा सकता है।उन्होंने कहा, “अगर हम अवसंरचना को हालात का सामना करने लायक बनायेंगे तो न केवल अपने लिये, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिये भी आपदाओं को रोक पायेंगे।”आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा और मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री निरिना राजेओलिना, घाना के राष्ट्रपति नाना एडो डंकवा अकूफ़ो-एडो ने भी इस सत्र को संबोधित किया।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जन्म और मृत्यु रिपोर्ट के आधार पर नागरिक पंजीकरण प्रणाली रिपोर्ट 2020 जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 में 2.48 करोड़ जन्म पंजीकृत किए गए जो वर्ष 2020 में घटकर 2.42 करोड़ हो गए। यह जन्म दर में लगभग 2 दशमलव चार-शून्य प्रतिशत की कमी दर्शाती है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2019 में पंजीकृत मृत्यु के मामलों की संख्या 76 लाख 40 हजार से बढ़कर 2020 में 81 लाख 20 हजार हो गई जो 6 दशमलव दो प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। कुल पंजीकृत मौतों में लगभग 60 प्रतिशत पुरूष और लगभग चालीस प्रतिशत महिलाएं थी। कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, असम और हरियाणा का 2019 से 2020 तक दर्ज मौतों की बढ़ी हुई संख्या में अधिक हिस्सा रहा।नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद पॉल ने कहा है कि रिपोर्ट में शामिल जन्म और मृत्यु की संख्या वास्तविक संख्या है जो देश भर में लगभग 3 लाख पंजीकरण इकाइयों से एकत्र की जाती है। - देहरादून । उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट छह माह बंद रहने के बाद मंगलवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और इसी के साथ इस साल की चारधाम यात्रा का आरंभ हो गया ।उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट क्रमश: पूर्वाह्न 11:15 और अपराह्न 12:15 पर विधिवत पूजा अर्चना के बाद खोल दिए गए ।गंगोत्री मंदिर के कपादोद्घाटन के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे ।मंदिर खोले जाने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गयी ।मुख्यमंत्री ने मां गंगा को समर्पित गंगोत्री मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद कहा, ' आज से चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो रही है । मैं सभी श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करता हूं । यह यात्रा ऐतिहासिक हो, सबकी यात्रा सरल और सुगम हो, सबके मंगल की कामना करता हूं । हमारी सरकार सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिये वचनबद्ध है ।' धामी ने फोन के माध्यम से यमुनोत्री धाम के मुख्य पुजारियों एवं वहां उपस्थित समस्त श्रद्धालुजनों को भी मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दीं ।चारधाम के नाम से प्रसिद्ध दो अन्य धामों—केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट क्रमश: छह मई और आठ मई को खुलेंगे ।पिछले दो साल से कोविड महामारी के कारण बाधित रही चारधाम यात्रा में रिकार्ड श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर राज्य सरकार ने जहां प्रत्येक धाम में प्रतिदिन दर्शन करने के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या निर्धारित कर दी है, वहीं इसका निर्विघ्न संचालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने भी सत्यापन अभियान चलाकर करीब ढाई हजार संदिग्धों की पहचान कर उनमें से 10 को गिरफतार किया है ।इस बीच, चारधामों के लिए पर्यटन विभाग के आनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर राज्य सरकार ने धामों में प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या तय कर दी है ।प्रदेश के संस्कृति और धर्मस्व सचिव हरिचंद्र सेमवाल द्वारा इस संबंध में जारी एक आदेश के अनुसार, बदरीनाथ में प्रतिदिन अधिकतम 15000 श्रद्धालु, केदारनाथ में 12000, गंगोत्री में 7000 और यमुनोत्री में 4000 तीर्थयात्री दर्शन कर सकेंगे । फिलहाल यह व्यवस्था शुरूआती 45 दिनों के लिए बनाई गयी है ।उधर, चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस द्वारा प्रदेश में बाहर से आए लोगों के भौतिक सत्यापन के लिए चलाए गए अभियान में कुल 2526 लोग संदिग्ध पाए गए जिनमें से 10 को गिरफ्तार किया गया । पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 21 अप्रैल से चलाए गए 10 दिवसीय अभियान के दौरान मिले शेष संदिग्धों के विरूद्ध पुलिस अधिनियम तथा अन्य अधिनियमों के तहत कार्यवाही की गयी है ।


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