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- नयी दिल्ली. देश की पांच प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री बुकिंग चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में 20 प्रतिशत बढ़कर करीब 83,831 करोड़ रुपये हो गई। मुख्य रूप से प्रीमियम और लक्जरी घरों की मांग बढ़ने से यह बढ़ोतरी हुई है। देश की 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल्टी कंपनियों की तरफ से शेयर बाजार को दी गई सूचनाओं के संकलन से पता चलता है कि अप्रैल-दिसंबर, 2025 की अवधि में इनकी कुल बिक्री बुकिंग 1,32,569 करोड़ रुपये रही। इनमें से 83,831.3 करोड़ रुपये यानी 63 प्रतिशत का योगदान पांच बड़ी कंपनियों- गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, डीएलएफ लिमिटेड, लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड और सिग्नेचर ग्लोबल लिमिटेड का रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 70,023.7 करोड़ रुपये था। मुंबई स्थित गोदरेज प्रॉपर्टीज 24,008 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग के साथ शीर्ष पर रही, जबकि बेंगलुरु की प्रेस्टीज एस्टेट्स 22,327.3 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर रही। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएफ 16,176 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग के साथ तीसरे स्थान पर रही। इस दौरान लोढ़ा डेवलपर्स ने 14,640 करोड़ रुपये और सिग्नेचर ग्लोबल ने 6,680 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की। अन्य प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में सोभा लिमिटेड (6,096.7 करोड़), ब्रिगेड एंटरप्राइजेज (4,903 करोड़) और पूर्वांकरा लिमिटेड (3,859 करोड़) शामिल हैं। इसके अलावा आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट (3,848.1 करोड़), ओबेरॉय रियल्टी (3,774.09 करोड़) और कल्पतरु लिमिटेड (3,447 करोड़) ने भी उल्लेखनीय बिक्री दर्ज की। कोविड-19 महामारी के बाद सूचीबद्ध डेवलपर ने बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसकी वजह यह है कि खरीदार अब वित्तीय रूप से मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड को प्राथमिकता दे रहे हैं। अनारॉक, प्रॉपइक्विटी और प्रॉपटाइगर जैसी प्रॉपर्टी सलाहकार फर्मों के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2025 में घरों की बिक्री में मात्रा के लिहाज से गिरावट आई, लेकिन मूल्य के लिहाज से यह बढ़ गई। यह वृद्धि कीमतों में तेजी और एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बढ़ती बिक्री के कारण हुई। रियल एस्टेट क्षेत्र में बुकिंग बिक्री को परिचालन प्रदर्शन का अहम पैमाना माना जाता है। हालांकि, इन बुकिंग से मिलने वाले राजस्व को परियोजनाएं पूरा होने के बाद ही मान्यता दी जाती है।
- नयी दिल्ली. निसान मोटर इंडिया की बिक्री फरवरी में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 23 प्रतिशत बढ़कर 10,565 इकाई हो गई। फरवरी, 2025 में कंपनी ने 8,567 वाहन बेचे थे।निसान मोटर इंडिया ने बयान में कहा कि पिछले महीने उसकी घरेलू थोक बिक्री 2,230 इकाई रही, जबकि निर्यात बढ़कर 8,335 इकाई हो गया। निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक, सौरभ वत्स ने कहा, ''फरवरी भारत में निसान के लिए एक महत्वपूर्ण महीना रहा है। यह हमारे एकीकृत प्रदर्शन, स्थिर अंतर्निहित मांग और निर्यात में निरंतर ताकत को दर्शाता है।''
- नयी दिल्ली. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की फरवरी, 2026 में कुल बिक्री 34 प्रतिशत बढ़कर 5,67,351 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में काफी अधिक है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। फरवरी की कुल बिक्री में घरेलू बाजार में बेची गई 5,13,190 इकाइयां और 54,161 इकाइयों का निर्यात शामिल है। एचएमएसआई के अनुसार, यह प्रदर्शन कंपनी के विभिन्न उत्पादों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत मांग को दर्शाता है। बयान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि के दौरान कंपनी ने कुल 58,20,556 इकाइयों की बिक्री दर्ज की। इसमें घरेलू बाजार की 52,37,169 इकाइयां और निर्यात की गई 5,83,387 इकाइयां शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. अक्टूबर में शुरू हुए चालू विपणन सत्र में फरवरी माह तक भारत का चीनी उत्पादन दो करोड़ 47.5 लाख टन तक पहुंच गया, जो कि महाराष्ट्र और कर्नाटक से अधिक उत्पादन के कारण पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12.43 प्रतिशत अधिक है। उद्योग निकाय इस्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी। विपणन वर्ष 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) की समान अवधि में चीनी उत्पादन 2.2 करोड़ टन रहा था।भारतीय चीनी एवं जैव-ईंधन विनिर्माता संघ (इस्मा) ने बयान में कहा कि देश के शीर्ष चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन चालू विपणन वर्ष में फरवरी तक बढ़कर 95.3 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 75 लाख टन था। देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में उत्पादन 73 लाख टन से मामूली बढ़कर 74.8 लाख टन हो गया, जबकि देश के तीसरे सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कर्नाटक का उत्पादन उक्त अवधि में 38.2 लाख टन से बढ़कर 44.5 लाख टन हो गया। मौजूदा समय में कुल 305 कारखाने चालू हैं, जबकि पिछले साल इसी समय 330 मिलें चल रही थीं।इस्मा ने कहा कि दक्षिण कर्नाटक में कुछ मिलों के जून/जुलाई से सितंबर, 2026 तक विशेष सत्र के दौरान परिचालन फिर से शुरू करने की उम्मीद है। इस्मा ने कहा कि उद्योग न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में जल्द बढ़ोतरी का इंतजार कर रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने और पूर्व-मिल प्राप्तियों में कमी के कारण, मिलों को नकदी-प्रवाह दबाव में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गन्ना भुगतान बकाया बढ़ गया है। महाराष्ट्र में 15 फरवरी तक बकाया 4,601 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी तारीख के 2,744 करोड़ रुपये से अधिक है। इस्मा ने कहा, ''वर्तमान लागत संरचनाओं के अनुरूप समय पर एमएसपी संशोधन, मिल लाभप्रदता को बहाल करने, किसानों के भुगतान में तेजी लाने और सरकार पर किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बिना बाजार स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।'' अपने तीसरे अनुमान में, इस्मा ने वर्ष 2025-26 के लिए सकल चीनी उत्पादन 3.24 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष के दो करोड़ 96.2 लाख टन के वास्तविक उत्पादन से अधिक है।
- नयी दिल्ली. वाहन विनिर्माता कंपनी बजाज ऑटो लिमिटेड की कुल वाहन बिक्री फरवरी में 27 प्रतिशत बढ़कर 4,48,259 इकाई हो गई। पिछले साल इस महीने में यह आंकड़ा 3,52,071 इकाई रहा था।बजाज ऑटो लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि पिछले महीने उसकी कुल घरेलू बिक्री 2,32,581 इकाई रही, जो एक साल पहले की समान अवधि के 1,83,415 इकाई के आंकड़े की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने बताया कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,86,164 इकाई रही, जो फरवरी, 2025 में 1,46,138 इकाई थी। कंपनी के अनुसार, फरवरी में दोपहिया वाहनों का निर्यात भी 26 प्रतिशत बढ़कर 1,93,757 इकाई तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 1,53,280 इकाई था। कंपनी ने कहा कि फरवरी, 2026 में कुल वाणिज्यिक वाहन बिक्री 68,338 इकाई रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 52,653 इकाई थी, जो 30 प्रतिशत की वृद्धि है। कंपनी ने कहा कि घरेलू बाजार में वाणिज्यिक वाहन की बिक्री फरवरी में 46,417 इकाई रही, जो फरवरी, 2025 में 37,277 इकाई थी। जबकि निर्यात 43 प्रतिशत बढ़कर 21,921 इकाई रहा, जो फरवरी, 2025 में 15,376 इकाई था।
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नई दिल्ली। ऑडी इंडिया की आर्मर्ड लग्जरी सेडान ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी दुनियाभर की प्रमुख हस्तियों के सुरक्षा काफिले की सबसे खास कार है। इस पर बम, गोली और हैंड ग्रेनेड से लेकर केमिकल वीपन तक का असर नहीं होता है। 4500 किलोग्राम वजनी ऑडी की इस बख्तरबंद कार की कीमत 15 करोड़ रुपये है। सबसे दिलचस्प बात कि इसके टायर पंक्चर होने के बाद भी आराम से 80 किलोमीटर तक चल सकते हैं ।
हाल ही में ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी दिल्ली लाई गई थी और एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट में शामिल होने आए अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ऑफिशियल वीइकल बनी थी। देखने में बिल्कुल सामान्य ऑडी ए8एल की दिखने वाली ए8एल सिक्यॉरिटी वजन में लगभग दोगुनी है। VR9 और VR10 ग्रेड सिक्यॉरिटी स्टैंडर्ड वाली यह बुलेटप्रूफ लग्जरी सेडान दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक है।ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी के चारों डोर 160-160 किलोग्राम के हैं। इसके विंडोज VR10 रेटेड हैं और ये स्नाइपर शॉट्स को भी आसानी से झेल लेते हैं। एक और खास बात यह है कि इमरजेंसी सिचुएशन में कार के दरवाजों के हिंज में लगे एक्सप्लोजन को एक बटन दबाकर विस्फोटक के जरिये अलग किया जा सकता है।बख्तरबंद बॉडी पैनल: चूंकि ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी एक आर्मर्ड वीइकल है, ऐसे में इसकी बॉडी काफी स्ट्रॉन्ग है। इसमें स्टील, सिरेमिक, अरमिड पैनल के साथ ही आर्मर्ड ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। ये भारी हमले को झेल सकते हैं और बुलेटप्रूफ हैं। साथ ही हैंड ग्रेनेड, बम और स्नाइपर शॉट्स से भी कार के अंदर बैठे लोगों की सुरक्षा करते हैं। कार की अंडरबॉडी ग्रेनेड अटैक को आसानी से झेल लेती है।ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी को केमिकल वीपन से भी बचाने के लिए बनाया गया है। इसमें ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ ही इमरजेंसी कंडीशन के लिए फ्रेश एयर सिस्टम दिया गया है, ताकि पॉल्यूटेंट या जहरीली गैस से बचाव हो। साथ ही आग बुझाने की भी व्यवस्था दी गई है।इसमें लग्जरी केबिन फील के साथ ही 4-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, मसाज-हीटिंग और वेंटिलेशन वाली रिक्लाइनिंग सीट्स, 10.1 इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, 12.3 इंच का एचडी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, स्क्रीन क्लाइमेट कंट्रोल और सीट सेटिंग्स के लिए 8.6 इंच की स्क्रीन, Bang & Olufsen का 23-स्पीकर वाला 3D सराउंड साउंड सिस्टम, रियर एंटरटेनमेंट स्क्रीन, रेफ्रिजरेटर, हेड्स-अप डिस्प्ले, फुट मसाजर, रियर सीट रिमोट, एंबिएंट लाइटिंग, 8 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा समेत काफी सारी और भी खूबियां हैं। इस कार के लिए कंपनी को प्री-ऑर्डर देना पड़ता है और कस्टमर को ऑडी द्वारा एक स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी दिया जाता है, जिससे कि वे इस आर्मर्ड वीइकल के सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल अच्छी तरह कर सकें।4.5 टन वजनी होने के बाद भी ऑडी ए8एल सिक्यॉरिटी पावर और परफॉर्मेंस के मामले में जबरदस्त है। इस लग्जरी सेडान में 4.0 लीटर ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो कि 571 हॉर्सपावर और 800 न्यूटन मीटर का पिक टॉर्क जेनरेट करता है। Quattro ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस यह आर्मर्ड वीइकल सिर्फ 6 सेकेंड में 0-100 Kmph की रफ्तार पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड 210 किलोमीटर प्रति घंटा है। -
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कतर ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। कतर की गैस सुविधाओं पर हमले के बाद यह फैसला लिया गया। इससे भारत को मिलने वाली गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से लंबे समय के समझौते के तहत खरीदता है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण गैस के जहाज भारत नहीं आ पा रहे हैं। इससे कई उद्योगों और शहर गैस वितरण (CGD) कंपनियों की सप्लाई में करीब 40 प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ी है।
कुछ उद्योग महंगे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सीएनजी और शहर गैस क्षेत्र के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल हो सकती है। शहर गैस कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से मिलने वाली सस्ती गैस की जगह स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ी तो सीएनजी की कीमत बढ़ सकती है। इससे लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जा सकते हैं।भारत की सबसे बड़ी LNG आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG फिलहाल कतर से गैस लाने के लिए जहाज नहीं भेज पा रही है। वजह यह है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लगभग बंद हो गया है। यह समुद्री रास्ता पश्चिम एशिया से तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। पेट्रोनेट ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण जहाज सुरक्षित तरीके से कतर के रस लाफान बंदरगाह तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।कतर के रस लाफान और मेसईद औद्योगिक शहरों में स्थित LNG सुविधाओं पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया है। कतरएनर्जी ने कहा कि हमलों के कारण LNG और उससे जुड़े उत्पादों का उत्पादन फिलहाल बंद कर दिया गया है।पेट्रोनेट LNG ने कहा है कि जहाज नहीं भेज पाने के कारण उसने कतरएनर्जी को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है। वहीं कतरएनर्जी ने भी युद्ध जैसी स्थिति के कारण भारत को गैस सप्लाई करने में असमर्थता जताते हुए ऐसा ही नोटिस भेजा है। भारत हर साल लगभग 27 मिलियन टन LNG आयात करता है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत गैस कतर से आती है। पेट्रोनेट का कतर से हर साल 8.5 मिलियन टन LNG खरीदने का लंबी अवधि का समझौता है।शहर गैस कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ CGD एंटिटीज (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल को पत्र लिखकर गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सस्ती गैस की सप्लाई 60 प्रतिशत तक सीमित हो गई है और स्पॉट मार्केट से गैस की सप्लाई फिलहाल बंद है। इस संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में LNG की कीमत बढ़कर लगभग 25 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो गई है। यह कीमत लंबे समय के अनुबंध वाली कीमत से करीब दोगुनी है।स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया के करीब एक-तिहाई समुद्री तेल निर्यात और लगभग 20 प्रतिशत LNG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। भारत के लिए भी यह मार्ग अहम है, क्योंकि देश के लगभग 50 प्रतिशत कच्चे तेल और करीब 54 प्रतिशत LNG आयात इसी रास्ते से होते हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत केवल अपने 1.4 अरब नागरिकों के लिए नेटवर्क नहीं बना रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भरोसेमंद डिजिटल ब्रिज तैयार कर रहा है। उन्होंने स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 के दौरान भारत पवेलियन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। यह कार्यक्रम दुनिया के प्रमुख प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंचों में से एक है।
उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच से प्रेरित होकर भारत मानता है कि कनेक्टिविटी का उद्देश्य मानवता को सशक्त बनाना, साझेदारियों को मजबूत करना और साझा समृद्धि को बढ़ावा देना होना चाहिए। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि जब दुनिया ‘आईक्यू युग’ में कनेक्टिविटी के भविष्य पर चर्चा कर रही है, तब भारत बुद्धिमत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम पर खड़ा है, जहां कनेक्टिविटी क्षमता से जुड़ती है और नवाचार समावेशन से मिलता है।सिंधिया ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का टेलीकॉम परिवर्तन स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास, भरोसेमंद टेलीकॉम इकोसिस्टम, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में गहरे एकीकरण पर आधारित रहा है।इस वर्ष भारत पवेलियन में टेलीकॉम क्षेत्र की 40 से अधिक भारतीय कंपनियां शामिल हुईं, जो 4जी, 5जी और उभरती 6जी तकनीक, ओपन रैन, ऑप्टिकल और सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर डिजाइन, एआई आधारित नेटवर्क इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, टेलीकॉम सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। बढ़ती भागीदारी से यह साफ है कि भारत की टेलीकॉम क्षमताओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर वैश्विक भरोसा लगातार बढ़ रहा है।मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का दौरा किया और अनंत सिस्टम्स, एक्सएस इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड, सिग्नलचिप, आरवी सॉल्यूशंस, नियोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज, सेलकॉम, सी-डॉट और जीएक्स इंडिया सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने इन कंपनियों की स्वदेशी तकनीकों और नवाचारों की सराहना की, जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम इकोसिस्टम बनाने में योगदान दे रही हैं।सरकार के अनुसार, भारत पवेलियन में भारतीय नवोन्मेषकों की मजबूत उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत सुरक्षित नेटवर्क निर्माण, एआई-आधारित टेलीकॉम ढांचे के विकास, भरोसेमंद इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम निर्यात बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। -
नयी दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच भारत सरकार के शीर्ष सूत्रों ने आश्वस्त किया है कि देश के पास पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए छह से आठ सप्ताह का पर्याप्त भंडार मौजूद है। भारत के कच्चे तेल और एलपीजी आयात का लगभग आधा हिस्सा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से होकर गुजरता है।
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार निरंतर स्थिति की निगरानी कर रही है और इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश के पास वर्तमान में लगभग 25 दिन की खपत के बराबर कच्चे तेल और इतनी ही अवधि के लिए तैयार ईंधन का भंडार उपलब्ध है। हालांकि, तत्काल कमी की संभावना नहीं है, लेकिन कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल और परिवहन लागत में वृद्धि से भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ सकता है। मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वर्तमान परिस्थितियों में देश की तैयारियों पर मीडिया को जानकारी दी है। इसमें बताया गया कि देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोल, डीजल एवं विमान ईंधन (एटीएफ) जैसे प्रमुख उत्पादों का पर्याप्त भंडार है। मंत्रालय ने देश भर में आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करने वाला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक, चौथा सबसे बड़ा शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर आपूर्ति सुरक्षित की है। अब भारतीय कंपनियों के पास ऐसे ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच है जो होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से नहीं आते। सरकारी सूत्र कहा कि हालांकि कच्चे तेल की कमी नहीं होगी, लेकिन इस संघर्ष का सीधा असर कीमतों पर पड़ेगा। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे भारत का आयात खर्च और महंगाई बढ़ सकती है। आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मार्च, 2025 में समाप्त हुए वित्त वर्ष में तेल आयात पर 137 अरब डॉलर खर्च किए थे। मंत्रालय के अधिकारी ने आगे स्पष्ट किया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग बंद होता है, तो भारत पश्चिम अफ्रीका, लातिनी अमेरिका और अमेरिका जैसे वैकल्पिक क्षेत्रों से आपूर्ति बढ़ाकर इस कमी को पूरा कर सकता है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। -
नयी दिल्ली. फिच ग्रुप की इकाई बीएमआई ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत में निवेश को प्रभावित कर सकता है और यूरोपीय संघ एवं अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों से मिलने वाले सकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है। बीएमआई ने अपनी 'इंडिया आउटलुक' रिपोर्ट में कहा कि यदि ईरान संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो इससे भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर लगभग 0.3 से 0.6 प्रतिशत अंक तक का नकारात्मक असर पड़ सकता है। रिपोर्ट कहती है कि खासकर दक्षिण एशिया जैसे शुद्ध तेल आयातक देशों पर इस संकट का अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। हालांकि, शोध एवं विश्लेषण इकाई बीएमआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान सात प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 7.9 प्रतिशत वृद्धि से कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च से अनिश्चितता में तेज वृद्धि हो सकती है, क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष से निवेश धारणा प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट कहती है, "मार्च से अनिश्चितता में तेज बढ़ोतरी होने की आशंका है। हमें लगता है कि इससे भारत में निवेश हतोत्साहित होगा, जिससे ईयू और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों का सकारात्मक प्रभाव आंशिक रूप से कम हो सकता है।" अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन एवं मिसाइलें दागीं। इसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी। यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 88 प्रतिशत आयात करता है। तेल कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल बढ़ेगा और ईंधन महंगाई पर दबाव पड़ेगा। भारत और अमेरिका ने पिछले महीने अंतरिम व्यापार समझौते की एक रूपरेखा पर सहमति जताई थी, जिसके तहत शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस बीच, अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क को अवैध करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत मिले अधिकारों से अधिक कदम उठाया। फैसले के बाद अमेरिका ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। इस शुल्क को बाद में 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा भी की गई लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। उधर, भारत और यूरोपीय संघ के बीच जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सहमति बनी। इस समझौते को कानूनी अनुमोदन मिलने के बाद एक वर्ष के भीतर लागू किया जाएगा।
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नयी दिल्ली। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माता ओला इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को 'होली महोत्सव' की घोषणा करते हुए अपनी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खंड की नई शुरुआती कीमतों का ऐलान किया। कंपनी ने कहा कि यह भारत में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की दिशा में एक नई शुरुआत है।
'होली' के अवसर पर कंपनी ने बताया कि उसकी रोडस्टर मोटरसाइकिल श्रृंखला अब 79,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगी। कंपनी के अनुसार, इस नई कीमत के साथ इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें अब शुरुआती स्तर की पेट्रोल मोटरसाइकिलों के बराबर आ गई हैं। कंपनी की रोडस्टर एक्स श्रृंखला 2.5 किलोवाट-घंटा, 3.5 किलोवाट-घंटा और 4.5 किलोवाट-घंटा बैटरी विकल्पों में उपलब्ध है, जिनकी कीमतें क्रमशः 79,999 रुपये, 92,999 रुपये और 99,999 रुपये रखी गई हैं। वहीं, रोडस्टर एक्स प्लस 4.5 किलोवाट-घंटा और 9.1 किलोवाट-घंटा बैटरी विकल्पों में उपलब्ध है, जिनकी कीमतें क्रमशः 1,09,999 रुपये और 1,89,000 रुपये तय की गई हैं। होली पेशकश के तहत कंपनी ने आज और कल के लिए 'मुहूर्त महोत्सव' की भी शुरुआत की है। इसके अंतर्गत 90 मिनट की निर्धारित 'शुभ मुहूर्त' अवधि में सीमित समय के लिए विशेष ऑफर दिए जाएंगे। इस दौरान सीमित संख्या में वाहन विशेष मुहूर्त कीमत पर उपलब्ध होंगे, जिसकी जानकारी उसी निर्धारित समय में दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्राहक एस1 प्रो (3 किलोवाट-घंटा और 4 किलोवाट-घंटा) तथा एस1 प्रो प्लस (4 किलोवाट-घंटा) मॉडल पर आठ वर्ष की विस्तारित वारंटी का लाभ भी आज और कल के बीच ले सकेंगे। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ''रोडस्टर की शुरुआती कीमत 79,999 रुपये होने के साथ इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अब प्रीमियम विकल्प नहीं रही, बल्कि एक समझदारी भरा सामान्य विकल्प बन गई है। यह मूल्य निर्धारण इलेक्ट्रिक वाहन को पेट्रोल के बराबर खड़ा करता है और अब बदलाव की गति और तेज होगी।" - नयी दिल्ली. अक्टूबर में शुरू हुए चालू विपणन सत्र में फरवरी माह तक भारत का चीनी उत्पादन दो करोड़ 47.5 लाख टन तक पहुंच गया, जो कि महाराष्ट्र और कर्नाटक से अधिक उत्पादन के कारण पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12.43 प्रतिशत अधिक है। उद्योग निकाय इस्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी। विपणन वर्ष 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) की समान अवधि में चीनी उत्पादन 2.2 करोड़ टन रहा था।भारतीय चीनी एवं जैव-ईंधन विनिर्माता संघ (इस्मा) ने बयान में कहा कि देश के शीर्ष चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन चालू विपणन वर्ष में फरवरी तक बढ़कर 95.3 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 75 लाख टन था। देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में उत्पादन 73 लाख टन से मामूली बढ़कर 74.8 लाख टन हो गया, जबकि देश के तीसरे सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कर्नाटक का उत्पादन उक्त अवधि में 38.2 लाख टन से बढ़कर 44.5 लाख टन हो गया। मौजूदा समय में कुल 305 कारखाने चालू हैं, जबकि पिछले साल इसी समय 330 मिलें चल रही थीं।इस्मा ने कहा कि दक्षिण कर्नाटक में कुछ मिलों के जून/जुलाई से सितंबर, 2026 तक विशेष सत्र के दौरान परिचालन फिर से शुरू करने की उम्मीद है। इस्मा ने कहा कि उद्योग न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में जल्द बढ़ोतरी का इंतजार कर रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने और पूर्व-मिल प्राप्तियों में कमी के कारण, मिलों को नकदी-प्रवाह दबाव में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गन्ना भुगतान बकाया बढ़ गया है। महाराष्ट्र में 15 फरवरी तक बकाया 4,601 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी तारीख के 2,744 करोड़ रुपये से अधिक है। इस्मा ने कहा, ''वर्तमान लागत संरचनाओं के अनुरूप समय पर एमएसपी संशोधन, मिल लाभप्रदता को बहाल करने, किसानों के भुगतान में तेजी लाने और सरकार पर किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बिना बाजार स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।'' अपने तीसरे अनुमान में, इस्मा ने वर्ष 2025-26 के लिए सकल चीनी उत्पादन 3.24 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष के दो करोड़ 96.2 लाख टन के वास्तविक उत्पादन से अधिक है।
- मुंबई. देश का विदेशी मुद्रा भंडार मूल्यांकन प्रभाव सहित बाजार मूल्य पर अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 19.4 अरब डॉलर बढ़ गया, जबकि अप्रैल-दिसंबर 2024 में 10.7 अरब डॉलर की कमी हुई थी। भुगतान संतुलन के आधार पर, मूल्यांकन प्रभावों को छोड़कर, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 30.8 अरब डॉलर की कमी आई, जबकि अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान 13.8 अरब डॉलर की कमी हुई थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान भारत में विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव के स्रोत जारी किए। मूल्यांकन लाभ, जो मुख्य रूप से सोने की ऊंची कीमत, प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मूल्यह्रास और कम बांड प्रतिफल को दर्शाता है, अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान 3.1 अरब डॉलर से बढ़कर अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 50.2 अरब डॉलर हो गया। चालू खाते के शेष में अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 30.2 अरब डॉलर का घाटा दर्ज किया गया, जबकि अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान 36.7 अरब डॉलर का घाटा हुआ था। आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान, पूंजी खाता घाटा 0.6 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 22.9 अरब डॉलर का अधिशेष था।
- नयी दिल्ली. पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष छिड़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकर यातायात जल्द बहाल नहीं होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर जा सकती हैं। परामर्श कंपनी वुड मैकेंजी ने सोमवार को यह अनुमान जताया। इस जलमार्ग के बंद रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति का 15 प्रतिशत और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के सरकारी, सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर रहने की चेतावनी दी। बीमा कंपनियों ने भी मालवाहक जहाजों की कवरेज वापस ले ली है जिससे टैंकर की आवाजाही प्रभावी रूप से रुक गई। हाल में हॉर्मुज के पास कम-से-कम तीन जहाजों पर हमले की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड आठ प्रतिशत से अधिक चढ़कर 78.72 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी कच्चा तेल 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.20 डॉलर पर पहुंच गया। वुड मैकेंज़ी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एलन गेल्डर ने कहा, "यदि ऊर्जा निर्यात का प्रवाह जल्दी बहाल नहीं हुआ तो कीमतों के ऊपर जाने का भारी जोखिम है।" उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष के शुरुआती दौर का हवाला देते हुए कहा कि आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं। मौजूदा हालात में भी 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का स्तर संभव है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में कीमतों में उछाल से आयात बिल बढ़ेगा और ईंधन महंगाई पर दबाव पड़ेगा। इस बीच, आठ पेट्रोलियम निर्यातक देशों के समूह 'ओपेक प्लस' ने अप्रैल में अपना उत्पादन 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, गेल्डर ने कहा कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बहाल नहीं होती तो यह निर्णय अप्रासंगिक हो सकता है। वर्ष 2025 में करीब 8.1 करोड़ टन एलएनजी का निर्यात हॉर्मुज के जरिये हुआ था जो वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत है। वुड मैकेंजी में गैस एवं एलएनजी शोध प्रमुख मासिमो दी ओदोआर्दो ने कहा कि आपूर्ति बाधित होने से एशिया और यूरोप के बीच उपलब्ध खेप के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। यूरोप का गैस भंडार मौसमी औसत से नीचे है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि बाधा लंबी चली तो असर 1970 के दशक के पश्चिम एशिया के तेल प्रतिबंध जैसा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब पहले की तुलना में तेल पर कम निर्भर है, लेकिन गंभीर आपूर्ति झटका कीमतों को तेजी से ऊपर ले जा सकता है।
- नयी दिल्ली. पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष तेज होने से भारत और एशिया के अन्य वस्तु आयातक देशों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऊर्जा और व्यापार मार्ग बाधित होने से आपूर्ति एवं कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। मूडीज एनालिटिक्स ने सोमवार को यह आशंका जताई। ईरान पर अमेरिका एवं इजराइल की साझा सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान के जवाब हमलों से कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरुमध्य प्रभावी रूप से बंद हो गया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल निर्यात का लगभग एक-तिहाई और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की करीब 20 प्रतिशत खेप गुजरती है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल इसी मार्ग से आयात करता है। मूडीज ने मौजूदा हालात पर अपनी रिपोर्ट में कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से लाल सागर और व्यापक पश्चिम एशिया में और बाधाओं का जोखिम बढ़ गया है। हवाई क्षेत्र बंद होने से यात्री एवं कार्गो उड़ानों पर भी असर पड़ा है।" इस मार्ग के बंद होने से एशिया क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है क्योंकि चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े देश इस क्षेत्र से तेल-गैस की बड़े पैमाने पर खरीद करते हैं। सोमवार सुबह एशियाई कारोबार में ब्रेंट कच्चा तेल करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो शुक्रवार के बंद भाव करीब 72 डॉलर से बहुत अधिक है। शेयर बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखी गई। मूडीज ने आगाह किया कि ऊंची जिंस कीमतें उपभोक्ता एवं उत्पादक मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों में कटौती रोकनी पड़ सकती है या दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। ऐसा होने पर आयात बिल बढ़ेगा, व्यापार घाटा बढ़ेगा और मुद्रा पर भी दबाव पड़ सकता है। एजेंसी ने कहा, "यह संघर्ष भारत के लिए स्थिति को और जटिल बना देता है। वह पश्चिम एशिया से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है और उसने अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते के तहत रूस से तेल खरीद धीरे-धीरे कम करने पर भी सहमति जताई है।" रिपोर्ट कहती है कि खाड़ी क्षेत्र से तेल निर्यात या समुद्री यातायात में लंबी बाधा उभरती अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज संबंधी चिंताओं को फिर जगा सकती है। एजेंसी ने कहा कि वह पश्चिम एशिया के हालात पर नजर रखे हुए है और अगले सप्ताह अपने आधारभूत पूर्वानुमान में इसके प्रभाव का आकलन जारी करेगी।
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नयी दिल्ली. वैश्विक दूरसंचार उद्योग निकाय जीएसएमए ने भारती एंटरप्राइज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को प्रतिष्ठित 'लाइफटाइम अचीवमेंट' पुरस्कार से सम्मानित किया है। भारती एयरटेल ने सोमवार को बताया कि मित्तल को यह सम्मान वैश्विक दूरसंचार परिदृश्य को नया स्वरूप देने और दुनिया भर में परिचालकों, सरकारों, व्यवसायों और अरबों उपभोक्ताओं के बीच संपर्क के विस्तार में उनके योगदान के लिए दिया गया है। जीएसएमए के इतिहास में यह पुरस्कार अब तक केवल कुछ गिने-चुने उद्योग जगत के दिग्गजों को ही प्रदान किया गया है। मित्तल यह उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय हैं। कंपनी द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार, "जीएसएमए ने सुनील भारती मित्तल को वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र में उनके अनुकरणीय नेतृत्व और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इस सम्मान से नवाजा है।" यह पुरस्कार बार्सिलोना में आयोजित 'मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस' (एमसीडब्ल्यू) में स्पेन के राजा फेलिप छठे, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, कैटेलोनिया के राष्ट्रपति साल्वाडोर इला और उद्योग जगत के अन्य प्रमुखों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस अवसर पर मित्तल ने कहा, "मैं यह सम्मान पाकर अत्यंत गौरवान्वित हूं और इसके लिए जीएसएमए का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इसे न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में बल्कि भारत की दूरसंचार यात्रा, भारती की सामूहिक भावना और वैश्विक पटल पर भारतीय दूरसंचार कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के सम्मान के रूप में स्वीकार करता हूं।" मित्तल से पूर्व, वर्ष 2023 में यह पुरस्कार 'सेल फोन के जनक' के रूप में विख्यात मार्टिन कूपर को प्रदान किया गया था।मित्तल ने 2017 से 2018 तक जीएसएमए के चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
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नयी दिल्ली. सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। आयात से प्राप्त राजस्व में उच्च वृद्धि और घरेलू बिक्री में सुधार का इस बढ़ोतरी में मुख्य योगदान रहा। इस दौरान सकल घरेलू राजस्व 5.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि आयात से सकल राजस्व 17.2 प्रतिशत बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 प्रतिशत अधिक है। कुल रिफंड 10.2 प्रतिशत बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध उपकर राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये था।
सितंबर, 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई थी। साथ ही पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार कर स्लैब को मिलाकर पांच और 18 प्रतिशत के दो स्लैब बनाए गए थे। इसके अलावा कुछ चुनिंदा अति-विलासिता की वस्तुओं और तंबाकू उत्पादों के लिए अधिकतम 40 प्रतिशत का स्लैब रखा गया था। कर कटौती लागू होने के पहले महीने में जीएसटी संग्रह में शुरुआती गिरावट देखी गई और नवंबर में राजस्व घटकर 1.70 लाख करोड़ रुपये रह गया था। इसके बाद दिसंबर में संग्रह बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये और जनवरी में 1.93 लाख करोड़ रुपये हो गया। डेलॉयट इंडिया के भागीदार एम एस मणि ने कहा कि जीएसटी संग्रह के आंकड़े दर्शाते हैं कि उपभोग में हुई बढ़ोतरी ने कर दरों में की गई कटौती की भरपाई कर दी है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख राज्यों द्वारा दर्ज की गई नकारात्मक वृद्धि, और पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राष्ट्रीय औसत से कम एकल अंक की वृद्धि चिंता का विषय है। ग्रांट थॉर्नटन भारत के भागीदार मनोज मिश्रा ने कहा कि चालू वर्ष में अब तक कुल संग्रह 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि उच्च आधार के बावजूद जीएसटी राजस्व मजबूत बना हुआ है। -
साणंद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर में अपनी ताकत के लिए पहचाने जाने के बाद अब देश हार्डवेयर क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान मजबूती से स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थित कंपनी के एटीएमपी (संयोजन, परीक्षण, अंकन और पैकेजिंग) संयंत्र का उद्घाटन भारत और अमेरिका के बीच गहरी साझेदारी को दर्शाता है। मोदी ने कहा कि दुनिया तक यह संदेश साफ और स्पष्ट रूप से पहुंच गया है कि भारत सक्षम है, भारत प्रतिस्पर्धी है और भारत प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''सॉफ्टवेयर की ताकत के लिए लंबे समय से पहचाने जाने वाला भारत अब हार्डवेयर क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूती से बना रहा है।'' उन्होंने कहा, ''अगर पिछली सदी में तेल की अहमियत थी, तो इस सदी की दिशा तय करने वाले माइक्रोचिप्स होंगे।'' उन्होंने आगे कहा कि भारत तेजी से वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला का एक अभिन्न अंग बन रहा है। एक सरकारी बयान के अनुसार यह संयंत्र एसएसडी (सॉलिड स्टेट ड्राइव) भंडारण उपकरण के साथ ही रैम प्रकार के डीरैम और एनएएनडी उत्पादों का निर्माण करेगा। माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने इस संयंत्र में 22,516 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
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नयी दिल्ली. ईरान पर अमेरिका-इजराइल द्वारा किये गए हमले और जवाब में उसके द्वारा विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर विमानन कंपनी इंडिगो ने शनिवार को पश्चिम एशिया के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। इंडिगो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, '' ईरान और पश्चिम एशिया के आसपास के हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित किये जाने के मद्देनजर इलाके में आने-जाने वाली सभी उड़ानें भारतीय समयानुसार रात 12 बजे तक रद्द कर दी गई हैं।'' एक सूत्र के अनुसार, दुबई, जेद्दा, दोहा, अबू धाबी, दम्माम, बहरीन, शारजाह, कुवैत और रस अल-खैमाह से आने-जाने वाली सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। विमानन कंपनी ने कहा कि उसके लिए यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है इसीलिए ये उपाय लागू किए गए हैं। इसने कहा, ''हमारी टीमें लगातार बदलती स्थिति पर नजर रख रही हैं और व्यवधान को यथासंभव कम करने के लिए परिचालन को पुनर्व्यवस्थित कर रही हैं।'' इस बीच, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए, उसने पश्चिम की ओर जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया है। विमानन कंपनी ने बयान में कहा,''हम बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जरूरत के हिसाब से अपने परिचालन की समीक्षा और उसमें बदलाव करेंगे।'' बाद में, एअर इंडिया ने एक बयान में कहा कि क्षेत्र में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए उसने पश्चिम एशिया जाने वाली अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। एअर इंडिया ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, '' पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए, उस क्षेत्र के सभी गंतव्यों के लिए एअर इंडिया की सभी उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं।'' विमानन कंपनी ने कहा कि वह अपने यात्रियों और चालक दल के लिए सुरक्षा के ''उच्चतम मानकों'' को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें कहा गया, ''हम अपनी उड़ान सेवाओं के लिए सुरक्षा और संरक्षा के माहौल का लगातार आकलन करते रहते हैं और आवश्यकतानुसार सक्रिय रूप से परिचालन में बदलाव करेंगे। हमारी टीमें यात्रियों को हर संभव सहायता कर रही है।'' इससे पहले, एअर इंडिया ने कहा था कि इजराइली हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उसकी दिल्ली-तेल अवीव उड़ान भारत लौट रही है। यह उड़ान मुंबई में उतरेगी।
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नई दिल्ली। फरवरी का महीना अपनी समाप्ति की ओर है और मार्च 2026 की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में अगर आप मार्च में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बैंक छुट्टियों की सूची जरूर देख लें। कई बार जरूरी काम के लिए बैंक शाखा में जाना पड़ता है, लेकिन छुट्टी होने पर काम अटक सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, मार्च 2026 में अलग-अलग राज्यों में कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें साप्ताहिक अवकाश, दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा विभिन्न राज्यों के त्योहार भी शामिल हैं।मार्च की शुरुआत 1 मार्च (रविवार) से होगी, जो देश भर में साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 2 मार्च (सोमवार) को होलिका दहन के अवसर पर उत्तर प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे। 3 मार्च (मंगलवार) को होली के मौके पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और पंजाब समेत लगभग 15 राज्यों में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। वहीं, 4 मार्च (बुधवार) को कुछ राज्यों और शहरों में होली के दूसरे दिन भी बैंक बंद रहेंगे।इसके बाद, 8 मार्च (रविवार) को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 13 मार्च (शुक्रवार) को मिजोरम में चापचर कुट पर्व के कारण बैंक बंद रहेंगे। 14 मार्च को दूसरे शनिवार और 15 मार्च को रविवार होने से देश भर में बैंक बंद रहेंगे। 17 मार्च (मंगलवार) को जम्मू और श्रीनगर में शब-ए-कद्र के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 19 मार्च (गुरुवार) को महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों में गुड़ी पड़वा, उगादी और नवरात्रि की शुरुआत के चलते अवकाश रहेगा। 20 मार्च (शुक्रवार) को ईद-उल-फितर पर देश भर में बैंक बंद रहेंगे। 21 मार्च (शनिवार) को रमजान ईद और सरहुल पर्व के अवसर पर भी बैंक बंद रहेंगे।22 मार्च (रविवार) को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 26 मार्च (गुरुवार) को श्रीराम नवमी के कारण बैंक बंद रहेंगे, जबकि 27 मार्च (शुक्रवार) को कुछ राज्यों में राम नवमी के बाद दशमी के उपलक्ष्य में अवकाश रहेगा। 28 मार्च को चौथा शनिवार और 29 मार्च को रविवार होने से देश भर में बैंक बंद रहेंगे। महीने के अंत में 31 मार्च (मंगलवार) को श्री महावीर जयंती के अवसर पर लगभग 15 राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। इन माध्यमों से आप पैसे का लेन-देन, फंड ट्रांसफर और अन्य डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।मार्च में बैंक छुट्टियों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार भी कुल 12 दिन बंद रहेगा। 3 मार्च (होली), 26 मार्च (श्रीराम नवमी) और 31 मार्च (श्री महावीर जयंती) को बाजार में कारोबार नहीं होगा। इसके अलावा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते कुल 9 दिन ट्रेडिंग बंद रहेगी। ऐसे में, मार्च महीने में बैंक या बाजार से जुड़े किसी भी जरूरी काम की योजना बनाते समय छुट्टियों की सूची अवश्य जांच लें, ताकि आपका काम समय पर और बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके। -
नयी दिल्ली. भारत की 'जेनरेशन एक्स' आबादी वर्ष 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के सामान और सेवाओं की खपत कर सकती है। सलाहकार फर्म रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल करीब 45-60 वर्ष आयु वर्ग वाली यह पीढ़ी प्रति व्यक्ति खपत में बढ़ोतरी के चलते प्रीमियम और टिकाऊ उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण उपभोक्ता वर्ग बन रही है। रिपोर्ट कहती है कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च 17 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक 73 अरब डॉलर पहुंच सकता है। दरअसल, यह पीढ़ी बीमारी के बाद इलाज के बजाय लंबी उम्र और बेहतर जीवन गुणवत्ता पर केंद्रित स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दे रही है। इसी तरह, पोषक-तत्व आधारित स्वास्थ्य उत्पादों पर खर्च भी 25 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 2030 तक 20 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है। रेडसीर में साझेदार मृगांक गुटगुटिया ने कहा कि जेन एक्स आर्थिक रूप से स्थिर, डिजिटल रूप से आत्मविश्वासी और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है। यह पीढ़ी अब बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण यात्रा अनुभव, बेहतर घर और टिकाऊ उत्पादों पर सोच-समझकर खर्च करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल खंड में इस पीढ़ी की खपत 2030 तक बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। यात्रा के मामले में यह तबका आरामदायक और प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। लक्जरी विला और बुटीक आवास जैसे विकल्पों की मांग में सालाना 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जेन एक्स पीढ़ी अब भी शिक्षा को 'भविष्य-केंद्रित खर्च' मानती है। शहरी परिवार प्रति बच्चे पर सालाना 10-20 लाख रुपये तक खर्च कर रहे हैं और कैंब्रिज, इंटरनेशनल बोर्ड से पढ़ाई और विदेशी शिक्षा कार्यक्रमों की ओर रुझान बढ़ रहा है।
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मुंबई. उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज एप्पल ने बृहस्पतिवार को यहां एक उपनगरीय शॉपिंग मॉल में एक स्टोर खोला, जिससे उसके फोन और अन्य उत्पादों की स्वीकार्यता में तेजी से वृद्धि के बीच देश में उसके कुल बिक्री केंद्रों की संख्या छह हो गयी है। अमेरिका स्थित आईफोन निर्माता ने बृहस्पतिवार दोपहर वित्तीय राजधानी में अपने दूसरे स्टोर के दरवाजे खोले तो वहां भारी भीड़ थी। कंपनी, जिसे शुरुआत में खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर नियमों को लेकर बाधाओं का सामना करना पड़ा, ने अप्रैल, 2023 में भारत में अपना पहला स्टोर खोला था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दो बिक्री केंद्र हैं और बेंगलुरु और पुणे में एक-एक है। कंपनी के अनुसार, स्काई सिटी मॉल का नवीनतम स्टोर 70 से अधिक लोगों को रोजगार देगा और अपनी सभी ऊर्जा जरूरतों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करेगा। कंपनी ने कहा, इसमें एप्पल उत्पादों और सेवाओं की पूरी श्रृंखला होगी।
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रायपुर। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप (INS Anjadip) के लिए ज़रूरत की पूरी मात्रा की स्पेशल ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है। आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) कार्वेट है। इससे पहले पिछले साल आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ भी शामिल किए जा चुके हैं।
नौसेना के पुराने होते 'अभय-श्रेणी' के जहाजों को बदलने के लिए इन ASW-SWC कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। इस रणनीतिक प्रयास में योगदान देते हुए, सेल (SAIL) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा बनाए जा रहे आठ ASW-SWC कार्वेट के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है। इस स्टील की आपूर्ति सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से की गई है, जो देश की डोमेस्टिक सप्लाई चेन की मजबूती को रेखांकित करता है। यह उपलब्धि रक्षा विनिर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में, सेल ने रक्षा स्वदेशीकरण में देश की विशेष-ग्रेड स्टील की जरूरतों को लगातार पूरा किया है और आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस सूरत जैसी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए स्टील की आपूर्ति की है। - नयी दिल्ली. ऑनलाइन आवास सुविधा देने वाले मंच एयरबीएनबी ने कहा कि भारत में क्रिकेट आयोजनों ने घरेलू यात्रा को बढ़ावा दिया है। मंच ने कहा कि क्रिकेट मैच की मेजबानी करने वाले शहरों में मांग उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। एयरबीएनबी ने बयान में कहा कि क्रिकेट मैच आयोजनों के दौरान अहमदाबाद, रांची और तिरुवनंतपुरम जैसे महानगरों से इतर शहरों में ठहरने की स्थान की तलाश सालाना आधार पर काफी अधिक बढ़ गई। कंपनी ने कहा कि महानगरों के अलावा उभरते क्रिकेट केंद्रों में सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। रांची में सालाना आधार पर खोज में लगभग 120 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि तिरुवनंतपुरम के लिए यह आंकड़ा 110 प्रतिशत से अधिक रहा। जयपुर और लखनऊ में खोज में क्रमशः 70 प्रतिशत और 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। इस समय भारत, श्रीलंका के साथ मिलकर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। इसके बाद भारत की घरेलू लीग आईपीएल का आयोजन होगा। एयरबीएनबी के भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के प्रमुख अमनप्रीत सिंह बजाज ने कहा कि लोग अपनी यात्रा की अवधि बढ़ा रहे हैं, और गंतव्यों को अधिक गहराई से महसूस करने की कोशिश कर रहे हैं।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि निजी सूचीबद्ध गैर-वित्तीय कंपनियों की राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 10.1 प्रतिशत रही। इससे पहले लगातार 11 तिमाहियों तक इन कंपनियों की राजस्व वृद्धि इकाई अंक में ही बनी हुई थी।आरबीआई के विश्लेषण में शामिल 3,188 कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर, 2025 की तिमाही में इन कंपनियों की राजस्व वृद्धि में तेजी का श्रेय मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन को जाता है। निजी क्षेत्र की 1,794 सूचीबद्ध विनिर्माण कंपनियों की बिक्री पिछली तिमाही में सालाना आधार पर 11.4 प्रतिशत बढ़ी, जो इसके पहले की तिमाही में 8.5 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से वाहन, बिजली मशीनरी और अलौह धातु उद्योगों में उच्च बिक्री का नतीजा है। सेवा क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों की बिक्री वृद्धि जुलाई-अगस्त तिमाही के 7.8 प्रतिशत से बढ़कर 8.8 प्रतिशत हो गई। वहीं गैर-आईटी सेवा कंपनियों की बिक्री वृद्धि तीसरी तिमाही में 10.8 प्रतिशत पर स्थिर रही। आरबीआई ने कहा कि लाभ कमाने के लिहाज से विनिर्माण कंपनियों का परिचालन लाभ तीसरी तिमाही में 11.8 प्रतिशत बढ़ा, जिसे अन्य परिचालन खर्चों में मध्यम वृद्धि से समर्थन मिला। आलोच्य तिमाही में आईटी कंपनियों के परिचालन लाभ में वृद्धि दर सुधरकर 11.1 प्रतिशत हो गई, जबकि गैर-आईटी सेवा कंपनियों के लिए यह घटकर चार प्रतिशत रह गई। समग्र स्तर पर इन कंपनियों का शुद्ध लाभ अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही में 5.2 प्रतिशत बढ़ा, जो जुलाई-सितंबर तिमाही के 1.5 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन यह एक साल पहले की समान अवधि में दर्ज 11.8 प्रतिशत वृद्धि से कम है। आरबीआई के मुताबिक, विनिर्माण कंपनियों का कच्चे माल पर व्यय बिक्री में वृद्धि के अनुरूप 12.7 प्रतिशत बढ़ा। वहीं विनिर्माण और आईटी कंपनियों के कर्मचारियों पर होने वाला खर्च क्रमशः 12.4 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा।







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