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भिलाई |सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहले सात माह (अप्रैल से अक्टूबर 2025) के दौरान उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। इस अवधि में संयंत्र ने हॉट मेटल, क्रूड स्टील, सेलेबल स्टील और रेल उत्पादन व रेल लोडिंग सहित प्रमुख क्षेत्रों में अपने पिछले रिकॉर्डों को पार करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सर्वश्रेष्ठ अप्रैल से अक्टूबर रिकॉर्ड के साथ ही संयंत्र ने अक्टूबर माह में उत्पादन के प्रमुख मापदंडों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है|
अप्रैल से अक्टूबर अवधि में संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-8 ने 16,27,246 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर वित्त वर्ष 2024-25 के इसी अवधि में दर्ज 15,85,796 टन के पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को पार किया।संयंत्र के रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल ने लॉन्ग रेल उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए 13 वर्ष पूर्व के रिकॉर्ड को पार किया| आरएसएम ने वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से अक्टूबर अवधि में 1,03,661 टन उत्पादन दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2012-13 में दर्ज 88,072 टन के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया| सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की माॅडेक्स इकाई, यूआरएम ने इस अवधि में 5,55,856 टन फिनिश्ड रेल, 5,35,414 टन प्राइम रेल तथा 5,18,056 टन लाँग रेल उत्पादन रिकॉर्ड दर्ज करते हुए क्रमशः वित्त वर्ष 2024-25 के इसी अवधि में दर्ज 5,15,744 टन फिनिश्ड रेल, 4,88,445 टन प्राइम रेल तथा वर्ष 2023-24 में दर्ज 4,54,059 टन लाँग रेल उत्पादन रिकॉर्ड को पार किया। इसी क्रम में कुल फिनिश्ड रेल उत्पादन 8,33,422 टन तथा कुल प्राइम रेल उत्पादन 7,62,652 टन दर्ज किया गया।भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी फिनिशिंग मिलों ने मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 की पहले सात माह (अप्रैल से अक्टूबर 2025) के दौरान कुल 27,49,741 टन फिनिश्ड स्टील उत्पादन किया जो वर्ष 2024-25 में दर्ज 27,29,269 टन से अधिक है। संयंत्र ने 31,66,980 टन सेलेबल स्टील उत्पादन कर वर्ष 2023-24 में दर्ज 30,26,672 टन के रिकाॅर्ड को पार किया।सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने अप्रैल से अक्टूबर 2025 अवधि के दौरान कुल क्रूड स्टील उत्पादन 33,39,021 टन दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2023-24 के 32,96,837 टन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा| संयंत्र की माॅडेक्स इकाई, एसएमएस-3 ने कुल इस्पात उत्पादन के साथ-साथ इसी अवधि में सर्वश्रेष्ठ कास्ट स्टील उत्पादन 20,46,028 टन तथा बिलेट उत्पादन 13,91,193 टन का रिकाॅर्ड बनाया है, जो कि वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए 20,04,640 टन कास्ट स्टील और 13,39,079 टन बिलेट उत्पादन रिकाॅर्ड से अधिक है।अप्रैल से अक्टूबर 2025 अवधि के दौरान रेल डिस्पैच के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए संयंत्र के आरएसएम और यूआरएम ने लॉन्ग रेल लोडिंग का रिकॉर्ड बनाया| इस क्रम में आरएसएम से 1,02,553 टन और यूआरएम से 5,31,445 टन लोडिंग रिकॉर्ड दर्ज किया गया जो कि वित्त वर्ष 2023-24 के इसी अवधि में दर्ज क्रमशः 87,141 टन व 4,66,063 टन लोडिंग रिकॉर्ड से कहीं अधिक है| साथ ही कुल लॉन्ग रेल लोडिंग 6,33,998 टन दर्ज किया गया, जो कि वर्ष 2023-24 में दर्ज 5,53,204 टन से बेहतर है तथा कुल प्राइम रेल लोडिंग 7,43,560 टन करते हुए वर्ष 2020-21 के सर्वश्रेष्ठ लोडिंग रिकॉर्ड 7,05,658 टन को पार किया| इसके अतिरिक्त सेलेबल स्टील लोडिंग 31,94,329 टन दर्ज किया गया, जो कि वर्ष 2023-24 में दर्ज 29,89,466 टन से कहीं अधिक है|अप्रैल से अक्टूबर 2025 में संयंत्र ने उत्पादन के साथ-साथ तकनीकी-आर्थिक मापदंडों के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है| संयंत्र की ब्लास्ट फर्नेसों ने हाॅट मेटल के उत्पादन में 428 किलोग्राम प्रति टन कोक दर प्राप्त किया जो वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए 433 किलोग्राम प्रति टन हाॅट मेटल (टीएचएम) से बेहतर है। ब्लास्ट फर्नेस-6 ने सर्वश्रेष्ठ 108 किलोग्राम प्रति टीएचएम सीडीआई दर दर्ज कर वित्त वर्ष 2022-23 के 104 किलोग्राम प्रति टीएचएम के पिछले सर्वश्रेष्ठ स्तर को पार किया। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेसों (बीएफ 1-8) की उत्पादकता 2 टन/एम³/दिन दर्ज की गई, जो कि वर्ष 2024-25 में दर्ज 1.88 टन/एम³/दिन से अधिक है। श्रम उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि 748 टी/एम/वाई दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 650 टी/एम/वाई से बेहतर है। -
नई दिल्ली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुआ। बाजार के अंत में सेंसेक्स 94.73 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,216.28 और निफ्टी 17.40 अंक या 0.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,492.30 पर बंद हुआ।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 374.55 अंक या 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59,843.15 पर था। हालांकि, स्मॉलकैप शेयरों में हल्की गिरावट हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 29.05 अंक या 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,075.95 पर था।सेक्टोरल आधार पर, निफ्टी मेटल (1.41 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.76 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (0.87 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.44 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.39 प्रतिशत) तेजी के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ, निफ्टी आईटी (0.62 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (0.36 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.49 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (1.00 प्रतिशत) गिरावट के साथ बंद हुए।सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी गेनर्स थे। भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, एचसीएल टेक, एचयूएल, आईटीसी, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई और एक्सिस बैंक लूजर्स थे।बाजार के जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार में शुरुआती नुकसान के बाद सपोर्ट स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। इसमें वित्तीय शेयरों विशेषकर सरकारी बैंकों ने अच्छा प्रदर्शन किया।जानकारों ने आगे कहा कि बाजार में निवेशकों की निगाहें यूएस शटडाउन और अमेरिका-भारत एवं अमेरिका-चीन ट्रेंड डील पर है, जिससे बाजार की आगे की दिशा तय होगी।भारतीय बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। सुबह करीब 9 बजकर 27 मिनट पर सेंसेक्स 571 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,739.75 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 169.10 अंक या 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,340.60 स्तर पर बना हुआ था। -
नई दिल्ली। भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में अक्टूबर में कुल 850 मिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है, जिससे इस साल कुल इनफ्लो रिकॉर्ड 3.05 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो गोल्ड ईटीएफ में निवेश का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्लूजीसी) की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई।
हालांकि, अक्टूबर में दर्ज किया गया इनफ्लो सितंबर में आए 911 मिलियन डॉलर के मुकाबले 6 प्रतिशत कम है, लेकिन एशिया में यह दूसरा सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो रहा है।डेटा के मुताबिक, यह लगातार पांचवां महीना है, जब गोल्ड में इनफ्लो सकारात्मक रहा है, जिसे कुल एयूएम 11.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वैश्विक स्तर पर बीते महीने ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो 8.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।अक्टूबर के दौरान गोल्ड ईटीएफ निवेश में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, अमेरिका 6.33 अरब डॉलर के निवेश के साथ पहले स्थान और 4.51 अरब डॉलर के साथ चीन दूसरे स्थान पर रहा। जापान 499.5 मिलियन डॉलर के साथ चौथे और फ्रांस 312 मिलियन डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर था।दूसरी तरफ, बीते महीने कई यूरोपीय बाजारों में गोल्ड ईटीएफ से निकासी देखने को मिली, जिसमें 3.5 अरब डॉलर के साथ यूके शीर्ष पर था। इसके बाद जर्मनी और इटली का स्थान था।ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ एयूएम मासिक आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 503 अरब डॉलर हो गया है और कुल होल्डिंग 1 प्रतिशत बढ़कर 3,893 टन रह गई है। इस साल सोने की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है, जिसने बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित किया है।इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,20,231 रुपए है। हाल के महीनों में सोने में आई तेजी की अहम वजह वैश्विक अस्थिरता, रूस-यूक्रेन एवं हमास-इजरायल युद्ध और अमेरिकी टैरिफ हैं। -
नई दिल्ली। भारत के ऑटो सेक्टर ने इस साल के त्योहारी सीजन में अब तक का रिकॉर्डतोड़ बिक्री की है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, इस बार 42 दिनों के त्योहारी सीजन में गाड़ियों की रिटेल बिक्री 21% बढ़कर 52,38,401 यूनिट्स पर पहुंच गई, जो पिछले साल के 43,25,632 यूनिट्स से कहीं अधिक है। इस दौरान पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 23 फीसदी बढ़कर 7,66,918 यूनिट्स तक पहुंच गई। जबकि, टू-व्हीलर बिक्री में 22% की बढ़त दर्ज की गई, जो 40,52,503 यूनिट्स रही।
फाडा अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने बताया कि यह त्योहारी सीजन भारत के ऑटो रिटेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित हुआ है। GST 2.0 ने वह किया जो लंबे समय से अपेक्षित था। इससे मिडिल क्लास के लिए गाड़ियां खरीदना किफायती और आसान हुआ। कॉम्पैक्ट और सब-4 मीटर कारों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।Auto Sales: GST 2.0 बना गेमचेंजर , EVs का बढ़ा क्रेजफाडा रिपोर्ट के अनुसार, टू-व्हीलर सेगमेंट में सुधार बेहतर रूरल सेंटीमेंट, बेहतर लिक्विडिटी और जीएसटी में कमी की वजह से आया। स्कूटर और कम्यूटर बाइक्स की बिक्री मजबूत रही, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर भी उपभोक्ताओं की दिलचस्पी बढ़ी है। थ्री-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने क्रमशः 9% और 15% की वृद्धि दर्ज की।विग्नेश्वर ने कहा कि ऑटोमोबाइल्स की रिकॉर्ड बिक्री से साफ है कि जीएसटी 2.0 केवल टैक्स सुधार नहीं, बल्कि उपभोग आधारित विकास का इंजन है। इससे गाड़ी खरीदना सस्ता हुआ है। अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आई है और उपभोक्ताओं में उम्मीदें फिर जाग उठी हैं।अक्टूबर में भी रिकॉर्ड Auto Salesअक्टूबर महीने में, ऑटोमोबाइल खुदरा बिक्री साल-दर-साल 41 फीसदी बढ़कर 40,23,923 यूनिट्स हो गई, जो पैसेंजर और टू-व्हीलर्स दोनों की रिकॉर्ड मंथली बिक्री के चलते हुई। पिछले महीने पैसेंजर व्हीकल्स का रजिस्ट्रेशन बढ़कर 5,57,373 यूनिट्स हो गया, जो अक्टूबर 2024 में बेची गई 5,00,578 यूनिट्स की तुलना में 11 फीसदी ज्यादा है। इसी प्रकार, टूव्हीलर्स की बिक्री साल-दर-साल 52 फीसदी बढ़कर अक्टूबर में 31,49,846 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 20,75,578 थी।विग्नेश्वर ने कहा कि पैसेंजर व्हीकल्स और टूव्हीलर्स, दोनों ने अपना आल टाइम हाई बनाया है। जिससे कुल खुदरा बिक्री में जबरदस्त उछाल आया। यह कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। सितंबर के शुरुआती 21 दिनों में GST 2.0 ट्रांजिशन के चलते बिक्री धीमी रही, लेकिन अक्टूबर में मांग ने जबरदस्त वापसी की।थ्रीव्हीलर्स की खुदरा बिक्री अक्टूबर में साल-दर-साल 5 फीसदी बढ़कर 1,29,517 यूनिट्स हो गई, जबकि कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री में पिछले महीने की इसी अवधि की तुलना में 18 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट में मारुति शीर्ष परपैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट में मारुति सुजुकी ने 18 फीसदी की ग्रोथ के साथ 2.39 लाख यूनिट्स बेचकर शीर्ष पर रही। इसके बाद टाटा मोटर्स 13 फीसदी बढ़कर 75,352 यूनिट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा 9 फीसदी बढ़कर 67,918 यूनिट्स पर पहुंच गई। हालांकि, हुंडई मोटर इंडिया की खुदरा बिक्री में 7 फीसदी की गिरावट देखी गई, जो अक्टूबर 2025 में घटकर 65,442 यूनिट्स रह गई।टूव्हीलर्स में हीरो मोटोकॉर्प शीर्ष पर रही। इसकी बिक्री 72 फीसदी बढ़कर 994,787 यूनिट्स हो गई, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 577,678 यूनिट्स थी। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की बिक्री भी 48 फीसदी बढ़कर 821,976 यूनिट्स और टीवीएस मोटर की बिक्री 58 फीसदी बढ़कर 558,075 यूनिट्स हो गई।अगले 3 महीने में अच्छी ग्रोथ की उम्मीदफाडा के अनुसार, अगले तीन महीनों में ऑटो रिटेल का रुझान सकारात्मक रहेगा। जीएसटी 2.0 का प्रभाव, स्थिर रूरल इनकम और शादियों व फसलों से होने वाली सीजनल डिमांड से खुदरा बिक्री को बूस्ट मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन में बुकिंग, बेहतर स्टॉक उपलब्धता और नए मॉडल लॉन्च से खुदरा बिक्री में तेजी बनी रहने की उम्मीद है, जिसे साल के अंत में ऑफर और नए साल के रजिस्ट्रेशन से सपोर्ट मिलेगा। -
नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 32 प्रतिशत बढ़कर 10,053 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई- सितंबर तिमाही में 7,621 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने बृहस्पतिवार को शेयर को दी जानकारी में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका कुल आय बढ़कर 2,39,614 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान में 2,29,620 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,26,479 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,19,901 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान नवीकरण प्रीमियम बढ़कर 64,996 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 61,910 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस अवधि के दौरान प्रथम वर्ष का प्रीमियम घटकर 10,836 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11,201 करोड़ रुपये था। सरकार द्वारा 22 सितंबर से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम को 18 प्रतिशत के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दिए जाने के बावजूद प्रथम वर्ष के प्रीमियम में गिरावट देखी गई। एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक आर दुरईस्वामी ने कहा, ‘‘हम एलआईसी में सरकार द्वारा सितंबर, 2025 में बीमा उद्योग के लिए घोषित जीएसटी बदलाव के सकारात्मक प्रभाव को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हमें दृढ़ विश्वास है कि ये परिवर्तन ग्राहकों के सर्वोत्तम हित में हैं और भारत में जीवन बीमा उद्योग की विकास गति को और तेज करेंगे।'
- नयी दिल्ली. मारुति सुजुकी इंडिया ने घरेलू बाजार में तीन करोड़ इकाइयों की संचयी बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि उसने 28 साल दो महीने में पहली बार एक करोड़ संचयी बिक्री का आंकड़ा पार किया था। फिर एक करोड़ इकाइयां सात साल पांच महीने में बेची गईं। इसमें कहा गया कि घरेलू बाजार में इसके बाद एक करोड़ इकाइयां छह वर्ष चार महीने के रिकॉर्ड समय में बेची गईं। भारत में बेची गई तीन करोड़ इकाइयों में से ऑल्टो सबसे लोकप्रिय मॉडल बनकर उभरी जिसकी 47 लाख से अधिक इकाइयां बिकीं। इसके बाद 34 लाख इकाइयों के साथ वैगन आर दूसरे स्थान और 32 लाख से अधिक इकाइयों के साथ स्विफ्ट तीसरे स्थान पर रही।वाहन विनिर्माता ने बताया कि कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा और फ्रोंक्स भी कंपनी के खंड में सबसे अधिक बिकने वाले शीर्ष दस वाहनों में शामिल हैं। मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘‘ प्रति 1,000 व्यक्तियों पर लगभग 33 वाहनों की कार उपलब्धता के साथ, हम जानते हैं कि हमारी यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है।'' उन्होंने कहा कि कंपनी अधिक से अधिक लोगों तक परिवहन का आनंद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी। मारुति सुजुकी ने 14 दिसंबर 1983 को अपने पहले ग्राहक को मारुति 800 की आपूर्ति की थी। यह वर्तमान में 19 मॉडल में 170 से अधिक संस्करण पेश करती है।
- नयी दिल्ली. ओला इलेक्ट्रिक ने अपने 4680 भारत सेल से चलने वाले एस1 प्रो प्लस स्कूटर की डिलिवरी शुरू कर दी है। कंपनी बुधवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि एस1 प्रो प्लस (5.2 किलोवाट घंटा) उसका पहला ऐसा स्कूटर है जिसमें पूरी तरह भारत में बनी 4680 भारत सेल बैटरी लगी है। यह बैटरी पहले से ज्यादा रेंज, बेहतर प्रदर्शन और बढ़ी हुई सुरक्षा प्रदान करती है। ओला ने बताया कि अपनी खुद की बैटरी सेल और पैक बनाकर अब वह भारत की पहली कंपनी बन गई है जो पूरी तरह से घरेलू स्तर पर बैटरी निर्माण करती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘4680 भारत सेल से चलने वाले वाहनों की डिलिवरी शुरू होना भारत के लिए वास्तविक ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है।'
- नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत वैश्विक मंच पर आज एक तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सीतारमण ने यहां दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज अपनी आर्थिक ताकत के दम पर अपने पैरों पर खड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें जो सबसे अलग बनाता है, वह 2014 में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अब पांचवीं और फिर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। संभवतः जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले हैं।'' उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 2.5 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी की स्थिति से बाहर निकालने में सफल रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर जैसे कई मानदंड शामिल होते हैं। वित्त मंत्री ने बैंकों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बही-खाते सात-आठ साल पहले की ‘दोहरी बही-खाता समस्या' की तुलना में काफी मजबूत हो चुके हैं। दोहरी बही-खाता समस्या का मतलब बैंकों और उद्योगों दोनों पर भारी वित्तीय दबाव होने से है। इसमें जहां अधिक कर्ज के कारण कंपनियां ऋण चुकाने में चूक करती हैं, वहीं इससे बैंकों का एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) बढ़ती है। इसके साथ ही सीतारमण ने भरोसा जताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहेगी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।
- नयी दिल्ली. कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई के एआई टूल ‘चैटजीपीटी गो' की ग्राहकी-आधारित सेवा मंगलवार से देशभर में शुरू हो गई। सीमित समय के भीतर इससे जुड़ने वाले भारतीय उपयोगकर्ताओं को एक साल तक यह सेवा निःशुल्क मिलेगी। इस प्रचार अभियान का हिस्सा अभी चैटजीपीटी वेब या गूगल प्ले स्टोर से बना जा सकता है जबकि यह अगले सप्ताह एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध होगा। ‘चैटजीपीटी गो' को ओपनएआई ने हाल ही में सब्सक्रिप्शन मॉडल पर पेश किया है। इसके तहत भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए बढ़ी हुई संदेश सीमा, तस्वीरों के निर्माण और फाइल अपलोड की सुविधा मिलेगी। यह साल भर चलने वाला निःशुल्क प्रचार अभियान मंगलवार को बेंगलुरु में ओपनएआई के पहले ‘डेव-डे एक्सचेंज' कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ। ओपनएआई में उपाध्यक्ष और चैटजीपीटी के प्रमुख निक टर्ली ने कहा, ‘‘कुछ महीने पहले भारत में चैटजीपीटी गो की शुरुआती पेशकश के बाद से, हमने अपने उपयोगकर्ताओं से जो स्वीकृति और रचनात्मकता देखी है, वह प्रेरणादायक रही है।'' टर्ली ने कहा, ‘‘हम ‘चैटजीपीटी गो' को एक साल के लिए मुफ्त में उपलब्ध करा रहे हैं ताकि भारत भर में अधिक से अधिक लोगों की उन्नत एआई तक आसानी से पहुंच बन सके और वे उसका लाभ उठा सकें। भारत में ‘चैटजीपीटी गो' के मौजूदा ग्राहक भी 12 महीने की मुफ्त पहुंच सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ओपनएआई ने बयान में कहा, ‘‘यह प्रमोशन ओपनएआई की ‘इंडियाफर्स्ट' प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है और इंडियाएआई मिशन का समर्थन करता है। यह भारत में एआई को लेकर बढ़ती रफ्तार को मजबूत करता है।
- नयी दिल्ली. बेल्जियम स्थित रैडिसन होटल ग्रुप ने मंगलवार को कहा कि वह भारत में वर्ष 2030 तक 500 होटल और 50,000 कर्मचारियों की मौजूदगी वाली एक टीम बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। रैडिसन होटल ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष और वैश्विक मुख्य विकास अधिकारी एली यूनिस ने कहा कि समूह भारत में अपनी संपत्तियों की संख्या को वर्तमान 200 से अधिक होटल से बढ़ाकर वर्ष 2026 तक 250–260 और वर्ष 2030 तक 500 तक पहुंचाना चाहता है। यूनिस ने बताया कि रैडिसन समूह भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या को भी वर्तमान 17,000 से लगभग तिगुना करते हुए 50,000 तक ले जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, “फिलहाल हमारे करीब 130 होटल चालू हैं और 70 से अधिक निर्माणाधीन हैं। अगले पांच वर्षों में हम इसे 500 तक पहुंचाना चाहते हैं, जिनमें से लगभग 250–300 होटल परिचालन में होंगे जबकि करीब 200 निर्माणाधीन रहेंगे।” यूनिस ने कहा कि रैडिसन भारत को लेकर ‘अत्यधिक केंद्रित एवं रोमांचित' है और कंपनी की अगली वृद्धि लहर मुख्य रूप से दूसरे से चौथे दर्जे के शहरों और हवाई अड्डे पर स्थित होटलों से आएगी। उन्होंने भारत में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीजा नियमों को सरल बनाने और हवाई यात्रा बुनियादी ढांचे में सुधार की भी सिफारिश की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में ब्रांडेड आवासीय परियोजनाएं रैडिसन के लिए एक वैकल्पिक मॉडल होंगी, लेकिन यह उसके व्यवसाय के केंद्र में नहीं होगा। रैडिसन होटल ग्रुप भारत में पहले से ही तेजी से विस्तार कर रहा है और देश को अपने वैश्विक विकास के प्रमुख केंद्रों में से एक के रूप में देखता है।
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नयी दिल्ली. ।'अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज राइट इश्यू के जरिये 25,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी यह राशि अपने बुनियादी ढांचा उपक्रमों के व्यापक विस्तार के लिए जुटा रही है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि निदेशक मंडल ने ‘कंपनी के पात्र शेयरधारकों को राइट इश्यू के जरिये 25,000 करोड़ रुपये तक के एक रुपये अंकित मूल्य वाले आंशिक रूप से चुकता इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।''
- नयी दिल्ली. चश्मे एवं लेंस की खुदरा विक्रेता लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड दिसंबर के अंत तक एआई से लैस ‘स्मार्ट' चश्मे पेश करने की योजना बना रही है। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। कंपनी में इसे आंतरिक रूप से अभी ‘बी बाय लेंसकार्ट स्मार्टग्लासेस' कहा जाता है। इन कृत्रिम मेधा से लैस चश्मों के स्वास्थ्य व कल्याण संबंधी तथा अन्य जानकारी मुहैया कराने सहित यूपीआई भुगतान करने में सक्षम होने की उम्मीद है। जेमिनी 2.5 पर विकसित इन ‘स्मार्ट' चश्मों की कीमत अभी तय नहीं की गई है। इससे जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों में से एक ने कहा, ‘‘ इन ‘स्मार्ट ग्लास' का उद्देश्य ‘आईवियर' अनुभव में कृत्रिम मेधा (एआई) और वाणिज्य को लाना है जहां आपका चश्मा न केवल दृष्टि के लिए बल्कि बातचीत और सुविधा के लिए भी होगा।'' इसके संभवतः क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन एआर1 जेन-1 मंच द्वारा संचालित होने की उम्मीद है। यह एक ‘चिपसेट' है। इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए लेंसकार्ट से संपर्क किया लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
- कोलकाता । देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड का अक्टूबर 2025 में उत्पादन सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5.64 करोड़ टन रह गया। कंपनी द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर माह के दौरान कोयले का वितरण भी 5.9 प्रतिशत घटकर 5.83 करोड़ टन रह गया। अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान कंपनी का संचयी उत्पादन 38.53 करोड़ टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 4.5 प्रतिशत कम है। इस बीच, कोल इंडिया ने सनोज कुमार झा को अंतरिम चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति एक नवंबर से प्रभावी हो गई।
- नयी दिल्ली। जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद त्योहारी खरीदारी के कारण अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया। रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सहित 375 वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नयी दरें 22 सितंबर से प्रभावी हुईं थीं। यह नवरात्रि का पहला दिन था और यह समय नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है। अक्टूबर के जीएसटी संग्रह के आंकड़े त्योहारी सत्र की बिक्री और दबी हुई मांग के प्रभाव को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने जीएसटी दरों में कटौती का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी का फैसला टाल दिया था। शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से 4.6 प्रतिशत अधिक है। इस साल अगस्त और सितंबर में कर संग्रह क्रमशः 1.86 लाख करोड़ रुपये और 1.89 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा। हालांकि अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि पिछले महीनों में देखी गई लगभग नौ प्रतिशत की औसत वृद्धि से कम है। सकल घरेलू राजस्व, जो स्थानीय बिक्री का एक संकेतक है, अक्टूबर में दो प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर आयात कर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 50,884 करोड़ रुपये रहा। जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 39.6 प्रतिशत बढ़कर 26,934 करोड़ रुपये हो गया।
- नयी दिल्ली। छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों को तीन कार्यदिवसों के भीतर जीएसटी पंजीकरण मिल जाएगा। जीएसटी विभाग शनिवार से छोटे और मझोले व्यवसायों के लिए एक सरल जीएसटी पंजीकरण योजना शुरू कर रहा है। छोटे और कम जोखिम वाले ऐसे व्यवसाय, जिन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली डेटा विश्लेषण के आधार पर पहचानती है, वे इस योजना का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा ऐसे आवेदक जो खुद आकलन करते हैं कि उनकी कर देयता 2.5 लाख रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होगी, वे भी इस योजना के लिए पात्र हैं। केंद्र और राज्य के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद ने तीन सितंबर की अपनी बैठक में सरलीकृत पंजीकरण योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना में स्वैच्छिक रूप से शामिल होने और इससे बाहर निकलने का विकल्प होगा।गाजियाबाद में सीजीएसटी भवन के उद्घाटन के अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि एक नवंबर से शुरू होने वाली सरलीकृत जीएसटी पंजीकरण योजना से 96 प्रतिशत नए आवेदकों को लाभ होने की उम्मीद है।
- मुंबई,। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 5,817 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट अभी भी चलन में हैं। आरबीआई ने 19 मई, 2023 को 2,000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी। हालांकि, ये नोट अभी भी वैध मुद्रा के रूप में बने हुए हैं। केंद्रीय बैंक ने बताया कि चलन में 2,000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य 31 अक्टूबर, 2025 तक घटकर 5,817 करोड़ रुपये रह गया है, जो 19 मई, 2023 को 3.56 लाख करोड़ रुपये था। आरबीआई के अनुसार 19 मई 2023 तक प्रचलन में रहे 2,000 रुपये के 98.37 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं। आरबीआई के 19 निर्गम कार्यालयों में 19 मई, 2023 से 2,000 रुपये के नोटों को बदलने की सुविधा उपलब्ध है।
- नई दिल्ली। विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत, कोल इंडिया लिमिटेड की एक अग्रणी सहायक कंपनी, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने स्वच्छता, स्थिरता और समावेशिता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। नवीन अपशिष्ट प्रबंधन, रिसाइकलिंग, महिला सशक्तिकरण और यंत्रीकृत सफाई पहलों के जरिए, एसईसीएल ने यह दिखाया है, कि कैसे एक प्रमुख कोयला उत्पादक पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व में उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। एसईसीएल के प्रयासों में सबसे आगे एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा में "अपशिष्ट से धन" पहल है। यह परियोजना स्रोत पर ही अपशिष्ट के वैज्ञानिक पृथक्करण और उसके बाद एक ठोस एवं द्रव संसाधन प्रबंधन (एसएलआरएम) केंद्र में प्रसंस्करण पर केंद्रित है।जैव-निम्नीकरणीय अंश को पोषक तत्त्वों से भरपूर खाद में बदला जाता है, जिससे मिट्टी की क्वालिटी बेहतर होती है और एसईसीएल के व्यापक वृक्षारोपण अभियानों को प्रोत्साहन मिलता है। यह पहल "कचरे को खजाने में बदलने" के विचार को वास्तविक रूप देती है, और खनन कार्यों में चक्रीय अर्थव्यवस्था का एक आदर्श प्रस्तुत करती है।एसईसीएल की गेवरा स्थित केंद्रीय उत्खनन कार्यशाला (सीईडब्ल्यूएस) ने स्थायित्व को एक कलात्मक आयाम देते हुए, औद्योगिक कचरे को प्रभावशाली विशाल कलाकृतियों में बदल दिया है। इनमें एक रोबोट सैनिक के साथ एस-400 मिसाइल प्रणाली का एक आकर्षक मॉडल, कोरबा क्षेत्र में "ब्रह्मोस" मिसाइल की एक प्रतिकृति और हसदेव क्षेत्र में पूरी तरह से बेकार पड़े मशीन के पुर्जों और बेयरिंग से निर्मित एक कोयला खनिक की भव्य प्रतिमा शामिल है।समावेशिता और महिला सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाते हुए, एसईसीएल ने हाल ही में कोरबा में स्पेयर पार्ट्स आपूर्ति और प्रबंधन के लिए पहली बार महिलाओं द्वारा चलाई जा रही स्टोर इकाई का उद्घाटन किया।अपने स्वच्छता ढांचे को और मजबूत करते हुए, एसईसीएल ने कोयला परिवहन और कॉलोनी की सड़कों की आधुनिक, धूल-मुक्त सफाई के लिए नौ परिचालन क्षेत्रों में सड़क साफ करने वाली 20 मैकेनिकल मशीनें लगाई हैं। इन प्रमुख पहलों के साथ-साथ, एसईसीएल के अभियान में कर्मचारियों और निवासियों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण शिविर, स्वच्छता में उनके योगदान के लिए सफाई मित्रों का सम्मान, खनन क्षेत्रों में बायो-शौचालय की स्थापना और अरपा नदी के तट जैसे प्रमुख सामुदायिक स्थलों पर स्वच्छता ही सेवा - स्वच्छता उत्सव 2025 के अंतर्गत सफाई अभियान भी शामिल हैं।
- नयी दिल्ली । वैश्विक मानकों के अनुरूप ईंधन कीमतों में मासिक संशोधन के तहत शनिवार को विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में करीब एक प्रतिशत की वृद्धि की गई, जबकि वाणिज्यिक रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में पांच रुपये प्रति सिलेंडर की मामूली कटौती की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के ईंधन खुदरा विक्रेताओं के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में एटीएफ की कीमत 777 रुपये प्रति किलोलीटर या 0.8 प्रतिशत बढ़कर 94,543.02 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। एटीएफ की कीमतों में यह लगातार दूसरी मासिक वृद्धि है। एक अक्टूबर को कीमतों में 3,052.5 रुपये प्रति किलोलीटर या 3.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले एक सितंबर को कीमतों में 1.4 प्रतिशत (1,308.41 रुपये प्रति किलोलीटर) की कटौती की गई थी। मूल्य परिवर्तन के प्रभाव पर विमानन कंपनियों से तत्काल कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी। मुंबई में एटीएफ की कीमत 87,714.39 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़ाकर 88,44.87 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई, जबकि चेन्नई और कोलकाता में इसकी कीमत क्रमश: 98,089.68 रुपये और 97,549.18 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई। इसके साथ ही, तेल कंपनियों ने होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले वाणिज्यिक रसोई गैस (एलपीजी) के 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में पांच रुपये की कमी की है। राष्ट्रीय राजधानी में अब वाणिज्यिक रसोई गैस की कीमत 1,590.50 रुपये है।
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नई दिल्ली। एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक भारत में आधिकारिक तौर पर अपना परिचालन शुरू कर रही है। कंपनी ने इस हफ्ते मुंबई में अपने टेक्निकल और सिक्योरिटी डेमो रन भी शुरू कर दिए हैं। इस बीच कंपनी ने देश में हायरिंग का पहला राउंड शुरू कर दिया है।
स्पेसएक्स ने जॉब पोस्टिंग में कहा, “स्टारलिंक अपनी लो-लेटेंसी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस को दुनिया भर में विस्तार करने के लिए अपने ग्लोबल फुटप्रिंट को बढ़ा रही है। इसी कड़ी में कंपनी की इंडियन सब्सिडियरी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कंप्लायंस की देखरेख के लिए एक अकाउंटिंग मैनेजर को हायर कर रही है।”लिस्टिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, स्टारलिंक के भारत में परिचालन को सपोर्ट करने के लिए बेंगलुरू बेस्ड इस रोल की जिम्मेदारी अकाउंटिंग, रिपोर्टिंग और कानूनी कंप्लायंस फंक्शंस को बनाने और बढ़ाने को लेकर होगी। कंपनी ने भर्ती को लेकर यह भी स्पष्ट किया है कि इस भूमिका के लिए कंपनी वैलिड वर्क ऑथराइजेशन वाले लोकल कैंडिडेट्स को ही प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, इस भूमिका के लिए रिमोट या हाइब्रिड काम के ऑप्शन उपलब्ध नहीं होंगे।इसके अलावा, स्पेसएक्स के करियर पेज पर दी गई लिस्टिंग के मुताबिक, कंपनी अपनी शुरुआती हायरिंग ड्राइव के तहत फाइनेंसिंग और अकाउंटिंग रोल के लिए पेमेंट मैनेजर, अकाउंटिंग मैनेजर, सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट और टैक्स मैनेजर पदों पर नियुक्ती करेगी। ये सभी भूमिकाएं स्टारलिंग के भारत में ऑपरेशनल हब बेंगलुरू के लिए की जाएंगी।इससे पहले सामने आई जानकारियों के अनुसार कंपनी मुंबई के चांदीवली इलाके में 1,294 स्क्वायर फीट का ऑफिस स्पेस लगभग 2.33 करोड़ रुपए में लीज पर ले चुकी है। इस ऑफिस स्पेस को कंपनी ने पांच वर्ष की अवधि के लिए लीज पर लिया है।इसके अलावा, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी भारत के मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, कोलकाता और लखनऊ समेत नौ शहरों में गेटवे स्टेशन की योजना बना रही है। इन स्टेशन की भूमिका भविष्य में भारत के सभी यूजर्स तक सैटेलाइट सिग्नल पहुंचाने में अहम होगी। -
नई दिल्ली। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 465.75 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83,938.71 और निफ्टी 155.75 अंक या 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,722.10 पर था।
बाजार के ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सबसे अधिक गिरावट निफ्टी मीडिया (1.32 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (1.09 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (0.91 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.89 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.84 प्रतिशत) में दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक (1.56 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.03 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.11 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ।मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का भी प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 270.35 अंक या 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,825.90 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88.90 अंक या 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,380.80 पर था।सेंसेक्स पैक में बीईएल, एलएंडटी, टीसीएस, आईटीसी और एसबीआई गेनर्स थे। इटरनल (जोमैटो), एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस , सन फार्मा और टाटा स्टील टॉप लूजर्स थे।बाजार के जानकारों ने कहा कि दिन के दौरान उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह डॉलर का मजबूत प्रदर्शन, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की ओर से ब्याज दरों पर नकारात्मक टिप्पणी के बाद, एफआईआई की फिर से बिकवाली शुरू करना था।उन्होंने आगे कहा कि बाजार में निवेशक अभी मुनाफावसूली कर रहे हैं और ऐसे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति सही रहेगी।भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9 बजकर 25 मिनट पर सेंसेक्स 153.83 अंक या 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,558.29 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 33.95 अंक या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,911.80 स्तर पर बना हुआ था - नयी दिल्ली । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी कृत्रिम मेधा (एआई) इकाई ‘रिलायंस इंटेलिजेंस' ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत चुनिंदा जियो 5जी ग्राहक 18 माह तक ‘गूगल एआई प्रो' सुविधा का मुफ्त इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 35,100 रुपये मूल्य की यह सुविधा इस साझेदारी के तहत जियो 5जी के चुनिंदा ग्राहकों को 18 महीने तक मुफ्त में मिलेगी। इस पेशकश के तहत गूगल के नवीनतम एआई मॉडल ‘जेमिनी 2.5 प्रो' तक उच्चस्तर की पहुंच, 'नैनो बनाना' और 'विओ 3.1' जैसे अत्याधुनिक मॉडल्स के जरिये तस्वीर एवं वीडियो सामग्री तैयार करने की बढ़ी हुई सीमा, नोटबुक एलएम जैसे शोध उपकरणों का विस्तार और 2 टीबी का क्लाउड स्टोरेज शामिल है। यह पहल उस घोषणा के तुरंत बाद आई है जिसमें ओपनएआई ने चार नवंबर से भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए ‘चैटजीपीटी गो' योजना एक वर्ष के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने की बात कही है। ‘चैटजीपीटी गो' योजना की वर्तमान कीमत 399 रुपये प्रति माह है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश डी. अंबानी ने कहा, “रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य 1.45 अरब भारतीयों को बुद्धिमत्ता से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। गूगल जैसे दीर्घकालिक साझेदारों के साथ मिलकर हम भारत को न केवल एआई-सक्षम बल्कि एआई-सशक्त बनाना चाहते हैं, जहां हर नागरिक और उद्यम नवाचार कर सके।” रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया कि शुरुआती चरण में यह सुविधा 18-25 वर्ष की आयु वर्ग के असीमित 5जी प्लान वाले जियो ग्राहकों को दी जाएगी। हालांकि, बाद में इसका विस्तार सभी जियो उपभोक्ताओं तक कर दिया जाएगा। रिलायंस ने गूगल क्लाउड के साथ एआई हार्डवेयर एक्सेलेरेटर्स तक पहुंच बढ़ाने के लिए भी साझेदारी की है, जिससे अधिक संगठनों को बड़े और जटिल एआई मॉडल विकसित और लागू करने में मदद मिलेगी। बयान के मुताबिक, रिलायंस इंटेलिजेंस अब जेमिनी एंटरप्राइज मंच पर अपने उद्यम एआई एजेंट्स भी विकसित करेगी। इससे उपयोगकर्ताओं को गूगल और अन्य तृतीय पक्षों द्वारा बनाए गए एजेंट्स का व्यापक विकल्प मिलेगा।
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नयी दिल्ली. अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने हवाई अड्डों पर व्यक्तिगत यात्री अनुभव प्रदान करने के लिए कृत्रिम मेधा-संचालित प्रणाली को लागू करने के वास्ते एआईओएनओएस के साथ सहयोग किया है। इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज का हिस्सा एआईओएनओएस यात्रियों को एक सुसंगत अनुभव और व्यक्तिगत बहुभाषी सहायता प्रदान करेगी। राष्ट्रीय राजधानी में दोनों कंपनियों ने एक समझौते पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ एआई-संचालित समाधान चौबिसों घंटे ‘इंटेलिजेंस कंसीयज' के रूप में कार्य करेगा। इससे यात्रियों को उड़ान सेवा, द्वार, सामान की स्थिति, दिशा-निर्देश और हवाई अड्डे की सेवाओं तक कई भाषाओं में जानकारी मिलेगी।'' ‘इंटेलिजेंस कंसीयज' एक ऐसी सेवा है जो कृत्रिम मेधा और डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि का उपयोग करके व्यक्तिगत एवं कुशल सेवाएं प्रदान करती है। ये सेवाएं अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी।अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण बंसल ने कहा कि नई एआई प्रणाली यात्री अनुभव को बदल देगी। एएएचएल सात हवाई अड्डों का संचालन करती है और जल्द ही नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू करेगी। -
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से दुर्लभ मृदा चुंबकों (रेयर अर्थ मैग्नेट)के आयात के लिए लाइसेंस प्राप्त हुए हैं। चुंबकों के आयात के लिए कम से कम तीन भारतीय कंपनियों कॉन्टिनेंटल इंडिया, हिताची और जय उशिन को प्रारंभिक सरकारी मंजूरी मिल गई है। ये कंपनियां भारत के ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए पुर्जे उपलब्ध कराती हैं।
अप्रैल की शुरुआत में बीजिंग द्वारा इन चुंबकों के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लगाए जाने के बाद से यह पहली मंजूरी है। इस कदम का उद्देश्य आपूर्ति संबंधी उन समस्याओं को दूर करना है, जिनका भारत के प्रमुख उद्योगों पर असर पड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि अमेरिका और चीन के बीच वार्ता हमारे क्षेत्र में किस प्रकार से प्रभाव डालेगी।आयात लाइसेंस में विशिष्ट शर्तें जुड़ी हैं। आयातित चुंबकों को यूएस को पुनः निर्यात नहीं किया जा सकता और न ही उनका उपयोग रक्षा संबंधी उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय ने जून 2025 में पहले ही पुष्टि कर दी थी कि वह दुर्लभ मृदा सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित करने और व्यापार आपूर्ति शृंखला में पूर्वानुमानशीलता लाने के लिए चीन के साथ बातचीत कर रहा है।भारत सरकार और उद्योग निकाय आपूर्ति संबंधी बाधाओं का समाधान खोजने के लिए काम कर रहे हैं। ऑटोमोटिव क्षेत्र, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माता, निर्यात प्रतिबंधों से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। लाइसेंसों के इस प्रारंभिक अनुदान से दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है। -
टोक्यो. मारुति सुजुकी अगले पांच साल में आठ एसयूवी पेश करेगी, जिससे उसके कुल मॉडल की संख्या 28 हो जाएगी। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक और अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने बुधवार को कहा कि कंपनी घरेलू यात्री वाहन खंड में 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। सुजुकी ने ‘जापान मोबिलिटी शो' के दौरान यहां आए भारतीय पत्रकारों से बातचीत में भारतीय कार बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया और कहा कि 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना मारुति सुजुकी के लिए कठिन लक्ष्य होगा। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) की देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में घरेलू यात्री वाहन बाजार में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी घटकर लगभग 39 प्रतिशत रह गई है। सुजुकी ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की योजना के बारे में पूछने पर कहा, ‘‘बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हम अगले 5-6 साल में आठ एसयूवी पेश करेंगे, जिससे हमारी कुल उत्पाद श्रृंखला 28 मॉडल तक पहुंच जाएगी।'' उन्होंने कहा कि कंपनी 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण तथा निर्यात में भी अव्वल बनने के लिए प्रतिबद्ध है। मारुति सुजुकी इस समय घरेलू बाजार में 18 मॉडल बेच रही है और उसकी बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2018-19 के 51.2 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 38.8 प्रतिशत रह गई है। सुजुकी ने भारत के लिए अपनी रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मारुति सुजुकी घरेलू बाजार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के साथ ही निर्यात बढ़ाने पर भी ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि घरेलू और निर्यात, दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एमएसआई संयंत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 40 लाख इकाई प्रति वर्ष की जाएगी। सुजुकी ने बताया कि भारत जैसे बड़े देश में ग्राहकों की विविध जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और सीएनजी मॉडल सहित सभी प्रकार की कारें पेश करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात में नौ बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना के साथ बायोगैस से चलने वाले वाहनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। सुजुकी ने बताया कि भारत में अपनी समग्र उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एसएमसी ने पहले ही वित्त वर्ष 2030-31 तक 70,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
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नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने बुधवार को आकलन वर्ष 2025-26 के लिए कंपनियों और ऑडिट की जरूरत वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दी। सामान्य तौर पर ऐसे करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होती है। आयकर विभाग के प्रशासकीय निकाय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान में कहा, ‘‘बोर्ड ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की निर्धारित तिथि को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर अब 10 दिसंबर, 2025 कर दिया है।'' इसके अलावा, इन करदाताओं के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि भी 10 नवंबर तय की गई है।
आयकर अधिनियम के मुताबिक, ऑडिट की अनिवार्यता वाली कंपनियों, साझेदारी फर्मों और प्रोप्राइटरशिप इकाइयों को 31 अक्टूबर तक रिटर्न दाखिल करना होता है। वहीं, व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए यह समयसीमा 31 जुलाई रहती है। आयकर विभाग ने समयसीमा बढ़ाने का निर्णय उद्योग जगत के आग्रह और प्राकृतिक आपदाओं एवं बाढ़ से प्रभावित राज्यों में कारोबारी गतिविधियों में आई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। इससे पहले विभाग ने 25 सितंबर को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 31 अक्टूबर की थी। अब उसे और बढ़ाकर 10 नवंबर कर दिया गया है। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए व्यक्तिगत करदाताओं के आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि भी इस साल 31 जुलाई से बढ़ाकर 16 सितंबर कर दी गई थी। इस दौरान 7.54 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए, जिनमें से 1.28 करोड़ करदाताओं ने स्वयं मूल्यांकन कर का भुगतान किया।





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