‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत ग्राम भर्रीटोला-36 में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
0- कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण अपनाने किया प्रेरित
0- प्रतिकूल मौसम के मद्देनजर कटी फसलों व उपज को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर रखने की दी गई सलाह
बालोद. भारत सरकार की योजना के अंतर्गत संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बालोद के वैज्ञानिकों द्वारा विकासखण्ड डौंडी के ग्राम भर्रीटोला-36 में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती तथा मृदा की उर्वरता बढ़ाने की आधुनिक पद्धतियों के प्रति सजग व जागरूक करना रहा।
फसल चक्र परिवर्तन एवं दलहन-तिलहन के उपयोग पर जोर
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के. आर. साहू ने किसानों को फसल चक्र में परिवर्तन करने और रबी मौसम में धान के स्थान पर अन्य उपयुक्त रबी फसलें अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने गोबर की खाद का संतुलित उपयोग करने तथा मिट्टी की सेहत सुधारने के कारगर उपायों की विस्तृत जानकारी दी। पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. भीमेश्वरी साहू ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उसके लाभों से अवगत कराया। वहीं पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपशिखा मनु चंद्राकर ने उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर बल दिया। वैज्ञानिकों द्वारा उपस्थित कृषकों की खेती-किसानी से जुड़ी सामयिक समस्याओं का समाधान करते हुए उन्नत दलहन-तिलहन बीजों के संबंध में भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
मौसम को देखते हुए कटी फसल सुरक्षित रखने की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी 27 से 29 अक्टूबर तक संभावित प्रतिकूल मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिन खेतों में फसलों की कटाई पूरी हो चुकी है, वे किसान कटी हुई फसलों व उपज को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर भंडारित करें। इसके साथ ही खड़ी फसलों की कटाई मौसम के मिजाज और फसल की परिपक्वता को देखकर ही करने तथा जारी मौसमी सलाह का पालन करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच, पंच, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व किसान उपस्थित रहे।
दलहन व कुल्थी फसलों के प्रक्षेत्र का किया भ्रमण
इसी क्रम में दलहन फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के तहत ग्राम चिखली एवं अड़जाल का भ्रमण कर अरहर फसल के प्रदर्शन का जायजा लिया। इस दौरान कृषकों को अधिक उत्पादन हेतु सामयिक तकनीकी जानकारी दी गई। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने कुल्थी फसल के खेतों का भी निरीक्षण कर किसानों को इसकी वैज्ञानिक खेती के गुर सिखाए। इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री चेतन भुआर्य सहित क्षेत्र के अनेक कृषक उपस्थित रहे।








.jpg)
Leave A Comment