स्वास्थ्य सेवाओं में बालोद जिले की बड़ी उपलब्धि, प्रदेश में मिला चौथा स्थान
0- छह माह में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मिला परिणाम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई
बालोद. छत्तीसगढ़ शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बालोद जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। अप्रैल से सितंबर 2026 तक के स्वास्थ्य संबंधी प्रदर्शन के आधार पर जिले को यह उपलब्धि मिली है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार और उनके संवेदनशील नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का यह सकारात्मक परिणाम है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को बधाई देते हुए उनके समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने और आम नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और एनीमिया नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उईके के अनुसार, जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया मुक्त भारत, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, नवजात शिशु देखभाल, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
अप्रैल से सितंबर 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत 5 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आयरन की गुलाबी गोली वितरण में 115 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। वहीं, किशोर-किशोरियों को आयरन की नीली गोली वितरण कार्यक्रम में 91 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई। पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम में भी जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
क्षय रोग उपचार में 91 प्रतिशत सफलता दर
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में उपचार सफलता दर 91 प्रतिशत रही। क्षय रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने, समय पर रोगियों की पहचान करने और उनका उपचार लगातार जारी रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे क्षय रोग नियंत्रण और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 89,694 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं, गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मधुमेह के उपचाराधीन पंजीकृत मरीजों की उपलब्धि 119 प्रतिशत दर्ज की गई है। इससे मधुमेह जैसे रोगों की पहचान, पंजीयन और उपचार संबंधी सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयास सामने आते हैं।
सिकल सेल स्क्रीनिंग में लक्ष्य का 95 प्रतिशत पूरा
जिले में सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत 5,15,021 व्यक्तियों की जांच की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सिकल सेल से संबंधित संभावित मामलों की पहचान कर आवश्यक जांच, परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा, जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन और डायलिसिस सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिले की इन उपलब्धियों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, मितानिनों और अन्य मैदानी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त करना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।










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