- Home
- छत्तीसगढ़
- -भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने 2026 में जारी की सूची-देश के 54 वितरण कंपनियों की रैंकिंग व रेटिंगरायपुर । भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के विद्युत उपभोक्ताओं की सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार को सराहा है। हाल ही में देश के 54 विद्युत वितरण कंपनियों की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को ए रेटिंग दी है। यह सीएसपीडीसीएल की प्रशासनिक दक्षता और कसावट का नतीजा बताया जा रहा है।माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह एवं ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव इस उपलब्धि के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि भारत सरकार व्दारा जारी 14वीं वार्षिक एकीकृत रेटिंग एवं रैंकिंग (इंटीग्रेटेड रेटिंग एंड रैंकिंग) ऑफ पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपना ग्रेड ‘बी’ से ‘ए’ में उन्नयन किया है।इस नवीनतम रेटिंग में कंपनी को 70.40 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि 13वीं रेटिंग में कंपनी का स्कोर 54.41 अंक था। इस प्रकार कंपनी ने 16 अंकों से अधिक का महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है, जो विद्युत वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन एवं उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में किए गए सतत सुधारात्मक प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।यह रेटिंग तकनीकी प्रदर्शन, वित्तीय स्थिति, उपभोक्ता सेवाएं, नियामकीय अनुपालन तथा प्रशासनिक दक्षता जैसे प्रमुख मापदंडों के आधार पर निर्धारित की जाती है।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने लाइन लॉस में कमी, बिलिंग एवं राजस्व संग्रह में सुधार, शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा अधोसंरचना विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसका सकारात्मक परिणाम इस रेटिंग में परिलक्षित हुआ है। श्री कंवर ने इस उपलब्धि को राज्य शासन के मार्गदर्शन, अधिकारियों-कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास एवं उपभोक्ताओं के सहयोग का परिणाम बताया है। कंपनी ने भविष्य में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाते हुए आगामी रेटिंग में उच्चतर ग्रेड प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- -भगवान श्री राम हम सबके आराध्य, छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए मार्ग पर चल रही है - मंत्री गुरु खुशवंत साहेब-महिला सशक्तिकरण को समर्पित माता कौशल्या महोत्सव 2026रायपुर। जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत चंदखुरी ग्राम में माता कौशल्या महोत्सव 2026 का शुभारंभ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मानस मंडली एवं सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम विराट तिवारी को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में “महतारी वंदन योजना” की 25वीं किस्त जारी कर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में 500 वर्षों बाद भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। भगवान श्री राम हम सबके आराध्य हैं। छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए रास्ते पर चल रही हैं।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “रामलला दर्शन योजना” के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है तथा महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री ने आगे कहा कि सभी के सहयोग से इस महोत्सव को और अधिक भव्य बनाया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर में फिल्म सिटी, मेडिसिटी सहित विभिन्न विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।माता कौशल्या महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और पहचान को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जहां एक ओर श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूती मिलती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है। मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।माता कौशल्या महोत्सव 2026 न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि राज्य सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यटन विकास के प्रति प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जिससे चंद्रखुरी धाम आज छत्तीसगढ़ की नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है।कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि माता कौशल्या महोत्सव महिला सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में महिलाओं द्वारा संचालित स्टॉल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से वे स्व-रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -870 युवा अधिकारियों को दी बधाई, कहा - संवेदनशीलता, ईमानदारी और दक्षता से निभाएं जनसेवा का दायित्वरायपुर । चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, जिसे धारण करने वाले प्रत्येक अधिकारी पर समाज की सुरक्षा और न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकातमंत्री श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब एक सामान्य नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाती है। जब अंधेरे में कोई भयभीत होता है, तो उसे उम्मीद भी पुलिस से ही होती है। ऐसे में पुलिस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का आधार है।उन्होंने आगे कहा कि आज 870 युवा प्रशिक्षु अधिकारी ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां से वे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विश्वास और अपेक्षाओं का प्रतीक है।राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। उन्होंने इसके लिए देश के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब चुनौतियां बदल चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील बनना होगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई बेटियों की भागीदारी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहचान बताया। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार करें तथा अपने कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता को सर्वाेपरि रखें।उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। साथ ही, जहां भी उनकी नियुक्ति हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए।अपने संबोधन के अंत में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।”उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस दिन कोई नागरिक यह कहे कि “पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं”, उसी दिन एक पुलिस अधिकारी की वर्दी सार्थक होगी।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
- -बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगतरायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
- - इन क्षेत्रों में बंदूक की गूंज की जगह स्कूलों में बच्चों की पढ़ाईऔर किताबों की सरसराहट दे रही है सुनाईरायपुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की नई अलख, सरकार और सुरक्षाबलों की पहल से जगी है, दुर्गम इलाकों में मॉडल स्कूल, 'नियद नेल्ला नार' जैसी योजनाओं और समर्पित शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जो अब फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर और तकनीकी कौशल सीखकर अपना भविष्य संवार रहे हैं। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों में अब शिक्षा का उजाला फिर से फैलने लगा है। शासन के सतत प्रयासों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं के कारण सुकमा जिले में बंद पड़े स्कूलों को पुनः संचालित किया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अब इन क्षेत्रों में बंदूक की गूंज की जगह स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, ककहरा और किताबों की सरसराहट सुनाई दे रही है, जो एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का संकेत है।वर्ष 2006 में माओवादी प्रभाव और सलवा जुडूम आंदोलन के चलते सुकमा जिले के कुल 123 स्कूल बंद हो गए थे, जिनमें 101 प्राथमिक और 21 माध्यमिक विद्यालय शामिल थे। प्रशासन के लगातार प्रयासों से अब इन सभी स्कूलों को पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में जिले में एक भी ऐसा विद्यालय नहीं है जो नक्सल प्रभाव के कारण बंद हो। नक्सल आतंक से कभी छूटा था स्कूल, अब सुशासन से फिर जागी शिक्षा की अलख,उम्मीदों को मिल रहा सहारा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भय के कारण बंद हुए स्कूल फिर से खुल रहे हैं। स्कूल छोड़ चुके बच्चों की स्कूल में वापसी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शिक्षा का उजियारा बस्तर क्षेत्र की हर दिशा में फैल रहा है।शिक्षा के विस्तार और छात्रों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिले में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। वर्तमान में 16 पोटा केबिन (आवासीय विद्यालय) संचालित हैं, जिनमें 6,722 छात्र अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही 16 पोटा केबिन छात्रावासों में 1,389 विद्यार्थी रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-3 (कक्षा 6वीं से 12वीं) के 3 विद्यालयों में 600 छात्राएं तथा टाइप-4 (कक्षा 9वीं से 12वीं) के 2 छात्रावासों में 200 छात्राएं लाभान्वित हो रही हैं।वर्ष 2024-25 में “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत सुकमा जिले के चयनित गांवों में 07 नए प्राथमिक विद्यालय खोले गए हैं, जिनमें अब तक 210 बच्चों ने प्रवेश लिया है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा 19 और नए विद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे शिक्षा का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।जमीनी स्तर पर हो रहे ये सकारात्मक बदलाव न केवल बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रहे हैं। शासन द्वारा “पहले” और “अब” की तस्वीरों के माध्यम से इस परिवर्तन को प्रमाणित किया गया है।
-
रायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे। -
-वनोपज संघ की वित्तीय स्थिति सुदृढ़, सभी प्रक्रियाएँ हैं पारदर्शी
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2024 से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है। यह संघ की मजबूत भुगतान क्षमता को दर्शाता है।तेन्दूपत्ता की बिक्री पूरी तरह ई-टेंडरिंग के माध्यम से की जाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया है। दरें गुणवत्ता, बाजार स्थिति एवं प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर तय होती हैं। सभी प्रस्तावों को वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति के अनुमोदन के बाद ही स्वीकृति दी जाती है।व्यावसायिक कार्यों हेतु कार्यशील पूंजी के रूप में बैंक ऋण लेना सामान्य प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। पूर्व में लिया गया 300 करोड़ रुपए का ऋण भी समय पर ब्याज सहित चुकाया जा चुका है। संघ के पास उपलब्ध संसाधन एवं आय संभावनाएँ सभी देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।संघ राज्य के लगभग 13.65 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ पहुँचा रहा है। संग्रहण एवं प्रोत्साहन राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में समयबद्ध रूप से भुगतान की जाती है। आदिवासी एवं ग्रामीण हितग्राहियों की सुरक्षा संघ की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।वर्ष 2013-14 में संघ के पास 640.32 करोड़ रुपए की एफडी थी, जबकि वर्ष 2024-25 में 634.81 करोड़ रुपए की एफडी उपलब्ध है। अतः संघ तेन्दूपत्ता व्यापार से प्राप्त राशि का उपयोग अगले वर्ष के संग्रहण कार्य एवं संग्राहकों के कल्याणकारी योजनाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा एवं छात्रवृत्ति आदि में किया जाता है साथ ही साथ कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है। - -जिला अस्पताल में हुआ जन्मजात मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशनरायपुर। बस्तर के नौ वर्षीय बालक ललित मौर्य के जीवन में अब खुशियों का एक नया सवेरा हुआ है। जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नदीसागर के आश्रित ग्राम पराली का निवासी ललित जन्म से ही मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा था। इस जन्मजात विकार के कारण वह दुनिया की खूबसूरती देखने में पूरी तरह असमर्थ था और उसका बचपन अंधेरे के साये में बीत रहा था। हालांकि ललित के मोतियाबिंद की पहचान पूर्व में ही हो गई थी, लेकिन सर्जरी को लेकर मन में बैठे डर और संशय के कारण उसके परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।ललित के उजाले की ओर बढ़ने का सफर 20 मार्च को बस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर से शुरू हुआ, जहाँ वह दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने पहुँचा था। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की पहल पर आयोजित इस विशेष शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान नेत्र विशेषज्ञों ने ललित की स्थिति को समझा। इस दौरान पलारी के नेत्र सहायक अधिकारी श्री अनिल नेताम ने विशेष सक्रियता दिखाते हुए परिजनों को ऑपरेशन के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उनके अथक प्रयासों और निरंतर दी गई समझाइश का ही परिणाम था कि परिजन अंततः सर्जरी के लिए राजी हुए, जिसके बाद ललित को तत्काल बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।कलेक्टर बस्तर श्री आकाश छिकारा के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इस केस को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सेवा योजना और जिला प्रशासन के कुशल समन्वय से 24 मार्च को जिला महारानी अस्पताल जगदलपुर में डॉ सरिता थॉमस द्वारा ललित का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुमारी रीना लक्ष्मी के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया।इस पुनीत कार्य में नेत्र सहायक अधिकारी कुमारी दिव्या पाण्डे, श्री सुंकर अमृत राव, श्री देवकरण व्यास सहित वार्ड इंचार्ज श्रीमती अन्नपूर्णा साहू और स्टाफ नर्स श्रीमती स्मृता कच्छ व नमिता मौर्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही ऑपरेशन थिएटर में सहायक श्री डोलेश्वर जोशी की सक्रियता ने इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाया। ऑपरेशन के बाद जब ललित की आंखों से पट्टी हटाई गई, तो उसके चेहरे पर आई चमक ने पूरी मेडिकल टीम की मेहनत को सफल कर दिया। अब ललित न केवल अपनी आंखों से दुनिया को देख पा रहा है, बल्कि अपने परिजनों और आसपास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से पहचानने भी लगा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संवेदनशीलता ने एक मासूम के जीवन से अंधेरा मिटाकर एक परिवार के घर में उम्मीद का दीया जला दिया है।
- -शून्य दुर्घटना पर कार्यशाला में दिया गया जोररायपुर । औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा बुधवार को बिलासपुर के पं. देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित एकदिवसीय औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर के संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, आईएचएस के संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव ने संबोधित किया। कार्यशाला में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार सोरी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र की स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना था।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। दुर्घटनाएं भले ही क्षणिक होती हैं, लेकिन उनके दुष्परिणाम लंबे समय तक प्रभावित करते हैं। इसलिए औद्योगिक इकाइयों में जोखिम की पहचान कर समय रहते उचित प्रबंधन, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, नियमित प्रशिक्षण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि उद्योग देश के विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम हैं, लेकिन किसी भी दुर्घटना से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि संस्थान की साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और श्रमिकों के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित कार्य वातावरण निर्मित किया जा सकता है। श्रमिकों को नियमित प्रशिक्षण देने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने तथा उनमें स्वामित्व की भावना विकसित करने पर उन्होंने विशेष बल दिया।कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना गंभीर घटनाओं को जन्म देता है, जिसमें मानव लापरवाही प्रमुख कारण होती है। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने तथा किसी भी घटना की स्थिति में उसे छुपाने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों द्वारा सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर प्रस्तुतियां दी गईं तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रमिकों एवं प्रबंधन को जागरूक किया गया। पावर पॉइंट प्रस्तुति एवं संवादात्मक सत्रों के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में सुरक्षा की शपथ भी ली गई। इस आयोजन के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
- -तैराकी में कर्नाटक ने जीते छह में से पांच स्वर्ण पदक-कर्नाटक के मणिकांत एल और मेघांजलि ने जीते दो-दो स्वर्ण-मेजबान छत्तीसगढ़ ने उद्घाटन दिन जीता एक रजत और एक कांस्यरायपुर। कर्नाटक के धनीश एन और ओडिशा की अंजलि मुंडा ने बुधवार को यहां इंटरनेशनल स्विमिंग कॉम्प्लेक्स में पुरुष और महिला 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।स्विमिंग में पहले दिन कर्नाटक का दबदबा रहा, जहां उसने छह में से पांच स्वर्ण पदक जीते। वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी महिला और पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान की शुरुआत की।इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भाग ले रहे हैं, जिसमें करीब 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।पहले दिन के बाद कर्नाटक सात पदकों (पांच स्वर्ण सहित) के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है। ओडिशा चार पदकों (एक स्वर्ण) के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि मेजबान छत्तीसगढ़ दो पदकों के साथ चौथे स्थान पर है।KITG 26 Medal Tally URLhttps://tribal.kheloindia.gov.in/medal-tallyपुरुष 200 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल में धनीश ने 2:03.55 सेकंड का समय निकालकर अपने ही राज्य के कीर्तन शरथ (2:10.99 सेकंड) को लगभग सात सेकंड से पीछे छोड़ा। महाराष्ट्र के भक्तिश कुमरे (2:14.73 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।धनीश ने कहा, “यह मेरा पहला खेलो इंडिया गेम्स है और इन खेलों का पहला स्वर्ण जीतना मेरे लिए बेहद खास है। मुझे लगता है कि मैं इससे बेहतर समय निकाल सकता था, लेकिन मैं खुश हूं।”महिला 200 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा ने स्वर्ण और कांस्य जीता। अंजलि मुंडा ने 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर बेहद करीबी मुकाबले में कर्नाटक की निधि एस (2:39.09 सेकंड) को पछाड़ा। ओडिशा की श्रिया पडियामी (2:49.04 सेकंड) तीसरे स्थान पर रहीं।इसके बाद कर्नाटक ने बाकी स्पर्धाओं में दबदबा कायम रखा, जहां मणिकांत एल और मेघांजलि ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में दो-दो स्वर्ण पदक जीते।मणिकांत ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1:07.41 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण जीता। महाराष्ट्र के पलाश ठाकुर (1:11.69 सेकंड) दूसरे स्थान पर रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के निखिल झालको (1:11.77 सेकंड) ने कांस्य पदक जीतकर मेजबान राज्य का खाता खोला।मणिकांत ने इसके बाद 50 मीटर बटरफ्लाई में भी 27.06 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। असम के फिरमिनो एमोन लालुंग (27.69 सेकंड) और त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (28.48 सेकंड) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।महिला वर्ग में मेहानजलि का भी शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1:25.81 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (1:29.10 सेकंड) ने रजत पदक हासिल किया।इसके बाद मेघांजलि ने 50 मीटर बटरफ्लाई में 34.67 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया। त्रिपुरा की तिलुत्तम जमातिया (34.85 सेकंड) और ओडिशा की रितिका मिन्ज (35.54 सेकंड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।परिणाम (फाइनल)तैराकी- महिला वर्ग:-200 मीटर फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – अंजलि मुंडा (ओडिशा) 2:39.02 सेकंड; रजत – निधि एस (कर्नाटक) 2:39.09 सेकंड; कांस्य – श्रिया पडियामी (ओडिशा) 2:49.04 सेकंड-100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: स्वर्ण – मेघांजलि (कर्नाटक) 1:25.81 सेकंड; रजत – अनुष्का भगत (छत्तीसगढ़) 1:29.10 सेकंड; कांस्य – रिंकी मुर्मू (ओडिशा) 1:34.70 सेकंड-50 मीटर बटरफ्लाई: स्वर्ण – मेघांजलि (कर्नाटक) 34.67 सेकंड; रजत – तिलुत्तम जमातिया (त्रिपुरा) 34.85 सेकंड; कांस्य – रितिका मिन्ज (ओडिशा) 35.54 सेकंड-पुरुष वर्ग:-200 मीटर फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – धनीश एन (कर्नाटक) 2:03.55 सेकंड; रजत – कीर्तन शरथ (कर्नाटक) 2:10.99 सेकंड; कांस्य – भक्तिश कुमरे (महाराष्ट्र) 2:14.73 सेकंड-100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: स्वर्ण – मणिकांत एल (कर्नाटक) 1:07.41 सेकंड; रजत – पलाश मनोज ठाकुर (महाराष्ट्र) 1:11.69 सेकंड; कांस्य – निखिल झालको (छत्तीसगढ़) 1:11.77 सेकंड-50 मीटर बटरफ्लाई: स्वर्ण – मणिकांत एल (कर्नाटक) 27.06 सेकंड; रजत – फिरमिनो एमोन लालुंग (असम) 27.69 सेकंड; कांस्य – रियाज त्रिपुरा (त्रिपुरा) 28.48 सेकंड
- रायपुर,। बच्चों में बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), विशेषकर बाल मधुमेह, सिकल सेल रोग एवं जन्मजात हृदय रोग की रोकथाम, शीघ्र पहचान तथा प्रभावी प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रायपुर में श्री संजीव कुमार झा (संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं) की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया। इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य राज्य में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना, बहु-विभागीय समन्वय को बढ़ावा देना तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं सुदृढ़ रेफरल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।कार्यक्रम के दौरान बच्चों में एनसीडी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख चुनौतियों एवं भावी प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने शीघ्र पहचान, दवाओं की सतत उपलब्धता, उपचार अनुपालन तथा मजबूत रेफरल तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। सिकल सेल रोग प्रबंधन हेतु जशपुर मॉडल को एक प्रभावी एवं अनुकरणीय पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।पैनल चर्चाओं में बाल मधुमेह एवं सिकल सेल रोग के समग्र प्रबंधन, निजी क्षेत्र की भागीदारी, सामुदायिक सहयोग तथा सामाजिक कलंक को कम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। समूह कार्य के माध्यम से प्रतिभागियों ने स्क्रीनिंग बढ़ाने, उपचार अनुपालन सुधारने तथा सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में AIIMS रायपुर एवं पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के विशेषज्ञों के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) एवं भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में, एकम फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।तकनीकी सत्रों में डॉ. खेमराज सोनवानी (उप संचालक, सिकल सेल), डॉ. वी.आर. भगत (उप संचालक, शिशु स्वास्थ्य)एवं श्री सुबोध धर शर्मा (राज्य सलाहकार, NP-NCD) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सलाहकार उपस्थित रहे।परामर्श में ट्राइबल वेलफेयर विभाग, स्कूल शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रतिनिधियों की सहभागिता से बहु-विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ किया गया। सहयोगी संस्थाओं की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन, संगवारी, क्लिंटन फाउंडेशन, NASCO, प्रतिनिधि जुवेनाइल डायबिटीज तथा पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय योगदान दिया।इस राज्य स्तरीय परामर्श में कुल 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही राज्य के उच्च प्राथमिकता वाले 8 जिलों—रायपुर, कांकेर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़ एवं राजनांदगांव से जिला स्तर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें जिला एनसीडी नोडल अधिकारी, सिकल सेल नोडल अधिकारी तथा एनसीडी सलाहकार/सहायक नोडल अधिकारी शामिल थे। इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों के अनुभव साझा करते हुए जमीनी स्तर की चुनौतियों एवं संभावित समाधान प्रस्तुत किए।अंत में प्रतिभागियों ने राज्य में बच्चों हेतु एनसीडी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से कार्ययोजना को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की सहमति व्यक्त की गई। कार्यक्रम को सहयोग करने तथा सफल बनाने के लिए राज्य द्वारा यूनिसेफ की सराहना की गई और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम को करने के लिए विशेष सहयोग के लिए कहा गया।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से बुधवार को यहां लोकभवन में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को विश्वविद्यालय में 4 एवं 5 मई 2026 को आयोजित होने वाले “इनोवेशन महाकुंभ” के संबंध में विस्तृत जानकारी दी । श्री डेका ने कहा कि इस आयोजन से बस्तर के युवाओं में नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा मिलेगा यह पहल युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय है। राज्यपाल ने कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन भी किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-
योजना से आए जीवन में बदलाव की ली जानकारी
बालोद/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित राशि वितरण कार्यक्रम में पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान से प्रदेशभर के हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से योजना के लाभ और उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।
संवाद के दौरान बालोद जिला के यादव राम निषाद ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान कहा कि-वे उनसे बात कर भावुक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी छोटी किराना दुकान है, जिसे वे इस राशि की सहायता से और विकसित करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। - - परीक्षा खत्म होते ही बाल कलाकार, अपर्णा कालेले के निर्देशन में पूरे जोश के साथ कर रहे रिहर्सलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में 28 मार्च से शुरू हो रहे वाल्मिकी रामायण पर आधारित राम कथा के दौरान ही 29 मार्च को बाल नाटक का मंचन किया जाएगा। अपर्णा कालेले के निर्देशन में तैयार हो रहे बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का मंचन रविवार को शाम 6:30 बजे किया जाएगा।अपर्णा ने बताया कि 15 मिनट के इस नाटक में तनिष्क डोनगांवकर, तन्वी डोनगांवकर, प्रणीश डोनगांवकर, अनय पंडित, अक्षत पंडित, प्रथमेश पुराणिक, कियान महाजन, विहान कालेले, मायरा गुप्ते सहित कई बाल कलाकार भाग ले रहे हैं। अपर्णा ने ही बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का लेखन भी किया है। नाटक में तकनीकी पक्ष परितोष डोनगांवकर और प्रवीण क्षीरसागर संभालेंगे।अपर्णा के अनुसार नाटक में अध्योध्या में अश्वमेघ यज्ञ उपरांत प्रभु श्रीराम की ओर से छोड़े गए घोड़े को लव और कुश रोककर रघुवंशी परिवार के वीर सदस्यों से युद्ध कर उन्हें परास्त करने के दृश्य मंचित किए जाएंगे। अंत में प्रभु श्रीराम से युद्ध के दौरान माता सीता आती है, और लव और कुश को बताती हैं कि तुम दोनों श्रीराम से युद्ध करते तो अनर्थ हो जाता क्योंकि राजा राम ही तुम्हारे पिता हैं। इसके बाद प्रभु श्रीराम उन्हें अपने साथ अयोध्या स्थित राजमहल ले जाते हैं। नाटक में खूब सारे एक्शन सीन और जोशीले डायलॉग होने के कारण बच्चों में नाटक को लेकर खासा उत्साह और जोश है।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि राम कथा के दौरान बच्चों का नाटक आध्यात्मिक संतुष्टि के साथ एक अलग ही मजा देगा। उन्होंने रंगमंच के दर्शकों से बड़ी संख्या में बाल नाटक देखने का आग्रह किया है। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि बच्चों को धर्म- आध्यात्म विषय के नाटकों को जोड़ने का बड़ा फायदा उन्हें अपनी संस्कृति की जानकारी देकर इनसे आत्मसात कराना भी है। उन्होंने ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ देखने के लिए राम कथा श्रोताओं से उनके बच्चों को भी विशेष रूप साथ लाने का आग्रह किया है, ताकि अपनी संस्कृति के साथ नाटकों के प्रति भी उनका रुझान बढ़े।
- रायपुर। केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। विकसित भारत की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। नए भारत का निर्माण हो रहा है विकसित भारत के राह पर देश मजबूती से कदम आगे बढ़ा रहा है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में दस साल के स्पोर्ट्स का विजन रखते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी जी स्पोर्ट्स सेक्टर को 1 से 10 के क्रम में लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा है भारत दुनिया में 1 से 5 क्रम में स्पोर्ट्स नेशन में कैसे शामिल हो इस दिशा में प्रयास हो रहा है, जिसके फलस्वरूप देश में टैलेंट को आयडेंटिफाई करना, टैलेंट को लांच करना और स्पोर्ट्स के लिए इको सिस्टम तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने कई कार्यक्रम चलाए हैं। उसमें से खेलो इंडिया के द्वारा देश में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्ससिटी गेम्स, खेलो इंडिया ट्राइबल्स गेम्स , खेलों इंडिया बिच गेम्स, खेलो इंडिया स्नो गेम्स अलग-अलग खेलों को खेलो इंडिया की श्रेणी में रखा है ।केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया की श्रेणी में खेलो इंडिया ट्राइबल्स गेम्स की शुरूआत देश में सबसे पहली बार छत्तीसगढ़ से हो रही है। जो आनेवाले दिनों में प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाएगी। देश के सभी ट्राइबल स्टेट से ट्राइबल एथिलिट्स 27 से 3 अप्रेल तक खेलेंगे। 3 हजार से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। सरगुजा, बस्तर और रायपुर में प्रतियोगिता आयोजित होगी और इन तीनों स्थानों पर खेलो इंडिया की टैलेंट आईडेंटिफाई करने के लिए खेल विशेषज्ञों की टीम उपस्थित रहेगी ।इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश महामंत्री डॉ नवीन मार्कंडेय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक मोतीलाल साहू, सुशांत शुक्ला, अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, लाभचंद बाफना, संजू नारायण सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई का विशेष बजट सम्मिलन सभागार कक्ष में राष्ट्रगान के साथ प्रारंभ किया गया। राष्ट्रगान के पश्चात महापौर नीरज पाल ने अपना अभिभाषण के साथ बजट सभापति गिरवर बंटी साहू एवं सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें अपने कार्यकाल की उपलब्धि एवं आगामी वित्तीय वर्ष हेतु जनहितैषी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दिये।निगम का अनुमानित बजट वर्ष 2026-27 में प्रारंभिक शेष राशि 180 करोड़ 60 लाख 74 हजार एवं आय 670 करोड़ 67 लाख 73 हजार, इस प्रकार कुल आय 851 करोड़ 67 लाख 47 हजार के विरूद्व 740 करोड़ 23 लाख 32 हजार का व्यय अनुमानित है, एवं 111 करोड़ 05 लाख 15 हजार अंतिम शेष का अनुमान है।नगर पालिक निगम भिलाई हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण प्रयोजना स्वीकृति प्रदान की गई है । जिससे शहर नए आयाम एवं विकसित दिशा में कार्य करेगी । पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को सुदृढ़ बनाने के उददेश्य से कचांदुर में 189.57 करोड़ की लागत से सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट प्रगतिरत है। सी.पी.जी प्लांट की स्थापना हेतु 60 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस संयंत्र की छमता प्रतिदिन 100-150 टन कचरे के प्रसंस्करण की होगी। लगभग 22 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना प्रस्तावित है। शहर में 4 करोड़ 97 लाख की लागत से स्वीमिंग पुल का निर्माण, रनिंग ट्रेक 4 करोड़ 99 लाख, 1 करोड़ 99 लाख की लागत से स्केटिंग ट्रेक निर्माण किया जा रहा है। शहर की स्वच्छता एवं सीवरेज व्यवस्था हेतु 21 करोड़ 56 लाख से कार्य हुड़को क्षेत्र में प्र्रस्तावित है। शहर के व्यावसायिक एवं शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए 6 करोड़ 38 लाख की लागत से जवाहर मार्केट का उन्नयन एवं 11 करोड़ 42 लाख की लागत से नालंदा परिसर का विकास किया जा रहा है।बजट में नगर निगम भिलाई क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु नवीन सड़क, सड़क चौड़ीकरण, सीवरेज लाइन, नाला निर्माण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, बेहतर पेयजल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, दूषित जल निकासी, उद्यानों का सौंदर्यीकरण एवं अन्य कार्य शामिल किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के व्यय को लेकर कई विषयों पर सम्मानित पार्षदों द्वारा आपत्ति किया गया, जिसका निगम आयुक्त एवं लेखाधिकारी द्वारा जानकारी प्रदान किया गया । विस्तृत चर्चा पश्चात् सदन द्वारा आय की बजट सर्व सम्मति से पारित किया गया है, जिसे आगामी समय में राज्य शासन को भेजा जाएगा। सभा की बैठक में मुख्य रूप से निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, महापौर परिषद के सभी सम्मानित सदस्य, उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह, सभी सम्मानित पार्षदगण, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं निगम सचिव सहित अधिकारी कर्मचारी की उपस्थिति रही।
-
--कुल क्षमता 12एमटीपीए हुई
रायपुर। जिन्दल स्टील ने ओडिशा के अंगुल स्थित अपने स्टील प्लांट में 6 एमटीपीए का विस्तार पूरा कर लिया है। 3 एमटीपीए का तीसरा बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF-3) शुरू होने के बाद प्लांट की कुल स्टील बनाने की क्षमता अब 12 एमटीपीए हो गई है। इससे यह भारत के सबसे बड़े एक ही जगह पर बने स्टील प्लांट्स में शामिल हो गया है। इस विस्तार में BOF-2 और BOF-3 के साथ-साथ कई जरूरी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जैसे कोक ओवन, CRM कॉम्प्लेक्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, जिससे उत्पादन बढ़ाना आसान हो गया है।
अब कंपनी ने तय समय में अंगुल प्लांट की क्षमता 6 MTPA से बढ़ाकर 12 MTPA कर दी है। इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल स्टील उत्पादन क्षमता 15.6 MTPA हो गई है, जिसमें रायगढ़ प्लांट की 3.6 MTPA क्षमता भी शामिल है। इस बढ़ी हुई क्षमता से उत्पादन और बेहतर होगा और प्लांट का इस्तेमाल भी ज्यादा अच्छे से हो सकेगा। इससे कंपनी की कमाई बढ़ने और खर्च कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी देश में स्टील उत्पादन को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगी। -
- छै आगर छै कोरी तरिया में पानी भरने के प्राकृतिक प्रणाली को देखा
- कांसा उद्योग, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर व राजा किला
धमधा। ऐतिहासिक नगर धमधा सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से “धमधागढ़ हेरिटेज वॉक – पुरखौती विरासत यात्रा का भ्रमण” का आयोजन धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने किया। इसमें धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग, ऐतिहासिक मकान, मंदिर और तालाबों को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इसमें एक हजार साल पुराने मंदिर और राजा किले से पर्यटक रुबरु हुए। वहीं छै आगर छै कोरी तरिया (126 तालाब) की श्रृंखला को देखकर अचंभित हुए। सैकड़ों साल से संचालित हस्तशिल्प कांसा उद्योग और वहां बने मिट्टी व बेशकीमती इमारती लकड़ी से बने मकानों को देखकर वे प्रफुल्लित हो गए।
इसमें दो पूर्व कुलपति डॉ. एसके पांडेय एवं डॉ. एसके पाटिल समेत 20 प्रोफेसर, प्रिंसिपल व कवि लेखक सहित भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) भिलाई-दुर्ग के प्रतिनिधि शामिल हुए। सर्वप्रथम पंडितवा तालाब से यात्रा आरंभ हुई, जहां बताया गया कि धमधा छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक नगर था, जिसके बारे में ब्रिटिश गजेटियर में लिखा गया है कि धमधा इतना प्रसिद्ध था कि रायपुर की दिशा बताने के लिए धमधा-रायपुर कहकर इंगित किया जाता था।
यात्रा में कबीर पंथ के पांचवे गुरु केवल मुनि नाम साहेब की समाधि, दानी तालाब, नईया तालाब और उनसे जुड़े प्राचीन बुढ़वा नरवा को पर्यटकों ने बारिकी से देखा और समझा की पुराने समय में 126 तालाबों में पानी भरने के लिए प्राकृतिक ढलान का उपयोग करते हुए बारिश के पानी को बिना किसी पंप या बिजली की सहायता से लाया जाता था। त्रिमूर्ति महामाया मंदिर, बूढ़ादेव और राजा किला की सुरक्षा के लिए बनाए बूढ़ा तालाब व टार तालाब को उन्होंने देखा। राज्य संरक्षित स्मारक विष्णु मंदिर, चौखड़िया और शीतला मंदिर का प्रतिमाओं का भी पर्यटकों ने अवलोकन किया। तमेर पारा में अशोक कसार के कांसा उद्योग में गर्म भट्टी और सांचे से लोटा ढालते और उसे चमकाते हुए दिखाया गया। विमलचंद ताम्रकार के सौ साल पुराने पठऊंवा वाले मकान को देखकर पर्यटक काफी प्रभावित हुए। वहां ठंडक और इमारती लकड़ी की कारीगरी से वे प्रभावित हुए। शिक्षक विष्णु प्रसाद ताम्रकार की बनाई मूर्तियों ने पर्यटकों का मन मोह लिया। मूर्तियां ऐसी थी मानों जीवंत हों।
विश्राम गृह में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जानव अपन धमधागढ़, तरिया अऊ पुरखौती धरोहर ल विषय पर चर्चा हुई। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पाण्डेय ने कहा कि किसी भी विरासत को संजोकर रखना आज बहुत बड़ी चुनौती है। धमधा में कांसे का लोटा बनाने के उद्योग इसी कठिन चुनौती से जूझ रहे हैं। किसी जमाने में ये हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता की पहचान होती थी। यहां के प्राचीन स्मारक, मंदिर, पुरातात्विक अवशेष धमधा की ऐतिहासिक नगर होने की पहचान हैं। किसी एक स्थान पर इतने बड़े-बड़े तालाब होने अपने आप में चौंकाने वाला है। इन्हें संभालकर और सहेजकर रखना होगा, तभी भावी पीढ़ी खुशहाल जीवन जी सकेगी।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पाटिल ने कहा कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा धमधा में ही हुई है। यहां के तालाब और आम के बगीचे, मंदिर स्मृति में हैं। आज पुरखौती विरासत यात्रा से धमधा की खासियत का ओर पता चला। पूरे भारत में छै आगर छै कोरी तरिया यानी 126 तालाब बहुत कम स्थानों पर हैं। यहां ये मोतियों की माला की तरह एक दूसरे से जुड़े हुए थे। बारिश का पानी खेतों से बहकर इन तालाबों को भर देता था। उस पुरानी नहर प्रणाली को और भी वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके आधार पर यहां के 126 तालाबों को पुनर्जीवित करने की योजना बनी जानी चाहिए। इसमें धर्मधाम गौरवगाथा समिति का प्रयास सराहनीय है। सभी को साथ मिलकर वैज्ञानिक ढंग से एक विस्तृत कार्ययोजना बनानी चाहिए। मैं भी इसमें अपने अनुभव और सुझाव साझा करना चाहूंगा। ताकि धमधा की यह विरासत हमें जल संरक्षण के प्रति सदैव जागरुक करता रहे।
छत्तीसगढ़ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री रवि श्रीवास्तव ने कहा कि धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग और यहां के पुराने मकान वास्तव में धरोहर हैं, जहां निवास, गोदाम और दुकान एकसाथ होते थे। बिना बिजली के ठंडक और रोशन रहने वाले मकान देखकर बहुत अच्छा लगा। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्वेता प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि धमधा की प्राचीन विरासत को बचाने के लिए पुरातात्विक नियमों के अनुसार कार्य किया जाएगा ताकि हमरी धरोहर पर आने वाली पीढ़ी गर्व कर सके। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राजीव गुप्ता ने कहा कि धर्मधाम गौरवगाथा समिति सबका सहयोग लेते हुए बीते 10 वर्षों से प्राचीन धरोहर और तालाबों के संरक्षण के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है।
समाजसेवी श्री रमेश पटेल ने कहा कि धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने सामूहिक प्रयास से विलुप्त हो चुके सात तालाब को फिर से पुनर्जीवित करने में योगदान दिया। शासन इस समिति को विलुप्त हो चुके अन्य 32 शासकीय तालाबों को प्रदान करे, ताकि उन्हें भी समिति पुनर्जीवित कर सके।
छत्तीसगढ़ राज्य साक्षरता प्राधिकरण के पूर्व सदस्य सचिव डॉ. डीएन शर्मा ने कहा कि धमधा के विरासत को देखकर लगता है कि इसे राष्ट्रीय मानचित्र पर लाना चाहिए। इसे लेकर स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। स्वागत भाषण श्री वीरेंद्र देवांगन ने दिया। मंच संचालन श्री गोविन्द पटेल ने किया। आभार प्रदर्शन सामर्थ्य ताम्रकार साजन ने किया। इसमें उत्कृष्ठा स्वयंसेवी संस्था की अध्यक्ष श्रीमती शालू मोहन, संडे कैंपस के संपादक श्री दीपकरंदन दास, संपूर्णानंद महाविद्यालय की प्राचार्य एवं इंटैक संयोजक डॉ. हंसा शुक्ला, कवयित्री श्रीमती विद्या गुप्ता, श्रीमती शानू मोहनन, छायाचित्रकार श्री कांतिकुमार सोलंकी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह, सुप्रसिद्ध कलाकार डॉ. महेश चतुर्वेदी, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री ममता जोगी, भिलाई महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. संध्या मदन मोहन, बाल साहित्यकार श्री कमलेश चंद्राकर, अभिनव जीवन कल्याण समिति दुर्ग के अध्यक्ष श्री जगमोहन सिन्हा, मातृशक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. अलका दास, शिक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह, नवनीत तिवारी, जुगल किशोर साहू, धर्मेंद्र साहू, सुनील साहू मड़ियापार, केशर सिंह दीक्षित देवकर शामिल हुए। धमधा से सर्वश्री मुखराज किशोर यादव, डीपी शर्मा, ईश्वरी निर्मलकर, अशोक देवांगन, अशोक धीवर, तुलेश्वर कहार, संतोष उमरे, धर्मेंद्र यादव, उमेश सोनी, आनंद यादव, विकास राजपूत, लोकेंद्र ब्रम्हभट्ट, पीयूष ताम्रकार, रेखराम साहू, देवीलाल धीवर, केशव देवांगन, विवेकानंद ताम्रकार, किशोर कुमार साहू, अरविंद ताम्रकार, रामदेव शर्मा, भुवनेश्वर धीवर, डोमार वर्मा, सुयश ताम्रकार, किशोर साहू, दुष्यंत साहू करेली उपस्थित थे। - - कुछ केंद्रों ने महिला दिवस मनाते हुए आयोजित किए मजेदार खेलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार को होने वाला सामूहिक राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस सप्ताह भी उत्साह के साथ जारी रहा। मंडल के रोहिणीपुरम, बूढ़ापारा, चौबे कालोनी, अमलीडीह, कमल विहार- लालपुर सहित अनेक केंद्रों की महिलाओं में भारी संख्या में जुटकर पाठ किया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने सुहासिनी पट्टलवार के घर पर राम रक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इस दौरान अर्चना मोघे, दीपाली बर्वे, अपर्णा काले, नमिता शेष, सुनिता साठे, सुष्टि दंडवते, सुचिता काले, रीता लोखंडे, गीता दलाल, दीपाली करकशे, साधना गायकवाड़, सौ करकशे, शिवानी पट्टलवार, सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।इसी तरह रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने एक साथ हनुमान चालीसा पाठ किया। इस मौके पर महिलाओं ने महाराष्ट्र मंडल में 28 मार्च से होने वाले वाल्मिकी राम कथा को लेकर भी आपस में चर्चा की। इस दौरान प्राची गनोदवाले, वनिता गनोदवाले, अपर्णा जोशी, चित्रा बल्की, अचला मोहरीकर, अपर्णा वराडपांडे, प्रांजल बल्लाल, मंगला पुराणकर, अलका कुलकर्णी, साधना बहिरट, मीरा कुपटकर सहित अन्य महिला सभासद उपस्थित रहीं।इसी तरह चौबे कॉलोनी केंद्र की ओर से चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में सुंदर कांड, हनुमान चालीसा, राम रक्षा स्तोत्र का मिलकर पाठ केंद्र की वरिष्ठ सदस्य अपर्णा कालेले के घर पर किया गया। इस दौरान चारुशीला देव, अक्षता पंडित, स्वाति डबली, कुंतल कालेले, नूपुर गुप्ते, सुषमा आप्टे, अनुपमा बोधनकर, संगीता निमोणकर, अल्का मराठे, श्रुति बर्वे, रोहिणी नेने, संध्या पांडे, सुधा बक्षी, माधुरी डबली, शालिनी शर्मा, सविता शर्मा, अवंती अग्निहोत्री, मंजूषा वैशंपायन, प्रभा वैशंपायन, कीर्ति हिशीकर, अंजलि वैद्य, मृदुल कालेले सहित कई श्रद्धालु महिलाएं उपस्थित रहीं।रोचक खेल में अर्चना विजेता, रेणु उप विजेताअमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने अपराजिता शर्मा के निवास पर पाठ किया। इस दौरान हल्दी कुंकू का आयोजन भी महिलाओं ने किया। एक- दूसरे को गजरा चने की ओटी भेंट की। रोचक खेल में अर्चना भाकरे प्रथम और रेणु सिंह द्वितीय रही। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, सरिता फड़के, अपराजिता शर्मा, अक्षरा भगाडे, विशाखा तोपखनेवाले, प्रिया काडू, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, अपर्णा देशमुख, अर्चना धर्माधिकारी, मेघा जोशी, प्रेरणा सप्रे, शोभा सोनाये, कविता शर्मा, अरुणा अय्यर, प्रीति टोमे, रेणुका टोमे, रेखा पिंपलगांवकर, संध्या फुलझेले और अनेक महिलाएं इसमें उपस्थित थीं।पाठ से पहले महिला दिवस में खेले मजेदार खेलन्यू राजेंद्र नगर- कमल विहार- लालपुर केंद्र की महिलाओं ने महिला दिवस का विशेष आयोजन किया। इसमें मनोरंजक खेल खेले गए। राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का सभी ने मिलकर पाठ किया गया। इस मौके पर केंद्र की ज्योति बनकर, सरिता लुलु, सुखदा लाखे, साधना धागमवार, मैथिली ठोके, तृप्ति करमरकर, मनीषा चौखंडे, मंगला मिश्रेकर, अंजलि चरपे, अलका बापट, स्मिता कायदे, नीलिमा लखपाले व कई महिला सभासद शामिल रहीं।
- बिलासपुर /जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही पशु चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा विभाग बिलासपुर के निर्देशन में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की गई।टीम द्वारा संक्रमित एवं संदिग्ध क्षेत्र में मौजूद शेष बचे कुल 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों तथा लगभग 79 क्विंटल दाने का वैज्ञानिक विधि से नष्टीकरण किया गया, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। यह कार्रवाई शासन के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सावधानीपूर्वक की गई।जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की सतत निगरानी के लिए कलेक्टोरेट परिसर में बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, संदेह या मृत पक्षियों की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 07752-251000 पर दें।संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉक्टर जीएसएस तंवर ने बताया कि जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है तथा संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते उठाए गए इन कदमों से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी और जागरूकता बनाए रखने की जरूरत है।
- -पिछड़ा वर्ग के सामाजिक विसंगतियों को दूर करना- छ.ग.पि. वर्ग आयोग अध्यक्ष श्री निषादरायपुर /मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए व्यापक सर्वेक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिसे सांख्यिकीय विभाग को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा देशभर के पिछड़ा वर्ग आयोगों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर साझा मुद्दों और प्रस्तावों पर चर्चा की जाए। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सभागार में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया मुख्य अतिथि के रूप में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आयोग के कार्यों की समीक्षा की तथा विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए।छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल विभिन्न जातियों की सामाजिक स्थिति, ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में विविध रूप में देखने को मिलती है। उन्होंने सामाजिक विसंगतियों को दूर करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत लाल मटियारा, उपाध्यक्ष डॉ. लखन धीवर, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव द्वारा पावर पाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग के हितों के संरक्षण और संवर्धन हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग की संरचना, शक्तियों तथा प्राप्त शिकायतों एवं जाति समावेशन से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ में प्रयोगशाला परिचारक भर्ती-2023 की प्रक्रिया के बाद अंततः अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कुल 430 पदों पर भर्ती के लिए जारी इस प्रक्रिया में एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था ।भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 4 अगस्त 2023 को हुई थी, जब रिक्त पदों को भरने की स्वीकृति दी गई। इसके बाद 5 अक्टूबर 2023 को भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें 1,28,685 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। परीक्षा का आयोजन 3 अगस्त 2025 को किया गया, जिसमें 1,12,792 परीक्षार्थी शामिल हुए।परीक्षा परिणाम 18 सितंबर 2025 को घोषित किया गया, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 8 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 23 फरवरी 2026 तक चली। सत्यापन के आधार पर 2106 अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया।इसके बाद 13 मार्च से 23 मार्च 2026 तक अभ्यर्थियों से दावा-आपत्ति मंगाई गई। कुल 53 अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनका निराकरण कर 24 मार्च 2026 को अंतिम सूची तैयार की गई। अंततः 25 मार्च 2026 को जारी अंतिम चयन सूची के अनुसार 430 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनमें विभिन्न वर्गों के साथ-साथ दिव्यांगजनों के लिए भी 30 पद आरक्षित रखे गए हैं, जिनमें 15 पद OL (वन लेग) और 15 पद HH (हियरिंग हैंडीकैप्ड) श्रेणी के लिए निर्धारित हैं।चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 30 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसके बाद उन्हें प्रदेश के 285 महाविद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार पदस्थ किया जाएगा। नियुक्ति आदेश शीघ्र जारी किए जाने की जानकारी विभाग ने दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के पूर्ण होने से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
- -उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पणरायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला को विकास की नई दिशा देते हुए 6 करोड़ रुपए से अधिक से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की बड़ी सौगात दी। स्थानीय हॉकी खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन पहुंचकर कार्यों का लोकार्पण भी किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सामुदायिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किए जा रहे ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि यह सौगात बोड़ला के आने वाले वर्षों को विकास की दिशा प्रदान करेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत बोड़ला के अध्यक्ष श्री विजय पाटिल, श्री नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष नगर पंचायत श्री लव निर्मलकर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री नन्द श्रीवास, श्री मोहन धुर्वे, श्री राम किंकर वर्मा, श्री एम. डी. ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बोड़ला नगर में अब बांध से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जहां पानी फिल्टर प्लांट के माध्यम से शुद्ध होकर घर-घर तक पहुंचेगा। उन्होंने इसे नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग की पूर्ति बताया और कहा कि ग्रेविटी आधारित यह जल व्यवस्था न केवल सुविधाजनक है, बल्कि टिकाऊ और प्रभावी भी है। पेयजल की बेहतर व्यवस्था और नगर को उन्नत बनाना शासन की प्राथमिकता है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में कभी नक्सली जंगलों में बंदूक लेकर घूमते थे, लेकिन अब नक्सल पुनर्वास नीति के तहत वे मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले हिंसा के रास्ते पर थे, वे आज लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने के लिए विधानसभा तक पहुंच रहे हैं और वहां की कार्यवाही देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की घोषणा और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को प्रदेश में मजबूती से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस दिशा में कार्य करने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 600 से अधिक पुनर्वासित नक्सली विधानसभा का भ्रमण कर चुके हैं और लोकतंत्र की प्रक्रिया को करीब से समझ रहे हैं, जबकि ढाई हजार से अधिक नक्सली पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली बार बाहरी व्यक्ति की पहचान के लिए सुनियोजित प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स का गठन किया गया और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया। उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर बाहरी व्यक्ति का चिन्हांकन कर उनकी पहचान सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला में 512.56 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इनमें वार्ड क्रमांक 02 में 146.83 लाख रुपए की लागत से उन्नत (हॉकी) खेल मैदान निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 10 में विवेकानंद तालाब से निकासी नाला तक 48.95 लाख रुपए की आर.सी.सी. नाली एवं कांस कल्वर्ट निर्माण, 28.53 लाख रुपए की लागत से शौचालय निर्माण, 6.00 लाख रुपए से सामुदायिक भवन के पास प्रवेश द्वार निर्माण तथा 18.20 लाख रुपए से सामुदायिक भवन का अतिरिक्त निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में 97.42 लाख रुपए से राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्ग मंदिर से स्टेडियम तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण, 13.80 लाख रुपए से ओवरहेड टैंक निर्माण, 4.62 लाख रुपए से शेड निर्माण, 8.90 लाख रुपए से पेवर ब्लॉक (फुटपाथ) निर्माण, 6.40 लाख रुपए से विवेकानंद तालाब के पास हॉल निर्माण, 9.27 लाख रुपए से हाई मास्ट लाइट स्थापना, 72.74 लाख रुपए से एन.एच.-30 पुलिया से विवेकानंद सरोवर तक नाली एवं रोड चौड़ीकरण, 46.90 लाख रुपए से बाउंड्रीवाल निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 06 में 4.00 लाख रुपए से चौक निर्माण कार्य शामिल हैं।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर 90 लाख रुपए से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इसके अंतर्गत 73.44 लाख रुपए से निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्वसुविधायुक्त भवन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 10.00 लाख रुपए की लागत से यादव समाज के पास निर्मित सामुदायिक भवन तथा 6.50 लाख रुपए से वार्ड क्रमांक 14 में साहू समाज के पास पानी टंकी के समीप निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया गया। इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर पंचायत बोड़ला में नागरिकों को बेहतर आधारभूत एवं सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता एवं एलियन इनोवेशन्स हैदराबाद के संस्थापक श्री रवि किरण ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विकसित नवीनतम सहायक उपकरण का प्रदर्शन किया और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।श्री रवि किरण ने बताया कि यह उपकरण दृष्टिबाधित लोगों को दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगा। भेंट के दौरान उन्होंने राज्य में दृष्टिबाधितजनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी लॉन्च कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।राज्यपाल ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर एलियन इनोवेशन्स की प्रमुख सुश्री हर्षिता भी उपस्थित थी।
- -बलरामपुर में मधुमक्खी पालन जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्नरायपुर / मधुमक्खी पालन शहद, मोम और पराग उत्पादन के लिए एक अत्यंत लाभदायक कृषि-आधारित व्यवसाय है। भारत में वैज्ञानिक तकनीक से मधुमक्खियों को बक्सों में पालकर, मौसमी फूलों के अनुसार स्थानांतरित कर बड़े पैमाने पर शहद निकाला जाता है, जो किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रमुख साधन है। मधुमक्खी पालन अपनाने पर किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है।कृषि आधारित आय को सुदृढ़ करने और किसानों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले भर से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।जिला पंचायत सीईओ बलरामपुर श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को पारंपरिक एकल फसल पद्धति को आगे बढ़ते हुए फसल विविधिकरण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसाय अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।उप संचालक कृषि श्री रामचंद्र भगत ने फसल चक्र एवं विविधिकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत कम होती है तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डॉ. जी. के. निगम ने बताया कि मधुमक्खी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है, जिसे कम पूंजी और सीमित श्रम में शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जलवायु इस व्यवसाय के लिए अनुकूल है, जिससे लघु एवं सीमांत किसानों को आय का बेहतर विकल्प मिल सकता है।प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्राध्यापक डॉ. जी. पी. पैकरा ने वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन एवं गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता श्री परमेश्वर गोरे ने बताया कि मधुमक्खी पालन से शहद के अलावा मोम, रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद भी प्राप्त होते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। विशेषज्ञ डॉ. सचिन जायसवाल ने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने पर किसानों की आय में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। वैज्ञानिक श्री अनिल कुमार सोनपाकर ने तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।अनुभवी मधुमक्खी पालक कृषक श्री बैद्यनाथ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसान अपने खेत में 5 से 10 मधुमक्खी पेटियां स्थापित कर आसानी से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।



























