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- - सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प को मिली मजबूती - मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर ।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कावरगट्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी बहादुर डीआरजी, बस्तर फाइटर्स एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने अदम्य साहस और उत्कृष्ट रणनीति का परिचय देते हुए दो कुख्यात माओवादियों — कथित एरिया कमांडर प्रदीप (ACM) एवं पार्टी मेंबर भीमा (PM) — को न्यूट्रलाइज करने में सफलता हासिल की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों का यह पराक्रम बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के मार्ग में बाधा बनने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार और सुरक्षा बल पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के अटल मार्गदर्शन तथा डबल इंजन सरकार के सुशासन के कारण बस्तर अंचल में हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस सफल अभियान के लिए सभी सुरक्षा बलों के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस, समर्पण और बलिदान से ही बस्तर में स्थायी शांति और समृद्धि का सपना साकार हो रहा है। file photo
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा और मंत्री श्री नेताम ने दी शुभकामनाएं-देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के बीच छत्तीसगढ़ की टीम ने हासिल किया प्रथम स्थानरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता रही। एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।राष्ट्रीय विजेता दल से आज उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, ग्रामीण समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों द्वारा मॉक ग्राम सभा सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण विकास, निर्णय-प्रक्रिया तथा स्थानीय समस्याओं पर व्यावहारिक चर्चा की गई। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने इन विषयों पर गहन समझ और प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विजेता दल को प्रशस्ति पत्र के साथ संस्थान के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि को जनजातीय अंचलों में शिक्षा के सशक्तिकरण का सकारात्मक परिणाम बताया। वहीं आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक तथा संचालक पंचायत विभाग सुश्री प्रियंका महोबिया ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव एवं सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी शुभकामनाएंरायपुर । छत्तीसगढ़ के चन्द्रखुरी स्थित कौशल्या माता धाम में प्रभु श्रीराम की भव्य 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप वाली नई प्रतिमा स्थापित होने जा रही है। ग्वालियर से मूर्ति लाने के लिए विशेष टीम रवाना हो चुकी है, जो शीघ्र ही शुभ मुहुर्त में इसे स्थापित करेगी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रयासों से यह धार्मिक स्थल और भव्य बनेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने समय पर यह कार्य पूरा होने पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि कौशल्या माता धाम में प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा की स्थापना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करेगी।नई प्रतिमा का विशेष स्वरूपभगवान श्रीराम की यह प्रतिमा वनवासी रूप में तैयार की गई है, जो वर्तमान मूर्ति की जगह लेगी। ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार श्री दीपक विश्वकर्मा के नेतृत्व में इसका निर्माण पूरा हो चुका है। प्रतिमा की खासियत 108 मनके रुद्राक्ष का उत्कीर्णन है, जो इसे अद्वितीय बनाता है।छत्तीसगढ़ सरकार का सकारात्मक कदमपर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने बताया कि पूर्व प्रतिमा टीसीआईएल संस्था के द्वारा लगाई गई थी, जो अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं थी। सरकार ने तुरंत रिप्लेसमेंट की मांग की और ग्वालियर के प्रसिद्ध कलाकार को कार्य सौंपा। यह निर्णय माता कौशल्या धाम की गरिमा बढ़ाने और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।स्थापना से धाम की नई पहचानप्रतिमा स्थापना से कौशल्या माता धाम धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां देशभर से भक्त दर्शन को आएंगे। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ेंगे, जो छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा। यह राज्य सरकार की धार्मिक स्थलों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- -देश में 85 लाख करोड़ रुपये की 3,300 से अधिक परियोजनाओं को मिली गति-राज्य में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएँ में 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश-छत्तीसगढ़ से संबंधित 200 मुद्दों में 183 का हुआ समाधान-यह प्लेटफार्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस को कर रहा साकार-केंद्र और राज्य सरकारों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु-मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रगति पोर्टल के संबंध में ली प्रेसवार्तारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है तथा सुशासन की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है।मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल देश की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की कार्यशैली को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी, तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुखी शासन प्रणाली का प्रभाव आज आम नागरिक के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी दिशा में वर्ष 2015 में प्रारंभ किया गया प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल के रूप में उभरा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्वभर में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है। इसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रगति का अर्थ- प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है, अर्थात् योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होती थी। कई निर्माण कार्य वर्षों तक लंबित रहते थे। योजनाओं में विलंब, प्रशासनिक अड़चनें और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, जल जीवन मिशन तथा पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के पीछे स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प निहित है। जब नीति और नियत दोनों सशक्त होती हैं, तब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रगति प्लेटफॉर्म इसी सोच का व्यावहारिक उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है।उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी प्रगति के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 का समाधान किया गया। रेल्वे की ही बात करें तो 427 प्रोजेक्ट में 1568 मुद्दें सामने आए, इनमें भूमि अधिग्रहण, वन, बिजली, कानून व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की मंजूरी से जुड़े विषय शामिल थे। जिनमें 1437 मुद्दें प्रगति प्लेटफार्म के जरिए हल किए गए। योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और व्यवस्थित तरीके से होता है तो पूंजीगत व्यय को सही दिशा मिलती है। अकेले रेल्वे मंत्रालय में पिछले दशक में पूंजीगत व्यय में 370 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।उन्होंने कहा कि आज देश में प्रतिदिन बन रही सड़कों के निर्माण कार्य की गति तीन गुना अधिक हो गई है। एक दशक पहले प्रतिदिन 11.6 किलोमीटर सड़कें बनती थी, आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण हो रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 1463 परियोजनाओं में 2095 मुद्दें आए। जिनमें 1968 मुद्दों का समाधान किया गया। प्रगति के प्रयासों से 458 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। वहीं 937 पर काम चल रहा है। बिजली मंत्रालय की 416 परियोजनाओं में 885 मुद्दें सामने आए, जिनमें 803 का समाधान प्रगति व्यवस्था के जरिए किया गया। इनमें 237 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। 108 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएँ पूर्ण होकर संचालित हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से संबंधित कुल 200 मुद्दे दर्ज किए गए, जिनमें से 183 का सफल समाधान किया जा चुका है। इस प्रकार राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है। पावर, सड़क परिवहन, रेलवे, कोयला और इस्पात जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल किया गया है। सेक्टर के हिसाब से बात करें तो पावर सेक्टर में 24 प्रोजेक्ट का समाधान किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग के 23 प्रोजेक्ट, रेलवे के 14 प्रोजेक्ट, कोयला सेक्टर के 07 प्रोजेक्ट, स्टील सेक्टर के 09 प्रोजेक्टों का समाधान किया गया।उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से गति मिली है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को बल मिला है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसी तरह रायपुर-कोडेबोड मार्ग के फोरलेन कार्य में भूमि उपयोगिता और सामग्री आपूर्ति संबंधी समस्याएं आ रही थी, जिसे प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए हल किया गया।श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में ऐसे ही कई नवाचार किए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी इस नवाचार की तारीफ की है। इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी तंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी जब विकसित भारत को लेकर अपने विजन की बात करते है, तो यह सिर्फ शब्द नहीं होते, बल्कि विकसित भारत का पूरा रोडमैप होता है। यह बात प्रगति प्लेटफॉर्म जैसे नवाचार से साबित होता है।
- -बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य : मुख्य सचिवरायपुर, /मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने मंत्रालय सहित राज्य शासन के सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनिवार्य रूप से निर्धारित समय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है।उन्होंने ऐसा नहीं करने वालों को सचेत करते हुए कार्यालय में निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने कहा है।मुख्य सचिव ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नही करना स्वीकार नही होगा। मुख्य सचिव ने राज्य शासन के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस से ही फाईल संचालन करने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएग। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य शासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में ऑनबोर्ड हो जायें। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी वर्ष से अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश आवेदन ई-ऑफिस प्रणाली से ही स्वीकार किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि अचल सम्पत्ति का विवरण और एसीआर भी प्रतिवर्ष ई-ऑफिस से ही दर्ज किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य करें और पूरे देश में छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के रूप में दर्ज करायें। मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों को विभागवार ई-ऑफिस का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनके कार्यों की स्थिति की जानकारी एसएमएस द्वारा दी जायें।मुख्य सचिव ने सभी से ई-ऑफिस में दक्षता से कार्य करने की अपेक्षा की है। उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए कि अधिकारी-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रशिक्षण देने कहा है। मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में जिन अधिकारियों- कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है उनमें ई-ऑफिस से फाईल वर्क करने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन, आदिवासी विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपुत और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव श्री प्रणय मिश्रा को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दुरदेशी राम संतापर, सीएम सचिवालय के उप सचिव श्री तीरथ प्रसाद लाड़िया और सामान्य प्रशासन विभाग-1 के उप सचिव श्री किशोर कुमार भूआर्य को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव स्वर्गीय रणबहादुर ग्वाली, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा और गृह विभाग के अवर सचिव श्री पूरनलाल साहू को ई फाईल के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया। अनुभाग अधिकारियों में गृह विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री पी.नागराजन, सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री भोलेनाथ सारथी को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह से ई-फाईल में अच्छा कार्य करने के लिए खनिज संसाधन विभाग के कनिष्ठ सहायक श्री प्रदीप कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग-3 के कनिष्ठ सहायक श्री दीनानाथ साहू और सामान्य प्रशासन विभाग-7 के कनिष्ठ सहायक श्री प्रदीप कुमार राय को प्रशंसा पत्र देकर ई-ऑफिस में ई-फाईल कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में मुख्य सचिव ने समय पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों- कर्मचारियों को सम्मानित किया है। इसमें प्रथम 10 में प्रथम स्थान करने वालों में अवर सचिव श्री राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, स्टेनोग्राफर श्री नवीन नाग, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री योगेन्द्र कुर्रे, अतिरिक्त सचिव श्री चंद्रकुमार कश्यप, संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी, अवर सचिव श्री मनोज कुमार जायसवाल, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री पवन कुमार साहू, स्टेनोटायपिस्ट भावना यादव और अतिरिक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार वासनिकर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
- -राज्यपाल रमेन डेका के हाथों 5 को डी.लिट्, 64 को शोध उपाधि तथा 236 विद्यार्थियों को मिला पदकरायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के 17 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि कला, संगीत और संस्कृति समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कला का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, धरसींवा विधायक डॉ. अनुज शर्मा उपस्थित रहे। समारोह में 5 शोधार्थियों को डी.लिट् की उपाधि प्रदान की गई। 64 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान की गई। 236 विद्यार्थियों को पदक वितरण किया गया जिसमें 232 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं 4 विद्यार्थियों को रजत पदक दिया गया।दीक्षांत समारोह को संबोधित करते राज्यपाल ने कहा कि खैरागढ़ का यह संगीत विश्वविद्यालय राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के नाम से जाना जायेगा। इसके लिये उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कहा। श्री डेका ने कहा कि भारतीय संस्कृति की बहुमूल्य धरोहर ललित कलाओं के विकास में इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का अविस्मरणीय योगदान है। लघु भारत का स्वरूप इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय दानवीर राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह एवं रानी पद्मावती देवी के दान का प्रतिफल है। अपनी राजकुमारी इन्दिरा की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने महल को दान देकर उन पुण्यात्माओं ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। कला राष्ट्र के जीवन का एक मुख्य अंग है। संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, स्थापत्य और साहित्य का सम्बन्ध प्रत्यक्ष रूप से जीवन और समाज से रहा है। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य यंत्रवत और संवेदनहीनता की ओर बढ़ रहा है, इसे हमें रोकना है। ललित कलाओं के माध्यम से हम मानव जीवन में सरसता ला सकते हैं। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के सत्रहवें दीक्षान्त समारोह में पदक प्राप्तकर्ताओं एवं उपाधि धारकों को उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुये उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि किसी भी देश अथवा समाज को सभ्य और सुसंस्कृत बनाने के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल प्रमाण-पत्र बांटने की रस्म नहीं है, यह अपनी उपलब्धियों के सिंहावलोकन और भविष्य के संकल्प का दिन है। मुझे गर्व है कि हमारे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने राजकुमारी शारदा देवी सिंह बावली नामपट्टिका का अनावरण किया। विश्वविद्यालय प्रांगण में स्थित यह बावली प्राचीन धरोहर है, जिसका संरक्षण किया जा रहा है। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -1536 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई-दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी करने का अवसर नही, जिम्मेदारियों भरी यात्रा की शुरूआत है - राज्यपाल श्री डेकारायपुर, /दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आज विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में 1536 छात्रों को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी एवं मात्स्यिकी संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई। 45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा पशुचिकित्सा एवं पशुपालन में 08 स्नातक उपाधि धारकों को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने अपने करकमलों से विद्यार्थियों को उपाधि पत्रक एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया। समारोह में प्रदेश के पशुधन विकास, मछली पालन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। छ.ग. राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद थे।समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई जिम्मेदारियों भरी यात्रा की शुरुआत है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा किसी एक दिन समाप्त नहीं होती और सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं और छोटे किसानों की आय का प्रमुख साधन है। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और मत्स्य पालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज पशुधन क्षेत्र को केवल संख्या बढ़ाने के बजाय आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से मजबूत करने की आवश्यकता है।राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय द्वारा संक्रामक रोगों की रोकथाम और नस्ल सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने डेयरी प्रौद्योगिकी के छात्रों को मिलावट की समस्या के प्रति सचेत करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान देने कहा, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद बन सकें। राज्यपाल ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्होंने कांकेर जिले की सफलता से प्रेरणा लेने और आधुनिक तरीकों को अपनाने की बातें कही।राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा और डेयरी जैसे विषय केवल पढ़ाई नहीं बल्कि मानवता की सेवा के माध्यम हैं। राज्यपाल ने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े स्टार्टअप को प्रोत्साहन, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया।इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी.के. दत्ता, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि आर सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के उपाधिधारित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
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रायपुर,। लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बनकर उभरा है। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन पवेलियन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे पंथी सहित अन्य पारंपरिक लोक नृत्य दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधानों, जोशीले कदमों और सशक्त जनजातीय तालों से सजी प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग रुक-रुक कर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।छत्तीसगढ़ के फूड स्टॉल पर भी दिनभर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। चिला, ठेठरी, खुरमी और फरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों को चखने के लिए लोग खास रुचि दिखा रहे हैं। कई आगंतुक पहली बार छत्तीसगढ़ी ब्यंजन का स्वाद ले रहे हैं और इसकी सादगी, स्वाद और पौष्टिकता की सराहना कर रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ पर्यटन पवेलियन को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। पवेलियन के माध्यम से राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, त्यौहारों और विशिष्ट पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों से जोड़ना है। पर्यटक विशेष रूप से चित्रकोट जलप्रपात, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और सिरपुर जैसे प्राकृतिक एवं विरासत स्थलों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। लोग यात्रा मार्गों, ईको-टूरिज्म संभावनाओं और होमस्टे सुविधाओं के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी ले रहे हैं। इसके अलावा कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी भी भारत पर्व में प्रदर्शित की गई है, जो दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की अवधारणा पर आधारित यह झांकी अपनी कलात्मक प्रस्तुति और सार्थक संदेश के लिए सराही जा रही है। बड़ी संख्या में लोग झांकी के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और छत्तीसगढ़ के इतिहास, जनजातीय विरासत और जीवनशैली के प्रभावशाली प्रदर्शन की प्रशंसा कर रहे हैं। 31 जनवरी को समापन होने वाला भारत पर्व 2026 देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का भव्य मंच बनकर उभरा है, 1जहां विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, संगीत और क्षेत्रीय व्यंजन एक साथ देखने को मिल रहे हैं।
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बिलासपुर /जिला प्रशासन द्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं आपदा प्रबंधन योजना के अंतगर्त आग जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बाबला रिफ्लर फ्यूल स्टेशन सरकंडा में लेवल 3 ऑफ साइट अग्नि मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण 30 जनवरी को दोपहर 3 बजे से निर्धारित स्थान पर होगा। प्रशिक्षण में जिला प्रशासन के सभी विभागों से सहभागिता की अपील की गई है। कोई भी व्यक्ति इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रक्रिया का अवलोकन एवं जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- -मुख्यमंत्री बस सेवा से कुरूषनार तक करेंगे सफररायपुर /राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा अब नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसी सेवा के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान 30 जनवरी को कुरूषनार तक बस यात्रा करेंगे। मुख्यमंत्री का बस सेवा से सफर करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है।वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के अंतर्गत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें नियद नेल्ला नार मार्गों पर नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये बसें उन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे।पहला मार्ग नारायणपुर-नेलंगूर का है, जिसके अंतर्गत डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी तथा नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं। दूसरा मार्ग नारायणपुर-कुतूल का है, जिसमें कच्चापाल, कोडलियार एवं कुतूल के साथ कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है। तीसरा मार्ग नारायणपुर-गारपा का है, जिससे कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।यह बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें संचालन की जिम्मेदारी एक निजी बस ऑपरेटर को सौंपी गई है, जबकि शासन द्वारा मार्ग निर्धारण और निगरानी की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री बस सेवा से कुरूषनार पहुंचकर वहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान का अवलोकन, विद्यालय में बच्चों से भेंट तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा और बस सेवा से किया जाने वाला सफर नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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-ग्राम सचिवालय को पुनः प्रांरभ कर पंचायतों को किया जाएगा सशक्त
-बस्तर के दुर्गम इलाकों में सालों से अधूरी 41 महत्वपूर्ण सड़कें अब हुई पूर्ण-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रेसवार्ता में दी जानकारीरायपुर, / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं की तेजी से निराकरण के लिए पुनः ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे तेज गति से पीएम आवास बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां प्रतिदिन सर्वाधिक पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण अंचलों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रथम केबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। इन आवासों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताई। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले हमने संघर्ष किया था, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी, जिसमें वर्षों से अधूरे, प्रतिक्षा सूची में शेष, आवास प्लस में शामिल एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ आवासहीनों बल्कि 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास प्रदान किये गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को पीएम जनमन तथा नियद नेल्ला नार के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। राज्य में आवास निर्माण को गति देने में स्वसहायता समूह की दीदीयों ने भी अहम भूमिका निभाई है, आवास निर्माण के लिए गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के लिए कहीं डीलर दीदी बनीं तो कहीं सेंट्रिंग प्लेट निर्माण कर गांव में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण सामाग्री की आपूर्ति के लिए 8000 से अधिक डीलर दीदी एवं घर बनाने के लिए आरसेटी द्वारा एवं प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से 5000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के समय गांव-गांव मंे वित्तीय लेनदेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा किया था, आज प्रदेश में दो चरणों में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रूपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। अब लोगों को अपना पैसा निकालने और बैंकिंग कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है।इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थ पंचायत पोर्टल के द्वारा पंचायत करों का संग्रहण ऑनलाईन के माध्यम से भी प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है जहां पर टैक्स का संग्रहण यूपीआई द्वारा किया गया। इस संबंध में विगत दिनों केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय के सचिव के द्वारा भी इसकी सराहना करते हुए महराष्ट्र की पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही थी। अब बम्बई भी रायपुर से सीखेगा किस प्रकार प्रदेश के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति को अपनाया जा रहा है।प्रदेश में परिसंपत्तियों का भी ऑनलाईन अभिलेखीकरण ग्राम सम्पदा मोबाईल एप द्वारा किया जा रहा है ताकि गांव में निर्मित अधोसंरचना की जानकारी ऑनलाईन प्राप्त हो एवं ग्राम विकास के लिए बेहतर योजना बनाई जा सके। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में नवीन आरक्षण प्रावधान को लागू कर त्रिस्तरीय पंचायतों का चुनाव समय पर कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है, जबकि महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में अब तक यह संभव नहीं हो पाया है।राज्य में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए राज्य में 368 महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 137 महतारी सदन पूर्ण हो चुके है। सरकार ने घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए पंचायत सचिवों की नवीन वेतनमान के अंतर की एरियर्स राशि लगभग 49.30 करोड़ रूपए प्रदान किया है।पीएम जनमन सडकों के निर्माण में स्वच्छताग्रही दीदियों से प्राप्त वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर महासमुंद जिले में अमेटी से कमारडेरा, डूमरपाली से कमारडेरा, मामा भांचा से कमारडेरा, जोरातराई से कमारडेरा सड़के बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों 41 ऐसी सड़कें थी, जो कई वर्षों से नहीं बन पायी थी आज उनका निर्माण पूर्ण हो गया है। आठ साल से लंबित सुकमा जिले की ताड़मेटला के तुमड़ीपारा सड़क, दंतेवाड़ा की 20 सालों से अधूरी कटेकल्याण कापानार रोड़ से नडेनार को पूर्ण किया गया है।उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार विशेष पिछड़ी जनजाति की बसाहटों को जोड़ने के लिए पीएम जनमन द्वारा 807 सड़कें बनाई जा रहीे है। जशपुर के मनोरा विकासखंड स्थित दुर्गम पहाड़ी में बसे बंधकोना बी के पहाड़ी कोरवा एवं कवर्धा के शंभुपीपर में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बसाहटों तक सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय के चौथें चरण में लगभग 2500 कि.मी. से अधिक लंबाई की सड़कें राज्य में बनाई जाएगी। इन सड़कों के निर्माण की मॉनिटरिंग इसरो एवं जियो इमेजिंग के माध्यम से कराने हेतु योजना का निर्माण किया गया है जिससे मुख्यालय से ही राज्य में कहीं भी बन रही सड़कों की मॉनिटरिंग किसी भी समय की जा सकेगी।उन्होंने बताया कि राज्य की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राज्य के महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ‘ का संचालन प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा हैै। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का मानकीकरण कर उनकी मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए ‘छत्तीसकला‘ ब्रांड बनाया गया है। बस्तर की महिलाएं गांव में होने वाले वनोपजों का प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग का कार्य भी स्वयं कर रही है। आने वाले समय में दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में भी ये महिलाएं अपने उत्पाद बेचती नजर आएंगी।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अतंर्गत राज्य में 1.86 लाख परिवारों के लिए शौचालय निर्माण पूर्ण करने के साथ 2000 स्कूल - आंगनवाड़ी एवं 1000 पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, हाट बाजार, बस स्टैंड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है।मनरेगा में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के साथ क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जिसे मोबाईल से स्कैन कर कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायतों में चल रहे सभी कार्यों की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है। क्यूआर कोड स्कैन कर अब तक 4.50 लाख से अधिक लोगों ने योजना की जानकारी प्राप्त की है। इसके लिए राज्य शासन को सम्मानित भी किया गया है। जल संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए ‘मोर गांव मोर पानी‘ महाभियान के अंतर्गत सामुहिक श्रमदान एवं जनभागीदारी के माध्यम से 2.32 लाख से अधिक जल संरक्षण के कार्य संपादित किए गए हैं, राज्य में 10 हजार से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 86 कैम्प स्थापित कर 494 गांवों में विभिन्न सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्री भीम सिंह, आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक श्री अश्विनी देवांगन, संचालक पंचायत सुश्री प्रियंका महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - रायपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जशपुर जिले में धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसान बिना किसी असुविधा के अपनी उपज का विक्रय कर सकें।इसी क्रम में कुनकुरी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम खजूरबहार निवासी कृषक श्री लादेन टोप्पो ने बताया कि केंद्र में धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्होंने आसानी और संतोषजनक ढंग से अपना धान विक्रय किया। केंद्र में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था के साथ पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया, वहीं धान की तौल भी समय पर और सुचारू रूप से की गई।किसान श्री लादेन टोप्पो ने धान खरीदी केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक रहा तथा पूरी खरीदी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हो रही है। इससे किसानों का समय बच रहा है और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल रही है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ कर किसानों के मान-सम्मान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा धान खरीदी कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी खरीदी केंद्रों में किसानों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में सुचारू रूप से पूर्ण हो सके।
- -कतकालो के किसान सुरेश राम रजवाड़े ने किसान हितैषी नीतियों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर । छत्तीसगढ़ में शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी कार्य पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और तकनीक आधारित तरीके से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य में वृद्धि का सीधा लाभ अब प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में किसानों की आर्थिक सशक्तता और कृषि विस्तार के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।सरगुजा जिले के ग्राम कतकालो के किसान श्री सुरेश राम रजवाड़े ने नई धान खरीदी व्यवस्था और लाभकारी मूल्य की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल प्रणाली ने धान विक्रय को पहले से कहीं अधिक सरल और सुव्यवस्थित बना दिया है।श्री रजवाड़े ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से धान विक्रय किया, जिससे खरीदी केंद्र पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ा। डिजिटल टोकन प्रणाली से किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार तिथि निर्धारित करने का अवसर मिल रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।उन्होंने बताया कि इस विपणन वर्ष में उन्होंने लगभग 90 क्विंटल धान का विक्रय किया है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्राप्त समर्थन मूल्य ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपने खेत में सिंचाई हेतु नए कूप (कुएं) के निर्माण में किया है। इससे वे आगे चलकर बहुफसलीय कृषि अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री रजवाड़े ने बताया कि केंद्र पहुंचते ही पंजीयन, तौल और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी हो रही हैं। समयबद्ध भुगतान और सुव्यवस्थित प्रबंधन से किसानों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने अपनी ओर से तथा समस्त किसान समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों से आज छत्तीसगढ़ का किसान स्वावलंबी, आत्मविश्वासी और सशक्त बन रहा है।गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा अपनाई गई डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध धान खरीदी व्यवस्था ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और किसानों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभिनव पहल की जा रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में बोर्ड द्वारा तैयार कन्वर्जेंस मॉडल के तहत पंचायतों की खाली पड़ी भूमि का उपयोग औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए किया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा डी.एम.एफ. फंड से सहयोग दिया जा रहा है।गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में इस मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मरवाही ब्लॉक के ग्राम पंचायत सेखवा के पथर्रा गांव में पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई 50 एकड़ भूमि पर 10 महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 156 महिलाओं द्वारा लेमनग्रास की खेती की जा रही है।किसान महिलाओं को खेती से लेकर तेल उत्पादन तक की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराया गया। इसमें मृदा परीक्षण,खेत की तैयारी,जीवामृत निर्माण,रोपण तकनीक,सिंचाई प्रबंधन,फसल कटाई और डिस्टीलेशन यूनिट के माध्यम से तेल निकालने की विधि शामिल है। इसके साथ ही महिलाओं को अध्ययन भ्रमण भी कराया गया, जिससे वे उन्नत तकनीक और सफल मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।डिस्टीलेशन यूनिट और स्लिप्स की निःशुल्क सुविधाबोर्ड द्वारा पंचायत के 50 एकड़ क्षेत्र में डिस्टीलेशन यूनिट की स्थापना कराई गई। साथ ही रोपण के लिए लेमनग्रास की स्लिप्स भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। महिला समूहों ने चार माह तक मेहनत से खेत की जुताई, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और फसल सुरक्षा के कार्य किए, जिसके बाद फसल तैयार होने पर उसका आसवन कर तेल उत्पादन शुरू किया गया।महिलाओं को बाजार की चिंता न करनी पड़े, इसके लिए बोर्ड ने लेमनग्रास की खेती शुरू होने से पहले ही तेल खरीदने वाले संस्थानों से अनुबंध करवा दिया। इससे उत्पादन के तुरंत बाद ही तेल का त्वरित विक्रय संभव हो पाया। पिछले एक वर्ष में दो फसल कटाई के बाद महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगभग एक लाख 20 रुपये के लेमनग्रास तेल का विक्रय किया जा चुका है।लेमनग्रास तेल की बिक्री से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब उन्हें अपनी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह मॉडल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गया है।
- -सिरपुर में 1 से 3 फरवरी के मध्य आयोजित होगा सिरपुर महोत्सवरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को मंत्रालय महानदी भवन में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने जिले के ऐतिहासिक महत्व के स्थल सिरपुर में 1 से 3 फरवरी के मध्य आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष भव्य एवं गरिमामय स्वरूप में आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि उसे राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है तथा स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को अग्रिम शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धम्मशील गणवीर तथा श्री धर्मेंद्र महोबिया भी उपस्थित थे।
- -किसान हितैषी योजना से मजबूत हुई आर्थिक स्थितिबिलासपुर /राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है, जिससे प्रदेश के अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो रहा है। सरकार की इस दूरदर्शी और संवेदनशील नीति से किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है तथा उनका जीवन स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया से धान की खरीदी की जा रही है। समर्थन मूल्य पर सीधे किसानों के बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है।जिले के ग्राम कछार निवासी उमेद खुसरो ने बताया कि वे ढाई एकड़ कृषि भूमि में धान की फसल लगाते है। इस वर्ष उनकी फसल अच्छी रही। 9 क्विंटल धान लेकर धान उपार्जन केंद्र में पहंुचे है। यहां धान खरीदी की प्रक्रिया सरल एवं सुविधा जनक थी। धान बेचने में उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के साथ-साथ राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी एवं योजनाओं से मिले आर्थिक मदद से खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से प्राप्त आय से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि निवेश पर ध्यान दे पा रहे हैं। जिले के किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और अधिक लाभ अर्जित करने में सफल हो रहे हैं।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं किसान केंद्रित योजनाओं ने जिले के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। यह पहल न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
- - पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को किया आमंत्रित-मुख्यमंत्री श्री साय ने दी राजिम कुंभ के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट कर राजिम कुंभ कल्प 2026 के लिए उन्हें आमंत्रित किया। यह भेंट मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुई, जहां मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियों और महत्व पर विस्तार से चर्चा की। राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख प्रतीक है। यह कुंभ मेला परंपरा से प्रेरित विशाल स्नान पर्व है, जिसमें लाखों भक्तगण भाग लेते हैं। वर्ष 2026 का यह कल्प विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह राज्य की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का अवसर प्रदान करेगा। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि आयोजन के दौरान पारंपरिक स्नान, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जो पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान आयुक्त रायपुर श्री महादेव कावरे एवं कलेक्टर गरियाबंद श्री बी.एस. उईके भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक एकता और आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देने वाला महापर्व सिद्ध होगा। राज्य सरकार द्वारा इस कुंभ के लिए विशेष तैयारियां तेजी से की जा रही हैं, जिसमें स्वच्छता अभियान, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल प्रचार शामिल हैं। गरियाबंद जिला प्रशासन ने पहले ही स्थानीय स्तर पर समितियां गठित कर ली हैं। यह आयोजन छत्तीसढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 31 जनवरी को नारायणपुर में होंगे शामिल
रायपुर । कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाने वाला अबूझमाड़ आज शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर अग्रसर है। दशकों तक माओवादी हिंसा और भय के साये में रहे इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनकर अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 सामने आई है।नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर की यह हाफ मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि शांति, एकता और सौहार्द का संदेश देने वाला अभियान है। इस आयोजन के माध्यम से उन क्षेत्रों तक सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है, जो लंबे समय तक विकास और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे। अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस आयोजन को विशेष रूप से प्रभावी बना रही है।31 जनवरी की सुबह माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ स्वयं अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जुंबा गतिविधि से होगी, जिसके पश्चात प्रातः 6.30 बजे मुख्यमंत्री द्वारा मैराथन को फ्लैग-ऑफ किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर आश्रम के बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से यह संदेश और सशक्त होगा कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास और शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।अबूझमाड़ पीस मैराथन 2026 को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहभागिता मिली है। इस आयोजन में 6500 से अधिक धावकों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावक, अन्य राज्यों से 500 से अधिक, छत्तीसगढ़ राज्य से लगभग 6000, तथा नारायणपुर जिले से 4000 से अधिक धावक शामिल हैं। इसके साथ ही क्वाड रन में 12 धावकों ने भी भागीदारी की है।यह मैराथन न केवल युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ रही है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति व विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है। - - 361 करोड़ से ज्यादा के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, बस सेवा से गांव तक पहुंचेंगेरायपुर । अबूझमाड़ अंचल सहित पूरे नारायणपुर जिले के लिए यह दौरा विकास की नई रफ्तार लेकर आएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 30 और 31 जनवरी को जिले के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे 361 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार और प्रस्तावित विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। सड़क, अधोसंरचना, जनसुविधा और सामाजिक विकास से जुड़े ये कार्य जिले के दूरस्थ इलाकों तक विकास की पहुंच को मजबूत करेंगे।पद्मश्री विभूतियों और समाज प्रमुखों से करेंगे संवादमुख्यमंत्री 30 जनवरी को दोपहर 1 बजे हेलीकॉप्टर से तहसील हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वे गढ़बेंगाल घोटूल जाकर पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी, श्री बुटलुराम माटरा सहित समाज प्रमुखों से भेंट करेंगे। इस संवाद को आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सहभागिता और परंपराओं के सम्मान की दिशा में अहम माना जा रहा है।बस सेवा से कुरूषनार जाएंगे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री की विशेष पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा इस दौरे का खास आकर्षण रहेगी। मुख्यमंत्री इसी बस से सफर कर ग्राम कुरूषनार पहुंचेंगे। यहां वे पीडीएस दुकान का निरीक्षण, स्कूल में बच्चों से संवाद, और महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों को राशि वितरण करेंगे। यह दौरा सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर परखने और लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने का उदाहरण बनेगा।शांत सरोवर में बोटिंग, बाइकर्स इवेंट में भी होंगे शामिलकुरूषनार से मुख्यमंत्री शांत सरोवर (बिजली) पहुंचेंगे, जहां बोटिंग और कायाकिंग का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही बाइकर्स इवेंट में शामिल होकर पर्यटन और युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने का संदेश देंगे।हाईस्कूल नारायणपुर में बड़ा कार्यक्रम मुख्यमंत्री इसके बाद हाईस्कूल नारायणपुर पहुंचेंगे, जहां विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास, बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय आयोजन, विभिन्न परियोजनाओं के अनुबंध, हितग्राहियों को सामग्री वितरण, मलखंभ प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का उद्बोधन, और ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।आईटीबीपी जवानों से भेंट, रात्रि भोज में होंगे शामिलसायंकाल मुख्यमंत्री आईटीबीपी बटालियन, जेलबाड़ी गंराजी पहुंचकर जवानों से मुलाकात करेंगे और उनके साथ रात्रि भोज में शामिल होंगे। इसके बाद वे विश्रामगृह में जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। रात्रि विश्राम नारायणपुर में रहेगा।31 जनवरी पीस हाफ मैराथन का फ्लैग-ऑफ31 जनवरी को सुबह 6 बजे अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के अंतर्गत जुंबा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके बाद 6.30 बजे मैराथन को फ्लैग-ऑफ करेंगे।मैराथन के बाद वे रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे और फिर हाईस्कूल ग्राउंड हेलीपैड से रायपुर रवाना होंगे।विकास, विश्वास और पहचान की ओर नारायणपुरमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह दौरा नारायणपुर के लिए विकास कार्यों की सौगात, दूरस्थ इलाकों में सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच, और सांस्कृतिक-सामाजिक पहचान को मजबूती देने वाला माना जा रहा है। अबूझमाड़ जैसे अति दूरस्थ अंचल तक मुख्यमंत्री की मौजूदगी से जिले में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है।
- जांच में प्रारंभिक स्तर पर शिकायत सही पाए जाने पर की गई कार्रवाईबालोद/ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद श्री नूतन कंवर ने बालोद शहर के अंतर्गत स्थित खसरा नंबर 212/1, 213/2, 214/2 में अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर इसके जांच के उपरांत उक्त भूखंड की आंशिक एवं पूर्ण विक्रय पंजीयन पर रोक लगाने की कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि उक्त जमीन के अवैध प्लाटिंग के संबंध में शिकायत मिलने पर एसडीएम श्री नूतन कंवर द्वारा तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा को इस पूरे मामले की जानकारी ली गई थी। तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराने पर प्रारंभिक स्तर पर शिकायत सही पाई गई। लेकिन उक्त भूखंड में कोई विक्रय नही होना पाया गया।एसडीएम श्री नूतन कंवर ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कृषि भूमि पर बिना सक्षम अनुमति के गैर कृषि प्रायोजन हेतु मुरूम से पाटे जाने एवं दीवार का निर्माण किए जाने पर उक्त भूखंड की आंशिक अथवा पूर्ण विक्रय पंजीयन पर रोक लगाते हुए इस संबंध में उप पंजीयक बालोद को पत्र भी प्रेषित किया गया है। इसके साथ ही एसडीएम श्री नूतन कंवर ने कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी बालोद को उक्त जमीन में बिना मकान निर्माण, विद्युत खंभा गाड़े जाने के संबंध में भी जानकारी प्रदान करने के लिए पत्र भी प्रेषित किया गया। एसडीएम श्री नूतन कंवर ने कहा कि अवैध प्लाटिंग की शिकायत करने पर संबंधित भूस्वामी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि किसी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसे भी बख्शा नही जाएगा।
- बालोद/ जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने कार्यालयों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली गई। इस दौरान जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र संजारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को भारत निर्वाचक आयोग के निर्देशानुसार पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न किया जा रहा है। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र संजारी बालोद के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री नूतन कंवर, विधानसभा क्षेत्र गुण्डरदेही के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, विधानसभा क्षेत्र डौण्डीलोहारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री शिवनाथ बघेल सहित तीनों विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदारों के अलावा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- बालोद/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुसार प्रधान जिला न्यायाधीश बालोद एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्यामलाल नवरत्न बालोद के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप द्वारा आज डौंडी लोहारा में आयोजित स्वच्छ पंचायत सम्मेलन में विधिक जागरूकता शिविर का कार्यक्रम आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में आए मितानीन को सचिव ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित योजनाएं जागृति योजना 2025, डॉन योजना 2025, आशा योजना 2025, संवाद योजना 2025, सखी वन स्टाॅप सेंटर, घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005, एफआइआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, मानसिक रोगी के उपचार हेतु, सखी वन स्टॉप सेंटर, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा एवं नालसा का टोलफ्री नंबर 15100 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
- सामाग्रियों के क्रय-विक्रय के संबंध में दी गई विस्तारपूर्वक जानकारीबालोद/जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज बालोद जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य कार्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2002 एवं जेम पोर्टल से सामाग्रियों के क्रय के संबंध में आॅनलाईन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों को भण्डार क्रय नियम, 2002 एवं जेम पोर्टल से सामाग्रियों के क्रय किये जाने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही जेम पोर्टल से क्रय किए जाने के संबंध में आ रही समस्यों के निराकरण की भी जानकारी दी गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं लेखा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- स्कूली बच्चों द्वारा ग्रामीणों को दिया गया स्वच्छता का संदेशबालोद/ जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत जिले के ग्राम पंचायतों, स्कूलों आंगनबाड़ियों में स्वछता के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों, छोटे बच्चों, आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिसमें स्वच्छता शपथ, रैली, हाथ धुलाई, मानव श्रृंखला, घर-घर कचरा कलेक्शन, सार्वजनिक स्थल, सड़क किनारे की साफ सफाई के माध्यम से विभिन्न गतिविधियो के माध्यम से स्वच्छता के संबंध में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत ठेमाबुजुर्ग के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में ’सूखा कचरा’, गीला कचरा’ के बारे मे छात्र, छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से स्वच्छता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक चिन्ह का मानव श्रृंखला के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर खंड समन्वयक श्री डी एस यादव, स्कूली शिक्षक-शिक्षिका एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने विभिन्न कार्यो का समीक्षा किये। बैठक में आनलाईन पोर्टल पर दर्ज शिकायत, जमीन का दस्तावेजीकरण, अवैध अतिक्रमण, आयुष्मान कार्ड, मोर संगवारी योजना, बकाया करो की वसूली सहित सिंगलयूज प्लास्टिक पर लगाम लगाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।आयुक्त ने नागरिको द्वारा किये गये शासकीय पोर्टल पर दर्ज आनलाईन शिकायत एवं मांग को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द समस्या का निराकरण कराने निर्देशित किये है। नवीन कार्य की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को सैद्वांतिक स्वीकृति हेतु प्रेषित करने कहा गया है। निगम क्षेत्र के जमीन का दस्तावेजीकरण करना है, जिससे अवैध कब्जा न हो सके। जमीन की ब्रिकी में रूकाव हेतु विज्ञप्ति जारी करना है, जिससे अवैध प्लाटिंक पर लगाम लगाया जा सके। निगम क्षेत्र के रोड किनारे, नाली के उपर, चैंक-चैराहो में किये गये अवैध अतिक्रमण को कब्जामुक्त कराना है, जिससे नागरिको को सुगम यातायात का लाभ मिल सके। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिको को निःशुल्क ईलाज की सुविधा दिलाने आयुष्मान कार्ड बनाने अनुरोध करना है। ज्यादा से ज्यादा वरिष्ठ नागरिको का आयुष्मान कार्ड बनाना है, जिससे उनको शासकीय योजना का लाभ मिल सकें।मोर संगवारी योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है। जिससे नागरिको को घर बैठे आवश्यक दस्तावेज बनाने का लाभ मिल सकें। बकाया करों की वसूली को प्राथमिकता देते हुए धारा 173, 174 एवं 175 के तहत नोटिस तामिल करना है। डोर-टू-डोर बकाया कर वसूली को बढ़ाना है। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सिंगलयूज प्लास्टिक को पूर्ण रूप से बंद करना है, इसके लिए कार्यवाही के साथ-साथ अभियान चलाने कहा गया है। समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी के कोसरिया, मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।










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