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- -मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री ने की कार्यक्रम में वर्चुअल सहभागिताबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा आज बालोद जिले में 22 नवीन सेवा सहकारी समिति का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी 22 नवीन सेवा सहकारी समितियो में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन सभी नवीन सेवा सहकारी समितियों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के उद्बोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नवीन सेवा सहकारी समितियों के शुभारंभ होने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 525 नवीन समितियों के निर्माण से सहकारिता अब सभी ग्रामों के पास पहुँच रही है। इसके माध्यम से अब किसानों को खाद बीज, नकद, बचत काउंटर, माइक्रो एटीएम से आहरण जैसे बहुत सारी सुविधाएं घर के पास ही प्राप्त होने लगेगी। किसानों को भी अपने धान विक्रय करने में भी आसानी होगी। श्री साय ने कहा कि सहकारिता का क्षेत्र और भी विस्तृत हो रहा है। इसके साथ-साथ सहकारी क्षेत्रो में विश्वसनीयता बढ़ने के साथ साथ पारदर्शिता भी बड़ी है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के कमरौद, सनौद, डुंडेरा, माहुद अ, सरेखा, तिलोदा, दरबारी नवागांव, खपरी, बम्हनी, ठेमा बुजुर्ग, सुरडोंगर, नलकसा, चिखली, भर्रीटोला, बिटाल, खलारी, चन्दनबिरही, पेंडरवानी, भुरकाभाट, खोलझर, झरनटोला एवं परसाडीह ग्रामों में नवीन सेवा सहकारी समिति का गठन हुआ है। इन सभी नवीन सेवा सहकारी समितियों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया ने बताया कि जिले में 22 समितियों के निर्माण से इस अंचल के किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। खाद बीज केसीसी, नकद आहरण जैसे कार्य आसानी से संपादन होेने के साथ-साथ आगामी खरीफ सीजन में किसानों को धान विक्रय की भी सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-धरसींवा आरंग नदी परियोजना मांढर शाखा नहर के किलोमीटर 38.30 से 47.30 तक टार रोड का जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 2 करोड़ 45 लाख 55 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम सेरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदनों की चयन सूची ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से मंत्रालय महानदी भवन के मुख्यमंत्री कक्ष से जारी की गई। यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी , उपसंचालक लोक शिक्षण श्री अशोक नारायण बंजारा ,आर टी ई प्रभारी श्री महेश नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इस वर्ष कुल 21 हज़ार 975 सीटों के विरुद्ध 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हज़ार 236 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्र आवेदनों में से 14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। यह चयन संख्या मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों की आर.टी.ई. सीटों को छोड़कर है। इन विद्यालयों में जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी आयोजित कर पृथक जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल में अपडेट की जाएगी।जिलेवार चयनित विद्यार्थियों की स्थिति इस प्रकार है- रायपुर में 2606, बिलासपुर में 1509, दुर्ग में 1059, कोरबा में 534, राजनांदगांव में 480, बलौदाबाजार-भाटापारा में 457, जांजगीर-चांपा में 500, मुंगेली में 702, कवर्धा में 367, धमतरी में 354, बलरामपुर में 798, रायगढ़ में 544, बेमेतरा में 315, जशपुर में 543, सक्ती में 347, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 258, महासमुंद में 244, कांकेर में 471, बालोद में 353, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 195, सूरजपुर में 427, सरगुजा में 273, गरियाबंद में 193, कोरिया में 179, बस्तर में 135, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 206, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 112, कोंडागांव में 101, नारायणपुर में 35, मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 48, दंतेवाड़ा में 35, सुकमा में 9 तथा बीजापुर में 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।कुछ निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. सीटें पूर्ण रूप से नहीं भर पाईं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई विद्यालयों को आवेदकों द्वारा प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे उनके लिए आवेदन प्राप्त नहीं होते। साथ ही जिन विद्यालयों को द्वितीय या तृतीय प्राथमिकता में रखा जाता है, वहां भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि आवेदकों को उनकी प्रथम प्राथमिकता वाले विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे विद्यालय, जो किसी भी आवेदक की प्राथमिकता में नहीं आते, उनकी सीटें खाली रह जाती हैं।राज्य शासन द्वारा आर.टी.ई. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न किया गया है। आगामी चरणों में शेष सीटों की पूर्ति एवं ऑफलाइन लॉटरी से संबंधित जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।
- रायपुर । ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। कलेक्टोरेट परिसर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर, जिला प्रशासन धमतरी और बीआरपी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के बीच ‘STREE’ (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।इस महत्वपूर्ण अवसर पर NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमणा राव, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा तथा पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से MoU पर हस्ताक्षर कर परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अनेक शिक्षाविद् एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।यह परियोजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) के TDUPW-A2K+ कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 90 लाख रुपये की सहायता से संचालित होगी। 36 माह की अवधि में 300 ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।परियोजना के तहत महिलाओं को कोसा रेशम प्रसंस्करण, फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता विकास एवं मार्केट लिंकेज जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष रूप से आदिवासी एवं वंचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और मूल्य संवर्धन संभव हो सके।ज्ञात हो कि धमतरी में हैंडलूम और कृषि आधारित आजीविका की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें इस परियोजना के माध्यम से तकनीकी सहयोग से सशक्त किया जाएगा। वहीं, NIT रायपुर के निदेशक डॉ. रमणा राव ने इसे समावेशी नवाचार और जमीनी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम बताते हुए महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने की बात कही। यह पहल न केवल महिलाओं को कौशल विकास का अवसर देगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और लघु उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। STREE परियोजना धमतरी में महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल स्थापित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
- -आरटीई के तहत 14,403 बच्चों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश, ऑनलाइन लॉटरी बनी सुशासन का उदाहरणरायपुर। छत्तीसगढ़ में समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 14,403 बच्चों का चयन सुनिश्चित किया। मंत्रालय महानदी भवन से वर्चुअल माध्यम से प्रारंभ हुई यह प्रक्रिया पारदर्शिता, समान अवसर और डिजिटल सुशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।राज्यभर से प्राप्त कुल 38,439 आवेदनों में से 27,203 आवेदन निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र पाए गए, जिनमें से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 14,403 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रदान किया गया। यह पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार राज्य स्तर पर सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसी भी बच्चे की प्रगति आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। हमारी प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान अवसर के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।उल्लेखनीय है कि आरटीई प्रावधानों के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का सतत प्रयास कर रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3 लाख 63 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके और निजी विद्यालयों में उनके प्रवेश की प्रक्रिया और सुदृढ़ हो।पूरी प्रवेश प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसमें आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और चयन तक के सभी चरण पूर्णतः पारदर्शी और तकनीक आधारित हैं। अभिभावक स्वयं या चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान ही सिस्टम द्वारा निवास क्षेत्र से 1.5 किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी विद्यालयों की जानकारी एवं उपलब्ध सीटों का विवरण प्रदर्शित किया जाता है, जिससे अभिभावकों को सूचित एवं सहज चयन का अवसर प्राप्त होता है। पात्रता के अनुसार 5.5 से 6.5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है। जिन विद्यालयों में सीटें रिक्त रह जाती हैं, वहाँ जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसकी जानकारी आरटीई पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।यह पहल न केवल हजारों बच्चों के शिक्षा के सपनों को साकार कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ में एक समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान कर रही है। राज्य सरकार का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त और दूरदर्शी परिवर्तन का संकेत है।
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-, प्रधानमंत्री की दृढ़इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णय से पूरा होगा महिलाओं का सपना : श्री साय
-मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में हुए शामिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी का स्थान सर्वोच्च है। हम भगवान से पहले भगवती की पूजा करते हैं और ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी, बुद्धि के लिए सरस्वती और बल के लिए दुर्गा की आराधना की जाती हैं। श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का साहसिक निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम इस वर्ष को प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं और महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हुआ है और प्रदेश विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नया संबल मिलेगा। कार्यक्रम में “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने इस दौरान पुष्प के साथ महिलाओं का अभिनंदन कर बधाई और शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं। महिलाओं को जिम्मेदारी मिले तो वे देश की तस्वीर बदल सकती हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पद्मश्री ऊषा बारले, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पद्मश्री ऊषा बारले, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -राज्य में जन शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान-01 मई से 10 जून तक लगेंगे ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में लगेंगे शिविर-जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान और जनभागीदारी पर जोररायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से इस वर्ष भी “सुशासन तिहार 2026” के आयोजन व्यापक पैमाने पर किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर इस अभियान सफल आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है तथा आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक रूप में संचालित किया जाएगा।30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देशमुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।01 मई से 10 जून तक लगेंगे जन समस्या निवारण शिविरसुशासन तिहार के अंतर्गत 01 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण किया जाएगा। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण, मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से संवाद स्थापित करेंगे।मुख्यमंत्री करेंगे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण एवं समीक्षा बैठकेंअभियान के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं विभिन्न जिलों में पहुंचकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे तथा हितग्राहियों से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के उपरांत प्रेसवार्ता को संबोधित किया जाएगा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से भेंट कर सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।जनभागीदारी के लिए व्यापक प्रचारजनसम्पर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करें, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।424
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- स्तनपान जागरूकता अभियान शिशु मृत्यु दर घटाने की दिशा में नवाचार
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा आज कलेक्टारेट सभाकक्ष में शिशुवती माताओं को स्तनपान के सही तरीके और उसके लाभ की जानकारी देने तथा शिुश मृत्यू दर में कमी लाने के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कृत्रिम बेबी वितरण किया गया। जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए शिशुवती माताओं में स्तनपान को बढ़ावा देने शिशु मृत्यू दर को कम करने के उद्देश्य से कृत्रिम शिशु मानव आकृति के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों , आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर एक कृत्रिम शिशु मानव आकृति (कृत्रिम बेबी) की सहायता से माताओं को स्तनपान के सही तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि छ: महीने तक केवल मां का दूध देना शिशु के समुचित विकास एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उदेश्य से माताओं को न केवल स्तनपान के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही कंगारू मदर केयर, प्रमुख स्तनपान पोजीशन जैसे- कैडल होल्ड, क्रॉस-कैडल, फुटबॉल होल्ड, पोजीशन के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्तनपान से शिशु को पर्याप्त एवं संतुलित पोषण मिलता है। शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है। मां को स्तन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। स्तनपान के दौरान लगाव यानी शिशु द्वारा स्तन को सही तरीके से पकडऩा बहुत जरूरी होता है। साथ ही बच्चे को स्तनपान पश्चात बच्चों को डकार दिलाना आवश्यक है। इसे पहचानने के कुछ स्पष्ट संकेत होते है। शिशु का मुंह चौड़ा खुला होता है। शिशु केवल निप्पल नहीं, बल्कि (निप्पल के आसपास का गहरा हिस्सा) भी मुंह मेे लेता है। शिशु की ठुड्डी स्तन से लगी होती है। शिशु के होंठ बाहर की ओर मुड़े होते है। दूध पीते समय धीमी और गहरी चूसने की आवाज आती है। इस के साथ ही केवल निप्पल ही मुंह में होना, मां को तेज दर्द या घाव महसूस होना, शिशु का बार-बार स्तन छोड़ देना, दूध कम निकलना या शिशु का असंतुष्ट रहना, चूसने की आवाज स्मैकिंग जैसी होना गलत स्तनपान के संकेत है। एक कृत्रिम शिशु मानव आकृति के माध्यम से इन सभी पोजीशनों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर माताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे वे इन्हे आसानी से समझकर अपनाएं। यह अभियान एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। - -सुशासन तिहार 2026 की सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें - कलेक्टर- औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की सुरक्षा मापदण्डों की जांच के लिए एसडीएम एवं तहसीलदार को दिए निर्देश- सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांटों में सुरक्षा व्यवस्था रखने के दिए निर्देश- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाना करंे सुनिश्चित- कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के दिए निर्देश- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने कहा- कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 की शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। जिले में 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसकी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को सुरक्षा संबंधी मापदण्डों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिससे हरित ऊर्जा की ओर लोगों का रूझान बढ़ेगा। इस योजना के अंतर्गत कालोनी में भी सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। कलेक्टर ने कहा कि मिशन जल रक्षा के तहत कृषकों को धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने से जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। कलेक्टर ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा के लिए किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने अधिक से अधिक किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा की।कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने तथा खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांकन के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। शिविर लगाकर बटवारा, नामांतरण एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का तत्परता एवं सक्रियतापूर्वक निराकरण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि अटल पोर्टल मानिटरिंग में निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सभी विभाग उत्कृष्ट प्रदर्शन करें तथा समय पर डाटा एण्ट्री करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करेगें तथा सभी जनपदों में भी ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर में नाले की साफ-सफाई निरंतर होनी चाहिए तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। उन्होंने नगर निगम द्वारा किए जा रहे कर संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जनमानस को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा नियमित योग कराने आयुष विभाग को निर्देश दिए। कलेक्टर ने समर कैम्प, ग्राम पंचायतों में कर वसूली, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य, जनदर्शन के प्रकरणों का निराकरण के संबंध में जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि किशोरी बालिकाओं को कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन तथा निरामया नव्या कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए कहा। इस अवसर पर बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।क्रमांक 78 -----------------
- * ग्रामीणों ने की रुकावटों को हटवाने की मांगरायपुर । मांढर शाखा नहर के 18 किलोमीटर लंबी वितरक शाखा से निकले करीबन 5 किलोमीटर लंबी सोनपैरी माइनर के अधीन आने वाले 5 ग्रामों को निस्तारी पानी पहुंचाने विभागीय अमला ने कवायद शुरू कर दी है । आज अपने अधीनस्थों के साथ पहुंचे सहायक यंत्री ने इन ग्रामों के प्रतिनिधियों के साथ माइनर का दौरा कर निरीक्षण किया । इस दौरान ग्रामीणों ने माइनर में उद्योगपतियों द्वारा विभाग से बिना ड्राइंग - डिजाइन स्वीकृत कराये व बिना विभागीय स्वीकृति के बनाये गये क्रासिंग सड़क की वजह से पानी के प्रवाह में रुकावट होने की ओर ध्यानाकृष्ट कराते हुये तत्काल इन्हें तुड़वाने की मांग की अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी । विभागीय यंत्री ने निरीक्षण कर इसकी वजह से पानी के अबाध प्रवाह में बाधा पहुंक्षंचने की बात स्वीकार की और अविलंब हटवाने का वादा किया । ज्ञातव्य हो कि बीते12 अप्रैल को इस माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव के ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंप निस्तारी पानी दिलाने की मांग की थी ।ज्ञातव्य हो कि इस माइनर के तहत 4 ग्राम सोनपैरी , कुटेसर , तोड़गांव व बड़गांव आता है । सोनपैरी से आगे सिंचाई पानी आने में दिक्कतों के चलते शेष तीनों ग्रामो का खरीफ सिंचाई अनुबंध भी समाप्त किया जा चुका है और मांग व सिंचाई पानी की उपलब्धता पर डिमांड में यहां सिंचाई पानी व निस्तारी पानी दिया जाता है । ग्रामीणों के अनुसार खासकर इन तीनों ग्रामो में पानी पहुंचाना विभाग के लिये एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहता है जिसके लिये खस्ताहाल माइनर भी एक कारण है । कतिपय वर्षों पूर्व बड़गांव व तोड़गांव से डिमांड पर सिंचाई व निस्तारी पानी की मांग पर रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा के पहल पर तात्कालीन कार्यपालन अभियंता सुरेश पांडेय व अनुविभागीय अधिकारी एम बोरकर ने जीवटता का परिचय देते हुये मैदानी विभागीय अमला व ग्रामीणों के सहयोग से अंतिम छोर के इन दोनों ग्रामों तक पानी पहुंचाने में कामयाबी हासिल की थी । गर्मी की वजह से दिनोदिन बढ़ते चले जा रहे निस्तारी जल संकट के मद्देनजर सोनपैरी , कुटेसर व बड़गांव के ग्रामीणों ने नहर पानी की मांग की थी । इसी के चलते विभागीय सहायक यंत्री निखिल अग्रवाल , अमीन जीवन लाल साहू व नरेश पटेल ने कुटेसर के सरपंच सुभाष बंजारे व उपसरपंच ईश्वर प्रसाद , बड़गांव के उपसरपंच बनवारी यादव व श्री शर्मा के साथ माइनर एरिया का निरीक्षण किया । इस दौरान सोनपैरी माइनर निकलने वाले वितरक शाखा 10 के ग्राम दरबा में किये गये हेड अप को हटवाया व वहां के सरपंच संजय टंडन से ग्रामीणों से सहयोग दिलवा व निगरानी करवा पुनः हेड अप न होने देने की व्यवस्था में विभाग को सहयोग कर बड़गांव तक अबाध पानी पहुंचाने में मदद का आग्रह किया । सोनपैरी के सरपंच नंदराज साहू से भी मुलाकात कर ऐसे ही सहयोग की अपेक्षा की गयी व कम से कम सभी ग्रामों के एक - एक तालाब को प्राथमिकता के आधार पर भरने में सहयोग का आग्रह किया । इधर ग्राम कुटेसर के पंचगण अजय जांगड़े , देवेन्द्र बंजारे, महेश गिलहरे , रोहित धृतलहरे आदि ने भी माइनर के सभी ग्रामों में सुनिश्चित रूप से निस्तारी पानी पहुंचवाने का प्रबंध का आग्रह करते हुये सहयोग का आश्वासन दिया है । विभागीय अमला ने सभी ग्राम के पंचायत प्रतिनिधियों से आपसी तालमेल कर नहर प्रणाली के निगरानी में सहयोग की अपेक्षा की है ।
- -मंत्रालय में ई-ऑफिस एवं बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए श्रेष्ठ कर्मचारियों को किया गया सम्मानितरायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारियों को ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने एवं बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए श्रेष्ठ कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने कहा है कि मंत्रालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस पर बढ़-चढ़कर काम कर रहें हैं। इससे अच्छी कार्य संस्कृति परिलक्षित हो रही है, वहीं पर अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहें हैं। इससे मंत्रालय में समयबद्धता में सुधार आया है।मुख्य सचिव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि वे समय पर मंत्रालय में उपस्थित होकर अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराएं, जिससे आगामी दिनों में शत् प्रतिशत समयबद्धता देखी जा सकेगी। मुख्य सचिव ने मंत्रालय में ई-फाईल सिस्टम के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की आवश्यकता बतायी। अतः उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों-अधिकारियों को ट्रेनिंग की आवश्यकता है, उन्हें एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर प्रशिक्षित करना सुनिश्चित करें।मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय में विभिन्न श्रेणीयों में ई-ऑफिस, बायोमेट्रिक उपस्थिति और ई-फाईल प्रणाली में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इसमें संयुक्त सचिव स्तर के आदिवासी विकास विभाग के प्रथम स्थान पर संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, दूसरे स्थान पर लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री सत्यनारायण श्रीवास्तव, तीसरे स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी को सम्मानित किया गया। उप सचिव स्तर के अधिकारियों में प्रथम स्थान पर जीएडी के श्री किशोर कुमार भूआर्य, दूसरे स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के श्री दुर्देशी राम सोनटापर, तीसरे स्थान पर गृह विभाग के श्रीकांत वर्मा को सम्मानित किया गया।अवर सचिव स्तर के अधिकारियों में प्रथम स्थान पर जीएडी के श्री कैलाश कुमार नेताम रहें। द्वितीय स्थान पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के श्री एम.एल.पवार, तृतीय स्थान पर गृह विभाग के पूरन लाल साहू रहे। अनुभाग स्तर के अधिकारियों में प्रथम स्थान पर जीएडी के श्री नंदकुमार मेश्राम, दूसरे स्थान पर वित्त विभाग के श्री आशीष कुमार शर्मा, तीसरे स्थान पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के श्री मणिराम रात्रे रहे। सहायक अनुभाग अधिकारी स्तर के अधिकारियों में प्रथम स्थान पर मुख्यमंत्री सचिवालय के श्री सूरज कुमार देवांगन रहे। वरिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर प्रथम स्थान पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री श्यामलाल साहू और दूसरे स्थान पर महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री दौलत राम वर्मा रहे।कनिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर प्रथम स्थान पर जीएडी के श्री रामकुमार सिंह, दूसरे स्थान पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के श्री प्रमोद कुमार, तीसरे स्थान पर जीएडी के श्री सुरेन्द्र कुमार रहे। डाटा एंट्री ऑपरेटर में प्रथम स्थान पर वन विभाग (तकनीकी शाखा) की माया देवांगन, द्वितीय स्थान पर सचिवालय (तकनीकी) के श्री दीपेश कुमार साहू और तृतीय स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग के श्री ललित साहू को सम्मानित किया गया।बायोमेट्रिक अटेंडेंश के लिए समयबद्धता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनुभाग अधिकारी श्री अशीष कुमार अग्रवाल, उप सचिव श्रीमती क्लेमेन्टीना लकड़ा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुश्री कांती सूर्यवंशी, कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री पवन कुमार साहू, अवर सचिव श्री राजीव कुमार झाड़े, अनुभाग अधिकारी श्री राजेश कुमार जैन, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री राजेश कुमार टोप्पो, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री शार्दूल पटेल, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री सूरज कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक तारा कुजूर, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री विनोद कुमार अथंकर को मुख्य सचिव ने सम्मानित किया।इसी तरह से ई-ऑफिस पर उत्कृष्ठ कार्य करने वाले विभागों में प्रथम स्थान पर गृह विभाग, दूसरे स्थान पर धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, तीसरे स्थान पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग को सम्मानित किया गया है।
- -मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का किया वर्चुअल शुभारंभ-प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर हुई 2 हजार 573-किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण की सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया।उन्होंने इसे प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई समितियों के शुरू होने से अब पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और सहकारिता के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दे रही है, ताकि गांव और किसान समृद्ध बन सकें। उन्होंने बताया कि अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध होंगी। साथ ही धान बेचने की प्रक्रिया भी आसान होगी और किसान अपनी नजदीकी समिति में ही धान बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से कार्यरत 2058 समितियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कंप्यूटरीकृत किया गया है और इनमें माइक्रो एटीएम भी लगाए गए हैं, जिनसे किसान 20 हजार रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नवगठित 515 समितियों में से 197 समितियां आदिवासी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, जिससे दूर-दराज के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल खाद-बीज वितरण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि भविष्य में दुग्ध उत्पादन, मछली पालन जैसे सहायक कृषि गतिविधियों से भी जुड़ेंगी। साथ ही समितियों में लोक सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे इन समितियों के सदस्य बनकर इसका अधिकतम लाभ उठाएं और इनके संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाएं।इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप वर्चुअल उपस्थित रहे, साथ ही कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा सचिव सहकारिता श्री सी.आर. प्रसन्ना, सहकारिता विभाग के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभिन्न जिलों से लगभग 2500 जनप्रतिनिधिगण, किसान और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने (NSTFDC) को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बतायारायपुर। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने देश भर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि (NSTFDC) का दृष्टिकोण केवल रोजगार सृजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने में सक्षम बनाना है। नई दिल्ली में (NSTFDC) के 10 अप्रैल 2026 को आयोजित 25 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए श्री ओराम ने इस निगम को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया।केंद्रीय जनजाति मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थी जिला बेमेतरा से किशन ध्रुव ग्राम कुआं (किराना व्यवसाय) एवं धनराज ठाकुर ग्राम गातापार (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रतिनिधि (कार्यपालन अधिकारी) प्रवीण कुमार लाटा का स्वागत किया और (NSTFDC) सावधि ऋण योजना के तहत व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री जी द्वारा लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए श्री ओराव ने निगम के उस मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया जिसके तहत वह बिना किसी गारंटी (collateral-free) के वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक इसकी पहुँच और अधिक व्यापक हो सके। मीडिया से बात करते हुए श्री ओराम ने कहा कि निगम ने लाभार्थियों को 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए हैं और अब तक कुल संवितरण (वितरित राशि) 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) ने नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडे और (NSTFDC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री टी. रौमुआन पाइते, (NSTFDC) के प्रबंधक और मध्य क्षेत्र के प्रमुख श्री विकास रंजन साथ ही निगम के पूर्व CMD और देश भर की राज्य चौनलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दिखाई हरी झंडी-आस्था स्पेशल ट्रेन से बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं ने शुरू की यात्राबिलासपुर। आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आस्था स्पेशल ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने श्रद्धालुओं से भरी विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक श्री राकेश रंजन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग सिंह मौजूद थे।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने इस अवसर पर कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का सम्मान है, जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को प्रभु श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर गाजे-बाजे, पारंपरिक नृत्य, तिलक, फूल-मालाओं और पुष्प वर्षा के बीच श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर उल्लास और श्रद्धा के भाव थे। अयोध्या धाम के साथ-साथ वे श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के भी दर्शन करेंगे।दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु बिलासपुर के श्रीकांत गुप्ता, तखतपुर के बलदाऊ गुप्ता और बिलासपुर निवासी श्रीमती कुवंरिया बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री रामलला के दर्शन करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है, जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था एक सपना साकार होने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता के कारण आज अनेक महिलाओं को श्री रामलला के दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसके लिए वे उनके प्रति कृतज्ञ हैं। अन्य दर्शनार्थियों ने भी इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय और भावनात्मक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 श्रद्धालु भी शामिल हैं। श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या आने-जाने, ठहरने, मंदिर दर्शन, नाश्ता एवं भोजन की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। साथ ही यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मियों एवं चिकित्सकों का दल भी श्रद्धालुओं के साथ मौजूद रहेगा।
- -मृतकों के परिजनों से संपर्क एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी-स्वास्थ्य मंत्री भी निरंतर जिला प्रशासन के संपर्क मेंरायपुर। सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।कलेक्टर श्री टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।मृतकों के नामहादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं--रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),आकिब खान (दरभंगा, बिहार),सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),अब्दुल करीम (झारखंड),उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सार्थक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत लालपुर की श्रीमती हमेश्वरी राठौर हैं, जो आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।एक सामान्य ग्रामीण महिला से आत्मनिर्भर उद्यमी बनने तक का उनका सफर संघर्ष, साहस और सफलता की मिसाल है। हमेश्वरी राठौर “रिद्धी-सिद्धी स्वसहायता समूह” से जुड़ीं, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण मिला। समूह के माध्यम से उन्होंने 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया, जो उनके जीवन में परिवर्तन का आधार बना।इस राशि का उपयोग उन्होंने कृषि और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। सब्जी उत्पादन को मुख्य आय का स्रोत बनाते हुए उन्होंने टमाटर, गोभी, अदरक, बरबट्टी और हल्दी जैसी फसलों की खेती शुरू की। साथ ही, उन्होंने सेंटरिंग प्लेट का कार्य भी शुरू किया, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बने।शुरुआती दौर में मौसम की अनिश्चितता, बाजार की चुनौतियां और लागत जैसी कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन और स्वसहायता समूह के सहयोग ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार किया।आज हमेश्वरी राठौर की वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसने उन्हें “लखपति दीदी” बना दिया है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।हमेश्वरी राठौर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि विष्णुदेव साय सरकार की महिला-केंद्रित योजनाएं और स्वसहायता समूहों का सशक्त नेटवर्क ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
- सक्ती। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढक़र 17 हो गई है। हादसे के बाद घायल मजदूरों को रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर रेफर किया गया है।इधर वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति का संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। पूर्व मंत्री नोबल वर्मा सहित कई विधायक सदस्य बनाए गए हैं। इसमें चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, जैजैपुर विधायक बलेश्वर साहू समेत कई नेता शामिल हैं। समिति को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाकर पीडि़तों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करे। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।उधर, वेदांता प्रबंधन की ओर से प्रभावितों परिवारों को मुआवजे का एलान किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वेदांता प्रबंधन द्वारा हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आर्थिक मदद का एलान किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता राशि तथा घायलों को 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।
- रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सक्ती जिले में डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 9 मजदूरों की मौत एवं 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने का समाचार अत्यंत हृदय विदारक और पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करे।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस मामले में 50 से अधिक लोगों के झुलसकर घायल होने की सूचना है, घायलों के बेहतर इलाज की समुचित व्यवस्था कर न्यायिक जांच कराई जाए और मृतकों के परिवार को एक-एक करोड़ और घायलों को 50-50 लाख मुआवजा दे।दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे है। कुछ महीना पहले गोदावरी प्लांट (रायपुर) में भट्टी विस्फोट और स्वदेश मेटालिक प्लांट (बलौदाबाजार) में 30 फीट की ऊँचाई से गिरकर श्रमिक की मौत सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाते हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भट्टी बंद किए बिना ही जोखिम भरे काम करवाना, सुरक्षा उपकरणों का न होना और बिना उचित परमिट के काम करना सामान्य बात हो गई है जो सुरक्षा तंत्र की विफलता का स्पष्ट संकेत है। औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का लगातार विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में संचालित उद्योगों में सुरक्षा ऑडिट कर तय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें सरकार।दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार गंभीर हादसे हो रहे हैं, जिससे अनेकों श्रमिकों की मौत हुई है, कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रायगढ़, सिलतरा और बलौदाबाजार जैसे क्षेत्रों में विस्फोट और ऊँचाई से गिरने जैसी घटनाओं के चलते प्रबंधन, सुरक्षा विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में हुए हादसों में (एसओपी) का पालन न करना मुख्य कारण पाया गया है। दीपक बैज ने कहा है कि कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 का कड़ाई से पालन न करने की वजह से स्थिति दिनोदिन बदतर हो रही है। कई इकाइयों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जाती हैं, लेकिन सख्ती की कमी के चलते हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासन और श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
- - 3 हजार 600 से अधिक हुए उच्च जोखिम सहित सामान्य व सर्जिकल प्रसवमुंगेली । जिला चिकित्सालय में निरंतर बेहतर हो रही सुविधाओं के चलते अब जिले की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। कलेक्टर कुन्दन कुमार कुशल मार्गदर्शन में यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है, बल्कि शासन की जनहितकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का भी प्रमाण है। जिला चिकित्सालय मुंगेली के 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल ने बीते एक वर्ष में सुरक्षित मातृत्व एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि में अस्पताल में कुल 03 हजार 602 प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और चिकित्सा टीम की दक्षता को दर्शाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल प्रसवों में 02 हजार 405 सामान्य प्रसव एवं 01 हजार 190 ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के माध्यम से प्रसव कराए गए। इसके साथ ही 01 हजार 28 महिलाओं को पीपीआईयूसीडी की सुविधा प्रदान कर परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया गया। विशेष रूप से 02 हजार 114 उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का सफल प्रबंधन कर जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई, जो चिकित्सा टीम की विशेषज्ञता और समर्पण को रेखांकित करता है।डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा स्मृति लाल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार बेलदार, चिकित्सा अधिकारियों, लेबर रूम स्टॉफ, ऑपरेशन थिएटर (ओ.टी.) स्टॉफ एवं पीएनसी स्टॉफ की टीम ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए सुरक्षित प्रसव सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही 01 हजार 190 महिलाओं की नसबंदी कर परिवार कल्याण कार्यक्रम को भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया। सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय ने सभी चिकित्सकों एवं स्टॉफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम वर्क, समर्पण और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
- 0- इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षणरायपुर। राज्य शासन की पुनर्वास नीति से कोण्डागांव के पुनर्वासित व्यक्तियों की जिंदगी को नई दिशा मिल रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन एवं गोबरू वर्तमान में जिले में संचालित पुनर्वास केन्द्र में रहकर लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे संगठन से जुड़ गए थे, किन्तु राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने पुनर्वास कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे पुनर्वास केन्द्र में रहकर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वायरिंग का दो माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण उपरांत वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं।इसी प्रकार रजमन एवं गोबरू ने भी पुनर्वास नीति के अंतर्गत पुनर्वास कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे भी इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे अपने गांव में स्वरोजगार स्थापित कर आय अर्जित करेंगे एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे। तीनों युवाओं ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर मिला है। पहले जहां भय एवं अस्थिरता का माहौल था, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें कौशल विकास, रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।कोण्डागांव जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां पूर्व में भटके हुए युवाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित किया जा रहा है।
- 0- जल संरक्षण के साथ बढ़ी आयरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरियां किसानों की आय का मजबूत आधार बन रही हैं।इसी कड़ी में विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी किसान मधुसूदन ने अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर न केवल सिंचाई की समस्या का समाधान किया, बल्कि स्थायी आय का स्रोत भी विकसित किया है। मनरेगा योजना के तहत लगभग 2.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके जीवन में बदलाव लाया है। इस योजना की बदौलत एक ओर रोजगार उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर स्थायी परिसंपत्ति का निर्माण भी सुनिश्चित हुआ है।डबरी बनने के बाद मधुसूदन ने इसके आसपास लगभग 80 डिसमिल भूमि में टमाटर, फूलगोभी और मिर्च जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की, जिससे उन्हें करीब 1.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही डबरी में मत्स्य पालन कर वे प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार वे सालाना करीब 2.20 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में अब तक 480 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा चुका है। इन डबरियों का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में वृद्धि करना, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना तथा मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
- रायपुर। अगर इरादे मजबूत हों और सुशासन का साथ मिले, तो बरसों पुराने सपने भी सच हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है, बालोद जिले की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी के साथ, जिन्होंने अपने जीवन के 20 साल एक कच्चे मकान की जद्दोजहद में बिता दिए। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। जहां वे अपने 03 बच्चों के साथ खुशी खुशी रहती है।पिंकी सोनी बताती हैं कि पिछले दो दशकों से वे एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में टीन की चादरें उड़ जाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती थी। अपने पति के निधन के बाद, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनके लिए पक्का घर बनाना एक नामुमकिन सा सपना बना दिया था। वे खिलौने की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।पिंकी ने बताया कि इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। उन्हें चार किस्तों में 02 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, गृह प्रवेश के लिए उन्हें गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने नए घर में कदम रखा। इसके साथ ही, उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसकी राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला है।अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए पिंकी सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का घर होगा। आज मेरा सपना साकार हो गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने हमारी भी सुध ली।--
- 0- 30 दिनों तक मां-बच्चे की होगी डिजिटल केयररायपुर। बस्तर जिले में सुरक्षित मातृत्व की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और यूनिसेफ़ ने एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठी पहल की शुरुआत की है। सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में महारानी अस्पताल में 'रेड (रिचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस गौरवपूर्ण क्षण को और भी विशेष बनाते हुए कलेक्टर ने स्वयं पहल की और अस्पताल में उपस्थित एक नवजात शिशु की माता को सादर आमंत्रित कर उनके हाथों से ही इस केंद्र का उद्घाटन करवाया। यह हृदयस्पर्शी दृश्य इस सशक्त संदेश का प्रतीक बना कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्त सरकारी योजनाएं वास्तव में माताओं के समर्पण के लिए हैं और उनकी सक्रिय सहभागिता ही इन प्रयासों को सफल बनाएगी।इस नई व्यवस्था के तहत संचालित “हरिक मांय, हरिक पिला”(खुश मां, खुश बच्चा) पहल के माध्यम से अब बस्तर की हर गर्भवती महिला तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जैसा कि इसके नाम 'रेड' यानी 'रिचिंग एवरी डिलिवरी' से स्पष्ट होता है। महारानी अस्पताल परिसर में स्थित इस हाई-टेक कॉल सेंटर के जरिए जिले की उन महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनकी गर्भावस्था 7 से 9 माह के बीच है और जो उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं। सेंटर के प्रतिनिधि सप्ताह में एक से दो बार इन महिलाओं से सीधे फोन पर संपर्क साधेंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के फायदों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित करने में हरसंभव सहायता प्रदान करना है।प्रशासन की यह दूरगामी योजना केवल प्रसव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म के उपरांत भी सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी। प्रसव के बाद के शुरुआती 30 दिनों तक माँ और उसके नवजात शिशु की सेहत की बारीकी से निगरानी की जाएगी। इस दौरान कॉल सेंटर के माध्यम से नियमित फॉलो-अप लिया जाएगा ताकि प्रसव पश्चात होने वाली किसी भी संभावित स्वास्थ्य संबंधी जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके और त्वरित चिकित्सकीय समाधान सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य और तकनीक के इस अनूठे संगम से बस्तर प्रशासन का विजन प्रत्येक प्रसव को सुरक्षित बनाना और जिले में स्वस्थ मातृ-शिशु परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।--
- 0- 30 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एस.एफ. फिश फार्म का कर रहे हैं संचालनमहासमुंद. जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भुरकोनी के प्रगतिशील मत्स्य कृषक श्री अब्दुल जमील ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से मछली पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाते हुए मत्स्य पालन विभाग से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें विभिन्न मछलियों की प्रजातियों, उनके व्यवहार, गुणवत्ता, रोग एवं उनके उपचार की समुचित जानकारी मिली, जिससे उन्होंने अपने उत्पादन को बेहतर और टिकाऊ बनाया।श्री जमील बताते हैं कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद जब उन्हें कोई उपयुक्त रोजगार नहीं मिला, तब उन्होंने छोटे स्तर पर मछली पालन कार्य की शुरुआत की। प्रारंभ में सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया गया यह कार्य उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बल पर निरंतर आगे बढ़ता गया। वर्तमान में वे लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एस.एफ. फिश फार्म का सफल संचालन कर रहे हैं।श्री जमील द्वारा एकीकृत मत्स्य पालन प्रणाली को अपनाया गया है, जिसमें मछली पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं फसल उत्पादन भी किया जा रहा है। इस समन्वित कृषि प्रणाली ने उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ जोखिम को भी कम किया है। उनके फार्म में पंगास, तिलापिया, रोहू, कतला एवं मृगाल जैसी प्रमुख मछलियों का उत्पादन किया जाता है। इसके साथ ही वे रोहू, कतला एवं मृगाल के उन्नत बीज उत्पादन का कार्य भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कर रहे हैं। उनके द्वारा उत्पादित मछलियों की आपूर्ति आसपास के विभिन्न बाजारों में की जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार और पोषण सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।श्री अब्दुल जमील वर्ष 2000 से मछली पालन कर रहे हैं और एक प्रगतिशील मछली उत्पादक हैं। साथ ही आधुनिक पद्धित से एकीकृत मछली पालन करते हैं, इसीलिये उन्हें राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस 10 जुलाई 2025 में श्रेष्ठ मत्स्य कृषक पुरस्कार प्रदान किया गया।
- बलौदाबाजार-भाटापारा. जीवन की राह में जब दुखों का पहाड़ टूटता है, तो अक्सर उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की हजारों महिलाओं के लिए अंधेरे में दीये की तरह साबित हो रही है। अमेरा की गायत्री साहू के लिये भी योजना के तहत मिलने वाली राशि सहारा बन गई।पति के आकस्मिक देहांत के बाद परिवार के भरण-पोषण की चिंता गायत्री को दिन-रात सताने लगी थी, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। प्रतिमाह बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपए की सम्मान राशि गायत्री के लिए केवल पैसा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी बन गई।अपनी इसी छोटी-सी बचत और अटूट हौसले से गायत्री ने गांव में ही एक छोटी सी फैंसी दुकान शुरू की है। आज उसी दुकान की आमदनी और सरकार से मिलने वाली निरंतर सहायता के बल पर वे न केवल अपने परिवार का सम्मानपूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि समाज में एक नई मिसाल भी पेश कर रही हैं। गायत्री साहू भावुक होकर कहती हैं कि जब उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब 'महतारी वंदन योजना' एक सच्चे सहारे के रूप में उनके पास आई। उन्होंने इस मानवीय पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक तंगी की बेड़ियों से मुक्त कर अपने पैरों पर खड़ा होने का साहस दिया है। गायत्री की यह मुस्कान आज प्रदेश की सशक्त होती नारीशक्ति का प्रतीक बन चुकी है।

















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