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- - राजस्व विभाग टीम ने ग्राम रीवागहन में की कार्रवाईराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम रीवागहन स्थित शासकीय घास भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रीवागहन निवासी संजय वर्मा द्वारा शासकीय घास भूमि पर टीन शेड का निर्माण कर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। राजस्व विभाग की टीम ने आज मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया तथा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासकीय भूमि की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
- - सीएम हेल्पलाइन, जन शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश- राजस्व विभाग ने एक सप्ताह के भीतर किया 700 से अधिक प्रकरणों का निराकरण- जिले के 4 हजार 367 घरों में लगे सोलर पैनल, 1300 से अधिक घरों का हुआ बिजली बिल शून्य- गिरदावरी कार्य पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं शुद्धतापूर्वक से संपादित करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, जन शिकायतों, सुशासन तिहार, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त आवेदनों का जिम्मेदारीपूर्वक और संतोषजनक निराकरण किया जाना अनिवार्य है तथा इसकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाए। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने तथा शासकीय भूमि का उपयोग जनहित एवं शासकीय कार्यों के लिए सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह में 700 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं शुद्धतापूर्वक संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी 31 जुलाई 2026 को श्रम विभाग के पंजीकृत हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम की तैयारी की जानकारी ली। कलेक्टर ने कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य विभाग को समितियों के खाता मिलान का कार्य शुद्धतापूर्वक करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को बजट में प्रस्तावित जिले के निर्माण कार्यों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने जिले में खाद-बीज की उपलब्धता, वितरण एवं भंडारण की समीक्षा करते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराने कहा। जिले में अब तक 1 लाख 48 हजार से अधिक किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों को विशिष्ट किसान आईडी प्राप्त होती है, जिससे विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का परीक्षण शीघ्र पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापना का कार्य तेज गति से कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के बिजली व्यय में कमी लाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। जिले में अब तक 4 हजार 367 हितग्राहियों के यहां सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं तथा योजना से लाभान्वित होकर 1300 से अधिक घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क स्क्रीनिंग, समय पर सोनोग्राफी, उपचार, आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग करने कहा। श्रम विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के माध्यम से मजदूर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 4 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है।कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए अभिभावकों एवं किशोरी बालिकाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका अत्यंत प्रभावी है। जिले में अब तक 6 हजार 576 किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्कूलवार रोस्टर बनाकर अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने कहा।
- -वन महोत्सव, अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस एवं गुरु पूर्णिमा कार्यक्रमों में होंगे शामिलबिलासपुर / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 29 जुलाई को बिलासपुर एवं मुंगेली जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री साव बिलासपुर में वन महोत्सव कार्यक्रम, मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के आयोजन तथा बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित सिद्ध बाबा आश्रम बेलगहना में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री साव प्रातः 8 बजे नया रायपुर स्थित निवास से प्रस्थान कर लगभग 10.30 बजे पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर पहुंचेंगे। यहां वे वन महोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे बिलासपुर से प्रस्थान कर मुंगेली जिले के लोरमी स्थित बैगा रिसॉर्ट पहुंचेंगे, जहां दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोपहर 3 बजे वे बैगा रिसॉर्ट से प्रस्थान कर बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित सिद्ध बाबा आश्रम, बेलगहना पहुंचेंगे। यहां शाम 4 बजे से 5 बजे तक गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दर्शन एवं धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। शाम 5 बजे बेलगहना से प्रस्थान कर श्री साव रात्रि लगभग 8 बजे नया रायपुर स्थित अपने निवास पहुंचेंगे।
- -441 आजीविका डबरियों में हो रहा वर्षा जल संग्रहणबिलासपुर /जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जिले में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। अभियान के तहत जिले में जल संकट से निपटने, भू-जल स्तर में सुधार लाने तथा किसानों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 441 हितग्राहियों की निजी भूमि पर आजीविका डबरियों का निर्माण कराया गया है। वर्षाकाल में इन डबरियों में वर्षा जल का संग्रहण किया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को पूरे वर्ष कृषि कार्यों के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है।इन डबरियों की विशेषता यह है कि प्रत्येक डबरी में लगभग 1300 घन मीटर वर्षा जल संग्रहित करने की क्षमता है। संग्रहित जल का उपयोग किसान सिंचाई, मछली पालन, पशुपालन, बागवानी तथा अन्य कृषि आधारित गतिविधियों में कर रहे हैं। इससे किसानों की खेती वर्षा पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह गई है और आवश्यकता के समय सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होने से फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि हो रही है। डबरियों का लाभ केवल जल संग्रहण तक सीमित नहीं है। प्रत्येक डबरी के माध्यम से वर्षाकाल में लगभग 2600 घन मीटर भू-जल पुनर्भरण (वाटर रिचार्ज) भी हो रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर में सुधार आ रहा है तथा कुएं, हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता लंबे समय तक बनी रहने में मदद मिल रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।जिला प्रशासन का यह प्रयास जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के माध्यम से निर्मित आजीविका डबरियां न केवल वर्षा जल को संरक्षित कर रही हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह पहल भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।
- -30 जुलाई तक साइकिल, गणवेश और पाठ्यपुस्तक वितरण के दिए निर्देश-टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन सहित योजनाओं की समीक्षाबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वंदे मातरम् अभियान के तीसरे चरण की तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाएं तथा एग्रीस्टैक के अंतर्गत किसानों के पंजीयन में प्रत्येक समिति को दिए गए लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने आज आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 जुलाई तक विद्यार्थियों को साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत जिले की 9,875 छात्राओं को साइकिल वितरित की जा रही है। करीब ढाई सौ छात्राओं को साइकिल तथा करीब 8 प्रतिशत विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें मिलना शेष है। गणवेश का पहला सेट वितरित किया जा चुका है तथा दूसरे सेट की आपूर्ति भी प्रारंभ हो गई है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण में हितग्राही का संतुष्टिपूर्ण फीडबैक सबसे महत्वपूर्ण है। संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करें, जिससे अधिकांश समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने एग्रीस्टैक में किसानों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले में अभी लगभग 55 हजार किसानों का पंजीयन शेष है। प्रत्येक समिति को प्रतिदिन कम से कम 10 किसानों का पंजीयन करने का लक्ष्य दिया गया। इस कार्य की जिम्मेदारी समिति प्रबंधक, पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) को सौंपी गई तथा संबंधित एसडीएम प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे।कलेक्टर ने कहा कि वंदे मातरम् अभियान का तीसरा चरण 7 से 15 अगस्त तक आयोजित होगा। इस दौरान ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक राष्ट्रभक्ति से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी कार्यक्रमों के फोटोग्राफ एवं गतिविधियों की जानकारी अभियान पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। बैठक में रतनपुर-केंची मार्ग की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया कि बांधों से पानी छोड़े जाने से पूर्व व्यापक अलर्ट जारी किया जाए तथा संबंधित उप अभियंता क्षेत्र में उपस्थित रहकर यह सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी प्रकार की क्षति न हो। भारी वर्षा से हुए नुकसान के प्रकरण भी शीघ्र तैयार कर पात्र हितग्राहियों को राहत दिलाने के निर्देश दिए गए।प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 23 मलेरिया मरीज उपचाररत हैं। कलेक्टर ने अधिक से अधिक स्लाइड जांच कराने तथा छात्रावासों, आंगनबाड़ियों एवं स्कूलों में बुखार से पीड़ित सभी बच्चों की जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा करते हुए प्रत्येक विकासखंड में 20-20 तालाब निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने सुशासन छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की साप्ताहिक प्रगति प्रस्तुत करने, वृक्षारोपण अभियान में तेजी लाने तथा चकरभाठा स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट रनवे विस्तार हेतु आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से कराएंगे परिचित-प्रतिनिधिमंडल में मांझी, चालाकी, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकार और समाज प्रतिनिधि शामिल-नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के लिए जताएंगे आभाररायपुर, / बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के प्रसिद्ध जनजातीय युवा कलाकार, जनजातीय समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्तकर्ताओं सहित 164 व्यक्तियों का प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू से 30 जुलाई 2026 को मुलाकात करेगा तथा बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराएगा।प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेंगे कि आज का बस्तर हिंसा और भय की पहचान से निकलकर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में नई पहचान बना रहे हैं। वे राष्ट्रपति को बताएंगे कि शासन की विकासोन्मुखी पहल और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और जनजीवन को नई गति मिली है।प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए संदेश देंगे कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ही नहीं, बल्कि शांति, विकास, लोकतांत्रिक भागीदारी और नई उम्मीदों से भी जुड़ चुकी है। बस्तर के युवा पूरे देश को बताएंगे कि नया बस्तर अवसरों, आत्मविश्वास और प्रगति का बस्तर है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुखों एवं युवा प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल केवल बस्तर का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज का बस्तर बदल रहा है। कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है। हमारे युवा देश की सर्वाेच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचकर इस सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल माननीय राष्ट्रपति के समक्ष बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नए अवसरों का बस्तर है।
- -अब अंगुलिका उत्पादन से बढ़ाएंगी आमदनीरायपुर / स्पान संवर्धन योजना छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मछली बीज (स्पान) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना, आदिवासी और स्थानीय मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन सिखाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त मछली बीज (स्पान) और नर्सरी जाल बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं। किसानों को तालाब की तैयारी, स्पान संचयन, नर्सरी प्रबंधन और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक नया और सशक्त जरिया बन रही है। योजना का लाभ उठाकर बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई कर क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। मत्स्यपालन विभाग द्वारा मई माह में मनकी बघेल को मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली दी गई। मनकी ने अपने परिवार के 1 एकड़ में फैले 2 तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल चलाकर की गई निगरानी के बल पर कम समय में उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं। विभाग ने तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी और जाल निःशुल्क उपलब्ध कराए।मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल ने बताया कि अब तक लगभग 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाएं 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा चुकी हैं, जिससे परिवार को 15 हजार रुपये की सीधी आय हुई है। वर्तमान में तालाब में करीब 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं बिक्री के लिए और तैयार हैं, जिनसे आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। सुखलाल के अनुसार, अंगुलिका उत्पादन पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।बघेल परिवार 7 एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। इस सफल अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने का फैसला किया है, जिससे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनी आय का मुख्य स्तंभ बनाया जा सके।
- -आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्तबालोद ।राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के पत्र के परिपालन में सत्र 2026-27 के अनुसार बालोद जिले की कुल 05 पीएमश्री शालाओं में स्पेशल एजुकेटर के रिक्त पदों पर सेवाएं लेने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक ने बताया कि इसके तहत प्राथमिक स्तर के 05 पद और माध्यमिक स्तर के 01 पद सहित कुल 06 स्पेशल एजुकेटर के पदों पर 10 माह हेतु अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 तक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक भर्ती, पात्रता की शर्तें एवं आवश्यक शैक्षणिक अर्हताएं संबंधी विस्तृत जानकारी एनआईसी बालोद की वेबसाइट www.balod.gov.in पर लॉगिन कर प्राप्त की जा सकती है।
- -निविदा की अंतिम तिथि 11 अगस्तबालोद । जिला प्रशासन जिला बालोद द्वारा जिले के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, एसएससी तथा अन्य समकक्षी भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए परिणामोन्मुखी अध्यापन सह कोचिंग उपलब्ध किया जाना प्रस्तावित है। आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि इसके लिए राज्य में संचालित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से ’रुचि की अभिव्यक्ति’ आमंत्रित की गई है। इच्छुक संस्थाएं ऑनलाइन ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ई-निविदा की प्रारंभ तिथि 10 जुलाई है तथा निविदा की अंतिम तिथि 11 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके पश्चात ऑनलाइन जमा की गई निविदा प्रपत्र की कीमत एवं अमानत राशि की छायाप्रति तथा सत्यनिष्ठा की मूल प्रति स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड या कूरियर के माध्यम से इस कार्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त को शाम 05 बजे तक है। निविदा खोलने की तिथि 18 अगस्त तथा प्री-बीड़ की तिथि 04 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी तथा नियमावली ऑनलाइन पोर्टल https://eproc.cgstate.gov.on/ एवं कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बालोद में अवलोकन की जा सकती है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी द्वारा विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक तिरंगा लहराने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास का कंपनी मुख्यालय में सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं एक पौधा भेंट कर उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प तथा ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर अमिता श्रीवास ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा प्रमुख सचिव, ऊर्जा एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके द्वारा प्रेषित शुभकामनाओं एवं बधाई संदेश के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। इसी उद्देश्य से कलेक्टर (जांजगीर-चांपा) की अनुशंसा पर कंपनी ने अमिता श्रीवास के माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की।सम्मान समारोह में अमिता श्रीवास ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। सीमित संसाधनों तथा साधारण परिवार से होने के बावजूद उन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह करने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी द्वारा प्रदान की गई आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन ने उनके मनोबल को सुदृढ़ किया, जिसके बल पर वे माउंट एवरेस्ट अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर सकीं।सम्मान समारोह में कार्यपालक निदेशक श्री एम.एस. कंवर, श्री सी.एल. नेताम, श्री संदीप मोदी, मुख्य अभियंता श्री संजीव शुक्ला, श्री गिरीश गुप्ता, श्री सुभाष शर्मा, श्री जीतेन्द्र कुमार चावड़ा, श्री देवेन्द्र नाथ, श्री इन्तेकाब आलम अंसारी, श्री एच.एन. कोसरिया, श्री रोहित डहरवाल, श्री शशिधर द्विवेदी तथा बलवंत पाटिल उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया।
- -विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम तथा बाल अधिकारों की जानकारी दी गईबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा के आदेशानुसार तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू के नेतृत्व में 25 जुलाई 2026 को पीएमश्री शासकीय स्वामी आत्मानंद हिंदी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुंडरदेही में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम तथा बाल अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी प्रकार के शोषण या संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से बच्चों को अवगत कराया गया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री कोल्हारे, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक श्री वेद प्रकाश साहू, केस वर्कर श्री कैलाश निषाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) की महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शर्मिला ने अपने अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और अटूट आत्मविश्वास के बल पर स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्वर्ण पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की बेटियों और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने शर्मिला धनखड़ को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अनंत शुभकामनाएं दीं। - -राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में स्वच्छता फीडबैक देकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की अपील कीरायपुर - राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, सभी जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों को सम्पूर्ण जगत के मार्गदर्शक माने जाने वाले श्री गुरू देव के प्रति श्रद्धा सहित कृतज्ञता ज्ञापित करने के प्रति समर्पित गुरू पूर्णिमा दिनांक 29 जुलाई बुधवार के अवसर की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुये समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य क्षेत्र में सुख, समृद्धि हरियाली और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा शक्ति प्रदान करने श्री गुरूदेव के दिव्य श्रीचरणों में सामूहिक विनम्र प्रार्थना की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों,एल्डरमैनों ने कहा है कि गुरू पूर्णिमा का अवसर सम्पूर्ण जगत के मार्गदर्शक माने जाने वाले श्री गुरूदेव के प्रति पूरी तरह से समर्पित एक श्रेष्ठ सुअवसर माना जाता है. वैदिक मान्यताओं के अनुसार जीवन में श्री गुरूदेव की कृपा एवं आशीर्वाद व्यक्ति के लिए सद्गति प्राप्त करने आवश्यक मानी जाती है. सद्गुरू कबीर ने मानव जीवन में श्री गुरूदेव के विशेष महत्व पर जगप्रसिद्ध दोहे में प्रकाश डाला है. संत कबीरदास कहते हैँ - गुरू गोविंद दोउ खडे, काके लागू पाय, बलिहारी गुरू आपकी, गोविन्द दियो बताए गुरु पूर्णिमा का यह अवसर प्राचीन काल से ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर माना जाता रहा है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित समस्त एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, वार्ड पार्षदों, एल्डरमैनों ने समस्त नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2025- 26 में रायपुर शहर को देश में प्रथम स्वच्छ रैंकिंग दिलवाने अधिक से अधिक संख्या में स्वच्छता एप में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करने का सामूहिक संकल्प लेने की पुनः विनम्र अपील की है.
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 अंतर्गत अमलीडीह में मेडिशाइन हॉस्पिटल के समीप स्थित कबाड़ी दुकान ओम ट्रेडर्स की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया.स्वच्छता व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी पायी गयी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का उल्लंघन पाया गया. इस पर प्राप्त जनशिकायत स्थल पर पूरी तरह सही मिलने पर जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा द्वारा स्थल पर स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा एवं श्री अनिल झा सहित स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में अमलीडीह क्षेत्र में स्थित कबाड़ी दुकान ओम ट्रेडर्स के सम्बंधित संचालक को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल 15 हजार रूपये का ई जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित निदान किया गया.
- -राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में जीता रजत पदकबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई दी है। राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 53 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ज्ञानेश्वरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीत कर भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी का नाम रोशन किया है। उनकी शानदार सफलता से राज्य के खिलाड़ी प्रेरणा लेंगे और आगे बढ़ेंगे।
- -विशेष प्रोजेक्ट से नक्सल पीडि़त परिवार को मिला पक्का घर, बदली जिंदगी की दिशारायपुर। कभी बारिश की हर रात डर और असुरक्षा लेकर आती थी। जंगल के बीच बनी कच्ची झोपड़ी की टपकती छत के नीचे एक परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंता में जी रहा था। नक्सल हिंसा में परिवार के मुखिया मोहम्मद निमजनी की हत्या के बाद उनकी पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों के सामने जीवनयापन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई थी।झारखंड सीमा से लगे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत चुनचुना का यह परिवार लंबे समय तक अभाव, भय और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजारता रहा। दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण परिस्थितियां और भी कठिन थीं। बरसात में झोपड़ी की छत से लगातार पानी टपकता था और बच्चों को रातभर सूखी जगह तलाशनी पड़ती थी। परिवार के मन में बस एक ही सपना थाकृएक सुरक्षित पक्का घर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित विशेष प्रोजेक्ट के तहत नक्सल पीडि़त एवं आत्मसमर्पित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की पहल इस परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हुई। प्रशासन ने परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवास स्वीकृत किया और ग्राम पंचायत के सहयोग से निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। धीरे-धीरे ईंटें जुड़ती गईं और वर्षों पुराना सपना साकार हो गया।जहां कभी जर्जर झोपड़ी थी, वहां आज मजबूत दीवारों और पक्की छत वाला सुरक्षित घर खड़ा है। अब परिवार को बारिश का भय नहीं सताता, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान है और वे अपने भविष्य को लेकर नए सपने देख पा रहे हैं।परिवार के बच्चों का कहना है कि उन्हें कभी विश्वास नहीं था कि उनका भी पक्का घर होगा। पिता के निधन के बाद उन्हें लगा था कि जीवन संघर्षों में ही बीत जाएगा, लेकिन अब अपने घर का दरवाजा बंद करते समय उन्हें सुरक्षा और सम्मान का एहसास होता है। यह केवल एक आवास निर्माण की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और प्रशासन द्वारा कठिन परिस्थितियों में जी रहे परिवारों के जीवन में भरोसा और सम्मान लौटाने का उदाहरण है। जिस क्षेत्र में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां आज विकास और पुनर्वास की पहल नई उम्मीद जगा रही है।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जीे ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में ग्राम पंचायत दर्राभांठा की पंच श्रीमती हीरा बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि वे वार्ड क्र 4 की पंच है। उन्हें 10 माह से मानदेय की राशि नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को ग्राम सभा की बैठक में गांव की समस्या एवं काम की चर्चा के दौरान उन्होंने सरपंच से अपने मानदेय नहीं मिलने की शिकायत की तो सरपंच ने आश्वासन दिया कि आपका पैसा आपको मिल जाएगा लेकिन अभी तक मुझे मानदेय नहीं मिला है। जबकि गांव के अन्य पंचों को मानदेय मिल चुका है। तखतपुर तहसील के ग्राम परसाकापा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गांव के ही आदित्य यादव द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से पक्का मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है। साथ ही सार्वजनिक हैंडपंप से मात्र ही कुछ फीट की दूरी पर सेप्टिक टैंक का निर्माण किया जा रहा है। सेप्टिक टैंक बनाए जाने से पेयजल स्रोत दूषित होने तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होने की आशंका है। ग्रामीणों ने अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है। रतनपुर निवासी अनिकेत कुमार बारे ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा रतनपुर द्वारा वर्ष 2024 से लगातार आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका ऋण स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे समय और आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने मामले की जांच कर ऋण स्वीकृत कराने की मांग की है। सकरी तहसील अंतर्गत बेलमुण्डी निवासी मेघनाथ सूर्यवंशी ने बताया कि सूरज जैन नामक व्यक्ति द्वारा कोयले की राख अपने खेत में डाला गया जो बारिश में बह कर मेरे निजी भूमि पर आ गया है और मेरे खेत पर एक फीट से दो फीट राख का जमाव हो गया है। जिस कारण खेत की फसल नष्ट हो गई है। इस मामले पर श्री सूर्यवंशी ने उचित कार्यवाही की मांग की है।मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम लोहर्सी निवासी उषा दुबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र होने के बावजूद नाम न जोड़े जाने के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सभी पात्रता एवं मानदंड पूरा करती है। ग्राम धूमा निवासी कमल प्रसाद मिश्रा ने भूमि रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर बंटाकन नम्बर विलोपित करने संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के रिकॉर्ड में बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए संशोधन कर दिया गया, जिससे भूमि संबंधी अभिलेख प्रभावित हुए हैं। उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रिकार्ड दुरूस्त करने की मांग की है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
- -अपराजिता महिला सहायता केंद्र ने एक वर्ष में 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं का कराया सफल पुनर्वासरायपुर । समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ, निराश्रित एवं बेसहारा महिलाओं के उपचार, देखभाल और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा पुनर्वास की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे सामान्य जीवन की मुख्यधारा से पुनः जुड़ रही हैं।जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के दौरान केंद्र ने 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया। इनमें रायपुर, दुर्ग, बालोद तथा कबीरधाम (कवर्धा) जिलों की महिलाएं शामिल थीं। जिन महिलाओं का तत्काल पारिवारिक पुनर्वास संभव नहीं था, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में पुनर्वासित किया गया।केंद्र में महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार, दवाइयां, मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग, योग, प्राणायाम, मनोरंजक गतिविधियां, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है। वर्तमान में केंद्र में लगभग 80 महिला हितग्राहियों की देखभाल एवं उपचार किया जा रहा है।इसी क्रम में 08 महिलाओं के स्वास्थय में उल्लेखनीय सुधार होने पर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री अरविंद गेडाम के मार्गदर्शन में केंद्र की प्रभारी अधीक्षक श्रीमती शिखा वर्मा ने नारी निकेतन, रायपुर की अधीक्षिका श्रीमती रेखा मीना से समन्वय स्थापित किया।14 जुलाई 2026 को आयोजित संयुक्त बैठक में प्रत्येक महिला की स्वास्थय स्थिति, मानसिक अवस्था, काउंसिलिंग प्रतिवेदन तथा पुनर्वास की उपयुक्तता पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णय एवं चिकित्सकीय अभिमत के आधार पर 20 जुलाई 2026 को सभी 08 महिलाओं को नारी निकेतन, रायपुर स्थानांतरित कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया गया।महिला हितग्राहियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए संस्था में प्रतिवर्ष “विश्व मानसिक स्वास्थय दिवस” मनाया जाता है। इसके साथ ही दीपावली, होली, रक्षाबंधन, नववर्ष तथा अन्य प्रमुख राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्व भी पारिवारिक वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं। साथ ही संस्था में महिलाओं को केवल चिकित्सकीय सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि योग एवं प्राणायाम, संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, खेलकूद, बागवानी, स्वच्छता, दैनिक जीवन कौशल तथा आत्मनिर्भरता विकसित करने वाले विभिन्न प्रशिक्षण भी नियमित रूप से प्रदान किए जाते हैं। इन आयोजनों एवं गतिविधियों से महिला हितग्राहियों में आत्मीयता, सामाजिक सहभागिता एवं जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।आज “अपराजिता महिला सहायता केन्द्र” समाज कल्याण विभाग की पुनर्वास आधारित सेवाओं का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। संस्था ने यह सिद्ध किया है कि यदि मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं को समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल, उचित परामर्श एवं पुनर्वास का अवसर मिले, तो वे पुनः सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकती हैं।
- -अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ मंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकरायपुर ।छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के किसानों को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री श्री कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी पारदर्शिता और समय पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। सहकारिता व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसे मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी बैंकों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों से आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र अधिक सशक्त और जनहितैषी बन सके।
- -मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में हो रहा अध्ययनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रभावी नेतृत्व में वन विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य की समृद्ध जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना शुरू की गई है।'एथ्नोबॉटनी ऑफ छत्तीसगढ़' (Ethnobotany of Chhattisgarh) नामक इस अध्ययन का उद्देश्य स्थानीय समुदायों द्वारा औषधीय एवं अन्य उपयोगी पौधों के पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण करना, उसके वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढि़यों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखना है।शोध परियोजना के प्रथम चरण में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम ने बस्तर संभाग का दौरा किया। टीम में टी.डी.यू. बेंगलुरु के एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. के. रवि कुमार, प्रोफेसर डॉ. अब्दुल करीम तथा जनजातीय औषधि विशेषज्ञ डॉ. देवयानी शर्मा शामिल हैं।वैज्ञानिकों ने बीजापुर जिले के भोपालपटनम, उसूर, भैरमगढ़ और बीजापुर सहित कई क्षेत्रों का भ्रमण कर पारंपरिक वैद्यों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और उनके पारंपरिक उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र कीं। पौधों की सही पहचान के लिए विशेषज्ञों ने वैद्यों के साथ जंगलों का भी भ्रमण किया।शोध दल स्थानीय समुदायों के दैनिक जीवन, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं, पारंपरिक त्योहारों तथा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक अवसरों में पेड़-पौधों की भूमिका का अध्ययन कर रहा है। साथ ही यह भी जाना जा रहा है कि स्थानीय लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था में वनस्पतियों का कितना महत्वपूर्ण योगदान है।बीजापुर के बाद वैज्ञानिकों की टीम ने दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर जिलों का भी दौरा किया। इस दौरान पारंपरिक वैद्यों और ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय ज्ञान, अनुभव और उपयोगी जानकारियों का संग्रह किया गया।शोध परियोजना के प्रथम चरण में बस्तर संभाग से महत्वपूर्ण जानकारियां और प्रारंभिक आंकड़े एकत्र किए गए हैं। आगामी चरणों में इस अध्ययन का विस्तार राज्य के अन्य संभागों में भी किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक ज्ञान, औषधीय पौधों और जैव विविधता का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।यह शोध परियोजना राज्य की जैव विविधता, जनजातीय पारंपरिक ज्ञान और औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय ज्ञान को वैज्ञानिक आधार मिलेगा, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की पीढि़यों के लिए इस अमूल्य विरासत को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।
- -उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ-छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे-राज्य में खेलों और खिलाडि़यों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथनरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडि़यों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडि़यों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडि़यों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडि़यों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडि़यों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।श्री साव ने श्विजन टू विक्ट्रीश् थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में श्नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोजश् सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडि़यों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडि़यों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडि़यों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडि़यों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडि़यों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडि़यों को मिलेगा। कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान, ओलंपियन श्री जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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-टेकारी में असामाजिक तत्वों पर नजर
रायपुर। शासन - प्रशासन से गुहार पर गुहार के बाद भी असामाजिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगने से जहां क्षुब्ध मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम नारा के ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर इस पर शिकंजा कसने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है वहीं नजदीकी ग्राम टेकारी में ग्रामीण व्यवस्था के तहत इस पर रोक लगाने का निर्णय ले लिप्त तत्वों को इससे तौबा करने की आग्रह के बाद विध्नसंतोषी तत्वों पर गुपचुप तरीके से निगरानी रखा जा रहा है ।ग्रामीण सूत्रों के अनुसार मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्रामों में असामाजिक तत्व हावी हो चले हैं । गुहार पर गुहार के बाद भी शासन - प्रशासन इस पर प्रभावी रोक लगा पाने में सफल नहीं हो पा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है । अवैध शराब व गांजा सहित नशीली गोलियां बिकने व जुआ की भी शिकायत क्षेत्र में है । छुटपुट चोरी की घटनाओं की भी शिकायत है । इन सब के मद्देनजर आक्रोशित क्षेत्र के कई ग्रामों के ग्रामीणों ने ग्रामीण व्यवस्था के तहत इस पर शिकंजा कसने का निर्णय ले इस पर अमल करना शुरू कर दिया है जिसमें ग्राम नारा व टेकारी भी शामिल हो गया है । बीते दिनों ग्राम नारा में हुये ग्रामीणों की बैठक में इन असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सर्वसम्मत निर्णय ले इन गतिविधियों में लिप्त पाये जाने वाले असामाजिक तत्वों को ग्रामीण व्यवस्था के तहत दंडित करने व लिप्त तत्वों की जानकारी देने वालों को समुचित पुरस्कार देने का भी निर्णय लिया है । बैठक में फसल बचाने हेतु कारगर व्यवस्था करने व ग्राम में किये गये अवैध कब्जों को भी हटाने का फैसला किया गया है । निर्णय के बाद फिलहाल ग्राम में असामाजिक तत्वों के दुबक जाने की जानकारी ग्रामवासी देते हैं । इधर ग्राम टेकारी में बीते माह आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने व सार्वजनिक स्थलों में पीने -पिलाने पर प्रतिबंध का निर्णय ले लिप्त तत्वों को स्वेच्छा से तौबा कर लेने का आग्रह किया था व दूकानों से पियक्कड़ों को सरलता से पानी पाऊच व डिस्पोजल गिलास मिलने से सार्वजनिक स्थलों में पीने -पिलाने का माहौल बने रहने की हालात को देखते हुये दूकानदारों से सिर्फ उनके सामने ही पानी व कोल्डड्रिंक पीने वालों को इन्हें मुहैय्या कराने का अनुरोध किया था । ग्रामीणों के अनुसार इस अनुरोध का असर तो हुआ है पर अपेक्षित नहीं । अभी भी करीबन 30 प्रतिशत सुधार बाकी है । ग्रामीणों के अनुसार अभी भी मुट्ठी में गिने जाने लायक विध्नसंतोषी तत्व जहां चोरी - छिपे शराब व गांजा ला गुपचुप तरीके से पियक्कड़ों को उपलब्ध करा रहे हैं वहीं कतिपय पियक्कड़ चोरी - छिपे खेल मैदान , तालाब पार , सहकारी गोदाम व दुकानों के ओट में पीने -पिलाने का दौर जारी रखे हुये हैं वहीं कतिपय दूकानदार चोरी - छिपे इन्हें पानी पाऊच व डिस्पोजल उपलब्ध करा रहे हैं । इनके अनुसार इन सभी गतिविधियों की जानकारी ग्राम प्रमुखों को दी जा रही है और वे ग्रामीण व्यवस्था के साथ - साथ आबकारी व पुलिसिया कार्यवाही कराने उचित मौके की तलाश में हैं । ग्रामीणों के अनुसार आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज व खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली व मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया में खुले आम अवैध शराब बिक्री होने से असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने वाले इन ग्रामों सहित नजदीकी ग्राम अमेरी व संकरी का वातावरण अशांत बना रहता है । - बिलासपुर. उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे किसानों के लिए टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद के लिये खरीफ वर्ष 2026-27 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है। उप संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 31 जुलाई 2026 तक निकटतम लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकते है।योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू मो0न0 99071-22727, तखतपुर के उद्यान विकास अधिकारी श्री जैनेन्द्र कुमार पैकरा 6265981957, कोटा के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री रामनाथ सिंह नेताम 7828815637, मस्तूरी की प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्रीमती निशा चंदेल 7000441324 एवं बिल्हा के प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्री राकेश कुमार सेन्ड्रे 7000181970 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। टमाटर फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं किसान देय प्रीमियम राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 850 रुपए, मिर्च के बीमित राशि 68 हजार रूपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 400 रूपए, अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रूपए एवं प्रीमियम 7500 रूपए, केला के लिए बीमित राशि 85 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 250, पपीता के लिए बीमित राशि 87 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 350 और अमरूद के लिए बीमित राशि 45 हजार एवं प्रीमियम राशि 2 हजार 250 रुपए निर्धारित है।किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। खरीफ मौसम के टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक फसल हेतु ओलावृष्टि हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 18004190344 पर तथा टोटल शिकायत निवारण पोर्टल या लिखित रुप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व एवं संबंधित क्षेत्र के उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करना होगा। संबंधित संस्था/विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे। ऋणी किसान जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।जरूरी दस्तावेज - नवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
- बिलासपुर. जिला पंचायत की बैठक 30 जुलाई 2026 को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दोपहर 3 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं 16 वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्ययोजना के निर्माण पर चर्चा की जाएगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन तथा अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत AHP घटक के सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया 493 व 1120 के हितग्राहियों और बच्चों के साथ निबंध लेखन, पेंटिंग, क्विज़ आदि स्वतंत्रता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में IEC गतिविधियों का आयोजन - किया गया। जिसमें महापौर परिषद सदस्य संदीप निरंकारी, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह और प्रधानमंत्री आवास योजना के उप अभियंता दीपक देवांगन, CLTC आदित्य ठाकुर, किरण चतुर्वेदी, लिपिक नरेश ढाकुलकर एवं डोमेश पाली उपस्थित रहे।








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