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- सभापति सूर्यकान्त राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर ने दी जानकारीरायपुर /रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर शहर को मिलियन यानी 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया है। रायपुर को राज्य स्तर में छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का मिनिस्टीरियल अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय स्तर में कुल 12 शहरों को 7-स्टार का पुरस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें से रायपुर नगर निगम ने भी अपना स्थान प्राप्त किया है। इसी के साथ राष्ट्रीय स्तर के 4589 नगरीय निकाय की इस प्रतियोगिता में रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला 7-स्टार जी.एफ.सी. यानी गार्बेज फ्री सिटी भी बन गया है।रायपुर ने दी कड़ी टक्कररायपुर ने कुल 12500 अंकों के इस सर्वेक्षण में 11996 अंक प्राप्त किए। अगर रायपुर मात्र 5 अंक और प्राप्त कर लेता तो वह तीसरा स्थान प्राप्त कर लेता। टॉप-3 शहरों में कड़ी प्रतियोगिता थी। टॉप शहर अहमदाबाद और रायपुर के अंकों में मात्र 83 अंकों का अंतर रहा। इस तरह रायपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर बाकी शहरों को कड़ी टक्कर दी।रायपुर की छलांगरायपुर बीते वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के ग्यारहवे स्थान से इस वर्ष चौथे स्थान पर पहुंचा है। यह दिखाता है कि हम स्वच्छता की दिशा में तेजी और सफलता से आगे बढ़ रहे हैं। यह बड़ी उपलब्धियां हैं जो हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हम सभी के सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता, टीम भावना और जनसहभागिता का ही परिणाम है। हमारे जागरुक नागरिकों, सफाईमित्रों, स्वच्छता दीदियों, शासन, निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों, एनजीओ, सहयोगी संस्थाओं, ब्रांड एंबेस्डर और वॉलेंटियर्स के सहयोग व प्रयास से ही यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में संभव हो पाया है। इसमें पूर्व एवं वर्तमान निगम आयुक्त द्वारा निर्धारित रणनीति एवं दिशा में किए कार्यों एवं प्रयासों की भी अहम भूमिका रही है। मैं इन सभी का आभार प्रकट करता हूं। इन्हें हृदय से बधाई और शुभकामनाएं भी देता हूं तथा भविष्य में भी नगर निगम रायपुर को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने में विशेष सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा करता हूं।रायपुर की उपलब्धि के मापदंडहमारी नगरीय निकाय को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतियोगिता में चौथी रैंक प्राप्त होने में हमारे शहर में संकरी में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट, 90 प्रतिशत घरों से कचरा कलेक्शन, ट्रीटेड सीवेज जल का पुनःउपयोग और मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग जैसे पहलुओं की अहम भूमिका रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण सिर्फ शहर की साफ-सफाई ही नहीं बल्कि स्वच्छ पेयजल, कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान, रीसाइकलिंग, अनुपयोगी वस्तुओं और कचरे का पुनःउपयोग, शौचालयों की उपलब्धता तथा पूर्ण सफाई व्यवस्था, चौराहों का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ उद्यान, स्वच्छ फुटपाथ, धूल कम करने के प्रयास, सड़कों किनारे पेविंग ब्लॉक, प्लांटों का सुचारू संचालन, नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना, केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाना जैसे विभिन्न पहलुओं को भी जी.एफ.सी. और स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया जाता है।देश में टॉप आने का लक्ष्यइस रैंकिंग से आगामी वर्षों में हम पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। अब हमें देश में नंबर-वन आने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। अब हमसे उम्मीदें भी बढ़ गई हैं जिन्हें हमें निरंतर मेहनत और लगन से पूरा करना होगा। जैसे रायपुर के जागरुक नागरिकों ने अपनी जीवनशैली में स्वच्छता की आदत अपनाई है उसे बनाए रखना और उसमें निरंतर बेहतरी करते रहनी होगी। निगम भी स्वच्छता की दिशा में प्रयासों और नवाचारों की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। देश में नंबर-वन आने के लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी हम सभी रायपुरवासियों की है। आइए, हम सब मिलकर अपने घर, मोहल्ले, वार्ड और आसपास के सभी स्थलों की पूर्ण सफाई रखकर पूरे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। कचरा को इधर-उधर और नालियों में बिल्कुल ना फेंके। डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए आने वाली गाड़ियों में ही कचरा देवें। अपने साथ कपड़े या जूट का झोला अवश्य रखें। शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और रायपुर को प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने में अपना अमूल्य सहयोग करें। इधर-उधर ना थूंके और खुले में पेशाब ना करें। सार्वजनिक स्थलों व शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने में हमें सहयोग दें। कचरा फैलाने पर फाइन और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा. इस अवसर पर नगर निगम कार्यपालन अभियंता नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, सहायक अभियंता सहायक नोडल अधिकारी श्री योगेश कडु की निगम सभापति कक्ष में उपस्थिति रही।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 422.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 719.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 229.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 411.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 426.2 मि.मी., गरियाबंद में 348.8 मि.मी., महासमुंद में 385.9 मि.मी. और धमतरी में 337.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 452.8 मि.मी., मुंगेली में 468.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 556.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 542.3 मि.मी., कोरबा में 504.0 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 428.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 412.3 मि.मी., सक्ती में 479.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 343.3 मि.मी., कबीरधाम में 306.8 मि.मी., राजनांदगांव में 344.7 मि.मी., बालोद में 401.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 501.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 290.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 336.3 मि.मी., सूरजपुर में 559.3 मि.मी., जशपुर में 533.8 मि.मी., कोरिया में 521.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 483.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 459.2 मि.मी., कोंडागांव में 280.6 मि.मी., नारायणपुर में 320.8 मि.मी., बीजापुर में 475.5 मि.मी., सुकमा में 269.6 मि.मी., कांकेर में 378.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 416.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
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बिलासपुर/ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में पूर्व सैनिकों के लिए निर्मित पाली क्लीनिक भवन का लोकार्पण किया गया। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत,पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मध्य भारत एरिया ने लोकार्पण किया। इस शुभ अवसर पर ब्रिगेडियर टी एस बावा, एसएम कमांडर कोसा,श्री संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर, सीएमडी एसईसीएल, कर्नल अशोक, कर्नल केसरवानी, कर्नल राजेंद्र सिंह, कर्नल(Veterans), ग्रुप कैप्टन संजय पाण्डेय,प्रभारी पूर्व सैनिक कल्याण कमांडर हरिश्चंद्र तिवारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, कमांडर संदीप मुरारका, कैंटीन अधिकारी, भारी संख्या में वेटरन ऑफिसर, १०० से अधिक भूतपूर्व सैनिक और सभी स्टाफ उपस्थित रहे। जनरल शेखावत ने बिल्डिंग के उद्घाटन के उपरांत सभी पूर्व सैनिकों को को सम्बोधित किया और एस ई सी एल और गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों को स्मृति चिह्न प्रदान किये। गौरतलब है कि इस बिल्डिंग की परिकल्पना और योजना राज्य सैनिक बोर्ड, जिला प्रशासन बिलासपुर और जिला सैनिक बोर्ड, बिलासपुर ने बनाई थी और इनके अथक प्रयासों से इस भवन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। सबसे खास बात यह है कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, पूरे सैनिकों की पॉलिक्लिनिक, सीएसडी कैंटीन और सैनिक विश्राम गृह एक साथ मिलकर सैनिक कल्याण का कार्य करते हैँ। आने वाले समय में जिला सैनिक कल्याण परिसर एक आदर्श प्रस्तुत करेगा और नये आयाम स्थापित करेगा।
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लक्ष्मीपति राजू महापौर परिषद के सदस्य और आयुक्त का अभिनंदन
भिलाई नगर । नगर निगम भिलाई स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पूरे देश में 7 वां रैंक हासिल करने पर निगम स्वच्छता से जुड़े सुपरवाइजर, जोनल, और अर्बन एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड नागपुर की टीम ने महापौर नीरज पाल का स्वागत करने के उपरांत निगम परिसर में लक्ष्मीपति राजू महापौर परिषद के सदस्य, (अध्यक्ष स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति) का पुष्प गुच्छ से अभिनंदन किया गया।
श्री राजू ने सभी के साथ आयुक्त का अभिनंदन और स्वागत करते कहा कि सबके सहयोग से नगर निगम भिलाई स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अच्छी रैंकिंग प्राप्त हुई है।आने वाले वर्षों में भी और अच्छी रैंकिंग प्राप्त हो सके और भी बेहतर कार्य करना होगा l लक्ष्मी पति राजू ने आयुक्त का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस कार्य में आयुक्त ,महापौर , महापौर परिषद के सभी सदस्यों और सभी पार्षद गण का विशेष भूमिका रही है। आयुक्त महोदय सुबह 7बजे से शहर का दौरा कर सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से संपादित करने के निर्देश देने और निरंतर समीक्षा करने के कारण स्वच्छता रैंकिंग बहुत ही अच्छी प्राप्त हुई है ।
नगर पालिक निगम भिलाई स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पिछले वर्ष के सर्वेक्षण मुकाबले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। महापौर नीरज पाल, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, महापौर परिषद के सदस्य, सभी पार्षदगण एवं अधिकारी/कर्मचारियों के लगातार प्रयास और मेहनत से स्वच्छता के क्षेत्र में भिलाई शहर का नाम पुरे देश में चर्चित है। स्वच्छता की श्रेणी में भिलाई आगे और नाम रोशन करेगा ।
महापौर एवं आयुक्त के विशेष मार्गदर्शन में नगर पालिक निगम भिलाई स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में पिछले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण के मुकाबले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष सभी 4566 निकायों की संयुक्त रैकिंग में 22 वां रैंक हासिल की है। जबकि पिछले साल 267 रैंक हासिल किया गया था। 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक एवं साथ ही पिछले वर्ष 1 स्टार रैकिंग से 3 स्टार रैंकिंग एवं ओ.डी.एफ. प्लस प्लस से वाटर प्लस हासिल किया गया है। भिलाई नगर का 12500 प्राप्तांक में से 11055 अंक 88.44 प्रतिशत प्राप्त हुआ हैं, जबकि पिछले वर्ष 9500 अंक में से 6311 अंक, 66.43 प्रतिशत प्राप्त हुआ था। 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक है, जबकि पिछले वर्ष 78वां रैंक में था।
महापौर नीरज पाल ने कहा नगर निगम भिलाई को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में 3 से 10 लाख जनसंख्या की कैटेगरी में पूरे देश में 7वां रैक एवं साथ ही पिछले वर्ष 1 स्टार रैकिंग से 3 स्टार रैंकिंग एवं ओ.डी.एफ. प्लस प्लस से वाटर प्लस हासिल किया गया है। भिलाई को स्वच्छता की पायदान में अग्रणी बनाये रखने वाले नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वच्छता दूतों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
निगम आयुक्त ने बताया कि शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाये रखने में नागरिकों का अथक प्रयास रहा है साथ ही उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री, संभागायुक्त महोदय, कलेक्टर महोदय, विभागयी सचिव, संचालक, सांसद, विधायक, महापौर, सभापति, नेता प्रतिपक्ष, उप नेता प्रतिपक्ष, महापौर परिषद स्वास्थ्य प्रभारी एवं सदस्यगण, पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण, समाज सेवी, ब्रान्ड एम्बेसडर, डोर-टू-डोर सफाई कर्मी, स्वच्छता दीदी, एस.एल.आर.एम. की दीदीयों एवं सफाई मित्रों के द्वारा स्वच्छता की दिशा में निरंतर कार्य करके सहयोग प्रदान किया गया है। मैं सभी का अंतर्मन से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूॅ। आगे भी इसी प्रकार का सहयोग बना रहे, ताकि नगर पालिक निगम भिलाई और अच्छी रैंकिंग हासिल कर सके। नगर निगम के समस्त अधिकारी और कर्मचारी विशेष रुप से सफाई कामगार जो प्रातः 6ः00 बजे से निरंतर कर्तव्य अवधि में सफाई कार्य में लगे रहते हैं इन सभी कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूॅ। आने वाले समय में 3 से 10 लाख आबादी वाले हमारा शहर में टाप 3 में रहे इसके लिए कार्य करेगें।
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आंगनबाड़ियों में दिख रहा बदलाव
रायपुर/ छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ियाँ अब बच्चों के पोषण के साथ-साथ शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के नए केंद्र बन रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि “राज्य सरकार का लक्ष्य आंगनबाड़ियों को नवाचारयुक्त बाल विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जहां बचपन संवरता है और भविष्य मजबूत होता है।”राज्य के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक स्वरूप से निकलकर प्री-स्कूल प्ले लर्निंग स्पेस के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। यहां बच्चों को कहानियों, चित्रों, लोकगीतों और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, भाषा विकास और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। बेमेतरा जिले का बोइरकछरा आंगनबाड़ी केंद्र राज्य में एक उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरा है। यहां बच्चों का शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास सुनियोजित तरीके से हो रहा है। दीवारों पर शैक्षणिक चित्रों और बालगीतों की प्रस्तुति, “मोर जन्म दिन” कैलेंडर और बच्चों के लिए तैयार किए गए “कैरी बैग” जैसे नवाचार बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिकता का संचार कर रहे हैं।आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता, आत्मरक्षा, पोषण और आत्मनिर्भरता के गुर सिखाए जा रहे हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं को स्तनपान, नवजात देखभाल और संतुलित आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जा रही हैं। पूरक पोषण आहार योजना के तहत बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक भोजन जैसे हरे साग, मुनगा भाजी पाउडर, फल, रोटी-सब्जी और दाल-भात प्रदान किया जा रहा है। बेमेतरा की जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी कि बोइरकछरा केंद्र में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और महिला सक्षम कोष सहित सभी प्रमुख योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस सफलता के पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती प्यारी धु्रव और सहायिका की अहम भूमिका रही है, जिनकी निष्ठा और रचनात्मक सोच इस केंद्र को प्रेरणास्रोत बनाती है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि “राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को इसी तरह शिक्षा, पोषण और संस्कार के समेकित केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि हर बच्चा सशक्त, शिक्षित और स्वस्थ बन सके।” छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रहे हैं कृ जहां पोषण के साथ संस्कार और ज्ञान का भी समुचित समावेश हो रहा है। - बिलासपुर/ मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत कौशल तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आटोमोटिव टेक्नॉलाजी, ब्रिकलेयिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, हेल्थ एवं सोशल केयर, प्लम्बिंग एवं हीटिंग, रिनेवेबल एनर्जी, ग्राफिक डिजाईन टेक्नॉलाजी, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, फिल्ड टेक्निशियन इलेक्ट्रानिक्स, मोबाईल फोन टेक्नीशियन इलेक्ट्रानिक्स एवं रेफरिजरेशन एण्ड एयर कंडिशनिंग इत्यादि सेक्टर में जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता 21 जुलाई से 23 जुलाई 2025 तक किया जा रहा है। उक्त प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत सत्र 2023-24 से लेकर आज तक प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत हितग्राही https://cssda.cg.nic.in पर कौशल तिहार टैब को क्लिक कर इच्छुक हितग्राही 20 जुलाई तक पंजीयन कर सकते हैं। जिला स्तर के विजेता राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में सम्मिलित होंगे।
- 0- चित्ररेखा को मिली जीवन बीमा की राशिबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 8 अप्रैल से 31 मई तक चलाये गये प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहंुचाने का प्रभावी माध्यम बना। सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हुआ। इन्हीं में कोटा ब्लॉक के ग्राम कुरदर निवासी श्रीमती चित्ररेखा भी शामिल है। अपनी समस्या के समाधान को लेकर उन्होंने पूरी उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन सुशासन तिहार में दिए एक आवेदन से उनकी समस्या का निराकरण हो गया।सुशासन तिहार शिविर के दौरान श्रीमती चित्ररेखा ने कोटा सीईओ से शिकायत की कि उनके पति मानसिंह के मृत्यु के बाद उन्हें जीवन बीमा की राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि उनके पति का खाता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक बेलगहना शाखा में था। पति के निधन के पश्चात जीवन बीमा की राशि नॉमिनी को प्राप्त नहीं हो रही है। शिकायत प्राप्त होने पर लीड बैंक अधिकारी द्वारा तुरंत मामले का संज्ञान लिया गया। शाखा प्रबंधक ने उसी दिन संबंधित त्रुटि को सुधार कर बीमा कंपनी को दोबारा मेल भेजा। इसके साथ ही छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक के नियंत्रक कार्यालय द्वारा भी बीमा कंपनी से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। तत्परता से की गई इस संयुक्त पहल के परिणामस्वरूप 08 जुलाई 2025 को नॉमिनी जान सिंह एवं श्रीमती चित्ररेखा को उनके खाते में 2 लाख रूपए की बीमा राशि प्राप्त हो गई। श्रीमती चित्ररेखा ने राशि मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार उन जैसे लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है।
- 0- 70 प्रतिशत धान का किया गया उठाव, शेष धान का समयावधि में किया जाएगा उठावराजनांदगांव । जिले के धान उपार्जन केन्द्र ग्राम कलकसा, बीजाभाठा, सेवताटोला, सिंघोला एवं पटेवा में 1745072 क्विंटल धान भंडारित था। जिसमें से समस्त धान का निराकरण कस्टम मिलर एवं नीलामी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 70 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है। शेष धान का उठाव समयावधि में कर लिया जाएगा। जिले में समस्त मिलर्स के भौतिक स्कन्द का सत्यापन अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। चावल जमा की अंतिम तिथि शासन द्वारा नवंबर माह तक तय की गई है। समयावधि में चावल जमा का कार्य कर लिया जाएगा। लगातार बारिश के कारण धान के उठाव की गति थोड़ी धीमी थी, लेकिन बारिश नहीं होने की स्थिति में धान का तेजी से उठाव किया जाता है। धान संग्रहण केन्द्रों में धान सुरक्षित कैप कवर से ढक कर रखा गया है।
- राजनांदगांव । क्या आप चाहते हैं कि जिला राजनांदगांव स्वच्छता में पूरे देश में चमक उठे, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत, जिला प्रशासन ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 मोबाइल ऐप के माध्यम से अधिक से अधिक फीडबैक देने की अपील की है। आपकी भागीदारी ही हमारे जिले को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा सकती है।क्यों महत्वपूर्ण है आपका फीडबैक -नागरिकों द्वारा दिया गया हर फीडबैक ग्राम स्तर पर स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय के उपयोग और स्वच्छता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होता है। यही फीडबैक राष्ट्रीय स्तर पर हमारे जिले की स्वच्छता रैंकिंग तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। यह सिर्फ एक सरकारी सर्वे नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है जिसमें आपकी सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।कैसे दें अपना फीडबैक, यह है बेहद आसान -अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर से आसानी से लॉगिन करें। अपने ग्राम का चयन करें और दिए गए सरल प्रश्नों के उत्तर देना होगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने की अपील -जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, यह जनभागीदारी से ही एक सच्चा जन-आंदोलन बन सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप के जरिए अपने अमूल्य सुझाव और फीडबैक जरूर दें, ताकि जिला स्वच्छता की दौड़ में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके। फीडबैक देने की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए इंतजार न करें, आज ही अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपका एक फीडबैक हमारे जिले का उज्ज्वल भविष्य। स्वच्छ राजनांदगांव - सशक्त छत्तीसगढ़।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा दिनांक 21 जुलाई 2025 से 23 जुलाई 2025 तक "कौशल तिहार 2025" का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कौशल प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं को प्रोत्साहित करना तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनके कौशल का प्रदर्शन करना है।विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्य एवं जिला स्तर पर दो आयु वर्गों में किया जाएगा :- 22 वर्ष से कम आयु वर्ग एवं 22 से 45 वर्ष के मध्य आयु वर्ग में आयोजित किया जाएगा | जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित किया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं मेडल प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्हें विश्व कौशल प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिल सकता है।जिले स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन निम्नानुसार किया जाएगा :- ग्रीन एनर्जी सेक्टर – दिनांक 21 जुलाई 2025 को लाइवलीहुड कॉलेज, जोरा में होगा। प्लंबिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन सेक्टर – दिनांक 22 जुलाई 2025 को माडल आई.टी.आई., सड्डू में होगा । हेल्थ एवं सोशल केयर सेक्टर – दिनांक 23 जुलाई 2025 को निजी प्रशिक्षण संस्थान मेनचेस्टर टेक्नोलॉजी, सेजबहार, रायपुर में होगा । डीटीपी सेक्टर – दिनांक 23 जुलाई 2025 को निजी प्रशिक्षण संस्थान वीनस कंप्यूटर, न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर में होगा। सभी प्रतियोगिताएं प्रातः 10:00 बजे से प्रारंभ होंगी।
- 0- 21, 22 एवं 23 जुलाई को होगा कौशल तिहार-2025दंतेवाड़ा । कार्यालय जिला कौषल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 21, 22 एवं 23 जुलाई 2025 को जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज दन्तेवाड़ा में जिला स्तरीय ’’कौशल तिहार-2025’’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 में प्रशिक्षण प्राप्त एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रशिक्षणरत युवाओं के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जावेगा। कौशल तिहार-2025 के अंतर्गत ऑटोमोटिव, ब्रिक लेयिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, प्लम्बिंग, फील्ड तकनीशियन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 10 ट्रेड्स में प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जावेगा। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय कौशल तिहार-2025 में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त होगा। प्रतियोगिता के लिए युवा 2 श्रेणी वर्ग 1 के अन्तर्गत 22 वर्ष से कम आयु वर्ग एवं वर्ग 2 के तहत 22 वर्ष से 25 वर्ष आयु वर्ग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- महासमुंद / जनपद पंचायत महासमुंद के अधीनस्थ शासकीय जलाशय एवं तालाब नक्टा तालाब, पंडरीपानी जलाशय, कोडार डायवर्सन एवं सोरमसिंघी जलाशय को मछली पालन कार्य के लिए 10 वर्षीय पट्टे पर दिए जाने आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद ने बताया कि पट्टा आंबटन प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, जिसमें पंजीकृत मत्स्य सहकारी समिति एवं मछुआ समूहों, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग की पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों एवं मछुआ समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।इसी तरह सामान्य क्षेत्र में धीवर, ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह आदि के स्व सहायता समूहों को, अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्व सहायता समूहों एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहायता समूहों को तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्व सहायता समूहों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसी प्रकार ऐसे मछुआ व्यक्ति जिन्हें डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर मछली पालन का प्रशिक्षण प्राप्त हो। बेरोजगार युवा जो मछली पालन में रुचि रखते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे क्षेत्र जहां वर्ष 1965 या उसके पश्चात् मकान, भूमि आदि डूब में आने के कारण कोई परिवार विस्थापित हो गए हों, उन व्यक्तियों, परिवारों या उनके समूह, समिति को संबंधित जलक्षेत्र में पट्टे पर प्राथमिकता दी जाएगी।आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। आवेदक द्वारा आवेदन सहित आवश्यक दस्तावेज विज्ञापन प्रकाशन तिथि के 15 दिन के भीतर जनपद पंचायत महासमुंद के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य मछली पालन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। आवेदन करने के लिए विस्तृत जानकारी जनपद पंचायत महासमुंद के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया ने फीता काटकर किया उद्घाटन, उपभोक्ताओं को होगा लाभ0- ई-हियरिंग’’ से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा0- छत्तीसगढ़ पहला राज्य जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगामहासमुंद/ महासमुंद जिला शुक्रवार को ई-हियरिंग के माध्यम से पूरे भारतवर्ष से जुड़ गया। न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया, अध्यक्ष छ0ग0 राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा राज्य आयोग रायपुर से ई-हियरिंग का उद्घाटन वर्चुअल फीता काटकर किया। इस सुविधा के प्रारंभ होने से उपभोक्ताओं को तकनीकी न्याय का लाभ मिलेगा जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी, इस सुविधा के प्रारम्भ होने से उपभोक्ता एवं अधिवक्तागण देश के किसी भी हिस्से से जिला उपभोक्ता आयोग महासमुन्द से जुड़कर अपने प्रकरण की सुनवाई में भाग ले सकते हैं।इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग, महासमुन्द में ई-हियरिंग के शुभारम्भ पर शुभकामनाएॅं प्रदान की व देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य होगा जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगा। इस तरह न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय और जुड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही द्वारा उपस्थित अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं कर्मचारीगणों को ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पक्षकारों को अपने प्रकरण की ’’ई-हियरिंग’’ के माध्यम से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा, उसके पश्चात् जिला उपभोक्ता आयोग से उनके मोबाईल पर एक लिंक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से पक्षकार अथवा अधिवक्तागण अपने मोबाईल के द्वारा सीधे प्रकरणों की ऑनलाईन सुनवाई में भाग ले सकते हैं।इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया की उपस्थिति में प्रकरण क्रमांक- 79/2024 पक्षकार भोजनाथ देवांगन विरूद्ध महिन्द्रा एण्ड महिन्दा फायनेंशियल सर्विस में उभयपक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही एवं सदस्य श्रीमती टी.दुर्गा ज्योति राव व सदस्य श्री गिरीश श्रीवास्तव की उपस्थिति में ई-हियरिंग के माध्यम से अंतिम तर्क किया गया। ई-हियरिंग की सुविधा को ऐतिहासिक पहल बताते हुए उपस्थित सभी अतिथियों पक्षकारों एवं तकनीकी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता आयोग महासमुंद के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्रही, राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार श्री श्रीनिवास तिवारी, डिप्टी रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चौहान, सदस्य श्री प्रमोद वर्मा, एकाउन्ट अधिकारी श्रीमती मधुलिका यादव, जिला उपभोक्ता आयोग, रायपुर के अध्यक्ष श्री डाकेश्वर शर्मा, सदस्य सुश्री नीलिमा प्रधान एवं महासमुंद आयोग के सदस्यद्वय श्रीमती टी0दुर्गा ज्योति राव व श्री गिरीश श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता संघ महासमुंद के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा व सचित श्री नूतन साहू सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- 0- दारापाल की कच्चा घाटी में कंटूर ट्रेंच निर्माण से किसानों को मिल रहा लाभरायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में न केवल रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड भैरमगढ़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर, जिला दंतेवाड़ा की सीमा से लगे ग्राम पंचायत दारापाल के कच्चा घाटी में 300 नग कंटूर ट्रेंच का निर्माण कर एक अनुकरणीय कार्य किया गया है।तीव्र ढलान वाली इस घाटी में वर्षों से वर्षा जल का तेज बहाव खेती योग्य भूमि को क्षति पहुँचा रहा था। इस समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया गया। इससे घाटी के आसपास की भूमि में नमी की मात्रा में वृद्धि हुई है, जिससे प्राकृतिक रूप से उगने वाले पेड़-पौधों को जीवित रहने में मदद मिल रही है।घाटी के ठीक नीचे 25 कृषकों की लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि स्थित है, जिन्हें इस कार्य से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। कंटूर ट्रेंच के अतिरिक्त घाटी के निचले हिस्से में एक तालाब का निर्माण भी किया गया है, जिससे बहते हुए पानी को रोका जा सके और इसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सके।ग्राम पंचायत दारापाल की तकनीकी सहायक ने जानकारी दी कि कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कन्टूर ट्रेंच निर्माण से जहां भूमि कटाव की समस्या पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं इससे मृदा संरक्षण और जल संचयन को भी बढ़ावा मिला है। इस कार्य पर ₹4 लाख 68 हजार की लागत आई है तथा कुल 1929 मानव दिवस का सृजन किया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त हुआ।ग्राम दारापाल निवासी कृषक श्री राजकुमार कश्यप, जिनकी 7 एकड़ भूमि घाटी के निचले हिस्से में स्थित है, ने बताया कि पूर्व में बारिश के दौरान घाटी से तेज बहाव के साथ झाड़ियाँ और कचरा खेतों में आकर फसल को नष्ट कर देते थे और मेड़ों का कटाव भी होता था। अब कंटूर ट्रेंच बनने से यह समस्या समाप्त हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य में श्रमिक के रूप में भाग लेने से उन्हें मजदूरी का लाभ भी मिला है।महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से ग्राम दारापाल में किया गया यह प्रयास पर्यावरणीय संरक्षण, कृषि भूमि की सुरक्षा, जल-संसाधन विकास एवं ग्रामीण रोजगार सृजन का उत्तम उदाहरण है। यह पहल ग्रामीण अंचलों में स्थायी विकास की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- महासमुंद/ देव संस्कृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विगत दिनों किशोरी बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे संभावित खतरों से खुद को बचा सकें और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एकता लगेह, समाजसेविका और देव संस्कृति शिक्षण समिति अध्यक्ष शशि प्रभा थीटे जी उपस्थित थीं। इस अवसर पर डॉक्टर एकता जी ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रथम उद्देश्य बच्चियों को शारीरिक हमले से खुद को बचाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।शशि प्रभा जी ने बताया कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सबको एकजुट होकर बच्चियों की आत्मरक्षा और अन्य कौशल पर कार्य करने के लिए जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।आत्मरक्षा प्रशिक्षक नीलकंठ साहू ने बताया कि मार्शल आर्ट अनुशासन और एकाग्रता की ओर ले जाता है और यह गुण बच्चों में व्यवस्थित अभ्यास और दोहराव के माध्यम से विकसित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।तारिणी चंद्राकर ने बताया कि कराटे अकादमी और समाजिक संस्था के सहयोग से सभी बड़े स्कूलों में आत्मरक्षा हेतु निशुल्क मार्शल आर्ट, योग और मेडिटेशन की क्लास दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या रंगारी को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नीलकंठ साहू द्वारा और आभार प्राचार्य कुबेर गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र नायक, रामकुमार साहू, तुषार चंद्राकर, जय तंबोली, दूषण साहू, पत्रकार उत्तरा विदानी और देव संस्कृति विद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।
- 0- 31 जुलाई तक किये जा सकते है आवेदनदंतेवाड़ा । कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार दंतेवाड़ा जिला दंतेवाड़ा छ०ग० के अंतर्गत संचालित लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम दंतेवाडा के स्थापना हेतु नालसा लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम, संशोधित स्कीम 2022 में जारी दिशा निर्देश एवं छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के पत्र क्रमांक 7490/एल.ए.डी.सी.एस. -23/2024 दिनांक 11 नवम्बर 2024 में दिये निर्देशानुसार 01 पद डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल (अनारक्षित मुक्त वर्ग) के पद हेतु निर्धारित मानदेय पर संविदा नियुक्ति किये जाने हेतु भारतीय नागरिकों (अधिवक्ताओ) से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते हैं। आवेदन कार्यालय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर दंतेवाडा जिला-दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा छ.ग. के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 सध्या 05 बजे तक (केवल स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से) निर्धारित किया गया है। विज्ञापन के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी, शर्ते वेब साईट https://dantewada.dcourts.gov.in category/recruitments/ एवं https://dantewada.dcourts.gov.in/notice& पर उपलब्ध है।
- 0- गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को मिल रहा नया जीवनरायपुर,। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु जरूरतमंद और कमजोर आय वर्ग के बच्चों के लिए वरदान बनकर सामने आया है। इस योजना के तहत जन्मजात और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे न केवल बच्चों को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशियों की वापसी हुई है।स्वास्थ्य विभाग कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिरायु योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले के कुम्हारपारा निवासी पांच माह के रोनित कोर्राम और तहसीलपारा की चार माह की बच्ची का 15 जुलाई को रायपुर के निजी अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दोनों बच्चे कटे-फटे होंठ की समस्या से पीड़ित थे। सर्जरी के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों के परिजनों ने शासन को इस निःशुल्क इलाज सुविधा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।जिले में चिरायु योजना के तहत अब तक कोंडागांव विकासखंड के 51 बच्चों की हृदय संबंधी सर्जरी की जा चुकी है। इसके अलावा टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले 23 बच्चों, कटे-फटे होंठ से पीड़ित 22 बच्चों और जलने के कारण त्वचा चिपकने की समस्या से जूझ रहे 19 बच्चों का सफल इलाज किया गया है। केन्द्र एवं राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। चिरायु योजना के माध्यम से जहां एक ओर बच्चों को बेहतर इलाज मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत भी मिल रही है।
- -छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हुए शामिल-नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड के 4 सदस्य राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़रायपुर।, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा जी की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी एक्ट 2021 के तहत छठवें नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी बोर्ड की बैठक हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बोर्ड के सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ , चंडीगढ़, तमिलनाडु एवं तेलगांना राज्य शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया तथा आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ प्रियंका शुक्ला बैठक में उपस्थित रहे।बोर्ड की बैठक में तीन अहम मुद्दों को सर्व सहमति से पारित किया गया। इसके तहत देश के अंदर या बाहर भ्रूण/युग्मक के अंतरण के अनुमति हेतु 884 मामलों के प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही भारतीय मूल के दंपत्ति (ओसीआई) के 14 मामलों में अधिनियम के तहत सरोगसी हेतु स्वीकृति दी गई। एक अन्य मामले में एक केंद्र से दूसरे केंद्र में क्रायोप्रिजर्व के सामूहिक हस्तांतरण (केंद्र के बंद होने के कारण) के तीन प्रकरणों में स्वीकृति दी गई।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में एक अहम सुझाव देते सरोगेसी के लिए अधिनियम में निर्धारित उम्र सीमा पर पुर्नविचार कर एक्ट में संशोधन किये जाने की बात कही, इसके लिये केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की सराहना की गई।बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने एआरटी एवं सेरोगेसी एक्ट को मानवता के विकास के कदम में एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने बैठक में कहा कि आज जो एजेंडा पारित हुए हैं उससे समाज को लाभ मिलेगा।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहलरायपुर 1 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से जशपुर जिले के कोतबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अब 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन और वहाँ आवश्यक अधोसंरचना निर्माण के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इस राशि से भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।कोतबा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात है। इससे पूर्व जशपुर जिले को 220 बिस्तर वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति मिल चुकी है, जो जिले की स्वास्थ्य सुविधा को एक नई मजबूती देगा। वहीं कुनकुरी विकास खंड के ग्राम गिना बहार में 8 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरीय मातृत्व और शिशु अस्पताल बनाने की भी स्वीकृत दी जा चुकी है। जिससे मां और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।कोतबा समेत आस-पास के ग्रामीण अंचलों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की इससे कोतबा क्षेत्र के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सौगातें मिल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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दुर्ग,/ जिले में 1 जून 2025 से 18 जुलाई 2025 तक 343.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 439.8 मिमी अहिवारा तहसील में तथा न्यूनतम 272.0 मिमी. तहसील बोरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील धमधा में 279.0 मिमी, तहसील पाटन में 422.7 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 296.6 मिमी और तहसील दुर्ग में 349.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 18 जुलाई को तहसील दुर्ग में 15.3 मिमी, तहसील धमधा में 2.1 मिमी, तहसील पाटन में 1.4 मिमी, तहसील बोरी में 12.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 2.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 45.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूर्व में जारी आदेशों में आंशिक संशोधन कर जिले अंतर्गत तहसीलदार/नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव किया है। जिसके अनुसार तहसीलदार श्री तार सिंह खरे को तहसील कार्यालय धमधा से तहसील कार्यालय बोरी में, तहसीलदार श्रीमती मीना साहू को तहसील कार्यालय पाटन से धमधा में, तहसीलदार श्री रवि विश्वकर्मा को तहसील कार्यालय बोरी से भिलाई-3 में तथा तहसीलदार श्री पवन ठाकुर को तहसील कार्यालय भिलाई-3 से पाटन में पदस्थ किया गया हैं। इसी प्रकार ना. तहसीलदार श्री धर्मेश श्रीवास्तव तहसील कार्यालय बोरी से पाटन में, ना. तहसीलदार श्री रमाकांत पटेल को तहसील कार्यालय पाटन से बोरी में, ना. तहसीलदार श्री चंद्रशेखर कंवर (परि.) को तहसील कार्यालय भिलाई-3 से अहिवारा में तथा नायब तहसीलदार श्री कुंदनलाल शर्मा को तहसील कार्यालय अहिवारा से भिलाई-3 में पदस्थ किया गया हैं। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
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दुर्ग/ विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर शासकीय हाई स्कूल, कृष्णा नगर, सुपेला में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कैरियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन 17 जुलाई को किया गया। यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर. के. जाम्बुलकर एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अजय साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यशाला के माध्यम से किशोरी बालिकाओं को कैरियर के प्रति जागरूक करना, लक्ष्य निर्धारण में सहयोग देना एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में रोजगार कार्यालय एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र उपसंचालक श्री वी. के. केडिया ने किशोरी बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारण, रोजगार के प्रकार, सही कैरियर के चुनाव की महत्ता एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कब व कैसे की जानी चाहिए, के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। श्री चिरंजीवी जैन, पेरेंटिंग एक्सपर्ट ने करियर निर्माण में माता-पिता की भूमिका तथा आत्मविश्वास के महत्व पर बल दिया। वहीं परियोजना समन्वयक श्री चन्द्रप्रकाश पटेल चाइल्ड लाइन ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, किशोरी सुरक्षा तथा पॉक्सो एक्ट की जानकारी देकर बालिकाओं को जागरूक किया।महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम द्वारा ’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं’ योजना के तहत बालिकाओं को शिक्षित कर उन्हें समाज में सम्मान दिलाना, सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से लिंगानुपात में सुधार, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिकाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा को प्रोत्साहन करना व भविष्य की शिक्षा और विकास के संबंध में जानकारी दी। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के माध्यम से संकट में फंसी महिलाओं को एक ही छत के नीचे सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शाला की प्राचार्या श्रीमती शिखा तिवारी, समस्त शिक्षकगण एवं महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) से श्रीमती विनिता गुप्ता (जिला मिशन समन्वयक), श्री लक्ष्मीकांत यादव (जेंडर विशेषज्ञ), शिल्पी उपाध्याय (वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ), एकीकृत बाल संरक्षण इकाई से श्रीमती लोकगणी साहू (सामाजिक कार्यकर्ता), सखी वन स्टॉप सेंटर से श्रीमती असंती साहू (केन्द्र प्रशासक) एवं श्रीमती कविता डोरले (परामर्शदाता) की उपस्थित रहें। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 19 जुलाई को नवा रायपुर, अटल नगर के सेक्टर-5 में एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे।छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और चिकित्सा नवाचार का हब बनाने की दिशा में एस्पायर फार्मास्यूटिकल इकाई का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ अभियान का हिस्सा है। यह संस्थान अनुसंधान, विकास और निर्यात के लिए भविष्य में छत्तीसगढ़ का केंद्र बनेगा। यह हाई-टेक फार्मा इकाई न केवल नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित है, बल्कि यह राज्य के औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी एक नई दिशा देगी। यह यूनिट फार्मास्युटिकल्स निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगी और राज्य को वैश्विक औषधि मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगी। यह इकाई अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित तथा स्वचालित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन इकाई हैै। इस इकाई में लगभग 100 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अति विशिष्ट अतिथि, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और सांसद श्री विजय बघेल, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, अजय चन्द्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, गुरू खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन, संतप अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।इसी प्रकार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ अधोसंरचना एवं विकास निगम के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर दुर्ग श्रीमती अलका बाघमार, महापौर धमतरी श्री रामू रोहरा, अपैक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेन्द्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव एवं सिडबी के महाप्रबंधक श्री प्रमोद कुमार विजयवर्गीय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
- -थैलेसीमिया पीड़ित 30 बच्चों को मुफ्त जांच और उपचार, जगी नई उम्मीद-श्री योगेश यादव 'प्रोजेक्ट जीवन' के तहत अपने बच्चे का करा रहे निःशुल्क ईलाज, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर // जिला अस्पताल पंडरी में आज थैलेसीमिया से जूझ रहे मासूम बच्चों के लिए 'प्रोजेक्ट जीवन' के अंतर्गत निशुल्क परामर्श और उपचार हेतु विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य उन बच्चों को राहत देना है, जो थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी के कारण लगातार रक्त चढ़वाने को विवश हैं। शिविर के माध्यम से ऐसे बच्चों को मुफ्त इलाज और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा देकर एक बेहतर और स्वस्थ जीवन देने की पहल की गई।शिविर में देश के प्रतिष्ठित अस्पताल फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम से अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. विकास दुआ और रक्त विकार विशेषज्ञ व ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. परमिंदर पाल सिंह ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में 12 वर्ष से कम आयु के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का निशुल्क परीक्षण, परामर्श और उपचार किया गया। मरीजों और उनके परिजनों को थैलेसीमिया की रोकथाम, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इस शिविर की सबसे महत्वपूर्ण पहल रही निशुल्क HLA जांच, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संभावना का पता लगाया जाएगा। जिन बच्चों की जांच में उपयुक्त मैच पाया जाएगा, उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट शासन की ओर से पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाएगा। शिविर में कुल 30 मरीजों ने भाग लिया और 40 से अधिक HLA सैंपल जांच हेतु एकत्रित किए गए। इस अवसर पर परिजनों को आगे के उपचार और देखभाल से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई।शिविर के आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. संतोष भंडारी, प्रोजेक्ट जीवन की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता सोनवानी, कंसल्टेंट मिथलेश सोनबेर, डॉ. राखी चौहान और जिला अस्पताल के अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल रहे। फील्ड स्तर से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को शिविर स्थल तक पहुँचाने में RBSK टीम का विशेष योगदान रहा।सेवा दे रहे डॉक्टरों और विशेषज्ञों का सम्मान करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट किया और कहा कि शासन की यह योजना उन परिवारों के लिए संजीवनी का काम करेगी, जो अपने बच्चों का बार-बार ब्लड ट्रांस्फयूजन कराने को विवश हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी भी बच्चे में थैलेसीमिया के लक्षण दिखें तो उसे तुरंत जांच और उपचार के लिए आगे लाएं।प्रोजेक्ट जीवन के तहत आयोजित यह शिविर बच्चों और उनके परिजनों के लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आया है। इससे न केवल उनके इलाज का रास्ता खुला है, बल्कि भविष्य में थैलेसीमिया की रोकथाम और इसके प्रति जागरूकता फैलाने में भी ज़िला प्रशासन की यह मुहिम अहम भूमिका निभाएगी।"उरला बिरगांव से अपनी बिटिया के साथ आई एक महिला ने बताया –"मेरे बच्चे को माइनर थैलेसीमिया है, जिसका इलाज हम प्राइवेट अस्पताल में करवा रहे थे। वहां इलाज में काफी खर्च हो गया। जब हमें पता चला कि जिला अस्पताल में थैलेसीमिया के लिए शिविर लग रहा है और यहाँ बच्चों का फ्री में इलाज व परामर्श मिल रहा है, तो हम तुरंत यहाँ आए। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने ऐसा शिविर लगवाया और हम जैसे परिवारों को भी उम्मीद दी कि हमारे बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकेगा।""बलरामपुर निवासी श्री योगेश यादव ने बताया –"मैं बलरामपुर से अपने बच्चे को लेकर रायपुर जिला अस्पताल आया हूं। यहां प्रोजेक्ट जीवन के तहत थैलेसीमिया का मुफ्त इलाज हो रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टरों ने बताया था कि इलाज में 20 से 22 लाख रुपये लगते हैं। लेकिन रायपुर ज़िला प्रशासन इस इलाज को पूरी तरह निःशुल्क करा रही है। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय जी का आभार व्यक्त करता हूं।
- -राज्य में प्रवेश वर्ष 2025 के लिए काउंसलिंग में नए नियमों की घोषणा-पूर्व निर्धारित 2 वर्षों के स्थान पर अब न्यूनतम 1 वर्ष की होगी बॉन्ड सेवा अवधि-ईडब्ल्यूएस श्रेणी की रिक्त सीटें अब सामान्य वर्ग को होगी आबंटितरायपुर /राज्य में चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहित करने और योग्य चिकित्सकों की नई पीढ़ी के लिए सरल, पारदर्शी एवं सुगम मार्ग सुनिश्चित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए छात्रहित में महत्वपूर्ण नए नियम बनाए गए हैं। ये निर्णय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखे जा रहे हैं। चिकित्सा स्नातक (एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस. एवं बी.पी.टी.) पाठ्यक्रमों में काउंसलिंग के लिए शासन द्वारा नवीन नियम संशोधन किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस वर्ष से काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अधिक सुविधा एवं पारदर्शिता मिलेगी।प्राथमिकता में संशोधननिजी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रबंधन कोटा एवं एनआरआई कोटा में आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC) की रिक्त सीटों के आवंटन में छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।बॉन्ड सेवा अवधि में छूटपूर्व निर्धारित 2 वर्षों के स्थान पर अब न्यूनतम 1 वर्ष की बॉन्ड सेवा अवधि अनिवार्य की गई है।काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइनसमस्त काउंसलिंग प्रक्रिया अब पूर्ण रूप से ऑनलाइन होगी। सीट आबंटन एवं प्रवेश की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी।ओबीसी श्रेणी हेतु आय प्रमाण पत्र में सरलताओबीसी वर्ग के लिए आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रमाण-पत्र संबंधित मापदंडों को सरल किया गया है।ईडब्ल्यूएस श्रेणी की रिक्त सीटें अब सामान्य वर्ग कोयदि ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें अब अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा।प्रत्येक चरण में पंजीयन की सुविधाकाउंसलिंग के प्रत्येक राउंड में पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन नए नियमों के अनुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया दिनांक 30 जुलाई 2025 से प्रारंभ होगी। यह निर्णय राज्य के चिकित्सा विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करने तथा प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




















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