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- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नवनियुक्त पदाधिकारियों से बातचीत की और कहा कि ऐसी बैठकें पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नए विचारों तथा दृष्टिकोण पर केंद्रित होती हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व वाली नयी टीम की घोषणा 17 अगस्त को की गई थी और टीम ने पहली बार पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के साथ बैठक की। बैठक में निवर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारी और कुछ राज्य इकाइयों के अध्यक्ष भी शामिल हुए। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संगठन की बैठकें पार्टी को मजबूत बनाने और लोगों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए नए विचारों व नजरिए पर केंद्रित होती हैं। पार्टी के साथियों और नयी संगठनात्मक टीम के साथ बहुत सार्थक बातचीत हुई।" बैठक में भाजपा के नवनियुक्त उपाध्यक्ष राम माधव और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब, महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष और कोषाध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। भाजपा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने पार्टी की नवनियुक्त संगठनात्मक टीम से बातचीत की और पार्टी के संगठन को और मजबूत बनाने तथा लोगों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए अपने विचार और दृष्टिकोण साझा किया। नवीन के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारी हैं, जिनमें 51 नए चेहरे हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार, शनिवार को हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच सरकार की योजनाओं को पहुंचाने पर चर्चा हुई।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को राज्यों से डिजिटल कृषि मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ केवल सरकारी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह ''खेतों और किसानों की जेब तक दिखाई देना चाहिए।'' पूसा में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में चौहान ने कहा कि जिन राज्यों ने योजनाओं को गंभीरता से लागू किया है, उन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्यों को 100 प्रतिशत से अधिक हासिल किया है, जबकि कुछ राज्य पीछे रह गए हैं। उन्होंने सभी राज्यों से तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि किसान आईडी एक महत्वपूर्ण पारदर्शिता उपाय है, जिसके माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाता है। उन्होंने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसान आईडी बनाने तथा इसके लिए शिविर आयोजित करने के लिए पहले ही धन जारी कर चुकी है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि एक महीने में किसान आईडी बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब शिविरों के लिए जारी धन का अन्य कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जाए। सम्मेलन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 10.41 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। ये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के 84.68 प्रतिशत लाभार्थियों और करीब 77 प्रतिशत कृषि भूमि को कवर करती हैं। चौहान ने डिजिटल भूमि रिकॉर्ड के संबंध में नक्शों के एकीकरण और आंकड़ों के सत्यापन को मिशन की ''रीढ़'' बताया। कृषि मंत्रालय ने बताया कि गांवों के नक्शों का भू-संदर्भीकरण 5.9 लाख गांवों में पूरा हो चुका है, जो चिन्हित गांवों का 93.05 प्रतिशत है। डिजिटल फसल सर्वेक्षण का दायरा वर्ष 2024-25 में 290 जिलों में था जो रबी सत्र 2025-26 तक बढ़ाकर 650 जिला कर दिया गया है। इसे खरीफ सत्र 2026-27 तक 692 जिला पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। चौहान ने दलहन क्षेत्र में कहा कि पिछले वर्ष कुछ क्षेत्रों में बढ़े रकबे और उत्पादन को पूरे देश में दोहराने की जरूरत है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रसंस्करण, भंडारण और बाजार से जुड़ी सुविधाएं भी जरूरी हैं।
- विशाखापत्तनम. खेल मंत्रालय और भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) युवा मंत्रियों की बैठक शनिवार को यहां संपन्न हो गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने की। इसमें खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे और युवा कार्य विभाग के सचिव सुनील पालीवाल भी मौजूद रहे। मंत्रिस्तरीय बैठक में ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक के निष्कर्षों को आगे बढ़ाते हुए चर्चा की गई। इन बैठकों से सामने आए सुझावों और विचारों ने मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार किया। मांडविया ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2047 के लिए 'विजन डॉक्यूमेंट' तैयार किया है, जब देश अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। प्रधानमंत्री ने बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने का आह्वान किया है, ताकि वे देश को इस विजन को साकार करने की दिशा में आगे ले जा सकें।'' मांडविया ने कहा, "इसी भावना के अनुरूप हमने कई पहल शुरू की हैं। हमने 'एमवाई भारत' को स्वयंसेवा, सीखने, नेतृत्व और नागरिक भागीदारी के लिए एकल मंच के रूप में स्थापित किया है। आज 2.5 करोड़ से अधिक युवा इस मंच पर पंजीकृत हैं और सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।" इस बैठक में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के युवा प्रतिनिधियों, युवा नेताओं, नीति-निर्माताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक ने युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सामूहिक प्रयास के लिए मंच उपलब्ध कराया। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के युवा मामलों से जुड़े मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने युवा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। साथ ही नीतिगत विचारों का आदान-प्रदान किया गया और सतत एवं समावेशी विकास में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
- नयी दिल्ली. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायुसेना 'थिएटराइजेशन' के खिलाफ नहीं है और वह किसी भी नयी पहल के लिए वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दे रही है, ताकि मौजूदा ढांचे में न्यूनतम व्यवधान हो। कानपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल ने मौजूदा व्यवस्था में ''बड़ा बदलाव'' नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य क्षमता को और मजबूत करने के लिए किसी दूसरे देश की नकल करने के बजाय अपनी व्यवस्था और क्षमताओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। सरकार ने सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए 2019 में 'थिएटराइजेशन' की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, इस दिशा में अब तक कोई खास प्रगति दिखाई नहीं दी है। थिएटराइजेशन मॉडल के तहत सरकार का उद्देश्य थलसेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एकीकृत करना तथा युद्ध और सैन्य अभियानों के दौरान उनके संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ''मैं यहां अपने लोगों को आश्वस्त कर सकता हूं कि वायुसेना थिएटराइजेशन के खिलाफ नहीं है, जैसा कि मीडिया में इसे पेश किया जाता है।'' एयर चीफ मार्शल ने कहा, ''वायुसेना इस बात पर जोर देती रही है कि हम इसे वस्तुनिष्ठ तरीके से देखें। हमें यह देखना चाहिए कि हमारी व्यवस्था में क्या कमियां हैं, क्या चीजें सही नहीं हैं और उन्हें दुरुस्त करने की जरूरत है। हमें कहीं और से कोई व्यवस्था अपनाने के बजाय अपनी कमियों को दूर करना चाहिए।
- सिलीगुड़ी (प. बंगाल). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में देश की पूर्वी सीमाओं पर सुरक्षा का जायजा लिया गया और मुख्य रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को 'चिकन नेक' भी कहा जाता है।उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य मकसद सीमा पर निगरानी बढ़ाना, केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस एवं प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर करना तथा 'ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड' बनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) की गतिविधियों, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, अवैध घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जैसे केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल हुए। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान 'मल्टी एजेंसी सेंटर' (एमएसी) के तहत 'स्टैंडिंग फोकस ग्रुप ऑन सिलिगुड़ी कॉरिडोर' (एसएफजी-एससी) ने अब तक हुई प्रगति और कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अपनी सिफारिशों पर प्रस्तुति दी। गृह मंत्री शाह के राज्य के दौरे के तीसरे और आखिरी दिन सिलीगुड़ी के पास सुकना में यह अहम चर्चा हुई।बयान में कहा गया है, "शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में जारी उन सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की, जो इसकी सुरक्षा के लिए अहम हैं। उन्होंने पीआईओ गतिविधियों, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, अवैध घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की।" ये बैठक इसलिए भी अहम थी क्योंकि सिलीगुड़ी नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास है और यहां से गुजरने वाला संकरा कॉरिडोर पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच जमीन के रास्ते मुख्य संपर्क का काम करता है।
- श्रीनगर. भगवान शिव की पवित्र छड़ी 'छड़ी मुबारक' के शनिवार को पहलगाम रवाना होने के साथ ही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के मुख्य धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। पवित्र छड़ी को यहां दशनामी अखाड़ा भवन से वार्षिक तीर्थयात्रा से जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों के लिए पहलगाम ले जाया जा रहा है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा की ओर रवाना होने से पहले शनिवार तड़के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 'छड़ी मुबारक' के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधुओं के एक समूह ने पूजा-अर्चना की। अमरनाथ यात्रा इस साल खराब मौसम और मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण नौ अगस्त को स्थगित कर दी गई थी, हालांकि इससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि 28 अगस्त को 'श्रावण पूर्णिमा' के शुभ अवसर पर 'पूजन' और 'दर्शन' के लिए पवित्र छड़ी को अमरनाथ गुफा ले जाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पवित्र छड़ी शनिवार और रविवार को पहलगाम, 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग तथा 26 व 27 अगस्त को पंचतरणी में रुकेगी। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को शुरू हुई और अब तक 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु यह यात्रा कर चुके हैं। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर होगा।
- चेन्नई. तमिलनाडु में तिरुत्तनी के अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में हाल में हुए 11 दिवसीय 'आदि' उत्सव के दौरान भक्तों की ओर से दिए गए चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी देखी गई। इस अवधि में मंदिर को एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी और बड़ी मात्रा में कीमती धातुएं प्राप्त हुईं। एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर को दान पेटियों से कुल 1,05,54,389 रुपये नकद, 293 ग्राम सोना और 7,153 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि आदि कार्तिगई और नौका उत्सव के कारण चढ़ावे में यह बढ़ोतरी हुई। चढ़ावे में हुई इस अभूतपूर्व वृद्धि का कारण तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को माना जा रहा है। भगवान मुरुगन को समर्पित एक प्रतिष्ठित वार्षिक उत्सव 'आदि कार्तिगई ' और 'थेप्पा थिरुविझा' (नौका उत्सव) के शुभ अवसर के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई। यह त्योहार तब मनाया जाता है जब तमिल महीने 'आदि' (मध्य जुलाई से मध्य अगस्त) में कृत्तिका नक्षत्र का योग बनता है। हिंदू परंपरा के अनुसार, यह दिन भगवान मुरुगन की दिव्य उत्पत्ति के सम्मान में मनाया जाता है, जिनका जन्म के बाद छह कृत्तिका कन्याओं द्वारा पालन-पोषण किया गया था। चेन्नई से लगभग 93 किलोमीटर दूर तिरुवल्लूर जिले में स्थित तिरुत्तनी मंदिर राज्य का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां तिरुपति जाने वाले तीर्थयात्री अक्सर आते हैं। यह प्राचीन मंदिर भगवान मुरुगन का पांचवां निवास स्थान है।
- सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल). दार्जिलिंग से भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजू बिष्ट ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने गोरखा मुद्दे पर अंतिम समझौते का मसौदा तैयार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत एक समिति गठित की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गोरखा नेताओं और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हुई अहम बैठक के बाद बिष्ट ने यह जानकारी दी। इस बैठक का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से जारी समस्याओं के ''स्थायी राजनीतिक समाधान'' के लिए आगे की रूपरेखा तय करना था। शाह के उत्तर बंगाल दौरे के तीसरे और अंतिम दिन दार्जिलिंग की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित सुकना के एक होटल में यह बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, पर्वतीय क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और अन्य हितधारक शामिल हुए। बिष्ट ने कहा, ''गृह मंत्रालय के तहत वार्ताकार पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति आज हुए समझौते के अंतिम मसौदे को तैयार करने का काम करेगी।'' गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज कुमार सिंह को अक्टूबर 2025 में इस मुद्दे पर सरकार का आधिकारिक वार्ताकार नियुक्त किया था। उनकी भूमिका राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने और गोरखा समुदाय की काफी समय से लंबित मांगों का समाधान तलाशने पर केंद्रित है। बिष्ट ने कहा कि शनिवार की बैठक एक ऐतिहासिक दिन पर हुई है क्योंकि 1988 में इसी तारीख को गोरखा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। केंद्र, पश्चिम बंगाल सरकार और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) के बीच हुए इस समझौते के बाद दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (डीजीएचसी) का गठन हुआ था। इससे पहले अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर हिंसक आंदोलन हुआ था। बिष्ट ने कहा, ''पर्वतीय समुदायों का संघर्ष चार दशक से अधिक पुराना है। इस दौरान पिछली वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों ने पर्वतीय क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं को कुचला। हमारे करीब 2,000 लोगों ने जान गंवाई, 5,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए और महिलाओं को यातनाएं दी गईं तथा उनके साथ दुष्कर्म किया गया।'' उन्होंने कहा कि बैठक में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं और अपेक्षाएं सामने रखीं तथा मुख्यमंत्री ने भी बताया कि वह पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के मुद्दों का समाधान किस तरह करना चाहते हैं। बिष्ट ने कहा, ''सभी पक्षों की बात सुनने के बाद शाह ने बैठक का सार रखते हुए बताया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे का स्थायी समाधान किस प्रकार किया जाएगा।'' बैठक में भाजपा के चुनावी वादे के अनुरूप संवैधानिक ढांचे के तहत दार्जिलिंग पहाड़ियों की समस्याओं का ''स्थायी राजनीतिक समाधान'' तलाशने पर चर्चा हुई। बैठक में शुभेंदु अधिकारी के अलावा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) प्रमुख बिमल गुरुंग, पार्टी के वरिष्ठ नेता रोशन गिरि, जीएनएलएफ प्रमुख मान घीसिंग, राज्य सरकार के कई मंत्री, पर्वतीय क्षेत्र के भाजपा विधायक और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। पिछली राज्य सरकारों ने डीजीएचसी और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) जैसी व्यवस्थाओं के जरिए इस मुद्दे के समाधान का प्रयास किया था, लेकिन इनसे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति, आर्थिक समृद्धि और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित नहीं हो सकी।
- तमिलनाडु सोना अंगूठी योजना...दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेशचेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने नवजात शिशुओं के लिए 'थाई मामन स्वर्ण अंगूठी योजना' के तहत सोने की अंगूठियां खरीदने के वास्ते दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश जारी किया है। सरकार ने यह जानकारी दी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर को शुरू की जाएगी।सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम (टीएनएमएससी) ने जून से सितंबर तक के लाभार्थियों के लिए आवश्यक सोने की 1,28,499 अंगूठियों की आपूर्ति के वास्ते जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी। इसका लाभ सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए शिशुओं को मिलेगा ताकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सके। सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ''एक ग्राम वजन की सोने की 4,41,667 अंगूठियां उपलब्ध कराने के शासकीय आदेश के बाद तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम ने 14 जुलाई को निविदा जारी की थी। इसमें 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया और 'टीएन टेंडर्स' पोर्टल के जरिए अपनी कीमतों का ब्योरा दिया।'' विज्ञप्ति के अनुसार, जॉय अलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर प्रसंस्करण शुल्क, बीमा, परिवहन और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की मुहर लगाने सहित सभी अतिरिक्त शुल्क के लिए सबसे कम 0.01 रुपये की बोली लगाई। तमिलनाडु गैर-प्रकटीकरण समझौता अधिनियम और नियमों के तहत कल्याण ज्वैलर्स ने भी सबसे कम कीमत की बोली प्रस्तुत की। विज्ञप्ति में कहा गया कि योजना 15 सितंबर 2026 को शुरू की जानी है, इसलिए जून से चार महीने के दौरान लाभार्थियों को सोने की 1,28,499 अंगूठियां उपलब्ध कराने के लिए जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किया गया है। सरकारी अस्पतालों में 22 जून 2026 से जन्म लेने वाले बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ शनिवार को पहली बैठक की जिसमें चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर जनसंपर्क को लेकर चर्चा की गई। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं एवं पहलों को जनता तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने बताया कि दिन में और बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य प्रभारी शामिल होंगे। भाजपा ने इस सप्ताह की शुरुआत में नितिन नवीन के नेतृत्व में नयी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी। इसमें कुल 65 पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें 51 नए चेहरे हैं। नयी टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व पदाधिकारी राम माधव सहित 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को आठ राष्ट्रीय महासचिवों में से एक नियुक्त किया गया है। बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) पद पर बरकरार रखा गया है, जबकि विनोद तावड़े और सुनील बंसल महासचिव पद पर हैं। भाजपा की नयी टीम में 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े छह नेता शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले भी वह मई 2014 में नरेन्द्र मोदी सरकार के गठन से पहले इस पद पर रह चुके हैं। भाजपा ने अपने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय को पद से हटाकर उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नियुक्त किया है। वहीं, गुजरात के हेमांग जोशी को पार्टी युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या का स्थान लिया है। यह संगठनात्मक बदलाव वर्ष 2015 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कार्यकाल में हुए बड़े फेरबदल के बाद एक दशक से अधिक समय में सबसे बड़ा बदलाव है। इस फेरबदल के बाद संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा की मौजूदा स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी पर ध्यान केंद्रित किया गया।मीटिंग में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। मीटिंग का उदेश्य इन्फ्लूएंजा और इससे होने वाली संभावित जटिलताओं से पीड़ित मरीजों के लिए तैयारियों और व्यवस्थाओं को मजबूत करना था। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, 12 अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के लगभग 1,449 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल इसी अवधि में दर्ज किए गए 229 मामलों की तुलना में छह गुना से अधिक की वृद्धि है।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एच1एन1 के अलावा दिल्ली में इस वर्ष इन्फ्लूएंजा बी (यामागाता) के 184 मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पहले, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं।
पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों का उचित इलाज कर रहे हैं और हमने दवाइयों, बिस्तरों और वेंटिलेटर के मामले में पर्याप्त व्यवस्था की है। 2019 में, दिल्ली में एच1एन1 के 3,637 मामले और इससे संबंधित 31 मौतें दर्ज की गईं। एच1एन1 इन्फ्लूएंजा ‘ए’ वायरस का एक प्रकार है जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।डॉक्टरों के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है, जिसके लक्षणों में आमतौर पर बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, पसीना आना और ठंड लगना शामिल हैं। अधिकांश इन्फ्लूएंजा संक्रमण स्वतः ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ रोगियों में वायरल निमोनिया, द्वितीयक जीवाणु निमोनिया या पहले से मौजूद हृदय और फेफड़ों की स्थिति बिगड़ने जैसी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।डॉक्टर आमतौर पर इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले लोगों को अपनी स्थिति पर नजर रखने और लक्षण गंभीर होने या लगातार बिगड़ने पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देते हैं। सांस लेने में कठिनाई, लगातार सीने में दर्द, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या निर्जलीकरण ऐसे लक्षण हैं जिनके लिए तत्काल चिकित्सा जांच की आवश्यकता होती है।एक अलग घटनाक्रम में मंत्रालय ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव (नीति) की अध्यक्षता में आज पीएम-एबीएचआईएम और 15वें वित्त आयोग (15वें एफसी) स्वास्थ्य अनुदान पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बयान में कहा गया कि पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, केरल, जम्मू एवं कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बयान में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से भौतिक और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने तथा स्वीकृत स्वास्थ्य अवसंरचना और सुविधाओं के समय पर पूरा होने और संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का कारण एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल करना बताना गलत है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए उपयोग हो रही चीनी का शेयर 2025-26 में कम होकर करीब 9 प्रतिशत हो गया है, जो कि 2022-23 में करीब 12 प्रतिशत था।
साथ ही, कहा कि मौजूदा समय में देश में एथेनॉल के उत्पादन के लिए मक्के का उपयोग हो रहा है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हो रही है, जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, दुनिया भर में चीनी की सप्लाई में कमी और इंडस्ट्री के कुछ हिस्सों की तरफ से सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं।मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन लगभग 306 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) रहने का अनुमान है, जबकि गन्ना उगाने वाले राज्यों का शुरुआती अनुमान लगभग 343 एलएमटी था। गन्ने में रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों के साथ-साथ ज्यादा बारिश की वजह से जलभराव से भी उत्पादन पर असर पड़ा है।अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद, अक्टूबर में नया क्रशिंग सीजन शुरू होने तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने बताया कि वर्तमान में चीनी की आपूर्ति में कमी एक ग्लोबल समस्या है और यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।2026-27 के लिए दुनिया भर में चीनी की कमी का अनुमान लगभग 33 एलएमटी लगाया गया है। मौसम के हालात को लेकर चिंता ने भी ग्लोबल आउटलुक पर असर डाला है। नतीजतन, चीनी की इंटरनेशनल कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। 30 जून 2026 को ये 474 डॉलर प्रति टन थीं, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर 552 डॉलर प्रति टन हो गई हैं, जो कि दो महीने से भी कम समय में 16 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी को दिखाता है।मंत्रालय के मुताबिक, भारत में आम तौर पर हर साल लगभग 320-340 एलएमटी चीनी का उत्पादन होता है, जबकि देश में इसकी खपत लगभग 280-290 एलएमटी होती है। जब उत्पादन जरूरत से ज्यादा होता है, तो अतिरिक्त स्टॉक के कारण चीनी मिलों का पैसा फंस जाता है और गन्ना किसानों को भुगतान में देरी हो सकती है। अतिरिक्त चीनी का एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल करने से इस बुनियादी समस्या को हल करने में मदद मिली है और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाकाइंडे हिचिलेमा को फिर से जाम्बिया का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत इस अफ्रीकी देश के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है। मोदी ने कहा कि वह हिचिलेमा के नेतृत्व में भारत-जाम्बिया संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हाकाइंडे हिचिलेमा को फिर से जाम्बिया का राष्ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई। भारत, जाम्बिया के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है और मैं उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्साहित हूं।" हिचिलेमा को पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना गया है। उन्होंने जाम्बिया में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कुल पड़े 50 लाख मतों में से 61.4 प्रतिशत हासिल कर जीत दर्ज की। जाम्बिया के निर्वाचन आयोग ने मंगलवार सुबह घोषणा की कि राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा पांच साल के दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से निर्वाचित हुए हैं।
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अयोध्या (उप्र) अयोध्या के संत और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य शुक्रवार को राम मंदिर परिसर के चारों ओर करीब तीन किलोमीटर लंबी रामकोट की दैनिक परिक्रमा की पहली वर्षगांठ मनाएंगे। मंदिर के एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रामकोट की दैनिक परिक्रमा पिछले साल 21 अगस्त को शुरू हुई थी। तब से संतों का एक समूह रोजाना सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच नियमित रूप से इसकी परिक्रमा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को इस अवसर पर भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिक्रमा के दौरान कई स्थानों पर संतों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने आयोजन की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार शाम अयोध्या के संतों के साथ बैठक की। सूत्रों ने बताया कि बैठक में करीब 2,000 साधुओं के वार्षिकोत्सव परिक्रमा में शामिल होने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने भी अयोध्या के कई मंदिरों का दौरा कर संतों को आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। वर्षगांठ समारोह में अयोध्या के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संतों और धार्मिक हस्तियों के शामिल होने का अनुमान है। भाषा सं जफर खारी
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चेन्नई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 'वंदे मातरम्' के केवल दो अंतरे गाने का पार्टी का फैसला 'राष्ट्र-विरोधी' है तथा इसका मकसद कानून की खुली अवहेलना कर ''वोट बैंक'' के लिए तुष्टीकरण करना है। शाह ने राष्ट्रगीत को पूरा गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले का उल्लेख करते हुए देश के विभाजन के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि 'वंदे मातरम्' के टुकड़े करने के कारण देश को इसके परिणाम भुगतने पड़े। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''कांग्रेस कार्यसमिति ने 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला किया है, वह न केवल देश विरोधी है बल्कि संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है।'' शाह ने 'एक्स' पर कहा, ''कांग्रेस ने ही 1937 में तुष्टीकरण के लिए 'वंदे मातरम्' के दो टुकड़े किए। वहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ। '' उन्होंने कहा, ''वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष पर (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी (के नेतृत्व वाली) सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है।'' उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी है और देश उसके परिणाम भुगत चुका है। उन्होंने कहा, ''देशवासियों से यह अपील है कि कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।'' कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार को अपने 1937 के प्रस्ताव को मानने का फ़ैसला किया। इसके तहत अब पार्टी के सभी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम्' के सिर्फ दो ही अंतरे गाये जायेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाने के फैसले को लेकर विपक्षी दल पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस वोट के लिए ''नयी मुस्लिम लीग'' बन गई है।
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नयी दिल्ली. कैंसर क्यों होता है? दिल्ली के इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता इस अहम सवाल का जवाब तलाशने की दिशा में एक कदम आगे बढ़े हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित एक मंच तैयार किया है, जो डीएनए को हुए नुकसान को समझने और यह पता लगाने में मदद करता है कि कैंसर की शुरुआत किन कारणों से हुई। शोधकर्ताओं के मुताबिक, 'म्यूटएआईवर्स' जनरेटिव एआई पर आधारित अपनी तरह का पहला मंच है। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी में सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित 27 मरीजों पर परीक्षण के दौरान 'म्यूटएआईवर्स' ने तंबाकू के सेवन को बीमारी की जड़ के रूप में पहचाना। 'जनरेटिव एआई' एक ऐसी प्रौद्योगिकी है, जिसे बड़ी मात्रा में डेटा के आधार पर प्रशिक्षित किया जाता है। यह चित्र, ऑडियो और वीडियो समेत अन्य सामग्री तैयार कर सकता है तथा उपयोगकर्ता के प्राकृतिक भाषा में दिए गए निर्देशों का जवाब दे सकता है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि एआई भले ही कैंसर के उभार को समझने के लिए अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराता है, लेकिन अपने मौजूदा स्वरूप में यह पक्के तौर पर साबित नहीं करता कि किसी खास चीज के संपर्क में आने से डीएनए को हुआ नुकसान ही कैंसर का कारण बना। शोध दल में गुवाहाटी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)- इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के शोधकर्ता भी शामिल थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि उनका शोध केवल बीमारी की पहचान तक सीमित रहने के बजाय उसके कारणों पर ध्यान केंद्रित करता है और यह एक उपयोगी जांच उपकरण साबित हो सकता है। मुख्य शोधकर्ता और आईआईआईटी-दिल्ली के कंप्यूटेशनल बायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर गौरव आहूजा ने कहा, "कोई भी इस बात पर चर्चा नहीं करता कि कैंसर किस वजह से हुआ। आप किस चीज के संपर्क में आए? क्या आप प्रदूषण के संपर्क में थे? क्या आप दूषित पानी के संपर्क में थे? या फिर आप सिगरेट के धुएं के संपर्क में थे? इसकी जानकारी आपको कोई नहीं देता।" उन्होंने कहा कि हम जिस वातावरण में रहते हैं, वहां हम लगातार कई तरह के रसायनों के संपर्क में आते रहते हैं, जो डीएनए में बदलाव पैदा कर सकते हैं। आहूजा ने कहा, "मेरे विचार से यह शोध एक अहम सफलता है, क्योंकि लोग अब सिर्फ इस बात पर चर्चा नहीं कर रहे हैं कि किसी व्यक्ति को कैंसर हो गया, बल्कि इस बारे में भी बात कर रहे हैं कि पीड़ित व्यक्ति किन चीजों के संपर्क में आया था। इससे परिवार के अन्य सदस्यों को भी बचाने में मदद मिल सकती है, खासकर तब जब वे उस इलाके में रहते हों, जहां संबंधित चीज का असर या मौजूदगी ज्यादा हो।" यह शोध 'जर्नल ऑफ केमइंफॉर्मेटिक्स' में प्रकाशित किया गया है।
आहूजा ने बताया कि 'म्यूटएआईवर्स' मशीन-लर्निंग पर आधारित 'एडक्टलिंकर' नाम के एक 'बैकट्रैकिंग टूल' से लैस है। उन्होंने बताया कि कैंसर से जूझ मरीज के ट्यूमर में क्षतिग्रस्त डीएनए मिलने पर 'एडक्टलिंकर' "अपराधी तक पहुंचने के लिए सबूतों की कड़ी जोड़ने वाले जासूस की तरह काम करता है", जिससे हमें उस पर्यावरणीय रसायन 'जीनोटॉक्सिन' या 'कार्सिनोजन' का पता लगाने में मदद मिलती है, जो कैंसर का मूल कारण बना।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य पार्टी नेताओं ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोनिया गांधी, खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने 'वीर भूमि' पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। बाद में इन नेताओं ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।'' खरगे ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लाखों लोगों में उम्मीद जगाई और भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस अध्यक्ष ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि राजीव गांधी एक ''दूरदर्शी नेता'' थे और उनकी विरासत उन बड़े बदलावों में जीवित है, जिनका उन्होंने समर्थन किया तथा भारत के युवाओं, तकनीकी प्रगति और नए विचारों में उनके अटूट विश्वास में भी यह विरासत दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को सबसे सार्थक श्रद्धांजलि भारत की सद्भाव और मेल-मिलाप की भावना को मजबूत करना तथा बौद्धिक स्वतंत्रता, नवाचार और युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ावा देना होगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा उनका मार्गदर्शन करता रहेगा। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार... पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।'' राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वह 40 वर्ष की उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को देश के प्रधानमंत्री बने और दो दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहे। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को चुनावी सभा के दौरान आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रशासन, शिक्षा, संचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में आधुनिकीकरण पर जोर दिया था। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाने के फैसले को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी दल पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस वोट के लिए ''नयी मुस्लिम लीग'' बन गई है। नवीन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि भारत माता' की इस वंदना का अपमान उन हजारों लोगों का तिरस्कार है जिन्होंने इस गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि वह 'वंदे मातरम्' को लेकर 1937 में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और उस समय के अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा किए गए फैसले का पूरी तरह पालन करेगी तथा इसी के अनुरूप पार्टी कार्यकर्ता राष्ट्रगीत के सिर्फ दो अंतरे ही गाएंगे। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इसे लेकर चर्चा हुई और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 1937 के सीडब्ल्यूसी के उस प्रस्ताव के कुछ अंश भी पढ़े जो महान नेताओं की मौजूदगी में पारित हुआ था और जिसमें वंदे मातरम् के दो अंतरों के गायन का निर्णय लिया गया था। नवीन ने कांग्रेस के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''कांग्रेस ने अब अपने अपमान (वंदे मातरम् के प्रति) को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है। उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर 'वंदे मातरम्' के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस आज की नयी मुस्लिम लीग बन गई है।''
नवीन ने कहा, ''भारत माता' की इस पावन वंदना का अपमान उन हजारों बलिदानियों का तिरस्कार है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था।'' नवीन ने कांग्रेस कार्यालय में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर हुए विवाद की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले राष्ट्रगीत के प्रति यही अपमान ''एक व्यक्ति के आचरण'' में दिखाई दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे ''संयोग'' बताकर खारिज कर दिया था। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''आज वही अपमान कांग्रेस की नीति बन गया है। उन्होंने कहा, ''यह केवल राजनीतिक बचाव नहीं, बल्कि उस वोट बैंक की भूख का प्रमाण है, जिसके लिए कांग्रेस ने राष्ट्र के स्वाभिमान को हर बार गिरवी रखा है।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का बृहस्पतिवार को यहां सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। सज्जन कुमार वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। अस्पताल के अनुसार, 84 वर्षीय कुमार को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे जब अस्पताल लेकर पहुंची तो वह पूरी तरह होश में नहीं थे। अस्पताल ने एक बयान में बताया, ''सज्जन कुमार (84) को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। उन्हें तत्काल भर्ती किया गया और उपचार शुरू किए गए।'' बयान के मुताबिक, ''सभी आवश्यक चिकित्सा एवं जीवन रक्षक उपाय किए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर 12:30 बजे उनका निधन हो गया।'' अस्पताल ने बताया, ''वह (सज्जन कुमार) उच्च रक्तचाप और पार्किंसन रोग से पीड़ित थे तथा अतीत में कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके थे।'' वह तिहाड़ जेल में बंद थे। लोकसभा के तीन बार सदस्य रहे कुमार बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। वर्ष 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वर्ष 1984 के दिल्ली सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार कई मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर, 2018 को दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाए जाने से जुड़े मामले में कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने दंगों के दौरान दो सिखों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में भी पू्र्व सांसद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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नयी दिल्ली. महात्मा गांधी के अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे गए 688 ऑटोग्राफ वाले विचारों (जिनमें सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे विषय शामिल थे) के संग्रह को सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बेचा गया। यह नीलामी में बिके किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है। हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद दो साल तक मार्गदर्शन, चिंतन और हौसला बढ़ाने वाले रोजाना हाथ से लिखे संदेशों को बाद में "अ थॉट फॉर द डे" नाम की किताब में संकलित किया गया। ये संदेश दोनों के बीच हुए पत्राचार के सबसे निजी और सुरक्षित बचे हुए दस्तावेजों में से एक हैं। खरीदार की पहचान का हालांकि खुलासा नहीं किया गया, लेकिन नीलामी घर ने कहा कि "खरीदार भारत का ही है और पांडुलिपि देश में ही रहेंगी"। "गांधी: फ्रॉम द कलेक्शन ऑफ आनंद टी. हिंगोरानी" नाम की नीलामी में गांधी से जुड़ी चिट्ठियों, पांडुलिपियों, तस्वीरों और निजी चीजों के 86 खंड शामिल थे। नीलाम करने वाली संस्था के अनुसार, इन पांडुलिपि में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह (सांसारिक वस्तुओं या धन के प्रति मोह न रखना), निर्भयता, धार्मिक समानता, अस्पृश्यता निवारण, प्रार्थना, रामनाम, सेवा, श्रम, भूख, कर्तव्य, स्वराज, नैतिक जिम्मेदारी, मौन, अंतरात्मा की आवाज, अनासक्ति, आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर की खोज जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। यह संग्रह न सिर्फ अहम राजनीतिक घटनाओं को दर्ज करता है, बल्कि गांधीजी के जीवन के बेहद निजी पहलुओं को भी सामने लाता है। इसमें भारत की आजादी की लड़ाई के जन-नेता और उस निजी व्यक्ति—जो अपने सबसे करीबी लोगों को सलाह, सांत्वना, अनुशासन और स्नेह देते थे—दोनों की झलक मिलती है। सैफ्रनआर्ट के सहसंस्थापक दिनेश वाजीरानी ने एक बयान में कहा, " 'खंड 80' - यानी गांधीजी द्वारा हिंगोरानी के लिए लिखे गए विचारों की एक शृंखला - को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया इसके दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व को और पुख्ता करती है। ये विचार एक साथ मिलकर इस बात की अनूठी मिसाल पेश करते हैं कि गांधीजी ने उन सिद्धांतों को अपने जीवन में कैसे उतारा जिनका वे सार्वजनिक रूप से समर्थन करते थे; यही बात इसे उनके विचारों और कार्यों का एक बेहद बेशकीमती रिकॉर्ड बनाती है।" "मैसेज ऑन गॉड" (ईश्वर पर संदेश) - जिसमें ईश्वर और भगवद् गीता पर गांधी के विचारों से जुड़ी तीन संबंधित पांडुलिपियां और पत्र-व्यवहार शामिल हैं - 1.68 करोड़ रुपये में बिका। नीलामी में शामिल निजी चीजों में गांधी का 'पेटी चरखा' और सूत कातने के आध्यात्मिक अनुशासन पर लिखे दो पत्र शामिल थे, जिनकी कीमत 50-70 लाख रुपये आंकी गई थी। यह 1.02 करोड़ रुपये में बिका। गांधीजी की लिखते हुए एक हस्ताक्षरित तस्वीर 78 लाख रुपये में बिकी और आर्थिक स्वतंत्रता पर गांधीजी के पत्रों, टेलीग्राम और पोस्टकार्ड का एक सेट 57.60 लाख रुपये में बिका। हिंगोरानी परिवार ने पीढ़ियों से इस संग्रह को संभालकर रखा था। इसके जरिए हिंगोरानी के साथ गांधीजी के लंबे समय के रिश्ते को करीब से जानने का मौका मिलता है। दो दशकों से ज़्यादा समय में तैयार किए गए इस संग्रह में निजी पत्र-व्यवहार, हाथ से लिखे विचार, तस्वीरें और ऐसी चीज़ें शामिल हैं जो न सिर्फ़ भारत की आज़ादी की लड़ाई के अहम पलों को दिखाती हैं, बल्कि गांधी और हिंगोरानी के बीच दोस्ती, मार्गदर्शन और बेहद निजी बातचीत को भी सामने लाती हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसे व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने पर काम कर रहा है, जो कई प्रजातियों के सांपों के काटने के इलाज में कारगर हो सके। इससे भारत में हर साल हजारों लोगों की जान लेने वाली सर्पदंश की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है।
IISc के अनुसार, भारत में हर साल अनुमानित 58,000 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है। अलग-अलग सांपों और क्षेत्रों में पाए जाने वाले जहर की संरचना में काफी विविधता होने के कारण प्रभावी एंटीवेनम विकसित करना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है। संस्थान के मुताबिक, AI इस जटिल डेटा का पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी और बड़े पैमाने पर विश्लेषण करने में मदद कर सकता है।IISc के Centre for Ecological Sciences (CES) की Evolutionary Venomics Lab (EVL), Anthropic के AI for Science programme के माध्यम से Claude AI का इस्तेमाल कर रही है। शोधकर्ता जटिल जहर संबंधी डेटा को व्यवस्थित करने और ऐसे साझा विषैले लक्ष्यों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग सांपों के जहर के खिलाफ व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने में इस्तेमाल किया जा सके।कई प्रजातियों के काटने में काम आ सकेगा एंटीवेनमशोध का प्रमुख उद्देश्य ऐसा एंटीवेनम विकसित करना है जो अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के काटने के मामलों में प्रभावी हो। इससे अस्पतालों को बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रकार के एंटीवेनम रखने की आवश्यकता कम हो सकती है।IISc ने कहा कि AI, विकासवादी जीव विज्ञान और ट्रांसलेशनल साइंस के मेल से सर्पदंश के उपचार की अगली पीढ़ी की चिकित्सा विकसित करने की संभावनाएं तलाशना महत्वपूर्ण है।EVL इससे पहले भी एंटीवेनम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर चुकी है। प्रयोगशाला ने 2024 में सिंथेटिक एंटीवेनम विकसित किया था। इसके बाद 2025 में शोधकर्ताओं ने ‘वेनम मैप्स’ तैयार किए।रसेल वाइपर के जहर का तैयार किया ‘वेनम मैप’इन वेनम मैप्स में स्थानीय जलवायु परिस्थितियों का इस्तेमाल करके रसेल वाइपर के जहर की विशेषताओं का अनुमान लगाने का प्रयास किया गया है। रसेल वाइपर देश के विभिन्न हिस्सों में पाया जाने वाला बेहद खतरनाक सांप है और दुनिया में सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर चोटों के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।शोधकर्ताओं के अनुसार, वेनम मैप्स चिकित्सकों को सर्पदंश के मरीजों के लिए अधिक उपयुक्त उपचार चुनने में मदद कर सकते हैं।इसके लिए रसेल वाइपर के जहर की संरचना, उसकी गतिविधि और विषाक्तता को सटीक रूप से समझना जरूरी है। शोधकर्ता यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि जैविक और अजैविक कारक इसके जहर की विशेषताओं को किस तरह प्रभावित करते हैं।सांप के जहर के विषैले प्रभाव उसमें मौजूद विभिन्न एंजाइमों की सांद्रता से जुड़े होते हैं। इनकी मात्रा और गतिविधि जलवायु तथा सांप के शिकार की उपलब्धता जैसे कारकों से प्रभावित हो सकती है।IISc के शोध के अनुसार, वेनम मैप्स ने पहली बार यह दिखाने में मदद की है कि तापमान, आर्द्रता और वर्षा जैसी जलवायु परिस्थितियां रसेल वाइपर के जहर के जैव-रासायनिक कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।AI आधारित यह शोध भविष्य में ऐसे एंटीवेनम के विकास का रास्ता खोल सकता है जो भारत में अलग-अलग क्षेत्रों और कई सांप प्रजातियों के सर्पदंश के उपचार में अधिक व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जा सकें। -
नई दिल्ली। दिल्ली में हरित और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से इन बसों को रवाना किया। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई और कुल बस बेड़ा करीब 6,800 हो गया।
इस अवसर पर दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, लेडीज स्पेशल बस सेवा और डीटीसी के राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। नई 200 इलेक्ट्रिक बसों में 88 बसें 12 मीटर और 112 बसें नौ मीटर की हैं। ये सभी लो-फ्लोर और वातानुकूलित बसें हैं। सरकार ने 2028-29 तक दिल्ली के कुल बस बेड़े को करीब 14,000 बसों तक बढ़ाने और डीटीसी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य रखा है।महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई लेडीज स्पेशल बस सेवा में महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड मार्शल तैनात किए गए हैं। इन बसों का संचालन महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। महिला सुरक्षा को लेकर 3 और 16 जून को हुई समीक्षा बैठकों में उपराज्यपाल ने विशेष बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे।बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस की 112 पीसीआर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से सीधे जोड़ा गया है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर सूचना तेजी से 112 पीसीआर तक पहुंचेगी, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव होगी। राजधानी में कुल 56 समर्पित महिला ई-बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें 15 अधिक मांग वाले मार्गों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 मार्गों पर विश्वविद्यालय छात्राओं के लिए 26 यू-स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। ये सेवाएं सुबह और शाम के व्यस्त समय में संचालित होंगी।दिल्ली और करनाल के बीच पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दोनों दिशाओं में रोजाना 10-10 फेरे निर्धारित किए गए हैं। कश्मीरी गेट से करनाल तक किराया करीब 212 रुपये रखा गया है। बसें सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन से होकर गुजरेंगी।राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया। इसमें 240 किलोवाट क्षमता वाले चार चार्जर हैं, जिनसे इलेक्ट्रिक बसों के अलावा भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और कारों को भी चार्ज किया जा सकेगा। इसके लिए 1,600 केवीए का कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि ‘गति शक्ति’ के तहत बेहतर कनेक्टिविटी, हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना जरूरी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार प्रदूषण कम करने और दिल्लीवासियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार 2028-29 तक बसों की संख्या करीब 14,000 करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ठोस कदमों और बेहतर संचालन के चलते डीटीसी इस साल लाभ में आई है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका समाधान करने के लिए भी करें। राष्ट्रपति ने कहा कि सोशल मीडिया ने नागरिकों के सूचना प्राप्त करने, उसे साझा करने और उस पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
भारतीय सूचना सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलने आए थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका जवाब देने के लिए भी करना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी लोगों तक स्पष्ट, सटीक और समय पर पहुंचे। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसके साथ ही आपकी जिम्मेदारी लोगों की बात सुनने की भी है। आपको जनता की चिंताओं, उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि जनसंचार प्रभावी और नागरिक केंद्रित हो।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से जटिल होते सूचना माहौल में अधिकारियों को तथ्यों और भ्रामक सूचनाओं के बीच अंतर करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘संकट के समय आपको जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए। आज के दौर में जब गलत सूचनाएं बहुत तेजी से फैलती हैं, तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों को सही और प्रमाणिक जानकारी आसानी से और समय पर उपलब्ध हो।’’राष्ट्रपति ने नागरिकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संचार माध्यमों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि लोगों से सार्थक दोतरफा संवाद सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में, जहां सूचनाएं तुरंत फैलती हैं, संचार में हमेशा सटीकता, विश्वसनीयता और जनहित को ध्यान में रखा जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से नवीनतम तकनीकी साधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि नवाचार को नैतिक मूल्यों, मानवीय समझ और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए अपनाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे में जब भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।उन्होंने कहा, ‘‘जानकारी रखने वाला नागरिक विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी कर सकता है। मैं आपसे आग्रह करती हूं कि भारत की समृद्ध विविधता को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ संवाद करें।’’राष्ट्रपति से भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें (प्रशिक्षु आईएसएस को) संबोधित करते हुए कहा कि उनका काम अर्थव्यवस्था और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में तथ्यों पर आधारित नीतियां बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा याद रखें कि हर आंकड़े के पीछे वास्तविक लोग और उनका जीवन होता है। आपको आंकड़ों को नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना चाहिए।’’राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े बेहतर शासन की नींव होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज के आंकड़ा आधारित दौर में प्रभावी सार्वजनिक नीतियां काफी हद तक सटीक, समय पर और विश्वसनीय आंकड़ों की उपलब्धता पर निर्भर करती हैं। भारतीय सांख्यिकी सेवा आधिकारिक आंकड़े तैयार करने, उनका विश्लेषण करने और उनकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये आंकड़े हमारे करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों का आधार बनते हैं।’’उन्होंने कहा कि देश की सांख्यिकी व्यवस्था डिजिटल तकनीक और आंकड़े जुटाने तथा उनके विश्लेषण के नए तरीकों के माध्यम से महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से अधिक त्वरित और विस्तृत जानकारी तैयार करने के नए अवसर मिल रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इन बदलावों के साथ आप पर सांख्यिकीय निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, गोपनीयता और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।’’ मुर्मू ने कहा कि भारतीय सूचना सेवा और भारतीय सांख्यिकी सेवा दोनों का साझा उद्देश्य शासन की गुणवत्ता को मजबूत करना और देश के लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावी संवाद और विश्वसनीय जानकारी जीवंत एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के आवश्यक स्तंभ हैं।’’ राष्ट्रपति ने अधिकारियों से अपने फैसलों में विवेकपूर्ण, व्यवहार में संवेदनशील और ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘आपको मिली जिम्मेदारी के साथ लोगों की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की गहरी जिम्मेदारी जुड़ी है। आपका ज्ञान और कौशल महत्वपूर्ण होगा, लेकिन नागरिकों के प्रति आपका चरित्र, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता ही अंततः आपके योगदान को परिभाषित करेगी।’’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 9,450 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट ने चार मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिससे भारतीय रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और लाखों लोगों को फायदा होगा। इन प्रोजेक्ट्स के कई फायदे होंगे, जैसे- यात्री और माल ढुलाई को मजबूत करना, भीड़-भाड़ कम करना, लॉजिस्टिक्स की बेहतर क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन।इन परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन – 173 किमी (पश्चिम बंगाल और ओडिशा), भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन – 75 किमी (ओडिशा), गुम्मिडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन – 90 किमी (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु), और कटक-पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन – 72 किमी (ओडिशा) शामिल है।बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन के सुव्यवस्थित होने और भीड़भाड़ में कमी आने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश राज्यों के 8 जिलों को कवर करने वाली ये 4 परियोजनाएं भारतीय रेल के वर्तमान नेटवर्क को लगभग 410 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 60 लाख है।प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिसमें कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, मां धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, तलसारी-उदयपुर और चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंगा जगन्नाथ मंदिर, सरला मंदिर, धबलेश्वर मंदिर, ललितगिरि (बौद्ध स्थल) आदि शामिल हैं।प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। भारतीय रेल के पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण यह जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में सहायक होगी। साथ ही, यह तेल आयात (लगभग 13 करोड़ लीटर) को कम करेगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (लगभग 65 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगी, जो 2.60 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है। -
नयी दिल्ली/युवा पीढ़ी 'जेन-जी' तक अपनी पहुंच और पैठ बढ़ाने के एक बड़े प्रयास के तहत, नरेन्द्र मोदी सरकार प्रतिदिन एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय भेजने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं से सीधे संवाद करना, उनकी चिंताओं पर चर्चा करना और देश के समक्ष मौजूद विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह पहल दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में नीट पर्चा लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में सामने आई है। सूत्रों ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि 'एक दिन, एक विश्वविद्यालय' कार्यक्रम के तहत एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। मंत्री वहां छात्रों से बातचीत करेंगे, विभिन्न विषयों पर उनके विचार जानेंगे और खासतौर पर युवाओं तथा छात्रों के लिए चलाई जा रही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों और मंत्रियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि इन दौरों को सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस प्रस्तावित पहल पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि अन्य विश्वविद्यालय डीम्ड या निजी श्रेणी के हैं।













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