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नयी दिल्ली. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ-साथ एशिया में अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए भारत की भूमिका अपरिहार्य । उन्होंने भू-राजनीति में हो रहे व्यापक बदलाव के मद्देनजर दोनों पक्षों के बीच गहरे रक्षा संबंधों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव एलब्रिज कोल्बी ने अनंत केंद्र में अपने संबोधन में भारत-अमेरिका रणनीतिक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं को सूचीबद्ध किया और इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में किसी एक शक्ति का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान को परोक्ष रूप से चीन की तरफ संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''अमेरिका का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने में भारत केंद्रीय भूमिका निभाएगा। इस संदर्भ में, एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत न केवल भारतीय जनता के लिए अच्छा है, बल्कि अमेरिकियों के लिए भी अच्छा है।'' पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कोल्बी की दो दिवसीय नयी दिल्ली यात्रा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, ''सबसे पहली बात तो यह कि प्रभावी सहयोग के लिए अमेरिका और भारत को हर बात पर सहमत होना जरूरी नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हमारे हित और उद्देश्य मूलभूत मुद्दों पर तेजी से एक समान होते जा रहे हैं।'' कोल्बी ने कहा, ''रणनीतिक मामलों पर सामंजस्य और सहयोग को गहरा करने के लिए मतभेद और यहां तक कि विवाद भी पूरी तरह से अनुकूल हैं। हमारी साझेदारी की जड़ें दिखावे से कहीं अधिक गहरी और सतही सौहार्द से कहीं अधिक टिकाऊ हैं; ये स्थायी रणनीतिक और परास्परिक हित में गहराई से निहित हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमारे दोनों देशों को एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र से लाभ होता है जिसमें कोई भी शक्ति इस क्षेत्र पर हावी नहीं हो सकती। दोनों को खुले व्यापार और राष्ट्रीय स्वायत्तता से लाभ होता है।'' कोल्बी ने तर्क दिया कि ये ठोस और साझा हित हमारी स्थायी रणनीतिक साझेदारी की नींव हैं।
अपने दूसरे बिंदु को स्पष्ट करते हुए कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में टिकाऊ संतुलन के लिए सैन्य शक्ति की रणनीतिक केंद्रीयता को पहचानते हैं, और इसलिए रक्षा सहयोग को केवल प्रतीकात्मक या निष्क्रियता से प्रेरित होने के बजाय वास्तविक क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित होना चाहिए। कोल्बी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हवाले से कहा कि दोनों पक्षों के बीच रक्षा संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा औद्योगिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को 'नई गति' मिल रही है। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में अंतिम रूप दिए गए 'प्रमुख रक्षा साझेदारी' ढांचे का भी उल्लेख किया। कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता, सुदृढ़ रसद आपूर्ति, पनडुब्बी रोधी युद्ध और उन्नत प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने तीसरे बिंदु में, अमेरिकी उप सचिव ने सैन्य हार्डवेयर के संभावित सह-उत्पादन और सह-विकास के महत्व पर जोर दिया। कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत को सैन्य बिक्री बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन साथ ही वह नयी दिल्ली की ओर से स्वदेशी रक्षा उद्योग को विकसित करने की महत्वाकांक्षा को भी मान्यता देता है। उन्होंने कहा, ''एक मजबूत घरेलू औद्योगिक आधार संप्रभुता और लचीलेपन को बढ़ाता है। अमेरिका इस उद्देश्य का समर्थन करता है। भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।'' ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ने कहा, ''भारत के पास पहले से ही एक प्रभावशाली रक्षा औद्योगिक आधार है और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में भारत का नेतृत्व हमारे रक्षा सहयोग को और भी व्यापक बनाने में सहायक है।'' कोल्बी ने अपने चौथे बिंदु में कहा कि अमेरिका और भारत हर मुद्दे पर सहमत नहीं होंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी भी असहमति से सहयोग में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई से कहा कि वह राज्य के हर बूथ के लिए ''सूक्ष्म-स्तरीय योजना'' के साथ जनता से संपर्क करे। नवीन ने पार्टी की प्रदेश इकाई से कहा कि ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पार्टी के चुनाव अभियान के केंद्र में स्थानीय मुद्दों को रखा जाए। सूत्रों के अनुसार, नवीन ने कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करते हुए, उनसे चुनाव अभियान को तेज करने और उन निर्वाचन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में पिछड़ गई थी।
नवीन मंगलवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां वे पार्टी की चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगे और विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। ये चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं और इनके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। भाजपा के एक सूत्र ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''नितिन नवीन पश्चिम बंगाल का दौरा सिर्फ पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए नहीं कर रहे हैं। वे अपने राजनीतिक अनुभव से पार्टी के चुनावी अभियान को एक नए 'चक्रव्यूह' में ढालने के लिए आये हैं।" भाजपा अध्यक्ष ने अपने दौरे के पहले दिन, कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक "रणनीतिक बैठकें" कीं और उन्हें राज्य में भाजपा के चुनावी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए, साथ ही उनसे कोई कसर न छोड़ने को कहा। सूत्र ने बताया, "नवीन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए स्थानीय मुद्दों को पार्टी के चुनावी अभियान के केंद्र में रखते हुए, हर बूथ के लिए सूक्ष्म स्तर की योजना के साथ पूरे राज्य में जनसंपर्क को तेज करने को कहा। सूत्रों ने बताया कि नवीन ने पार्टी की डिजिटल और सोशल मीडिया टीम के साथ भी बैठक की और उनसे पश्चिम बंगाल में बदलाव लाने के भाजपा के वादे को हर घर तक पहुंचाकर अपने जनसंपर्क को और अधिक विस्तारित और गहरा करने का आग्रह किया। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पार्टी की रणनीति टीम के साथ बैठक भी की और अपना मार्गदर्शन दिया। बीस जनवरी को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद से नवीन का यह बंगाल का तीसरा दौरा है। सूत्रों ने बताया कि नौ अप्रैल को केरल में मतदान होने के बाद, भाजपा अध्यक्ष पार्टी के चुनाव अभियान और रणनीति का नेतृत्व करने के लिए बंगाल में डेरा डालेंगे। -
नई दिल्ली। ट्रेन टिकट कैंसिल करने से पहले अब जरा संभलकर फैसला लेना होगा। इंडियन रेलवे ने नियमों में ऐसा बदलाव किया है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। यह नई व्यवस्था अप्रैल 2026 के पहले दो हफ्तों में धीरे लागू की जाएगी। ट्रेन के खुलने के 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटेगा और बाकी पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन अगर आप 24 घंटे से 72 घंटे के बीच रद्द करते हैं, तो किराए का 25 फीसदी कटौती होगी। न्यूनतम चार्ज भी लागू रहेगा।
रेलवे का कहना है कि ये बदलाव इसलिए लाया गया है ताकि एजेंट और दलाल पहले से टिकट बुक करके बाद में रद्द कर रिफंड का फायदा न उठा सकें। इससे असली यात्रियों को बेहतर मौका मिलेगा।पिछले साल भी रेलवे ने बुकिंग सिस्टम को और साफ-सुथरा बनाने के लिए कई कदम उठाए थे। अक्टूबर 2025 से जनरल कोटे की रिजर्व्ड टिकट बुकिंग के पहले 15 मिनट में IRCTC वेबसाइट या ऐप पर आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया गया। इसका मकसद ये था कि बॉट्स या एजेंट्स जल्दी-जल्दी टिकट न पकड़ लें और आम आदमी को सीट मिल सके।इससे पहले जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया। अब तत्काल टिकट सिर्फ आधिकारिक IRCTC प्लेटफॉर्म से ही और आधार चेक के बाद ही बुक हो पाते हैं।एजेंट्स पर भी नई पाबंदी लगाई गई। तत्काल बुकिंग के पहले 30 मिनट में उन्हें टिकट बुक करने की इजाजत नहीं है। एसी क्लास के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे तक और नॉन-एसी के लिए 11 से 11:30 बजे तक एजेंट्स टिकट नहीं बुक कर सकते। रेलवे का दावा है कि ये सारे बदलाव यात्रियों को असुविधा से बचाने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए हैं। लेकिन अब यात्रियों को टिकट बुक करते या रद्द करते समय समय का खास ध्यान रखना होगा, वरना पैसे का नुकसान हो सकता है। -
नई दिल्ली । रेल मंत्रालय ने लोको पायलट, गार्ड समेत रनिंग स्टाफ को दिए जाने वाले किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। यह नया भत्ता 1 जनवरी 2024 से ही माना जाएगा। इससे हजारों रेलवे कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रेलवे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद यात्रा से जुड़े भत्तों की गणना दोबारा करने का प्रावधान है। ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन की लंबे समय से चल रही मांग के बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
रेलवे के लोको रनिंग स्टाफ और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ दोनों के लिए किलोमीट्राज अलाउंस और अलाउंस इन ल्यू ऑफ किलोमीट्राज की दरें बढ़ाई गई हैं। प्रति किलोमीटर और 160 किलोमीटर की यात्रा पर मिलने वाला भत्ता अब ज्यादा हो गया है। बाकी सभी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी।लोको रनिंग स्टाफ के नए रेटमेल लोको पायलट: अब 100 किलोमीटर पर 606 रुपये और 160 किलोमीटर पर 969 रुपये मिलेंगे।पैसेंजर लोको पायलट या सीनियर मोटरमैन: 100 किमी पर 600 रुपये, 160 किमी पर 960 रुपये।गुड्स लोको पायलट: 100 किमी पर 594 रुपये, 160 किमी पर 951 रुपये।शंटिंग लोको पायलट ग्रेड-1: 100 किमी पर 461 रुपये, 160 किमी पर 737 रुपये।सेकंड फायरमैन: 100 किमी पर 362 रुपये, 160 किमी पर 579 रुपये।ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के नए रेटमेल एक्सप्रेस गार्ड: 100 किमी पर 549 रुपये, 160 किमी पर 878 रुपये।सीनियर पैसेंजर गार्ड: 100 किमी पर 543 रुपये, 160 किमी पर 869 रुपये।गुड्स गार्ड: 100 किमी पर 537 रुपये, 160 किमी पर 859 रुपये।असिस्टेंट गार्ड या ब्रेकसमैन: 100 किमी पर 305 रुपये, 160 किमी पर 488 रुपये।शंटिंग वाले स्टाफ के लिए अलग और थोड़े कम रेट रखे गए हैं क्योंकि उनकी ड्यूटी छोटी दूरी की होती है। रनिंग स्टाफ की ड्यूटी में लंबे-लंबे घंटे ट्रैक पर बिताने पड़ते हैं। रोजाना सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। महंगाई और बढ़ते खर्च को देखते हुए यह बढ़ोतरी उन्हें थोड़ी राहत देगी। -
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है।इस बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि, “राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारत यथाशीघ्र तनाव कम करने और शांति बहाली का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और सुलभ रहे, पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। पीएम ने बताया कि हम शांति और स्थिरता की दिशा में प्रयासों के संबंध में संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।इससे पहले मंगलवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी। भारत ने हमेशा डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने पर बल दिया है।यह पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत है। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रूट है और हालिया संघर्ष के चलते यहां तनाव बढ़ गया है।एक्स पोस्ट पर सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत भी शामिल थी। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच युद्ध करीब 25 दिन से जारी है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और ब्लॉकेज की वजह से वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल और गैस आयात करता है, इसलिए संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। वहीं पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में संसद को संबोधित करते हुए इस संकट को “चिंताजनक” बताया और कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजरायल, अमेरिका और गल्फ देशों) से लगातार संपर्क में है। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद के रास्ते पर जोर दिया।
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नई दिल्ली। कैंसर की जल्दी पहचान और इलाज को बेहतर बनाने के लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ा रही है। इसी दिशा में भारत सरकार ने कई नई पहलें शुरू की हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत India AI Mission में “कैंसर AI एंड टेक्नोलॉजी चैलेंज (CATCH)” कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत अस्पतालों और टेक्नोलॉजी कंपनियों को मिलकर AI आधारित कैंसर स्क्रीनिंग और जांच के समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। चयनित परियोजनाओं को 50 लाख रुपये तक की शुरुआती फंडिंग और आगे बढ़ने पर 1 करोड़ रुपये तक की मदद दी जाएगी।स्वास्थ्य मंत्रालय ने SAHI (AI in Healthcare Strategy) और BODH (Benchmarking Platform) भी लॉन्च किए हैं। SAHI का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, जबकि BODH प्लेटफॉर्म AI टूल्स को बड़े स्तर पर लागू करने से पहले उनकी जांच करता है।आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत एक “सैंडबॉक्स” प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां डेवलपर्स अपने AI आधारित हेल्थ टूल्स को टेस्ट और इंटीग्रेट कर सकते हैं।इसके अलावा, राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग पोर्टल (NCD Portal) के जरिए कैंसर सहित अन्य बीमारियों की डिजिटल स्क्रीनिंग, जांच और इलाज की पूरी प्रक्रिया को जोड़ा गया है। यह पोर्टल आशा और एएनएम जैसे स्वास्थ्य कर्मियों को मोबाइल और वेब ऐप के माध्यम से मरीजों का डेटा दर्ज करने और उनकी निगरानी करने में मदद करता है।यह पोर्टल ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) से जुड़ा है, जिससे मरीजों का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहता है और इलाज की प्रक्रिया आसान होती है। सरकार ने बताया कि गैर-संचारी रोगों के लिए फंडिंग भी लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों से निपटने में मदद मिल सके। -
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आपराधिक न्याय प्रणाली में झूठी शिकायतों, मनगढ़ंत आरोपों और झूठे सबूतों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होने की संभावना है।याचिका में दावा किया गया है कि मौजूदा कानूनी ढांचा किसी पीड़ित व्यक्ति या विक्टिम को झूठी शिकायतों और मनगढ़ंत सबूतों के आधार पर कार्रवाई शुरू करने से रोकता है, जब तक कि उसे अदालत से पहले से मंजूरी न मिल जाए। इस तरह यह जवाबदेही के रास्ते में एक ढांचागत रुकावट पैदा करता है।इसमें यह तर्क दिया गया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 215 और 379 की शाब्दिक व्याख्या ने कई दंडात्मक प्रावधानों को निष्प्रभावी बना दिया है, जिससे अपराधियों को पुलिस थानों में झूठी एफआईआर की बाढ़ लाने और अदालतों पर झूठे मामलों, झूठे आरोपों, झूठी जानकारियों, झूठे प्रमाणपत्रों, झूठे बयानों और झूठे सबूतों का बोझ डालने की छूट मिल गई है। इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर करते हुए याचिका में यूपी के फतेहपुर जिले की एक घटना का जिक्र किया गया है, जहां कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाए जाने की धमकियों का सामना करने के बाद एक परिवार ने आत्महत्या कर ली थी। याचिका में आगे कहा गया है कि जनता को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है, क्योंकि झूठे मामलों की वजह से बेकसूर नागरिक आत्महत्या कर रहे हैं।पीआईएल में यह तर्क दिया गया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के रिकॉर्ड में झूठी शिकायतों और झूठी गवाही के मामलों पर खास डेटा की कमी, इस मुद्दे से निपटने में एक सिस्टम से जुड़ी कमी को दिखाती है। याचिकाकर्ता के अनुसार, पुलिस थानों में झूठी एफआईआर की बाढ़ आ गई है, जबकि अदालतों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि झूठे आरोप झेल रहे लोगों को लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है, उनकी बदनामी होती है। साथ ही, उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।याचिका में आगे कहा गया कि पीड़ित व्यक्ति को झूठे आरोपों से होने वाली बदनामी, लंबी कानूनी लड़ाई और आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि उसे खुद शिकायतकर्ता के तौर पर कार्रवाई करने का मौका नहीं मिलता। इस याचिका में बीएनएसएस की धारा 215 और 379 की उद्देश्यपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण व्याख्या की मांग की गई है, ताकि पीड़ितों को अदालत की अनुमति से गलत जानकारी, झूठे सबूत और झूठी गवाही से जुड़े अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने में मदद मिल सके। इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बीएनएसएस का उद्देश्य मौजूदा कानूनी स्थिति के कारण कमजोर पड़ रहे हैं। यह कहते हुए कि आपराधिक कानून का बेरोकटोक दुरुपयोग मौलिक अधिकारों के लिए खतरा है, याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया गया कि वह कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग को रोकने और निर्दोष नागरिकों को दुर्भावनापूर्ण मुकदमों से बचाने के लिए हस्तक्षेप करे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद के उच्च सदन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे बनी परिस्थितियों से हम सभी परिचित हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामान के रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार की कोशिश है कि ईंधन के किसी एक ही स्रोत पर ज्यादा निर्भरता ना रहे। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है। बीते दशक में देश में पीएनजी कनेक्शन पर अभूतपूर्व काम हुआ है। बीते दिनों में इस काम को और तेज किया गया है। साथ ही, एलजी के घरेलू उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने आगे कहा, “कोई भी संकट हो, वह हमारे हौसलों और हमारे प्रयासों दोनों की परीक्षा लेता है। देश ऐसे संकटों का बेहतर तरीके से सामना कर सके, इसके लिए बीते 11 वर्षों में निरंतर निर्णय लिए गए हैं। एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्सिफिकेशन ऐसे ही प्रयासों का हिस्सा है। पहले क्रूड ऑयल, एलएनजी, एलपीजी, ऐसी एनर्जी जरूरतों के लिए 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था। वहीं आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट कर रहा है। बीते दशक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारों को भी प्राथमिकता दी है। हमारी तेल कंपनियां संकट के समय के लिए काफी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का भंडार रखती हैं। बीते 11 वर्षों में 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक तक स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व भी डेवलप किया गया है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक के रिजर्व की व्यवस्था पर देश काम कर रहा है। साथ ही, बीते दशक में भारत की रिफायनिंग कैपेसिटी भी अच्छी-खासी बढ़ाई गई है। मैं आपके माध्यम से सदन को और देश को या यह देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल के पर्याप्त स्टोरेज के और निरंतर सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं।”प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि हर सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम से कम हो। हम ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। जैसे भारत का 90% से अधिक तेल विदेशी जहाजों पर होता है, यह स्थिति किसी भी वैश्विक संकट में भारत की स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। इसलिए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए करीब 70000 करोड़ रुपए का अभियान शुरू किया है। भारत आज शिप बिल्डिंग, शिप ब्रेकिंग, मेंटेनेंस एंड ओवरहालिंग, ऐसी हर सुविधा का निर्माण पर तेज गति से कम कर रहा है।उन्होंने आगे कहा, “भारत अपने डिफेंस सेक्टर को भी अधिक रेसिलियंट बना रहा है। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत आज अपनी जरूरत के अधिकांश हथियार भारत में ही बना रहा है। एक समय था, जब भारत अपने जीवन रक्षक दावों के कच्चे माल यानी API के लिए भी दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भर था। बीते वर्षों में देश ने भारत में ही API इकोसिस्टम बनाने के लिए अनेक प्रयास किए हैंं। इसी प्रकार रेयर अर्थ मिनिरल्स में विदेशी निर्भरता को कम करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।”पीएम मोदी ने कहा कि जैसा कि हम देख रहे हैं, इस युद्ध को लेकर पल-पल में हालात बदल रहे हैं। इसलिए मैं देशवासियों से भी कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा। इस युद्ध के दुष्प्रभावों के लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है। लेकिन मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं, सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है, हर निर्णय ले रही है। देश की जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है। -
नई दिल्ली। आगामी चुनावों को लेकर तैयारियां तेज करते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करने के लिए अहम बैठक आयोजित की। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिंसा-मुक्त, धमकी-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में चुनाव वाले 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनसे सटे 12 सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, सीईओ, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य चुनाव तैयारियों की समीक्षा और आपसी समन्वय को और बेहतर बनाना था।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी के साथ असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी आम चुनाव तथा छह राज्यों में उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।बैठक में कानून-व्यवस्था, अवैध नकदी, शराब, नशीले पदार्थों और हथियारों की जब्ती, अंतरराज्यीय चेक पोस्ट और व्यय संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर सीमाएं सील करने के निर्देश दिए गए, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राज्यों से कहा कि वे चुनाव वाले राज्यों को हर संभव सहयोग दें, ताकि प्रलोभन और हिंसा से मुक्त मतदान सुनिश्चित किया जा सके।आयोग ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आयकर विभाग, सीजीएसटी और राजस्व खुफिया निदेशालय सहित कई केंद्रीय एजेंसियों को चुनाव से पहले कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इन एजेंसियों को खुफिया सूचनाओं के आधार पर अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स और हथियारों की अधिकतम जब्ती सुनिश्चित करने को कहा गया है।इसके अलावा, चुनाव आसूचना संबंधी बहुविभागीय समिति के साथ भी बैठक की गई, जिसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। -
नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को बताया कि एलपीजी से भरे दो जहाज – पाइन गैस और जग वसंत- सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पाइन गैस जहाज 27 मार्च को न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी है।
जबकि, जग वसंत जहाज 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है। इसके अलावा, 20 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद हैं। इससे पहले, जहाज ट्रैकिंग डेटा में दिखाया गया था कि दोनों जहाजों को सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में आमतौर पर करीब 14 घंटे का समय लगता है।यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे यह अहम समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की थी, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवैस से अपना कार्गो लिया था। तनाव के कारण ये जहाज पहले फंसे हुए थे, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है।इस महीने की शुरुआत में भी दो अन्य भारतीय जहाज इसी रास्ते से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वैश्विक तेल संकट से देश के लोगों को बचाने के लिए कई कदम उठा रही है और ऊर्जा सप्लाई के अंतरराष्ट्रीय रास्तों को सुचारू रखने की कोशिश कर रही है।राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए उन्होंने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया, खासकर ईंधन परिवहन और समुद्री मार्गों में। उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों को वैश्विक झटकों से बचाने का एकमात्र उपाय आत्मनिर्भरता है। वर्तमान में भारत का करीब 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जिससे हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट या युद्ध के समय स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 70,000 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय जहाजों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दुनिया जिस गंभीर स्थिति से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से देश हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। 'टीवी9 नेटवर्क समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में भी, दुनिया भर के कई देश भारत की नीति और रणनीति एवं उसकी ताकत को देखकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही है, वे बेहद चिंताजनक हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है और उनका प्रभाव विश्व भर में दिखाई दे रहा है, ऐसे में भारत और दुनिया पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा, "कोविड-19 महामारी के बाद भी चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता, जिसने भारत और भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है।" मोदी ने कहा कि पिछले 23 दिनों में जब से पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ है, भारत ने रिश्ते बनाने, निर्णय लेने और संकट से निपटने में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ''ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक और 'ग्लोबल साउथ' से लेकर अपने पड़ोसियों तक असाधारण पुल बनाने में कामयाबी हासिल की है। आज भारत सभी के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़ा है।'' 'ग्लोबल साउथ' का इस्तेमाल दुनिया के विकासशील या कम विकसित देशों के लिए किया जाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और चुनौतियों को टालने के बजाय उनका डटकर सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, ''लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं। मेरा जवाब है कि हम भारत के साथ खड़े हैं। हम भारत के हितों के साथ खड़े हैं। हम शांति और संवाद के साथ खड़े हैं।'' पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब राजनीति में व्यक्तिगत हित हावी हो जाते हैं, तो लोग देश के भविष्य के बजाय अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा, ''2004 से 2014 के बीच क्या हुआ? कांग्रेस शासन के दौरान, भारत को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने राष्ट्र कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय सत्ता बनाए रखने को प्राथमिकता दी।'' मोदी ने कहा कि उस समय सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया था कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दुनिया जिस गंभीर स्थिति से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से देश हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। 'टीवी9 नेटवर्क समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में भी, दुनिया भर के कई देश भारत की नीति और रणनीति एवं उसकी ताकत को देखकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही है, वे बेहद चिंताजनक हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है और उनका प्रभाव विश्व भर में दिखाई दे रहा है, ऐसे में भारत और दुनिया पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा, "कोविड-19 महामारी के बाद भी चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता, जिसने भारत और भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है।" मोदी ने कहा कि पिछले 23 दिनों में जब से पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ है, भारत ने रिश्ते बनाने, निर्णय लेने और संकट से निपटने में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ''ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक और 'ग्लोबल साउथ' से लेकर अपने पड़ोसियों तक असाधारण पुल बनाने में कामयाबी हासिल की है। आज भारत सभी के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़ा है।'' 'ग्लोबल साउथ' का इस्तेमाल दुनिया के विकासशील या कम विकसित देशों के लिए किया जाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और चुनौतियों को टालने के बजाय उनका डटकर सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, ''लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं। मेरा जवाब है कि हम भारत के साथ खड़े हैं। हम भारत के हितों के साथ खड़े हैं। हम शांति और संवाद के साथ खड़े हैं।'' पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब राजनीति में व्यक्तिगत हित हावी हो जाते हैं, तो लोग देश के भविष्य के बजाय अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा, ''2004 से 2014 के बीच क्या हुआ? कांग्रेस शासन के दौरान, भारत को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने राष्ट्र कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय सत्ता बनाए रखने को प्राथमिकता दी।'' मोदी ने कहा कि उस समय सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया था कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा।--
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरे के दौरान नवीन पार्टी की डिजिटल, सोशल और जमीनी स्तर पर पहुंच को मजबूत करने के लिए राज्य इकाई के नेताओं के साथ कई "उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकों" की अध्यक्षता करेंगे। पार्टी ने बताया, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कल (मंगलवार) पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे, जहां वह चुनाव तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे।"पार्टी ने बताया कि अपने इस दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष पार्टी की डिजिटल, सोशल और जमीनी स्तर की पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकें करेंगे। भाजपा ने कहा कि नवीन सोमवार को कोलकाता में हावड़ा और हुगली जोन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपने "मैराथन सत्रों" की शुरुआत करेंगे। भाजपा ने कहा कि बुधवार को नवीन राज्य की समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। पार्टी ने कहा, "इसके बाद वह कोलकाता के साल्ट लेक स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय में भाजपा की राज्य चुनाव प्रबंधन टीम से मिलेंगे और बूथ स्तर की तैयारियों और चुनाव व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करेंगे।" भाजपा ने बताया कि नवीन पार्टी की राज्य इकाई के विभिन्न इकाइयों जिनमें महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा और धार्मिक संगठन शामिल हैं, से भी बातचीत करेंगे। पार्टी ने बताया कि बुधवार को भाजपा अध्यक्ष राज्य कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ "रणनीतिक चर्चा" करेंगे।--
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और एक संस्था हैं। मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक 8,931 दिन पूरे किए हैं। चौहान ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि मोदी अब भारत में निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक कार्यरत प्रमुख बन गए हैं और उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता चौहान ने मोदी को देश के लिए अथक परिश्रम करने वाला और सार्वजनिक जीवन में समर्पण का उदाहरण पेश करने वाला नेता बताया।उन्होंने भाजपा मुख्यालय में कहा, "मोदी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार, एक संस्था हैं। सार्वजनिक पद पर सबसे अधिक दिन बिताना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इससे भी अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में जनकल्याण के प्रति अथक प्रतिबद्धता दिखाई है।" चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों के पीछे राष्ट्रवाद ही मूल प्रेरक शक्ति रही है। उन्होंने कहा, ''हर भूमिका में, मैंने उनमें जो मूल प्रेरणा देखी है, वह राष्ट्रवाद है – राष्ट्र प्रथम, राष्ट्र सर्वोपरि। वे भारत माता के सच्चे भक्त और जनता के सेवक हैं। यही उनके कार्यों की मूलभूत प्रेरणा है।" चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार और जनता में निराशा के दौर में मोदी "विश्वास के प्रतीक" के रूप में उभरे।उन्होंने कहा, "मुझे 2011-13 के वे काले दिन याद हैं, जब घोटाले और भ्रष्टाचार व्यापक थे और लोग निराश थे। उस अंधकार में नरेन्द्र मोदी आस्था और विश्वास के प्रतीक बनकर उभरे।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यह विश्वास व्याप्त गया कि 'अच्छे दिन आने वाले हैं'। 2014 में, दुनिया ने आश्चर्य से देखा कि उनके (मोदी) नेतृत्व में एक ही पार्टी ने बहुमत के साथ सरकार बनाई।" उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के एक नए चरण की शुरुआत हुई, जिससे लोगों को यह विश्वास हो गया कि "अगर मोदी हैं, तो सबकुछ संभव है।" चौहान ने कहा, "जो कभी असंभव लगता था, वह अब संभव होने लगा है – राजमार्ग, हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेलवे, मेट्रो और बुलेट ट्रेन पर चर्चा।" सरकार की प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि कई योजनाओं ने निवेश और कल्याण को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा, "मेक इन इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने निवेश, आशा और विश्वास का एक नया वातावरण बनाया है।" उन्होंने महिला सशक्तीकरण के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए शिक्षा, कल्याणकारी योजनाएं और आर्थिक सशक्तीकरण की पहल जैसे 'लखपति दीदी' कार्यक्रम शुरू किए गए।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "तीन करोड़ का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया गया है और अब लक्ष्य 6 करोड़ है। महिला सशक्तीकरण एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसमें विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।" राष्ट्रीय सुरक्षा पर चौहान ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' और हवाई हमले सहित कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "हम दुनिया के प्रति मित्रवत हैं, लेकिन दृढ़ हैं। अच्छाई के लिए फूल की तरह कोमल और दुश्मनों के लिए वज्र की तरह कठोर। नक्सलवाद का अंत निकट है।" प्रमुख राजनीतिक निर्णयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो मुद्दे कभी नारे मात्र माने जाते थे, वे अब साकार हो चुके हैं।उन्होंने कहा, "एक कार्यकर्ता के रूप में, मुझे वे नारे याद हैं जो हम लगाया करते थे – 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे'। उस समय, यह सिर्फ एक नारा लगता था। यहां तक कि 'हम राम मंदिर बनाएंगे' भी दूर की बात लगती थी।" उन्होंने कहा, "लेकिन आज, देश और दुनिया ने देखा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और अनुच्छेद 370 निरस्त हो चुका है। जो असंभव लगता था, वह संभव हो गया है।" भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी लोगों से सीधे जुड़ते हैं। चौहान ने मोदी को ''समाज सुधारक'' और ''असाधारण श्रोता'' बताया। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध, मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना मोदी के नेतृत्व में पूरा होगा। चौहान ने यह भी कहा कि इतिहास चक्रों में चलता है और लंबे समय के बाद ही मोदी जैसे नेता जन्म लेते हैं।--
- चंडीगढ़. झारखंड झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में सोमवार को एक कैंटर-ट्रक ने ब्रेक फेल होने के बाद दो पैदल यात्रियों और एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी जिससे उनकी मौत हो गई जबकि हादसे में चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, ट्रक दिल्ली के किर्ती नगर से आ रहा था तभी हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में यह दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना में ट्रक ने दो पैदल यात्रियों (बिहार के छपरा के रहने वाले एक व्यक्ति और उसके भतीजे) को टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौत हो गई।पुलिस के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, "इसके बाद बहादुरगढ़ के सेक्टर नौ पुराने बाईपास रोड की ओर जाते समय ट्रक ने एक ऑटो रिक्शा और उससे आगे चल रहे एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी। इस घटना में मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि उसपर पीछे बैठा व्यक्ति घायल हो गया।" कैंटर ट्रक की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों में एक महिला भी शामिल है जिसे रोहतक के पीजीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि "पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि उसके वाहन के ब्रेक फेल हो गए थे। इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।"
- नई दिल्ली। कतर एयरवेज ने 20 से 22 मार्च के बीच भारत के विभिन्न शहरों के लिए कई उड़ानें संचालित कीं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों की आवाजाही सुनिश्चित हुई। इसी के साथ, दूतावास ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की है। कतर एयरवेज ने बीते दो दिनों में भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए 25 उड़ानें संचालित कीं। इस दौरान लगभग 7,750 भारतीय नागरिकों ने यात्रा की। दूतावास ने भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि वे कतर के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों और सलाहों का बारीकी से पालन करें और उनका अनुपालन करें। स्थानीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि कार्यस्थलों पर सक्षम अधिकारियों और सुरक्षा और संरक्षा टीमों के निर्देशों का पालन करने से इमारतों के भीतर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।दूतावास ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भौतिक कक्षाओं को धीरे-धीरे फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों का प्रयास जारी है। दूतावास ने लोगों से आग्रह किया कि आपातकालीन प्रक्रियाओं से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिसमें शैक्षणिक परिसरों के भीतर ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (सुरक्षित स्थान पर रुकने) के उपाय भी शामिल हैं।राजदूत ने उन अभिभावकों के एक समूह से मुलाकात की, जो जेईई और एनईईटी परीक्षाओं में बैठने वाले भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस संबंध में दूतावास भारत में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के साथ निकटता से समन्वय कर रहा है और सभी संबंधित पक्षों को घटनाक्रमों/अपडेट्स के बारे में सूचित करता रहेगा।वहीं, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 24 मार्च को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली 24 निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी।दोनों एयरलाइंस जेद्दाह से आने-जाने वाली अपनी-अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखेंगी, जिसमें भारत और जेद्दाह के बीच कुल दस उड़ानें शामिल होंगी। इनमें से एयर इंडिया दिल्ली से एक और मुंबई से दो वापसी उड़ानें संचालित करेगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस हैदराबाद और कोझिकोड से एक-एक उड़ान संचालित करेगी। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट से आने-जाने वाली चार निर्धारित उड़ानें संचालित करेगी, जिसमें दिल्ली और मुंबई से सेवाएं शामिल हैं।निर्धारित सेवाओं के अलावा, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने-जाने वाली कुल दस गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी। यह उस समय प्रस्थान स्टेशनों पर स्लॉट की उपलब्धता और अन्य मौजूदा स्थितियों पर निर्भर करेगा। ये उड़ानें संबंधित भारतीय और स्थानीय नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियों के साथ संचालित की जा रही हैं।
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नयी दिल्ली/ दिल्ली सरकार की ओर से तीन बिजली वितरण कंपनियों को 38,000 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान की तैयारी किए जाने के बीच राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल से बिजली की दरों में वृद्धि होने की संभावना है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने हालांकि, बताया कि सरकार उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए बिजली शुल्क में वृद्धि पर रियायत देने की योजना बना रही है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में निर्देश दिया था कि नियामकीय संपत्तियां जिनमें 27,200 करोड़ रुपये की वहन लागत भी शामिल है, दिल्ली की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल को सात वर्षों में दीं जाए। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने जनवरी में केंद्रीय एजेंसी, विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) को सूचित किया था कि दिल्ली में कुल नियामक परिसंपत्तियां 38,552 करोड़ रुपये हैं। डीईआरसी ने कहा कि वसूली में देरी के कारण ब्याज जमा होने से मूल विनियामक परिसंपत्ति राशि में वृद्धि हुई है। अदालत ने डीईआरसी को वसूली योजना तैयार करने, वहन लागत (ब्याज) का हिसाब रखने और लागत वसूली में हुई लंबी देरी का स्पष्टीकरण देने वाला विस्तृत ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया था। यह वसूली सात वर्षों की अवधि में बिजली बिलों में नियामक परिसंपत्ति अधिभार बढ़ाकर की जाएगी। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पिछले साल मार्च में कहा था कि वितरण कंपनियों को विनियामक परिसंपत्तियों के रूप में जमा हुए 27,000 करोड़ रुपये वसूलने के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए सजग और तत्पर है। उन्होंने सदन में दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं हो तथा देश के नागरिकों को परेशानी नहीं हो। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। उन्होंने कहा कि हर संभव माध्यम से पेट्रोल और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भी प्रासंगिक हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा हो गया है तथा सभी देशों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''इस युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये (चुनौतियां) न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय भी हैं।''
- मथुरा (उप्र) ।मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से रामनवमी पर भगवान श्रीराम को अर्पण करने के लिए प्रसाद सोमवार सुबह अयोध्या भेजा गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि 11 मन (440 किलोग्राम) धनिया की पंजीरी, सवा मन (50 किलोग्राम) लड्डू तथा वस्त्र, फल आदि साम्रगी एक सजे-धजे वाहन में अयोध्या भेजी गई और इस दौरान भजन-कीर्तन में संस्थान के सदस्यों एवं भक्तजन ने भाग लिया। शर्मा ने बताया कि रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से भगवान का भोग लगाया जाएगा। रामनवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा।
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चेन्नई. हॉकी की बेहतरीन कवरेज के लिये मशहूर वरिष्ठ खेल पत्रकार एस त्यागराजन का सोमवार को यहां बढती उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण निधन हो गया । वह 85 वर्ष के थे । छह ओलंपिक और नौ एशियाई खेल कवर कर चुके त्यागराजन 1962 से 2013 तक 'द हिंदू' समाचार पत्र के लिये काम करते रहे । उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत 1961 में 'द इंडियन एक्सप्रेस' से की थी । 'द हिंदू' के खेल संपादक केसी विजय कुमार ने एक्स पर लिखा ,'' द हिंदू के लिये कई दशक तक काम करने वाले हॉकी पत्रकारिता के दिग्गज वरिष्ठ खेल संवाददाता एस त्यागराजन का निधन । त्यागराजन अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) और एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) की मीडिया और संचार से जुड़ी कई समितियों में भी रहे । वह भारतीय खेल पत्रकार संघ और तमिलनाडु खेल पत्रकार संघ के भी पूर्व अध्यक्ष रहे ।
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नयी दिल्ली. मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होने की मांग करते हुए सोमवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। ''यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है।'' उन्होंने कहा ''उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है।'' उन्होंने कहा ''विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है।'' चड्ढा ने कहा कि आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है।
आप सांसद ने मांग की कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। ''यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है।'' उन्होंने कहा कि माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को 'डिजिटल संपत्ति' माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।
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नयी दिल्ली. दुर्लभ किस्म के कैंसर से पीड़ित और खाना निगलने में असमर्थ 14 वर्षीय एक लड़की को शहर के एक अस्पताल में नया जीवन मिला है। इस बीमारी की वजह से लड़की का दैनिक जीवन और पोषण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। चिकित्सकों ने किशोरी के 'सिग्नेट रिंग सेल कार्सिनोमा' नामक कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया। यह कैंसर उस जगह था, जहां भोजन नली पेट से मिलती है।
चिकित्सकों ने एक बयान में बताया कि लड़की का रोजमर्रा का जीवन काफी तकलीफदेह हो गया था और उसे जांच के लिए द्वारका के मणिपाल अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि बायोप्सी सहित कई नैदानिक परीक्षणों से उसके दुर्लभ कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के अध्ययनों के अनुसार, पेट और भोजन नली का कैंसर, विश्व स्तर पर काफी मामले सामने आते हैं लेकिन बाल रोगियों में इसका होना अत्यंत दुर्लभ है। कम उम्र के रोगियों में इस तरह के कैंसर अक्सर स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य जीवनशैली या पर्यावरणीय जोखिम कारकों के बिना विकसित होते हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उपचार प्रक्रिया के तहत लड़की को सर्जरी से पहले पांच बार कीमोथेरेपी दी गयी।
मणिपाल कॉम्प्रीहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के प्रमुख डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास के नेतृत्व में ऑन्कोलॉजी टीम ने रोबोटिक सर्जरी द्वारा पेट के प्रभावित हिस्से को आसपास के लिम्फ नोड्स से हटा दिया। इस उन्नत प्रक्रिया की बदौलत टीम ट्यूमर को हटाने में सफल रही और साथ ही आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को भी सुरक्षित रख पाई। इस मामले में, डॉ. डबास ने पाया कि मरीज पर सर्जरी से पहले की कीमोथेरेपी का अच्छा असर हुआ जिससे चिकित्सकों को उन्नत सर्जिकल उपचार शुरू करने में मदद मिली। रोबोटिक सर्जरी अधिक सटीकता, बेहतर दृश्यता और बेहतर परिणाम देती है, खासकर ऐसे नाजुक क्षेत्रों में। -
फूलबाणी. सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान ओडिशा के कंधमाल जिले में कथित तौर पर माओवादियों द्वारा संचालित तमंचा बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। बल्लीगुडा के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) शुभम भोसले ने बताया कि जिले के बल्लीगुडा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों ने शनिवार को बामुनिगांव थाना क्षेत्र के पनास्पदर गांव में छापेमारी अभियान के दौरान इस फैक्टरी का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, बीएसएफ कर्मियों ने मौके से कुछ तैयार बंदूक, बैरल, कटर और बंदूक निर्माण के अन्य पुर्जे जब्त किए। पुलिस ने बताया कि कंधमाल जिले के दरिंगबाड़ी, कोटागढ़, तुमूदीबांधा, बामुनिगम और अन्य थाना क्षेत्रों में पिछले सप्ताह से ही तलाशी अभियान तेज कर दिया गया था, ताकि केकेबीएन (कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़) समूह से जुड़े कट्टर माओवादी सुक्रू और उसके साथियों को पकड़ा जा सके। पुलिस के मुताबिक, विशेष अभियान समूह (एसओजी), बीएसएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य बलों के सुरक्षाकर्मियों को संगठित तरीके से माओवादी विरोधी अभियान में लगाया गया है, ताकि इस महीने के अंत तक माओवादियों का सफाया करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
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नयी दिल्ली. यूनेस्को के 'वैश्विक शिक्षा निगरानी' (जीईएम) दल ने बताया कि कक्षाओं में ध्यान केंद्रित करने में कमी और ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) के मामलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आधे से अधिक देशों ने स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। दल ने पाया कि सोशल मीडिया के उपयोग से खान-पान संबंधी विकार से पीड़ित होने की संभावना लड़कों की तुलना में लड़कियों में दोगुना होती है। फेसबुक के एक शोध के अनुसार, इंस्टाग्राम के उपयोग के बाद 32 प्रतिशत किशोरियों में अपने शरीर को लेकर असंतोष की भावना बढ़ गई। रिपोर्ट में टिकटॉक के 'एल्गोरिदम' को लेकर चिंताजनक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह किशोरों को हर 39 सेकंड में 'शारीरिक छवि' से जुड़ी साम्रागी दिखाता है और हर आठ मिनट में खान-पान से जुड़े विकारों से संबंधित सामग्री दिखाता है। जीईएम के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया, "हालिया वैश्विक निगरानी से पता चलता है कि फिलहाल 114 शिक्षा प्रणालियों में स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू है, जो दुनिया के 58 प्रतिशत देशों का प्रतिनिधित्व करता है। यह विस्तार काफी तेज रहा है। जून 2023 में, जब 2023 की जीईएम रिपोर्ट में पहली बार इसका आकलन किया गया था, तब 24 प्रतिशत से भी कम देशों में ऐसे प्रतिबंध थे। वर्ष 2025 की शुरुआत तक यह बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया और मार्च 2026 तक इस आंकड़े में लगभग 20 प्रतिशत और बढ़ोतरी हो गई। अधिकारी ने कहा, "स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए जाने के मामलों में बढ़ोतरी कक्षाओं में बच्चों के ध्यान में कमी, ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) और बच्चों पर डिजिटल माहौल के व्यापक प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है। हालांकि, वैश्विक परिदृश्य केवल प्रतिबंध की ओर साधारण बदलाव से कहीं अधिक जटिल है। उन्होंने बताया कि 2025 के अंत से कई देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू किया है, जिससे इस प्रवृत्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई है। हाल के समय में बोलीविया, कोस्टा रिका, क्रोएशिया, जॉर्जिया, मालदीव और माल्टा जैसे देश इस सूची में शामिल हुए हैं। फ्रांस उन देशों में शामिल है जहां इस मुद्दे पर बहस अब भी जारी है। यहां स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर शुरुआती और व्यापक रूप से उद्धृत प्रतिबंधों में से एक लागू किया गया था, जिसके तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में फोन के उपयोग पर रोक है। जीईएम की रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या और अधिक विनियमन की आवश्यकता है। फ्रांसीसी संसद में विचाराधीन एक विधायी प्रस्ताव का उद्देश्य स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को नियंत्रित करने वाले अधिक विशिष्ट नियम स्थापित करना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में यह प्रतिबंध पूरे स्कूल समय या कक्षा के भीतर लागू होता है, जबकि कुछ व्यवस्थाओं में केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए या विशेष परिस्थितियों (जैसे दिव्यांग या बीमार छात्रों) में ही फोन के उपयोग की अनुमति दी जाती है, या फिर फोन बंद करके सुरक्षित रखने की शर्त होती है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी सरकारें पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं। कुछ देशों ने हाल ही में ऐसे राष्ट्रीय दिशा-निर्देश अपनाए हैं, जिनके तहत स्कूलों को फोन का उपयोग सीमित करने की नीतियां बनाने के लिए कहा गया है, लेकिन सख्त राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कोमोरोस, कोलंबिया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, आइसलैंड, पेरू, इंडोनेशिया, सर्बिया, पोलैंड और फिलीपींस ऐसे देशों में शामिल हैं। इसके अलावा, कई जगहों पर राज्य या क्षेत्रीय स्तर पर भी बहस जारी है, जहां सरकारें राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और स्कूलों की स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। जिन देशों में शिक्षा प्रणाली विकेंद्रीकृत है, वहां प्रतिबंध अक्सर पहले क्षेत्रीय या स्थानीय स्तर पर लागू किए जाते हैं। अमेरिका में कोई राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसके 39 राज्यों ने प्रतिबंध या नियम लागू किए हैं जिनके तहत स्कूलों को कक्षाओं में फोन के उपयोग को प्रतिबंधित करने वाली नीतियां अपनानी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सफलता के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य बेहद अहम है और इस पर सोशल मीडिया का प्रभाव खासकर लड़कियों में अधिक स्पष्ट रूप से देखा गया है। इसमें कहा गया है कि 10 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग का संबंध आगे चलकर सामाजिक-भावनात्मक समस्याओं में वृद्धि से जुड़ा है, जबकि लड़कों में ऐसा रुझान नहीं देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी कारण कुछ देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी लागू की है या उस पर विचार कर रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन जैसे देश शामिल हैं, जबकि डेनमार्क, चेक गणराज्य और इंडोनेशिया में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
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जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और आईआईटी-रुड़की ने शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को एनआईटी-जमशेदपुर के निदेशक गौतम सूत्रधार और आईआईटी-रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रमुख संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है।
बयान में बताया गया कि इससे संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, संयुक्त पीएचडी पर्यवेक्षण, छात्र व संकाय विनिमय कार्यक्रमों, इंटर्नशिप के अवसरों और 'स्टार्टअप इनक्यूबेशन' पहल को बढ़ावा मिलेगा।



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