- Home
- देश
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य में 15 अक्टूबर से बेची जाने वाली मिठाइयों पर 'यूज बाई डेट' यानी उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था विशेष रूप से खुली मिठाइयों को लेकर महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक इनके संबंध में उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करने का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं था। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, पिछले कुछ समय में मिठाई निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों में की गई प्रवर्तन एवं निरीक्षण कार्रवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को मिठाई के निर्माण की तारीख और उसके इस्तेमाल की समय सीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे में उपभोक्ता मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी और उपयोग अवधि के बारे में सही निर्णय नहीं ले पाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मिठाई की उपयोग अवधि उसकी प्रकृति और प्रकार के आधार पर अलग-अलग होती है।उन्होंने बताया कि अलग-अलग मिठाइयों की उपयोग अवधि एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। डॉ. रोशन ने बताया कि विभाग का मानना है कि मिठाई की 'यूज बाई डेट' स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने से उपभोक्ता को यह जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित खाद्य पदार्थ का सेवन किस अवधि तक करना उचित है। उन्होंने बताया कि इससे खाद्य पदार्थ की ताजगी और गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता अधिक जागरूक निर्णय ले सकेगा। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत पैक्ड मिठाइयों पर पहले से ही 'यूज बाई डेट' अंकित करना अनिवार्य है लेकिन खुली मिठाइयों के संबंध में ऐसी जानकारी प्रदर्शित करने का कोई स्पष्ट अनिवार्य प्रावधान नहीं था। उन्होंने बताया कि अब यह व्यवस्था खुली मिठाइयों पर भी लागू की जाएगी।
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक और प्रशासनिक खामियों को लेकर हुए बड़े विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के नए कार्यालय में कामकाज शुरू होने पर ''गोपनीय क्षेत्रों'' में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मी तैनात किए जाएंगे। यह कदम इस साल की शुरुआत में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-स्नातक का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उठाया गया है। इस मामले को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल के गठन की घोषणा की थी। इस समिति ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। प्रश्नपत्र लीक मामले में दायर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र में तीन विषय विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र लीक का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि एनटीए के गोपनीय विभाग में प्रवेश या बाहर निकलने के दौरान विशेषज्ञों की कोई जांच या तलाशी नहीं होती थी। आरोप पत्र के अनुसार इससे विशेषज्ञों को छोटे कागज के टुकड़ों पर प्रश्नपत्रों के सवाल लिखकर ले जाने का मौका मिला। साल 2017 में निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकीकृत परीक्षाएं कराने के लिए स्थापित एनटीए में अब तक ओखला स्थित इसके कार्यालय से कामकाज किया जा रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में 55 हजार वर्ग फुट से अधिक का एक समर्पित कार्यालय परिसर है। इस इमारत की पूरी पांचवीं मंजिल और चौथी तथा छठी मंजिल की कुछ जगह एनटीए को दी गई है। पिछले एक महीने में गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है।'' सीबीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तीनों आरोपी विशेषज्ञों की हरकतों का इसलिए पता नहीं चल पाया क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित एनटीए कार्यालय में सीसीटीवी लाइव फीड की निगरानी के लिए कोई अलग नियंत्रण कक्ष नहीं था। नए परिसर में निगरानी की योजना के बारे में अधिकारी ने कहा, ''भवन में गोपनीय क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां आवाजाही और कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। गृह मंत्रालय ने परिसर के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सुरक्षा को मंजूरी दी है।''
-
नयी दिल्ली/बैंक यूनियन ने पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने समेत अपनी मांगों पर भारतीय बैंक संघ (आईबीए) से मिले आश्वासन के बाद देशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल रविवार को स्थगित कर दी। सोमवार से शुरू होने वाली इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया था। यह हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र की छमाही लेखाबंदी के समय हो रही थी। हड़ताल स्थगित होने के बाद सोमवार को बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे। यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ''बाकी शनिवार को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति का तत्काल गठन किया जाएगा। यह समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी, सभी हितधारकों से चर्चा करेगी और ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेगी, जो सभी हितधारकों, खासकर ग्राहकों, को स्वीकार्य हो।'' बयान में कहा गया कि स्केल-चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के संबंध में आईबीए के साथ बातचीत शुरू की जा सकती है। इसमें कहा गया है कि इसके तहत यूनियन और संघों की आपत्तियों को दूर करने के लिए योजना में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जा सकता है। बयान में कहा गया कि आश्वासन के मद्देनजर यूएफबीयू ने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को स्थगित करने पर सहमति जताई।
-
कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल में पार्टी संगठन, निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर रविवार को जोर दिया। नवीन ने राज्य इकाई के हाल में किए गए पुनर्गठन के बाद उसके कामकाज की समीक्षा की।
शुक्रवार को राज्य भाजपा में किए गए संगठनात्मक फेरबदल के बाद पश्चिम बंगाल के अपने पहले दौरे पर आए नवीन ने राज्य पदाधिकारियों, जिला नेताओं, सांसदों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक तंत्र को राज्य में उसकी सरकार के साथ समन्वित करना था। पार्टी सूत्रों ने बताया कि नवीन का संदेश स्पष्ट था कि संगठन के पदाधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच मतभेदों के कारण गतिविधियों के अलग-अलग केंद्र नहीं बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी तंत्र को सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि उसके कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। भाजपा की राज्य इकाई के नेता ने कहा, ''संगठन और निर्वाचित प्रतिनिधियों को करीबी समन्वय के साथ काम करना चाहिए और पार्टी तथा सरकार को एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए।'' न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में संगठनात्मक समीक्षा बैठक के दौरान नवीन ने राज्य पदाधिकारियों, विभाग संयोजकों, राज्य मोर्चा अध्यक्षों, जिला पदाधिकारियों और पार्टी के आईटी, मीडिया तथा सोशल मीडिया संचालन का काम संभालने वाले लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने इसे संबोधित किया। भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी के सांसदों और विधायकों के साथ भी चर्चा की। इस दौरान निर्वाचित प्रतिनिधियों और संगठन के बीच समन्वय समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। वह अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान बाद में राज्य कोर ग्रुप और वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि हाल के महीनों में कोलकाता, उसके आसपास के क्षेत्रों और कुछ जिलों में ऐसे मामलों को लेकर चिंता जताई गई थी, जहां निर्वाचित प्रतिनिधियों और संगठन के नेताओं के बीच पर्याप्त समन्वय के बिना काम करने की धारणा बनी थी। भाजपा के राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा ने कहा, ''राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के पहले 150 दिनों में किए गए कार्यों का जायजा लिया। यह भाजपा सरकार के भविष्य के कामकाज के लिए गृहकार्य है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत केंद्रीय नेतृत्व राज्य में किए जा रहे काम और भविष्य की योजनाओं पर नजर रख रहा है। सिन्हा ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह बंगाल के लिए गौरवशाली दौर है।'' उन्होंने कहा कि भाजपा की ''डबल इंजन सरकार'' की अवधारणा का मतलब राज्य और केंद्र सरकारों के बीच समन्वय है। सूत्रों ने बताया कि नवीन ने इस बात पर भी जोर दिया कि संगठन को पिछले कुछ महीनों में नयी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का सक्रिय रूप से प्रचार-प्रसार करना चाहिए। भाजपा की राज्य इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी बैठकें यह दर्शाती हैं कि सरकार बनने के बाद भी संगठनात्मक गतिविधियां जारी हैं। -
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को पर्यटकों और यात्रियों को केंद्र शासित प्रदेश आकर यहां की बेजोड़ मेहमाननवाजी का अनुभव लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वत चोटियों और शांत झीलों से लेकर हरी-भरी घाटियों तक, जम्मू-कश्मीर विविध अनुभवों की पेशकश करने वाला "स्वर्ग" है। उन्होंने कहा कि यहां साहसिक खेल, ठहरने की आरामदायक जगहें, तीर्थ यात्रा मार्ग, एमआईसीई सुविधाएं, और फिल्म शूटिंग स्थल आदि उपलब्ध हैं। अब्दुल्ला ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, "विश्व पर्यटन दिवस पर मुख्यमंत्री ने यात्रियों को जम्मू-कश्मीर की सुंदरता और बेजोड़ मेहमाननवाजी का अनुभव लेने के लिए गर्मजोशी भरा आमंत्रण दिया।" उन्होंने पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने और टिकाऊ पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। आगंतुकों का खुले दिल से स्वागत करते हुए, अब्दुल्ला ने देश-विदेश के लोगों से जम्मू-कश्मीर आने और यादगार पल बिताने का आह्वान किया।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देश में कुपोषण के खिलाफ चल रहे जन-आंदोलन की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा कि सितंबर का महीना कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और एक स्वस्थ व बेहतर पोषण वाले भारत के निर्माण के लिए समर्पित है। पूरे देश में कुपोषण से निपटने और पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई प्रेरणादायक पहल की जा रही हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “सितंबर का ये महीना कुपोषण से लड़ाई को समर्पित है। पोषण माह में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग और संस्थाएं इस नेक कार्य के लिए एक साथ आती हैं। छत्तीसगढ़ ने ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू किया है। इसमें लोगों को पौष्टिक मुनगा यानि मोरिंगा को अपने खान-पान में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोरिंगा को पोषण का पावरहाउस माना जाता है।”उन्होंने कहा, “इसी तरह गुजरात ने भी एक अनोखी पहल की है और वांगी स्पर्धा यानि मिलेट्स से बने व्यंजनों का कॉम्पिटिशन शुरू किया है। इस पहल के जरिए सस्ते और पौष्टिक स्थानीय खान-पान को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक दो लाख से ज्यादा लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं। मोटे अनाजों को बढ़ावा देने की यह पहल पोषण के साथ-साथ किसानों को भी फायदा पहुंचा रही है।”पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के प्रयासों को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वहां टीचर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बच्चों के माता-पिता एक साथ मिलकर जागरूकता अभियान से जुड़ रहे हैं। स्कूल और समुदाय का यह संगम कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत कर रहा है। मिजोरम का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा, “इस साल वहां लोगों ने साथ मिलकर पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए एक अभियान शुरू किया है। यह मिजो समाज की गौरवशाली परंपरा ‘तलो-मड़-यना’ के अनुरूप है, जिसका अर्थ है ‘निस्वार्थ सेवा और दूसरों की मदद में हमेशा आगे रहना’। ऐसे प्रयास बेहद सराहनीय हैं और हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हैं।”प्रधानमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े लोगों पर गर्व जताया। उन्होंने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से पोषण अभियान को नई ताकत मिली है। पीएम ने कहा, “ये आंगनवाड़ी केंद्र अब ‘पोषण ट्रैकर’ से डिजिटली जुड़ गए हैं। करीब 9 करोड़ लाभार्थी इसमें रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की बेहतर देखभाल संभव हुई है।” पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि कुपोषण के खिलाफ इस लड़ाई को इसी तरह आगे लेकर जाना है और समाज को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में थाईलैंड के ‘गणेश भक्त’ पंथौन थीरखानोन की प्रशंसा की। उन्होंने पंथौन थीरखानोन की गणेश भक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है।
पीएम मोदी ने रविवार को अपने संबोधन में कहा, “हम सबने इस महीने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाया है। देशभर में पूरे भक्तिभाव से गणपति बप्पा का स्वागत किया गया। यह पावन अवसर पूरे वातावरण को उमंग और उल्लास से भर देता है।”उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि और शुभ कार्यों के आरंभ के प्रतीक हैं। उनके प्रति अगाध श्रद्धा सिर्फ भारत में ही नहीं है। थाइलैंड के पंथौन थीरखानोन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा, “पंथौन थीरखानोन वैसे तो थाइलैंड के हैं। थाइलैंड में भगवान श्री गणेश की पूजा ‘फ्रा फिकानेत’ के रूप में की जाती है। जब वे 19 वर्ष (पंथौन थीरखानोन) के थे, तब उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश की एक फोटो भेंट की थी। यहीं से अद्भुत भक्ति जागृत हुई।”उन्होंने बताया, “वे (पंथौन थीरखानोन) भगवान श्री गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्ययन में चार दशक से भी अधिक समय बिता चुके हैं। उन्होंने भारत और नेपाल सहित एशिया के कई देशों की यात्रा की है। महाराष्ट्र से उनका विशेष लगाव रहा है। अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार यहां आ चुके हैं। उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है। वर्ष 2002 में उन्होंने उत्तरी ‘थाइलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना की। आज इसमें 10 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएं हैं।”‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने बताया कि म्यूजियम में उन भक्तों के लिए अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं, जो भारत नहीं आ सकते। यहां हर रविवार सुबह करीब 10 बजे गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। गणपति से जुड़े विशेष अवसरों पर भी अनुष्ठान होते हैं। यह बताता है कि भारत की आस्था, कला और सांस्कृतिक परम्पराएं दूसरे देशों में भी कैसे लोकप्रिय हो रही हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों के लिए कामना की कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर हमेशा बना रहे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 138वीं कड़ी में कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। इसके लिए अपना समय जरूर निकालें। उन्होंने नागरिकों से जनगणना के लिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने को कहा। पीएम मोदी ने कहा कि वह अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा,” ये सुविधा हिन्दी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है। इसके लिए आपको जनगणना के Online Portal पर जाना होता है। ये Portal है se.census.gov.in इस Portal पर जाकर आप अपने Mobile Number से Login कीजिए, अपना स्थान दर्ज कीजिए, अपने परिवार से जुड़ी जानकारी भरिए, और उसे Submit कर दीजिए।”उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इसके लिए आपको कोई Document भी Upload नहीं करना है। जानकारी Submit करने के बाद आपको एक विशेष ID मिलेगी। जब गणनाकर्मी आपके घर आएं, तो आप उन्हें ये ID बता सकते हैं। आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि होने के बाद वो जनगणना का हिस्सा बन जाएगी।पीएम मोदी ने बताया कि अब तक मोबाइल से 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं, स्व-गणना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ा सा समय खर्च होगा, लेकिन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपकी सही जानकारी, आपके परिवार की सही जानकारी, देश के भविष्य की सही तस्वीर तैयार करने में मदद करती है।मन की बात में अपने संबोधन दौरान पीएम मोदी ने कहा इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तैयार हो रही है। इस तस्वीर में आप भी हैं, आपका परिवार भी है, आपके अड़ोस-पड़ोस के लोग भी हैं। उन्होंने आगे कहा, देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। इन दिनों लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले इलाकों में भी ये काम चल रहा है। वहां से कई प्रेरक अनुभव हमारे सामने आए हैं।” पीएम मोदी ने बताया कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव से हुई। माणा को देश का पहला गांव कहा जाता है। माणा में सबसे पहले 83 साल की पूर्णिमा रावत जी से इसकी शुरुआत हुई। उत्तरकाशी के बगोरी गांव में Homestay चलाने वाले हरदेव सिंह राणा जी ने Digital माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज की। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार के एपिसोड में उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले की भी चर्चा की और बताया कि कैसे एक पारंपरिक फल आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल अभियान को मजबूती दे रहा है।
पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “आंवला हम सभी के लिए बहुत जाना-पहचाना है। ज्यादातर घरों में इससे बने आचार और मुरब्बे का प्रयोग होता है। बहुत से लोग आंवले का जूस पसंद करते हैं और सर्दियों में च्यवनप्राश हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन जाता है। हमारे बड़े-बुजुर्ग तो पीढ़ियों से आंवले के गुणों के बारे में बताते आए हैं।”उन्होंने कहा कि यही जाना-पहचाना आंवला आज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में नई संभावनाओं का माध्यम बन रहा है। प्रतापगढ़ और आंवले का रिश्ता बहुत पुराना है। पीढ़ियों से यहां के किसान आंवले की खेती कर रहे हैं। आंवले ने प्रतापगढ़ को एक मजबूत पहचान दी है और अब यही पुरानी पहचान यहां के किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रही है। उन्होंने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से आंवले से जुड़े स्थानीय उद्यमों को बड़ा बढ़ावा मिला है। वर्तमान में प्रतापगढ़ में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब 100 यूनिट काम कर रही हैं। इन यूनिट्स में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बड़ी भूमिका निभा रही हैं।पीएम मोदी ने दो महिला समूहों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा, “ऐसा ही एक समूह है देवगढ़ कमासिन गांव का सावित्री फुले सेल्फ हेल्प ग्रुप। इससे जुड़ी महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बना रही हैं। ओडीओपी से नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह एक अन्य गांव में सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं आंवले का आचार और डाइजेस्टिव पाउडर जैसी कई चीजें तैयार कर रही हैं।”उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को प्रोसेसिंग के लिए आधुनिक मशीनरी मिली, लोन की सुविधा मिली और स्थानीय व्यापार मेले से जुड़ने का अवसर भी मिला। देखते ही देखते उनकी आय में काफी बढ़ोतरी हुई और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के हर क्षेत्र में कोई न कोई विशेषता जरूर है। कहीं कोई खास फल है, कहीं कोई पारंपरिक कला है तो कहीं कोई अनोखा हुनर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ इन्हीं विशेषताओं को आगे बढ़ाने का अभियान है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि हमारे गांव और छोटे शहरों की ये पहचान सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे। यह देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचे और दुनिया के बाजारों तक भी पहुंचे। इससे वोकल फॉर लोकल अभियान को भी बल मिलता है और यह देश को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा भी देता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशभर में चल रहे स्वच्छता अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं और समुदायों द्वारा किए जा रहे ये प्रयास महात्मा गांधी के स्वच्छता पर दिए गए जोर के अनुरूप हैं। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती आने वाली है। इस मौके को याद करते हुए पीएम मोदी ने स्वच्छता पर बापू के संदेश को दोहराया और लोगों से अपने आसपास सफाई बनाए रखने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा, “मेरे प्यारे देशवासियों, 2 अक्टूबर बस कुछ ही दिन दूर है। यह हमारे पूज्य बापू की जयंती है। बापू ने हमें जीवन के कई मंत्र दिए। स्वच्छता उनमें से एक है। हम अक्सर अपने आसपास स्वच्छता से जुड़े कई प्रयास देखते हैं। ये प्रयास बहुत प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसी तस्वीरें, वीडियो और रील्स बार-बार हमारा ध्यान खींचती हैं। हाल के दिनों में मैंने ऐसे कई प्रयास देखे हैं।”सामूहिक भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की पहल पूरे समुदाय को प्रेरित कर सकती है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति ने इसकी शुरुआत की और लोग जुड़ते गए। इसे ही जनभागीदारी कहते हैं। स्वच्छता ही सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है जो हम बापू को दे सकते हैं।”पीएम मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में कहीं कुछ युवा नदी की सफाई कर रहे हैं। उनके छोटे से प्रयास में पूरा समुदाय जुड़ रहा है। इसी तरह आंध्र प्रदेश में युवा पुराने कुओं की सफाई कर रहे हैं। इससे हमारी पुरानी धरोहरों को फिर से जीवित करने में मदद मिल रही है।”समुद्र तटों पर चल रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुंबई में कुछ युवा बीचों को साफ रखने की पहल कर रहे हैं। हर हफ्ते सैकड़ों युवा साथी किसी न किसी बीच पर इकट्ठा होते हैं और स्वच्छता के जरिए सेवा करते हैं।उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जागरूकता प्रयासों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “दिल्ली में बच्चे और युवा लोगों को अपना कचरा अलग रखने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक कर रहे हैं।” पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और कहा, “पश्चिम बंगाल में युवा छात्र स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्पॉट पर बाजारों की सफाई कर रहे हैं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की सराहना की और नशामुक्त युवा अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हाल ही में देश के लाखों युवाओं ने नशे के विरुद्ध एक बहुत महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा लेने के साथ ही इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।”उन्होंने बताया कि यह सब नशामुक्त युवा अभियान के तहत हो रहा है। यह अभियान 100 सप्ताह तक चलने वाला है। इसमें माय भारत के वॉलंटियर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही एनएसएस से जुड़े युवा, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस अभियान से जुड़े हैं। कई सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाएं भी इसका हिस्सा बनी हैं।पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देशभर में हजारों संकल्प समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। युवा खुद अपनी भाषा और अपने अंदाज में नशा मुक्ति के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ‘मन की बात’ में युवा साथियों से आग्रह किया था कि वे अपनी क्रिएटिविटी के माध्यम से इस अभियान से जुड़ें और मुझे खुशी है कि हजारों युवा इस आह्वान पर आगे आए हैं।”उन्होंने जानकारी दी कि माय भारत पोर्टल पर एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं। सोशल मीडिया पर भी युवा ‘नशामुक्त युवा’ हैशटैग के साथ अपना क्रिएटिव कंटेंट साझा कर रहे हैं। इसका मतलब है कि संदेश भी युवाओं का है, माध्यम भी युवाओं का है और इसे आगे ले जाने की ऊर्जा भी युवाओं की ही है।पीएम मोदी ने बताया कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत हेल्थ चेकअप और ध्यान शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।वहीं, त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल्द ही कई पर्व और त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों की खुशियों के बीच हमें अपने आसपास भी नजर रखनी चाहिए। अगर कोई युवा किसी गलत आदत की ओर बढ़ रहा है, तो उससे बात करनी चाहिए। अगर कोई नशे की लत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, तो उसका साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त युवा और विकसित भारत के संकल्प को हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है। -
नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में आज रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साबरमती रेलवे स्टेशन से एलएनजी से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज हम साबरमती की उस धरती पर खड़े हैं, जो आत्मशक्ति और सत्य के प्रयोगों की भूमि रही है। यहां से कुछ ही किलोमीटर दूर महात्मा गांधी ने अपना आश्रम स्थापित किया था और साबरमती आश्रम को देशभर में स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बनाया था। यहीं से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी से जुड़े अपने प्रयोगों को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू किया।अमित शाह ने कहा कि आज साबरमती डिवीजन में भारतीय रेलवे की कई परियोजनाओं की शुरुआत हो रही है। इनमें कुछ परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण से, कुछ यात्रियों की सुविधा से और कुछ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं।उन्होंने साबरमती रेलवे स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कोई यकीन नहीं कर सकता कि यह वही स्टेशन है जहां 1980 के दशक में लोगों को रिक्शा लेने के लिए करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। आज यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में यहां बड़ा बदलाव आया है। यहां से मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और आने वाली हाई-स्पीड रेल सेवा तक पहुंच संभव होगी। साबरमती में 1,472 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास आने वाले दिनों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को और मजबूत करेगा।अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे ने विकास की नई गति पकड़ी है। प्रीमियम स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रैपिड रेल सिस्टम के बाद अब हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत के साथ भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। भारत में बनाए जा रहे लोकोमोटिव में करीब 94 प्रतिशत हिस्सा ‘मेक इन इंडिया’ का है और जल्द ही 100 प्रतिशत स्वदेशी उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।गृह मंत्री शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत साबरमती रेलवे डिवीजन की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि साबरमती डिवीजन में पर्यावरण, यात्री सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई नई पहल शुरू की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि आज एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है। 1,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाला ट्विन-सेक्शन इंजन लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल ढुलाई की क्षमता रखता है। पहले इसके लिए दो लोकोमोटिव की जरूरत पड़ती थी लेकिन अब एक डब्ल्यूएजी-12 इंजन यह काम कर सकता है। इससे देश का रेलवे सिस्टम एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगा। देश में डबल डेकर मालगाड़ी का ट्रायल जारी है, जिससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से गुवाहाटी तक करीब 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को भी लाभ मिलेगा। 2014 से पहले रेलवे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत नहीं हुई थी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और प्रीमियम स्टेशन जैसी परियोजनाओं को मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया है।अमित शाह ने रेलवे विद्युतीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि देश में रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने चीन, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन सहित विभिन्न देशों में रेलवे विद्युतीकरण के आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2015-16 में भारतीय रेलवे ने करीब 293 करोड़ लीटर डीजल का इस्तेमाल किया था। 2024-25 में यह खपत घटकर करीब 108 करोड़ लीटर रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक डीजल की खपत को शून्य तक लाने की है, जिससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की।”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। सार्वजनिक जीवन और भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।” केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं विख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर सादर नमन करता हूं!” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। देश के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।”केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं महान अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।” भाजपा नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल ने एक्स पर लिखा, “डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद करते हुए। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और दुनिया में देश को एक नई पहचान दिलाई। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान संसद में सेवा करना और जिस शालीनता और गरिमा के साथ उन्होंने इस सर्वोच्च पद को संभाला, उससे सीखना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। उनकी विनम्रता और ईमानदारी भारतीय सार्वजनिक जीवन में एक मिसाल बनी हुई है।डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक ऐसे अर्थशास्त्री के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव रखी। 1991 में वित्त मंत्री के तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम बदलावों का रास्ता तैयार किया। 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत के लोगों के अधिकारों और अवसरों को बढ़ाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सूचना का अधिकार अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे अहम कानून और कार्यक्रम लागू किए।
- नई दिल्ली। ओडिशा में गहरे दबाव का क्षेत्र बनने के कारण शुक्रवार को भारी बारिश हुई और इस दौरान कम से कम 63 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और जलभराव की वजह से अधिकारियों को स्कूल बंद करने को विवश होना पड़ा।तटीय राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में निचले इलाकों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के करीब 14,500 लोगों को 2,061 राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।एक दिन पहले आंध्र प्रदेश के तट से टकराया गहरे दबाव का क्षेत्र ओडिशा में प्रवेश कर गया जिसके कारण शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई। नबरंगपुर जिले का तेंतुलीखुंटी 395 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा। इसके बाद नंदाहांडी में 344 मिलीमीटर और कोरापुट जिले के बोरीगुमा में 307.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।एक अधिकारी ने बताया कि इस आपदा से दक्षिणी ओडिशा के छह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और भुवनेश्वर समेत पश्चिमी तथा तटीय क्षेत्रों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि बालासोर जिले में जलाका और बुढ़ाबलंगा नदियों तथा जाजपुर जिले में बैतरणी और कानी नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मानसून के मौसम की शुरुआत से ही राज्य में पहले ही दो बार बाढ़ आ चुकी है।कंधमाल जिले में कलिंग घाट पर भूस्खलन के कारण करीब 200 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार ढह गई। खल्लिकोट के बड़ा घाटी में चट्टानें राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर गिरने से यातायात बाधित हो गया।गजपति जिले के मोहना के कई घाटों और मलकानगिरी के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगड़ा में कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जबकि रेलवे पटरियों पर भूस्खलन के कारण रायगड़ा मंडल में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों से सड़क संपर्क बाधित होने की भी सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुर शहर के कई हिस्से अभी भी जलमग्न हैं।
-
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने हवा के दबाव के कारण छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
विभाग ने आज हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की संभावना जताई है। अगले दो दिनों के दौरान पंजाब, मध्य प्रदेश, विदर्भ, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में तूफान आने की संभावना है। इस बीच दिल्ली के कुछ हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है। -
नई दिल्ली। नेपाल के तराई क्षेत्र और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संभावित परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह सहित सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।अधिकारियों को नदी के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी करने के साथ निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद कोसी से जुड़े जिलों को पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है। संभावित स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, बचाव उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार रखने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव और राहत अभियान तत्काल शुरू किया जा सके। बारिश की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के जरिए अग्रिम चेतावनी का व्यापक प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयारी रखने को कहा गया है। सरकार ने जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय व संचार बनाए रखने पर जोर दिया है। सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय और एक्टिव मोड में रखने को कहा गया है।मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को स्थिति की जानकारी देने व अफवाहों से बचने के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। -
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत ने एक बार फिर ग्लोबल साउथ के हितों को मजबूती से रखा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में ‘ग्रुप ऑफ 77’ के विदेश मंत्रियों की 50वीं सालाना बैठक में भारत का पक्ष रखा। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा गया, “विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए81 के दौरान ‘ग्रुप ऑफ 77’ के विदेश मंत्रियों की 50वीं सालाना बैठक में भारत का राष्ट्रीय बयान दिया। इस बैठक का विषय ‘ग्लोबल साउथ और मल्टीलेटरलिज्म का भविष्य’ था।”
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भी इस बैठक की जानकारी साझा की। अपने पोस्ट में मिशन ने बताया कि विदेश सचिव ने लोगों पर केंद्रित और विकास-उन्मुख बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने में जी77 की लगातार अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में जी77 जैसे मंच की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है, क्योंकि यही मंच विकासशील देशों की आवाज को एकजुट करता है। मिस्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की तत्काल जरूरत को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब तक यूएनएससी में विकासशील देशों की आवाज और प्रतिनिधित्व मजबूत नहीं होगा, तब तक सच्चा बहुपक्षवाद संभव नहीं है।अपने बयान में विदेश सचिव ने एक बड़ा आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को अब ‘नियम मानने वालों’ से ‘नियम बनाने वालों’ की भूमिका में आना होगा। इसके लिए सभी विकासशील देशों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। एक अन्य कार्यक्रम में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त राष्ट्र की डिप्टी सेक्रेटरी-जनरल अमीना जे. मोहम्मद से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में एआई और सतत विकास में उभरते अवसरों पर चर्चा हुई।विदेश सचिव ने इस दौरान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) में भारत के योगदान पर जोर दिया और बताया कि भारत किस तरह सतत विकास के लिए समावेशी, सुलभ और मानव केंद्रित एआई टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यूएन के तंत्रों, जिसमें कंट्री टीमें भी शामिल हैं, को और अधिक प्रभावी और कुशल बनाने की जरूरत पर भी बल दिया, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को तेजी से लागू किया जा सके। -
नई दिल्ली। बर्फीली हवाओं, बेहद ऊंचाई और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच 20 भारतीय पर्वतारोहियों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो अब तक दर्ज नहीं हुआ था। लद्दाख में इन पर्वतारोहियों ने महज 23 दिनों में 6,000 मीटर से ज्यादा ऊंची 20 चोटियों को फतह कर इतिहास रचा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए पर्वतारोहियों के दल को बधाई दी।
इस अभियान में राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान, दिरांग के 20 बेहद कुशल पर्वतारोही शामिल थे। दल का नेतृत्व कर्नल रणवीर सिंह जमवाल ने किया। इस ऐतिहासिक अभियान को अंजाम देने वाले दल का शुक्रवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने कर्तव्य भवन-2 में आयोजित समारोह में अभियान का झंडा दिखाकर दल की वापसी व स्वागत किया।अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने लद्दाख क्षेत्र के चमसर-लुंगसर, ग्यामा नाला और चोकुला इलाकों में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 ऐसी चोटियों पर चढ़ाई की, जिन पर पहले कभी सफल चढ़ाई दर्ज नहीं हुई थी। यानी इन 20 चोटियों के शिखर तक पहुंचने का अभियान पहली बार दर्ज किया गया है। खास बात यह रही कि दल ने यह चुनौती सिर्फ 23 दिनों में पूरी की।इतनी ऊंचाई पर अभियान आसान नहीं था। इसके लिए बेहतर योजना, तकनीकी कौशल, शारीरिक सहनशक्ति और पूरी टीम के बीच मजबूत तालमेल जरूरी था। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने इन सभी क्षमताओं का परिचय दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दल से बातचीत करते हुए पर्वतारोहियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की।उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की पर्वतारोहण क्षमता और साहसिक खेलों में नेतृत्व का प्रदर्शन बताया। उन्होंने पर्वतारोहियों को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि इन सफल आरोहणों ने नए मानदंड स्थापित किए हैं। साथ ही, यह उपलब्धि देश के युवा पर्वतारोहियों को साहसिक गतिविधियों और अन्वेषण की ओर आगे बढ़ने तथा देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित करेगी। यह अभियान ऊंचाई वाले सीमांत क्षेत्रों में साहस और अन्वेषण की भावना को बढ़ावा देने तथा आने वाली पीढ़ियों के पर्वतारोहियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभियान ने उच्च ऊंचाई वाले पर्वतारोहण में भारत की क्षमताओं को सामने रखा है और वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर देश की मौजूदगी को और मजबूत किया है।समारोह में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। -
देवास (मप्र) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही भारतीय जनता पार्टी की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी। मोदी ने गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही 'सेवा संकल्प यात्रा' में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद में यह बात कही। अलग-अलग राज्यों के युवाओं की भागीदारी वाली यह यात्रा मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही है। यात्रा के प्रतिभागी फिलहाल देवास जिले में हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा,''गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही हमारी शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में नागरिक देवो भव का संकल्प होता है।'' मोदी ने कहा,''हमारे आचरण से लोगों को पता चले कि राजनीति में हमें कितनी ही बड़ी सत्ता क्यों न मिल जाए, लेकिन हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा। हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे, भले ही हम कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं।'' उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले व्यक्तियों को आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि 'सेवा यात्रियों' से कहा कि लोगों की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा,''लोगों की सेवा करके अपने आचरण से सेवा का संदेश दीजिए। सेवा परमो धर्मः, हम इस भाव के साथ आगे बढ़ेंगे।'' -
कोलकाता. अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बृहस्पतिवार को कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद उनका कार्यक्रम एक अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश में सत्ता में आने के बाद पहलीबार बुधवार की रात कोलकाता पहुंचे अदाणी ने बृहस्पतिवार सुबह प्रसिद्ध काली मंदिर जाकर देवी का आशीर्वाद लिया और आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने से पहले पूजा की। दिन में बाद में वह कोलकाता के पास न्यू टाउन के एक्शन एरिया-2 में बनने वाले 2,000 बिस्तरों वाले अदाणी आरोग्य मंदिर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि अस्पताल में आधे बिस्तर गरीब मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि अदाणी की मुख्यमंत्री के साथ दोपहर के भोजन पर बैठक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत पश्चिम बंगाल के लिए नए औद्योगिक परियोजनाओं का आधार बन सकती है और इससे राज्य में निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि बातचीत में राज्य में प्रस्तावित अन्य शहरी नवीनीकरण पहलों पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें कुमारतुली घाट का जारी पुनर्विकास और ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग का नवीनीकरण शामिल है। दिन में बाद में अदाणी एक उद्योग मंडल को संबोधित करने और उसके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं।
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने बृहस्पतिवार को नीट-पीजी 2026 के नतीजे घोषित कर दिये। सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अर्हता 'कट-ऑफ' 262 अंक है, जो 50वें 'पर्सेंटाइल' के बराबर है। सामान्य श्रेणी के मानक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए 'कट-ऑफ' 244 अंक (45वां 'पर्सेंटाइल) है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग उम्मीदवारों (इन श्रेणियों के मानक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों सहित) के लिए 'कट-ऑफ' 226 अंक (40वां 'पर्सेंटाइल) है। एनबीईएमएस ने कहा कि राज्य कोटा सीटों के लिए अंतिम मेधा सूची और श्रेणीवार मेधा सूची संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनकी पात्रता शर्तों, लागू दिशानिर्देशों और आरक्षण नीतियों के अनुसार तैयार की जाएंगी। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत स्कोरकार्ड एक अक्टूबर से एनबीईएमएस की वेबसाइट पर डाउनलोड किये जाने के लिए उपलब्ध होंगे। एनबीईएमएस की वेबसाइट पर एक अक्टूबर या उसके बाद उत्तर कुंजी भी जारी की जाएगी, जिससे उम्मीदवार प्रश्न आईडी नंबर, सही उत्तर की आईडी, अपने दिए गए जवाब और हर सवाल के लिए मिले अंक को देख सकेंगे। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 परीक्षा पूरे देश में 30 अगस्त को आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 2,63,544 उम्मीदवार शामिल हुए थे। हालांकि, जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने की वजह से परीक्षा पूरी न कर पाने वाले उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 2,416 उम्मीदवार शामिल हुए थे।
-
नोएडा. दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से एक महिला समेत नौ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बस में करीब 35 यात्री सवार थे। बस कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी तभी ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में अचानक आग लग गयी। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद बस में धुआं भर गया और कुछ यात्री बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के समय कुछ यात्री सो रहे थे। दमकल, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। बस के शीशे तोड़ने के साथ गैस कटर की मदद से उसके हिस्से काटकर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकाला गया। कुछ मृतकों की पहचान हो गई है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है और सभी मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। आदित्यनाथ ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
-
भाजपा ने विभिन्न राज्यों के प्रभारी संगठन संयुक्त महासचिव नियुक्त किए
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की प्रदेश इकाइयों के लिए संगठन महासचिवों की बृहस्पतिवार को नियुक्ति की। नवीन ने भाजपा के कई राष्ट्रीय संयुक्त महासचिवों (संगठन) को अलग-अलग राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक मामलों का प्रभारी भी बनाया। भाजपा की ओर जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा में पार्टी के संगठनात्मक मामलों के प्रभारी होंगे। विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पार्टी के संगठनात्मक मामलों का प्रभार सौंपा गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश पार्टी के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चों के संगठनात्मक मामलों का प्रभार संभालेंगे। उन्हें पार्टी के संसद कार्यालय का प्रभारी भी बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि भाजपा नेता धर्मपाल को उत्तर प्रदेश में पार्टी का महासचिव, जबकि अजय जामवाल को महाराष्ट्र में महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमिताभ चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल में महासचिव (संगठन) का पद संभालेंगे, जबकि सतीश धोंड महाराष्ट्र में संयुक्त महासचिव (संगठन) के तौर पर काम करेंगे। इसमें कहा गया है कि नवीन ने पवन राणा को दिल्ली और हरियाणा के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, भाजपा नेता मधुकर को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि रवींद्र राजू को असम और त्रिपुरा के लिए, जबकि भिखूभाई दलसानिया को बिहार के लिए पार्टी महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में कर्मवीर और मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर को पार्टी का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि मानस मोहंती को ओडिशा के लिए, जबकि मंत्री श्रीनिवासुलु को पंजाब और चंडीगढ़ के लिए पार्टी का महासचिव (संगठन) बनाया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पवन साय भाजपा की झारखंड इकाई के महासचिव (संगठन), जबकि सिद्धार्थन हिमाचल प्रदेश इकाई के महासचिव (संगठन) के रूप में काम करेंगे। इसमें कहा गया है कि दशरथ भाजपा की तेलंगाना इकाई के संयुक्त महासचिव (संगठन) के तौर पर सेवाएं देंगे।
विज्ञप्ति के मुताबिक, रत्नाकर गुजरात में भाजपा के महासचिव (संगठन), जबकि अरुण बिन्नाडी संयुक्त महासचिव (संगठन) का पद संभालेंगे। इसमें कहा गया है कि फणींद्रनाथ शर्मा को भाजपा की उत्तराखंड इकाई का महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है। -
नयी दिल्ली/रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों और बड़े सार्वजनिक समारोहों के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर भीड़-भाड़ वाली स्थिति का 2022 से एक डेटाबेस तैयार करेगा, ताकि ऐसे मौकों पर अधिक भीड़ के कारण भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते उपाय किये जा सकें। इन उपायों में, स्टेशन पर समय पर कर्मियों को तैनात करना, यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना और राज्य पुलिस के साथ तालमेल बिठाना शामिल है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में त्योहार, धार्मिक समागम, मेले, परीक्षाएं, भर्ती अभियान, राजनीतिक कार्यक्रम, खेल-कूद के आयोजन, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम, बड़े सार्वजनिक समारोह और पर्यटकों के आगमन का महीना आदि शामिल हैं। 'ज्यादा भीड़-भाड़ के लिए आरपीएफ का डीएस-12 ई-अनुमान रजिस्टर' (ईएफआरआर) नाम की यह डिजिटल प्रणाली, अधिक भीड़-भाड़ वाले अवसरों के लिए पहले से अनुमान लगाने, निगरानी करने, उस समय तक की गई कार्रवाई और कार्यक्रम के बाद के मूल्यांकन के लिए एक ही डिजिटल भंडार के तौर पर काम करेगा।
आरपीएफ मुख्यालय ने 17 सितंबर 2026 को संबंधित वरिष्ठ जोनल सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ईएफआरआर को तत्काल प्रभाव से लागू करें और स्टेशनों पर अधिक भीड़ एकत्र होने की संभावना वाले आगामी त्योहारों/आयोजनों के लिए समय पर 'डेटा एंट्री' सुनिश्चित करें। इस आदेश से पहले, आरपीएफ के महानिदेशक ने ईएफआरआर के सभी पहलुओं, इसके उद्देश्य और इसे लागू करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए एक निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया, ''हाल ही में भीड़ से जुड़ी घटनाओं ने इस बात को रेखांकित किया है कि यात्रियों की अचानक बढ़ती संख्या का अनुमान लगाने और उन्हें संभालने के लिए एक व्यवस्थित, आधुनिक, आसूचना-आधारित और डेटा-संचालित प्रणाली अपनाने की जरूरत है।
निर्देश के अनुसार, ''इसमें होली, दिवाली, छठ, क्रिसमस, बड़े धार्मिक त्योहारों और हर साल नियमित रूप से होने वाले अन्य आयोजनों के लिए एक समय-सीमा दी गई है, ताकि प्रणाली में इनकी जानकारी पहले से ही रेखांकित की जा सके और ''बेहतर योजना बनाई जा सके, जो 60 दिन पहले भी की जा सकती है।'' इसमें कहा गया है, ''मेलों, खेल-कूद के कार्यक्रमों, परीक्षाओं, भर्ती परीक्षाओं, राजनीतिक रैलियों/सभाओं, स्थानीय त्योहारों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के अन्य आयोजनों के लिए, जिनकी सूचना आमतौर पर पहले ही मिल जाती है, आरपीएफ की संबंधित विशेष इकाई को हरसंभव कोशिश करनी चाहिए कि यथासंभव कम से कम तीन हफ्ते पहले जानकारी मिल जाए।'' अधिकारियों ने कहा कि ईएफआरआर को भारतीय रेलवे में अधिक भीड़-भाड़ वाली स्थितियों का पहले से अंदाजा लगाने और उन्हें संभालने की आरपीएफ की क्षमता को मजबूत करने के लिए एक अहम संस्थागत तंत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
-
नयी दिल्ली। देश-विदेश में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया, जिसका मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम नागपुर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में साक्ष्य आधारित शोध, नवाचार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटने में आयुर्वेद की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। "स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद" विषय के तहत आयोजित समारोह में आयुष सेवा क्षेत्र पर पहली रिपोर्ट, आयुष दृष्टि 2030, औषधीय पौधों से संबंधित सुरक्षा डोजियर, त्वचा रोगों के लिए मानक उपचार दिशानिर्देश और सीसीआरएएस-एजीएनआई आकलन पैमाना वेब पोर्टल जारी किया गया। कार्यक्रम में पढ़े गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश में कहा गया कि परंपरा से ज्ञान, साक्ष्य और नवाचार तक आयुर्वेद की यात्रा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने में योगदान देगी। उन्होंने आयुर्वेद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच का भी उल्लेख किया और कहा कि आयुष वीजा सुविधा के माध्यम से विदेशी नागरिक भारत में आयुष पद्धतियों के तहत उपचार करा सकते हैं। आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल जन आंदोलन बनना चाहिए। जाधव ने कहा कि आयुर्वेद स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ-साथ रोगों के उपचार पर भी जोर देता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) द्वारा तैयार आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट इस क्षेत्र का आकलन प्रस्तुत करती है, जबकि आयुष दृष्टि 2030 रिपोर्ट पारंपरिक चिकित्सा के विकास और वैश्विक विस्तार का खाका पेश करती है। नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में आयुर्वेद चिकित्सक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और आयुष संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चाओं में साक्ष्य, शोध, नवाचार, गुणवत्ता और सामुदायिक कल्याण जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय औषधीय पौधा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले संस्थानों की पहल और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। भारत के बाहर भी विभिन्न देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया गया। मुख्य समारोह से पहले मंत्रालय ने बताया था कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से अधिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 10 देशों और क्षेत्रों से भी भागीदारी दर्ज की गई।
















.jpg)










.jpg)