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नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का बृहस्पतिवार को यहां सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। सज्जन कुमार वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। अस्पताल के अनुसार, 84 वर्षीय कुमार को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे जब अस्पताल लेकर पहुंची तो वह पूरी तरह होश में नहीं थे। अस्पताल ने एक बयान में बताया, ''सज्जन कुमार (84) को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। उन्हें तत्काल भर्ती किया गया और उपचार शुरू किए गए।'' बयान के मुताबिक, ''सभी आवश्यक चिकित्सा एवं जीवन रक्षक उपाय किए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर 12:30 बजे उनका निधन हो गया।'' अस्पताल ने बताया, ''वह (सज्जन कुमार) उच्च रक्तचाप और पार्किंसन रोग से पीड़ित थे तथा अतीत में कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके थे।'' वह तिहाड़ जेल में बंद थे। लोकसभा के तीन बार सदस्य रहे कुमार बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। वर्ष 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वर्ष 1984 के दिल्ली सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार कई मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर, 2018 को दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाए जाने से जुड़े मामले में कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने दंगों के दौरान दो सिखों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में भी पू्र्व सांसद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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नयी दिल्ली. महात्मा गांधी के अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे गए 688 ऑटोग्राफ वाले विचारों (जिनमें सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे विषय शामिल थे) के संग्रह को सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बेचा गया। यह नीलामी में बिके किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है। हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद दो साल तक मार्गदर्शन, चिंतन और हौसला बढ़ाने वाले रोजाना हाथ से लिखे संदेशों को बाद में "अ थॉट फॉर द डे" नाम की किताब में संकलित किया गया। ये संदेश दोनों के बीच हुए पत्राचार के सबसे निजी और सुरक्षित बचे हुए दस्तावेजों में से एक हैं। खरीदार की पहचान का हालांकि खुलासा नहीं किया गया, लेकिन नीलामी घर ने कहा कि "खरीदार भारत का ही है और पांडुलिपि देश में ही रहेंगी"। "गांधी: फ्रॉम द कलेक्शन ऑफ आनंद टी. हिंगोरानी" नाम की नीलामी में गांधी से जुड़ी चिट्ठियों, पांडुलिपियों, तस्वीरों और निजी चीजों के 86 खंड शामिल थे। नीलाम करने वाली संस्था के अनुसार, इन पांडुलिपि में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह (सांसारिक वस्तुओं या धन के प्रति मोह न रखना), निर्भयता, धार्मिक समानता, अस्पृश्यता निवारण, प्रार्थना, रामनाम, सेवा, श्रम, भूख, कर्तव्य, स्वराज, नैतिक जिम्मेदारी, मौन, अंतरात्मा की आवाज, अनासक्ति, आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर की खोज जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। यह संग्रह न सिर्फ अहम राजनीतिक घटनाओं को दर्ज करता है, बल्कि गांधीजी के जीवन के बेहद निजी पहलुओं को भी सामने लाता है। इसमें भारत की आजादी की लड़ाई के जन-नेता और उस निजी व्यक्ति—जो अपने सबसे करीबी लोगों को सलाह, सांत्वना, अनुशासन और स्नेह देते थे—दोनों की झलक मिलती है। सैफ्रनआर्ट के सहसंस्थापक दिनेश वाजीरानी ने एक बयान में कहा, " 'खंड 80' - यानी गांधीजी द्वारा हिंगोरानी के लिए लिखे गए विचारों की एक शृंखला - को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया इसके दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व को और पुख्ता करती है। ये विचार एक साथ मिलकर इस बात की अनूठी मिसाल पेश करते हैं कि गांधीजी ने उन सिद्धांतों को अपने जीवन में कैसे उतारा जिनका वे सार्वजनिक रूप से समर्थन करते थे; यही बात इसे उनके विचारों और कार्यों का एक बेहद बेशकीमती रिकॉर्ड बनाती है।" "मैसेज ऑन गॉड" (ईश्वर पर संदेश) - जिसमें ईश्वर और भगवद् गीता पर गांधी के विचारों से जुड़ी तीन संबंधित पांडुलिपियां और पत्र-व्यवहार शामिल हैं - 1.68 करोड़ रुपये में बिका। नीलामी में शामिल निजी चीजों में गांधी का 'पेटी चरखा' और सूत कातने के आध्यात्मिक अनुशासन पर लिखे दो पत्र शामिल थे, जिनकी कीमत 50-70 लाख रुपये आंकी गई थी। यह 1.02 करोड़ रुपये में बिका। गांधीजी की लिखते हुए एक हस्ताक्षरित तस्वीर 78 लाख रुपये में बिकी और आर्थिक स्वतंत्रता पर गांधीजी के पत्रों, टेलीग्राम और पोस्टकार्ड का एक सेट 57.60 लाख रुपये में बिका। हिंगोरानी परिवार ने पीढ़ियों से इस संग्रह को संभालकर रखा था। इसके जरिए हिंगोरानी के साथ गांधीजी के लंबे समय के रिश्ते को करीब से जानने का मौका मिलता है। दो दशकों से ज़्यादा समय में तैयार किए गए इस संग्रह में निजी पत्र-व्यवहार, हाथ से लिखे विचार, तस्वीरें और ऐसी चीज़ें शामिल हैं जो न सिर्फ़ भारत की आज़ादी की लड़ाई के अहम पलों को दिखाती हैं, बल्कि गांधी और हिंगोरानी के बीच दोस्ती, मार्गदर्शन और बेहद निजी बातचीत को भी सामने लाती हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसे व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने पर काम कर रहा है, जो कई प्रजातियों के सांपों के काटने के इलाज में कारगर हो सके। इससे भारत में हर साल हजारों लोगों की जान लेने वाली सर्पदंश की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है।
IISc के अनुसार, भारत में हर साल अनुमानित 58,000 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है। अलग-अलग सांपों और क्षेत्रों में पाए जाने वाले जहर की संरचना में काफी विविधता होने के कारण प्रभावी एंटीवेनम विकसित करना एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है। संस्थान के मुताबिक, AI इस जटिल डेटा का पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी और बड़े पैमाने पर विश्लेषण करने में मदद कर सकता है।IISc के Centre for Ecological Sciences (CES) की Evolutionary Venomics Lab (EVL), Anthropic के AI for Science programme के माध्यम से Claude AI का इस्तेमाल कर रही है। शोधकर्ता जटिल जहर संबंधी डेटा को व्यवस्थित करने और ऐसे साझा विषैले लक्ष्यों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग सांपों के जहर के खिलाफ व्यापक रूप से प्रभावी एंटीवेनम विकसित करने में इस्तेमाल किया जा सके।कई प्रजातियों के काटने में काम आ सकेगा एंटीवेनमशोध का प्रमुख उद्देश्य ऐसा एंटीवेनम विकसित करना है जो अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के काटने के मामलों में प्रभावी हो। इससे अस्पतालों को बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रकार के एंटीवेनम रखने की आवश्यकता कम हो सकती है।IISc ने कहा कि AI, विकासवादी जीव विज्ञान और ट्रांसलेशनल साइंस के मेल से सर्पदंश के उपचार की अगली पीढ़ी की चिकित्सा विकसित करने की संभावनाएं तलाशना महत्वपूर्ण है।EVL इससे पहले भी एंटीवेनम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर चुकी है। प्रयोगशाला ने 2024 में सिंथेटिक एंटीवेनम विकसित किया था। इसके बाद 2025 में शोधकर्ताओं ने ‘वेनम मैप्स’ तैयार किए।रसेल वाइपर के जहर का तैयार किया ‘वेनम मैप’इन वेनम मैप्स में स्थानीय जलवायु परिस्थितियों का इस्तेमाल करके रसेल वाइपर के जहर की विशेषताओं का अनुमान लगाने का प्रयास किया गया है। रसेल वाइपर देश के विभिन्न हिस्सों में पाया जाने वाला बेहद खतरनाक सांप है और दुनिया में सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर चोटों के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।शोधकर्ताओं के अनुसार, वेनम मैप्स चिकित्सकों को सर्पदंश के मरीजों के लिए अधिक उपयुक्त उपचार चुनने में मदद कर सकते हैं।इसके लिए रसेल वाइपर के जहर की संरचना, उसकी गतिविधि और विषाक्तता को सटीक रूप से समझना जरूरी है। शोधकर्ता यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि जैविक और अजैविक कारक इसके जहर की विशेषताओं को किस तरह प्रभावित करते हैं।सांप के जहर के विषैले प्रभाव उसमें मौजूद विभिन्न एंजाइमों की सांद्रता से जुड़े होते हैं। इनकी मात्रा और गतिविधि जलवायु तथा सांप के शिकार की उपलब्धता जैसे कारकों से प्रभावित हो सकती है।IISc के शोध के अनुसार, वेनम मैप्स ने पहली बार यह दिखाने में मदद की है कि तापमान, आर्द्रता और वर्षा जैसी जलवायु परिस्थितियां रसेल वाइपर के जहर के जैव-रासायनिक कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।AI आधारित यह शोध भविष्य में ऐसे एंटीवेनम के विकास का रास्ता खोल सकता है जो भारत में अलग-अलग क्षेत्रों और कई सांप प्रजातियों के सर्पदंश के उपचार में अधिक व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जा सकें। -
नई दिल्ली। दिल्ली में हरित और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से इन बसों को रवाना किया। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई और कुल बस बेड़ा करीब 6,800 हो गया।
इस अवसर पर दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, लेडीज स्पेशल बस सेवा और डीटीसी के राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। नई 200 इलेक्ट्रिक बसों में 88 बसें 12 मीटर और 112 बसें नौ मीटर की हैं। ये सभी लो-फ्लोर और वातानुकूलित बसें हैं। सरकार ने 2028-29 तक दिल्ली के कुल बस बेड़े को करीब 14,000 बसों तक बढ़ाने और डीटीसी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य रखा है।महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई लेडीज स्पेशल बस सेवा में महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड मार्शल तैनात किए गए हैं। इन बसों का संचालन महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। महिला सुरक्षा को लेकर 3 और 16 जून को हुई समीक्षा बैठकों में उपराज्यपाल ने विशेष बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे।बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस की 112 पीसीआर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से सीधे जोड़ा गया है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर सूचना तेजी से 112 पीसीआर तक पहुंचेगी, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव होगी। राजधानी में कुल 56 समर्पित महिला ई-बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें 15 अधिक मांग वाले मार्गों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 मार्गों पर विश्वविद्यालय छात्राओं के लिए 26 यू-स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। ये सेवाएं सुबह और शाम के व्यस्त समय में संचालित होंगी।दिल्ली और करनाल के बीच पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दोनों दिशाओं में रोजाना 10-10 फेरे निर्धारित किए गए हैं। कश्मीरी गेट से करनाल तक किराया करीब 212 रुपये रखा गया है। बसें सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन से होकर गुजरेंगी।राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया। इसमें 240 किलोवाट क्षमता वाले चार चार्जर हैं, जिनसे इलेक्ट्रिक बसों के अलावा भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और कारों को भी चार्ज किया जा सकेगा। इसके लिए 1,600 केवीए का कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि ‘गति शक्ति’ के तहत बेहतर कनेक्टिविटी, हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना जरूरी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार प्रदूषण कम करने और दिल्लीवासियों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार 2028-29 तक बसों की संख्या करीब 14,000 करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ठोस कदमों और बेहतर संचालन के चलते डीटीसी इस साल लाभ में आई है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका समाधान करने के लिए भी करें। राष्ट्रपति ने कहा कि सोशल मीडिया ने नागरिकों के सूचना प्राप्त करने, उसे साझा करने और उस पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
भारतीय सूचना सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलने आए थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका जवाब देने के लिए भी करना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी लोगों तक स्पष्ट, सटीक और समय पर पहुंचे। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसके साथ ही आपकी जिम्मेदारी लोगों की बात सुनने की भी है। आपको जनता की चिंताओं, उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि जनसंचार प्रभावी और नागरिक केंद्रित हो।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से जटिल होते सूचना माहौल में अधिकारियों को तथ्यों और भ्रामक सूचनाओं के बीच अंतर करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘संकट के समय आपको जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए। आज के दौर में जब गलत सूचनाएं बहुत तेजी से फैलती हैं, तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों को सही और प्रमाणिक जानकारी आसानी से और समय पर उपलब्ध हो।’’राष्ट्रपति ने नागरिकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संचार माध्यमों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि लोगों से सार्थक दोतरफा संवाद सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में, जहां सूचनाएं तुरंत फैलती हैं, संचार में हमेशा सटीकता, विश्वसनीयता और जनहित को ध्यान में रखा जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से नवीनतम तकनीकी साधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि नवाचार को नैतिक मूल्यों, मानवीय समझ और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए अपनाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे में जब भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।उन्होंने कहा, ‘‘जानकारी रखने वाला नागरिक विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी कर सकता है। मैं आपसे आग्रह करती हूं कि भारत की समृद्ध विविधता को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ संवाद करें।’’राष्ट्रपति से भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें (प्रशिक्षु आईएसएस को) संबोधित करते हुए कहा कि उनका काम अर्थव्यवस्था और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में तथ्यों पर आधारित नीतियां बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा याद रखें कि हर आंकड़े के पीछे वास्तविक लोग और उनका जीवन होता है। आपको आंकड़ों को नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना चाहिए।’’राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े बेहतर शासन की नींव होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज के आंकड़ा आधारित दौर में प्रभावी सार्वजनिक नीतियां काफी हद तक सटीक, समय पर और विश्वसनीय आंकड़ों की उपलब्धता पर निर्भर करती हैं। भारतीय सांख्यिकी सेवा आधिकारिक आंकड़े तैयार करने, उनका विश्लेषण करने और उनकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये आंकड़े हमारे करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों का आधार बनते हैं।’’उन्होंने कहा कि देश की सांख्यिकी व्यवस्था डिजिटल तकनीक और आंकड़े जुटाने तथा उनके विश्लेषण के नए तरीकों के माध्यम से महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से अधिक त्वरित और विस्तृत जानकारी तैयार करने के नए अवसर मिल रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इन बदलावों के साथ आप पर सांख्यिकीय निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, गोपनीयता और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।’’ मुर्मू ने कहा कि भारतीय सूचना सेवा और भारतीय सांख्यिकी सेवा दोनों का साझा उद्देश्य शासन की गुणवत्ता को मजबूत करना और देश के लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावी संवाद और विश्वसनीय जानकारी जीवंत एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के आवश्यक स्तंभ हैं।’’ राष्ट्रपति ने अधिकारियों से अपने फैसलों में विवेकपूर्ण, व्यवहार में संवेदनशील और ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘आपको मिली जिम्मेदारी के साथ लोगों की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की गहरी जिम्मेदारी जुड़ी है। आपका ज्ञान और कौशल महत्वपूर्ण होगा, लेकिन नागरिकों के प्रति आपका चरित्र, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता ही अंततः आपके योगदान को परिभाषित करेगी।’’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 9,450 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट ने चार मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिससे भारतीय रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और लाखों लोगों को फायदा होगा। इन प्रोजेक्ट्स के कई फायदे होंगे, जैसे- यात्री और माल ढुलाई को मजबूत करना, भीड़-भाड़ कम करना, लॉजिस्टिक्स की बेहतर क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन।इन परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन – 173 किमी (पश्चिम बंगाल और ओडिशा), भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन – 75 किमी (ओडिशा), गुम्मिडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन – 90 किमी (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु), और कटक-पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन – 72 किमी (ओडिशा) शामिल है।बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन के सुव्यवस्थित होने और भीड़भाड़ में कमी आने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश राज्यों के 8 जिलों को कवर करने वाली ये 4 परियोजनाएं भारतीय रेल के वर्तमान नेटवर्क को लगभग 410 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 60 लाख है।प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिसमें कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, मां धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, तलसारी-उदयपुर और चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंगा जगन्नाथ मंदिर, सरला मंदिर, धबलेश्वर मंदिर, ललितगिरि (बौद्ध स्थल) आदि शामिल हैं।प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। भारतीय रेल के पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण यह जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में सहायक होगी। साथ ही, यह तेल आयात (लगभग 13 करोड़ लीटर) को कम करेगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (लगभग 65 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगी, जो 2.60 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है। -
नयी दिल्ली/युवा पीढ़ी 'जेन-जी' तक अपनी पहुंच और पैठ बढ़ाने के एक बड़े प्रयास के तहत, नरेन्द्र मोदी सरकार प्रतिदिन एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय भेजने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं से सीधे संवाद करना, उनकी चिंताओं पर चर्चा करना और देश के समक्ष मौजूद विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह पहल दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में नीट पर्चा लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में सामने आई है। सूत्रों ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि 'एक दिन, एक विश्वविद्यालय' कार्यक्रम के तहत एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। मंत्री वहां छात्रों से बातचीत करेंगे, विभिन्न विषयों पर उनके विचार जानेंगे और खासतौर पर युवाओं तथा छात्रों के लिए चलाई जा रही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों और मंत्रियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि इन दौरों को सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस प्रस्तावित पहल पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि अन्य विश्वविद्यालय डीम्ड या निजी श्रेणी के हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर पिछले दिनों हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी की जान नहीं गई, जबकि कांग्रेस सरकारों के समय पुलिस गोलीबारी में कई लोग मारे गए थे। अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों के मंत्री रीजीजू रीजीजू ने कांग्रेस शासन के दौरान प्रशासन द्वारा बल प्रयोग की उन 11 घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें आम नागरिकों की मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि 60 के दशक में मिजोरम में भारतीय नागरिकों पर बमबारी के लिए भारतीय वायु सेना का इस्तेमाल किया गया था, जबकि 1969 में तेलंगाना आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में 369 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर छात्र थे। रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में वर्ष 1976 में आपातकाल के दौरान दिल्ली में तुर्कमान गेट को ध्वस्त करने और पुलिस गोलीबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय हुई मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर एक रहस्य बना रहा, जबकि पुलिस का दावा था कि छह लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि गोली चलाने का आदेश देने वाले पुलिस अधिकारी ने कहा था कि मरने वालों की संख्या 20 या उससे अधिक थी। रीजीजू ने कहा, ''सरकार के लिए नागरिकों की जान और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी की जान नहीं गई, जबकि कई अपराधियों ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की थी।'' रीजीजू ने यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि 'दिल्ली पुलिस की तारीफ होनी चाहिए', जबकि संसद से केवल आधा किलोमीटर दूर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं। राहुल गांधी ने कहा था, ''मैं खुद उन घायल बच्चों से मिला हूं। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं। इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।'' रीजीजू ने राहुल गांधी को दिये जवाब में कहा कि 18 अक्टूबर, 1976 को उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में जबरन नसबंदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई थी। उन्होंने दावा किया कि कई ऐतिहासिक वृत्तांतों में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की बात कही गई है, और कुछ स्रोतों के अनुसार मरने वालों की संख्या लगभग 50 थी। रीजीजू ने कहा कि 1972 में पंजाब के मोगा में सिनेमा टिकटों की कथित कालाबाजारी के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोलीबारी की, जिसमें छात्रों और राहगीरों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1973-74 में गुजरात में छात्रों के नेतृत्व वाले 'नव निर्माण आंदोलन' में 103 लोगों की मौत का जिक्र है, जिनमें से 88 मौतें पुलिस की गोलीबारी के कारण हुईं। उन्होंने कहा कि 1998 में मध्य प्रदेश में मुलताई किसान आंदोलन के दौरान पुलिस ने किसानों पर गोली चलाई थी। मंत्री के अनुसार शुरुआती खबरों में मरने वालों की संख्या 17 बताई गई थी, जबकि बाद की जानकारी के अनुसार मरने वाले किसानों की कुल संख्या 24 थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। रीजीजू ने कहा कि 2007 में आंध्र प्रदेश में मुदिगोंडा भूमि आंदोलन के दौरान खबरों के मुताबिक पुलिस की गोलीबारी में आठ लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि 2010 में सोमपेटा (आंध्र प्रदेश) में पुलिस की गोलीबारी में दो मछुआरों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 100 लोग घायल हो गए थे। मंत्री ने बताया कि 2011 में आंध्र प्रदेश में हुई काकरापल्ली गोलीबारी की घटना के बारे में मिली खबरों से ज्ञात होता है कि पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि एक तथ्य अन्वेषण रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 साल पहले दक्षिणी राज्य में रबर की गोलियों और असली गोलियों, दोनों का इस्तेमाल किया गया था। रीजीजू ने 2011 में महाराष्ट्र में जैतपुर परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध के दौरान हुई गोलीबारी की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल 2011 को पुलिस की गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी, तबरेज सयेकर (जिन्हें तवरेज़ सेजकर भी बताया गया है) की मौत हो गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''कांग्रेस के शासनकाल में पुलिस गोलीबारी की कई और घटनाएं हुई थीं। ये घटनाएं उन बड़े विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों का सिलसिलेवार ब्योरा देती हैं, जिनमें कांग्रेस सरकारों के सत्ता में रहने के दौरान पुलिस गोलीबारी या पुलिस की कार्रवाई से मौतें हुईं। हमारी सरकार सभी आंदोलनों में अधिकतम संयम बरत रही है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा की दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी की गई और उनकी हालत स्थिर है। अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नड्डा को बेचैनी महसूस होने के बाद 13 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। उसी शाम उनकी कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई जांचें की गई थीं। अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, ''17 अगस्त 2026 को उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। उनकी हालत स्थिर है और वह हृदय रोग विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।''
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रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद कम से कम 2,000 लोगों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इन लोगों को डर है कि परीक्षा पास करने के बाद मिली उनकी सरकारी नौकरियां छिन सकती हैं। झारखंड सचिवालय के बाहर मंगलवार को धरने पर बैठे सफल अभ्यर्थियों में से एक ने कहा, ''हमें हमारा अपराध बताइए। हमें नौकरी से बाहर मत कीजिए।'' अभ्यर्थी निष्पक्ष रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग कर रहे हैं। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के लगातार विरोध के बीच झारखंड सरकार ने सोमवार रात झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। साथ ही, वर्ष 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) द्वारा कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला किया गया। यह फैसला परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में से एक था और इससे आंदोलन समाप्त होने की संभावना थी। लेकिन अब सरकार के सामने एक नई चिंता खड़ी हो गई है, क्योंकि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को अपनी नौकरियां खोने का डर सता रहा है। ये अभ्यर्थी अब सरकारी कर्मचारी हैं। उनका कहना है कि वे कथित अनियमितताओं की जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के साथ-साथ सफल अभ्यर्थी भी अब सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सफल अभ्यर्थी कानूनी रास्ता अपना सकते हैं। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने उनकी परेशानी को स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी उनके प्रति सहानुभूति रखती है। हालांकि, सरकार की ओर से यह आश्वासन कि नयी रिक्तियों के जरिए योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेंगे, इन अभ्यर्थियों की चिंता कम नहीं कर पाया। इनमें से कई अभ्यर्थी अब अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं। कुछ ने भूख हड़ताल और आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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लखनऊ. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि भविष्य में चंद्रमा और अंतरिक्ष अभियानों के लिए 'डॉकिंग तकनीक' बेहद महत्वपूर्ण होगी। बेंगलूरु स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क के निदेशक एम. आर. राघवेंद्र ने लखनऊ में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह को संबोधित किया। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के छात्र रहे हैं। राघवेंद्र ने इसरो के सफल स्पेस डॉकिंग प्रयोग का उल्लेख करते हुए कहा, ''डॉकिंग एक बहुत ही दिलचस्प प्रयोग है। हमने इसे किया है क्योंकि यह भविष्य में बहुत काम आ सकता है।'' उन्होंने कहा, ''अब हम चांद पर पहुंच चुके हैं। अब हम चांद से कुछ नमूने लाना चाहते हैं और ऐसा करने के लिए हमें 'डॉकिंग' की जरूरत होगी। एक ऑर्बिटर चांद की परिक्रमा करेगा और एक लैंडर नमूने एकत्र करने के बाद ऑर्बिटर के पास आएगा और उससे जुड़ेगा। इसके बाद नमूने धरती पर वापस लाए जाएंगे।'' राघवेंद्र ने कहा कि 'डॉकिंग' भारत के प्रस्तावित अंतरिक्ष स्टेशन 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (बीएएस) के लिए भी जरूरी होगी। उन्होंने कहा, ''आप सभी ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में सुना होगा। अब हमारे पास बीएएस भी होगा, जिसमें पांच मॉड्यूल होंगे और इनमें से प्रत्येक मॉड्यूल को 'डॉकिंग' की जरूरत होगी। इसलिए 'डॉकिंग' प्राथमिक मिशनों के लिए भी महत्वपूर्ण तकनीक है।'' राघवेंद्र ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के पीछे योजना और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया, जिसके तहत भारत ने चांद पर सफल 'सॉफ्ट लैंडिंग' की थी। उन्होंने मिशन में शामिल तकनीकी और संगठनात्मक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा, ''हम चांद पर उतरने वाले चौथे देश थे। चांद पर उतरना सिर्फ एक घटना नहीं थी।'' चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने 23 अगस्त, 2023 को चांद की सतह पर सुरक्षित और 'सॉफ्ट लैंडिंग' की जिससे भारत ऐसा करने वाला चौथा देश और चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला पहला देश बन गया। भारत इस साल 23 अगस्त को अपना तीसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाएगा।इस जश्न के हिस्से के तौर पर इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड ने मंगलवार को लखनऊ में सीएमएस के सहयोग से एक दिन का कार्यक्रम आयोजित किया।
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नयी दिल्ली. ब्रिक्स समूह के पांच देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के 500 से अधिक राजदूत, राजनयिक, कारोबारी नेता, विद्वान, सांस्कृतिक हस्तियां, उद्यमी और निवेशक दो दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि संस्कृति, ज्ञान प्रणालियां, विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति किस तरह देशों के बीच सार्थक संबंध कायम कर सकती हैं। आयोजक एपी ग्लोबेल ने सोमवार शाम यहां एक कार्यक्रम में बताया कि ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम (जीआईएफ) का दूसरा संस्करण पांच और छह सितंबर को मुंबई के द ताज महल पैलेस में आयोजित किया जाएगा। 'अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट पावर महोत्सव' के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सत्र, संबोधन और कार्यशालाएं होंगी, जिनमें भाग लेने वाले देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा परंपराओं पर चर्चा की जाएगी। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और पारंपरिक चीनी चिकित्सा से लेकर कलयारीपट्टू और कुंग फू/ताई ची, शास्त्रीय नृत्य और कैपोएरा, टैगोर और टॉल्सटॉय, सिनेमा, संगीत, खेल और आदिवासी परंपराओं तक विभिन्न परंपराओं और विधाओं पर चर्चा होगी।
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नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय परमिट व्यवस्था के तहत आने वाले बैटरी से चलने वाले, हाइड्रोजन ईंधन और प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों की तय उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से हाल में जारी अधिसूचना के अनुसार, यह प्रस्ताव राष्ट्रीय परमिट की प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए किए गए मसौदा संशोधन का हिस्सा है।प्रस्तावित बदलाव के तहत राष्ट्रीय परमिट व्यवस्था वाले वाहनों के लिए मौजूदा 12 वर्ष और 15 वर्ष की उम्र सीमा को बैटरी, हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों के मामले में बढ़ाकर क्रमशः 17 वर्ष और 20 वर्ष किया जाएगा । हालांकि, उम्र सीमा में यह बढ़ोतरी सभी वाणिज्यिक वाहनों पर लागू नहीं होगी और केवल निर्धारित श्रेणी के वाहनों तक सीमित रहेगी।यह प्रस्ताव स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाणिज्यिक परिवहन को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के बीच आया है।सरकार ने राष्ट्रीय परमिट धारकों को हर साल अनुमति का नवीनीकरण कराने के बजाय पांच साल तक की अनुमति लेने का विकल्प देने का भी प्रस्ताव रखा है। इसका शुल्क 16,500 रुपये सालाना ही रहेगा। इस तरह पांच साल की अनुमति के लिए कुल 82,500 रुपये देने होंगे।इसके अलावा, कागजी कार्रवाई कम करने के लिए वाहन संबंधी वाहन (VAHAN) आंकड़ा प्रणाली का इस्तेमाल करने का भी प्रस्ताव है।मसौदे में अस्थायी पंजीकरण के नियमों में बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है।बिना बॉडी वाले वाहन के ढांचे को जारी होने की तारीख से छह महीने के लिए अस्थायी पंजीकरण दिया जाएगा। यदि छह महीने बाद भी बॉडी लगाने के लिए वाहन किसी कार्यशाला में है या वाहन मालिक के नियंत्रण से बाहर किसी अप्रत्याशित कारण से काम पूरा नहीं हो पाया है, तो पंजीकरण अधिकारी आवेदन और निर्धारित शुल्क के भुगतान पर इसकी अवधि एक बार में 30 दिन तक बढ़ा सकेगा।पूरी तरह तैयार वाहनों को संशोधित वाहन में बदलने या डीलर के स्थान से अलग राज्य में पंजीकरण कराने की स्थिति में अस्थायी पंजीकरण 45 दिनों के लिए मान्य होगा।इसके अलावा, प्रस्तावित संशोधनों में वाहन पंजीकरण और परमिट से जुड़े प्रपत्रों में कुछ अतिरिक्त जानकारी शामिल करने का भी प्रावधान है। मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर अधिसूचना सार्वजनिक किए जाने की तारीख से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। -
उपराज्यपाल ने पहले जत्थे को रवाना किया
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में स्थित प्राचीन बूढ़ा अमरनाथ मंदिर की वार्षिक यात्रा सोमवार को शुरू हुई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने धार्मिक उत्साह और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच जम्मू से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना किया। अधिकारियों ने बताया कि सिन्हा ने पूजा-अर्चना करने के बाद सुबह करीब 6:30 बजे भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं के जत्थे को पुंछ के लिए रवाना किया। यह यात्रा करीब 230 किलोमीटर लंबी है। राजौरी के राजपुरा, मंडी तहसील स्थित बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर की 12 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी और रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "आज पवित्र श्री बूढ़ा अमरनाथ जी यात्रा को रवाना करने का सौभाग्य मिला। यह दिव्य तीर्थयात्रा श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक परिवर्तन का अनुभव प्रदान करने वाली है।" उन्होंने कहा, "मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि देश के कोने-कोने से आने वाले सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हो। महादेव आपकी इस पवित्र यात्रा के हर कदम पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। हर हर महादेव!" उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के जत्थे पुलिस सुरक्षा घेरे में यात्रा करेंगे। जम्मू-राजौरी-पुंछ मार्ग पर अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने बताया कि राजौरी और पुंछ जिलों में बहुस्तरीय सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। वहीं, विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवान दशनामी अखाड़ा जैसे ठहरने वाले स्थानों समेत कई इलाकों में तलाशी और सत्यापन अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जम्मू-राजौरी-पुंछ राजमार्ग पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। -
एक व्यक्ति हिरासत में लिया गया
तारापीठ (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने होटल में आग बुझाने की उचित व्यवस्था न होने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के समय होटल में 43 लोग मौजूद थे, जिनमें से एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि 34 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मंदिर नगरी तारापीठ में चार मंजिला होटल के भूतल पर तड़के करीब 4:30 बजे उस वक्त आग लगी, जिस समय ज्यादातर मेहमान सो रहे थे। इनमें कई श्रद्धालु थे, जो सावन महीने के आखिरी सोमवार को पूजा करने आए थे। आग लगने के बाद घना धुआं पूरे भवन में फैलने के कारण कई मेहमान ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। इसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर भेजकर आग पर काबू पाया गया। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग झुलस गए, जबकि कुछ लोग दम घुटने के कारण बीमार हो गए।
होटल के अधिकारियों ने दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था के एक उपकरण में चिंगारी भड़कने के बाद होटल के 'रिसेप्शन' के पास आग शुरू हुई। आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। होटल के अंदर सजावट और फाइबर की सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया और कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि होटल में आग बुझाने वाले उपकरणों के रखरखाव में कथित लापरवाही के संबंध में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इस घटना और आगामी कौशिकी अमावस्या पर्व के दौरान भारी भीड़ जुटने के मद्देनजर बीरभूम जिला प्रशासन ने तारापीठ के होटलों, लॉज और अन्य प्रतिष्ठानों में बिजली व्यवस्था और अग्निशमन व्यवस्था की विशेष जांच कराने की घोषणा की है। प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे एवं अन्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त और सुरक्षित बिजली व्यवस्था तथा आग से बचाव एवं आग बुझाने की प्रभावी व्यवस्था हो। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, "मैं तारापीठ में अचानक आग लगने की घटना से बेहद स्तब्ध हूं। मैं इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की कामना करती हूं। मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करती हूं।" हादसे में बाल-बाल बची कोलकाता की एक महिला ने होटल के अंदर मची अफरा-तफरी को याद किया। उसने कहा, "अचानक पूरा होटल धुएं से भर गया। हम सांस नहीं ले पा रहे थे और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल था।" एक अन्य मेहमान तपनज्योति मंडल ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ करीब 45 मिनट तक अपने कमरे में फंसे रहे। मंडल ने कहा, "आग के कारण हम दरवाजे से बाहर नहीं निकल सके। कमरे में कोई खिड़की नहीं थी, इसलिए वे बाथरूम की छत के पास बने एक रास्ते से बाहर निकले।" घटना में मंडल की मां बेहोश हो गईं, जबकि उनकी बहन घायल हो गईं। -
नयी दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित 10 महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेताओं को जगह दी। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नयी टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, भौगोलिक विविधता और व्यापक सामाजिक समावेश का एक रणनीतिक संयोजन बताया। देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी की 10 अनुभवी महिला नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है।
राष्ट्रीय महासचिव बनाई गईं ईरानी के अलावा, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा उपाध्यक्ष नियुक्त की गई हैं। कविता पाटीदार और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है।
रूप कुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने कहा कि भारत के हर प्रमुख धर्म को सम्मान और उचित स्थान देने के लिए, राष्ट्रीय टीम में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य तथा मुस्लिम, जैन और पारसी समुदाय से एक-एक सदस्य को शामिल किया गया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस के दिवंगत नेता ए.के. एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी राष्ट्रीय सचिव के पद पर बने रहेंगे। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी ने कहा कि नयी नियुक्तियों से देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है। भाजपा ने एक बयान में कहा, ''इस तरह की संतुलित नियुक्तियों से नये राष्ट्रीय अध्यक्ष (नितिन नवीन) की कार्यकारिणी टीम को देश के विशाल भौगोलिक विस्तार और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में मदद मिलेगी।'' पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर इलाके पर खास ध्यान दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नगालैंड से तीन क्षेत्रीय नेताओं की नियुक्ति और संबित पात्रा की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर समन्वय प्रकोष्ठ को जारी रखने के जरिए इस इलाके को खास अहमियत दी गई है। इसके अलावा, समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के तीन सदस्य अनुसूचित जातियों (एससी) का प्रतिनिधित्व करते हैं। -
लखीसराय. बिहार के लखीसराय जिले में प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के पास सोमवार सुबह भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंदिर के समीप स्थित अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गयी जबकि 14 अन्य घायल हो गए। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और भगदड़ मच गई।" उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं तथा बचाव एवं राहत कार्य जारी है। सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सात मृतकों में से पांच की पहचान मणिमाला देवी, टिंकू देवी, हेमलता देवी, ललिता देवी और सरिता के रूप में हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि बचाव एवं राहत कार्य जारी है और घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया और प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि अशोक धाम में हुई घटना ''दुखद और हृदयविदारक'' है तथा इससे वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों को उचित और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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ऊना (हिमाचल प्रदेश). हिमाचल के ऊना जिले में पशु चिकित्सकों के एक दल ने भैंस के पेट में फंसे धातु के तार के 18 टुकड़ों को शल्यक्रिया के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया। गोंदपुर जयचंद निवासी राम अग्निहोत्री की भैंस पिछले दस दिनों से चारा नहीं खा रही थी। पशु चिकित्सालय ले जाने पर कुछ प्रारंभिक जांच के बाद भैंस का अल्ट्रासाउंड किया गया। पशु चिकित्सकों ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे भैंस के पेट में बाहरी वस्तु मौजूद होने की पुष्टि हुई। पशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल शल्यक्रिया करने का फैसला किया। शल्यक्रिया से भैंस के पेट से तार के 18 टुकड़े निकाले गए। पशुपालन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि शल्यक्रिया के बाद भैंस का जरूरी उपचार और देखभाल की गई और उसकी हालत में सुधार हुआ। शल्यक्रिया ललड़ी पशु चिकित्सालय में डॉ. निशांत रानौत, डॉ. नवनीत शर्मा और डॉ. शिल्पा रानौत की टीम ने की। पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट सौरव के साथ रीमा, सुनंदा, दीपक, सक्षम और विकास ने भी शल्यक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग किया। पशु चिकित्सकों के अनुसार, चारे के साथ गलती से निगल लिए गए कील, तार, लोहे के टुकड़े और अन्य धातु की वस्तुएं पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में समय पर बीमारी का पता लगाना और उचित उपचार बेहद जरूरी है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड के जरिए समस्या का पता चलने के बाद शल्यक्रिया की गई, जिससे पशु की हालत में सुधार हुआ। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से चारा खिलाने से पहले उसमें मौजूद तार, कील और अन्य धातु की वस्तुओं को अच्छी तरह हटाने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई पशु खाना बंद कर दे या उसके स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो पशुपालक तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि नयी टीम में संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा एवं जमीनी स्तर से जुड़ाव का बेहतर मेल है।
भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है। इसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जिनमें राम माधव, लोकसभा सदस्य डी. पुरंदेश्वरी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शामिल हैं।पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां पाने वाले सभी को बधाई। नवनियुक्त टीम में संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और जमीनी स्तर से जुड़ाव का बेहतर मेल है।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नयी टीम भाजपा को मजबूत करने और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी। मोदी ने कहा, ‘‘मेरी उन्हें शुभकामनाएं हैं।’’भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बनाए रखा है। वहीं, आठ राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को शामिल किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल ही ऐसे दो राष्ट्रीय महासचिव हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी नयी टीम में बरकरार रखा है। भाजपा ने अलग-अलग राज्यों से 16 राष्ट्रीय सचिवों की अपनी टीम में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नये चेहरों को शामिल किया है। -
- रूप कुमारी चौधरी भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष नियुक्त
नई दिल्ली। भाजपा ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत 10 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेता शामिल हैं। पार्टी नेताओं ने नेशनल पदाधिकारियों की इस नई टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, भौगोलिक विविधता और व्यापक सामाजिक समावेश का एक रणनीतिक मिश्रण बताया।महिला नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांदेश के विभिन्न हिस्सों से दस अनुभवी महिला नेताओं को नेशनल ऑफिस में नियुक्त किया गया है। स्मृति ईरानी को नेशनल जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है। उनके अलावा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और एनसीडब्ल्यू की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। कविता पाटीदार और संगीता यादव को नेशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। रूप कुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्वपार्टी ने कहा कि भारत के हर प्रमुख धर्म का सम्मान और समावेश सुनिश्चित करने के लिए नेशनल ऑफिस में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य और मुस्लिम, जैन एवं पारसी समुदायों से एक-एक सदस्य को जगह दी गई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. तारिक मंसूर को नेशनल उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को नेशनल सेक्रेटरी के पद पर बनाए रखा गया है। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का नेशनल उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्वपार्टी ने कहा कि नई नियुक्तियां व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती हैं, जिसमें देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आवाज़ों को शामिल किया गया है। भाजपा ने एक बयान में कहा, “ऐसी संतुलित नियुक्तियां आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष की कार्यकारी टीम को देश के विशाल भौगोलिक परिदृश्य और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में सक्षम बनाती हैं।”पूर्वोत्तर और सामाजिक वर्गों पर विशेष ध्यानपार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नागालैंड के तीन क्षेत्रीय नेताओं की नियुक्ति और संबित पात्रा के नेतृत्व में समर्पित नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन सेल को जारी रखकर इस क्षेत्र को खास अहमियत दी गई है। समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं। साथ ही, अनुसूचित जातियों (एससी) का प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के तीन सदस्य कर रहे हैं। -
-: राम माधव, स्मृति ईरानी और बिप्लब देब शामिल, नितिन नवीन के नेतृत्व में टीम गठित
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की। इसमें राम माधव, लोकसभा सदस्य डी. पुरंदेश्वरी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत 13 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
महासचिवों की टीम में नए चेहरेभाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार रखा है। वहीं, अपनी आठ राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को शामिल किया गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल ही ऐसे दो राष्ट्रीय महासचिव हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी नई टीम में बनाए रखा है।सचिवों में कई नए नामभाजपा ने अलग-अलग राज्यों से 16 राष्ट्रीय सचिवों की अपनी टीम में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नए चेहरों को जगह दी है।कुछ उपाध्यक्षों को रखा बरकरारराजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा वैजयंत जे. पांडा और रेखा वर्मा को भी उपाध्यक्ष के पद पर बनाए रखा गया है। ( - नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल पानी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए हैं। वैष्णव का यह आदेश भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग)की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कई स्टेशनों पर पेयजल मुहैया कराने के लिए लगाए गए 'वाटरकूलर' में ई-कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही गई थी। रेलवे मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे दिन मुद्दे की समीक्षा की और कई उपाय करने के आदेश दिए, जिनमें पानी को फिल्टर करने वाली प्रणाली लगाना, पानी की टंकियां बदलना और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच शामिल है। शनिवार को 'पीटीआई-भाषा' ने सबसे पहले 512 से अधिक रेलवे स्टेशनों की कैग ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी दी थी, जिसमें पानी की खराब गुणवत्ता और यात्रियों के लिए अपर्याप्त सुविधाओं के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किये गए हैं।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए)ने जून में आयोजित यूजीसी-नीट 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षा रविवार को दोबारा कराने की घोषणा की। एनटीए ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की शिकायत मिलने के बाद यह फैसला लिया है।एजेंसी ने बताया कि अंग्रेजी विषय की परीक्षा नौ सितंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक जबकि वाणिज्य विषय की परीक्षा उसी दिन अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक दूसरी पाली में आयोजित की जाएगी। एनटीए ने बताया कि समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली में आयोजित की जाएगी। एनटीए ने कनिष्ठ अनुसंधान छात्रवृत्ति (जेआरएफ), सहायक प्राध्यापक के तौर पर पात्रता और पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 87 विषयों में 22 से 30 जून के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) जून 2026 आयोजित की थी। एनटीए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसे इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों की शिकायतें मिली थीं और इन मुद्दों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। एजेंसी ने बताया कि समिति को तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की विसंगतियां मिलीं जिनमें तथ्यात्मक, मुद्रण और अनुवाद संबंधी गलतियां शामिल थीं। इनमें मशहूर विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, किताबों के गलत नाम, सवालों की भाषा में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन के मेल में गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और स्थापित कॉन्सेप्ट्स के लिए गैर-मानक शब्द शामिल थे। साथ ही, पहले पूछे जा चुके कई सवालों को भी दोहराया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया कि समिति ने निष्पक्ष और त्रुटि-मुक्त परीक्षा आयोजित करने का सुझाव दिया जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया है। एनटीए ने कहा कि जिन 84 विषयों के लिए चुनौती दिये गए प्रश्नों की 'उत्तर कुंजी' आज ही जारी की गई है, उनके नतीजे तय समय-सारणी के अनुसार घोषित किए जाएंगे।
- मथुरा (उप्र)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह रविवार को अचानक गोवर्धन पहुंचीं और उन्होंने जतीपुरा स्थित गिरिराज जी के मुखारबिंद मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चन की। इस बीच, उनके साथ भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था रही और उन्होंने इस धार्मिक यात्रा में मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। गोवर्धन थाना प्रभारी कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह रविवार को गिरिराज जी की पूजा-अर्चना करने यहां पहुंचीं। सिंह ने बताया कि शाह ने सीधे जतीपुरा स्थित मुखारबिंद मंदिर पहुंचकर पुरोहित के निर्देशानुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि इस बीच अनेक संवाददाताओं ने उनसे विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए, किंतु वे मौन रहकर वापस लौट गईं। सोनल शाह पहले भी कई बार कभी अकेले, तो कभी पुत्र जय व पुत्रवधू ऋषिता शाह के साथ धार्मिक यात्रा पर मथुरा आती रही हैं।
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नयी दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले सेना के हमलावर श्वान 'टायसन' को इस साल 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' सम्मान के लिए चुना गया है। दो पैरा के श्वान (एक जर्मन शेफर्ड) 'टायसन' का नाम उन 75 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' की सूची में शामिल है, जिन्हें उन सैन्यकर्मियों के लिए मंज़ूरी दी गई है जिन्होंने ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन हिफाजत जैसे कई सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था। यह सम्मान 'ऑपरेशन रक्षक' के तहत किए गए कार्य के लिए दिया गया है।
रीमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स का हमलावर श्वान दो पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के साथ संबद्ध है। सेना के व्हाइट नाइट्स कोर ने फरवरी में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि ऑपरेशन 'त्राशी-1' के तहत, टायसन ने ''आतंकवादियों के ठिकाने में घुसने की अगुवाई करते हुए पहली गोली खुद खाकर असाधारण साहस का परिचय दिया''। देश की आजादी की 80वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने 89 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' को भी मंज़ूरी दी थी। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 कर्मी शामिल हैं।



























