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मुंबई. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक 'स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल' (एसयूवी) के खाई में गिर जाने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा पोलादपुर-महाबलेश्वर मार्ग पर अंबेनली घाट इलाके में रविवार को हुआ। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे का शिकार हुए लोग सातारा के रहने वाले थे। वे दापोली से सातारा जा रहे थे, तभी उनका वाहन खाई में गिर गया।
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नयी दिल्ली. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ वार्ता में अमेरिका ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलना भी शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद रूबियो ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले कुछ घंटों में ''अच्छी खबर'' आने की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोई घोषणा की जा सकती है। रूबियो ने एक सवाल के जवाब में कहा, "ईरान की स्थिति के बारे में, मेरा मानना है कि इस विषय पर आज थोड़ी देर बाद और खबरें आ सकती हैं, और इस संबंध में घोषणाएं राष्ट्रपति ही करेंगे।" अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस संबंध में विस्तार से बताए बिना कहा कि पिछले 48 घंटों में संघर्ष को सुलझाने की रूपरेखा पर बातचीत में प्रगति हुई है। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर हैं। अमेरिका और इजराइल के गत 28 फरवरी को संयुक्त हमले शुरू करने और ईरान के पलटवार के परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। ट्रंप ने शनिवार को अपनी पोस्ट में कहा, ''समझौते के कई अन्य पहलुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ''मैं सभी को याद दिलाता हूं कि हमारा अंतिम लक्ष्य यह है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित करने की प्रक्रिया में शामिल न हो सके।'' रूबियो ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, और वे अभी जो कर रहे हैं वह मूल रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को नष्ट करने की धमकी देना है जो अंतरराष्ट्रीय कानून की किसी भी अवधारणा के तहत अवैध है।" उन्होंने कहा, "पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ मिलकर एक रूपरेखा तैयार करने में कुछ प्रगति हुई है, जो अगर सफल होती है, तो अंततः हमें न केवल पूरी तरह से खुला होर्मुज जलडमरूमध्य प्रदान कर सकती है।" जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों की ही इस बात में काफी रुचि है कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, ''वैश्विक ऊर्जा कीमतों को कम रखने और ऊर्जा स्रोतों की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी हमारी बहुत गहरी रुचि है।'' विदेश मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा अमेरिका से ऊर्जा आयात में काफी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ''होर्मुज में मौजूदा स्थिति से निपटने का हमारा तरीका और स्पष्ट रूप से कहें तो, भविष्य में भी, अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना है, क्योंकि यही हमारी ऊर्जा सुरक्षा का मूल आधार है और इसीलिए हम दृढ़ता से मानते हैं कि ऊर्जा बाजार को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा की कीमतों को कम रखना महत्वपूर्ण है।''
पिछले महीने पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं की वार्ता की मेजबानी की थी, जो 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, लेकिन दोनों पक्ष किसी शांति समझौते पर पहुंचने में विफल रहे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि इस्लामाबाद को उम्मीद है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी बहुत जल्द करेगा। उनकी यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ क्षेत्रीय स्थिति और जारी शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए किए गए फोन कॉल के बाद आई है। -
उमरिया. मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के पास रविवार तड़के बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई तथा तीन अन्य लोगों को घायल हो गए। बचाव अभियान के दौरान बाघ की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे रिजर्व के निकट पनपथा गांव के खेरवा टोला इलाके में हुई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में बार-बार हो रहे बाघ के हमलों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कथित तौर पर एक वन परिक्षेत्र अधिकारी की पिटाई की तथा एक महिला वनकर्मी से दुर्व्यवहार किया। रिजर्व के क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ गांव में घुसा और ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बाद में बाघ मृतका के घर में घुस गया, जहां बचाव अभियान के दौरान उसकी मौत हो गई।
सहाय ने कहा, ''जब हमने बाघ को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाया तो उसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, जिससे संकेत मिला कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।'' उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बाघ की मौत बेहोशी के इंजेक्शन (ट्रैंक्विलाइजर) की अधिक मात्रा के कारण हुई। उन्होंने कहा कि बाघ की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार हो रहे बाघ के हमलों के विरोध में कथित तौर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव की पिटाई की, जिससे वह घायल हो गए। ग्रामीणों ने एक महिला वनकर्मी से भी दुर्व्यवहार किया। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के बस्ती में घुसने के बाद बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। विरोध प्रदर्शन के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ और अधिकारियों को महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से कथित तौर पर दो घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। सहाय ने कहा कि घायलों का नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये दिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, बाद में कांग्रेस नेता एवं जनपद पंचायत सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे गांव पहुंचीं और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाया। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के लिए नि:शुल्क उपचार और मुआवजा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक अन्य हालिया घटना में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह तेंदूपत्ता एकत्र करने गईं चार महिलाओं की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। -
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर). राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद, जांचकर्ता उस वैश्विक आपूर्ति शृंखला का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चीन को भेजा गया अमेरिका निर्मित 'गोप्रो कैमरा' आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हाथों में कैसे पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पिछले साल जुलाई में दाचीगाम के जंगलों में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों से बरामद उच्च तकनीक वाले कैमरे ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए साजो-सामान उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की जांच की एक महत्वपूर्ण नयी दिशा खोल दी है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूह दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध में बढ़त हासिल करने के मद्देनजर हमलों को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरों का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस विशिष्ट आपूर्ति शृंखला का पता लगाने से उन भूमिगत नेटवर्क की मिलीभगत का खुलासा हो सकता है, जो भारत विरोधी संगठनों को सीमाओं के पार धन, साजो-सामान और सामरिक उपकरण पहुंचाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, उपकरण के स्रोत का पता लगाने के लिए एनआईए ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी निर्माता 'गोप्रो इंक' से संपर्क किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैमरा कहां बेचा गया था। अपने औपचारिक जवाब में, अमेरिकी कंपनी ने बताया कि यह उपकरण मूल रूप से चीन में एक अधिकृत वाणिज्यिक वितरक को भेजा गया था। घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने बताया कि जांच अब इस बात पर केंद्रित हो गई है कि चीनी वितरक से प्राप्त कैमरा लश्कर-ए-तैयबा के आकाओं के हाथों में कैसे पहुंचा, और इस बात की प्रबल संभावना है कि ये कैमरे पाकिस्तानी सेना द्वारा खरीदे गए हों और बाद में आतंकी संगठनों को पहुंचाए गए हों। भारत की चीन के साथ कोई पारस्परिक कानूनी सहायता संधि नहीं है और ऐसे मामले राजनयिक माध्यमों से उठाए जाते हैं। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ''आरोपपत्र में पहलगाम हमले के तात्कालिक परिचालन विवरण स्थापित किए गए हैं, लेकिन व्यापक जांच अब भी जारी है।'' उन्होंने कहा, ''हम खरीद माध्यमों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चीन से आयातित एक व्यावसायिक उपकरण जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तक कैसे पहुंचाया गया।'' पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों सहित 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों में स्थित आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया, जिनमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकाने भी शामिल थे।
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गुरुवायूर (केरल) . केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रविवार को यहां के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की। गुरुवायूर देवस्वोम द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मक्खन चढ़ाकर पारंपरिक 'तुलाभारम' अनुष्ठान भी किया। पोस्ट में कहा गया है कि पदभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री की यह मंदिर की पहली यात्रा थी।
सतीशन सुबह करीब सात बजे मंदिर पहुंचे, जहां देवस्वोम के अध्यक्ष ए वी गोपीनाथ और प्रशासक ओ बी अरुण कुमार ने उनका स्वागत किया। देवस्वोम के अध्यक्ष ने शॉल भेंट करके उनका अभिनंदन किया। पोस्ट में बताया गया है कि तुलाभारम के लिए लगभग 71 किलोग्राम मक्खन का इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री हर महीने एक बार मंदिर आते हैं।
बाद में, सतीशन ने मंदिर परिसर में राजस्व मंत्री ए पी अनिल कुमार के बेटे के विवाह समारोह में भी भाग लिया। -
नयी दिल्ली. इस साल के संसद रत्न पुरस्कारों के लिए 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। निजी संगठन 'प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन' ने एक बयान में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पी. पी. चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र) पुरस्कारों के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए सांसदों में शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान), हेमंत विष्णु सवरा (महाराष्ट्र), स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र), नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र), मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र) और नरहरि अमीन (गुजरात) को इस साल बजट सत्र के अंत तक संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। चार संसदीय समितियों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इनमें चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि समिति, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त समिति, सप्तगिरि शंकर उलाका की अध्यक्षता वाली ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति और अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला एवं खान समिति शामिल हैं। -
-केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने -भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया
-जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त किया-पहली आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री तक - मोदी Era जनजातीय गौरव का स्वर्णिम काल-पिछली सरकार के राज में जनजातीय कल्याण का बजट महज 28 हज़ार करोड़ था, मोदी सरकार ने 5 गुना बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ किया-मोदी जी ने जनजातीय समाज को UCC से बाहर रखा है, किसी के भ्रम या बहकावे में न आएँ-भ्रांतियों से बचें, भेद डालने वालों को पहचानें और एकजुट होकर विकसित व समृद्ध भारत की ओर बढ़ें-बंगाल में 16 की 16 ST सीटों पर हमारी पार्टी की जीत अटल जी से मोदी जी तक, जनजातीय समाज के प्रति हमारे अटूट समर्पण का फल है-PESA अब कागज पर नहीं, जमीन पर - पेसा सेल से आदिवासी की अपनी भाषा में, गाँव-गाँव पहुँच रहा कानून-"तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलायानई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के रूप में आने वाले अनेक वर्षों तक जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा के बाद सबसे पहला यह जनजातीय आंदोलन है जो पूरे देश को एक करता है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष है। उन्होंने कहा कि उलगुलान आंदोलन ने अंग्रेज़ों को धूल चटाने का काम किया था और उस वक्त संचार की सुविधा न होने के बावजूद झारखंड से गुजरात तक पूरे भारत में जनजातियों को भगवान बिरसा मुंडा ने यह संदेश पहुंचाया कि हमारा धर्म ही सच्चा धर्म है और हमारे जंगल पर किसी का कब्ज़ा नहीं हो सकता। जल, जंगल, पहाड़ हमारे वनवासी भाइयों के लिए आस्था का केन्द्र, आजीविका का साधन और उनकी अस्मिता औऱ संस्कृति का संरक्षण करने वाला अभेद्य किला है। आज सबसे बड़ा सस्टेनेबल मॉडल जनजातियों द्वारा बनाया गया मॉडल है।श्री अमित शाह ने कहा कि सभी जनजातियों ने किसी लिखित नियम के बिना विविधता में एकता और एकता में विविधता के मंत्र को चरितार्थ करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोभ, लालच और जबरदस्ती कोई किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता। उन्होंने कहा कि वनवासी अगर ठान लें कि धर्म की रक्षा करने का संकल्प आज यहां लेना है तो यही संकल्प हमें हमारी संस्कृति औऱ देश से जोड़कर रखेगा। श्री शाह ने कहा कि हमारे बीच भेद पैदा करने वाले नहीं जानते कि हज़ारों साल पहले भगवान राम ने शबरी के झूठे बेर खाकर हमें बताया था कि हम सब एक हैं। उन्होंने कहा कि भेद पैदा करने वाले लोगों के लिए आज का यह सम्मेलन और लाखों की संख्या में उपस्थिति जनजातियां बहुत बड़ा संदेश हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब एक षड्यंत्र शुरू हुआ है कि UCC जनजातियों को अपनी संस्कृति, परंपरा, परंपरा से जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। मोदी सरकार के गृह मंत्री के नाते मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि UCC की कोई पाबंदी वनवासी समाज पर नहीं लगेगी और इससे किसी वनवासी के किसी भी अधिकार का अतिक्रमण नहीं होगा। हमने गुजरात और उत्तराखंड में UCC लागू किया है और विशेष प्रावधान कर UCC से सारी जनजातियों को बाहर रखने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। श्री शाह ने कहा कि मैं भेद पैदा करने वालों को बताना चाहता हूं कि UCC से किसी भी जनजाति की परंपरा से कोई खिलवाड़ नहीं होगा।श्री अमित शाह ने कहा कि जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने 5 दशक पुराने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त कर दिया है और आज हमारा देश नक्सल समस्या से पूर्ण रूप से मुक्त हो गया है। जो लोग वनवासी समाज और जनजातियों का विकास रोककर बैठे थे, उन्हें हम समाप्त कर चुके हैं। एक ज़माने में नक्सलियों से लड़ने के लिए जहां सुरक्षाबलों के कैंप लगे थे, उनमें से 70 कैंपों को शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जनसुविधा केन्द्र बदलने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है जनजातीय क्षेत्रों के पहाड़ों, जंगलों मे विकास पहुंचाने का। हमारी पार्टी हमेशा से जनजाति कल्याण को प्राथमिकता देती रही है। अटल जी ने जनजाति कल्याण मंत्रालय बनाकर जनजातियों के विकास की शुरूआत की और प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसे आगे बढ़ाया है। हाल ही में हुए बंगाल के चुनाव में सभी 16 ट्राइबल रिज़र्व सीटें हमारी पार्टी ने जीती है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जनजाति कल्याण को आगे बढ़ाने का काम किया है। पिछली सरकार के समय जनजातियों के कल्याण का कुल बजट 28 हज़ार करोड़ रूपए था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है। मोदी सरकार जनजातियों के कल्याण के प्रति समर्पित सरकार है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब संथाल परिवार से आई द्रौपदी मुर्मू जी को महामहिम द्रौपदी मुर्मू बनाकर समग्र ट्राइबल समाज का कल्याण करने का काम किया है। अटल जी के समय में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जनजाति-बहुल राज्य बने और आज ओडिशा, छत्तीसगढ़ राज्यों में जनजाति का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि पेसा [PESA] कानून के लिए भारत सरकार ने एक पेसा सेल बनाया है, 1 लाख से अधिक मास्टर ट्रेनर्स बनाए हैं, पैसा के नियमों का संथाली, गोंडी, भीली, मुंडारी ऐसी अनेक जनजाति भाषाओं में अनुवाद किया है। पेसा ग्राम पंचायत विकास योजना पोर्टल बनाकर इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का काम हमारी सरकार ने किया है। मध्य प्रदेश का पेसा कानून का मॉडल एक आदर्श मॉडल है और हमारी पार्टी की सभी सरकारें इसको आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।श्री अमित शाह ने कहा कि विकास के लिए अनेक बड़ी योजनाएं, 722 एकलव्य मॉडल स्कूल और हर जनजाति परिवार के लिए मकान, बिजली, नल से जल और 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा, हर महीने खाने का राशन देने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। श्री शाह ने कहा कि वनवासियों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में हमें बचा कर भी रखेगा, हमारी धरती, संस्कृति और धर्म से भी जोड़ कर रखेगा। उन्होंने कहा कि यही आंदोलन पूरे देश को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ी नींव डालने का काम कर रहा है। "तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलाया है। हमारी संस्कृति, हमारी भूमि, हमारे धर्म को सुरक्षित करने के लिए यह महाकुंभ बहुत बड़ा काम करेगा। हम भ्रांतियों से बचें, भेदभाव करने वालों को पहचानें और एकजुट होकर 2047 में विकसित और समृद्ध भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। - नई दिल्ली/ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
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चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
नयी दिल्ली. देश के कई हिस्सों में लू के प्रकोप के बीच चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक गर्मी में रहने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि आंखों व तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और ये विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से ही किसी बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए खतरे की घंटी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान, शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ सकता है और संवेदनशील व्यक्तियों में थकान, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, माइग्रेन, थकावट और यहां तक कि तंत्रिका संबंधी जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। चिकित्सकों ने बताया कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों की शिकायत करने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जिनमें आंखों में जलन, पानी की कमी से होने वाला सिरदर्द और गर्मी से उत्पन्न तंत्रिका संबंधी लक्षण शामिल हैं। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी ने बताया, "लू का असर अब सामान्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से परे भी दिखने लगा है। हमारी ओपीडी में तंत्रिका संबंधी शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।" उन्होंने बताया, "पिछले कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अधिक लोग गंभीर सिरदर्द, चक्कर आना, भ्रम, बेहोशी, पहले से मौजूद तंत्रिका संबंधी समस्याओं का बिगड़ना और विशेष रूप से माइग्रेन जैसे लक्षणों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।" डॉ. सूरी ने बताया कि तेज धूप और लंबे समय तक धूप में रहने से कुछ लोगों में माइग्रेन के लक्षण बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी और शरीर में पानी की कमी से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है और तंत्रिका तंत्र पर काफी दबाव पड़ सकता है, खासकर संवेदनशील व्यक्तियों में। उन्होंने कहा कि लगातार भ्रम की स्थिति, बोलने में परेशानी, दौरे पड़ना या बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये किसी गंभीर तंत्रिका संबंधी आपात स्थिति का संकेत हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के डॉ. आर. पी. नेत्र विज्ञान केंद्र में प्रोफेसर नम्रता शर्मा ने कहा कि एयर-कंडीशनर का लगातार उपयोग और घर के भीतर 'स्क्रीन' पर अधिक समय बिताना भी गर्मियों में आंखों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ''एयर-कंडीशनर से निकलने वाली शुष्क हवा और लंबे समय तक मोबाइल तथा लैपटॉप के इस्तेमाल से आंखों में प्राकृतिक आंसुओं का निर्माण कम हो जाता है, जिससे आंखों का सूखापन बढ़ जाता है। लोग अक्सर लालिमा, धुंधला दिखना और जलन जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो इलाज नहीं होने पर धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ''हम एलर्जी, ड्राई आई और संक्रमण के अधिक मामले देख रहे हैं, जो आंसुओं की परत तेजी से सूखने के कारण हो रहे हैं।'' उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय यूवी रोधी चश्मा पहनने, धूल के संपर्क में आने के बाद साफ पानी से आंखें धोने, गंदे हाथों से आंखें न मलने, 'लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स' का इस्तेमाल करने और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ अरुण शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी और लू की स्थिति न्यूरोलॉजिकल बीमारियों जैसे मिर्गी, स्ट्रोक, पार्किंसन रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और डिमेंशिया को भी गंभीर बना सकती है। अत्यधिक गर्मी के दौरान निर्जलीकरण और खून के गाढ़ा होने से 'इस्केमिक स्ट्रोक' और 'सेरेब्रल वेनस थ्रॉम्बोसिस' का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लू, विशेषकर दोपहर के समय की चिलचिलाती गर्मी के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो छाते, धूप के चश्मे का इस्तेमाल व सिर ढंककर खुद को सुरक्षित रखकर जाना चाहिए। 'वियान आई एंड रेटिना सेंटर' के निदेशक डॉ. नीरज संदुजा ने बताया कि अत्यधिक धूप, गर्म हवाओं, धूल और शरीर में पानी की कमी के कारण आंखों में तनाव आम बात है। उन्होंने बताया, "गर्मी का मौसम आंखों के स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। तेज धूप, गर्म हवाओं, धूल और शरीर में पानी की लंबे समय तक कमी से आंखों में सूखापन, जलन और लालिमा हो सकती है।" डॉ. संदुजा ने बताया, "इस मौसम में कई लोगों को आंखों में जलन, खुजली या पानी आने की समस्या भी होती है। हमारे पास 'ड्राई आई सिंड्रोम', 'एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस' और 'कॉर्नियल सनबर्न' के मामले भी आते हैं। बच्चों और जो लोग लंबे समय तक बाहर रहते हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।"
- कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार को राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए चालू वित्त वर्ष में केंद्र से लगभग 3,000 करोड़ रुपये मिलने की मंजूरी मिली है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये पहले ही भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड राज्य के लाभार्थियों को इस साल जुलाई से वितरित किए जाने की संभावना है। शुभेंदु ने राज्य सचिवालय नबान्न से एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 2,103 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है जिसमें से एक-चौथाई यानी 500 करोड़ रुपये केंद्र पहले ही भेज चुका है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस वित्त वर्ष में आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित 976 करोड़ रुपये का अपना हिस्सा भी आवंटित कर दिया है। शुभेंदु ने कहा, ''कुल मिलाकर हमें 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी मिली है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये हमें पहले ही मिल चुके हैं।'' मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ करीब एक घंटे की डिजिटल बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। शुभेंदु ने कहा कि बंगाल की पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड रखने वाले करीब छह करोड़ लोगों को पहले चरण में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा और बाद में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों ने स्वास्थ्य साथी कार्ड का विकल्प नहीं चुना था, उन्हें भी अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। शुभेंदु ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि हम आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण जुलाई से शुरू कर देंगे, जिसके लिए पंजीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क में शामिल होने के लिए केंद्र के साथ जून के पहले सप्ताह में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहा है ताकि राज्य के प्रवासी निवासियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके। शुभेंदु ने यह भी घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग राज्य संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया तेज करेगा। उन्होंने कहा, ''पिछली सरकार के दौरान इस क्षेत्र में भर्ती दर बेहद कम थी। यह राष्ट्रीय स्तर की 98 प्रतिशत दर के मुकाबले केवल 53 प्रतिशत रही। हम अगले तीन महीने में पारदर्शी भर्ती नीति के जरिए इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेंगे।'' शुभेंदु ने आरोप लगाया कि केंद्र के साथ असहयोग और विरोध की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार की नीति के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हर स्तर पर नकारात्मक माहौल बन गया था, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव पूर्व राज्य के हर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के वादे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर जिलों और पश्चिम बर्धमान के आसनसोल में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, उत्तर बंगाल में एम्स परिसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।शुभेंदु ने 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों के लिए सर्विकल कैंसर निवारक टीकाकरण की आधिकारिक शुरुआत और 30 मई को 'टीबी मुक्त भारत' के लिए एक कार्यशाला की घोषणा भी की, जिसमें राज्य के सांसद और विधायक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर पूरे बंगाल के जिला अस्पतालों तक, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की संख्या को वर्तमान 117 से बढ़ाकर 469 करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है।
- अब 10 भाषाओं में शिकायतें दर्ज करने की सुविधाहैदराबाद. हैदराबाद शहर पुलिस ने शनिवार को 'एआई-कॉपराइटर' नामक एक अनोखा एआई-संचालित मोबाइल ऐप शुरू किया, जो पुलिसकर्मियों को हर थाने में शिकायतों को वास्तविक समय में रिकॉर्ड करने, ट्रांसक्राइब करने (बोली गयी बात को लिखने) और 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की सुविधा देगा। पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब कोई भी नागरिक अपनी मातृभाषा में शिकायत दर्ज करा सकता है। यह ऐप बोले गए शब्दों को कुछ ही सेकंड में एक संपूर्ण और सटीक प्राथमिकी में ट्रांसक्राइब और अनुवाद कर देता है। इससे भाषा संबंधी बाधाएं समाप्त होंगी और प्रवासियों तथा गैर-तेलुगु भाषी लोगों सहित सभी के लिए पुलिस सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने 'एआई-कॉपराइटर' की शुरुआत की और इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। यह ऐप एआई तकनीक के माध्यम से दस्तावेजीकरण और रिपोर्ट लेखन को सरल बनाने में पुलिस कर्मियों की सहायता के लिए तैयार किया गया है। ऐप शुरू करते हुए सज्जनार ने कहा, ''भाषा कभी किसी नागरिक और न्याय के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। एआई-कॉपराइटर के आने से अब ऐसा नहीं होगा।'' उन्होंने कहा कि यह ऐप कार्यकुशलता बढ़ाएगा, 80 से अधिक पुलिस थानों में रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को मानकीकृत करेगा, मानव अनुवादकों पर निर्भरता कम करेगा और कानूनी रूप से स्वीकार्य ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध कराएगा। इस ऐप को विकसित करने में 'ब्लूक्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस' और प्रशिक्षु चंदू ने शहर की पुलिस के आईटी प्रकोष्ठ के साथ मिलकर काम किया।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि सभी एम्स संस्थान दिल्ली-एम्स के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि एम्स को देश भर के अन्य मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए मार्गदर्शक बनने में सक्षम बनाया जाए। नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान बोर्ड (एनबीईएमएस) के 23वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 20वीं शताब्दी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छह अन्य एम्स स्थापित किए गए। उन्होंने कहा, "तब से 16 नए एम्स जोड़े गए हैं, जिससे देश भर में एम्स की कुल संख्या 23 हो गई है।"नड्डा ने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है, जबकि चिकित्सा की स्नातक सीट की संख्या बढ़कर लगभग 1.28 लाख हो गई है। उन्होंने बताया कि साथ ही, स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट की संख्या भी 31,000 से बढ़कर लगभग 85,000 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट में 75,000 की वृद्धि की घोषणा की है, जिनमें से लगभग 23,000 सीट पिछले दो वर्षों में ही सृजित की जा चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिए 2026-2029 की अवधि के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने स्नातक चिकित्सकों से करुणा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ समाज की सेवा करने का आग्रह किया, साथ ही उन्हें शिक्षा और चिकित्सा शिक्षण में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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शिरडी. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक रक्षा विनिर्माण इकाई के उद्घाटन के अवसर पर जनरल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल जनशक्ति, पारंपरिक हथियारों या प्लेटफॉर्म-केंद्रित अभियानों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर प्रणालियां, स्वायत्त प्लेटफॉर्म, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और सूचना प्रभुत्व भविष्य के युद्धों को निर्णायक आकार देंगे। जनरल चौहान ने कहा कि प्रौद्योगिकी, गति और नवाचार आने वाले दिनों में अभियानों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण निर्धारक तत्व होंगे। उन्होंने कहा, "भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी।" जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य में युद्धक्षेत्र भौगोलिक स्थान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सूचना नेटवर्क, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और साइबर बुनियादी ढांचे तक फैलेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी देश नवाचार करता है, तेजी से उत्पादन करता है और जिसकी सशस्त्र सेनाएं तेजी से अनुकूलन करती हैं, उसे रणनीतिक बढ़त हासिल होगी।
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हैदराबाद. तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को कहा कि राज्य में लू की चपेट में आने के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है। रेड्डी ने लू के कारण उत्पन्न स्थिति पर अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि राज्य के सात जिलों में 16 लोगों की मौत हुई है। मंत्री ने जिलाधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जयशंकर भूपलपल्ली जिले में चार लोगों की मौत हुई जबकि वारंगल, करीमनगर और निजामाबाद में तीन-तीन और जोगुलम्बा गडवाल, रंगा रेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।
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नयी दिल्ली. हाल में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को इस सदन की याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस समिति के लिए नामित किया। राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया, ''राघव चड्ढा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने समिति का पुनर्गठन किया है जो 20 मई से प्रभाव में है।
समिति में चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. अन्य सदस्य हैं। राज्यसभा सचिवालय ने एक अन्य अधिसूचना में कहा, ''राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 संबंधी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है।'' लोकसभा की एक भिन्न अधिसूचना में, अध्यक्ष ने अरविंद गणपत सावंत को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति में नामित किया है और यह निर्णय 21 मई से प्रभावी है। - नयी दिल्ली।. केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) के तहत 50 औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए राज्यों से आवेदन मांगे हैं और इसके लिए चार महीने की समयसीमा तय की है। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को देशभर में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना को मंजूरी दी थी। ये ऐसे औद्योगिक पार्क होंगे जहां सारी जरूरी सुविधाएं पहले से तैयार हों और कंपनी अपना काम फौरन शुरू कर सके। 'भव्य' योजना का उद्देश्य विश्व स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना और देश की आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करना है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि पहले दो महीनों में 20 औद्योगिक पार्क के लिए और उसके बाद के दो महीनों में 30 अन्य पार्क के लिए राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पहले चरण में इन 50 पार्क को मंजूरी दी जाएगी और शेष 50 पार्क को अगले चरण में स्वीकृति प्रदान करने की योजना है। यह योजना राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ साझेदारी में लागू की जाएगी।गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पहाड़ी राज्यों के लिए 25 एकड़ भूमि पर भी औद्योगिक पार्क के विकास को मंजूरी दी जा सकती है।गोयल ने कहा कि चयन 'प्रतिस्पर्धा आधारित प्रक्रिया' के तहत किया जाएगा और जमीन, पानी एवं बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले राज्यों में निवेशकों को आकर्षित करने की अधिक संभावना होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्य इस योजना को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम आज से अगले चार महीनों तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। हम 50 औद्योगिक पार्क के लिए आवेदन मांग रहे हैं ताकि हम इस योजना को पूरे देश में शीघ्रता से लागू कर सकें।'' गोयल ने उम्मीद जताई कि तीन साल के भीतर 50 औद्योगिक पार्क चालू हो जाएंगे। यह योजना विनिर्माण इकाइयों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप तथा तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचा तलाश रहे वैश्विक निवेशकों के लिए लाभकारी होगी।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं, विशेष रूप से रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों, पर विचार-विमर्श किया। रूबियो ने कोलकाता की संक्षिप्त यात्रा के बाद विमान से नयी दिल्ली उतरने के कुछ समय बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में अमेरिका की यात्रा का न्यौता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।" उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और दोनों देशों के लागों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में निरंतर प्रगति के बारे में जानकारी दी।'' प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका का दृष्टिकोण साझा किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी ने शांति प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन की पुष्टि की और संघर्षों का संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान दोहराया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश मंत्री रूबियो से राष्ट्रपति ट्रंप को उनकी शुभकामनाएं देने का अनुरोध किया और कहा कि वे भविष्य में भी आपसी संवाद और आदान-प्रदान जारी रहने की आशा रखते हैं।" राजदूत गोर ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से निमंत्रण दिया। रविवार को रूबियो जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे और फिर मंगलवार सुबह क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली लौटेंगे। इस चार-दिवसीय यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना है, जिनमें पिछले साल के मध्य से ही तनाव है। रूबियो ने आज सुबह कोलकाता पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ''भारत पहुंच गया हूं। एक शानदार यात्रा की उम्मीद है।'' राजधानी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता स्थित ''सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी'' के मुख्यालय 'मदर हाउस' का दौरा किया।
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नयी दिल्ली. लिपुलेख और नाथू ला दर्रों के रास्ते होने वाली आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को एक हजार तीर्थयात्रियों का चयन किया गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन तीर्थयात्रियों का चयन कंप्यूटरीकृत ड्रा के माध्यम से किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि मानसरोवर यात्रा लिपुलेख और नाथू ला दर्रों के रास्ते होगी।इस महीने के आरंभ में नेपाल ने भारत और चीन द्वारा काठमांडू से परामर्श किए बिना लिपुलेख दर्रे से वार्षिक तीर्थयात्रा की तैयारियां करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। नेपाल का दावा है कि यह क्षेत्र उसका है। भारत ने इस क्षेत्र पर नेपाल के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्ध धर्मावंलिबयों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है। भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष लगभग पांच साल बाद यह यात्रा फिर शुरू की गयी थी। कोविड-19 महामारी के कारण इसे पहले 2020 में स्थगित कर दिया गया था और बाद में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण भी इसे स्थगित किया गया। वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा जून में शुरू होगी और अगस्त में समाप्त होगी।विदेश मंत्रालय ने बताया कि निष्पक्ष, कंप्यूटर-जनित, यादृच्छिक और लैंगिकता-संतुलित चयन प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1,000 तीर्थयात्रियों का चयन किया गया है। चयनित तीर्थयात्री 50-50 यात्रियों के 20 समूहों में लिपुलेख और नाथू ला दर्रों से होकर यात्रा करेंगे।मंत्रालय ने कहा, ''दोनों ही मार्ग अब वाहन के चलने लायक हैं। उन पर थोड़ी ट्रैकिंग भी करनी होगी।'' -
कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 500 कंपनियों की तैनाती चुनाव बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जून तक बढाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय बलों की तैनाती चुनाव के बाद अक्टूबर के अंत तक बढ़ाने का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने कहा, ''पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर विचार किया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सीएपीएफ की 500 कंपनियां 20 जून तक राज्य में तैनात रहेंगी। इनमें सीआरपीएफ की 200, बीएसएफ की 150 और सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की 50-50 कंपनियां शामिल हैं। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद के लिए इन बलों को रखा गया है। अधिकारी ने कहा, ''तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। राज्य पुलिस और सीएपीएफ के बीच समन्वय जारी है।'' केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में तैनात केंद्रीय बलों के लिए आवश्यक साजोसामान, आवास और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान अपनी एक रैली में कहा था कि चुनाव के बाद हिंसा पर काबू के लिए सीएपीएफ की 500 कंपनियां 60 दिनों तक राज्य में रहेंगी। -
नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है। आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है। कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है। -
नयी दिल्ली. गंगा नदी के समुद्र में गिरने से पहले उसके मुख्य प्रवाह मार्ग के अंतिम राज्य पश्चिम बंगाल में पिछली राज्यों से अपशिष्ट और औद्योगिक भार बढ़ने के बाद भी उसके प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नमामि गंगे परियोजना में यह दावा किया गया है। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल में नदी का अंतिम भाग हिमालय से घनी आबादी वाले गंगा बेसिन से होकर बहने वाली हर चीज को अपने साथ लाता है। नमामि गंगा ने कहा, ''गंगा का आखिरी हिस्सा सब कुछ अपने साथ लाता है। पश्चिम बंगाल पहुंचते-पहुंचते, यह हिमालय से लेकर ऊपर के सभी राज्यों, सभी शहरों, सभी नालों का संयुक्त भार वहन कर रही होती है।'' उसने कहा, ''और यही वह हिस्सा है जिसमें सबसे अधिक सुधार हुआ है।
मिशन ने पिछले सात वर्षों में जल गुणवत्ता में आए बदलाव को रेखांकित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषित नदी क्षेत्रों (पीआरएस) के आकलन का हवाला दिया। नमामि गंगे के अनुसार, पश्चिम बंगाल में त्रिवेणी से डायमंड हार्बर तक फैले नदी क्षेत्र को 2018 में 'प्राथमिकता तृतीय' प्रदूषित क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया था। सीपीसीबी के 2025 के आकलन में, यह क्षेत्र बहरामपुर से डायमंड हार्बर तक स्थानांतरित हो गया है और अब इसे 'प्राथमिकता पंचम' श्रेणी में रखा गया। मिशन ने कहा कि हालांकि नवीनतम आकलन में प्रदूषित क्षेत्र भौगोलिक रूप से लंबा दिखाई देता है, लेकिन वास्तविक प्रदूषण भार में काफी कमी आई है। उसमें कहा गया है, ''जब तक आप इसे ध्यान से नहीं पढ़ते, तब तक यह बात विरोधाभासी लगती है: मानचित्र पर एक लंबी रेखा नजर आती है, लेकिन पानी में प्रदूषण काफ़ी कम है।'' इस मिशन ने परिवर्तन का श्रेय पश्चिम बंगाल में नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत अब तक स्वीकृत 5,028 करोड़ रुपये की 34 मलजल-अवसंरचना परियोजनाओं को दिया, जिनकी कुल क्षमता 816 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) है। नमामि गंगे ने कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण हुगली क्षेत्र के आसपास केंद्रित है, जहां नदी में कोलकाता महानगर क्षेत्र और आसपास के शहरों से भारी मात्रा में अशोधित जल आता है। -
नैनीताल. उत्तराखंड में नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक कार के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, कार में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। नैनीताल के पुलिस अधीक्षक (अपराध) डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि हादसे के समय लखनऊ का रहने वाला यह परिवार सैनेटोरियम-रातीघाट बाइपास मार्ग से कैंची धाम जा रहा था। ढैला गांव से पहले उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टी.सी. ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण राहत कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान भूपेंद्र सिंह चुफाल (48), सीमा कैड़ा चुफाल (45), वासू चुफाल (19), रवि चुफाल (12) और वाहन चालक अनुज कुमार मिश्रा (34) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वह कैंचीधाम के लिए प्रस्तावित बाइपास है और वहां निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि मार्ग पर कई स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम अपर्याप्त हैं और तीव्र मोड़ों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना भी प्रकट की है।
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नयी दिल्ली. चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि 2014 में शुरू हुआ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक दबदबे का मौजूदा दौर ''कम से कम 20 साल'' तक जारी रह सकता है। 'द एक्सिस माई इंडिया' सर्वेक्षण संस्था के प्रमुख गुप्ता ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल की स्थिति तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक उसके शासन का प्रदर्शन बहुत कमजोर नहीं हो जाता। कांग्रेस के लंबे समय तक रहे राजनीतिक प्रभुत्व के साथ तुलना करते हुए, गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति एक पार्टी के प्रभाव के एक और दौर की साक्षी बन रही है। गुप्ता ने कहा, ''राजनीति में एक सीमा होती है। पहले, कांग्रेस ने 1977 तक लगातार शासन किया। उसके बाद, उसे मुश्किलें आने लगीं। उन दिनों, हम लगभग 20 साल तक चलने वाली राजनीतिक पीढ़ी की बात करते थे। वह 20 साल का दौर अब भी बना रहेगा।'' उन्होंने कहा कि भाजपा भी इसी तरह लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है।
उनके विचार में, सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों का भविष्य काफी हद तक मौजूदा सरकार के कामकाज पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, ''इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद, भाजपा से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए भाजपा और राजग को अब शानदार कामकाज करना होगा।'' गुप्ता ने कहा, ''जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष हारता रहेगा।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर पहले कुशासन रहने की धारणाओं से जुड़े 'विरासत में मिले मुद्दों' का बोझ बना हुआ है जिससे उसके राजनीतिक नुकसान की भरपाई एक लंबी प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा, ''अगर आप 2029 की भी बात करें, तो इसका मतलब होगा लगभग 15 साल (कांग्रेस के लिए सत्ता से बाहर रहने के)। मुझे लगता है कि उन्हें पूरे देश को मनाने में कम से कम पांच साल और लग सकते हैं।'' गुप्ता ने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व ने जनता की आकांक्षाएं भी बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा, ''जब आप बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं, तो बाद में नीचे आने की भी प्रवृत्ति बनी रहती है। भाजपा भी उस स्तर पर पहुंच गई है जहां उससे आकांक्षाएं बढ़ गई हैं।'' - नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी। एनटीए ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। उसने बताया कि परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। एनटीए के मुताबिक, आवेदन पत्र में विवरण में बदलाव करने के लिए सुधार विंडो अब 22 से 24 मई के पूर्व निर्धारित समय के बजाय 25 मई से 27 मई तक रात 11:50 बजे तक खुली रहेगी। एजेंसी ने कहा, "यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों से कई अभ्यावेदन मिले थे।" उसने कहा कि यह फैसला 29 अप्रैल को जारी उस सार्वजनिक नोटिस के सिलसिले में लिया गया है, जिसमें भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेज में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) प्रदान करने, सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति और पीएचडी में दाखिले के लिए यूजीसी-नेट जून 2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बकाया कर्ज की वसूली के दौरान सख्त और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत बैंक चूककर्ता उधारकर्ताओं के मोबाइल फोन की सेवाओं को बंद या सीमित नहीं कर सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जारी संशोधित मसौदा दिशानिर्देशों में कहा कि कोई भी बैंक कर्ज वसूली के लिए ऐसी प्रौद्योगिकी व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जिससे उधारकर्ता के मोबाइल फोन या टैबलेट की कार्यक्षमता बाधित हो। हालांकि, आरबीआई ने इस नियम के अपवाद के तौर पर कहा है कि यदि मोबाइल फोन को खुद बैंक द्वारा आवंटित कर्ज से ही खरीदा गया है, तो बैंक उसकी कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकता है। इसके लिए भी शर्त यह है कि मोबाइल फोन का वह ऋण 90 दिन से अधिक समय तक बकाया हो और उधारकर्ता ने नोटिस के बावजूद भुगतान न किया हो। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक किसी प्रौद्योगिकी की मदद से इंटरनेट, इनकमिंग कॉल, आपातकालीन एसओएस और सरकारी सुरक्षा संदेश जैसी जरूरी सेवाओं को बाधित नहीं कर सकेंगे। यदि उधारकर्ता बकाया चुका देता है, तो एक घंटे के भीतर सभी सेवाएं बहाल करनी होंगी। ऐसा न करने पर बैंक को 250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा। रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंटों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर उधारकर्ता की जानकारी साझा करना, या बार-बार कॉल करना और संदेश भेजना 'कठोर वसूली तरीकों' में शामिल होगा। इन सभी तरीकों पर रोक रहेगी। दिशानिर्देशों के मसौदे के अनुसार, बैंकों को वसूली कॉल का रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें कॉल की संख्या, समय और बातचीत का विवरण शामिल होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन प्रस्तावित नियमों को एक अक्टूबर, 2026 से लागू करने की योजना है। हितधारक 31 मई तक अपने सुझाव दे सकते हैं।









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