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- नयी दिल्ली। केंद्र ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के चौथे चरण के तहत सात राज्यों में मुफ्त खाद्यान्न वितरण शुरू हो चुका है और लाभार्थियों को अब तक करीब 14,700 टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका। केंद्र ने बताया कि मई और जून में योजना के तीसरे चरण के तहत करीब 70.6 लाख टन खाद्यान्न का वितरण किया गया। सरकार ने राशन कार्ड की सुवाह्यता (पोर्टबिलिटी) सुविधा को लेकर कहा कि बाकी चार राज्यों - असम, छत्तीगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में जल्द ही इसका कार्यान्वयन होने की उम्मीद है। इसके तहत किसी एक राज्य का कार्डधारी दूसरे राज्य में होने पर वहीं से अपने हिस्से का राशन ले सकता है। पीएमजीकेएवाई सबसे पहले मार्च 2020 में शुरू की गई थी। कोविड से पैदा हुई आर्थिक मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले 80 करोड़ लाभार्थियों को राहत प्रदान करने के लिए पिछले साल शुरू किया गया था। पिछले साल योजना को दो चरणों में नवंबर तक के लिये बढ़ा दिया गया। तीसरे चरण में इस साल योजना को पहले दो महीने के लिये -मई और जून- में लागू किया गया। इसके बाद चौथे चरण के तहत इसे नवंबर 2021 तक के लिये बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाली सस्ती राशन के अतिरिक्त प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न प्रति माह उपलब्ध कराया जाता है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने आभासी संवाददाता सम्मेलन में बताया कि योजना के तीसरे चरण में, ‘‘आवंटित खाद्यान्न में से 89 प्रतिशत लाभार्थियों को वितरण किया गया। मई में यह आवंटन 94 प्रतिशत तक रहा और एक सप्ताह के समय में यह इस स्तर तक पहुंच सकता है।'' पांडे ने कहा कि अलग अलग राज्य राशन वितरण का अलग अलग चक्र अपनाते हैं इसलिये आवंटन में कुछ देरी हुई। बहरहाल, तमिलनाडु, राजस्थान और झारखंड में राशन वितरण में तेजी आ रही है। ‘‘हम राज्यों से कह रहे हैं कि एनएफएसए का राशन कोटा और पीएमजीकेएवाई के तहत दिये जाने वाले खाद्यान्न का अलग अलग वितरण करें।'' खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न वितरण का चौथा चरण शुरू हो चुका है। पांच जुलाई तक करीब 14,700 टन खाद्यान्न वितरण कर लिया गया है।" केंद्र सरकार पहले ही योजना के तहत जुलाई-नवंबर 2021 अवधि के लिए सभी राज्यों के लिये 198.78 लाख टन खाद्यान्न आवंटित कर चुकी है। करीब 16 राज्यों और संघ शासित प्रदेशें ने अनाज उठाना शुरू कर दिया है। इन राज्यों ने पांच जुलाई तक करीब चार लाख टन खाद्यान्न का उठाव किया है। अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर राज्यों ने आश्वासन दिया है कि खाद्यान्न वितरण सुनियोजित तरीके से किया जायेगा। पांडे ने बताया कि पिछले साल योजना को आठ महीने चलाया गया था और इस साल यह अवधि सात महीने की होगी। कुल 15 महीनों के लिए योजना के कार्यान्वयन में 2,28,000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। पांडे ने राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सुविधा 'एक देश एक राशन कार्ड' (ओएनओआरसी) के कार्यान्वयन में प्रगति को लेकर कहा कि सरकार को उम्मीद है कि बाकी चार राज्य जल्द ही इसका कार्यान्वयन कर लेंगे। ‘‘दिल्ली और पश्चिम बंगाल सरकारें इसे जल्द लागू करने जा रही हैं। क्योंकि इन राज्यों में सभी इलेक्ट्रानिक पाइंट आफ सेल (ईपीओएस) मशीनें लग चुकी हैं, उनका परीक्षण किया जा चुका है। दोनों टीमें आपसी समन्वय से काम कर रही हैं।'' छत्तीसगढ़ में ईपीओएस मशीनों की खरीद शुरू हो चुकी है। वहीं असम में आधार कम लोगों के पास होने की वजह से देरी हो रही है। देश के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा लागू हो चुकी है जिसके तहत लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में राशन कार्ड के जरिए अपने कोटे का खाद्यान्न हासिल कर सकता है। मंत्रालय के मुताबिक औसत रूप से करीब 69 लाख लाभार्थी मासिक रूप से 1.5 करोड़ पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत लेन-देन कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण के लिए भारत के प्रौद्योगिकी मंच कोविन को ‘‘डिजिटल जनकल्याण'' के रूप में जल्द ही सभी देशों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत महामारी से निपटने में अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों को वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविन वैश्विक सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी मंच कोविन को खुला स्रोत बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि यह सभी देशों में उपलब्ध हो। टीकाकरण से मानवता के महामारी से सफलतापूर्वक उबरने की उम्मीद जताते हुए मोदी ने कहा ‘‘हमने भारत में अपनी टीकाकरण रणनीति की योजना बनाते समय पूरी तरह से डिजिटल दृष्टिकोण को अपनाने का फैसला किया।'' उन्होंने कहा कि इससे लोगों को यह साबित करने में मदद मिली है कि उन्हें महामारी के बाद भी वैश्विक दुनिया में तेजी से सामान्य स्थिति कायम करते हुए टीका लगाया गया है। सुरक्षित और भरोसेमंद सबूत लोगों को यह स्थापित करने में मदद करते हैं कि उन्हें कब, कहां और किसके द्वारा टीका लगाया गया है। डिजिटल दृष्टिकोण टीकाकरण के उपयोग का पता लगाने और टीके की बर्बादी को कम से कम करने में भी मदद करता है। मोदी ने कहा कि अनुभव बताता है कि कोई भी राष्ट्र, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, इस महामारी जैसी चुनौती को अलग-थलग रहके हल नहीं कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘महामारी की शुरुआत से ही भारत इस लड़ाई में अपने सभी अनुभवों, विशेषज्ञता और संसाधनों को वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी से यह सबसे बड़ा सबक मिलता है कि मानवता और मानव कल्याण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा और साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। हमें एक-दूसरे से सीखना होगा और अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में एक-दूसरे का मार्गदर्शन भी करना होगा।'' यह उल्लेख करते हुए कि प्रौद्योगिकी कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई का अभिन्न अंग है, मोदी ने कहा कि सौभाग्य से सॉफ्टवेयर एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कोई संसाधन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हमने तकनीकी रूप से संभव होते ही अपने कोविड ट्रेसिंग और ट्रैकिंग ऐप को ओपन सोर्स बना दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय सभ्यता पूरे विश्व को एक परिवार मानती है और इस महामारी ने कई लोगों को इस दर्शन के मौलिक सत्य का अहसास कराया है।'' मोदी ने कहा, ‘‘इसलिए, कोविड टीकाकरण के लिए हमारे प्रौद्योगिकी मंच कोविन को खुला स्रोत बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि सभी देशों में उपलब्ध हो।'' राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आर एस शर्मा ने हाल में कहा था कि कनाडा, मेक्सिको, नाइजीरिया, पनामा और युगांडा समेत लगभग 50 देशों ने अपने टीकाकरण अभियान चलाने के लिए कोविन को अपनाने में रुचि दिखाई है। साथ ही कहा था कि भारत मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर साझा करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कोविड-19 रोधी टीकों की 35 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। इनमें कुछ दिन पहले एक दिन में दी गई 90 लाख खुराक भी शामिल हैं। इसके अलावा टीका लगवाने वाले लोगों को कुछ भी साबित करने के लिए कागज का टुकड़ा ले जाने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सब डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ 'आरोग्य सेतु' ऐप डेवलपर्स के लिए आसानी से उपलब्ध पैकेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने इच्छुक देशों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर की अनुकूलन क्षमता पर भी प्रकाश डाला। मोदी ने उम्मीद जतायी कि 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' के दृष्टिकोण से निर्देशित होकर ही मानवता निश्चित रूप से इस महामारी पर विजय प्राप्त करेगी।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण को गति देना समय की आवश्यकता है। ऐसे में भारत कोविन प्लेटफॉर्म को दुनिया के समक्ष एक ऐसे प्रौद्योगिकी उपकरण के रूप में पेशकश कर रहा है जिसका सार्वजनिक भलाई के कामों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा सकता है। डिजिटल माध्यम से वैश्विक कोविन सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 36 करोड़ कोविड टीके लगाने के करीब पहुंच रहा है, जो कि टीकाकरण अभियान शुरू होने के छह महीने से भी कम समय में हासिल की गई उपलब्धि है। इस दौरान हमने यह भी कहा है कि दिसंबर तक ''हम अपनी पूरी वयस्क आबादी को टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' सम्मेलन में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, गुयाना, एंटीगुआ और बारबुडा, सेंट किट्स एंड नेविस और जाम्बिया सहित 142 देशों के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट जैसी साझा चुनौतियों से केवल साझा कार्यों और संसाधनों के माध्यम से निपटा जा सकता है। सभी को टीका लगना महामारी को रोकने और समाप्त करने की कुंजी है, इस बात पर और अधिक जोर नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, ''दुनिया भर में टीकाकरण की गति को तेज करना समय की मांग है। इसके लिए, हम कोविन प्लेटफॉर्म को एक प्रौद्योगिकी उपकरण के रूप में पेश करने को लेकर उत्साहित हैं, जिसका सार्वजनिक भलाई के कामों में अधिक से अधिक उपयोग किया जा सकता है। मुझे आशा है कि आप सभी देश हमारी पेशकश से मूल्य और लाभ प्राप्त करने में सक्षम हैं।'' हर्षवर्धन ने कहा, ''हमारा कोविन प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता का दर्पण है, जिसने लगातार विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं तथा कई मील के पत्थर हासिल किए हैं।'' सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय व राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा किया गया था।
- मुंबई ।रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि दूसरे चरण के सरकारी प्रतिभूति अधिग्रहण कार्यक्रम (जी- सैप 2.0) के तहत 20 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की पहली खरीद आठ जुलाई को की जायेगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 4 जून को घोषणा की थी कि बाजार को समर्थन देने के जी-सैप 2.0 कार्यक्रम के तहत 2021- 22 की दूसरी तिमाही में 1.2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार से खरीद करेगा। आरबीआई बृहस्पतिवार को (आठ जुलाई को) बहु-प्रतिभूति नीलामी के जरिये विभिन्न परिपक्वता वाली पांच सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इसके लिये बहुआयामी मूल्य प्रणाली को अपनाया जायेगा। आरबीआई ने कहा कि अलग अलग प्रतिभूतियों की खरीद मात्रा के बारे में तय करने का अधिकार उसके पास आरक्षित होगा। कुल राशि के मुकाबले कम अथवा अधिक प्रतिभूतियों की खरीद का भी उसके पास अधिकार आरक्षित होगा। राशि को पूर्णांक में रखने के लिये ऐसा किया जा सकता है। नीलामी प्रक्रिया का परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जायेगा।जी- सैप 2.0 के तहत 20,000 करोड़ रुपये की अगली खरीद 22 जुलाई को होगी।रिजर्व बैंक ने इससे पहले 2021- 22 वित्त वर्ष में जी- सैप 1.0 के तहत एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार से खरीदारी की थी।
- देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने के एक दिन बाद सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव ओम प्रकाश को हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एस एस संधू को नियुक्त कर दिया गया। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के तौर पर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर थे। उनकी छवि एक सक्षम अधिकारी की है। ओम प्रकाश को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है और दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर बनाया गया है।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने गैर तकनीकी वर्ग की 35,281 रिक्तियों को भरने के लिए पिछले साल 28 दिसंबर से लेकर नौ अप्रैल तक 1.23 करोड़ उम्मीदवारों की छह चरण में कम्प्यूटर आधारित परीक्षा करवाई है। भारतीय रेलवे की ओर से सोमवार को यह जानकारी दी गई। रेलवे ने यह भी कहा कि बाकी बचे 2.78 लाख उम्मीदवारों के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा का सातवां और अंतिम चरण अब 23, 24, 26 और 31 जुलाई को आयोजित होगा। कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण इस चरण की परीक्षा नहीं हो पाई थी। इसके साथ ही सभी उम्मीदवारों के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा का पहला चरण पूरा होगा। रेलवे ने बताया कि 76 शहरों में लगभग 260 केंद्रों पर कोविड-19 नियमों के तहत और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर पचास प्रतिशत क्षमता के साथ परीक्षा आयोजित की जा रही है।
- संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शादी समारोह में जा रहे बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मासूम समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दो मासूम समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक मासूम और महिला गंभीर रूप से घायल हैं। सोमवार की सुबह करीब 11.30 बजे असमोली थाना इलाके के सैदनगली-पाकबड़ा रोड़ स्थित हसनगढ़ में हादसा हुआ।
- इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में शादियों के दौरान कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन रोकने के लिए प्रशासन ने सोमवार को होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों पर भी नियमों की नकेल कस दी। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "अगर शादियों में 50 मेहमानों की तय तादाद से ज्यादा लोग शामिल हुए और इन आयोजनों में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देश टूटे, तो वर-वधू पक्ष के साथ ही संबंधित होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने बताया, "हमें जानकारी मिली है कि पिछले तीन-चार दिनों के दौरान इंदौर में कई शादियों और बारातों में महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है।" जिलाधिकारी ने बताया कि होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में आयोजित विवाह समारोहों के सीसीटीवी फुटेज हर रोज क्षेत्रीय पुलिस थानों को सौंपें। उन्होंने कहा, "अगर इन सीसीटीवी फुटेज में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया, तो उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।" मीडिया के साथ बातचीत से पहले, जिलाधिकारी की अगुवाई में प्रशासन ने होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों के साथ बैठक की और उन्हें ताकीद की कि शादियों में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए। गौरतलब है कि इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में अब तक महामारी के कुल 1.52 लाख मरीज मिले हैं। इनमें से 1,391 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
- नयी दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि एक अंतराल के बाद, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 10 जुलाई तक दिल्ली सहित उत्तर भारत के शेष हिस्सों में पहुंच सकता है। नवीनतम संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल दिशानिर्देश के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मॉनसून के आठ जुलाई से पश्चिमी तट और इससे सटे पूर्व-मध्य भारत सहित दक्षिणी प्रायद्वीप में धीरे-धीरे फिर से सक्रिय होने का अनुमान है। विभाग ने बताया कि 11 जुलाई के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तटों से सटे पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का एक क्षेत्र बनने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से निचले स्तर पर नम पूर्वी हवाएं आठ जुलाई से पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में धीरे-धीरे चलने की संभावना है। इसके 10 जुलाई तक पंजाब और उत्तरी हरियाणा को कवर करते हुए उत्तर पश्चिम भारत में फैलने का अनुमान है। विभाग ने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पश्चिम उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कुछ और हिस्सों में 10 जुलाई के आसपास आगे बढ़ने की संभावना है।'' उसने कहा, ‘‘इससे 10 जुलाई से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश के लिए स्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।'' जून के पहले ढाई हफ्तों में अच्छी बारिश के बाद, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 19 जून से आगे नहीं बढ़ा है। दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान में अभी मॉनसून का आना बाकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जुलाई के लिए अपने पूर्वानुमान में कहा कि इस महीने पूरे देश में अच्छी बारिश होगी। हालांकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, दक्षिण प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। विभाग ने कहा कि सात जुलाई तक मॉनसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। इसके अनुसार, दक्षिण पश्चिम मॉनसून (एनएलएम) की उत्तरी सीमा वर्तमान में अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से गुजर रही है।
- नोएडा। थाना जारचा क्षेत्र स्थित एनटीसी प्लांट की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उपनिरीक्षक एवं उनकी पत्नी के शव सोमवार दोपहर में उनके कमरे में मिले। यह जानकारी पुलिस ने दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार उपनिरीक्षक ने पहले अपनी पत्नी का मुंह तकिया से दबाकर उसकी हत्या की और बाद में खुद पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर में पुलिस को सूचना मिली कि एनटीपीसी परिसर में रहने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक सुजीत कुमार (27) और उनकी पत्नी वर्षा (21) के शव उनके कमरे में पड़े हैं। उन्होंने बताया कि मौके पर विधि विज्ञान तथा डॉग स्क्वायड को बुलाया गया है। डीसीपी ने बताया कि मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें सुजीत ने लिखा है कि उसने पहले अपनी पत्नी की तकिए से मुंह दबाकर हत्या की और बाद में वह आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। file photo
- आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक मामूली सी बात पर एक परिवार बिखर गया। मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र का है। महंगा मोबाइल न दिलाने पर पत्नी ने पति से झगड़ा किया। झगड़ा इस कदर बढ़ा कि पति ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। जब यह बात पत्नी को मालूम हुई तो उसने हाथ की नस काटकर अपनी जान दे दी। जब घर वालों ने दोनों को देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। दंपती के 13 माह की बेटी है। परिवार वालों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार एक चिता पर किया है।थाना जगदीशपुरा प्रभारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि राहुल नगर निवासी आकाश कोटेक महिंद्रा कंपनी में जॉब करता था। उसकी 6 मार्च 2018 को ट्रांस यमुना की रहने वाली आरती सिंह के साथ शादी हुई थी। शादी के समय आरती सिर्फ 12वीं पास थी। उसने पति के सामने आगे पढ़ाई जारी करने की इच्छा जताई तो आकाश ने उसकी बातों का मान रखा और आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित एक कॉलेज में उसका एडमिशन कराया। कॉलेज में ड्रेस कोड पैंट और शर्ट था। लेकिन ससुराल में इसका विरोध किया गया। आकाश ने कॉलेज वालों से बात कर पत्नी को सूट-सलवार में भेजना शुरू कर दिया। वह कॉलेज पहुंचकर पैंट-शर्ट पहन लेती थी।छह माह पहले आरती एक कॉल सेंटर में भी जॉब करने लगी थी। 5 दिन पहले उसका एंड्रॉयड मोबाइल फोन खो गया। जब उसने अपने पति आकाश से नया मोबाइल दिलाने के लिए कहा तो आकाश ने टाल दिया। जिसके बाद से लगातार पति पत्नी के बीच में विवाद चल रहा था।रविवार को आरती नए मोबाइल के जिए जिद पकड़कर बैठ गई। आकाश ने जल्द मोबाइल दिलाने का वादा किया। लेकिन दोनों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि पति आकाश ने साड़ी के फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। जब आरती ने उसका शव देखा तो उसने भी अपने हाथ की नस काट ली। जब तक परिजनों को इस घटना का पता चला, तब तक पति-पत्नी दम तोड़ चुके थे। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।थाना जगदीशपुरा प्रभारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि पति-पत्नी में विवाद के चलते जहां पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, वहीं पत्नी ने नस काट कर अपनी जान दे दी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया था। श्मशान में एक चिता सजाई गई। दोनों के शव उसी चिता पर रखे गए और परिजनों ने उनका एक साथ अंतिम संस्कार किया।
- जोधपुर। जोधपुर-जयपुर हाईवे पर रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई। एक युवक गंभीर घायल हो गया। सभी मृतक अजमेर जिले के ब्यावर निवासी हैं। ब्यावर की तरफ जा रही बोलेरो डांगियावास के समीप ओवरटेक के चक्कर में सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ी। तेज रफ्तार के कारण बोलेरो पिचक गई। तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि दो युवकों के सिर कट गए है। वहीं दो की देर रात अस्पताल ले जाते समय और एक अन्य युवक की आज तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई।डांगियावास पुलिस के अनुसार डांगियावास हाईवे पर 17 मील के समीप रविवार देर रात ट्रेलर व बोलेरो में भिड़ंत हो गई। जहां हादसा हुआ उस स्थान पर सड़क निर्माण चल रहा है। इसके चलते एक तरफ यातायात बंद था। ओवरटेक करेन के दौरान यह हादसा हो गया। बोलेरो में सवार सात युवक अंदर ही फंस गए। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर का चालक भाग निकला।हादसे बाद वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने गाडिय़ां रोककर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को खबर दी। बोलेरो में सवार सभी सात युवक इसमें बुरी तरह से फंस हुए थे। थोड़ी देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बोलेरो में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी समय पर नहीं पहुंच पाई। ऐसे में निजी वाहनों से उन्हें अस्पताल के लिए रवाना किया गया। रास्ते में दो घायलों की मौत हो गई। आज तड़के अस्पताल में इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया।पुलिस के अनुसार ब्यावर सदर थाना क्षेत्र के लोन्दरी मालगांव निवासी 7 लोग बोलेरो में सवार थे। इनमें नून्द्रीमालदेव निवासी नरेन्द्र उर्फ रावण राज, गोपाल उर्फ मास, सूरजपुरा जवाजा निवासी मनोहरसिंह उर्फ मनसा, जवाजा निवासी धर्मेन्द्र उर्फ मुन्ना, कुशालपुरा निवासी राजेश बायला और मौत हो गई। वहीं नून्द्रीमालदेव निवासी चन्दन और सिकन्दर घायल हैं।इस क्षेत्र में निर्माणाधीन हाईवे पर कई जगह काम पूरा होने के बाद भी 8-10 किमी तक एक साइड बंद कर रखी है। इससे भी हादसे हो रहे हैं। कल रात हुए हादसा स्थल पर भी एकतरफा यातायात चल रहा था। ऐसे में बोलेरो चालक ने तेज रफ्तार के साथ एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इस दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर को वह देख नहीं पाया और तेज रफ्तार के साथ बोलेरो ट्रेलर से जा टकराई।
- भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति ने फैसला किया है कि कोरोना वायरस से मरे लोगों की भस्म का खाद के रूप में उपयोग कर उनकी याद में भदभदा विश्राम घाट में ही एक पार्क विकसित किया जाएगा। यह जानकारी समिति के पदाधिकारियों ने रविवार को दी।समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने कहा, ''भदभदा विश्राम घाट में 15 मार्च से 15 जून तक 90 दिनों की अवधि के दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 6,000 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से अधिकांश के परिजन कोरोना महामारी के कारण लगे पाबंदियों की वजह से पवित्र नदियों में प्रवाहित करने के लिए अपने परिचितों की थोड़ा-थोड़ा भस्म एवं हड्डी के बचे हुए टुकड़े ले गये और अधिकांश भस्म को वहीं पर छोड़ गये थे।'' शर्मा ने बताया कि ऐसी स्थिति में करीब 21 ट्रक भरकर भस्म हमारे विश्राम घाट में जमा हो गई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में जमा भस्म को नर्मदा नदी में प्रवाहित करना पर्यावरण के नजरिए से ठीक नहीं है। शर्मा ने बताया, ''इसलिए हमने फैसला किया है कि कोरोना वायरस महामारी से मरे इन लोगों की याद में उनकी इस भस्म का खाद के रूप में उपयोग हम भदभदा विश्राम घाट में ही 12 हजार वर्ग फुट की जमीन पर पार्क को विकसित करेंगे। इसके लिए हमने इस जमीन की मिट्टी के साथ इस भस्म, गाय के गोबर एवं लकड़ी के बुरादे को मिलाया है।'' उन्होंने कहा कि भस्म फॉसफोरस खाद का बहुत बढिय़ा काम करती है। शर्मा ने बताया कि यह पार्क जापान की 'मियावाकी तकनीक' पर विकसित किया जा रहा है और इस पार्क में करीब 3,500 से 4,000 पौधे लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के तहत इन पौधों को पेड़ बनने में 15 से 18 महीने लगेंगे। समिति के अध्यक्ष अरूण चौधरी ने कहा,''हमने कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों के परिजनों से आग्रह किया है कि वे इस पार्क में वृक्षारोपण करने के कार्य में सहभागी बनें। जब तक ये पौधे पेड़ नहीं बन जाते, तब तक भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति इनकी देखभाल करेगी।'' समिति के कोषाध्यक्ष अजय दुबे ने कहा, ''वृक्षारोपण के दौरान लोग पौधों को रोपने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं।'' कोविड-19 से मरे हिन्दुओं का भोपाल में दो विश्राम घाटों में अंतिम संस्कार किया गया, जिनमें से एक भदभदा विश्राम घाट शामिल है।
- चंडीगढ़ । पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के प्रेमी के परिवार के चार सदस्यों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी की पहचान बटाला के बलरवाल गांव निवासी सुखजिन्दर सिंह के तौर पर हुई है।पुलिस ने बताया कि आरोपी सुखजिन्दर को जब पता चला कि उसकी बेटी का गांव के ही जरमनजीत सिंह के साथ प्रेम संबंध है, तो वह नाराज हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी रविवार की सुबह जरमनजीत सिंह के परिवार के खेत पर पहुंचा, जहां युवक अपने पिता सुखविन्दर सिंह के साथ मौजूद था। पुलिस ने बताया कि कहासुनी के बाद आरोपी सुखजिन्दर सिंह ने कथित रूप से गोलियां चलायीं, जिसमें सुखविन्दर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और जरमनजीत घायल हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर जरमनजीत सिंह के दादा मंगल सिंह, चाचा जसबीर सिंह, चचेरा भाई बबनदीप और एक अन्य रिश्तेदार जशन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपी सुखजिन्दर सिंह ने उन सभी पर भी गोलियां चलायीं, जिसमें मंगल सिंह, जसबीर सिंह और बबनदीप की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घटना में घायल हुए जरमनजीत सिंह और जशन की हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी सुखजिन्दर सिंह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बटाला के पुलिस अधीक्षक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।-file photo
- धार (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के धार जिले के एक गांव में चचेरे भाइयों से फोन पर बातचीत करने के लिए दो आदिवासी चचेरी बहनों की उनके ही रिश्तेदारों ने कथित रूप से लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि यह घटना धार जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर टांडा पुलिस थाना इलाके स्थित ग्राम पिपलवा में 22 जून को हुई और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में सात लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया गया है। वायरल हुए इस वीडियो में एक महिला सहित कई लोग इन दोनों युवतियों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं और इसके अलावा, वे इन दोनों की चोटी पकड़कर घसीट भी रहे हैं। धार की पुलिस उपाधीक्षक यशस्वी शिंदे ने बताया, ''25 जून को थाना टांडा क्षेत्र के अंतर्गत दो महिलाओं के साथ मारपीट की घटना पुलिस के संज्ञान में आई थी, जिसमें 26 जून को भादंवि की विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। लेकिन जमानती धाराओं में मामला दर्ज था लिहाजा आरोपियों को जमानत मिल गई थी।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन कल शनिवार को वीडियो दोबारा देख कर आज रविवार को मामले में कुछ और धाराएं जोड़ी गई और सभी सातों आरोपियों को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।''वहीं, टांडा पुलिस थाना प्रभारी विजय वासकले ने बताया कि यह घटना 22 जून को हुई थी, दोनों युवतियों की उम्र 19 एवं 20 साल की हैं। उन्होंने कहा कि 25 जून को इसका वीडियो आने के बाद हमें पता चला कि इनके परिवार के सदस्यों ने ही इनकी पिटाई की है। वासकले ने बताया कि पुलिस को पता चला कि उनके परिवार के सदस्य इन लड़कों के साथ फोन पर बातचीत करने से इन दोनों युवतियों से नाराज थे। उन्होंने कहा कि बाद में इन दोनों युवतियों को टांडा पुलिस थाना लाया गया और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। वासकले ने बताया कि इन युवतियों ने पुलिस को बताया कि उनके ममेरे भाई एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें गांव में एक स्कूल के पास रोका और उनके द्वारा अपने चचेरे भाइयों से फोन पर बातचीत करने पर आपत्ति की और बाद में कथित रूप से उनकी लाठी-डंडों से पिटाई कर दी।
- जयपुर। राजस्थान में शादी के नाम पर अनोखी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक शख्स ने अपनी पत्नी का नकली भाई बनकर दूसरे व्यक्ति से उसकी शादी करा दी और इसके बदले में उससे हजारों रुपये ऐंठ लिए। कुछ दिनों बाद जब मामले का भांडा फूटा तो दूसरे पति के पैरों तले से जमीन सरक गई। पीडि़त रवि काली ने रुपयों की ठगी और धोखाधड़ी करने के मामले में थाने में आरोपी कोमल, उसके पति आरोपी सोनू और दलाल आरोपी देवराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।पुलिस ने बताया कि मामला राजस्थान के कोटा जिले के कुन्हाड़ी थाना इलाके में सामने आया है। वहां रहने वाले रवि काली नाम के युवक की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान किसी रवि को बताया कि आरोपी देवराज नाम का शख्स उसकी शादी करवा सकता है। रवि ने आरोपी देवराज से मुलाकात की। आरोपी देवराज ने पूरी बात सुनने के बाद कहा कि इंदौर में उसके रिश्तेदार रहते हैं। वह उनसे बात करके उसकी शादी करवा देगा।कुछ दिनों बाद आरोपी देवराज ने रवि काली से संपर्क किया और कहा कि उसने कोमल नाम की लड़की से उसकी कोर्ट मैरिज कराने की बात कर ली है। उसने शादी के इंतजामों के नाम पर रवि से एक लाख 80 हज़ार रुपये मांगे। रवि ने घर-परिवार के लोगों से रुपये इक_े करके दे दिए। इसके बाद आरोपी देवराज ने अपने दोस्त आरोपी सोनू से संपर्क किया और इस धोखाधड़ी में साथ मांगा। पैसों में हिस्सा मिलने पर आरोपी सोनू अपनी ही पत्नी की दूसरी शादी कराने के लिए राजी हो गया। उसने इस काम में अपनी पत्नी को भी मना लिया। दोनों के 2 बच्चे भी हैं। इसके बाद आरोपी सोनू अपनी ही पत्नी का भाई बनकर रवि काली से मिला और कहा कि वो अपनी बहन की शादी उससे कराने को तैयार है। इसके बाद आरोपी सोनू ने दोनों की कोर्ट मैरिज करा दी। मजे की बात ये है कि भाई बने सोनू ने कोर्ट में शादी की विटनेस भी दी।इसके बाद कोमल नाम की महिला अपनी नई ससुराल चली गई। कुछ दिन वहां रहने के बाद उसने अपने कथित भाई सोनू से मिलने की इच्छा जताई। इस पर रवि कालू ने फोन करके आरोपी सोनू को घर पर ही बुला लिया। वहां पहुंचे आरोपी सोनू ने उसके सामने अपना राज खुद ही खोल दिया। आरोपी सोनू ने रवि से कहा कि उसने जिस लड़की से शादी की है। वह उसका भाई नहीं बल्कि पति है। उसकी यह बात सुनते ही रवि के पैरों तले से जमीन सरक गई। अब तक वह जिसे अपना साला समझ रहा था, वो उसकी पत्नी का पहला पति निकला। पीडि़त रवि काली ने रुपयों की ठगी और धोखाधड़ी करने के मामले में थाने में आरोपी कोमल, उसके पहले पति आरोपी सोनू और दलाल आरोपी देवराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर कुर्राई में रविवार को एक निजी बस के हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से बस में सवार 30 वर्षीय एक महिला की मौत हो गयी और दो महिलाओं समेत पांच अन्य यात्री बुरी तरह झुलस गए। टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा पुलिस थाना प्रभारी एवं निरीक्षक मैना पटेल ने बताया कि यह बस टीकमगढ़ से झांसी जा रही थी और उसमें लगभग 24 यात्री सवार थे। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर कुर्राई के सैकड़ों लोग पेयजल की समस्या के निदान की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे जिससे उस मार्ग पर यातायापूरी तरह से ठप था। पटेल ने बताया कि यह बस चालक अपने वाहन को जंगल के पगडण्डी रास्ते से निकाल कर ले जा रहा था, तभी बस हाईटेंशन तार से टकरा गयी, जिसकी वजह से बस में सवार एक अज्ञात महिला की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि महिपेन्द्र पाठक (30), विमला देवी (30), आरती (28), पलटू अहिरवार (45) एवं अजय (28) बुरी तरह झुलस गए। उन्होंने कहा कि हादसे में झुलसे घायलों का उपचार यहां टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है।पटेल ने बताया कि घटना के वक्त वह धरना दे रहे लोगों को समझाइश दे रही थी, इसलिए सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंच कर झुलसे यात्रियों को अस्पताल भेजा। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बस चालक एवं परिचालक वाहन को मौके पर छोड़ कर भाग गए। .पटेल ने बताया कि इस मामले में दिगौड़ा पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
- अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले के एक गांव में देवर के साथ मिलकर अपने छह साल के बेटे की हत्या करने के आरोप में महिला और उसके देवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।अहमदाबाद (ग्रामीण) पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) के निरीक्षक उमेश धाखड़ा ने बताया कि मामला तीन साल पुराना है, लेकिन पुलिस की ताजा जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि बच्चे को आरोपी महिला और उसके आरोपी देवर के अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने सितंबर 2018 में विरमगाम तहसील के जालमपुरा गांव में हत्या को अंजाम दिया था, लेकिन उस समय पुलिस को बताया गया था कि बच्चा लापता हो गया है। पुलिस के मुताबिक बच्चे की मां जोशनाबेन कोली और उसके चाचा रमेश कोली को हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को जांच में पता चला कि दोनों ने बच्चे का गला घोंटने के बाद उसके शरीर को जला दिया था और बाद में अवशेषों को नाले में फेंक दिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "पुलिस को पहले यह बताया गया था कि 28 सितंबर 2018 को आरोपी महिला का बेटा हार्दिक अपने घर से लापता हो गया था। उस समय बताया गया था कि हार्दिक अपने घर से बाहर चॉकलेट लेने के लिए गया था और फिर वापस नहीं लौटा। उसके बाद उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत की और दो दिन के बाद अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया था।" तमाम कोशिशों के बाद पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम रही थी।उमेश धाखड़ा ने कहा कि हाल में गुजरात पुलिस के लापता बच्चों के मामलों को सुलझाने के अभियान के तहत विरामगम पुलिस ने बच्चे को नये सिरे से ढूंढने की कोशिश की और जांच में पूरा मामला सामने आया। उमेश धाखड़ा ने कहा, ''हमने मामले की नये सिरे से जांच करने के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बच्चे की मां आरोपी जोशनाबेन कोली और उसके चाचा आरोपी रमेश कोली के बयानों में विरोधाभास दिखा, जिसको लेकर पुलिस को संशय हुआ।'' उन्होंने बताया कि बच्चे को दोनों आरोपियों के अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया था, इसलिए दोनों ने उसकी हत्या करने का फैसला किया। आरोपी महिला अपने बच्चे को किसी बहाने से गांव के सुनसान इलाके में ले गयी, जहां उसका आरोपी देवर पहले से मौजूद था। दोनों आारेपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को जला दिया। उसके बाद शव के अवशेषों को नाले में बहा दिया। पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
- जयपुर। राजस्थान के नागौर जिले में एक युवक ने 17 वर्षीय प्रेमिका की कथित रूप से चाकू गोद कर हत्या कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना शनिवार रात की गुढा भगवानदास इलाके में हुई, जहां आरोपी युवक विनोद ने 17 वर्षीय युवती की कथित रूप से चाकू गोद कर हत्या कर दी । उन्होंने बताया कि इस हादसे में आरोपी युवक भी घायल हो गया था, लेकिन वह घटना स्थल से फरार हो गया।उन्होंने बताया कि युवती को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को रविवार को हिरासत में ले लिया गया और वह अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस ने बताया कि ''हमले के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह कह रहा है कि वो अपनी प्रेम कहानी को अमर बनाना चाहता है इसलिये उसने युवती को चाकू मार दिया।'' उन्होंने बताया युवती, आरोपी युवक के गांव की रहने वाली थी ।-file photo
- पुरी। ओडिशा सरकार ने कोविड-19 के प्रसार पर रोक के लिए लोगों को घर के अंदर रहने और पृथक-वास मानदंडों का पालन करने के लिए ओडिया की धार्मिक परंपरा का उल्लेख किया है कि किस तरह से वार्षिक रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ स्वयं को ‘‘अनासर घर'' (पृथक-वास कक्ष) में पृथक कर लेते हैं। दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के दौरान घर में पृथक-वास नयी सामान्य बात हो सकती है, लेकिन यह प्रथा यहां भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्राचीन काल से प्रचलित है। कोविड-19 को लेकर ओडिशा सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कहा, ‘‘भगवान जगन्नाथ के पृथक-वास का उदाहरण लोगों द्वारा अच्छी तरह से स्वीकार किया जाता है और यह उन्हें घर के अंदर रखता है। राज्य सरकार ने एक नारा भी गढ़ा है-‘घरे रुकंतु सुस्थ रूहंतु' (घर में रहें, स्वस्थ रहें)। उन्होंने लोगों को जांच में कोविड-19 संक्रमित पाये जाने पर पृथक-वास में जाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि ‘‘अनासर'' (पृथक-वास) ओडिया संस्कृति और परंपरा का एक अहम हिस्सा है। पृथक-वास का अर्थ है संक्रमितों की आवाजाही को प्रतिबंधित करना ताकि संक्रमण दूसरों में न फैले।पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को स्नान पूर्णिमा के दिन 108 घड़े के पवित्र जल से स्नान करने के बाद बुखार हो गया। इसके बाद, तीनों देवताओं को ‘अनसार घर' ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया और वे 14वें दिन बाद ठीक हो गए। यह प्रथा हर साल वार्षिक रथ यात्रा से 14 दिन पहले तक मनाई जाती है। बागची ने कहा, ‘‘राज्य सरकार इस बात पर जोर देती है कि यदि कोई कोविड-19 संक्रमित पाया जाता है तो उसे कम से कम 14 दिनों के लिए पृथक-वास में रहना चाहिए। यहां तक कि ब्रह्मांड के स्वामी (भगवान जगन्नाथ) भी बीमार पड़ने पर स्वयं को पृथक कर लेते हैं।'' श्री जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा ने कहा कि तीनों देवता बीमारी से ठीक होने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं लेते हैं। इसलिए जो भी लोग किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें ईश्वर की दया पर छोड़ने के बजाय शीघ्र स्वस्थ होने के लिए दवा दी जानी चाहिए। संयोग से, दशमी तिथि के अवसर पर रविवार को मंदिर में तीनों देवताओं की स्थिति में सुधार के प्रतीक के तौर पर एक ‘चाका बीजे नीति' का आयोजन किया जा रहा है। जगन्नाथ संस्कृति और परंपरा के एक सेवक-सह शोधकर्ता शरत मोहंती ने कहा कि अनुष्ठानों के अनुसार, देवताओं को "चकता" और "पना भोग" दिया जाता है। मोहंती कहते हैं कि भगवान के अनासर (पृथक-वास) में रहने के दौरान बंद कमरे में कुछ चुनिंदा सेवकों द्वारा कुछ रस्में निभाई जाती हैं। देवताओं को फुलुरी तेल नामक एक विशेष तेल लगाया जाता है और उनके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के लिए ‘राजबैद्य' एक विशेष हर्बल दवा तैयार करते हैं। यह औषधि सोमवार को एकादशी तिथि पर भगवान को अर्पित की जाएगी। मोहंती ने कहा कि इस अनुष्ठान के बाद माना जाता है कि देवता पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।
- तिरुवनंतपुरम। केरल की स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास मंत्री वीणा जॉर्ज ने रविवार को कहा कि टीवी या इंटरनेट सुविधाओं से वंचित प्री-स्कूल बच्चों को गतिविधि पुस्तकें, चार्ट पेपर और क्रेयॉन युक्त किट प्रदान की जाएंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी शिक्षा बाधित न हो। मंत्री ने कहा कि राज्य भर में 14,102 बच्चों को ये किट वितरित की जाएंगी। मंत्री ने यहां पथानमथिट्टा जिले के कुलशेखरपति में एक बच्चे को एक किट सौंपकर इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन किट का वितरण पूरा कर लिया जाएगा। शुरुआत में महिला एवं बाल विकास विभाग ने जून 2020 से विक्टर्स चैनल के माध्यम से एक कार्यक्रम- 'किलिकोंचल' शुरू किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की प्री-स्कूल शिक्षा कोविड महामारी के दौरान बाधित न हो। कार्यक्रम का दूसरा चरण 2021 में शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि हालांकि, यह पाया गया कि कई बच्चे कार्यक्रम नहीं देख सके क्योंकि उनके पास घर पर इंटरनेट या टीवी की सुविधा नहीं थी या पर्याप्त सिग्नल न पहुंच पाने के कारण वे इसे नहीं देख सके। मंत्री ने कहा कि इसलिए, विभाग प्री-स्कूल के बच्चों को किट प्रदान करने की योजना लाया है।
- गुवाहाटी । गौहाटी विश्वविद्यालय ने अपने यहां संविदा पर काम करनेवाले सभी संकाय सदस्यों की नियुक्ति रद्द कर दी है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह आदेश 30 जून से प्रभावी होगा। रजिस्ट्रार द्वारा दो जुलाई को जारी नोटिस में कहा गया है कि राज्यपाल कार्यालय से संदेश के बाद यह निर्णय लिया गया है। राज्यपाल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। गौहाटी विश्वविद्यालय शिक्षा एसोसिएशन ने बताया कि इस कदम से राज्य के सबसे पुराने विश्वविद्यालय के करीब 50 संविदा शिक्षक प्रभावित होंगे। विश्वविद्यालय की स्थापना 1948 में हुई थी। विश्वविद्यालय में करीब 400 स्थायी संकाय सदस्य हैं और 130 पद रिक्त हैं।
- नयी दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मानव तस्करी (निषेध, देखभाल एवं पुनर्वास) विधेयक 2021 के मसौदे पर विभिन्न पक्षों से सुझाव मांगे हैं। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य व्यक्तियों और खासकर महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी को रोकना है। इसमें बताया गया कि इसके तहत पीड़ितों को देखभाल, सुरक्षा एवं पुनर्वास मुहैया कराया जाएगा, साथ ही उनके अधिकारों का सम्मान किया जाएगा एवं उनके लिए कानूनी, आर्थिक एवं सामाजिक माहौल तैयार किया जाएगा तथा उनके साथ अपराध करने वालों पर मुकदमा चलाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यक्तियों की तस्करी के हर अपराध पर लागू होगा जिसमें सीमा पार तस्करी भी शामिल है।मसौदा विधेयक के मुताबिक तस्करी का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कम से कम सात वर्ष कैद की सजा होगी जिसे बढ़ाकर 10 वर्ष तक किया जा सकता है।दोषी पर कम से कम एक लाख रुपये और अधिकतम पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- बारीपाड़ा । ओडिशा के मयूरभंज जिले में जादू टोना करने के संदेह में एक बुजुर्ग आदिवासी महिला का कथित तौर पर सिर काटकर उसकी हत्या कर दी गयी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। करनजिया के उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सुदर्शन गंगोई ने बताया कि मृतक महिला की पहचान बलिभोल गांव की 62 वर्षीय जमुना हंसदा के रूप में की गयी है। उन्होंने कहा कि रविवार को महिला का क्षत-विक्षत शव गांव के पास मिला और इस मामले में दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जमुना के परिजनों का आरोप है कि हाल में गांव में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद उसे निशाना बनाया गया। जमुना को अंतिम बार शनिवार शाम को देखा गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे शहर में झील में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। नगर निगम के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि वागले एस्टेट इलाके से दो लोग शनिवार शाम उपवन झील में तैरने गए थे और उसी दौरान उनमें से एक डूब गया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय दमकलकर्मी और ठाणे आपदा मोचन बल के कर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि रात नौ बजे के करीब शव को निकाल लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। वर्तक नगर थाने ने घटना के संबंध में एक मामला दर्ज किया है।-file photo


























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