- Home
- देश
- अंबाला। भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी को उनकी लेफ्टिनेंट पत्नी द्वारा कथित रूप से आत्महत्या करने के बाद दहेज के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।आरोपी स्क्वाड्रन लीडर नवनीत शर्मा को बुधवार को एक अदालत में पेश किया गया,. जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी की पत्नी साक्षी (29), आर्मी मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट थीं। साक्षी ने सोमवार रात को अंबाला छावनी में अपने कमरे में कथित रूप से लटककर आत्महत्या कर ली थी। साक्षी के भाई सौरभ की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नवनीत, उसकी आरोपी मां लक्ष्मी शर्मा, आरोपी पिता चेतराम शर्मा और आरोपी भाई मोहित शर्मा के विरुद्ध दहेज मांगने से हुई मौत का मामला दर्ज किया है। दिल्ली में रहने वाले सौरभ ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसकी बहन साक्षी ने उसे 21 जून को फोन कर कहा था कि उसका पति उसे प्रताडि़त करता है और उसके साथ रहना दूभर हो गया है। शिकायत के अनुसार, साक्षी ने सौरभ को बताया था कि वह जल्दी ही अपने बेटे दिव्यांश को लेकर दिल्ली आ जाएगी। सौरभ का आरोप है कि साक्षी के ससुराल वालों ने उसे दहेज के लिए प्रताडि़त किया था। अंबाला छावनी के थाना प्रभारी विजय कुमार ने कहा कि आरोपी नवनीत को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया और बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
- नई दिल्ली। जी-20 देशों के शिक्षा मंत्रियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और मिश्रित शिक्षा के माध्यम से पठन पाठन के तौर तरीकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपने नवीन अनुभवों को साझा करने का संकल्प लिया।शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, जी-20 देशों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक में शिक्षा मंत्रियों ने विशेष रूप से कोविड 19 महामारी के संदर्भ में शैक्षणिक गरीबी और असमानताओं के खिलाफ लड़ाई में प्रगति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। शिक्षा मंत्रियों ने बैठक के अंत में एक घोषणा पत्र को जारी किया गया। इसके बाद समूह के शिक्षा मंत्रियों और श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की डिजिटल माध्यम से एक संयुक्त बैठक भी हुई। बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने शिक्षा मंत्रालय का प्रतिनिधित्व किया।श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रतिनिधित्व मंत्री संतोष गंगवार ने किया। अपने संबोधन में धोत्रे ने कहा, '' जी-20 के सदस्य देशों के रूप में हमारे लिए यह आवश्यक है कि युवाओं को उनकी शिक्षा पूरी करने के बाद कार्यस्थल में सहज रूप से समायोजित होने के लिए युवाओं को तैयार करने की जरूरत को महत्व दिया जाए। यह विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूहों के विद्यार्थियों के लिए अहम है, जिनके पीछे छूटने का ज्यादा जोखिम है।''केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने युवाओं में 21वीं सदी के वैश्विक कार्यस्थल के लिए जरूरी ज्ञान, कौशल और व्यवहार विकसित करने में सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, '' हमारी मांग, क्षमता आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर जोर देने के साथ सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत करने की योजना है।'' धोत्रे ने कहा कि कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पूर्व माध्यमिक और माध्यमिक स्कूल में व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराती है और मुख्य धारा की शिक्षा में सहज एकीकरण सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद है कि 2025 तक स्कूल और उच्च शिक्षा व्यवस्था के कम से कम 50 प्रतिशत विद्यार्थीयों को व्यावसायिक शिक्षा मिल जाए। उन्होंने कहा कि भारत व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में जी-20 देशों के बीच भागीदारी को खासा महत्व देता है।
- गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छह लाख रुपये की इनामी नक्सली महिला ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30 वर्षीय शशिकला उर्फ गुनी उर्फ झूरी उर्फ अंजू आसाराम अचला गढ़चिरौली जिले की धनोरा तहसील के मोठा झलिया गांव की निवासी है और वह कथित रूप से 20 वारदातों में शामिल रही है। अधिकारी ने कहा कि महिला 2006 में नक्सलियों के संगठन टीपागढ़ दलम में शामिल हुई थी।
- नयी दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यदि प्रभावी रोकथाम रणनीतियों और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन किया जाता है तो तीसरी लहर में मामलों की संख्या उस हद तक नहीं होगी कि स्वास्थ्य प्रणाली दबाव में आ जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अभी तक भारत की 2.2 प्रतिशत आबादी इस बीमारी से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें अभी भी जोखिम वाली या अतिसंवेदनशील 97 प्रतिशत आबादी की रक्षा करने के लिए सावधान बनानी चाहिए। हम अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं कर सकते, इसलिए रोकथाम पर निरंतर ध्यान महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम रोकथाम और कोविड के उचित व्यवहार का पालन करते हैं, तो तीसरी लहर भले ही आती है, मामलों की संख्या उतनी नहीं होगी कि स्वास्थ्य प्रणाली दबाव में आ जाए।'' अग्रवाल ने कहा कि कोविड रोधी टीकाकरण कार्यक्रम में एक चुनौती जिसका सामना करना पड़ रहा है, वह है टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट। अग्रवाल ने कहा कि कई लाभार्थी, विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में, कोविड-19 टीके के बारे में सोशल मीडिया पर साझा किये जाने वाले मिथकों, अफवाहों, गलत सूचनाओं और दुष्प्रचार के कारण टीका नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मिथकों का तोड़ना जरूरी है, लेकिन समुदायों को वायरस संचरण श्रृंखला को तोड़ने में कोविड के उचित व्यवहार की भूमिका के बारे में याद दिलाना भी महत्वपूर्ण है।'' वरिष्ठ अधिकारी यूनिसेफ द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ साझेदारी में टीके और टीकाकरण के बारे में मिथकों को दूर करने और कोविड उपयुक्त व्यवहार (सीएबी) के महत्व को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर आयोजित एक मीडिया कार्यशाला में बोल रहे थे। ‘कॉकटेल वैक्सीन' की प्रभावशीलता या विभिन्न टीके की खुराक के मिश्रण को लेकर एक सवाल के जवाब में, मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी वीणा धवन ने कहा कि उपलब्ध सबूतों के अनुसार टीके "अंतः परिवर्तनीय" नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस विषय पर एक पूर्ण विश्लेषण किया जाना बाकी है। कॉकटेल टीकाकरण नहीं किया जाना है और हमें एक ही टीके की खुराकें लेनी चाहिए।'' टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव पर धवन ने कहा कि टीकाकरण के बाद पहले 30 मिनट महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए लोगों को निगरानी में रखा जाता है। गंभीर या गंभीर दुष्प्रभाव ज्यादातर पहले 30 मिनट में देखे जाते हैं।'' इस सवाल पर कि टीके कितने समय तक प्रभावी रहेंगे, अग्रवाल ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि टीके 6-9 महीने तक सुरक्षा देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर साक्ष्य के लिहाज से जरूरी हुआ तो एक बूस्टर खुराक दी जा सकती है।''धवन ने कहा कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड-19 टीकों की सिफारिश की है। उन्होंने कहा, ‘‘गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की सिफारिश एनटीएजीआई ने की है और अन्य देशों में भी यह चल रहा है। हम जल्द ही इसके लिए दिशानिर्देश लेकर आएंगे।'' घर-घर टीकाकरण पर अधिकारी ने कहा कि कुछ बाधाओं पर विचार किया जाना है, जिसके कारण इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक शीशी का उपयोग चार घंटे के भीतर किया जाना है और यह मुश्किल हो सकता है। लाभार्थियों की निगरानी में भी दिक्कत होगी, इसलिए, घर-घर टीकाकरण अभी तक शुरू नहीं किया गया है लेकिन घर के पास टीकाकरण की सुविधा शुरू की गई है।
- आगरा । उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक कार ‘डिवाइडर' से टकराने के बाद पलट गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि हादसा ‘यमुना एक्सप्रेसवे इनर रिंग रोड टोल प्लाजा' के पास मंगलवार रात करीब साढे 10 बजे हुआ। कार का टायर फटने के बाद वह ‘डिवाइडर' से टकरा कर पलट गई थी। एत्मादपुर के पुलिस निरीक्षक अनुज कुमार सैनी ने कहा, ‘‘ कार में छह लोग सवार थे, जो किसी के जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे।'' उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान आशिष (19), अरशद (19) और निखिल (18) के तौर पर हुई है। 16 वर्षीय एक किशोर की भी हादसे में मौत हो गई। ये सभी आगरा के निवासी थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- जबलपुर।मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक बागवान ने लगभग 21 हजार रुपये प्रति फल की कीमत देने वाले दुर्लभ किस्म के आमों के पेड़ों की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और नौ कुत्तों को तैनात किया है। जबलपुर से चरगवां रोड पर संकल्प सिंह परिहार ने बुधवार को बताया कि उनके 12 एकड़ के फार्म हाउस में 14 प्रजाति के लगभग 1100 आम के पेड़ हैं। इसमें दुर्लभ प्रजाति के लगभग 50 पेड़ हैं | उन्होंने बताया, ‘‘ दुर्लभ प्रजाति का आम जापानी प्रजाति के 'टाइयो नो टमैगो' की तरह है । मीडिया तथा गूगल के अनुसार जापानी आम 2,70,000 रुपए में बिका है। मैं यह दावा नहीं करता की यहां लगा दुर्लभ प्रजाति का आम जापानी आम है लेकिन मुझे एक व्यापारी ने आम के एक फल का भाव 21,000 रुपये देने की पेशकश जरुरी की थी।'' परिहार ने कहा कि वर्तमान में इन 50 दुर्लभ पेड़ों पर केवल तीन से चार फल हैं तथा इन पेड़ों एवं फलों को सुरक्षित करने के लिए हमने तीन गार्ड और छह जर्मन शेफर्ड सहित नौ कुत्ते तैनात किए हैं। उनके अनुसार आमों को चुराने की कोशिश के बाद खेत में सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले उन्होंने अज्ञात छह आम की किस्मों के 100 पौधे चेन्नई से 2.5 लाख रुपये में खरीद कर लाए थे तथा इनमें से 52 पेड़ बच गए हैं। परिहार ने कहा, ‘‘ मेरा इरादा दुर्लभ किस्म के फल बेचने का नहीं है। बल्कि उनका एक बाग विकसित करने का है।'' उन्होंने बताया कि 'टाइयो नो टमैगो' आम की एक विशेष जापानी किस्म है, जो जापान के नियंत्रित वातावरण में उगाई जाती है। यह आम की दुनिया में सबसे महंगी किस्मों में से एक है। यह फल बाहर से गहरे लाल रंग का होता है और अंदर मांसल गहरे पीले रंग का होता है। यह आम एंटी आक्सिडेंट, फोलिक एसिड और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होते हैं।
- नोएडा । शहर के थाना फेस-2 अंतर्गत सेक्टर-136 स्थित एक निर्माणाधीन भवन के पास खड़ी ठेकेदार की कार का शीशा तोड़कर चोरों ने एक पिस्तौल, पांच लाख रुपये की नकदी, और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि सेक्टर-47 निवासी ठेकेदार आजाद सिंह अपने द्वारा कराए जा रहे भवन निर्माण का कार्य देखने मंगलवार शाम अपनी कार से सेक्टर-136 पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार खड़ी कर सिंह निर्माणाधीन भवन का काम देखने लगे और इस बीच, अज्ञात चोरों ने उनके वाहन का शीशा तोड़कर उसमें रखा बैग चोरी कर लिया। उन्होंने दर्ज मामले के आधार पर बताया कि बैग में पांच लाख रुपये, लाइसेंसी पिस्तौल, चेकबुक और अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस घटना में गुलेल गैंग के सदस्यों के शामिल होने का संदेह है।
- नयी दिल्ली। नोटबंदी के बाद गृहिणियों द्वारा जमा कराई गई 2.5 लाख रुपये तक की नकद राशि आयकर जांच के दायरे में नहीं आएगी, क्योंकि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने कहा है कि इस तरह की जमाओं को आय नहीं माना जा सकता है। एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर फैसला देते हुए आईटीएटी की आगरा पीठ ने कहा कि यह आदेश ऐसे सभी मामलों के लिए एक मिसाल माना जाएगा। ग्वालियर की एक गृहिणी उमा अग्रवाल ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए अपने आयकर रिटर्न में कुल 1,30,810 रुपये की आय घोषित की थी, जबकि नोटबंदी के बाद उन्होंने अपने बैंक खाते में 2,11,500 रुपये नकद जमा किए। आयकर विभाग ने इस मामले को जांच के लिए चुना और निर्धारिती से 2.11 लाख रुपये की अतिरिक्त नकद जमा राशि की व्याख्या करने के लिए कहा गया था। अग्रवाल ने बताया कि उनके पति, बेटे, रिश्तेदारों द्वारा परिवार के लिए दी गई राशि से उन्होंने उपरोक्त राशि बचत के रूप में जमा की थी। सीआईटी (अपील) ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया और 2,11,500 रुपये की नकद जमा राशि को अस्पष्टीकृत धन मानते हुए कर निर्धारण अधिकारी के आदेश की पुष्टि की। इसके बाद अग्रवाल ने आईटीएटी का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधिकरण ने सभी तथ्यों और तर्कों को देखने के बाद कहा, ‘‘हमारा मानना है कि नोटबंदी के दौरान निर्धारिती द्वारा जमा की गई राशि को उनकी आय के रूप में नहीं माना जा सकता है। इसलिए निर्धारिती की अपील सही है।'' न्याधिकरण ने यह भी कहा कि परिवार में गृहिणियों का योगदान अतुलनीय है।नोटबंदी के दौरान 2.50 लाख रुपये तक जमा करने वाली महिलाओं को छूट देते हुए आईटीएटी ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करते हैं कि इस फैसले को विमुद्रीकरण योजना 2016 के दौरान गृहिणियों द्वारा 2.5 लाख रुपये की सीमा तक नकद जमा के चलते होने वाली कार्रवाई के संबंध में उदाहरण माना जा सकता है।
- बदायूं । बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र में घरेलू क्लेश को लेकर एक व्यक्ति ने लोहे की छड़ से अपनी पत्नी की पिटाई की और बाद में कुल्हाड़ी से काटकर उसे मार डाला। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रवीण सिंह चौहान ने बुधवार को बताया कि उझानी कोतवाली क्षेत्र के अमीरगंज गांव में मंगलवार रात कोआरोपी जसबीर का अपनी पत्नी सोनी (25) के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान तैश में आये आरोपी जसबीर नें लोहे की छड़ से सोनी के सिर पर कई वार किये और बाद में कुल्हाड़ी से काटकर उसकी हत्या कर दी। सोनी के मायके के लोगों ने आरोपी जसबीर और उसके परिवार पर दहेज के लिए हत्या का आरोप भी लगाया है। चौहान ने बताया कि सोनी के मायके के लोगों ने बताया है कि पांच वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। कुछ दिन पहले सोनी रैपुरा में अपने मायके अपनी बहन की शादी में गयी थी। मायके वालों के अनुसार वारदात वाले दिन ही सोनी को उसकी सास और देवर ससुराल बुलाकर ले गए और रात में उसके आरोपी पति ने उसकी हत्या कर दी। मायके के लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी दहेज की वजह से आरोपी पति कई बार सोनी को घर से निकाल चुका था और मारने की कोशिश की थी। चौहान ने बताया कि आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- इंदौर। अगर आप इंदौर के मशहूर खजराना गणेश मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करना चाहते हैं, तो पहले आपको मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्डों को अपने कोविड-19 रोधी टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना होगा। मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट ने बुधवार को बताया कि मंदिर प्रबंधन ने महामारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया है।उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर में ही टीकाकरण केंद्र चलाया जा रहा है जहां टीका लगवाने वाले श्रद्धालुओं को हाथों-हाथ इसका प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। पुजारी ने कहा, "पड़ोसी देवास शहर का एक जोड़ा अपनी शादी के तत्काल बाद बुधवार को खजराना गणेश के दर्शन के लिए आया। लेकिन पूछे जाने पर पता चला कि दूल्हा-दुल्हन ने कोविड-19 रोधी टीका नहीं लगवाया था। जब हमने उन्हें भगवान गणेश के दर्शन से पहले टीका लगवाने के लिए कहा, तो वे खुशी-खुशी मान गए। उन्होंने टीका लगवाने के बाद ही भगवान के दर्शन किए। मंदिर परिसर में केंद्र में एक साथ टीका लगवाते दूल्हा-दुल्हन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
- रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ में भारतीय गैस प्राधिकार लिमिटेड (गेल) की पाइपलाइन बिछाने की एक परियोजना में कार्यरत दो निजी सुरक्षाकर्मियों की तीन मई को हुई अपहरण की घटना में चार और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, इन्हें मिलाकर अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मंगलवार को यहां बताया कि बीती रात इस मामले में पुलिस ने चार अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि 15 सदस्यों वाले गिरोह के कुल 13 आरोपी को अबतक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पूर्व दो जून को पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपी को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि तीन मई को रामगढ़ से बोकारो के बीच बिछायी जा रही गैस पाइपलाइन परियोजना की सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को आरोपियों ने अगवा कर लिया था जिनमें से एक को उन्होंने एक दिन बाद और दूसरे को पुलिस की छापामारी के दबाव में 19 दिनों बाद 22 मई को रिहा किया था। इन सुरक्षाकर्मियों का अपहरण करने वाले गिरोह के आठ आरोपियों को हथियार समेत पुलिस ने दो जून को रामगढ़ के गोला पुलिस थाना क्षेत्र से भैरवी नदी के किनारे जंगल से पकड़ा था।
- नयी दिल्ली । ई-गवर्नेंस सेवा प्रदाता सीएससी एसपीवी और स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में नागरिकों को ई-संजीवनी ऐप के जरिए ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श मुहैया कराने के लिए हाथ मिलाया है। सीएससी एसपीवी ने एक बयान में कहा कि यह सेवा धीरे-धीरे 3.74 लाख से अधिक सामान्य सेवा केंद्रों में शुरू की जाएगी, जिनका प्रबंधन और संचालन ग्रामीण स्तर के उद्यमियों (वीएलई) द्वारा किया जाता है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा विकसित वेब-आधारित एप्लिकेशन, ई-संजीवनी, प्रत्येक राज्य में पैनल में शामिल डॉक्टरों द्वारा स्थानीय भाषा में मुफ्त वीडियो-आधारित टेलीपरामर्श प्रदान करता है। वीएलई को सीएससी में आने वाले रोगी को पंजीकृत करना होगा और ओपीडी ऐप पर विवरण भरना होगा। इसके बाद वीएलई को एक 16-अंकीय रोगी आईडी और एक टोकन प्राप्त होगा। एसएमएस प्राप्त होने के बाद, वीएलई एक रोगी आईडी के साथ लॉग इन करेगा। जब कॉल नाउ बटन सक्रिय होता है, तो वीएलई वीडियो कॉल शुरू कर सकता है और नागरिक को परामर्श प्राप्त करने में मदद कर सकता है। परामर्श के बाद, वीएलई डॉक्टर द्वारा भेजे गए ई-प्रिस्क्रिप्शन को डाउनलोड कर सकता है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करने के लिए कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान टेलीमेडिसिन दिशानिर्देश लेकर आई।
- नयी दिल्ली । एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर भारत में कोविड-19 का कुल टीकाकरण कवरेज 29 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शाम सात बजे की अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार, आज टीके की 53.4 लाख से अधिक खुराक दी गईं।मंत्रालय के अनुसार, 18-44 वर्ष की आयु वर्ग में मंगलवार को टीके की 32,81,562 से अधिक खुराक पहली खुराक के रूप में और 71,655 दूसरी खुराक के रूप में दी गई। टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से कुल मिलाकर, 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस आयु वर्ग के 6,55,38,687 से अधिक लोगों ने अपनी पहली खुराक प्राप्त की है और 14,24,612 से अधिक लोगों ने अपनी दूसरी खुराक प्राप्त की है।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारियों के दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कई सत्रों में बैठक चली, जिसमें 'संगठन ही सेवा' के मंत्र के साथ नये सिरे से बूथ स्तर तक संगठन की संरचना जल्द पूरा करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई।अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आए। यहां भाजपा मुख्यालय में मंगलवार को बीएल संतोष, राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने प्रदेश पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ एक बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ट्वीट किया, ''भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश महामंत्रियों एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष एवं प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।''बाद में स्वतंत्र देव सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीएल संतोष और राधा मोहन सिंह के दो दिवसीय प्रवास में संगठन की बैठक हुई जो चार घंटे तक चली और इसमें संगठन के बूथ स्तर तक के गठन की चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पदाधिकारियों ने पार्टी के सभी सांसद व विधायकों को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी और सभी अभियानों की समीक्षा की। मिशन 2022 के लिए संगठन और सरकार की योजनाओं पर क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई।
- भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की यात्री बसों की आवाजाही पर मौजूदा प्रतिबंध को 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर यह प्रतिबंध लागू किया था।एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने एक आदेश जारी किया है। इससे पहले 15 जून को जारी किया गया बसों की आवाजाही पर प्रतिबंध बढ़ाने का आदेश 22 जून तक प्रभावी था। वहीं मध्यप्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की यात्री बसों के संचालन पर लगाया गया प्रतिबंध 15 जून से हटा दिया था। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 65 नए मामले सामने आए । इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या 7,89,415 हो गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में इस महामारी से 22 लोगों की मौत हुई, प्रदेश में अब तक इस बीमारी से कुल 8,806 लोगों की मौत हो चुकी है।
- नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय जुलाई और अगस्त में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन्स के लंबित संस्करणों का आयोजन करने पर विचार कर रहा है, जबकि मेडिकल पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को सितंबर में स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद है।हालांकि, इस संबंध में अब तक अंतिम निर्णय किया जाना बाकी है और मंत्रालय सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड—19 की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। खबर है कि ''जी मेंस की लंबित परीक्षाएं जुलाई के आखिर में या अगस्त के शुरू में आयोजित की जा सकती हैं और इनमें एक पखवाड़े का अंतर होगा। नीट सितंबर में हो सकता है ।'' वर्तमान शैक्षणिक सत्र से, छात्रों को उनके स्कोर में सुधार करने का मौका देने के लिए जेईई मेन्स परीक्षा वर्ष में चार बार आयोजित की जा रही है। इस साल फरवरी में पहले चरण के बाद मार्च में दूसरे चरण की परीक्षा करायी गयी थी, जबकि अगला चरण अप्रैल और मई के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन देश भर में कोविड—19 के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुये इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था । जेईई एडवांस परीक्षा भी स्थगित कर दी गयी थी जो तीन जुलाई को होनी थी । एडवांस परीक्षा देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में नामांकन के लिये आयोजित की जाती है ।
- मुंबई। जेट एयरवेज के दिवालिया होने के दो साल बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को एयरलाइन के लिए जालान-कलरॉक गठजोड़ की दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दे दी। समाधान पेशेवर को विमान सेवा कंपनी इस साल के अंत तक दोबारा उड़ान भरने की उम्मीद है। हालांकि लिखित आदेश अभी नहीं दिया गया है,पर न्यायाधिकरण ने साफ कर दिया कि वह एयरलाइन के लिए स्लॉट के मुद्दे पर कोई निर्देश नहीं देगा और सरकार या उचित प्राधिकरण इस मामले पर ध्यान देगा। जालान-कलरॉक गठजोड़ ने कहा है कि वह आदेश पढ़ने के बाद आगे के कदम उठाएगा जबकि इस मामले के समाधान पेशेवर का अनुमान है कि उड़ान समय-सारिणी आदि का मुद्दा निपट जाने पर जेट एरवेज इस साल के अंत तक पुन: पंख पर हो जाएगी। जेट एयरवेज दो साल से दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत समाधान प्रक्रिया से गुजर रही थी। समाधान पेशेवर आशीष छावछरिया उसके कामकाज का प्रबंधन कर रहे हैं। दो दशक से ज्यादा समय से सेवा दे रही विमानन कंपनी ने वित्तीय दबाव के चलते अप्रैल, 2019 में परिचालन को निलंबित कर दिया था। एनसीएलटी ने जून, 2019 में भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले ऋणदाताओं के समूह द्वारा जेट एयरवेज के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को स्वीकार किया था। समूह ने 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया ऋण वसूल करने के लिए याचिका दायर की थी। मोहम्मद अजमल और वी नल्लासेनापति की अध्यक्षता में एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने जेट एयरवेज के लिए दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दे दी जिसे 22 जून से 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा। पीठ ने अपने मौखिक आदेश में कहा कि अगर योजना के प्रभाव में आने की तारीख को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो समाधान योजना का आवेदक (जालान कलरॉक गठजोड़) फिर से न्यायाधिकरण का रुख कर सकता है। जेट एयरवेज के ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने अक्टूबर, 2020 में ब्रिटेन स्थित कलरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमी मुरारी लाल जालान के गठजोड़ द्वारा सौंपी गयी समाधान योजना को मंजूरी दी थी। छावछरिया ने एनसीएलटी की मंजूरी को संकटग्रस्त उड्डयन क्षेत्र के लिए कायापलट संबंधी सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक करार देते हुए उम्मीद जतायी कि सबकुछ सही रहने पर साल के अंत तक एयरलाइन की उड़ानें दोबारा शुरू हो जाएंगी। जेट एयरवेज के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों शेयर बाजारों में पांच प्रतिशत की उछाल के साथ 99.45 की ऊपरी सीमा पर पहुंच गए। अप्रैल, 2019 में परिचालन निलंबित होने के बाद से एयरलाइन के शेयरों का मूल्य आधे से कम हो गया था।जालान कलरॉक गठजोड़ ने कहा है कि वह एनसीएलटी के लिखित आदेश को पढ़ने के बाद अपने अगले कदम तय करेगा।गठजोड़ ने एक बयान में कहा कि यह सफर अब तक "अत्यधिक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक" रहा है।बयान के मुताबिक गठजोड़ ने जेट एयरलाइन की उड़ानें दोबारा शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और अपने सभी प्रतिद्वंदियों के साथ काम करने की अपनी इच्छा दोहरायी। एनसीएलटी ने मंगलवार को अपने आदेश में यह भी कहा कि वह स्लॉट (उड़ानों की समय सारिणी में समय) आवंटनों की ऐतिहासिक विश्वसनीयता को लेकर कोई निर्देश नहीं दे रहा और सरकार या संबंधित उचित प्राधिकरण इस मुद्दे पर ध्यान देगा। एयरलाइन के दोबारा परिचालन शुरू करने के लिए स्लॉट महत्वपूर्ण होंगे। अप्रैल, 2019 में परिचालन के निलंबन से पहले जेट एयरवेज के पास उपलब्ध स्लॉट दूसरी एयरलाइनों को आवंटित कर दिए गए हैं। पांच मई, 1993 को एयर टैक्सी सेवा प्रदाता के रूप में परिचालन शुरू करने वाली जेट एयरवेज 1995 में एक अनुसूचित विमानन कंपनी बनी। कंपनी ने लीज पर लिए चार बोइंग 737-300 विमानों के साथ एयर टैक्सी सेवा शुरू की थी। जेट एयरवेज ने मार्च, 2004 में चेन्नई से कोलंबो के बीच अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरी थी।
- इंदौर ।कोविड-19 का प्रकोप घटने के बाद पश्चिम रेलवे प्रशासन ने इंदौर और नजदीकी डॉ. आम्बेडकर नगर (महू) से सात जोड़ी (अप और डाउन) ट्रेनों का परिचालन बहाल करने का फैसला किया है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के एक जनसम्पर्क अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया इंदौर और महू से जिन सात जोड़ी ट्रेनों को फिर से चलाने का फैसला किया गया है, वे इन स्थानों को दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, दौंड, उधमपुर, यशवंतपुर और कोचुवेली से जोड़ती हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण कम होने और ट्रेनों में यात्रियों की तादाद बढ़ने के चलते इन रेलगाड़ियों का परिचालन बहाल करने का फैसला किया गया है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल पश्चिम रेलवे कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी यात्री ट्रेनों को विशेष रेलगाड़ियों के रूप में चला रहा है और महामारी की रोकथाम के लिए केवल आरक्षित टिकटों के आधार पर लोगों को इनमें सफर की अनुमति दी जा रही है।
- मुरादाबाद (उप्र) ।जिले के दिलारी थाना क्षेत्र के राजपुर केसरिया गांव में तलघर (बेसमेंट) में बने सीमेंट के गोदाम से चार लोगों के शव बरामद हुए हैं। मृतकों में तीन एक ही परिवार के सदस्य हैं। पुलिस ने मंगलवार को ये जानकारी दी। मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि इन लोगों की मौत गीले उपले जलाने से निकले धुएं के कारण दम घुटने से हुई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान राजेंद्र (50), उनके बेटे हरकेश (30) तथा प्रीतम (25) और उनके सहायक रमेश (40) के तौर पर हुई है, जो हादसे के समय सोमवार रात तलघर में बने सीमेंट के गोदाम में काम कर रहे थे। राजेंद्र की पत्नी ने जब उन्हें रात करीब 11 बजे फोन किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। पत्नी ने बाद में पुलिस को जानकारी दी और जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां शव बरामद हुए। एसएसपी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञ मामले की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के उचित कारण का पता चल पाएगा।
- नयी दिल्ली)। कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान में शामिल कर्मी दुर्गम व दूरदराज के आदिवासी इलाकों में भी पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और इस क्रम में उन्हें पहाड़ी इलाकों में मीलों तक पैदल चलना पड़ता है वहीं उन्हें मोबाइल नेटवर्क की समस्या से भी दो-चार होना पड़ता है। इस बीच ऐसे लोगों से भी उनका सामना होता है जिनके मन में टीकों को लेकर हिचक है। अरुणाचल प्रदेश के राज्य टीकाकरण अधिकारी दिमोंग पादुंग की टीम में पांच सदस्य हैं जिनमें पोर्टर, नर्स और स्वयंसेवी शामिल हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए दूरदराज के इलाकों की यात्रा की है कि राज्य में पूरी तरह से टीकाकरण हो सके। इसी क्रम में उन्होंने तवांग जिले में लुगुथांग गांव का दौरा किया जो नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से 60 किमी से अधिक दूर है और वहां पहुंचना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘"मेरी टीम टीकाकरण के लिए जिन दूरदराज के इलाकों में गयी है, यह उनमें से एक है। वहां कोई सड़क नहीं है, इसलिए वाहन से थोड़ी दूरी तय करने के बाद, हमें 2-3 दिनों तक चलना पड़ता है।'' पडुंग ने कहा, "राहत की एकमात्र बात यह है कि यह क्षेत्र इतनी ऊंचाई पर है कि तापमान लगभग हर समय शून्य रहता है। इससे टीकाकरण प्रक्रिया में मदद मिलती है क्योंकि टीके को 2-8 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाना है।" लेकिन टीकाकरण टीमों के लिए, ऐसे दूरदराज के इलाकों में पहुंचने से ही समस्या का समाधान नहीं हो जाता। कोविड टीकाकरण के लिए लोगों को पंजीकरण के लिए तैयार करना भी चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता और स्थानीय स्वयंसेवी मददगार होते हैं। तवांग के जिला टीकाकरण अधिकारी रिनचिन नीमा का हवाला देते हुए अधिकारियों ने एक नर्सिंग सहायक का उदाहरण दिया जो टीकाकरण के लिए स्थानीय लोगों को मनाने की खातिर दलाई लामा की तस्वीर लेकर मागो गांव में घर-घर गया। यह प्रयास कारगर रहा और गांव में 95 वर्षीय एक व्यक्ति को छोड़कर, हर कोई टीकाकरण के लिए तैयार हो गया। जो स्थान जितनी दूर है, वहां टीकाकरण टीमों के लिए चुनौतियों भी अधिक हैं। नगालैंड राज्य के टीकाकरण अधिकारी रितु थुर की टीम सबसे दूर किफिर जिला गयी थी जो म्यांमा की सीमा के पास है। थुर ने फोन पर कहा, "खराब सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण इन स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है। हमें अक्सर 6-7 घंटे पैदल चलना पड़ता है।'' उन्होंने कहा कि खराब इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क से उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। हालांकि, थुर की टीम भाग्यशाली रही है और उसे टीके को लेकर लोगों में झिझक का सामना नहीं करना पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार आदिवासी जिलों में प्रति दस लाख की आबादी पर कोविड टीकाकरण की संख्या 1,73,875 है, जो राष्ट्रीय औसत 1,68,951 से अधिक है। इसके अलावा 176 आदिवासी जिलों में से 128 जिलों का प्रदर्शन अखिल भारतीय टीकाकरण कवरेज से बेहतर है।
- फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। फतेहपुर जिले के गाजीपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी मारकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि चांदपुर थाना क्षेत्र के गोहरारी गांव के रहने वाले आरोपी राजेन्द्र तिवारी और उसकी पत्नी ममता तिवारी (42) करीब दो साल से बड़नपुर गांव के तिराहे में किराये का कमरा लेकर अपने बेटे राज (18) व दीपक (15) के साथ रह रहे थे। सोमवार की रात दोनों में किसी बात पर विवाद हुआ और सोते समय आरोपी राजेन्द्र ने ममता पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपी राजेन्द्र की तलाश की तलाश की जा रही है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टॉयकैथॅन-2021 के प्रतिभागियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बृहस्पतिवार को बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय , उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग , कपड़ा मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने पांच जनवरी, 2010 को टॉयकैथॅन-2021 की संयुक्त रूप से शुरुआत की थी। भारत से लगभग 1.2 लाख प्रतिभागियों ने टॉयकैथॅन-2021 के लिए पंजीकरण कराकर 17,000 से अधिक नए विचार रखे, जिनमें से 1,567 विचारों को 22 जून से 24 जून तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय ऑनलाइन ‘टॉयकैथॅन ग्रैंड फिनाले' के लिए चुना गया। कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों के कारण इस कार्यक्रम में डिजिटल खिलौनों को लेकर विचार रखने वाली टीमें शामिल होंगी, जबकि गैर-डिजिटल खिलौनों की अवधारणाओं के लिए एक अलग समारोह आयोजित किया जाएगा, जो ऑनलाइन नहीं होगा। भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक खिलौना बाजार देश में विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करता है। टॉयकैथॅन-2021 का उद्देश्य भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना है।
- हैदराबाद। केएल डीम्ड यूनिवर्सिटी का दावा है कि उसके यहां इंजीनियरिंग के छात्रों की एक टोली ने वायरलेस चार्जिंग तकनीक वाली एक अनूठी ई-बाइक का विकास किया है। विश्वविद्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी। संस्थान की विज्ञप्ति के मुताबिक केएल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के छह छात्रों ने संस्थान के कुछ पूर्व छात्रों के साथ मिलकर इस नवोन्मेषी विद्युत-वाहन के नमूने का विकास किया है। ई-बाइक में भविष्यगामी विशेषताएं हैं जिनमें बैट्री का संतुलन और बिना तार के चार्ज करने का सुविधा शामिल है। विज्ञप्ति में कहा गया कि टीम ने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं परीक्षण सुविधाओं की उपलब्धता का लाभ उठाते हुए शुरुआती अवधारणा एवं प्रोटोटाइप का विकास किया। ऐसी प्रौद्योगिक दुनिया में अभी कुछ ही जगह है। टीम को विशेषज्ञों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविदों से मार्गदर्शन और निरंतर फीडबैक मिला। ई-बाइक अधिकतम 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार देती है और पांच घंटे की एक चार्जिंग के साथ मानक दशाओं में यह 85 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।
- जबलपुर । राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन से तीन लोगों के पास से 5.5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। जबलपुर रेलवे पुलिस के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन ने बताया कि नियमित जांच के दौरान पुलिस को गुजरात के रहने वाले तीन यात्रियों के बैग में सोने के आभूषण मिले। उन्होंने बताया कि तीनों व्यक्ति ताप्ती एक्सप्रेस से कटनी स्टेशन पर पहुंचे थे। सोने के आभूषणों के संबंध में तीनों कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जैन ने बताया कि इस मामले में जीआरपी ने आयकर और वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन लोगों से 5.5 करोड़ रुपये मूल्य के कम से 14 किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव क्षेत्र में सोमवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक कार पुलिया से टकरा गई, जिससे कार सवार मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता और पुत्री घायल हो गए। बलदेव थाने के प्रभारी नरेंद्र सिंह यादव ने बताया, दिल्ली के इंदिरा विहार निवासी अभिषेक (28) अपनी मां संतोष (55), पिता रमेश हंस (60) और बहन हिना (25) के साथ आगरा में अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गए थे और रात को दिल्ली लौटे रहे थे तभी थाना बलदेव क्षेत्र में उनकी कार एक पुलिया से टकरा गई। हादसे में अभिषेक और उसकी मां की मौत हो गई। जबकि पिता रमेश और बहन हिना गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया, तथा दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मथुरा के जिला मुख्यालय भेजा। सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार से पुलिस को नगदी और आभूषण मिले हैं और मृतक के दामाद को सारा सामान सौंप दिया गया है।


























.jpeg)
.jpg)