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- भवानीपटना।ओडिशा के कालाहांडी जिले में करलापत वन्यजीव अभयारण्य के परिसर में एक मादा हाथी का सड़ा हुआ शव मिला है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके साथ इलाके में मरने वाले हाथियों की संख्या नौ हो गयी है। वन विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को करलापत वन्यजीव अभयारण्य में मादा हाथी का शव देखा। हथिनी के शव से दांतों को काट कर निकाल लिया गया था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले साढ़े चार महीनों में अब तक नौ हाथियों की मौत हो चुकी है। कालाहांडी दक्षिण संभाग के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) टी अशोक कुमार ने बताया कि थुआमूल रामपुर प्रखंड में साइलेट ग्राम पंचायत में रानीबहल राजस्व वन क्षेत्र से बरामद किया गया शव एक मादा हाथी का था, जिसकी उम्र करीब 30 से 35 साल तक थी। उन्होंने बताया कि जांच में यह पता चला है कि सुरुमुंडी गांव के आरोपी दाना माझी ने ही हाथी के दांतों को काटा। वन विभाग के कर्मचारियों ने आरोपी दाना के घर से हाथी के दांत बरामद भी किए हैं। आरोपी दाना फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
- आइजोल (मिजोरम) । दुनिया में सबसे बड़े परिवार के मुखिया जियोंघाका उर्फ जियोन-आ का रविवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। जियोजन-आ 76 साल के थे। उनके परिवार में 39 पत्नियां, 94 संतानें तथा 33 पोते-पोतियां तथा नाती-नातिन हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. लालरिंटलुंगा जहाउ ने कहा, ‘‘ जियोन-आ को मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप था। उनका तीन दिनों से बक्तावंग गांव में उनके घर पर इलाज चल रहा था। लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'' जियोन-आ चना पॉल या छुआंथर संप्रदाय के नेता था, जिसे उनके दादा खुआंगतुआहा ने 1942 में मावंगकावन गांव से निष्कासन के बाद स्थापित किया था। तब से उनका (जियोन-आ)परिवार बक्तावंग गांव में रहता है, जो मिजोरम की राजधानी आइजोल से 55 किलोमीटर दूर है। खुआंगतुआहा के बेटे चना थे और उनके बेटे जियोन-आ हैं। मुख्यमंत्री जोरामथांगा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लाल थनहावला, जोराम पीपुल्स मूवमेंट के नेता लालदुहोमा ने जियोन-आ के निधन पर शोक प्रकट किया है।
- चंडीगढ़। भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान एवं महान धावक मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का मोहाली के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से संबंधित जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वह पिछले महीने इस बीमारी की चपेट में आयी थीं। वह 85 वर्ष की थीं और उनके परिवार में पति, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मिल्खा सिंह के परिवार के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘ हमें आपको यह सूचित करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि श्रीमती निर्मल मिल्खा सिंह का कोविड-19 के खिलाफ बहादुरी से लड़ने के बाद आज शाम चार बजे निधन हो गया।'' उन्होंने बताया, ‘‘ वह मिल्खा परिवार की रीढ़ की हड्डी की तरह थी। वह 85 वर्ष की थीं। यह दुखद है कि फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी आज शाम ही हुए दाह संस्कार में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे अभी भी आईसीयू (चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर) में हैं।'' मिल्खा को कोविड-निमोनिया के कारण मोहली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया या था। उसी अस्पताल में दो दिन बाद 26 मई को निर्मल को भी भर्ती कराया गया था। एक हफ्ते बाद परिवार के अनुरोध पर मिल्खा सिंह को छुट्टी दे दी गई लेकिन निर्मल खतरनाक संक्रमण के कारण अस्पताल में ही रही। घर में स्थिति बिगड़ने के बाद मिल्खा सिंह को यहां के पीजीआईएमईआर की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति अभी ‘स्थिर है और इसमें सुधार जारी है‘। परिवार के प्रवक्ता ने कहा कि निर्मल ने आखिर तक एक बहादुर लड़ाई लड़ी। उन्होने कहा, ‘‘परिवार ने इस संघर्ष के दौरान एकजुटता और प्रार्थना के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है, जिसने उन्हें बहादुरी से इसका सामना करने की ताकत दी।
- गाजियाबाद । गाजियाबाद के लोनी इलाके में बुजुर्ग माता-पिता की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने रविवार को आरोपी रवि ढाका को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई नाइलॉन की रस्सी, तौलिया, 15 हजार रुपये की नकदी और पांच लाख रुपये के सावधि जमा का प्रमाण पत्र बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। एसपी ने कहा कि आरोपी रवि ने पुलिस को बताया कि उसने जिले के लोनी इलाके के बलराम नगर में अपने घर में शुक्रवार को अपने पिता सुरेन्द्र धाका (70) और मां संतोष (63) की हत्या की । एसपी ने बताया कि आरोपी इस बात को लेकर चिंतित था कि पूरी पारिवारिक संपत्ति छोटे भाई के परिवार को दे दी जाएगी।आरोपी रवि ने घटनास्थल पर लूट की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह किया। इसके लिये आरोपी ने घर का सामान और कपड़े इधर- उधर फेंक दिये और अलमारी खुली छोड़ दी। एसपी ने बताया कि आरोपी रवि अपने छोटे भाई गौरव की पत्नी और बच्चों को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिये अपने माता-पिता से जलता था। गौरव की ढाई साल पहले दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके पिता सुरेन्द्र, गौरव की पत्नी को उसकी संपत्ति भी देना चाहते थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी रवि ने अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ एक महिला से शादी की है। पुलिस ने कहा कि कथित भेदभाव से नाराज आरोपी रवि और उसके पिता के बीच घर पर अक्सर कहासुनी होती थी। इसके चलते आरोपी ने अपने माता-पिता को खत्म करने की योजना बनाई। आरोपी रवि ने माता-पिता को जान से मारने के बाद नाटक करते हुए पड़ोसियों से कहा कि लूट के बाद उनकी हत्या की गई है। पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया, जो फॉरेंसिक विशेषज्ञ और खोजी कुत्ते के दस्ते के साथ वहां पहुंची। आरोपी रवि ने मौत को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोरोना वायरस रोधी टीके की 1.53 करोड़ से अधिक खुराकें हैं तथा चार लाख और खुराकें उन्हें अगले तीन दिनों में दी जाएंगी। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक भारत सरकार द्वारा (निशुल्क) और सीधे खरीद श्रेणी में 26 करोड़ से ज्यादा (26,64,84,350) खुराकें मुहैया कराई गई हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें से (रविवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार) बर्बादी समेत 25,12,66,637 खुराकों का इस्तेमाल किया जा चुका है। उसने कहा, “ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के पास टीकाकरण के लिए अब भी 1.53 करोड़ से अधिक (1,53,79,233) खुराकें मौजूद हैं। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 4,48,460 खुराकें अगले तीन दिनों में मिलेंगी।” राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत, केंद्र निशुल्क टीका मुहैया कराकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता कर रहा है। इसके अलावा, केंद्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा टीकों की सीधी खरीद में भी मदद कर रहा है।-File photo
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जम्मू। जम्मू में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के ‘भूमि पूजन' कार्यक्रम को जम्मू कश्मीर के लिए ‘ ऐतिहासिक और गौररवपूर्ण दिन' करार देते हुए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि 33.22 करोड़ रुपये की लागत से इस मंदिर के दो चरणों में डेढ साल में बन जाने की संभावना है। सिन्हा ने कहा कि इस मंदिर के निर्माण से विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों के द्वार खुलेंगे तथा निश्चित ही इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदलेगी। जम्मू कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के एक बड़े कदम के तहत तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा श्री वेंकेटेश्वर स्वामी मंदिर के निर्माण के लिए यहां माजीन गांव में भूमि पूजन कार्यक्रम किया गया। सिन्हा इस समारोह में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह, टीटीडी बोर्ड के अध्यक्ष वाई बी सुब्बा रेड्डी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य वी राम माधव एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ शामिल हुए। इस कार्यक्रम में शिलान्यास पट्टिका भी लगायी गयी। उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, जब यह विशाल मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा, तब यह आस्था के केंद्र के साथ-साथ अध्यात्मिकता का स्थल होगा। '' उन्होंने कहा कि टीटीडी बोर्ड संस्कृत भाषा एवं पठन-पाठन की प्राचीन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल/वेद पाठशाला स्थापित करेगा। उनके अनुसार बोर्ड आंध्र प्रदेश की तर्ज पर यहां स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा। सिन्हा ने श्री माता वैष्णो देवी की भूमि पर भगवान बालाजी का मंदिर स्थापित करने की जम्मू कश्मीर एवं उत्तर भारत के लोगों की पुरानी मांग पूरी करने के लिए टीटीडी बोर्ड और केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण जम्मू के पास मजीन गांव में 62.06 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। मंदिर का प्रशासन टीटीडी के अधीन होगा, जो आंध्र प्रदेश में तिरुमला-तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन भी करता है। उपराज्यपाल की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने एक अप्रैल को टीटीडी को 40 साल की अवधि के लिए पट्टे के आधार पर मंदिर और उसके संबद्ध बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर में टीटीडी के आगमन से आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन क्षमता, विशेष रूप से जम्मू में तीर्थ पर्यटन में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर और अमरनाथ मंदिर के अलावा भी यहां तीर्थ यात्री और पर्यटक आकर्षित होंगे और यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवींदर रैना ने कहा, "जम्मू मंदिरों का शहर है और शहर में सबसे श्रद्धेय बालाजी मंदिर के जुड़ने से लोगों को फायदा होगा।" उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश और उससे सटे राज्यों के लोगों को प्रार्थना के लिए आंध्र प्रदेश जाने के बजाय यहां प्रार्थना करने का मौका मिलेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के क्षेत्रीय प्रमुख देवेंद्र सिंह राणा ने आशा व्यक्त की कि स्थानीय लोगों को मंदिर निर्माण की गतिविधियों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “ हमें उम्मीद है कि यह उत्तर भारत के लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन जाएगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। -
- आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर मशहूर हुए 'कांजी बड़ा वाले बाबा' का कैंसर से निधन हो गया। वह इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इस संबंध में बाबा के बेटे पिंकी ने बताया कि वे कैंसर से पीड़ित थे और चार माह से ठेला लगाना भी बंद कर दिया था। उनकी तबियत बिगड़ती चली गयी और शनिवार को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। कोविड-19 की पहली लहर के बाद दिल्ली के 'बाबा का ढाबा' के बाद अक्टूबर में आगरा की प्रोफेसर कॉलोनी में कांजी बड़ा की ठेली लगाने वाले 90 साल के नारायण सिंह सोशल मीडिया पर मशहूर हुए थे। कांजी बड़ा वाले बाबा की ठेली का वीडियो वायरल होने के बाद उनके पास लोग कांजी बड़ा खाने के लिए पहुंचने लगे थे। बाबा नारायण सिंह के घर में एक बेटा और बड़े बेटे की विधवा बहू है। बाबा को कैंसर था। कांजी बड़े की ठेली से ही उनका घर चलता था और अपना इलाज भी करा रहे थे। कोरोना की दूसरी लहर में चार महीने से ठेला लगाना बंद हो गया और बाबा की तबीयत बिगड़ती चली गई। नारायण सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह बिना बताए पहुंच गए थे और बाबा के कांजी बड़े खाए थे। उन्होंने बाबा को 500 रुपये दिए थे। महापौर नवीन जैन भी अपने समर्थकों के साथ बाबा के कांजी बड़े खाने पहुंचे थे। लेकिन बाबा की आर्थिक स्थित में सुधार नहीं हुआ और कैंसर का इलाज सही तरह से नहीं होने से बीमारी बढ़ती गई। जानकारी के अनुसार, यूट्यूब पर वीडियो डालने वाले ने बाद में आर्थिक मदद मिलने पर बाबा को 18 हजार रुपये दिए थे। उनका बेटा पिंकी मजदूरी करता है और विधवा बहू बबली कांजी बड़े तैयार करती थी और बाबा ठेला लगाते थे।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तानाशाही, आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, झूठी सूचनाओं और आर्थिक जोर-जबरदस्ती से उत्पन्न विभिन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा करने में भारत जी-7 का एक स्वाभाविक साझेदार है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जी-7 शिखर सम्मेलन के ‘मुक्त समाज एवं मुक्त अर्थव्यवस्थाएं' सत्र में मोदी ने अपने डिजिटल संबोधन में लोकतंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता और स्वाधीनता के प्रति भारत की सभ्यतागत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मोदी ने आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और जेएएम (जन धन-आधार-मोबाइल) तीनों के माध्यम से भारत में सामाजिक समावेश और सशक्तीकरण पर डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्रांतिकारी प्रभाव को भी रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (आर्थिक संबंध) पी हरीश ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मुक्त समाजों में निहित संवेदनशीलताओं का जिक्र किया और प्रौद्योगिकी कंपनियों तथा सोशल मीडिया मंचों का आह्वान किया कि वे अपने उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित साइबर परिवेश सुनिश्चित करें। अतिरिक्त सचिव ने कहा, ‘‘सम्मेलन में मौजूद अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों की सराहना की।''हरीश ने कहा कि जी-7 नेताओं ने स्वतंत्र, मुक्त और नियम आधारित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और क्षेत्र में साझेदारों का सहयोग करने का संकल्प लिया। कोविड-19 महामारी का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जी-7 सत्रों में भारत की भागीदारी से समूह की यह सोच प्रतिबिंबित होती है कि ‘‘हमारे समय की सबसे बड़ी समस्या'' का समाधान भारत की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य सहित सभी बड़े मुद्दों पर जी-7 और अतिथि साझेदारों के साथ गहराई से जुड़ा रहेगा। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन में कोविड रोधी टीकों पर पेटेंट छूट संबंधी भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर विषय वस्तु आधारित चर्चा के लिए व्यापक समर्थन था। सात देशों के समूह जी-7 में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं।जी-7 के अध्यक्ष के रूप में ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका को शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। यह सम्मेलन ब्रिटेन के कॉर्नवाल में 11 से 13 तक हुआ। कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से यह पहली बार था जब समूह के नेता व्यक्तिगत रूप से मिले।
- मुंबई । मुंबई के रिहायशी इलाके में खड़ी एक कार कंक्रीट के फर्श में गड्ढा होने से पानी में डूब गई, जिसका वीडियो रविवार सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बृह्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि जिस जगह यह कार डूबी वह कुआं हुआ करता था, लेकिन आवासीय सोसाइटी ने सीमेंट कंक्रीट से कहीं-कहीं उसे ढक दिया। पुलिस ने कहा कि घटना रविवार सुबह घाटकोपर पश्चिम की कामा लेन में एक राम निवास आवासीय सोसाइटी में हुई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारी ने कहा, ''आवासीय सोसाइटी ने एक कुएं को कंक्रीट सीमेंट से बंद कर रखा था और स्थानीय निवासी अपनी कारें खड़ी करने के लिये इस इलाके का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय पुलिस की एक टीम और ट्रैफिक पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा कार को बाहर निकाला। निवासियों की सुरक्षा के लिये घटनास्थल की घेराबंदी की गई है।'' उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले आवासीय सोसाइटी ने आरसीसी का काम कर कुएं के आधे हिस्से को बंद कर दिया था और इसका इस्तेमाल वाहनों को खड़ा करने के लिये किया जाने लगा। बारिश के कारण एक हिस्सा गिर गया और वाहन डूब गया। बीएमसी ने शहर में भारी बारिश के बाद हुई घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। शिवसेना शासित नगर निगम ने एक बयान में कहा कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। नगर निगम ने कहा, ''इस सोसायटी के परिसर में एक कुआं है। आधे हिस्से को आरसीसी द्वारा कवर किया गया था। सोसायटी के निवासी अपनी कारों को उस क्षेत्र में पार्क करते थे। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि एक कार पानी में डूब गई।
- भोपाल। कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए गरिमापूर्ण जीवन निर्वाह करने के मद्देनजर ‘‘ मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना'' शुरू करने के 14 दिन बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि प्रदेश सरकार समाज के साथ मिलकर राज्य में अन्य कारणों से भी अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा, आश्रय, आहार एवं जीवनयापन की सम्पूर्ण व्यवस्था करेगी। चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से भी अनाथ हुए बच्चों को हम भटकने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। समाज के साथ मिलकर सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा, आश्रय, आहार और जीवनयापन की सम्पूर्ण व्यवस्था करेगी। इसके लिए हम एक योजना बना रहे हैं।'' उल्लेखनीय है कि कोरोना के कारण जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है, उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और उनके गरिमापूर्ण जीवन निर्वाह के लिए प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना' 30 मई को शुरू की है। इस योजना में बच्चों को 5,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता, नि:शुल्क राशन और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
- खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा में 19 वर्षीय किशोर ने कथित रूप से मोबाइल फोन नहीं बदलने पर 52 वर्षीय एक दुकानदार की गले पर कटर से वार कर दिनदहाड़े हत्या कर दी। यह घटना शनिवार को मोबाइल दुकान पर हुई और इसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद आरोपी को वारदात के करीब आठ घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने रविवार को बताया कि मोबाइल दुकानदार गुलाब पंजाबी (52) की हत्या के मामले में आरोपी कौशल शाह को यहां शनिवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ यहां कोतवाली थाने में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं।सिंह ने बताया कि आरोपी ने गुलाब पंजाबी की दुकान से 1,000 रूपये में मोबाइल फोन खरीदा था, जो खराब हो गया था। आरोपी बार-बार दुकानदार से मोबाइल फोन को बदलने का कह रहा था। दुकानदार ने बदलने से मना किया तो आरोपी ने दुकान में रखी कटर से गुलाब पंजाबी की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। उन्होंने कहा कि इस अंधे कत्ल का पता लगाने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा जिसमें आरोपी हत्या कर फरार होता नजर आया, जिसके बाद आरोपी को दबोचा गया।
- एटा। उत्तर प्रदेश में एटा जिले के नगला परम गांव में शनिवार रात हल्की बारिश में एक मकान की छत गिरने से मां-बेटी की मौत हो गयी तथा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। जैथरा थाने के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार ने बताया कि शनिवार रात को नगला परम गांव में एक मकान की छत अचानक गिर जाने से घर के बरामदे में सो रही 45 वर्षीय श्यामा देवी और उसकी 14 वर्षीय बेटी खुशबू की मौत हो गई तथा उनका 18 वर्षीय बेटा मुलायम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, एटा में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों का पोस्टमार्टम कराया है।
- नयी दिल्ली। उत्तर दिल्ली में बुराड़ी इलाके के एक घर में 65 वर्षीय एक महिला का शव मिला है, जिसके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने और बायां पैर जलाए जाने के निशान हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान बुराड़ी के कमलपुर की रहने वाली राजवारी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि एक ढाबा चलाने वाले प्रमोद (38) के अनुसार, वह और उसकी पत्नी शनिवार को खजूरी गए थे, लेकिन जब वे रात करीब 10 बजे घर लौटे, तो उसे उसकी मां मृत मिली। उसकी मां का गला कटा हुआ था और उसके बाएं पैर पर जले होने के निशान थे। पुलिस ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी बुजुर्ग महिला को पहले से जानता था। उन्होंने बताया कि शव को सब्जी मंडी मुर्दाघर में रखा गया है और रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीम गठित की गई हैं। पुलिस ने बताया कि वह चोरी की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही हैं।-file photo
- नोएडा। नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर रविवार तड़के एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए। घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि रविवार सुबह पांच बजे के करीब सोनू, उसके पिता प्रताप सिंह, मां ऊषा देवी, उसके मामा संतोष कुमार और सतपाल सिंह एक कार में जनपद औरैया के बिधूना से यमुना एक्सप्रेस- वे के रास्ते दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बीटा-2 थाना क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क किनारे खराब खड़े एक ट्रक से उनकी कार जा टकराई। इस घटना में पांचों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर डॉक्टरों ने संतोष, उषा देवी तथा सतपाल को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पिता-पुत्र सोनू तथा प्रताप की हालत नाजुक बनी हुई है। मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि सभी लोग दिल्ली के मोहन गार्डन, उत्तम नगर के रहने वाले हैं।
- पटना। बिहार के सहरसा में बड़ा हादसा हो गया। बस्ती मोहल्ला में चिमनी के पास पानी भरे गड्ढ़े में नहाने के दौरान डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई।पुलिस के अनुसार घटना शनिवार दोपहर की है। मृतकों में गोलू(14), आरिफ(8 ), इशराफिल (10), गुलाब (8 ) और अबु बकर (8 ) शामिल हैं। शहर के वार्ड 31 में रहने वाले छह बच्चे शनिवार की दोपहर सहरसा बस्ती स्थित चिमनी समीप बने गड्ढे में नहाने गए थे। इसी दौरान कुछ बच्चे डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख मृतक आरिफ के भाई तारिक ने इसकी सूचना परिजनों को दी। जब तक परिजन पहुंचे तब तक देर हो चुकी थी। सभी बच्चों को गड्ढे से निकाला गया। जिसमें तीन की मौत हो चुकी थी। दो बच्चों को अस्पताल भी ले जाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दो बच्चे एक ही परिवार के भांजा और भतीजे थे। जबकि बाकी तीन बच्चे अलग-अलग परिवार के थे। घटना की जानकारी मिलने पर सदर एसडीओ शंभूनाथ झा, सदर एसडीपीओ संतोष कुमार सहित अन्य घटनास्थल पहुंचकर छानबीन किया। सदर एसडीओ ने कहा कि शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी बच्चों के परिजनों को आपदा विभाग से राशि दी जाएगी।-file photo
- सिंगरौली, (मप्र) । मध्यप्रदेश में सिंगरौली जिला मुख्यालय बैढऩ से लगभग 90 किलोमीटर दूर कल्टीवेटर लगा ट्रैक्टर पलटने से चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रुप से घायल हो गया। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार को दी।चितरंगी पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक डी एन राज ने बताया कि यह दुर्घटना शनिवार सुबह हुई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान उजाकर सिंह गोंड (18), हीरालाल पनिका (32) संत कुमार पनिका (64) और महिला हिरमतिया (65) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया सुदा गांव में खेत की जुताई करके उजागर सिंह व अन्य लोग ट्रैक्टर पर सवार होकर जा रहे थे और ट्रैक्टर रामराज चला रहा था। उन्होंने बताया कि इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर के सामने आयी महिला हिरमतिया को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर कल्टीवेटर सहित पलट कर पहाड़ी की सड़क से नीचे चला गया। राज ने बताया कि हादसे में उजागर सिंह और हीरालाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल संत कुमार और हिरमतिया की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हुई। उन्होंने बताया कि हादसे में गंभीर रुप से घायल सुरेश गोंड का उपचार बैढऩ के जिला अस्पताल में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्यदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक रामराज के नशे में धुत होने व लापरवाही से तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चलाने की वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक फरार हो गया और पुलिस मामला दर्ज करके जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ नवीन राम की शनिवार को कोविड के बाद की जटिलताओं के कारण मृत्यु हो गई। वह 63 वर्ष के थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी कोविड के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के चलते एक महीने से अधिक समय तक मध्य दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बताया कि राम ने कोविड टीके की दोनों खुराक ली हुई थी। राम सीमा सुरक्षा बल के निदेशक (चिकित्सा) थे। बीएसएफ के पास लगभग 2.65 लाख कर्मी हैं और इसे मुख्य रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करने का काम सौंपा गया है। बीएसएफ ने एक संदेश में राम के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसमें कहा गया है, ‘‘डीजी (महानिदेशक) और सभी रैंक के अधिकारियों ने 12 जून, 2021 को बीएसएफ के आईजी / निदेशक डॉ नवीन राम के असामयिक और दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया।'' बीएसएफ ने ट्वीट किया, ‘‘प्रहरी परिवार (बीएसएफ परिवार) इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा है।
- तिनसुकिया, (असम)। असम के तिनसुकिया जिले के एक गांव में शनिवार को उग्र भीड़ ने 28 साल के एक व्यक्ति की गाय चोर होने के संदेह में कथित रूप से पीट- पीट कर हत्या कर दी । हालांकि, पीडि़त का साथी मौके से भाग निकला ।तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक देबोजीत देउरी ने बताया कि जिले के बागजान पुलिस थाने के अंतर्गत कोरजोंगा बोरपाथर गांव में शनिवार को यह घटना उस वक्त हुई, जब दोनों को एक घर में गाय को रखने के लिये बनाए गए शेड के पास पाया गया । अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया है, जो मामले की जांच करेगा। विशेष जांच दल ने इस मामले में गांव के 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। देउरी ने बताया कि पीडि़त की पहचान सरत मोरान(28) के रूप में की गयी है, जो नंबर 1 कोरदोईगुड़ी गांव का रहने वाला था । घटनास्थल से फरार व्यक्ति की अब तक पहचान नहीं हो सकी है ।ग्रामीणों के अनुसार घर के मालिक ने दो लोगों को उसके गाय को रखने के लिये बनाए गए शेड के निकट तड़के करीब डेढ़ बजे देखा और शोर मचाया । उन्होंने बताया कि इसके बाद लोग मौके पर जमा हो गये और उन्हें पीटना शुरू कर दिया । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को इस घटना की सूचना सुबह करीब साढ़े चार बजे मिली । पुलिस इसके बाद उस व्यक्ति को डूमडूमा सरकारी अस्पताल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया । उन्होंने बताया, ''जब हमने पोस्टमॉर्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंपा तो उसके गांव के कुछ लोगों ने कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने की कोशिश की। हालांकि, जब उन्हें पता चला कि हमने कार्रवाई की है और 12 लोगों को हिरासत में लिया है तो शांतिपूर्वक शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।'' देउरी ने बताया कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, चाहे कोई चोर ही क्यों न हो, और पुलिस इस भीड़ हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी ।
- प्रयागराज। गंगापार सरायइनायत थाना क्षेत्र के अमरसापुर गांव में शुक्रवार को एक बारात में आतिशबाजी और रोशनी की चकाचौंध से बारात में आया हाथी भड़क गया और उसने भारी उत्पात मचाते हुए दो कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सरायइनायत थाना के एसएचओ राकेश चौरसिया ने बताया कि अमरसापुर गांव में शुक्रवार को बारात की शोभा बढ़ाने एक हाथी को भी लाया गया था। बारात के शादी समारोह स्थल के निकट पहुंचते ही हाथी पटाखे की आवाज से भड़क गया और उसने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें हाथी उत्पात मचाता दिख रहा है और हाथी के उत्पात को देखकर दूल्हा बग्घी से उतरकर वहां से भागता दिख रहा है। चौरसिया ने बताया कि महावत ने काफी प्रयास के बाद हाथी को काबू में कर लिया और इसके बाद वह घटनास्थल से चला गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कार्रवाई के लिए फारेस्ट रेंजर अशोक कुमार को शुक्रवार की रात ही सूचना दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि हाथी ने सिर्फ कार को नुकसान पहुंचाया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस घटना के संबंध में महावत और बारात के लिए हाथी की बुकिंग कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
- आइजोल। मिजोरम के आइजोल में भूस्खलन से एक इमारत के गिरने से चार बच्चों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शहर के उत्तर-पूर्व हिस्सू में बॉन्गकॉन पुलिस थाने के तहत आने वाले थुआम्पुई इलाके में शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे घटी। पुलिस ने बताया कि बारिश के कारण हुए भूस्खलन में असम-शैली की वास्तुकला वाली एक इमारत गिर गयी जिसमें एक परिवार के सात सदस्य रहते थे। घटना के वक्त परिवार के सात में से छह सदस्य घर में ही मौजूद थे। उन्होंने बताया कि तीन से 16 साल की बीच की उम्र के चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गयी। परिवार के मुखिया लालबियाकजुआला (75) को मलबे में से सुरक्षित निकाला गया और एक अन्य सदस्य को भी बचा लिया गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने बचाव अभियान चलाया और मलबे में से शवों को निकाला। भूस्खलन की तेज आवाज सुनने के बाद एक अन्य इमारत में रह रहे तीन लोग किसी तरह बचकर भागे।
- हैदराबाद। यहां तीन साल के एक बच्चे को ‘जीन' से संबंधित एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी होने पर लगभग 65,000 लोगों ने जीन उपचार मुहैया कराने के लिए उसकी सहायता की। शहर के एक निजी अस्पताल में अयांश गुप्ता को बुधवार को दुनिया की सबसे महंगी दवा ‘जोलगेंसमा' दी गई जिसे दान के पैसों से अमेरिका से मंगवाया गया था। बच्चा जब एक साल का था तब उसे ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी' नामक बीमारी होने का पता चला। अयांश के पिता योगेश गुप्ता यहां एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी है जिससे मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। इससे बच्चा अपने हाथ पैर नहीं हिला सकता, बैठ नहीं सकता, खड़ा नहीं हो सकता और चल भी नहीं सकता। खाना खाने में भी दिक्कत होती है।” गुप्ता ने कहा कि यह बीमारी जानलेवा भी है और डॉक्टरों ने कहा था कि उनका बच्चा तीन से चार साल से अधिक समय तक जीवित नहीं रहेगा इसलिए उसे समय पर इलाज की जरूरत है। दवा की एक खुराक के लिए 16 करोड़ रुपये एकत्र करना पहले तो असंभव प्रतीत हुआ लेकिन बाद में बच्चे के माता पिता ने सोशल मीडिया पर अपील करने का निर्णय लिया। इस साल फरवरी में उन्होंने अपने बच्चे का जीवन बचाने के लिए चंदा एकत्र करने का अभियान चलाया जिसमें उनके दोस्तों और परिवार वालों ने भी सहायता की। उपचार के लिए उन्होंने तीन महीने में पर्याप्त धन जुटा लिया। विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, अनिल कपूर, अजय देवगन और टीवी उद्योग की कई हस्तियों ने आगे आकर दान दिया। गुप्ता ने कहा, “लगभग 65,000 लोगों ने दान दिया। यह 22 मई को संभव हुआ।” परिवार के एक दोस्त ने एक सांसद से संपर्क किया जिन्होंने संसद में उक्त दवा की कीमत के मुद्दे को उठाया जिसके बाद केंद्र सरकार ने छह करोड़ रुपये का कर माफ किया। बच्चे को दवा दिए जाने के बाद गुप्ता ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उसकी हालत में और सुधार होगा। उन्होंने बताया कि अयांश को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और आगे उपचार चलता रहेगा। बच्चे के पता ने सभी 65,000 दानकर्ताओं को धन्यवाद दिया।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित इंडिया एजुकेशन सेंटर (आईईसी) विश्वविद्यालय ने कोविड-19 महामारी में कमाउ माता-पिता खोने वाले छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा देने और उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करने में मदद करने की घोषणा शनिवार की है। विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि वह मौजूदा पारिवारिक स्थिति, वित्तीय स्थिति और शैक्षिक योग्यता के आधार पर छात्रों के एक समूह को नि:शुल्क अपने कैम्पस में पढ़ने की अनुमति देगा। बयान के अनुसार, छात्र के पात्र और योग्य होने पर विश्वविद्यालय शिक्षा पूरी करने और अपना जीवन संवारने के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगा। उसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय ऐसे छात्रों को पढ़ाई पूरी होने पर करियर चुनने में भी मदद करेगा।
- नयी दिल्ली। चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र की प्रतिष्ठित पत्रिका लैनसेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बात के अब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि कोविड-19 महामारी की तीसरी संभावित लहर में बच्चों के गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंका है। ‘लैंसेट कोविड-19 कमीशन इंडिया टास्क फोर्स' ने भारत में 'बाल रोग कोविड-19' के विषय के अध्ययन के लिए देश के प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञों के एक विशेषज्ञ समूह के साथ चर्चा करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों में उसी प्रकार के लक्षण पाए गए हैं, जैसा कि दुनिया के अन्य देशों में देखने को मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 से संक्रमित होने वाले अधिकतर बच्चों में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं होते। कई बच्चों में संक्रमण के हल्के लक्षण देखने को भी मिले हैं। वायरस से संक्रमित होने के बाद अधिकतर बच्चों में बुखार और श्वास संबंधी परेशानियां जैसे लक्षण भी देखने को मिले हैं। वयस्कों की तुलना में बच्चों में हैजा, उल्टी और पेट में दर्द संबंधी अन्य जठरांत्र संबंधी लक्षण देखने को मिले हैं। किशोरावस्था की उम्र के आस-पास के बच्चों में बीमारी के लक्षण आने की आशंका भी प्रबल हो जाती है। देश में कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान कितनी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए और अस्पताल में भर्ती हुए, इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़े तैयार नहीं किए गए हैं। इसलिए तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के 10 अस्पतालों में इस दौरान भर्ती हुए 10 साल से कम उम्र के करीब 2600 बच्चों के क्लीनिकल आंकड़ों को एकत्र कर उसका विश्लेषण करने के बाद ही यह रिपोर्ट तैयार की गयी है। आंकड़ों के मुताबिक 10 साल से कम उम्र के बच्चों में कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 2.4 प्रतिशत दर्ज की गयी। संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले करीब 40 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित भी थे।लैनसेट की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 10 साल से कम उम्र के नौ प्रतिशत बच्चों में बीमारी के गंभीर लक्षण देखे गए। महामारी की दोनों लहरों के दौरान ऐसा देखा गया। देश के शीर्ष अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बाल रोग विशेषज्ञ शेफाली गुलाटी, सुशील के काबरा और राकेश लोढ़ा जैसे चिकित्सकों ने लैनसेट की ओर से किए गए इस अध्ययन में हिस्सा लिया।काबरा ने महामारी की तीसरी संभावित लहर को लेकर कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले पांच प्रतिशत से भी कम बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ेगी, जिनमें मृत्यु दर दो प्रतिशत तक हो सकती है। काबरा ने कहा, हम कह सकते हैं कि एक लाख संक्रमित बच्चों में से केवल 500 बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ी और उसमें से दो प्रतिशत बच्चों की मृत्यु हुई है। बच्चों में बीमारी के गंभीर लक्षण होने की आशंका बेहद कम है। संक्रमित होने वाले कुछ बच्चों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ती है। संक्रमित होने वाले केवल उन्ही बच्चों की मृत्यु हुई जो पहले से ही मधुमेह, कैंसर और कुपोषण जैसी अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। सामान्य बच्चों में इसके कारण मृत्यु होने की आशंका बहुत ही कम है।' लैनसेट की यह रिपोर्ट मार्च 2020 से दिसंबर 2020 के बीच तथा जनवरी 2021 से अप्रैल 2021 के बीच दोनों लहरों के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गयी है।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने ग्रामीण भारत में कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन को लेकर कार्य जारी रखने का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि कुल 1,50,000 उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिसंबर 2022 तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (एबी-एचडब्ल्यूसी) में बदले जाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है। देश में 31 मार्च 2020 तक 155,404 उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) और 24,918 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 5895 शहरी पीएचसी हैं। बयान में कहा गया, ‘‘ग्रामीण और शहरी इलाकों में कुल 1,50,000 उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिसंबर 2022 तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र में बदले जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समुदायों को पास में और निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।'' मंत्रालय ने कहा कि जरूरी जांच की सुविधाएं निशुल्क मुहैया करायी जाती है। उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 14 जांच और प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र पर 63 जांच की सुविधा दी जा रही है। एसएचसी स्तर पर 105 दवाएं और पीएचसी स्तर पर 172 दवाएं निशुल्क मुहैया करायी जाती है। मंत्रालय ने कहा कि अब तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र से करीब 50.29 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाएं ली हैं और इनमें से करीब 54 प्रतिशत महिलाएं थीं। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के जरिए टेलीमेडिसिन सेवा से साठ लाख से अधिक परामर्श दिए गए हैं और इनमें से 26.42 लाख परामर्श स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र पर दिए गए।
- कोरापुट ।ओडिशा के कोरापुट जिले में ऑक्सीजन सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक से कम से कम 1,277 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि ट्रक ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर दिल्ली जा रहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब के लुधियाना के निवासी दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और वाहन से 1.1 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया गया। जेपुर सदर पुलिस थाना प्रभारी आदित्य महाकुर ने कहा, “आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम बंदरगाह पर ऑक्सीजन सिलेंडर लादे गए। कोरापुट जिले में वाहन में गांजा लादा गया जिसे लखनऊ में डिलीवरी देना था। ट्रक दिल्ली जा रहा था।” उन्होंने बताया कि ट्रक जेपुर घाट रोड पर रोका गया और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया गया। महाकुर ने कहा कि स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और गिरोह में शामिल अन्य का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।


























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