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नयी दिल्ली। प्रेशर कुकर, लैपटॉप और हेलमेट जैसे 450 से अधिक उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), के अनिवार्य गुणवत्ता प्रमाण पत्र के दायरे में हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति भारतीय मानकों का पालन किए बिना और बीआईएस प्रमाणन प्राप्त किए बिना इन उत्पादों का विनिर्माण, आयात, वितरण, भंडारण या बिक्री नहीं कर सकता है। जिन उत्पादों को अनिवार्य प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है, उन्हें बीआईएस द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) के तहत समय-समय पर अधिसूचित किया जाता है। ये नियम भारतीय और विदेशी दोनों निर्माता कंपनियों पर लागू होते हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे आईएसआई मार्क वाले इन उत्पादों को खरीदें। मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक हित, मानव, पशु या पौधों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, पर्यावरण की सुरक्षा, अनुचित व्यापार गतिविधियों की रोकथाम और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई उत्पादों के लिए, भारतीय मानकों के अनुपालन को अनिवार्य बना दिया गया है। विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद, आदेश के माध्यम से विनियमित किए जा रहे उत्पाद और उत्पाद श्रेणियों के आधार पर विभिन्न मंत्रालयों द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किए जाते हैं।
- मुंबई। ऑनलाइन कैब सेवा देने वाली कंपनी उबर फूड डिलीवरी करने वाले ऑनलाइन मंच जोमैटो में अपनी समूची हिस्सेदारी 37.3 करोड़ डॉलर (2,939 करोड़ रुपये) में बेच सकती है। मर्चेंट बैंकिंग से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब जोमैटो का शेयर मंगलवार को बीएसई में लगभग 20 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 55.60 रुपये के भाव पर पहुंच गया। घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने कहा कि बुधवार को संपन्न होने वाले इस बिक्री करार के लिए 48-54 रुपये प्रति शेयर के भाव की पेशकश की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस कीमत के निचले स्तर पर अगर हिस्सेदारी बिक्री होती है तो इस सौदे से जुटाई जाने वाली कुल राशि 2,939 करोड़ रुपये (37.3 करोड़ डॉलर) हो सकती है। बोफा सिक्योरिटीज इस समझौते को संपन्न कराने की प्रक्रिया में शामिल है। हालांकि उबर इंडिया के प्रवक्ता ने इस मामले पर फिलहाल कोई भी टिपण्णी देने से इनकार कर दिया है। उबर को वर्ष 2020 में अपने खाद्य कारोबार उबर ईट्स की हिस्सेदारी जोमैटो को सौंपने पर यह हिस्सेदारी मिली थी। बाद में जोमैटो शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई लेकिन उसका प्रदर्शन डांवाडोल ही रहा है।
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नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कई देशों के साथ-साथ विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में है। राज्यसभा में देश में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चर्चा का जवाब देते हुए, श्रीमती सीतारामन ने कहा कि देश के वृहद आर्थिक मूल तत्व मजबूत हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि महंगाई की दर अभी सात प्रतिशत है। सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक मिलकर इसे नियंत्रित करने और इसे छह प्रतिशत से नीचे रखने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहकों द्वारा बैंकों से नकद निकासी या चेक बुक पर कोई जीएसटी नहीं है, उन्होंने कहा कि जब चेक बुक को प्रिंटर से खरीदा जाता है तो उस पर जीएसटी लगाया जाता है। जीएसटी वृद्धि पर अस्पताल के बिस्तर या आईसीयू पर कोई जीएसटी नहीं है, लेकिन यह अस्पताल के कमरे पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये से अधिक लगाया गया है।इससे पहले, चर्चा की शुरूआत करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के प्रकाश जावड़ेकर ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए कई उपायों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आपूर्ति में व्यवधान पैदा हुआ जिसके परिणामस्वरूप दुनियाभर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान अस्सी करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है और गरीब महिलाओं को नौ करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त उर्वरक सब्सिडी प्रदान की गई।उन्होंने आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र और भाजपा शासित राज्यों द्वारा किए गए पेट्रोलियम उत्पादों पर करों को कम नहीं करने के लिए विपक्षी शासित राज्यों पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर जीएसटी वृद्धि के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया क्योंकि उन्होंने जीएसटी परिषद में सर्वसम्मति से निर्णय लिया था जबकि अब वे इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली यूपीए सरकार के दौरान खाद्य महंगाई दहाई अंक में थी, जबकि नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने शासनकाल में इसे 5 से 7 प्रतिशत के दायरे में रखा है।वाईएसआरसीपी के वी० विजयसाई रेड्डी ने कहा कि महंगाई पर काबू पाने के लिए कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत योजना पर ब्याज दर बढ़ाने की भी मांग की।बीजू जनता दल के सुजीत कुमार ने कहा कि कीमतों में वृद्धि और महंगाई का असर मध्यम वर्ग और गरीबों पर सबसे ज्यादा पड़ता है। उन्होंने जीएसटी वृद्धि का मुद्दा उठाया और सरकार से आम आदमी पर लगाए गए कर के बोझ को वापस लेने का आग्रह किया।राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा ने आम आदमी से संबंधित वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।झारखंड मुक्ति मौर्चा की महुआ माजी ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खाने-पीने की चीजों पर ऊंची दरों का असर आम आदमी पर पड़ेगा।असम गण परिषद के बीरेंद्र प्रसाद वैश्य ने सरकार से आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी वृद्धि पर पुनर्विचार करने और वापस लेने की मांग की। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी ने देश में उच्च मुद्रास्फीति के विपक्ष के आरोपों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि देश में मुद्रास्फीति की दर 7 प्रतिशत है जबकि करीब 63 देशों में यह दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है जबकि कुछ अन्य देशों में यह 50 प्रतिशत और शत-प्रतिशत है। -
नयी दिल्ली. भारत में आने वाले दिनों में हवाई यात्रियों को तीन और विमानन कंपनियों का विकल्प मिल सकता है क्योंकि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हाल ही में तीन कंपनियों को परिचालन के लिए मंजूरी दी है। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘डीजीसीए ने हाल ही में, अनुसूचित यात्री हवाई परिवहन सेवाओं को पूरा करने के लिए जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड (जेट एयरवेज), एसएनवी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (आकाश एयर) और जीएसईसी मोनार्क एण्ड डेक्कन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (इंडियावन एयर) को विमान परिचालन प्रमाणपत्र जारी किए हैं।'' सिंधिया ने कहा कि 2014 से पहले डीजीसीए द्वारा समेकित रूप से जारी किए गए पायलट लाइसेंस की संख्या 28,599 थी और आज की तिथि के अनुसार यह संख्या 40,276 है। उन्होंने हालांकि कहा कि पायलटों की मांग, यात्रियों की संख्या तथा विमानन कंपनियों द्वारा विमानों के बेड़े के विस्तार पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बेड़े के पूर्वानुमान को देखते हुए महसूस किया गया है कि भारत को अगले पांच वर्षों में प्रति वर्ष लगभग 1000 पायलटों की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने बताया कि 2014 में 74 हवाई अड्डों पर परिचालन हो रहा था और अब यह संख्या बढ़कर 142 हो गई है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा क्षमता को बढ़ाना एक सतत प्रक्रिया है और आगामी पांच वर्षों में सरकार की योजना 220 हवाई अड्डों पर परिचालन करने की है। सिंधिया ने कहा कि विमानों के बेड़े में 2014 से पहले 410 विमान थे जो 25 जुलाई 2022 की स्थिति के अनुसार 686 है। -
नयी दिल्ली. आयकर विभाग को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 31 जुलाई, 2022 तक 5.83 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) मिले हैं। इनमें से रिकॉर्ड 72.42 लाख रिटर्न अंतिम दिन भरे गए। 31 जुलाई ही आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख थी। शुरुआत में आईटीआर भरने की गति धीमी थी लेकिन समयसीमा पास आने के साथ इसकी गति बढ़ती गई और अंतिम दिन रिकॉर्ड 72.42 लाख रिटर्न दाखिल हुए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘72 लाख से अधिक आईटीआर अंतिम तारीख यानी रविवार को एक दिन में भरे गए।'' बयान में कहा गया कि आकलन वर्ष 2022-23 के लिए 31 जुलाई, 2022 तक दाखिल कुल आईटीआर की संख्या लगभग 5.83 करोड़ है। आयकर रिटर्न का यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए दायर 5.89 करोड़ रिटर्न की संख्या के लगभग बराबर है। तब रिटर्न भरने की समयसीमा 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई थी। आमतौर पर रिटर्न दाखिल करने वाले आखिरी दिन तक इंतजार करते हैं और फिर रिटर्न भरते हैं।
सरकार ने पिछले दो वित्त वर्षों के दौरान कोविड-19 महामारी के कारण करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने को लेकर आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी थी। लेकिन इस साल समयसीमा एक दिन भी नहीं बढ़ाई गई। नए नियमों के अनुसार, आकलन वर्ष 2022-23 के लिए 31 दिसंबर तक आईटीआर दाखिल करने वालों (पांच लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय वाले) को 5,000 रुपये का विलंब शुल्क या जुर्माना देना होगा। वहीं, पांच लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को 1,000 रुपये के विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। -
नयी दिल्ली. खुदरा क्षेत्र में मजबूत पुनरुद्धार के साथ अगले साल के अंत तक 31 नए शॉपिंग मॉल के चालू होने की उम्मीद है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक ने यह कहा। इस साल 12 शहरों में कुल 15 नए मॉल खुलेंगे। वहीं, 2023 के दौरान 16 और नए मॉल खुलेंगे।
एनारॉक ने कहा कि क्षेत्र के संदर्भ में शॉपिंग मॉल में जगह इस साल वार्षिक आधार पर 76 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। एनारॉक ने बयान में कहा कि इसके तहत 2022 में बड़े, मझोले शहरों और छोटे शहरों में 1.01 करोड़ वर्ग फुट तथा 2023 में 72.5 लाख वर्ग फुट जुड़ेंगे। वर्ष 2021 में, मॉल क्षेत्र में 57.6 लाख वर्ग फुट जुड़े थे।
चेन्नई में इस साल इसबसे अधिक चार नए मॉल के आने की उम्मीद है। इसके अलावा अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, पुणे और गाजियाबाद में नये मॉल बनेंगे। मझोले और छोटे शहरों में बड़ौदा, बदायूं, इंदौर, नागपुर और उदयपुर शामिल हैं, जहां मॉल खुलेंगे।
एनारॉक के अनुसार 2023 के दौरान बेंगलुरु, चेन्नई, गुरुग्राम, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, भोपाल, कटक, जमशेदपुर, कोच्चि, लखनऊ और विशाखापत्तनम में 16 नये मॉल खुलेंगे। -
मुंबई. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कुछ दिन बाद भारतीय रिजर्व बैंक भी प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 से 0.35 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति पर अंकुश के लिए केंदीय बैंक आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो दर बढ़ा सकता है। केंद्रीय बैंक पहले ही अपने नरम मौद्रिक रुख को धीरे-धीरे वापस लेने की घोषणा कर चुका है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की द्विमासिक बैठक तीन अगस्त से शुरू हो रही है। बैठक के नतीजों की घोषणा पांच अगस्त को होगी। खुदरा मुद्रास्फीति छह माह से रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में रिजर्व बैंक ने मई और जून में रेपो दर में क्रमश: 0.40 प्रतिशत और 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर को कम से कम महामारी-पूर्व के स्तर पर ले जाएगा। आगामी महीनों में इसमें और वृद्धि होगी। बोफा ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘हमारा मानना है कि एमपीसी पांच अगस्त को रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगी। साथ ही वह अपने रुख को धीरे-धीरे सख्त करेगी।'' रिपोर्ट में कहा गया है कि रेपो दर में आक्रामक 0.50 प्रतिशत या कुछ नरम 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फेडरल रिजर्व ने कैलेंडर साल 2022 में ब्याज दरों में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे ऐसी संभावना बन रही है कि रिजर्व बैंक भी ब्याज दरों में तय समय से पहले अधिक वृद्धि कर सकता है। रिपोर्ट कहती है, ‘‘हालांकि भारत में परिस्थितियों को देखते हुए अभी आक्रामक रुख की जरूरत नहीं है।'' हाउसिंग.कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका सहित दुनिया के अन्य देशों के बैंकिंग नियामक आक्रामक तरीक से ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं। लेकिन भारत में स्थिति ऐसी नहीं है। यहां आक्रामक तरीके से ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा अनुमान है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 0.20 से 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करेगा। डीबीएस ग्रुप रिसर्च की कार्यकारी निदेशक और वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने एक रिपोर्ट में कहा कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगली दो तिमाहियों में मूल्य स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करेगी। ऐसे में हमारा मानना है कि अगस्त में एमपीसी रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि करेगी। भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत रुख तय करते समय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पर गौर करता है। खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी, 2022 से छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। जून में यह 7.01 प्रतिशत के स्तर पर थी।
- नयी दिल्ली। देश में 5जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए जारी नीलामी प्रक्रिया के पांचवें दिन शनिवार को स्पेक्ट्रम बिक्री मूल्य 1.50 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा कि नीलामी के पांचवें दिन तक लगाई गई कुल बोलियों का मूल्य 1,49,966 करोड़ रुपये हो चुका है। वैष्णव ने कहा, "5जी स्पेक्ट्रम के लिए जारी नीलामी प्रक्रिया दर्शाती है कि दूरसंचार उद्योग अपना विस्तार करना चाहता है। यह मुश्किलों से बाहर निकल आया है और अब वृद्धि की राह पर है। नीलामी के नतीजे काफी अच्छे हैं और दूरसंचार कंपनियों ने स्पेक्ट्रम की खरीद के लिए 1,49,966 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है।" उन्होंने कहा कि मंगलवार से शुरू हुई इस स्पेक्ट्रम नीलामी में कंपनियों की तरफ से दी गई अच्छी प्रतिक्रिया इस उद्योग की परिपक्वता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम के लिए तय आरक्षित मूल्य एक वाजिब दाम है और नीलामी के नतीजों से यह परिलक्षित भी होता है। दूरसंचार विभाग ने इस नीलामी में कुल 4.3 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 72 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की बिक्री की पेशकश की है। इस नीलामी में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के अलावा अडाणी एंटरप्राइजेज भी शिरकत कर रही है।
- कोलकाता,। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) उत्पादन बढ़ाने के लिए खदान विकासकर्ता एवं परिचालकों (एमडीओ) की भागीदारी के जरिये 14 खदानों के संचालन की योजना लागू कर रही है। इन खदानों की कुल क्षमता 16.558 करोड़ टन प्रति वर्ष है। कोल इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रमोद अग्रवाल ने कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में अपने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए एमडीओ को भागीदार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा, “ये खदानें आने वाले वर्षों में कोयला उत्पादन में बड़ा योगदान देंगी। इनमें से 10 खुली खुदाई वाली (ओपनकास्ट) परियोजनाएं हैं जिनकी कुल अनुमानित क्षमता 16.150 करोड़ टन प्रति वर्ष है जबकि चार भूमिगत परियोजनाओं की कुल क्षमता 40.8 लाख टन प्रति वर्ष है। उन्होंने इस योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इन एमडीओ परियोजनाओं के लिए छह सफल बोलीदाताओं को स्वीकृति पत्र जारी किया गया है जिनकी कुल क्षमता 9.674 करोड़ टन प्रति वर्ष है। अग्रवाल ने कहा कि 5.884 करोड़ टन प्रति वर्ष की संयुक्त क्षमता वाली सात और परियोजनाओं (पांच ओपनकास्ट और दो भूमिगत) के लिए भी एमडीओ से निविदाएं मंगवाई गई हैं। कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2022-23 में 70 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। उसका 16,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव भी है।
- नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा खत्म होने से एक दिन पहले तक पांच करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल कर दिए गए। आयकर विभाग ने शनिवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए करदाताओं से निर्धारित तिथि 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने का अनुरोध किया। विभाग ने कहा कि विलंब शुल्क से बचने के लिए निर्धारित समय तक रिटर्न जमा कर दें। विभाग ने बताया कि आकलन वर्ष 2022-23 के लिए शनिवार शाम 8.36 बजे तक पांच करोड़ करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। इसके पहले 29 जुलाई तक 4.52 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके थे। इसके साथ ही आयकर विभाग की नियामक इकाई केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 31 जुलाई को रविवार होने के बावजूद देश भर में सभी आयकर सेवा केंद्र खोले रखने का आदेश दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-फाइलिंग पोर्टल से जुड़े मुद्दों का तुरंत समाधान किया जा रहा है और करदाताओं की ओर से आने वाली हरेक शंका एवं सवाल का जवाब दिया जा रहा है। आयकर रिटर्न जमा करने की समयसीमा बढ़ाने की सोशल मीडिया मंचों पर की जा रही मांग के बारे में पूछे जाने पर इस अधिकारी ने कहा कि फिलहाल विभाग इसके बारे में नहीं सोच रहा है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए रिटर्न भरने की समयसीमा 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ाई गई थी। इस दौरान कुल 5.89 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे।
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नई दिल्ली। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) की नई एसयूवी स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N)। की बुकिंग आज से शुरू हो गई है। इस कार ग्राहक सिर्फ 21 हजार रुपये में इस कार की ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं। बुकिंग 30 जुलाई, सुबह 11 बजे से शुरू हो गई है। यह बुकिंग 'पहले आओ पहले पाओ' पर आधारित है। पहली 25,000 बुकिंग्स के लिए ही यह 21 हजार वाला ऑफर लागू है। कंपनी को बुकिंग शुरू करने के महज आधे घंटे के भीतर एक लाख बुकिंग हासिल हुई है। दिलचस्प बात यह है कि इंट्रोडक्ट्री कीमतों पर मिलने वालीं पहली 25,000 बुकिंग, बुकिंग प्रक्रिया शुरू होने के एक मिनट के भीतर की गईं। नई 2022 Mahindra Scorpio-N के साथ ही स्कॉर्पियो के मौजूदा मॉडल की बिक्री भी जारी रहेगी।महिंद्रा एंड महिंद्रा की नई एसयूवी स्कॉर्पियो-एन का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। यह एक मिडसाइज एसयूवी है। महिंद्रा इस कार को लेकर भी उसी तरह उत्साहित है, जैसा उसे एक्सयूवी700 की बुकिंग के दौरान देखने को मिला था। बता दें कि महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन पिछले महीने ही लॉन्च हो चुकी है और इसकी कीमत 11.99 लाख रुपये से शुरू होती है।
जानिए कब से शुरू होगी डिलीवरी
स्कॉर्पियो-एन की बुकिंग कराने के बाद अगले 15 दिनों तक ग्राहकों को वेरिएंट और कलर ऑप्शन एडिट करने और फिर फाइनल लॉक करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद उनकी बुकिंग लॉक हो जाएगी। कंपनी अक्टूबर-नवंबर के बीच महिंद्रा स्कॉर्पियो एन की डिलीवरी शुरू करेगी।यह है कीमतवेरिएंट और कीमत की बात करें, तो नई महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन को Z2, Z4, Z6 और Z8 जैसे 4 ट्रिम लेवल के कुल 9 वेरिएंट्स में पेश किया गया है। इन वेरिएंट्स की कीमतें 11.99 लाख रुपये से लेकर 19.49 लाख रुपये (एक्स शोरूम) तक है। यह एसयूवी डीजल और पेट्रोल दोनों इंजन ऑप्शन में उपलब्ध है।जानिए क्या हैं फीचर्सइंडियन एसयूवी मार्केट में लंबे समय से महिंद्रा स्कॉर्पियो लोगों की पसंद रही है। कंपनी ने इसके नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल को काफी सारे कॉस्मेटिक और मैकेनिकल बदलावों के साथ पेश किया है। नई स्कॉर्पियो-एन में बेहतर फ्रंट और रियर लुक, नई हेडलाइट्स, डीआरएल समेत कई खास एक्सटीरियर फीचर्स देखने को मिलते हैं। इसमें 70 से ज्यादा कनेक्टेड कार फीचर्स, 20.32 सीएम का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, 3डी साउंड से लैस सोनी के 12 प्रीमियम स्पीकर, हाइएस्ट कमांड सीटिंग, 6-वे पावर अडजस्टेबल ड्राइवर सीट, कॉफी ब्लैक लेदरेट सीट्स, सेगमेंट में सबसे चौड़ा सनरूफ, इंटेलिजेंट 4X टेरेन मैनेजमेंट सिस्टम, पावरफुल डीजल और पेट्रोल पावरट्रेन्स, मल्टीपल ड्राइव मोड, वॉयस कमांड, रिमोट इंजन स्टार्ट और टेंपरेचर कंट्रोल सहित कई खास खूबियां मौजूद हैं। - नयी दिल्ली।देश में उच्च गति की इंटरनेट सेवा देने के लिये पांचवीं पीढ़ी (5जी) के स्पेक्ट्रम की नीलामी शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी है। अब तक हुए 16 दौर में कुल 1,49,623 करोड़ रुपये की बोलियां आ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश ईस्ट सर्किल में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम में जियो और एयरटेल ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है और बुधवार तथा गुरुवार को उन्होंने टक्कर की बोलियां लगाईं। उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, सुनील भारती मित्तल की भारती एयरटेल और गौतम अडाणी की कंपनी के साथ-साथ वोडाफोन आइडिया भी 5जी स्पेक्ट्रम की दौड़ में है। बोली के पहले दिन मंगलवार को चार दौर की नीलामी में 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोली लगायी गयी थी। बुधवार और गुरुवार को रेडियो तरंगों की अतिरिक्त मांग आई। शुक्रवार को 17वें दौर की बोलियां शुरू हो गईं।बृहस्पतिवार को 16 दौर में कुल 1,49,623 करोड़ रुपये की बोलियां आई हैं। बोली के तहत कम-से-कम 4.3 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कुल 72 गीगाहर्ट्ज रेडियो तरंगों को रखा गया है। नीलामी विभिन्न निम्न (600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1,800 मेगाहर्ट्ज, 2,100 मेगाहर्ट्ज, 2,300 मेगाहर्ट्ज), मध्यम (3,300 मेगाहर्ट्ज) और उच्च (26 गीगाहर्ट्ज़) आवृत्ति बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए आयोजित की जा रही है।
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बैंकों की जमा दरों में जल्द देखने को मिलेगा तेज उछाल : रिपोर्ट
मुंबई. ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ ही ऋण मांग में तेजी को देखते हुए बैंक आने वाले महीनों में अपनी जमा दरों में तेजी से बढ़ोतरी करेंगे। इक्रा रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी के एक विश्लेषण के अनुसार, जमा दरों में बढ़ोतरी के संकेत हैं, क्योंकि जमा प्रमाणपत्र (सीडी) लगातार बढ़ रहे हैं। बैंक इनका इस्तेमाल धन उधार लेने के लिए भारी मात्रा में करते हैं। इक्रा ने कहा कि सीडी को अब भी जून, 2011 के उच्च स्तर को छूना बाकी है, जब वे कुल जमा राशि के 8.3 प्रतिशत पर थे। एक जुलाई, 2022 को कुल जमा के मुकाबले सीडी 1.5 प्रतिशत थे। रिपोर्ट में कहा गया कि बैंकों की औसत जमा दरों पर सीडी का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बैंकों की वित्तपोषण की लागत में तेज वृद्धि देखने को मिल सकती है। -
बैंकों का ऋण 12.89 प्रतिशत बढ़ा, जमा में 8.35 प्रतिशत की वृद्धि
मुंबई. बैंकों का ऋण 15 जुलाई, 2022 को समाप्त पखवाड़े में 12.89 प्रतिशत बढ़कर 122.81 लाख करोड़ रुपये और जमा राशि 8.35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 168.09 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अनुसूचित बैंकों के कर्ज और जमा के बारे में बृहस्पतिवार को जारी एक जुलाई, 2022 को समाप्त पखवाड़े के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। रिजर्व बैंक के अनुसार, 16 जुलाई, 2021 को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण 108.78 लाख करोड़ रुपये और जमा 155.14 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं, एक जुलाई, 2022 को समाप्त पखवाड़े में बैंकों का ऋण 13.29 प्रतिशत तथा जमा राशि 9.77 प्रतिशत बढ़ी थी। वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक ऋण में 8.59 प्रतिशत और जमा में 8.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। -
नयी दिल्ली। जापानी कार कंपनी होंडा अगले साल मार्च तक भारत में अपने तीन मॉडल - जैज, डब्ल्यूआर-वी और चौथी पीढ़ी की सिटी की बिक्री बंद करेगी। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी। कंपनी भारत में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी होंडा कार्स इंडिया के जरिये कारोबार करती है। यदि इन मॉडलों को बंद किया गया, तो उसके पोर्टफोलियो में सिर्फ तीन मॉडल - सिटी हाइब्रिड, पांचवीं पीढ़ी की सिटी और शुरुआती स्तर की सेडान अमेज ही बचेंगे। कंपनी ने दिसंबर, 2020 में अपने ग्रेटर नोएडा संयंत्र को बंद करने के साथ सिविक और सीआर-वी का उत्पादन बंद कर दिया था। सूत्रों ने कहा कि तीनों मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और कंपनी अब बाजार में एसयूवी मॉडल पेश करने की तैयारी कर रही है। इस मुद्दे पर संपर्क करने पर होंडा कार्स इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कंपनी बाजार की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकती।'' कंपनी ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि वह अगले साल देश में एक एसयूवी पेश करने की योजना बना रही है। पिछले कुछ वर्षों में होंडा की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है, क्योंकि नई कंपनियों ने देश में अपनी स्थिति मजबूत की है।
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नयी दिल्ली। जापानी कार कंपनी होंडा अगले साल मार्च तक भारत में अपने तीन मॉडल - जैज, डब्ल्यूआर-वी और चौथी पीढ़ी की सिटी की बिक्री बंद करेगी। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी। कंपनी भारत में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी होंडा कार्स इंडिया के जरिये कारोबार करती है। यदि इन मॉडलों को बंद किया गया, तो उसके पोर्टफोलियो में सिर्फ तीन मॉडल - सिटी हाइब्रिड, पांचवीं पीढ़ी की सिटी और शुरुआती स्तर की सेडान अमेज ही बचेंगे। कंपनी ने दिसंबर, 2020 में अपने ग्रेटर नोएडा संयंत्र को बंद करने के साथ सिविक और सीआर-वी का उत्पादन बंद कर दिया था। सूत्रों ने कहा कि तीनों मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और कंपनी अब बाजार में एसयूवी मॉडल पेश करने की तैयारी कर रही है। इस मुद्दे पर संपर्क करने पर होंडा कार्स इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कंपनी बाजार की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकती।'' कंपनी ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि वह अगले साल देश में एक एसयूवी पेश करने की योजना बना रही है। पिछले कुछ वर्षों में होंडा की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है, क्योंकि नई कंपनियों ने देश में अपनी स्थिति मजबूत की है।
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मुंबई. महाराष्ट्र में एक बार इस्तेमाल कर फेंकने वाले कप-प्लेट जैसे ‘प्लास्टिक-कोटेड और लेमिनेटेड' उत्पाद बुधवार से प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति से मिली। यह निर्णय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा मंगलवार को बुलाई गई एक बैठक में लिया गया। महाराष्ट्र ने पहले ही एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन यह देखा गया है कि एक बार इस्तेमाल करके फेंकने वाले कप-प्लेट आदि और ‘प्लास्टिक कोटिंग या लेमिनेशन' वाले अन्य उत्पाद बेचे जा रहे थे। ये उत्पाद कचरे को बढ़ा रहे थे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एक जुलाई से एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर केंद्र सरकार द्वारा लगाये गए प्रतिबंध को लागू करने के लिए गठित अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों को सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया था। महाराष्ट्र में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध 2018 से लगा हुआ है और नया नियम ऐसे उत्पादों की प्रकृति के बारे में अस्पष्टता को दूर करने के लिए लागू किया गया है।
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मुंबई। देश में डिजिटल भुगतान मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष में वार्षिक आधार पर करीब 29 प्रतिशत बढ़ा है। रिजर्व बैंक के ऑनलाइन लेनदेन को मापने वाले ताजा सूचकांक से यह जानकारी मिली है। रिजर्व बैंक का नवगठित डिजिटल भुगतान सूचकांक (आरबीआई-डीपीआई) मार्च, 2022 में 349.3 रहा। सितंबर, 2021 में यह 304.06 और मार्च, 2021 में 270.59 पर था। रिजर्व बैंक ने बुधवार को बयान में कहा कि इस सूचकांक में उल्लेखीय वृद्धि देखने को मिली है जिससे पता चलता है कि हाल के बरसों में डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। रिजर्व बैंक ने आरबीआई-डीपी का गठन मार्च, 2018 में किया था।
- मुंबई । बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान अपनी शाखाओं में कागज के उपयोग को पूरी तरह खत्म करने के साथ ही एटीएम पर ई-रसीद देने पर विचार कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को यह सुझाव दिया। रिजर्व बैंक ने ‘जलवायु जोखिम और टिकाऊ वित्त' पर एक परिचर्चा पत्र में कहा कि वह जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर एक रणनीति तैयार करना चाहता है। इसके लिए केंद्रीय बैंक वैश्विक निकायों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों के अनुभवों का लाभ ले रहा है। इस क्रम में सभी रिजर्व बैंक विनियमित संस्थाओं (आरई) के लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे। परिचर्चा पत्र में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। इसमें कहा गया, ‘‘बैंकिंग प्रक्रियाओं को पर्यावरण के और अधिक अनुकूल बनाकर आरई अपने संचालन में कागज के उपयोग को खत्म करके अपनी शाखाओं को हरित शाखाओं में बदलने पर विचार कर सकते हैं।'' आरबीआई ने 30 सितंबर तक परिचर्चा पत्र पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।इसके अनुसार, आरई ई-रसीदों को प्रोत्साहित करने के तरीकों और साधनों पर विचार कर सकते हैं। यह सुझाव भी दिया गया कि भारतीय बैंक संघ (आईबीए) जलवायु जोखिम और टिकाऊ वित्त के क्षेत्र में क्षमता निर्माण पर एक कार्यसमूह स्थापित कर सकता है।
- नयी दिल्ली। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खामी की कई घटनाओं के मद्देनजर एयरलाइन को आठ हफ्तों तक गर्मियों के लिए स्वीकृत उड़ानों में से अधिकतम 50 फीसदी के संचालन का बुधवार को आदेश दिया। डीजीसीए के मुताबिक, इन आठ हफ्तों के दौरान बजट एयरलाइन पर नियामक कड़ी निगरानी रखेगा।बहरहाल एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि उसे डीजीसीए का आदेश मिल गया है और वह इसका पालन करेगा। उसने कहा कि नियामक के आदेश की वजह से उसकी किसी भी उड़ान को रद्द नहीं किया जाएगा, क्योंकि एयरलाइन मौजूदा ‘लीन ट्रैवल सीज़न' (यात्रियों की संख्या कम होने) की वजह से सीमित संख्या में अपनी सेवा का संचालन कर रही है। डीजीसीए ने 11 मार्च को इस साल गर्मियों के लिए स्पाइसजेट की 4,192 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों को मंजूरी दी थी। यह 29 अक्टूबर तक के लिए है। नियामक के बुधवार के आदेश के तहत एयरलाइन अगले आठ हफ्तों के लिए 2096 उड़ानों से ज्यादा का संचालन नहीं कर सकती। उन्नीस जून से लेकर पांच जुलाई के बीच स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खराबी आने की कम से कम आठ घटनाएं हुईं। इसके बाद छह जुलाई को डीजीसीए ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विमानन नियामक ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि विभिन्न स्थलों की जांच, निरीक्षण और स्पाइसजेट की ओर से जमा कराए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब के मद्देनजर, सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सेवा के निरंतर निर्वाह के लिए, स्पाइसजेट की गर्मियों के लिए स्वीकृत उड़ानों की संख्या आठ हफ्तों तक 50 फीसदी पर सीमित की जाती है। डीजीसीए ने कहा कि अगर एयरलाइन इन आठ हफ्तों के दौरान 50 फीसदी से ज्यादा उड़ानों का संचालन करना चाहती है तो उसे यह दिखाना होगा कि उसके पास बढ़ी हुई क्षमता से उड़ानों का सुरक्षित रूप से संचालन करने के लिए पर्याप्त तकनीकी सहयोग और वित्तीय संसाधन हैं। नियामक ने कहा कि उसने पिछले साल सितंबर में एयरलाइन का वित्तीय ऑडिट किया था और पाया था कि वह पैसा आने के आधार पर कम कर रहा है तथा आपूर्तिकर्ता एवं वेंडर को नियमित आधार पर भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे कुछ पूर्जों की कमी हो गई। उसने कहा कि एयरलाइन में आतंरिक सुरक्षा की स्थिति खराब है और रखरखाव भी पर्याप्त रूप से नहीं किया जा रहा है। डीजीसीए ने बताया कि एयरलाइन ने कारण बताओ नोटिस का जवाब सोमवार को दिया था और इसकी ‘उचित स्तर' पर समीक्षा की गई और पाया गया कि कंपनी तकनीकी खामी आने की घटनाओं को रोकने के लिए उपाय कर रही है। दो जुलाई को जबलपुर जा रही उड़ान के चालक दल के सदस्यों ने करीब 5,000 फुट की ऊंचाई पर कैबिन में धुआं देखा, जिसके बाद विमान दिल्ली लौट आया। पांच जुलाई को चीन के चोंगकिंग शहर जा रहा स्पाइसजेट का मालवाहक विमान मौसम रडार प्रणाली के काम न करने के कारण कोलकाता लौट आया। इसी दिन ईंधन संकेतक में खराबी के कारण स्पाइसजेट की दिल्ली-दुबई उड़ान को कराची की ओर मोड़ा गया जबकि स्पाइसजेट के क्यू 400 विमान को 23,000 फुट की ऊंचाई पर विंडशील्ड में दरार आने के बाद मुंबई हवाई अड्डे पर प्राथमिकता के आधार पर उतारा गया।
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नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उछाल से दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 115 रुपये की बढ़त के साथ 51,166 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 51,051 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसी तरह चांदी का भाव भी 482 रुपये चढ़कर 55,485 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 55,003 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक से पहले सोने के भाव मजबूत रहे। कमजोर डॉलर से भी इसे समर्थन मिला। - बर्लिन । जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा के लॉजिस्टिक एवं टिकटिंग कर्मचारियों के एक दिन की हड़ताल पर चले जाने से बुधवार को एयरलाइन की 1,000 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा। जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लुफ्थांसा की उड़ानों के इतने बड़े पैमाने पर रद्द होने से करीब 1.34 लाख यात्रियों को परेशानी उड़ानी पड़ी है। उन्हें या तो अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी या फिर नए सिरे से योजना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।इसके पहले मंगलवार को भी एयरलाइन की 47 उड़ानें रद्द की गई थीं। जर्मनी की इस अग्रणी एयरलाइन के फ्रैंकफर्ट एवं म्यूनिख में स्थित प्रमुख केंद्रों के अलावा डसेलडॉर्फ, हैम्बर्ग, बर्लिन, ब्रेमन, हनोवर, स्टटगार्ट और कोलोन से संचालित होने वाली उड़ानों को भी रद्द कर दिया गया। एयरलाइन ने ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल को देखते हुए विमान यात्रियों से हवाईअड्डे पर न आने का अनुरोध करते हुए कहा है कि अधिकांश काउंटर खाली पड़े हुए हैं। हवाईअड्डों पर एयरलाइन की टिकटिंग एवं लॉजिस्टिक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के संगठन ने सोमवार को ही हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी थी। वेतन एवं पारिश्रमिक संबंधी मुद्दों पर एयरलाइन प्रबंधन के साथ बातचीत नाकाम रहने के बाद यह हड़ताल की गई है।
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एयरटेल देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। रिलायंस जियो की आक्रामक योजनाओं के बावजूद यह लगातार रेस में बनी हुई है। कंपनी के पास रिचार्ज प्लान की एक लंबी लिस्ट है। लेकिन अधिकतर यूजर्स किफायती प्लान की तलाश में रहते हैं। आज हम आपको एयरटेल के 200 रुपये से सस्ते 3 रिचार्ज प्लान्स के बारे में बता रहे हैं। इनमें आपको लगभग एक महीने तक की वैलिडिटी मिलेगी।
155 रुपये का प्लान
एयरटेल का यह प्लान 24 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। प्लान में कुल 1 जीबी डेटा मिलता है, जिसका इस्तेमाल 24 दिन में कभी भी कर सकते हैं। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ कुल 300 एसएमएस दिए जाते हैं। साथ में फ्री हेलोट्यून्स, और विंक म्यूजिक का मुफ्त एक्सेस मिलता है।
179 रुपये का प्लान
एयरटेल का 179 रुपये का प्लान 28 दिनों तक चलता है। यह प्लान 2 जीबी डेटा ऑफर करता है, जो 155 रुपये के प्लान से दोगुना है। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ कुल 300 एसएमएस दिए जाते हैं। साथ में फ्री हेलोट्यून्स, और विंक म्यूजिक का मुफ्त एक्सेस मिलता है।
209 रुपये का प्लान
यह प्लान 200 रुपये से थोड़ा सा ज्यादा है, लेकिन बेनिफिट्स ज्यादा मिलते हैं। इसमें 21 दिनों की वैलिडिटी के साथ रोज 1 जीबी डेटा मिलता है। इस तरह आप कुल 21 जीबी डेटा पा सकते हैं। इसके साथ आपको अनलिमिटेड कॉलिंग, रोज 100 SMS, और फ्री हेलोट्यून्स, विंक म्यूजिक का मुफ्त एक्सेस मिलता है। - नयी दिल्ली। देश में पांचवीं पीढ़ी (5जी) के स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिये मंगलवार को पहले दिन 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोलियां आईं। मुकेश अंबानी, सुनील भारती मित्तल और गौतम अडाणी की कंपनियों ने रेडियो तरंगों की अबतक की सबसे बड़ी नीलामी के लिये बोली लगाई। सभी चारों आवेदनकर्ता अंबानी की रिलायंस जियो, मित्तल की भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और अडाणी समूह की कंपनी ने 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लिया। स्पेक्ट्रम 14 अगस्त तक आवंटित करने का लक्ष्य है जबकि 5जी सेवाएं साल के अंत तक कई शहरों में शुरू होने की उम्मीद है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में भी बोलियां प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बोली के पहले दिन 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिली। यह उम्मीद से कहीं अधिक और 2015 के रिकॉर्ड को पार कर गया है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, नीलामी के दौरान यह पता नहीं चलेगा कि किस कंपनी ने कितना स्पेक्ट्रम हासिल किया है। पहले दिन चार दौर की नीलामी हुई है। मध्यम और उच्च बैंड में कंपनियों की रुचि अधिक रही। कंपनियों ने 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में मजबूती से बोलियां रखीं। दूरसंचार मंत्री के अनुसार, बोली में शामिल चारों कंपनियों की भागीदारी ‘मजबूत' है।उन्होंने कहा कि नीलामी को लेकर कंपनियों की जो प्रतिक्रिया है, उससे लगता है कि वे कठिन समय से बाहर निकल आई हैं। वैष्णव ने कहा कि सरकार स्पेक्ट्रम रिकॉर्ड समय में आवंटित करेगी और 5जी सेवाएं सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम 14 अगस्त तक आवंटित करने का लक्ष्य है।5जी सेवाओं के आने से इंटरनेट की गति 4जी के मुकाबले करीब 10 गुना अधिक होगी। इसमें इंटरनेट की गति इतनी होगी कि मोबाइल पर एक फिल्म (मूवी) को कुछ सेकेंड में ही डाउनलोड किया जा सकेगा। साथ ही इससे ई-स्वास्थ्य, मेटावर्स, अत्याधुनिक मोबाइल क्लाउड गेमिंग समेत विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। नीलामी (600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज), मध्यम (3300 मेगाहर्ट्ज) और उच्च (26 गीगाहर्ट्ज़) आवृत्ति बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए आयोजित की जा रही है। नीलामी बुधवार को भी जारी रहेगी।
- नयी दिल्ली। घरेलू वाहन कंपनी टाटा मोटर्स ने अपने यात्री वाहनों के ग्राहकों को आसान वित्तपोषण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इंडियन बैंक के साथ गठजोड़ किया है। इस साझेदारी के तहत टाटा मोटर्स के ग्राहक देशभर में इंडियन बैंक की 5,700 से अधिक शाखाओं से कार ऋण ले सकेंगे। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के वरिष्ठ महाप्रबंधक (नेटवर्क प्रबंधन और ईवी बिक्री) रमेश दोराइराजन ने बयान में कहा, ‘‘यह साझेदारी ग्राहकों के लिए कार खरीदने की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। इसके साथ ही टाटा कारों की खरीदने का उनका अनुभव बेहतर हो सकेगा।








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