- Home
- सेहत
-
धनिया का पानी पीने के फायदे ---
इम्यूनिटी होगी बूस्ट- धनिया आपके इम्युनिटी लेवल को बढ़ाने के लिए जाना जाता है, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करता हैं।
बालों के लिए बेहतरीन- विटामिन के, सी और ए जैसे विटामिनों से भरपूर होने की वजह से ये बालों को मजबूत बनाने और ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी हैं। सुबह धनिए का पानी पीने से आपके बालों का झड़ना और टूटना कम होता है।
थायराइड में फायदेमंद- रिपोर्टस कि मानें तो थायराइड के पेशेंट के लिए धनिया का पानी अमृत है। धनिया के पानी से दोनों तरह के थायरॉइड असंतुलन का इलाज किया जा सकता है।
डीटॉक्स होती है बॉडी- धनिया एक मूत्रवर्धक है, और इसलिए आपके शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में आपको मदद मिलती है। सुबह धनिए का पानी पीने से आप अपने सिस्टम को डिटॉक्स कर सकते हैं।
वेट लॉस में मिलती है मदद- धनिया में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं और आपके वजन को कम करने में भी मदद करता है।
कैसे बनाएं धनिया का पानी--
इसे बनाने के लिए एक चम्मच धनिया के बीज को 5 मिनट के लिए पानी में उबाल लें। इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा न हो जाए। फिर इसे छानें और पीएं। यह भी पढ़ें: दिन स्टार्ट करने के लिए बेहतरीन है तेज पत्ते का पानी, जानिए फायदे और बनाने का तरीका
धनिए के बीज के पानी से किसे बचना चाहिए?
धनिया के बीज का आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, लेकिन इसके बीज से एलर्जी पैदा हो सकती है। इससे रेडनेस और खुजली हो सकती है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को धनिए के बीज का ज्यादा मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।
वेट लॉस के लिए कैसे बनाएं धनिया का पानी
धनिए का पानी बनाना बहुत ही आसान है। आपको बस एक चम्मच धनिया का बीज लेना है और उन्हें एक गिलास पानी में रात भर भिगोना है। सुबह पानी को छानकर पी लें। भीगे हुए बीजों को फेंके नहीं क्योंकि आप उन्हें खाना पकाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। -
क्या आपको भंडारे वाली पूड़ी अच्छी लगती है? अगर आपका जवाब हां है, तो हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान टिप्स और ट्रिक्स, जिनका इस्तेमाल करके आप अपनी फेवरेट डिशेज का स्वाद बढ़ा सकते हैं। इन टिप्स को फॉलो करने से न सिर्फ आपका खाना जल्दी बन जाता है बल्कि इससे खाने का स्वाद भी बढ़ जाता है। आइए, जानते हैं कुछ आसान टिप्स-
क्रिस्पी पूडी बनाने की ट्रिक
भंडारे वाली पूड़ी किसे पसंद नहीं होती? क्रिस्पी पूड़ी बनाने के लिए आप गूंदे हुए आटे में थोड़ी-सी सूजी मिला दें। इससे आपकी पूड़ी और भी ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।
गरम मसाला कैसे बनाएं
घर के बने गरम मसाले का स्वाद बहुत ही अच्छा होता है। इसके लिए आपको जीरा, धनिया, इलायची, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग और जायफल को एक कटोरे में मिलाना है और एक कंटेनर में स्टोर करना है।
आलू की टेस्टी सब्जी
आलू की टेस्टी सब्जी बनाने के लिए आपको आलू को छोटे या मीडियम आकार में काटना है, इससे आलू ज्यादा स्वादिष्ट बनते हैं। उबले आलू के मुकाबले कटे हुए आलू की सब्जी ज्यादा स्वादिष्ट लगती है।
सॉफ्ट रोटियां कैसे बनाएं
आप अगर चाहते हैं कि सॉफ्ट रोटियां कैसे बनाएं, तो इसके लिए गरम पानी के साथ आटा गूंदें। ऐसा करने से आपकी रोटियां पहले से ज्यादा नरम और स्वादिष्ट बनेंगी।
दाल का स्वाद कैसे बढ़ाएं
दाल का स्वाद बढ़ाने के लिए आपको दाल उबालने से पहले इसे घी के साथ भूनना है और फिर उबलने के लिए रखना है। ऐसा करने से आपकी दाल का स्वाद और भी बढ़ जाएगा।
हर सब्जी की ग्रेवी बनाने की ट्रिक
आपको टमाटर, अदरक, लहसुन और प्याज को घी में भूनने के बाद इसे मिक्सी में पीसकर रख लेना है। इससे इसका स्वाद लाजवाब हो जाएगा। इस तरीके से आपकी ग्रेवी भी क्रीमी बनेगी। - आंवला औषधीय गुणों से भरपूर एक बेहतरीन फल है, जिसका सेवन करने से सेहत को अद्भुत फायदे मिलते हैं। इम्यूनिटी मजबूत बनाने से लेकर कई गंभीर रोगों के जोखिम को कम करने के लिए आंवला रामबाण उपाय है। यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। साथ ही आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं सिर्फ आंवला ही नहीं, आंवला के जूस या रस का सेवन करने से भी सेहत को अनेक लाभ मिलते हैं?आंवला जूस के फायदे-1. पाचन होता है मजबूतआंवला का जूस पीने से पेट संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और पाचन दुरुस्त होता है। यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या को दूर करने में भी लाभकारी है। साथ ही पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाता है।2. मानसिक स्वास्थ्यएंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह फ्री रेडिकल्स से लडऩे में बहुत लाभकारी है। यह ब्रेन सेल्स को डैमेज या नुकसान से सुरक्षित रखने में मददगार है। साथ ही दिमाग को तेज और याददाश्त को तेज करने में भी मदद करता है। चिंता, तनाव और डिमेंशिया जैसी समस्याओं में भी इसका सेवन लाभकारी है।3. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद हैआंवला जूस एक नैचुरल ब्लड प्यूरीफायर है। शरीर में जमा गंदगी, टॉक्सिन्स और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। जिससे यह त्वचा पर कील-मुंहासे, दाग-धब्बों आदि की समस्या दूर करने में मददगार है और त्वचा की रंगत में भी सुधार करता है। त्वचा संबंधी एलर्जी दूर करने में भी यह बहुत लाभकारी है। यह बालों की कई समस्याओं जैसे बालों का झडऩा रोकने, डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने, स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही यह बालों को घना, शाइनी और मजबूत भी बनाता है।4. ब्लड शुगर कंट्रोल रहता हैडायबिटीज के रोगियों के लिए आंवला का जूस बहुत लाभकारी है, क्योंकि यह रक्त में शुगर के स्पाइक को रोकता है, और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह फ्री रेडिकल्स से लडऩे और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मददगार है।5. वेट लॉस में मदद करता हैआंवला जूस पीने से मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे आप अधिक कैलोरी बर्न करते हैं। यह टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और शरीर में जमा चर्बी को कम करने में मदद करता है।6. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में मददगार हैएंटीऑक्सीडेंट्स और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह हाई बीपी को कम करने और ब्लड प्रेशर लेवल को सामान्य बनाए रखने में लाभकारी है। इस तरह यह हार्ट और स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है, जिससे दिल भी स्वस्थ रहता है।7. आंखों के लिए फायदेमंद हैविटामिन ए, सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने की वजन से यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। यह आंखों को मैक्यूलर डिजनेरेशन से भी बचाता है। आंखों को हेल्दी रखने में आंवला जूस बहुत लाभकारी है।आंवला जूस कब पीना चाहिए-आंवला जूस से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आपको सुबह खाली पेट इसका सेवन करना चाहिए। जिससे कि शरीर में जमा गंदगी को बाहर निकाल सके। हालांकि रात में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
-
फूल गोभी लगभग हर भारतीय घर में बनता है। इसे कई तरह से खाया जाता है। सूखी सब्जी, ग्रेवी वाली सब्जी, मंचूरियन, पराठा, भाप में पकाकर, पकौड़े के रूप में, तहरी में डालकर, साउथ इंडियन स्टाइल हर तरह से इसका टेस्ट लोगों को भाता है। लोग इसे सिर्फ एक साधारण सब्जी के रूप में जानते हैं लेकिन इसमें असाधरण औषधीय गुण होते हैं। यह क्रूसिफर सब्जियों में आती है। जो कि ओमेगा 3 का बेहतरीन सोर्स है। माना जाता है कि ये सब्जियां कई तरह के कैंसर से बचाव करती हैं और इन्हें बढ़ने से रोकती हैं। इनमें फाइबर्स भी होते हैं और कैलोरी में कम होती है तो वजन कम करने वालों के लिए भी बेस्ट है। सबसे अहम बात यह है कि गोभी को काटने और पकाने तरीके से इसकी न्यूट्रीशनल वैल्यू बदल सकती है। यहां कुछ टिप्स हैं जिनसे आप गोभी से ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्वों का फायदा ले सकते हैं।
कच्चा या स्टीम किया गोभी है फायदेमंदफूल गोभी में विटामिन बी, सी और बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन्हें ज्यादा देर तक पकाने से इनके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। गोभी को कच्चा खाना या स्टीम करना सबसे फायदेमंद है। उबालने, तलने या माइक्रोवेव से इसके एंटी-कैंसर कंपाउंड सल्फोराफेन नहीं बन पाता। यह कंपाउंड सिर्फ कैंसर से ही नहीं बचाता बल्कि आंखों के लिए अच्छा होता है, एंटी एजिंग होता है, दिमाग के लिए भी अच्छा होता है। अब सब्जी को हर कोई हर समय स्टीम करके नहीं खा सकता तो एक तरीका है जिससे यह कंपाउंड सब्जी में सुरक्षित रह सकता है।पकाने से पहले इतनी देर काटकर रखें गोभीऐसा माना जाता है कि जब गोभी को काटते हैं, कद्दूकस करते या कच्चा चबाते हैं तो मायरोनेज और ग्लूकोसिनोलेट नाम के दो कंपाउंड बनते हैं। ये दोनों मिलकर ऐंटी-कैंसर सल्फोराफेन बनाते हैं। इसके लिए आपको गोभी पकाने से करीब 45 मिनट पहले काटकर रख देना चाहिए। अच्छी बात यह है कि काटकर 45 मिनट तक रख देने के बाद पकाने से यह नष्ट नहीं होता। अगर काटकर तुरंत पका देंगे तो यह कंपाउंड नहीं बन पाता है। आप पत्ता गोभी से लेकर ब्रोकली तक हर क्रूसीफेरी सब्जी पकाने से 45 मिनट पहले काटकर रख लें। दूसरा तरीका यह भी है कि सब्जी बन जाए तो आप इसमें सरसों के दानें कूट या पीसकर डाल दें। सरसों भी क्रूसिफर फैमिली की है। इनसे भी सल्फोराफेन बन जाता है। -
अखरोट एक सुपरफूड है, जो हेल्थ के साथ ही ब्यूटी के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। इस दिमाग की शेप वाले नट को खाने से दिमाग तेज होता है। विटामिन, फाइबर, आयरन, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर ये मेवा काफी ज्यादा हेल्दी होती है। अपने दिन को अच्छे से शुरू करने के लिए आप रोजाना सुबह इसे अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। अगर आप अखरोट को रात भर के लिए भिगो कर अगले दिन खाते हैं तो भी आपको कई बेनिफिट मिलते हैं। यहां जानिए भिगे अखरोट के फायदे और किन लोगों को हो सकता है इससे खतरा-
1) हेल्दी स्किन और बाल
अखरोट हेल्दी स्किन के लिए एक सुपरफूड है क्योंकि ये एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन ई से भरपूर होते हैं, जो मुलायम और चमकती त्वचा पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसी के साथ अपनी रोजाना की डायट में अखरोट को शामिल करने से बालों को भी फायदा मिलता है। ये बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं और स्कैल्प को पोषण देने और बालों के रोम को मजबूत करते हैं।
2) बूस्ट होता है मेटाबॉलिज्म
अखरोट आयरन, पोटैशियम, जिंक और कैल्शियम से भरपूर होता है जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है और वजन कम करने में भी मदद करता है। इसी के साथ फाइबर की मात्रा शरीर को भरा रखती है जिससे आपको बार-बार स्नैकिंग से बचने में मदद मिल सकती है। ऐसे में आपना वजन भी कम होता है।
3) बेहतर होगी ब्रेन फंक्शनिंग
अखरोट मस्तिष्क के आकार का होता है, जो मानसिक फ्लैक्सिबिलिटी, मेमोरी को बूस्ट करता है और सुधार भी करता है। यह चीजों को संसाधित करने की आपकी गति को भी बढ़ाता है। छोटा अखरोट कई पोषक तत्वों से भरा होता है जो आपके ओवरऑल ब्रेन फंक्शनिंग के लिए बेहतर है और आपके कॉन्सनट्रेशन लेवल को बढ़ाता है। यह भी पढ़ें: जिन चीजों को देख लपलपाती है जीभ उनसे कमजोर होता है दिमाग, ये हैं ब्रेन बूस्ट करने के सुपर फूड
4) हड्डियां होती है मजबूत
कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर अखरोट हमारे शरीर में हड्डियों को मजबूत करते हैं और हड्डियों के निर्माण में मदद करते हैं। नियमित रूप से इनको खाने से आपकी हड्डियों के ओवरऑल हेल्थ स्ट्रक्चर में भी सुधार होता है।
5) स्ट्रेस होता है कम
रिपोर्ट्स की मानें तो भीगे हुए अखरोट खाने से तनाव कम करने में मदद मिलती है। ये तनाव के समय ब्लडप्रेशर को कम करने में भी मदद करते हैं।
किन लोगों को होता है खतरा
अखरोट मल और सूजन को नरम कर सकता है ऐसे में ये उन लोगों के लिए खराब है जो पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही मोटारे से परेशान लोगों को इसकी मात्रा पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि ये वजन भी बढ़ा सकता है। यह उन लोगों में एलर्जी का कारण हो सकता है जो इसके प्रति सेंसिटिव हैं। -
विटामिन और मिनरल्स से भरपूर मूंगफली के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। ये नट्स बीटा सिटोस्टेरॉल से भरपूर होते हैं, जो आपको कैंसर से सुरक्षित रख सकते हैं। इसमें आयरन, फोलेट, कैल्शियम और जिंक की भी अच्छी मात्रा होती है, जो आपके शरीर के लिए जरूरी है। आइए, जानते हैं रोजाना भीगी हुई मूंगफली खाने के कुछ और कारण।
1) यूएसडीए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 100 ग्राम मूंगफली में 567 किलो कैलोरी,16 ग्राम कार्बोहाइड्रेट ,9 ग्राम आहार फाइबर, 4 ग्राम चीनी, 26 ग्राम प्रोटीन, 49 ग्राम कुल फैट होता है।
2) मूंगफली में कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, जो आपको विभिन्न दिल संबंधी समस्याओं से सुरक्षित रखते हैं। मूंगफली का यह कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण लंबे समय में दिल रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है और शरीर में खून परिसंचरण में भी सुधार करता है।
3) अगर आप कमर दर्द से परेशान हैं, तो मूंगफली को गुड़ के साथ भिगोकर खा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मूंगफली खाने से कमर दर्द से राहत मिल सकती है।
4) मूंगफली बीटा-सिटोस्टेरॉल से भरपूर होती है, जो कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है। यह ट्यूमर, विशेष रूप से स्तन कैंसर के विकास को भी रोकता है। शोध के मुताबिक हफ्ते में तीन बार किसी भी रूप में मूंगफली खाने से कैंसर का खतरा 58 फिसदी तक कम हो जाता है।
5) मूंगफली प्रोटीन, वसा और फाइबर का एक अच्छा मिश्रण है। इन पोषक तत्वों के कारण, मूंगफली मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देती है और लंबे समय तक पेट को भरा रखती है। मूंगफली खाने से आपको भूख कम लगती है और आप खाना कम खाते हैं जिसकी वजह से वजन कम करने में मदद मिलती है। इन्ंहें सही मात्रा में खाने से आप फिट और स्वस्थ रहेंगे। - चलने या खेलने के दौरान हम अपने घुटनों पर कितना जोर देते हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन घुटनों की देखभाल न करने के कारण बुढ़ापे में आपको घुटनों का दर्द सता सकता है। उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में मौजूद लिक्विड खत्म होने लगता है जिससे घुटनों में दर्द और इंजरी की आशंका बढ़ जाती है। बुढ़ापे में घुटनों के दर्द से बचने के लिए आप आज से ही कुछ तरीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं जिससे आप फिट, तो रहेंगे ही साथ ही उम्र बढ़ने के साथ घुटने का दर्द नहीं सताएगा।1. वजन कंट्रोल करेंबुढ़ापे में घुटने के दर्द से बचना है, तो आज से ही अपने वजन को कंट्रोल करना शुरु कर दें। वजन बढ़ने के कारण शरीर का भार घुटनों पर पड़ता है। घुटनों में ज्यादा दबाव पड़ने के कारण दर्द होता है। घुटनों का दर्द समय के साथ बढ़ता जाता है इसलिए अपने शरीर को फिट बनाएं। वेट लॉस डाइट और कसरत पर फोकस करें।2. चोट लगने पर जांच करवाएंबुढ़ापे में घुटने में दर्द होने का कारण पहली लगी कोई चोट या घुटने की इंजरी हो सकती है। अक्सर लोग चोट लगने पर हकीम या घरेलू नुस्खों में समय नष्ट कर देते हैं। शरीर के अंदर जख्म गहरा और पक्का हो जाता है। आगे चलकर चोट ही घुटने में दर्द का कारण बन सकती है। चोट लगने पर सबसे पहले जांच करवाएं और फ्रैक्चर के लक्षण समझें। उचित इलाज और दवाओं का सहारा लें।3. स्ट्रेचिंग करेंघुटने के दर्द से बचने के लिए स्ट्रेचिंग एक जरूरी कसरत है। स्ट्रेचिंग करने से लिगामेंट्स को टाइट होने से बचाया जा सकता है। नियमित तौर पर स्ट्रेचिंग करने से अर्थराइटिस जैसी बीमारी से भी बच सकते हैं। मांसपेशियों में लचीलापन होना जरूरी है, नहीं तो आगे चलकर ये जोड़ों से जुड़ी बीमारी का कारण बन सकते हैं।4. आरामदायक जूते पहनेंबुढ़ापे में घुटने के दर्द से बचने के लिए आरामदायक जूते पहनें। कई लोग पूरे दिन ऐसे जूते पहने रहते हैं, जो आरामदायक नहीं होते। पैरों के आराम में खलल डालने वाले जूते पहनने के कारण घुटने में दर्द हो सकता है। आगे जाकर ये गलती, अर्थराइटिस का कारण बन सकता है। गलत जूते पहनकर, शरीर के वजन को ज्यादा समय तक उठाते रहने से अर्थराइटिस के लक्षण नजर आ सकते हैं।5. दिनचर्या को एक्टिव बनाएंबुढ़ापे में घुटने के दर्द से बचने के लिए कदम आज से ही उठाने पड़ेंगे। आपको अपनी दिनचर्या में पैदल चलना, योगा, स्ट्रेचिंग, रनिंग, जॉगिंग और कार्डियो आदि को शामिल करना चाहिए। मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए आपको एक्टिव रहना जरूरी है। घुटनों को स्वस्थ्य रखने के लिए गौर करें, कि आप दिनभर में कितनी देर एक्टिव रहते हैं। आलसी लोगों में बीमारियां होने की आशंका, एक्टिव लोगों के मुकाबले ज्यादा होती है।
- कच्ची गाजर आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होती है ये इतनी ताकतवर होती है कि महिलाओं को कई तरह से फायदा पहुंचा सकती है। पकी हुई सब्जियों की तुलना में कच्ची सब्जियां ज्यादा फायदेमंद होती हैं। आपको हेल्थ के लिए जरूरी एंजाइम, विटामिन और मिनरल्स की सबसे ज्यादा मात्रा होती है। लोग कच्ची सब्जियां खाने का मजा लेते हैं, लेकिन इसी के साथ उनके मन में ये भी चलता है कि कच्ची चीजों को खाने से वह कीड़े या दूसरे जहरों के संपर्क में आ सकते हैं। ऐसे में कुछ लोग कच्ची सब्जियों को खाने से कतराते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको कई तरह के बेनिफिट्स मिल सकते हैं। सब्जियों में विटामिन की मात्रा को उबालने पर कम हो सकता है। गाजर खाने का सबसे अच्छा तरीका कच्चा या स्टीम करके खाया जा सकता है।कच्ची गाजर खाने के फायदेएक्सपर्ट केटी ब्रासवेल ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में ओवरऑल हेल्थ के लिए कच्ची गाजर खाने के फायदों के बारे में बताया है। तो जानिए कच्ची गाजर खाने के कुछ फायदे-1) थायराइड होता है बैलेंसहाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों के लिए गाजर बेहतरीन है क्योंकि ये विटामिन ए का एक अच्छा स्रोत हैं जो थायराइड फंक्शन में स्पॉर्ट करता है।2) क्लीयर स्किनगाजर विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होती है। इसलिए, कच्ची गाजर खाने से सूजन को कम करके और सेल टर्नओवर को प्रोत्साहित करके मुंहासों को कम करने और दोषों को रोकने में मदद मिल सकती है।3) एक्सट्रा एस्ट्रोजनगाजर में स्पेशल अपचनीय फाइबर होते हैं जो शरीर के एक्सट्रा एस्ट्रोजन के डिटॉक्सिफाई करने में मदद करते हैं। मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और लिवर की मदद करने के लिए, यह पता चला है कि कच्ची गाजर आंत से एस्ट्रोजेन के पुन: अवशोषण को अवरुद्ध करती है।4) डिटॉक्स एंडोटॉक्सिनगाजर जड़ वाली सब्जियां हैं, जिनमें अद्वितीय फाइबर होते हैं जो खुद को एंडोटॉक्सिन, बैक्टीरिया और एस्ट्रोजन से जोड़ते हैं। कुछ दिनों के लिए एक दिन में एक कच्ची गाजर खाने के बाद, संतुलन हाई एंडोटॉक्सिन, उच्च कोर्टिसोल और एस्ट्रोजन से दूर हो सकता है। यह शरीर से एंडोटॉक्सिन को डिटॉक्स करने का एक शानदार तरीका है।5) हार्मोनल बैलेंसजब आप कच्ची गाजर खाते हैं, तो इसका फाइबर खुद को अतिरिक्त एस्ट्रोजन से बांधता है और इसे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। यह जरूरी है क्योंकि बहुत ज्यादा एस्ट्रोजन अलग-अलग हार्मोनल व्यवधानों को जन्म दे सकता है जिसमें मुंहासे, पीएमएस, मूड में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। कच्ची गाजर आंत में खराब बैक्टीरिया की संख्या को कम करने में मदद करते है। आंतों के बैक्टीरिया आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन करने वाली मुख्य समस्याओं में से एक हैं।
-
कई बार खाना भूख तो जोरों की लग रही होती है, लेकिन सब्जी खाने का मन नहीं होता। ऐसे में आप या तो अचार या चटनी को अपनी थाली में शामिल करते हैं। हालांकि, कई बार इनसे भी मन भर जाता है। ऐसे में आप अपने लिए टेस्टी राजस्थानी मिर्च अचार को खाने में शामिल कर सकते हैं। ये इंस्टेंट अचार आपके खाने के स्वाद को दोगुना बढ़ा देगा। आप इसे ट्रेवल के दौरान भी साथ लेकर जा सकते हैं।
यहां सीखें राजस्थानी कांजी हरी मिर्च के अचार की रेसिपी-
राजस्थानी कांजी हरी मिर्च की सामग्री---
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए हरी मिर्च, पीली सरसों, सौंफ, हींग, नींबू, और नमक चाहिए।
राजस्थानी कांजी हरी मिर्च कैसे बनाएं---
- इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें।
- जब पानी गर्म हो जाए तो इसमें हरी मिर्च को डालें और अच्छे से बॉइल करें।
- जब मिर्च बॉइल हो जाए तो हरी मिर्च को निकाल लें। इसके पानी को एक तरफ रखें।
- अब मसाला तैयार करें। इसके लिए पीली सरसों को अच्छे से पीस लें और पाउडर बनाएं। इसके बादद सौंफ को भी दरदरा पीस लें।
- अब पीली सरसों पाउडर, सौंफ पाउडर, नमक और हींग को अच्छे से मिक्स करें।
- हरी मिर्च में मसाला भरने के लिए इसको बीच से काट लें। अब इसमें मसाला भरें और फिर एक कंटेनर में रखें।
- अब जो पानी रखा था वो पानी मिर्च में डालें और फिर नींबू का रस इसमें निचोड़ दें।
-कुछ देर या एक दिन के लिए इस अचार को खट्टा होने के लिए रखें और इसे पूड़ी-पराठे के साथ सर्व करें। -
वह समय याद है जब आप बच्चे थे और आपकी मां आपको हर सुबह भीगे हुए बादाम और अखरोट खिलाती थीं? मेरी मां भी रोज़ नाश्ते में अखरोट देते हुए कहती थी कि यह बेहतर याददाश्त और समग्र मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। पर क्या आप जानते हैं कि वॉलनट या अखरोट न सिर्फ मस्तिष्क बल्कि हर अंग के लिए फायदेमंद हैं। इतना ही नहीं यह आपको हेल्दी ग्लो और फ्लॉलेस स्किन भी दे सकता है। सुंदर चमकदार स्किन पाने के साथ ही बेजान स्किन को रीफ्रेश करने के लिए अखरोट पोषण का पावरहाउस है।
क्यों इतना खास है अखरोट
न्यूट्रीशनिस्ट अनिता जेना इस बारे में बात करते हुए कहती हैं कि, स्वस्थ वसा और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होने के कारण, अखरोट त्वचा के लिए एक सुपरफूड है। सुंदर चमकदार स्किन पाने के साथ ही बेजान स्किन को रीफ्रेश करने के लिए अखरोट पोषण का पावरहाउस है।
ब्यूटी एक्सपर्ट सुवर्णा इस बारे में बात करते हुए कहती हैं कि अखरोट में मौजूद विटामिन ई न सिर्फ आपकी स्किन को रेडिएंट बनाता है, बल्कि कील मुंहासों को भी दूर करने में मददगार है। यदि आप अखरोट को स्किन के लिए सुपरफूड बनाने वाले गुणों के बारे में विस्तार से जानना चाहती हैं, तो अंत तक ज़रूर पढ़ें।
स्किन के लिए सुपरफूड है अखरोट
अखरोट स्किन के लिए गुणों का खजाना है। इसमें मौजूद मोनोअनसेचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा का एक समृद्ध स्रोत है, जो इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बनाता है। ये ओमेगा -3 फैटी एसिड का एक प्राकृतिक स्रोत हैं। अखरोट में कार्ब्स की मात्रा कम होती है, जो उन्हें रोजाना खाने के लिए भी फायदेमंद बनाता है। यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ भी है जो फाइबर से भरपूर है। साथ ही बेहतर पाचन और मल त्याग में मदद करता है।
विटामिन ई, बी6, फोलेट और फास्फोरस का समृद्ध स्रोत होने के कारण अखरोट स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपकी त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
--समय से पहले एजिंग होने से रोकता है
एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन बी से भरपूर, अखरोट आपकी त्वचा को पर्यावरणीय कारकों जैसे कि धूप, गंदगी, प्रदूषण और अन्य अशुद्धियों से बचाने में मदद करते हैं। यह बदले में त्वचा की क्षति और समय से पहले ठीक लाइनों और झुर्रियों की उपस्थिति को रोकता है। विटामिन ई की उपस्थिति आपकी त्वचा को तीव्रता से हाइड्रेट करती है और आपकी त्वचा को अधिक युवा रखने के लिए कोलेजन उत्पादन को बढ़ाती है।
--काले घेरे कम करता है
हमारी व्यस्त जीवन शैली, तनाव, अनियमित नींद के पैटर्न और अस्वास्थ्यकर आहार के कारण और सूजी हुई आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स हो ही जाता है। लेकिन अखरोट के गुण तनाव को कम करने में मदद करते हैं और आपकी आंखों की चमक बढ़ाता है। समय के साथ अखरोट का तेल काले घेरे कम करता है।
--त्वचा को मॉइस्चराइज्ड और चमकदार बनाता है
अखरोट अविश्वसनीय मॉइस्चराइजिंग और पौष्टिक गुणों से भरे हुए हैं। अपने चेहरे और शरीर पर अखरोट के तेल की मालिश करने से आपकी त्वचा को हाइड्रेट और कंडीशन करने के लिए आपकी त्वचा को अत्यधिक मॉइस्चराइज़ और कंडीशन किया जाता है। विटामिन बी5 और ई जैसे पोषक तत्व निशान, हल्के धब्बे और रूखी त्वचा को कम करने में मदद करते हैं और वे तीव्र नमी भी प्रदान करते हैं। आपकी त्वचा को वास्तव में नरम और चमकदार दिखने के लिए सभी गुण एक साथ आते हैं।
--एक बेहतरीन एक्सफोलिएटर है
एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन ई जैसे अवयवों से समृद्ध, अखरोट समय के साथ मृत त्वचा कोशिकाओं को पुनः जीवित करता है। तेल, गंदगी और अन्य अशुद्धियों को आपके छिद्रों से हटा कर बंद होने से रोकता है। यह मुंहासों को भी रोकता है और आपकी त्वचा को स्वस्थ, क्लीयर और सॉफ्ट रखता है। - दिमाग को तेज और शरीर को फुर्तीला बनाने के लिए रोजाना बादाम खाओ। घर के बड़े-बुजुर्ग हमेशा यही सलाह देते हैं। बादाम में प्रचुर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ई, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस के गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। बादाम का सेवन वजन घटाने, हड्डियों के स्वास्थ्य, मूड में सुधार और हार्ट प्रॉब्लम के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं बादाम आपको पिंपल्स, झुर्रियां, झाइयों और स्किन से जुड़ी तमाम समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। अगर आप भी त्वचा की किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आज हम आपके लिए बादाम का एक घरेलू नुस्खा लेकर आए हैं।घर पर कैसे बनाएं बादाम क्रीमसामग्रीबादाम- 5-10 पीसकर (रातभर भिगोने के बाद इसके छिलके उतारकर धोएं)बादाम का तेल- 1/2 छोटा चम्मचगुलाब जल- 1 चम्मचएलोवेरा जैल- 1 चम्मचबादाम क्रीम बनाने का तरीकाघर पर बादाम क्रीम बनाने के लिए इसे रातभर भिगो दें और पीस लें। बादाम का पेस्ट एक कटोरी में निकाल लें। बादाम के पेस्ट में थोड़ा सा गुलाबजल डालकर मिलाएं। बादाम के पेस्ट और गुलाबजल को सूती कपड़े में बांधकर छान लें। आपके पास कपड़े के अंदर जो पेस्ट बचा हुआ उसमें एलोवेरा जेल डालें। इस मिश्रण में बादाम का तेल डालकर अच्छे से मिलाएं। आपकी होममेड बादाम की क्रीम तैयार है। इसे किसी भी एयर टाइट कंटेनर में स्टोर कर लें। बादाम की क्रीम को चेहरे पर रोजाना रात को सोने से पहले लगाएं। एक बार घर पर बादाम की क्रीम बनाने के बाद आप इसे 2 सप्ताह तक स्टोर कर सकते हैं।चेहरे पर बादाम की क्रीम लगाने के फायदेबादाम में विटामिन ई और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करते हैं। बादाम के पोषक तत्व चेहरे को नेचुरल ग्लो देने में मदद करते हैं। बादाम और एलोवेरा जेल के पोषक तत्व चेहरे के काले-धब्बे, मुंहासों के दाग और झाइयों को दूर करने में मदद करते हैं।जिन लोगों के चेहरे की रंगत धूप और धूल के कारण खराब हो जाती है, उन्हें भी बादाम की क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है। बादाम, एलोवेरा जेल और गुलाबजल के पोषक तत्व डेड स्किन सेल्स को हटाने का काम करते हैं। बादाम क्रीम स्किन को हाइड्रेट करती है। चेहरे को जब पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन मिलता है तो वो सॉफ्ट और स्मूथ बनती है। चेहरे पर घर की बनीं बादाम की क्रीम लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर लें। अगर आपको पैच टेस्ट के दौरान किसी तरह की जलन, खुजली या रैशेज महूसस होते हैं, तो इसका इस्तेमाल करने से बचें।
-
खाने का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज सेहत, स्किन और बालों के लिए भी कई मायनों में फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद गुण हेयर फॉल को कम करने या खत्म करने का काम करते हैं। इसके कई फायदे होने के चलते आजकल बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं, जो अनियन बेस्ट होते है। क्या आप जानते हैं कि ये आपको कोल्ड और कफ यानी सर्दी-खांसी व जुकाम से भी राहत दिला सकता है। प्याज में एंटी-एलर्जिक, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-कार्सिनोजेनिक के गुण पाए जाते हैं और इसी कारण ये वायरल जैसी समस्याओं को आप एंटीबायोटिक के सेवन के बिना भी दूर कर सकते हैं। प्याज के गुण आपकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करने के काम करते हैं।
यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप सर्दी और जुकाम से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। एक्सपट्र्स के मुताबिक इन तरीकों को अपनाकर आप तीन दिन में ठीक महसूस करने लगेंगे।सर्दी-जुकाम के लिए प्याज का रसआप सर्दी या जुकाम की समस्या को प्याज के रस से दूर कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको प्याज और नींबू के रस का नुस्खा अपनाना है। एक बर्तन में प्याज का रस लें और इसमें नींबू का रस मिलाएं। इसमें शहद को ऐड करना न भूलें। तैयार मिश्रण का दिन में दो से तीन बार सेवन करें। कुछ ही घंटों में आप फर्क देख पाएंगे।प्याज का सिरपसर्दी-जुकाम की समस्या को ठीक करने या इससे निजात पाने के लिए आप प्याज के सिरप का सेवन कर सकते हैं। प्याज का सिरप बनाना है, तो एक बर्तन में प्याज का रस लें और इसमें कम से कम दो चम्मच शहद मिलाएं और इसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। अब सिरप का 4-4 घंटे के अंतराल में सेवन करें। आप इस सिरप को स्टोर भी कर सकते हैं, लेकिन जितना जल्दी हो सके इसे खत्म कर दें।अनियन स्टीमसर्दी और जुकाम को ठीक करने के लिए स्टीम लेना बेस्ट रहता है. डॉक्टर भी सर्दी लगने पर भाप लेने की सलाह देते हैं। सर्दी लगने पर नाक बंद रहती है और चेस्ट में बलगम जम जाता है। ये कफ खांसी की समस्या को शुरू कर देता है। आपको बस पानी को उबालना है और इसमें प्याज के टुकड़ों को डाल देना है। 5 मिनट के लिए भाप लें और फिर चादर से खुद को ढंक कर थोड़ी देर आराम करें। कुछ देर में आप अच्छा महसूस करने लगेंगे। - पेट के आस-पास जमा चर्बी देखने में बहुत ही खराब लगती है, जिसकी वजह से न तो आप अपने मनपसंद कपड़े पहन पाते हैं और न ही आत्मविश्वास के साथ किसी से बात कर पाते हैं। पेट के पास जमा चर्बी शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में कम होने में थोड़ा ज्यादा समय लेती है। अगर आप भी अपने बैली फैट से परेशान हैं और इसे आसान तरीके से कम करना चाहते हैं तो धनिया से बना ये डिटॉक्स ड्रिंक आपकी मदद कर सकता है। धनिया में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाया जाता है ये धनिया वेट-लॉस ड्रिंक।कैसे बनाएं धनिया वेट-लॉस ड्रिंक-धनिया, जीरा और सौंफ से बना ये डिटॉक्स ड्रिंक शरीर की जिद्दी चर्बी को कम करने में मदद कर सकता है। इस ड्रिंक को बनाने के लिए सबसे पहले इन तीनों चीजों को रात-भर के लिए भिगो कर रख दें फिर अगली सुबह इन्हें उबाल कर छान लें और ठंडा करके पीएं। इसमें आप अपने स्वाद के अनुसार काला नमक और नींबू का रस डाल सकते हैं।
-
घरों में देसी घी का इस्तेमाल होते हुए दिख ही जाएगा. देसी घी हमारे खाने का स्वाद तो बढ़ाता ही है लेकिन इसके साथ-साथ ये काफी हेल्दी भी है. इसमे ऐसे अनेक गुण हैं, जो हमारे हमारे शरीर को फिट रखने में मदद करते हैं. बता दें कि देसी घी में फैट से भरपूर होता है. इसमें शुगर, फाइबर या कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन नहीं होता है. इसमें विटामिन K, विटामिन E और विटामिन A भरपूर मात्रा में पाया जाता है. वहीं, घी में ब्यूटिरिक एसिड भी पाया जाता है. अगर आप अपनी डाइट में घी का सेवन नहीं करते तो इसे आज से ही खाना शुरु कर दें.
भोजन पचाने में मददगार देसी घीखाने में देसी घी का इस्तेमाल करने से हमारी बॉडी को कई सारे लाभ मिलते हैं. ये हमारा पाचन तंत्र को ठीक रखते हैं. घी का सेवन करने से आंत भी अच्छे तरीके से अपना काम करती हैं. कहा जाता है कि घी का नियमित सेवन करने से पेट में अल्सर और कैंसर की परेशानी भी कम हो जाती है. यही कारण है कि प्राचीन समय से लोग घी का सेवन करते आए हैं.बॉडी को फिट रखता देसी घीदेसी में कई सारे विटामिन्स पाए जाते हैं. जिससे हमारी बॉडी फिट रहती है. यही नहीं, घी में विटामिन E पाया जाता है, जो हमारे बालों को मजबूत करने में सहायक होते हैं. इसके अलावा, हमारे बालों में डैंडरफ और खुजली की परेशानी भी नहीं होती है. जो लोग रोजाना घी का नियमित तरीके से सेवन करते हैं, उनके दांत भी मजबूत होते हैं.भूख और नींद को बढ़ाता देसी घीदेसी घी हमारी भूख और नींद को भी बढ़ाता है. भूख और नींद की कमी से जूझ रहे लोगों को देसी घी खाने की सलाह दी जाती है. बता दें कि बच्चों और बड़ों में घी बेहद गुणकारी है. घी का सेवन करने से भूख बढ़ जाती है. इसके अलावा, जिन लोगों को नींद ना आने की समस्या हो रही हो, वे भी अपने भोजन में रोजाना एक चम्मच घी का सेवन करना शुरू कर दें. इसके बाद उन्हें अपने आप नींद आनी शुरू हो जाएगी. - मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। ये ऑयली त्वचा वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ये त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करती है। ये त्वचा संबंधित कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है। आप मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल चेहरा धोने के लिए भी कर सकते हैं।धूल, प्रदूषण और यूवी किरणों के कारण त्वचा पर टैन जमा हो जाता है। मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल टैनिंग को दूर करने में मदद करता है। ये त्वचा पर निखार लाने का काम करती है। आप टैनिंग को दूर करने के लिए मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर फेस पैक की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।मुल्तानी मिट्टी त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करती है। ये त्वचा को दाग-धब्बों और मुंहासों से छुटकारा दिलाने का काम करती है। ये रोमछिद्रों को गहराई से साफ करती है। कई बार मुंहासे त्वचा पर जिद्दी दाग छोड़ जाते हैं। इन्हें हटाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में नियमित रूप से मुल्तानी मिट्टी से चेहरा धोना त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।खराब जीवनशैली के कारण बहुत ही कम उम्र में कुछ लोगों की त्वचा ढीली हो जाती है। ऐसे में रोजाना मुल्तानी मिट्टी से चेहरा धोने से स्किन टाइट होती है। स्किन टाइटनिंग के लिए ये एक बेहतर नुस्खा है. इससे आपको लटकती स्किन से छुटकारा मिलता है।कई बार त्वचा पर रैशेज आ जाते हैं। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी त्वचा को ठंडक पहुंचाने का काम करती है। मुल्तानी मिट्टी से चेहरा धोने के बाद हमेशा मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। ऐसा न करने पर त्वचा रूखी नजर आती है।
-
स्वस्थ और सेहतमंद जीवन के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद को जरूरी माना गया है। रात की नींद बेहद जरूरी होती है और नींद के फायदों को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता है। दिन में भी जब आप थकान का अनुभव करती हैं, तो थोड़ी देर झपकी लेना आपको फिर से एनर्जेटिक बना सकता है। पर क्या आप जानती हैं कि बार-बार झपकी (Frequent napping) लेना हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का भी संकेत हो सकता है! आइए जानते हैं इस बारे में क्य कहते हैं अध्ययन।
क्या कहती है ये नई रिसर्चअमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की मैगज़ीन, हाइपरटेंशन में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग बार-बार झपकी लेते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना 12% अधिक होती है। जबकि स्ट्रोक होने का जोखिम उनमें 24% ज्यादा होता है।एएचए ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि चीन में शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक की जानकारी की स्टडी की, जो कि यूनाइटेड किंगडम में रहने वाले 40 से 69 वर्ष के बीच के आधे मिलियन लोगों से आनुवंशिक, जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी वाला एक बायोमेडिकल डेटाबेस है। - हर स्वाद लगने वाली चीज स्वादिष्ट हो, यह जरूरी नहीं होता। कहा जाता है कि हेल्दी चीजें अक्सर बेस्वाद और कड़वी होती हैं। वेट लॉस के मामले में भी यह बात सही बैठती है। वेट लॉस करने के लिए कारगर चीजें अक्सर स्वादिष्ट नहीं लगती लेकिन अगर आप तेजी से वेट लॉस करना चाहते हैं, तो आपको इन चीजों को खाना ही चाहिए। आज हम आपको ऐसी चीजें बता रहे हैं, जिन्हें डाइट में शामिल करने से तेजी से वजन कम होता है।पॉलीफेनोल्स फूड्सपॉलीफेनोल्स पोषक तत्व है, जो पौधों में काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इन्हें गुड बैक्टीरिया के नाम से भी जाना जाता है। जो डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छे होते हैं। इसकी सही मात्रा पाने के लिए आपको फल, सब्जियां, राजमा, बीन्स जैसी चीजें डाइट में शामिल करनी चाहिए।प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स फूड्सवजन घटाने में तेजी लाने के लिए प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स को शामिल करने की सलाह देते हैं। इसमें दूध, दही, पनीर छाछ जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। जिससे कि आपका डाइजेशन ठीक रह सके।पेट की चर्बी घटाने के लिए जरूर खाएं-मूंग की दाल पोषण से भरपूर होती है इसलिए आपको प्रोटीन की मात्रा की पूर्ति के लिए मूंग की दाल जरूर खानी चाहिए। मूंग की दाल जल्दी पच जाती है। इसे खाने से पेट की चर्बी कम होती है।-रागी भी एक ऐसा फूड है, जो न सिर्फ प्रोटीन से भरपूर होते हैं बल्कि इनमें फाइबर की मात्रा भी पाई जाती है। आप रागी को ब्रेकफास्ट में जरूर खाएं। इसे खाने से तेजी से वेट लॉस होता है।-आप अगर अंडे खाते हैं, तो इससे बेहतर ब्रेकफास्ट नहीं है। अंडे में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है। अंडे खाने से आपको काफी देर तक भूख नहीं लगती है इसलिए यह बेस्ट ऑप्शन है।-दूध को कम्पलीट फूड माना जाता है इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना न भूलें। दूध को डाइट में शामिल करने से आपका डाजेशन सिस्टम बेहतर रहता है और आपको जल्दी भूख नहीं लगती।
-
दांतों के पीलेपन से अक्सर लोग परेशान रहते हैं। ये ज्यादा एसिडिक खाना खाने, अल्कोहल पीने या फिर स्मोकिंग के कारण हो सकता ह। ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए वह डेंटल ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं, जैसे एलईडी टीथ वाइटनिंग, ब्लीचिंग वगैराह। हालांकि, ये सभी आपकी पॉकेट पर काफी भारी पड़ सकते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए आप कुछ नैचुरल तरीकों को अपना सकते हैं। इनमें से एक सबसे फेमस है बेकिंग सोडा।
यहां जानिए चमकते दांतों के लिए इसे कैसे इस्तेमाल करें--दांतों पर कैसे इस्तेमाल करें बेकिंग सोडा1) नारियल का तेल और बेकिंग सोडानारियल के तेल का व्यापक रूप से इसके ओरल बेनिफिट्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नारियल का तेल दांतों को पीला बनाने वाले प्लाक के निर्माण से छुटकारा पाने में मदद करता है। एक-एक चम्मच नारियल का तेल और बेकिंग सोडा मिलाएं। फिर इस पेस्ट से अपने दांतों को कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें। ऐसा हफ्ते में 2 से 3 बार करें।2) बेकिंग सोडा और पानीइसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपने टूथब्रश पर लें और इसे अपने दांतों पर लगाएं। मिश्रण को अपने दांतों पर कम से कम एक मिनट तक काम करने दें।फिर अपने मुंह को पानी से धो लें। बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने से आपके दांतों को सफेद करने और प्लाक बिल्डअप को दूर करने में मदद मिल सकती है।3) टूथपेस्ट और बेकिंग सोडाप्लाक से छुटकारा पाने, कैविटी और दांतों की सडऩ से बचने के लिए रोजाना अपने दांतों को फ्लोराइड-आधारित टूथपेस्ट से ब्रश करें। दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए टूथपेस्ट में बेकिंग सोडा मिलाएं। फिर इससे अपने दांतों को 2 से 3 मिनट तक धीरे से ब्रश करें। अपने मुंह को पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में कम से कम एक महीने तक दो बार करें।4) बेकिंग सोडा और नमकनमक में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक होने के साथ-साथ रोगाणुरोधी गुण भी होते हैं। दांतों को बेदाग बनान के लिए नमक के साथ बेकिंग सोडा मिलाएं। इस मिश्रण में से थोड़ा सा अपनी उंगली पर लें और इसे अपने दांतों पर रगड़ें। इसे अपने दांतों पर 2-3 मिनट तक काम करने दें। फिर अपने मुंह को पानी से धो लें। इसे कम से कम एक हफ्ते तक इस्तेमाल करें।इन बातों का रखें ख्याल- दांतों पर बेकिंग सोडा सगा रहे हैं तो इसे मसूड़ों पर ब्रश न करें ऐसा करने पर जलन या खून आ सकता है- हमेशा किसी चीज में मिलाकर ही बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें।- लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से बचें। ऐसा करने पर ये आपके दांतों के इनेमल को डैमेज कर सकता है। - नवरात्रि व्रत या किसी भी व्रत में लोग अपने फलाहार को लेकर परेशान होते हैं कि आखिर वे क्या खाएं। चलिए आज हम आपको आलू की चटपटी सब्जी के बारे में बता रहे हैं। व्रत में आप घी वाले आलू-टमाटर की इस रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं।आलू टमाटर बनाने की सामग्री----------- आलू,टमाटर ,हरी मिर्च,अदरक ,जीरा,सेंधा नमक , काली मिर्च पाउडर,लाल मिर्च पाउडर (ऑप्शनल),दही ,हरा धनिया, घी।कैसे बनाएं---------- इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को अच्छे से धोकर उबाल लें। जब तक टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया को भी धोकर, काट लें। अब अदरक के टूकड़े को धोएं और छील कर कद्दूकस करें। आलू उबल जाने के बाद, ठंडा करें और फिर छील लें। आलू को चाकू से काट लें या फिर हाथ से हल्का तोड़ लें। अब एक कढ़ाई में घी गर्म करें। गर्म हो जाने के बाद इसमें जीरा चटकाएं और फिर हरी मिर्च और अदरक को डालें। इसे कम से कम 30 सेकेंड के लिए भून लें। फिर इसमें टमाटर डालें और थोड़ा सा पानी डाल कर ढंक दें। 2 से 3 मिनट बाद चेक करें। टमाटर गल गए होंगे। अब इसमें सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर और लाला मिर्च पाउडर डालें। अच्छे से मसाले को पकाएं और आलू डाल दें। अच्छे से मिक्स करें। अब इसमें जरुरत के मुताबिक पानी डालें। उबाल आने दें और फिर धनिया से गार्निश करने के बाद पुरी के साथ सर्व करें।
- लौकी के जूस में विटामिन, कैल्शियम, पोटैशियम, जिंक, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही, यह फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। ये सभी तत्व शरीर को कई फायदे पहुंचाते हैं और स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। हेल्थ एक्सपट्र्स के मुताबिक, लौकी का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारियों और वजन कम करने में भी मदद मिलती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि डायबिटीज के मरीजों के लिए लौकी के जूस का सेवन नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं डायबिटीज में लौकी का जूस पीने के नुकसान -अचानक कम हो सकता है ब्लड शुगरअगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, या आप ब्लड शुगर कम करने की दवा ले रहे हैं तो ज्यादा लौकी का जूस पीने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। लौकी के जूस का ज्यादा सेवन करने से शुगर का स्तर अचानक से कम हो सकता है, जिससे आपको बेहोशी या चक्कर की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही, कुछ मामलों में इससे हाइपोग्लाइसीमिया होने का खतरा भी रहता है। इस स्थिति में आपके खून में ग्लूकोज का लेवल असामान्य रूप से कम हो जाता है, जिसके कारण शरीर में अपनी गतिविधियों को पूरा करने के लिए एनर्जी नहीं बचती। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा सीमित मात्रा में ही करने की लौकी का जूस पीने की सलाह दी जाती है।हो सकती है कीटोएसिडोसिस की समस्याज्यादा लौकी का जूस पीने से दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है, जिससे डायबिटीज के मरीजों में कीटोएसिडोसिस की समस्या हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें शरीर में ग्लूकोज कम होने की वजह से फैट बर्न होना शुरू हो जाता है। दरअसल, शरीर में सेल्स को ईंधन के तौर पर ग्लूकोज़ की ज़रूरत होती है। लेकिन इंसुलिन का लेवल कम होने पर ग्लूकोज सेल्स तक नहीं पहु्ंच पाता। नतीजतन, शरीर में फैट कीटोंस में बदलना शुरू हो जाता है। इस कंडीशन को केटोएसीडोसिस कहते हैं। केटोएसीडोसिस की समस्या का समय रहते इलाज ना किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।लौकी का जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद मिलती है, जिससे डायबिटीज की बीमारी में फायदा होता है। लेकिन ऐसा तभी होगा जब इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाता है। ज्यादा लौकी का जूस पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। एक दिन में 140 से 280 ग्राम या एक गिलास से अधिक लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए। इसका जूस सुबह खाली पेट पीना चाहिए। इसके अलावा लौकी का जूस बनाने से पहले उसे अच्छी तरह से धो लें और साफ कर लें। खराब लौकी का जूस पीने से इंफेक्शन हो सकता है और पेट खराब हो सकता है।इन समस्याओं में भी नहीं पीना चाहिए ज्यादा लौकी का जूस-अस्थमा के मरीजों को ज्यादा लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए। लौकी की तासीर ठंडी होती है, इसका जूस पीने से अस्थमा के मरीजों को खांसी-ज़ुकाम और सांस फूलने की समस्या हो सकती है।-हाई बीपी के मरीजों को भी लौकी का जूस कम मात्रा में पीना चाहिए। अगर आप ज्यादा लौकी का जूस पीते हैं, तो इससे ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से कम हो सकता है। इससे चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना और बेहोशी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।--कुछ लोगों को लौकी का जूस पीने से एलर्जी हो सकती है। इससे चेहरे और हाथ-पैरों में सूजन आ सकती है। इसके अलावा स्किन पर रैशेज और खुजली भी हो सकती है। अगर लौकी का जूस पीने के बाद ये समस्याएं हो तो इसे ना पिएं।हाई यूरिक एसिड लेवलजिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ हो, उन्हें लौकी के जूस का ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए। इससे स्किन और हाथ-पैरों में सूजन की शिकायत हो सकती है। अगर आपको आर्थराइटिस और गाउट की शिकायत है तो आपको डॉक्टर की सलाह के बाद ही लौकी का जूस पीना चाहिए।
- दलिया प्रोटीन, आयरन, एनर्जी और अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अकसर लोग दलिया की खिचड़ी खाना पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोग दलिया में तरह-तरह की सब्जियां मिलाकर खाते हैं। आप दलिया को दूध में उबालकर भी खा सकते हैं। जी हां, दूध में दलिया उबालकर खाने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं। दूध और दलिया में मौजूद पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। आइए, जानते हैं दलिया दूध खाने के फायदे क्या है? दूध के साथ दलिया खाने से क्या होता है?वजन घटाने में फायदेमंदअगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो रोज सुबह नाश्ते में दलिया का सेवन कर सकते हैं। दलिया में काब्र्स होते हैं, ऐसे में दलिया और दूध खाने के बाद आपको पूरे दिन एनर्जी मिल सकती है। सुबह दूध और दलिया खाने से आपका पेट भी लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। आपको जल्दी भूख नहीं लगती है, जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है।पोषक तत्वों की कमी दूर करेदूध और दलिया दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन डी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं दलिया में विटामिन बी1, मिनरल्स, मैग्नीशियम और मैग्नीज पाया जाता है। अगर आप सुबह नाश्ते में दूध और दलिया खाएंगे, तो इससे आपको सभी जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे।पाचन ठीक करेआजकल अधिकतर लोग पाचन से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अगर आपको भी पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं, तो आपके लिए नाश्ते में दूध और दलिया खाना फायदेमंद हो सकता है। दलिया में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, इससे कब्ज और गैस आदि की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाएस्वस्थ रहने के लिए शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सही मात्रा में होना बहुत जरूरी होता है। अगर आपके हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो आपको अपनी डाइट में दूध और दलिया को जरूर शामिल करना चाहिए। दलिया में आयरन पाया जाता है, इससे रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ सकता है।मेटाबॉलिज्म को स्वस्थ रखेरोजाना नाश्ते में दूध और दलिया खाने से मेटाबॉलिज्म भी स्वस्थ रहता है। इससे आपका वजन कंट्रोल में रहता है और आप मेटाबॉलिज्म बीमारियों से बच सकते हैं।दूध में दलिया कैसे बनाएं?आप दूध और दलिया को आसानी से बना सकते हैं। इसके लिए आप एक पैन में दूध गर्म करें। इसमें दलिया डालें और अच्छी तरह से पका लें। आप चाहें तो दूध वाले दलिया में ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू, किशमिश आदि में मिला सकते हैं। इससे दलिया अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट बनेगा।आप भी दलिया और दूध को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। दूध और दलिया खाने के सबसे सही समय सुबह का माना जाता है। सुबह के समय दूध और दलिया खाने से आपको इनमें मौजूद सभी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
-
अक्सर हम सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए इन्हें फ्रिज में स्टोर करके रखते हैं. सब्जियों को फ्रिज में रखने का एक और कारण होता है कि ये फ्रेश रहें. लेकिन आज इस लेख के जरिए हम आपको बताएंगे कि कुछ ऐसी सब्जियां भी होती हैं, जिन्हें फ्रिज में नहीं रखा जाना चाहिए.
इन सबके अलावा, साबुत लहसुन या लहसुन की कली को कभी भी फ्रिज में नहीं रखा जाना चाहिए. फ्रिज में रखने पर लहसुन को एक एटमॉस्फेयर मिल जाता है. इससे वह बीज के रूप में अंकुरित हो जाता है.
खीरे को भी फ्रिज में नहीं रखा जाना चाहिए. यदि खीरे को 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान पर रखा जाता है तो उसकी ऊपरी परत तेजी से सड़ने लगती है. यह दूसरी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
आलू में स्टार्च भरपूर मात्रा में होता है. अगर आलू को फ्रिज में रखा जाता है, तो स्टार्च शुगर में बदल जाता है. ऐसा आलू अगर डायबिटीज पेशेंट को खिलाया जाए तो शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना होती है.
प्याज को भी कभी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इससे प्याज की जो कठोर होने की क्षमता होती है वह मुलायम हो जाती है. जिससे नेचुरल तत्व प्याज से खत्म होने लगते हैं. प्याज को हमेशा तेज धूप और अधिक ठंडे मौसम से बचा कर रखें. - जीरा और अजवाइन का उपयोग खाने का स्वाद बढ़ाने और पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही सौंफ का उपयोग भी पाचन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। कुछ लोग जीरा, अजवाइन और सौंफ का पानी पीते हैं, तो कुछ लोग इन सभी को चबाना पसंद करते हैं। इसके अलावा जीरा, अजवाइन और सौंफ के पाउडर का भी उपयोग एक साथ किया जा सकता है। आप रात को सोते समय जीरा ,अजवाइन और सौंफ के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। इससे आपकी कई स्वास्थ्य समस्याओं में आराम मिल सकता है।पेट के लिए लाभकारीरात को सोते समय गुनगुने पानी में जीरा, सौंफ अजवाइन का पाउडर लेने से पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। रोजाना रात को सोते समय जीरा, सौंफ और अजवाइन पाउडर लेने से गैस, कब्ज और एसिडिटी से आराम मिल सकता है। अगर आप रोजाना रात को इस पाउडर को लेंगे, तो सुबह आपका पेट आसानी से साफ होगा।,वजन घटाने में मददगारजीरा, सौंफ और अजवाइन का पाउडर वेट लॉस में भी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए आप इस मिश्रण को रात को सोते समय ले सकते हैं। जीरा, सौंफ और अजवाइन का पाउडर फैट को बर्न करने में सहायक हो सकता है। इसलिए अगर आपका वजन अधिक है, तो अपनी नाइट डाइट में इस पाउडर को जरूर शामिल करें।त्वचा में निखारजीरा., सौंफ और अजवाइन का पाउडर त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, रात को सोते समय जीरा, सौंफ और अजवाइन का पाउडर खाने से शरीर में जमा सारे टॉक्सिंस आसानी से निकल जाते हैं। इससे त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है।शरीर की कमजोरी दूर होगीजीरा, सौंफ और अजवाइन सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें फाइबर, आयरन और कैल्शियम आदि पाए जाते हैं। अगर आपर रोज रात को सोते समय जीरा सौंफ और अजवाइन के पाउडर का सेवन करेंगे, तो इससे आपकी शरीर की कमजोरी दूर हो सकती है।खाना डाइजेस्ट करेअगर आपको अपच की समस्या रहती है, तो आप रात को सोते समय जीरा, सौंफ और अजवाइन के पाउडर का सेवन कर सकते हैं। सोते समय इस पाउडर को लेने से अपच की समस्या को ठीक करने में मदद मिल सकती है। इससे खाने का पाचन सही तरीके से होता है और पेट की ऐंठन और दर्द में भी आराम मिल सकता है।रात को जीरा, सौंफ और अजवाइन का पाउडर लेने से पेट की समस्याएं दूर हो सकती हैं और वजन घटाने में भी फायदेमंद हो सकता है। आप इन तीनों को बराबर मात्रा में ले सकते हैं और गुगनुने पानी के साथ ले सकते हैं। लेकिन लंबे समय तक इस मिश्रण को लेने से बचना चाहिए।
- करेला अपने कड़वे स्वाद के लिए सबसे ज्यादा नापसंद की जाने वाली सब्जियों में से एक है लेकिन करेला डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। फैट कंट्रोल करने के साथ आपके शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के लिए डाइट में करेला जरूर शामिल करें। आप अगर करेले की सब्जी पसंद नहीं करते, तो आपको चटपटे अचार को जरूर ट्राई करना चाहिए। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं करेला का अचार-करेला का अचार बनाने की सामग्री-500 ग्राम करेला3 टीस्पून राई2 टीस्पून जीरा1 टीस्पून अजवायन2 टीस्पून मेथी दाना1/4 टीस्पून हिंग1 टीस्पून हल्दी2 टीस्पून सौंफ1 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर1/2 टीस्पून गरम मसाला1 बड़ा चम्मच अमचूर,1/4 छोटा चम्मच नींबू4 छोटा चम्मच सरसों का तेलसेंधा नमक स्वादानुसारकरेला का अचार बनाने की विधि-सबसे पहले करेले को 2-3 बार धोकर पतले स्लाइस में काट लें। इसके बाद एक बाउल लें और करेले को नमक के साथ भिगो दें और ढक्कन को ढंक दें। 20 मिनट बाद पानी को निथार कर फिर से धो लें। अब इसे एक कागज के तौलिए पर रखें और इसे 20-30 मिनट तक सूखने दें। इसी बीच सारे मसालों को 1 मिनट तक भून लीजिए और पीसकर मुलायम पाउडर बना लीजिए। इसके बाद एक पैन लें और उसमें सरसों का तेल डालें, तेल गर्म होने पर उसमें कुछ राई डालें और उन्हें फूटने दें। फिर हींग, हल्दी पाउडर डालें, पिसा हुआ पाउडर डालें और मसाला डाले। तेल में हींग और करेले डाल दीजिए. इसके बाद, हल्दी पाउडर डालकर मिलाइए और करेलों को 3 से 4 मिनिट थोड़ा सा नरम होने तक भून लीजिए।4 मिनिट बाद, गैस बंद करके सारे भुने मसाले, सौंफ पाउडर, नमक, काला नमक, गरम मसाला और लाल मिर्च पाउडर करेलों में डालकर अच्छे से मिला दीजिए। इसके बाद, करेलों को 5 मिनिट ढंककर रख दीजिए ताकि सारे मसाले इसमें ज़ज़्ब हो जाएं। बाद में, अचार में सिरका डालकर मिला दीजिए।करेले का अचार तैयार है। आप इसे अभी भी खा सकते हैं लेकिन अचार का असली स्वाद 3 दिन बाद आता है जब सारे मसाले अचार में अच्छे से ज़ज़्ब हो जाते हैं। अचार को प्लास्टिक या कांच के साफ और सूखे कन्टेनर में भरकर धूप में भी रख सकते हैं, 3 दिन तक रोजाना अचार को सूखे चम्मच से चला कर ऊपर नीचे कीजिय। करेले के अचार को अपने लन्च या डिनर के साथ या नाश्ते में गरमागरम परांठे, पूरी, चावल के साथ खाइये और परोसिये।यह करेले का अचार 1 महीने तक खाया जा सकता है। अधिक दिन तक अचार खाने के लिये इस अचार में इतना सरसों का तेल डाल दीजिये कि करेला तेल में डूबा रहे।
- नींबू इंडियन फूड का एक अहम हिस्सा है। वेट लॉस से लेकर खाने का स्वाद बढ़ाने तक में नींबू का इस्तेमाल किया जाता है। नींबू डालकर ही सलाद और चाट में स्वाद आता है। नींबू सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि यह विटामिन्स से भी भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन ए, विटामिन ई मौजूद होते हैं। नींबू फोलेट, नियासिन, थायमिन, राइबोफ्लेविन का भी अच्?छा स्रोत है। नींबू को आप अपने हिसाब से किसी भी डिश में डाल सकते हैं लेकिन हेल्थ एक्सपट्र्स का मानना है कि नींबू को गर्म चीजों पर नहीं डालना चाहिए। गर्म खाने या गर्म ड्रिंक्स में नींबू का रस मिलाना सेहत के लिए ठीक नहीं होता।गर्म खाने में क्यों नहीं डालना चाहिए नींबू--कई बार हम किसी डिश को पकाते समय नींबू का रस मिलाते हैं ताकि उसमें थोड़ा-सा फ्लेवर डाला जा सके। इसमें कोई शक नहीं कि नींबू मिलाने से इसका स्वाद बढ़ जाता है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गर्म खाने में विटामिन सी मिलाने से विटामिन सी का पोषण भाग कम हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन सी गर्मी के प्रति बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए आप सब कुछ खत्म कर देते हैं। गर्मी के संपर्क में विटामिन सी में पोषक तत्वों को पतला करने का कारण विटामिन सी में एस्कॉर्बिक एसिड की उपस्थिति के कारण होता है। उच्च तापमान के संपर्क में आने पर यह तेजी से खराब हो जाता है और यह कम प्रभावशाली होता है।आयुर्वेद में नींबू की है खास जगह--नींबू के हेल्थ बेनिफिट्स की बात करें, तो स्किन और बालों के लिए फायदेमंद होने के साथ नींबू गले में इंफेक्शन, एसिडिटी, पायरिया, बुखार, मोटापा आदि हेल्थ प्रॉब्लम्स में बहुत कारगर है। आप अगर वेट लॉस करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में नींबू को जरूर शामिल करें।




.jpeg)









.jpg)
.jpeg)
.jpg)

.jpg)







.jpg)