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- नगांव (असम). असम के होजई जिले में बिहार जाने वाली ट्रेन से 20 लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने होजई के धोलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की पानी की टंकी से सोमवार को 65 किलोग्राम गांजा बरामद किया जबकि नगांव जिले के चपरमुख रेलवे स्टेशन पर रानी कमलापति ट्रेन की पानी की टंकी से 112 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने गांजा जब्ती के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।ट्रेन त्रिपुरा में अगरतला से असम होते हुए बिहार जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, गांजे का बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये आंका गया है।
- चंडीगढ़. पंजाब के लुधियाना जिले में एक वाहन के नहर में गिर जाने से वाहन सवार पांच लोगों की मौत हो गयी, इनमें एक प्रवासी भारतीय भी शामिल है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि हाल में कनाडा से लौटा जतिंदर सिंह अपने पांच दोस्तों के साथ सोमवार रात को लेहल गांव के खन्ना इलाके में अपने रिश्तेदारों से मिलकर लौट रहा था,तभी वाहन अनियंत्रित हो गया और जागेरा गांव के पास श्रीहिंद नहर में पलट गया। थाना प्रभारी एम गुरुदीप सिंह ने बताया कि जतिंदर सिंह और चार अन्य लोग मारे गए जबकि एक व्यक्ति सुरक्षित है।
- जयपुर. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में मंगलवार को एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।हादसे में बाइक पर सवार तौहीद (24), उसकी पत्नी तरमीना बानो (22) तथा मां मेमुना बानो की मौत हो गई। हादसा चिरगांव राजमार्ग पर बोदाल वन चौकी के पास हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिले के एक मॉल में स्थित एक रेस्तरां में बिल को लेकर कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच हुए झगड़े में एक शख्स की मौत हो गई। पुलिस ने रेस्तरां के कर्मचारियों के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर 39 के गार्डन गैलरिया मॉल में स्थित एक रेस्तरां में पार्टी करने के लिए सोमवार रात को कुछ लोग गए थे जहां उनका बिल को लेकर रेस्तरां कर्मचारियों से झगड़ा हो गया और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि मारपीट में एक व्यक्ति को गंभीर चोट आईं, उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान बृजेश राय के तौर पर हुई है।उन्होंने बताया कि पुलिस ने राय की सहकर्मी आरती ठाकुर की शिकायत पर सेक्टर 39 थाने में रेस्तरां के प्रबंधक सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। सिंह ने बताया कि रेस्तरां में काम करने वाले 16 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है। अपर उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली. जाइडस लाइफसाइंसेस ने मंगलवार को कहा कि जाइकोवी-डी की दो खुराक देने से कम समय में बड़ी आबादी को कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीका लगाने में मदद मिलेगी। कंपनी के टीके जाइकोवी-डी को दो खुराक की योजना के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से आपात उपयोग की अनुमति मिल गयी है। इस मंजूरी के साथ 12 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों को 3 मिलीग्राम की दो खुराक के रूप में दवा दी जा सकती है। दोनों खुराक के बीच 28 दिन का अंतर रखा जा सकता है। इस समय जाइकोवी-डी की 2 मिलीग्राम की तीन खुराक की अनुमति है जिसमें प्रत्येक खुराक के 28 दिन बाद अगली खुराक दी जाती है। भारत ने 16 मार्च को 12 से 14 साल की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया था।जाइडस लाइफसाइंसेस के प्रबंध निदेशक शर्विल पटेल ने दो खुराक की योजना के बारे में कहा कि इससे वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा को मजबूत करने के लिहाज से टीकाकरण के लिए जरूरी कुल समय घटाने में मदद मिलेगी।
- नयी दिल्ली. भारत में एक दिन में कोविड-19 के 2,483 नए मामले सामने आने से देश में कोरोना वायरस से अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,30,62,569 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 15,636 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, असम में संक्रमण से मौत के मामलों के पुन:मिलान के बाद 1,347 मामले और केरल में मौत के 47 मामले सामने आने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,23,622 हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि असम ने संक्रमण से मौत के मामलों का पुन: मिलान किया गया, जिससे मौजूदा आंकड़ों में बदलाव आया है। अन्यथा राज्य में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया। केरल में भी पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया, यह 47 मामले भी आंकड़ों के पुन:मिलान के बाद सामने आए। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 15,636 हो गई, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 886 की कमी दर्ज की गई है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है। संक्रमण की दैनिक दर 0.55 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.58 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,25,23,311 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.22 प्रतिशत है। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 187.95 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।
- नयी दिल्ली. इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में हाल में आग लगने की घटनाओं के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कंपनियों से गड़बड़ी वाले वाहनों को वापस मंगाने को लेकर तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मार्च, अप्रैल और मई में पारा चढ़ने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बैटरी में कुछ समस्या होती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि देश का ईवी उद्योग अभी काम करना शुरू किया है और सरकार उनके समक्ष कोई बाधा पैदा नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सरकार के लिये सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण और मानव जीवन के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।'' हाल के दिनों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की कुछ घटनाओं के बाद उनका बयान मायने रखता है। इन घटनाओं में कुछ लोगों की मौत हो गयी जबकि कई जख्मी हुए। एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि कंपनियां खराब वाहनों को ठीक करने के लिये उन्हें वापस मंगाने को लेकर तुंरत कदम उठा सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मार्च, अप्रैल और मई में पारा चढ़ता है और ऐसे में ईवी बैटरी के कुछ समस्या होती है। मुझे लगता है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगना पारा चढ़ने से जुड़ा है।'' मंत्री ने कहा कि सरकार ईवी को लोकप्रिय बनाना चाहती है।गडकरी ने कहा, हम समझते हैं कि ईवी उद्योग ने अभी काम करना शुरू किया है। हम उसके लिये कोई बाधा पैदा नहीं करना चाहते। लेकिन सुरक्षा सरकार के लिये सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानवीय जीवन के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता।
- नयी दिल्ली. सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा की सेकेंड टर्म की बोर्ड परीक्षा मंगलवार को भारत और विदेशों में दो साल की महामारी से उत्पन्न व्यवधानों के बाद शुरू हुई। पहले दौर की परीक्षा नवंबर में बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ छोटे प्रारूप में आयोजित की गई थी। परीक्षा की अवधि डेढ़ घंटे की थी। मंगलवार को, कक्षा 12 के लिए उद्यमिता और सौंदर्य और कल्याण पर परीक्षा थी, जबकि कक्षा 10 के लिए, छह विषयों - पेंटिंग, राय, गुरुंग, तमांग, शेरपा और थाई विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कक्षा 10 की परीक्षा 29 दिनों के लिए आयोजित की जाएगी, जो 24 मई को समाप्त होगी। कक्षा 12 की परीक्षा 51 दिनों के लिए आयोजित की जाएगी और 15 जून को समाप्त होगी।” उन्होंने कहा कि इस बार 7,406 परीक्षा केंद्रों पर 10वीं के 21.16 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे जबकि 6,720 परीक्षा केंद्रों पर 12वीं के 14.54 लाख छात्र हिस्सा लेंगे। प्रत्येक कक्षा में अनुमत छात्रों की संख्या 18 कर दी गई है और स्कूलों को कोविड-19 से पीड़ित छात्रों को अलग कमरे उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने कहा, “सीबीएसई ने भारत और 26 देशों में परीक्षाओं के संचालन के लिए विस्तृत व्यवस्था की है। चूंकि परीक्षाएं कोविड के बाद आयोजित की जा रही हैं, अत: बोर्ड ने इसके सुचारू संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। कोविड के कारण, ये परीक्षाएं अप्रैल, मई और जून 2022 में आयोजित की जा रही हैं।” बोर्ड ने यह भी फैसला किया है कि जो छात्र अपने पहले सत्र की परीक्षा में अनुपस्थित थे, उनका परिणाम दूसरे सत्र के आधार पर होगा। बोर्ड अभी उन लोगों के परिणामों की गणना के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है, जो दोनों टर्म परीक्षाओं में चूक गए थे। अधिकारी ने कहा, “अभी तक की व्यवस्था के अनुसार, इन छात्रों को अगले साल या तो नियमित या निजी उम्मीदवारों के रूप में उपस्थित होना होगा, लेकिन हम अभी भी तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं कि क्या ऐसे छात्रों को कोई समाधान प्रदान किया जा सकता है।” इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने के लिए सीबीएसई प्रत्येक परीक्षा केंद्र को 5,000 रुपये का भुगतान कर रहा है। स्कूल को सेनेटाइज करने और परीक्षा परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए मास्क, सेनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था करने के लिए भी प्रति अभ्यर्थी प्रतिदिन 5 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। सीआईएससीई कक्षा 10 के द्वितीय सत्र की परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। बोर्ड की 12वीं की परीक्षा मंगलवार से शुरू हो गई।
- बेंगलुरू भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एल्वेरा ब्रिटो का मंगलवार को यहां बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 81 बरस की थी। तीन लोकप्रिय ब्रिटो बहनों (रीता और मेइ दो अन्य बहनें) में सबसे बड़ी एल्वेरा का 1960 से 1967 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में दबदबा रहा और उनकी मौजूदगी वाली कर्नाटक की टीम ने इस दौरान सात राष्ट्रीय खिताब जीते। एल्वेरा ने आस्ट्रेलिया, श्रीलंका और जापान के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व किया।अल्वेरा 1965 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित होने वाली सिर्फ दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ी बनी थी। उनसे पहले एने लुम्सडेन (1961) को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था। एल्वेरा ने भी अपनी बहनों की तरह शादी नहीं की। हॉकी इंडिया ने एल्वेरा के निधन पर शोक जताया है।हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोमबम ने बयान में कहा, ‘‘एल्वेरा ब्रिटो के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। वह अपने समय की खिलाड़ियों से आगे थी और महिला हॉकी में उन्होंने इतना कुछ हासिल किया तथा राज्य में प्रशासक के रूप में खेल की सेवा करना जारी रखा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हॉकी इंडिया और पूरे हॉकी समुदाय की ओर से हम उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को बताया कि भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 5 से 12 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए कोविड-19 रोधी टीके ‘कॉर्बेवैक्स' और 6 से 12 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए ‘कोवैक्सीन' टीके के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। डीसीजीआई ने इससे पहले ‘कैडिला' को 12 साल या अधिक उम्र के बच्चों के लिए 28 दिन के अंतर पर दो खुराक के साथ 3 मिलीग्राम की अतिरिक्त खुराक के वास्ते उसके ‘जायकोव-डी' टीके के लिए भी आपातकालीन उपयोग की मंजूरी (ईयूए) दे दी थी। वर्तमान में, ‘जायकोव-डी' की दो मिलीग्राम की तीन खुराक की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 वैश्विक महामारी पर गठित विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की सिफारिशों के बाद भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने इसके इस्तेमाल की अनुमति दी है। एसईसी ने 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के वास्ते ‘बायोलॉजिकल ई' के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोर्बेवैक्स' और 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ‘कोवैक्सीन' टीके के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी (ईयूए) देने की पिछले सप्ताह सिफारिश की थी। ‘बायोलॉजिकल ई' के ‘कॉर्बेवैक्स' टीके की खुराक अभी 12 से 14 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों को दी जा रही है। वहीं, 24 दिसंबर, 2021 को डीसीजीआई ने 12 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों के लिए ‘कोवैक्सीन' को आपातकालीन इस्तेमाल की सूची (ईयूएल) में डाल दिया था। भारत ने 16 मार्च को 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया। देशभर में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 को शुरू किया गया था, तब केवल स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए जा रहे थे। इसके बाद दो फरवरी 2021 से, अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों का टीकाकरण और एक मार्च 2021 से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू हुआ। 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए एक अप्रैल 2021 को टीकाकरण शुरू हुआ और 18 साल से अधिक आयु के लोगों को एक मई 2021 से कोविड-19 रोधी टीके देने शुरू किए गए। देश में तीन जनवरी 2022 से 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ था। स्वास्थ्य कर्मियों तथा अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों और गंभीर बीमारी से पीड़ित 60 साल या उससे अधिक आयु के लोगों को ‘एहतियाती खुराक' 10 जनवरी 2022 से देनी शुरू की गई। देश में 10 अप्रैल 2022 से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को ‘एहतियाती' खुराक देनी शुरू कर दी गई थी।
- देहरादून। अगले माह की शुरूआत में केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मंदिर परिसर में पहुंच कर वहां चल रहे निर्माण कार्यों एवं आगामी यात्रा से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया ।मुख्यमंत्री ने रूद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में पूर्ण हो चुके सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण किया और निर्माणाधीन मंदाकिनी आस्था पथ को जल्द से जल्द पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने केदारनाथ परिसर के आसपास पहाड़ी शैली में बनाए जा रहे भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली।परिसर का भ्रमण करते हुए धामी ने केदार घाटी के निर्माण में अहम योगदान दे रहे श्रमिकों का हालचाल जाना एवं उनकी समस्याओं को जानकर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को उनके कार्य के लिए धन्यवाद भी किया। इस समय केदारनाथ में करीब 700 मजदूर निर्माण कार्य में लगे हैं ।धामी ने मंदिर परिसर के आसपास मुख्य मार्ग में अस्त-व्यस्त पड़े मलबे तथा निर्माण सामग्री को हटाए जाने के निर्देश देते हुए बर्फ पिघलने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने को कहा।पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार बनाया जाएगा तथा बरसात के दौरान पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था विकसित की जाएगी और केदारघाटी में ‘ब्रह्म कमल वाटर पार्क’ का निर्माण किया जाएगा ।धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न के अनुसार, केदारपुरी के निर्माण पर जोर देते हुए मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार के साथ रेलिंग भी लगाए जाने का निर्देश दिया तथा वासुकी ताल ट्रैक को विकसित करने के लिए शीघ्र कार्य शुरू करने को कहा। उच्च गढ़वाल हिमालय में 11,750 फुट की उंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम के कपाट छह मई को प्रात: 06:25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे । हालांकि, चारधाम यात्रा की शुरूआत तीन मई को अक्षय तृतीया के पर्व पर उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही हो जाएगी । बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को खुलेंगे ।
- नयी दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कहा कि ‘परंपरागत कृषि विकास योजना' की एक उप-योजना के तहत अब तक लगभग चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के तहत में लाया गया है और इसे विस्तार देने के लिए नीति आयोग एक रूपरेखा तैयार करेगा। तोमर ने नवाचारी कृषि पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आज के वक्त की जरूरत हो चुकी है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर की जाने वाली, उत्पादन की लागत कम करने वाली, अच्छी गुणवत्ता वाली उपज देने वाली और किसानों को मुनाफा देने वाली खेती की जाए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और गुजरात के कुछ हिस्सों में किसान धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मिली कामयाबी देखने के बाद और किसान भी इससे जुड़ेंगे। तोमर ने कहा कि नीति आयोग इस कार्यशाला में किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श कर प्राकृतिक खेती के बारे में एक रूपरेखा तैयार करेगा और कृषि मंत्रालय उसी का अनुसरण करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों को ऐसी आशंका हो सकती है कि प्राकृतिक खेती करने से कृषि उत्पादन में गिरावट आ सकती है। ऐसे लोग प्राकृतिक खेती में मिली सफलता से अवगत होने के बाद इसे आसानी से अपना सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को पहले उन क्षेत्रों में बढ़ावा दिया जाना चाहिए जहां कृषि में रसायनों का इस्तेमाल कम या बिल्कुल भी नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि निकोबार और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में खेती में किसी भी रसायन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इन खेतों को प्रमाणित करने के लिए एक केंद्रीय कार्यक्रम चल रहा है जिसमें राज्यों की भी मदद ली जा रही है। तोमर ने बताया कि अभी करीब 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के दायरे में लाया जा चुका है जबकि परंपरागत कृषि विकास योजना की एक उप-योजना के तौर पर अबतक लगभग चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को अपनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन मोड' में काम कर रही है। इसे कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, डेयरी एवं पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाली उपज की नई मांग आई है और किसानों को इस पर ध्यान देने और उसके हिसाब से कदम उठाने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती के जरिये उगाई गई फसलों की ब्रांडिंग पर भी जोर दिया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने राज्य में प्राकृतिक खेती से जुड़ी कुछ कहानियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में ‘हतोत्साहित और भ्रमित' होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के पहले साल में उपज कम होगी लेकिन उस पर लागत एवं पानी की खपत भी कम रहेगी।
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पारादीप. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नदी तट पर निर्मित ओडिशा के पहले अस्थायी प्लेटफार्म ‘जेटी' का सोमवार को उद्घाटन किया, जिससे राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। सोनोवाल ने जेटी का निर्माण करने के लिए भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) की प्रशंसा की, जो जलमार्ग का परिवहन के व्यावहारिक साधन के रूप में उपयोग करने की संभावना का पता लगाएगा। अधिकारी ने कहा कि इफको की पारादीप इकाई जिप्सम और उर्वरकों के परिवहन के लिए जेटी का उपयोग करेगी और इससे उच्च साजोसामान लागत, समय और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। जेटी की परिकल्पना उड़ीसा स्टीवडोर्स लिमिटेड (ओएसएल) द्वारा की गई थी, जिसे इसके विकास और संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई थी। ओएसएल ने 25 फरवरी, 2021 को, जेटी के विकास और संचालन के लिए पारादीप पोर्ट अथॉरिटी और इफको के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान में, ‘जेटी' में 2,200 डेडवेट टनेज (डीडब्ल्यूटी) तक के जहाज ठहर सकते हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बड़े जहाजों के रुकने के लिए सुविधाओं का विकास और विस्तार करने की योजना बनायी जा रही है।
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नयी दिल्ली. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से बजट में अधिक आवंटन के साथ सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में जून से 5,200 गावों में प्राकृतिक खेती शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में देसी गायों की देखरेख के लिए सरकार किसानों को प्रतिमाह 900 रुपये की मदद भी देगी। चौहान ने सोमवार को नवोन्मेषी खेती पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा कि विभिन्न फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग बढ़ा है। रासायनिक उर्वरकों के बहुत अधिक इस्तेमाल के कारण मृदा की ‘सेहत' खराब हुई है जिसे रोकने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार उर्वरक सब्सिडी के लिए किसानों को 1.8 लाख करोड़ रुपये देती है और इसी तरह प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी दी जानी चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपना रहे किसानों को केंद्र सरकार की सक्रिय नीतियों के जरिये प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि वे उर्वरक सब्सिडी से परहेज कर रहे हैं। रेड्डी ने कहा, ‘‘मैं उन राज्यों के लिए आग्रह करता हूं जिनके पास प्राकृतिक खेती के लिए बड़ा क्षेत्र है। उन्हें वित्त आयोग की सिफारिश में भी उच्च महत्व दिया जाना चाहिए। ये राज्य देश को जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद कर रहे हैं।'' उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक खेती के लिए जलवायु उपयुक्त है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग पर चिंता भी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अर्थव्यवस्था और परिस्थितिविज्ञान के बीच संतुलन बनाये रखने की दिशा में काम रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी केंद्र सरकार से प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन को बढ़ाकर 31,000 रुपये प्रति हेक्टेयर करने के साथ प्राकृतिक उत्पादों की ‘ब्रांडिंग' और विपणन के लिए बजट में आवंटन करने का आग्रह किया है। इस दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय को दोगुना करने का प्रण लिया है। यह तभी संभव हो पाएगा, जब देश के किसान रासायनिक खेती को त्यागकर प्राकृतिक खेती को पूरे मनोभाव से अपनाए। उन्होंने कहा, ‘‘रासायनिक खेती के कारण ज़मीन बंजर होती जा रही है, भूजल और नीचे जा रहा है। कृषि खर्च में रोजाना वृद्धि हो रही है। रासायनिक खाद एवं जंतुनाशकों से दूषित खाद्यान्न खाने से लोग कैंसर, मधुमेह, ह्रदय रोग जैसी असाध्य बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। ऐसे में रासायनिक खेती के इन दुष्परिणामों से मुक्ति पाने के लिए प्राकृतिक खेती ही अपनाना होगा, जो समय की मांग है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि डाकियों और डाकघरों के अन्य कर्मचारियों के लिए नियमित योग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने चाहिए। डाक विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने यह बात कही। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयोजित किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। वैष्णव ने इस कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए करीब दो लाख डाककर्मियों के साथ योग किया।
मंत्री ने कहा कि डाकियों ओर ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के लिए नियमित रूप से योग प्रशिक्षण आयोजित किया जाना चाहिए जिससे उनकी सेहत अच्छी रहे। उन्होंने कहा कि अगले दो माह के दौरान डाकघरों में आने वाले नागरिकों को भी योग और उसके लाभों के बारे में बताया जाना चाहिए। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में सोमवार को तीन मंजिली इमारत के ढह जाने की घटना में वहां काम कर रहे दो श्रमिकों की मौत हो गयी जबकि तीन अन्य को बचावकर्मियों ने मलबे से बाहर निकाल लिया । मौके पर मौजूद एक अन्य श्रमिक बाल-बाल बच गया । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन मंजिला इमारत के जीर्णोंद्धार का काम चल रहा था उसकी दौरान यह ढह गया । उन्होंने बताया कि घटना के समय इमारत के बाहर मौजूद एक अन्य मजदूर बाल-बाल बच गया । पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है । दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने इस घटना की जांच के आदेश दिये हैं ।
पुलिस ने बताया कि दोपहर बाद करीब 1.25 बजे साउथ कैंपस पुलिस थाने में सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बारे में पीसीआर कॉल मिली । पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) मनोज सी ने कहा, ‘‘इमारत के बाहर मौजूद एक मजदूर बाल-बाल बच गया। उसे चोट लगी है और उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।'' उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने दिल्ली दमकल सेवा और एनडीआरएफ की सहायता से मौके पर बचाव अभियान शुरू किया और (मलबे में फंसे) सभी पांच मजदूरों को बचा लिया है ।'' उन्होंने कहा कि दो मजदूरों की बाद में मौत हो गई और शेष चार का इलाज चल रहा है। डीसीपी ने कहा, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान बिलाल और नसीम के रूप में हुई है और घायलों की पहचान मोहम्मद फिरदौस, असलम, सरफराज और मुसाहिद के तौर पर की गयी है । राहत और बचाव अभियान तीन घंटे से अधिक समय तक चला।
इससे पहले दिल्ली दमकल सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया, ‘‘हमें अपराह्र लगभग 1:24 बजे यहां सत्य निकेतन इमारत संख्या 173 में एक मकान के गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि, यह इमारत एक घनी आबादी वाली इलाके में है, इसलिये मुख्य चुनौती बचाव वाहनों को अंदर ले जाने की थी। यह कठिन काम था । मौके पर एक पुलिस की टीम भी मौजूद है ।
गर्ग ने बताया कि इमारत के मलबे में फंसे सभी पांच मजदूरों को बचा लिया गया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान समाप्त हो गया है । राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए अपने खोजी कुत्तों को काम में लगाया था और ड्रीलिंग मशीन और कटर का इस्तेमाल किया । एनडीआरएफ के एक कर्मी ने बताया कि सभी मजदूर इमारत के किचेन वाले क्षेत्र में फंसे हुये थे ।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऐसा लगता है कि इमारत मरम्मत के लिए अच्छी स्थिति में नहीं थी।। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक पुरानी इमारत थी और मरम्मत के लिये अच्छी स्थिति में नहीं थी। हमें जांच में पता चला है कि इसे पीजी में बदलने के लिए मरम्मत का काम किया जा रहा था । इसलिए, उन्होंने ढांचे के कुछ हिस्से को तोड़ा होगा, जिससे वह गिर गया ।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि मरम्मत का काम चल रहा था, इसलिये इसमें कोई नहीं रह रहा था। यह भी पता चला है कि इसकी कोई उचित भवन योजना नहीं थी। यह नियोजित निर्माण भी नहीं था और संबंधित अधिकारियों द्वारा मंजूरी भी नहीं ली गयी थी ।'' दक्षिण दिल्ली के महापौर मुकेश सूर्यन ने कहा कि नगर निकाय इमारत गिरने के मामले की जांच शुरू करेगा ।
उन्होंने बताया कि इमारत में मरम्मत के कार्य करने के लिए गृहस्वामी को पिछले महीने नोटिस दिया गया था। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल को दिल्ली पुलिस से मरम्मत को रोकने का अनुरोध किया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस हादसे को ‘‘बेहद दुखद'' करार देते हुये कहा कि वह बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं । केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘ये हादसा बेहद दुखद है। ज़िला प्रशासन राहत और बचाव के काम में जुटा है। मैं ख़ुद घटना से संबंधित हर जानकारी ले रहा हूं। -
कोटद्वार। उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर में सोमवार को हाथी के हमले में एक सिपाही की मौत हो गयी। कोटद्वार-पुलिंडा मोटर मार्ग पर हुई इस घटना के समय सिपाही के साथ मौजूद उसके एक अन्य साथी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। पौड़ी की अपर पुलिस अधीक्षक मनीषा जोशी ने बताया कि पुलिसकर्मी मनजीत सिंह (39) अपने एक साथी के साथ किसी मामले की जांच के लिए सुबह कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर जा रहे थे कि अचानक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हाथी के हमले से बचने के प्रयास में सिंह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथी ने किसी तरह भागकर जान बचाई और पुलिस विभाग को इस बारे में सूचना दी। घायल सिंह को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं, वन अधिकारियों ने लोगों से इन दिनों सुबह-सुबह बाहर निकलने पर सावधानी बरतने की अपील की है। कोटद्वार स्थित सिद्धबली मंदिर क्षेत्र और पुलिंडा क्षेत्र हाथियों का गलियारा है और गर्मियों में हाथी निकटवर्ती खोह नदी में पानी पीने आते हैं। -
नयी दिल्ली। भारत ने एक साथ सबसे अधिक संख्या में राष्ट्रीय ध्वज लहराने के मामले में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर लिया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 23 अप्रैल को बिहार के भोजपुर के जगदीशपुर स्थित दुलौर मैदान में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव कार्यक्रम में 78 हज़ार 220 तिरंगे एक साथ लहराकर भारत ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। बिहार के जगदीशपुर के तत्कालीन राजा वीर कुंवर सिंह, जिन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में शुमार किया जाता है, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत गृह मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों के सामने बनाए गए इस रिकॉर्ड के लिए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की भौतिक पहचान के लिए बैंड पहनाए गए थे और पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी। पिछला विश्व रिकॉर्ड 2004 का था, जब लाहौर में एक समारोह में लगभग 56,000 पाकिस्तानी झंडे लहराए गए थे। बाबू वीर कुंवर सिंह 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे थे, जिन्होंने लगभग 80 वर्ष की उम्र में भी विदेशी हुकूमत का डटकर मुकाबला किया। वह जगदीशपुर के परमार राजपूतों के उज्जयिनी वंश से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने 80 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की कमान के तहत सैनिकों के खिलाफ सशस्त्र जवानों के एक चयनित बैंड का नेतृत्व किया था। वह बिहार में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के मुख्य नायक थे। उन्हें वीर कुंवर सिंह के नाम से जाना जाता है। -
नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर के थाना सेक्टर 63 क्षेत्र के सेक्टर 62 गोल चक्कर के पास उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस से उतरकर सड़क पर पैदल जा रहे पति-पत्नी को एक पिकअप वैन ने टक्कर मार दी, जिससे घटना में दोनों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सेक्टर 62 गोल चक्कर के पास आज दोपहर लकी (28 वर्ष) अपनी पत्नी निक्की (25 वर्ष) के साथ यूपी रोडवेज की बस से उतर कर सड़क पर पैदल जा रहे थे, तभी एक अज्ञात पिकअप वैन ने पति-पत्नी को कुचल दिया। उन्होंने बताया कि अत्यंत गंभीर हालत में उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस वाहन चालक की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि पति-पत्नी मुरादाबाद से रोडवेज की बस में सवार होकर नोएडा आए थे।
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नयी दिल्ली. वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2014 से पेटेंट मंजूरी में सालाना आधार पर पांच गुना तथा ट्रेडमार्क पंजीकरण में चार गुना वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बौद्धिक संपदा (आईपी) कार्यालय के आधुनिकीकरण और कानूनी अनुपालन को कम करने के साथ-साथ आईपी आवेदन दाखिल करने की सुविधा के लिए सरकार ने कई प्रशासनिक और विधायी उपायों को अपनाया है। मंत्रालय के अनुसार, ‘‘वर्ष 2014 के बाद से हर साल पेटेंट मंजूरियों में पांच गुना और ट्रेडमार्क पंजीकरण में हर साल चार गुना वृद्धि हुई है।'' बयान में कहा गया कि सभी क्षेत्रों और विशेष रूप से पेटेंट के घरेलू आईपी आवेदन दाखिल में एक बड़ा सुधार देखा गया है। इसमें पिछले पांच साल के दौरान 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के खोराबार इलाके में सोमवार रात करीब नौ बजे बदमाशों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अपराध करने के लिए फावड़े का इस्तेमाल किया गया था। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हत्याकांड की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा और अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर अंचल अखिल कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी विपिन टाडा ने बताया कि गामा निषाद (42), उनकी पत्नी संजू निषाद (38) और बेटी प्रीति (20) की उस समय हत्या कर दी गई, जब वे गामा निषाद के भाई रामा निषाद की बेटी की शादी के समारोह में जा रहे थे। उन्होंने बताया कि गामा के घर से करीब 800 मीटर दूर खोराबार थाना क्षेत्र के रायगंज क्षेत्र के बांग्ला चौक पर कुछ हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और धारदार हथियार से तीनों का गला काट दिया। गामा का बेटा अच्चेलाल बच गया क्योंकि उसने समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए दूसरा रास्ता चुना था। गामा का एक और बेटा दूसरे शहर में काम करता है। घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने ट्वीट कर कहा, "खोराबार तिहरे हत्याकांड में फावड़ा का इस्तेमाल किया गया था। यह घटना प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।" एसएसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान आलोक पासवान के रूप में हुई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी आलोक कथित तौर पर प्रीति से प्रेम करता था लेकिन उसके मना करने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। अधिकारी ने कहा कि जांच चल रही है और स्थिति जल्द ही स्पष्ट हो जाएगी।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय बिजली मंत्री आर के सिंह ने देश में बढ़ती बिजली की मांग के बीच सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से रैक की अधिक उपलब्धता को लेकर रेल मंत्री साथ यह बैठक की। ताप बिजलीघरों, विशेष रूप से जो कोयला खदानों से दूर स्थित संयंत्र कम कोयले के भंडार से जूझ रहे हैं। वही बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। बिजली मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आर के सिंह और वैष्णव ने बिजली की बढ़ती मांग से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की। इस दौरान बिजली मंत्रालय के सचिव अलोक कुमार, कोयला मंत्रालय के सचिव ए के जैन समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा के नेतृत्व में बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के एक समूह ने जहांगीरपुरी में सांप्रदायिक झड़पों पर एक ‘तथ्यान्वेषी' रिपोर्ट सोमवार को जारी की। इस समूह ने कुछ दिनों पहले हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा किया था। ‘ग्रुप ऑफ इंटेलेक्चुअल्स एंड एकेडेमिशियंस (बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों का समूह)' की सदस्य श्रुति मिश्रा ने कहा, ‘‘गवाहों ने उन्हें बताया कि 16 अप्रैल को जहांगीरपुरी के सी-ब्लॉक इलाके में हनुमान जयंती शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई थी और अंसार (हिंसा के मुख्य आरोपी) ने तब भीड़ को उकसाया था, जब वह मस्जिद के पास से गुजर रही थी।'' मिश्रा ने यहां रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, ‘‘16 अप्रैल को पथराव में शामिल लोग इतने आक्रामक थे कि उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने भगवान हनुमान की मूर्ति को तोड़ने का भी प्रयास किया।'' रिपोर्ट जारी करने के दौरान उमा शंकर भी मौजूद थे, जो हनुमान जयंती शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे और (दिल्ली पुलिस के अनुसार) हिंसा में घायल हुए एकमात्र नागरिक हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंसा भड़कने पर उन पर तलवार से हमला किया गया था। उमा शंरप ने कहा कि शोभायात्रा ‘शांतिपूर्ण' तरीके से निकाली जा रही थी और ‘‘बड़ी संख्या में महिलाएं उन पर पथराव कर रही थीं, जब वे उस क्षेत्र (सी-ब्लॉक) से गुजर रहे थे, जहां मस्जिद स्थित है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता प्रेम शर्मा भी रिपोर्ट जारी करने के दौरान मौजूद थे, जिनसे दिल्ली पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में पूछताछ की थी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें शोभायात्रा के लिए अनुमति दी थी और वे वर्षों से इसी तरह की ‘शांतिपूर्ण शोभायात्रा' निकाल रहे हैं। उच्चतम न्यायालय की वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी संतुलन बनाने की कोशिश लगती है। हमने देखा है कि जहांगीरपुरी के सी-ब्लॉक के एक हिस्से पर अवैध प्रवासियों का कब्जा है।'' सामाजिक कार्यकर्ता मोनिका अग्रवाल पांच सदस्यीय ‘तथ्यान्वेषी' दल का हिस्सा थीं। उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण कई निर्दोष लोगों को नुकसान हुआ है। अग्रवाल के मुताबिक, ‘‘जहांगीरपुरी के रहने वाले एक युवक पर हमला किया गया और वहां हिंसा भड़कने पर उसकी बाइक चोरी हो गई। युवक को नौकरी मिले एक साल भी नहीं हुआ था और उसने अपनी मेहनत की कमाई से बाइक खरीदी थी। वह पांच साल के बच्चे के साथ सी-ब्लॉक इलाके से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।'' हिंसा के सिलसिले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है।
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औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद-गया जिला सीमा पर नक्सल प्रभावित लंगुराही-पचरूखियां के जंगली इलाके में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से सोमवार को एक चरवाहे की मौत हो गई। मृतक की पहचान गया जिले के छ्करबंधा थाना अंतर्गत तारचुआं गांव निवासी 52 वर्षीय कईल भुईयां के रूप में हुई है। औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गया-औरंगाबाद जिले की सीमा पर सागरपुर के पास यह घटना हुई। उन्होंने बताया कि मृतक जंगल में मवेशी चरा रहा था और महुआ चुनने के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर उसका पैर पड़ गया, जिसके विस्फोट से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उक्त इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा तलाशी अभियान शुरू किया गया है। -
पौड़ी। उत्तराखंड में पौड़ी जिले के चाकीसैण क्षेत्र में सोमवार को एक वाहन के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार छह व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी और पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रेमलाल टम्टा ने यहां बताया कि स्योली गांव के निकट इस हादसे का शिकार हुए लोग शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे कि तभी उनका वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। उन्होंने बताया कि हादसे में छह व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गयी। अम्टा ने कहा कि पांच घायलों में से तीन को पाबौ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जबकि दो गंभीर घायलों को पौड़ी के जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए।












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