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- दुर्ग/ जिले में 1 जून 2026 से 23 अगस्त 2026 तक 617.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 768.3 मिमी तहसील पाटन में तथा न्यूनतम 445.8 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 719.3 मिमी, तहसील बोरी में 599.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 672.5 मिमी और तहसील अहिवारा में 497.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 23 अगस्त 2026 को तहसील दुर्ग में 15.7 मिमी, तहसील धमधा में 4.3 मिमी, तहसील पाटन में 13.5 मिमी, तहसील बोरी में 6.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 13.9 मिमी और तहसील अहिवारा में 13.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से नगर पालिक निगम रायपुर के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा की पुण्यतिथि दिनांक 24 अगस्त 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में नगर निगम रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर के प्रागण में स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 जोन कमिश्नर को इंडोर स्टेडियम परिसर के प्रांगण में स्थित पूर्व महापौर स्व बलवीर सिंह जुनेजा के मूर्ति स्थल उसके समक्ष और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलो की पंखुडिया आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्थायें प्रशासनिक तौर पर करवाने हेतु निर्देशित किया गया है।
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-C&D वेस्ट प्लांट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह ने नेहरू नगर स्थित SLRM सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन C&D (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट प्लांट के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा कार्य को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
इसके साथ ही आयुक्त ने SLRM सेंटर में संचालित कचरा सेग्रीगेशन (गीला-सूखा एवं अन्य श्रेणियों में अपशिष्ट पृथक्करण) कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए सेग्रीगेशन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने SLRM सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को हाईटेक करने के निर्देश भी दिए, ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित एवं पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था में तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने कहा।
निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त डी के कोसरिया, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, नितेश मेश्राम, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, अशोक देवांगन, आशीष भारती, स्वस्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया , जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे ।
ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।
विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉंक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग 2302 ट्री गार्ड और लगभग 571 कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया है और यह अभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया है ।
रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने उक्त कार्य को पहली प्राथमिकता में रखकर करवाने सभी जोन कमिश्नरो समाजहित में पर्यावरण संरक्षण कार्य हेतु स्पष्ट निर्देशित किया।
रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें।
ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।
रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है ।
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- न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ डिजिटल न्याय एवं सामुदायिक मध्यस्थता को मिला नया आयाम
दुर्ग / जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के कर कमलों से नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु भूमिपूजन एवं Foundation Stone Laying Ceremony संपन्न हुई। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में जिले की महत्वपूर्ण पहलों का भी शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के साथ माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, माननीय न्यायाधिपति श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय न्यायाधिपति श्री विभु दत्त गुरु एवं माननीय न्यायाधिपति श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं उपस्थित माननीय न्यायाधीशगण का स्वागत करते हुए नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता, न्यायिक अधोसंरचना के विकास तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया। प्रस्तावित नवीन भवन से न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा न्यायार्थियों के लिए सुविधाओं में व्यापक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी सहित अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
'संधि सेतु' पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के अगले चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार की गई पुस्तक 'संधि सेतु' का माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा विमोचन किया गया। 'संधि सेतु' पुस्तक का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की अवधारणा को सामने लाना तथा विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण ग्रामीण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दस्तावेजीकृत करना है। यह पहल न्याय को केवल न्यायालय तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच संवाद एवं समझ के माध्यम से विवादों के समाधान की भावना को सशक्त करती है।
डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ एवं वीडियो प्रस्तुतीकरण
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का Launch एवं Video Presentation भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) एवं Court Fee Ticket Generation System का शुभारंभ / प्रस्तुतीकरण किया गया।
इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाना तथा न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को अधिक सुविधा प्रदान करना है।
मुख्य न्यायाधिपति का प्रेरणादायी उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधन में माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार तथा जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों तथा सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।
गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्तागण, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी संबंधितों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, 'संधि सेतु' का विमोचन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ-तीनों आयोजन दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आए। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग द्वारा आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा भी माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
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खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जारी किया निषेधात्मक आदेश
दुर्ग/ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला दुर्ग द्वारा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'फॉर्च्यून' (Fortune) ब्रांड के मैदा की बिक्री, भंडारण और वितरण पर संपूर्ण जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अभिहित अधिकारी श्री जितेंद्र कुमार नेते द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच प्रयोगशाला भोपाल से प्राप्त रिपोर्ट में बैच नंबर FAMD550059A (पैक्ड 500 ग्राम, निर्माण तिथि 28/02/2026) के सैंपल में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक (इंसेक्टिसाइड) पाया गया है, जिसके आधार पर इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत "असुरक्षित" घोषित किया गया है। प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों, थोक व खुदरा विक्रेताओं को उक्त संबंधित बैच के स्टॉक को बाजार से तत्काल वापस (रिकॉल) मंगाने और इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने या असुरक्षित उत्पाद का विक्रय जारी रखने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ा कानूनी संज्ञान लिया जाएगा। - -ईस्टर्न नेवल कमांड के एक अधिकारी और 10 विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम पहुंचेगी रायपुररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ब्लू वाटर दुर्घटना में खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम विशाखापट्टनम से छत्तीसगढ़ आएगी। यह टीम शनिवार को दोपहर दो - तीन बजे पहुंचेगी,इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू करेगी।ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम की इस विशेष टीम में एक अधिकारी और 10 नौसैनिक शामिल हैं, जिन्हें गोताखोरी एवं पानी के भीतर चलाए जाने वाले खोज और बचाव अभियानों में विशेष दक्षता प्राप्त है।मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित घटना की जानकारी मिलने के बाद हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोर दल की सहायता ली जा रही है।
- -भगवान शिव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामनारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पवित्र श्रावण मास की बेला पर राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित अपने निवास में सपरिवार भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्ण विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवारजन और भक्तजन उपस्थित थे।
- -योजना के प्रभाव का जमीनी दस्तावेज है ‘महतारी वंदन अभिनंदन’रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित इस पुस्तक में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, उनके अनुभवों और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को संकलित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के प्रकाशन पर पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को भी मजबूत किया है। यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। नियमित रूप से अपने खाते में राशि मिलने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता उसके लाभार्थियों के जीवन में दिखाई देने वाले परिवर्तन से मापी जाती है। ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ में योजना से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस तरह की पुस्तकें शासन की योजनाओं के सामाजिक प्रभाव को समझने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। योजना की 30 किश्तों के माध्यम से अब तक लगभग 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और आजीविका के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनकी संवेदनाओं को शब्द दिए गए हैं। किसी योजना का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए हितग्राहियों के बीच जाकर उनसे संवाद करना और उनके जीवन में आए बदलावों को समझना आवश्यक होता है।श्रीमती रजवाड़े ने कहा कि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलना, उनके अनुभवों को समझना, योजना से उनके जीवन में आए परिवर्तन का आकलन करना और फिर उन अनुभवों को पुस्तक के रूप में संजोना चुनौतीपूर्ण कार्य है। पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने इस पुस्तक के माध्यम से महतारी वंदन योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को जमीनी स्तर पर सामने लाने का सार्थक प्रयास किया है। उन्होंने लेखिका को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, श्री गौरी शंकर श्रीवास, सुश्री शताब्दी पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें - उप मुख्यमंत्री श्री साव-सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें-नगरीय निकायों को आने वाले 5 वर्षों के लिए कार्ययोजना बनाकर विकसित करें-हर गांव में मैदान हो और हर स्कूल से खिलाड़ी निकलेंमहासमुंद / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष महासमुंद में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, खेलकूद एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों की आवागमन सुविधा पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। सड़कों के मरम्मत के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उपकरणों के मदद से कार्याें को आसान बनाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर करने के पश्चात सचिवों और सरपंच की बैठक लेकर उन्हें संचालन की जानकारी दें एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाएं। सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू करें।नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, सड़क एवं नाली निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा शहरों के व्यवस्थित विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और नगरीय निकायों में स्वच्छता एवं जन सुविधाओं की नियमित निगरानी हो। उन्होंने अधोसंरचना मद 15वें वित्त के कार्य, नालंदा परिसर आदि के लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्षों के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। प्रधानमंत्री आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली पर भी विशेष ध्यान देवें। खेलकूद एवं कल्याण विभाग की समीक्षा में जिले में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने उपलब्ध खेल संसाधनों के बेहतर उपयोग और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं से खिलाड़ी तैयार करें। प्रत्येक बच्चे मैदान जाएं और खेलों में शामिल रहें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभागीय गतिविधियों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विभागवार कार्यों की वर्तमान स्थिति, पूर्ण हो चुके कार्यों तथा प्रगतिरत कार्यों से अवगत कराया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभाग की गतिविधियों और कार्ययोजनाओं की जानकारी उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जिले के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले डाकघरों के संचालन को लेकर विशेष व्यवस्था की है।23 अगस्त (रविवार) को रायपुर संभाग के सभी विभागीय डाकघरों—जिसमें प्रधान डाकघर (GPO), मुख्य डाकघर और उप-डाकघर शामिल हैं—के काउंटर आम जनता के लिए खुले रहेंगे, ताकि रक्षाबंधन के लिए राखियों की बुकिंग और प्रेषण का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।इसके अतिरिक्त, नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2026 (रविवार) को रायपुर प्रधान डाकघर (जीपीओ) में कार्यालयीन समय के दौरान आधार पंजीयन एवं अद्यतनीकरण (अपडेशन) का कार्य भी नियमित रूप से चालू रहेगा। डाक विभाग ने जन सामान्य से अपील की है कि वे रविवार को अपने निकटतम विभागीय डाकघर जाकर इन विशेष सुविधाओं का लाभ उठाएं।
- -न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ डिजिटल न्याय एवं सामुदायिक मध्यस्थता को मिला नया आयामरायपुर / जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के कर कमलों से नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु भूमिपूजन एवं Foundation Stone Laying Ceremony संपन्न हुई। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में जिले की महत्वपूर्ण पहलों का भी शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के साथ माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, माननीय न्यायाधिपति श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय न्यायाधिपति श्री विभु दत्त गुरु एवं माननीय न्यायाधिपति श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं उपस्थित माननीय न्यायाधीशगण का स्वागत करते हुए नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता, न्यायिक अधोसंरचना के विकास तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया। प्रस्तावित नवीन भवन से न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा न्यायार्थियों के लिए सुविधाओं में व्यापक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी सहित अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के अगले चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार की गई पुस्तक 'संधि सेतु' का माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा विमोचन किया गया। 'संधि सेतु' पुस्तक का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की अवधारणा को सामने लाना तथा विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण ग्रामीण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दस्तावेजीकृत करना है। यह पहल न्याय को केवल न्यायालय तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच संवाद एवं समझ के माध्यम से विवादों के समाधान की भावना को सशक्त करती है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का Launch एवं Video Presentation भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) एवं Court Fee Ticket Generation System का शुभारंभ / प्रस्तुतीकरण किया गया।इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाना तथा न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को अधिक सुविधा प्रदान करना है।कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधन में माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार तथा जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों तथा सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।कार्यक्रम के अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्तागण, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी संबंधितों के प्रति आभार व्यक्त किया।नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, 'संधि सेतु' का विमोचन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ-तीनों आयोजन दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आए। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग द्वारा आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा भी माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
- -छत्तीसगढ़ ट्रॉम्बे कुमुद के नाम से पहचानी जा रही यह किस्म पोषण एवं उत्पादन क्षमता की दृष्टि से महत्वपूर्णबिलासपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना के तहत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के वैज्ञानिकों ने गेहूं की एक नई बायोफोर्टिफाइड किस्म सीजी 1047 (छत्तीसगढ़ ट्रॉम्बे कुमुद) विकसित की है। इस किस्म की पहचान वर्ष 2025 में गेहूं वैज्ञानिकों की कार्यशाला में की गई थी। इसका विकास मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अधिसिंचित परिस्थितियों में गेहूं की खेती को ध्यान में रखते हुए किया गया है।सीजी 1047 के विकास में डॉ. अजय प्रकाश अग्रवाल, गेहूं वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस किस्म को लगभग दस वर्षों के सतत अनुसंधान के बाद विकसित किया गया। इस दौरान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। ट्रॉम्बे, मुंबई में इस किस्म की सूक्ष्म विशेषताओं का परीक्षण किया गया।सीजी 1047 की प्रमुख विशेषता इसकी बायोफोर्टिफाइड प्रकृति है। इसमें आयरन 41.7 पीपीएम, जिंक 41.7 पीपीएम तथा प्रोटीन 12 प्रतिशत से अधिक पाया गया है। इस कारण यह किस्म पोषण सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।किस्म की गुणवत्ता का आकलन करने पर इसका चपाती मेकिंग स्कोर 8.0/10 तथा बिस्किट स्प्रेडिंग फैक्टर 8.7/10 दर्ज किया गया है। इस वजह से यह किस्म चपाती बनाने के साथ-साथ बिस्किट निर्माण के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है।सीजी 1047 की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह 2–3 सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी अच्छी उत्पादकता देने की क्षमता रखती है। इसकी उत्पादन क्षमता अधिसिंचित अवस्था में लगभग 36.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है। समय पर बुवाई और बेहतर प्रबंधन के साथ इसकी अधिकतम उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।इस किस्म का पैरेंट एच.डब्ल्यू. 2004/पी.एस.एस. 725 है। पौधों की औसत ऊंचाई लगभग 85–90 सेंटीमीटर, 1000 दानों का वजन लगभग 41.5 ग्राम तथा फसल अवधि 107–110 दिन है। इसके दानों का रंग अम्बर (गेहुआं) है।सीजी 1047 की किस्म पहचान अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना की 65वीं कार्यशाला, जो 18 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित हुई, में की गई। कार्यशाला का आयोजन श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर से संबद्ध राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा, जयपुर में किया गया।किस्म की पहचान संबंधी प्रमाण-पत्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट के करकमलों से डॉ. दिनेश पाण्डेय, वरिष्ठ वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान) एवं प्रमुख अन्वेषक (एक्रीप व्हीट) तथा डॉ. अवनीत कुमार, वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) ने प्राप्त किया।इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी.के. यादव, अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी, सहायक महानिदेशक (पादप सुरक्षा एवं जैव सुरक्षा) डॉ. पूनम जसरोतिया तथा कुलपति, श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर डॉ. पी.एल. चौहान सहित अनेक कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।सीजी 1047 का विकास इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के दिशा-निर्देशन, संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा मुख्य वैज्ञानिक, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र बिलासपुर डॉ. संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना, बिलासपुर के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।इस किस्म के विकास में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे का निरंतर मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त डॉ. एस.के. सिन्हा, प्रमुख वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) व अधिष्ठाता राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, अंबिकापुर डॉ. सुनील नाग, प्रमुख वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन), कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. डी.जे. शर्मा, वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) तथा माधुरी ग्रेस मिंज, तकनीकी सहायक का भी परियोजना में महत्वपूर्ण सहयोग एवं योगदान रहा।सीजी 1047 का विकास छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों की दीर्घकालिक शोध क्षमता और टीम भावना का उल्लेखनीय उदाहरण है। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों में बेहतर उत्पादन, उच्च आयरन एवं जिंक सामग्री तथा अच्छी चपाती एवं बिस्किट गुणवत्ता जैसी विशेषताओं के कारण यह किस्म उत्पादन, पोषण और जल-संरक्षण—तीनों दृष्टियों से उपयोगी साबित हो सकती है। विशेष रूप से प्रायद्वीपीय एवं अधिसिंचित क्षेत्रों के किसानों के लिए यह किस्म गेहूं उत्पादन में एक नई संभावनाओं का द्वार खोल सकती है।
- -मुख्यमंत्री को विष्णु भैया कहकर, रक्षाबंधन की दी बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली एक साधारण गृहिणी आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड स्थित वनांचल ग्राम कुमुड़कट्टा की श्रीमती कुसुम सिन्हा ने राज्य सरकार की 'बिहान' योजना से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि आज एक सफल ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई है।श्रीमती कुसुम सिन्हा 'जय मां पहाड़ों वाली स्व-सहायता समूह' की अध्यक्ष हैं, जिसमें 12 महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। समूह के जरिए महिलाएं अचार, रंगोली और मौसमी उत्पादों का निर्माण करती हैं। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर समूह ने कुछ माह पहले से ही बड़े पैमाने पर पर्यावरण-अनुकूल और पारंपरिक राखियों का निर्माण शुरू किया था।कुसुम सिन्हा और उनके समूह द्वारा धान, चावल, गेहूं, मूंग, बांस और ऊन से तैयार की जा रही कलात्मक एवं इको-फ्रेंडली राखियों की भारी मांग बालोद सहित आसपास के कई जिलों में है। समूह द्वारा अब तक लगभग 12,000 राखियां बनाकर बेचा जा चुका है। इस सीजन में उन्हें राखी निर्माण से करीब 7 लाख रुपए तक की आय होने की उम्मीद है। आजीविका संवर्धन में उत्कृष्ट कार्य के लिए कुसुम सिन्हा को जिला एवं राज्य स्तर पर 'लखपति दीदी' के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अन्य ग्रामीण महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि घर से बाहर निकलकर स्वरोजगार अपनाने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में नई पहचान मिलती है।श्रीमती सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को अपने बड़े भाई के रूप में संबोधित करते हुए आभार जताया और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना और बिहान जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं—जो “बहनों की तरक्की, परिवार की शान - विष्णु भैया का यही अभियान” के ध्येय को साकार कर रहा है।
- -कार्ययोजना के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देशदुर्ग / विकसित भारत जी-राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा के लिए संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में राज्य कार्यालय से अपर विकास आयुक्त श्री वी.पी. तिर्की, उपायुक्त श्री नितेश उपाध्याय, उपायुक्त श्री चंद्रप्रकाश पात्रे सहित संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक में संभाग आयुक्त श्री राठौर ने ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क किनारे, धान खरीदी केंद्रों तथा शासकीय एवं अतिक्रमणमुक्त भूमि पर फलदार एवं छायादार पौधे लगाने के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त करने को कहा। बंद हैंडपंपों के आसपास सोक पिट निर्माण तथा सेमी क्रिटिकल एवं क्रिटिकल ब्लॉकों में जल संरक्षण से जुड़े अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के प्रथम चरण में विकसित भारत जी-राम जी योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्य से प्राप्त राशि के अनुरूप कार्यों की स्वीकृति एवं पूर्णता की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपलब्ध राशि का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। वित्तीय वर्ष के शेष लगभग सात माह की अवधि को ध्यान में रखते हुए कर्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मजदूरी एवं सामग्री मद में 60ः40 के अनुपात का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।अपर विकास आयुक्त श्री वी.पी. तिर्की ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी योजना पूर्णतः मांग आधारित योजना है। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कार्यों की स्वीकृति एवं संचालन किया जाए। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में मानव दिवस सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त कार्ययोजना तैयार करने के साथ बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, डिफेक्टिव बोरवेल रिचार्ज एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा गया। लंबित एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। संभाग आयुक्त ने प्रथम किस्त प्राप्त हितग्राहियों के आवास निर्माण में तेजी लाने तथा द्वितीय किस्त प्राप्त एवं जारी राशि के अनुरूप आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने तथा अधिक से अधिक प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों को आवास निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना का अन्य शासकीय योजनाओं से अभिसरण कर हितग्राहियों को अधिकाधिक लाभ दिलाने तथा आवास हितग्राहियों को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने एवं इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने अधिकारियों को विभागीय फाइलों को निर्धारित प्रक्रिया एवं माध्यम से ही आगे बढ़ाने तथा सभी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर दर्ज करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और समय पर कार्यों का मूल्यांकन कराने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही सरपंच सदन, महतारी सदन सहित अन्य निर्मित परिसंपत्तियों की उपयोगिता एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि इन परिसंपत्तियों का ग्रामीणों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, मांग के अनुरूप कार्य स्वीकृति, समयबद्ध पूर्णता, मानव दिवस सृजन, आवास निर्माण, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा निर्मित परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग एवं रखरखाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- -24 घंटे राशन की सुविधा, पारदर्शी वितरण से हितग्राहियों को मिल रहा पूरा अनाजदुर्ग /सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में तकनीक और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में दुर्ग जिले में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की गई है। शासन एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से गदा चौक के पास अंबेडकर चौक, सुपेला भिलाई स्थित पुराने वैशाली नगर थाना भवन में 8 अगस्त 2026 को ग्रेन एटीएम की स्थापना की गई। इस सुविधा से राशनकार्डधारियों को पारंपरिक राशन दुकानों की कतारों और समय की पाबंदी से राहत मिल रही है।ग्रेन एटीएम के माध्यम से दुर्ग जिले सहित अन्य स्थानों के राशनकार्डधारी अपनी सुविधानुसार चावल प्राप्त कर रहे हैं। मशीन से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में चावल का वितरण किया जाता है। इससे हितग्राहियों को तौल में किसी तरह की कमी की आशंका नहीं रहती और पूरी मात्रा में राशन प्राप्त होता है। दुर्ग जिले व बाहर के राशनकार्डधारी ग्रेन एटीएम से चावल शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें तौल में बिना कमी के पूरी मात्रा प्राप्त हो रही है।ग्रेन एटीएम की सुविधा 24×7उपलब्ध होने से दैनिक वेतनभोगी, मजदूर, महिलाएं एवं अन्य राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी राशन प्राप्त कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में कम समय लगने से हितग्राहियों के समय की भी बचत हो रही है। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए राशन वितरण होने से वितरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी हुई है। साथ ही राशनकार्डधारियों की उचित मूल्य दुकान संचालकों पर निर्भरता भी कम हुई है। तकनीक आधारित व्यवस्था से चावल की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में भी मदद मिल रही है। शासन द्वारा अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की सुविधा के संबंध में आम नागरिकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक राशनकार्डधारी इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें। ग्रेन एटीएम को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुगमता और तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- -12 महिला केंद्रों ने अलग- अलग राज्यों के उत्सव गीतों पर दी शानदार प्रस्तुतिरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में शनिवार देर शाम तक आयोजित सावन तीज महोत्सव में संपूर्ण भारत का दर्शन नजर आया। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से लेकर तेलंगाना, ओड़िशा और पंजाब की संस्कृति एक ही मंच पर नजर आई। कार्यक्रम का शुभारंभ तात्यापारा और सिविल लाइन केंद्र की महिलाओं ने सरस्वती वंदना के साथ किया। तीज महोत्सव का आयोजन बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभ नगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र की ओर से किया गया।भारत दर्शन कार्यक्रम में चौबे कॉलोनी केंद्र ने दक्षिण भारत, सडडू- मोवा ने गुजरात, न्यू राजेन्द्र नगर, कमल विहार ने राजस्थान, सुंदर नगर ने हरियाणा, सरोना ने कश्मीरी, शंकर नगर ने पंजाब, रोहणीपुरम ने संबलपुर (ओडिशा), डंगनिया ने महाराष्ट्र, कोटा ने छत्तीसगढ़, देवेंद्र नगर ने मध्यप्रदेश, अंवती विहार ने पश्चिम बंगाल और टाटीबंध केंद्र की महिलाओं ने केरल राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतरीन अपनी प्रस्तुति दी।पद्मश्री फूलबासन बाई ने मुख्य अतिथि की आसंदी से बेहद प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संवेदनशील संबोधन में शून्य से शुरू हुए जीवन संघर्ष का मार्मिक वर्णन करते हुए पद्मश्री होने, कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये जीतने और महिला उत्थान के लिए दशकों से किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले व महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने भी विभिन्न केंद्रों की बड़ी संख्या में उपस्थित महिला सभासदों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन किशोरी खंगन व आभार प्रदर्शन गीता दलाल ने किया।
- रायपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली में भाजपा के नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट, भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सोशल मीडिया राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के, प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय, अमित साहू, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए।
- - महाराष्ट्र मंडल में गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह में हर विधा की प्रतिभाओं का अभिनंदनरायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में रविवार, 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की ओर से डॉ. भालेराव स्मृति सम्मान, विद्यार्थी सम्मान, गौरव अलकंरण, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान, महिला उत्थान, समाज सेवा विशिष्ट कार्य करने वालों का मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सम्मान किया जाएगा।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लकपाले, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे।कार्यक्रम के संयोजक अजय पोतदार ने बताया कि समाजसेवा और महिला उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए शोभा मेहता, संस्थागत पुरस्कार की श्रेणी में उत्कृष्ट सेवाभावी संस्था के लिए नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी को गौरव अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आयुष्मान कालेले को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। डॉ. भालेराव स्मृति सम्मान की कड़ी में एमडी के लिए डॉ. सुशांत गांगे, एमबीबीएस के लिए डा. तनिशा श्री, उत्कृष्ठ नर्स के लिए डी अश्लेषम और 10वीं में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए ओजस पट्टेवार को सम्मानित किया जाएगा।नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटीनोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित एक प्रमुख गैर-सरकारी संस्था है, जो दो दशकों से वन्य जीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव-वन्य जीव द्वंद्व को कम करने के लिए लगातार समर्पित रूप से कार्य कर रही है। यह संगठन रायपुर और आसपास के जिलों में 24 घंटे स्नेक और एनिमल रेस्क्यू हेल्प लाइन संचालित करती है। रिहायशी इलाकों में सांप या अन्य जंगली जानवरों के निकलने पर इनकी टीम उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ती है। संस्था ने गरियाबंद जैसे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों को मिलाकर 'हाथी-मित्र दल' का गठन किया है, जो हाथियों के आने पर सुरक्षा और जागरूकता का काम करते हैं। नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी संस्था ने छत्तीसगढ़ के वन विभाग के साथ मिलकर राज्य में सांपों की प्रजातियों पर पहला व्यापक सर्वे किया था। इसमें सांपों की आठ नई प्रजातियों का पता लगाया गया था। इसके अलावा यह संस्था किंग कोबरा, चमगादड़ और राज्य पशु 'वन भैंसा' के संरक्षण और शोध पर भी कार्य कर रही है। संस्था द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और आदिवासी समुदायों के बीच जाकर पर्यावरण, बाघ संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व पर ईको-कैंप व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करती है।
- बिलासपुर /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर के तत्वावधान में जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त श्री अजय कौशिक एवं जिला मुख्य आयुक्त श्री राजेन्द्र साहू के निर्देशानुसार द्वितीय चरण में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल राजेंद्र नगर में ष्राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा पूर्वाभ्यास शिविर 2026 का आयोजन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी राज्य पुरस्कार परीक्षा हेतु गाइड्स एवं रेंजर्स को दक्षतापूर्वक तैयार करना था। जिले की विभिन्न शालाओं से पहुंची गाइड्स-रेंजर्स ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य पुरस्कार के मापदंडों के अनुसार समस्त दक्षताओं का अभ्यास कराया गया तथा विशेषज्ञों द्वारा लॉगबुक की गहन जांच कर व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया गया।शिविर में जिला सचिव सुश्री लता यादव ने सेवा भाव और स्काउट-गाइड आंदोलन के मूल्यों पर विस्तार से चर्चा कर प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में प्राचार्य श्री एम.एल. पटेल का विशेष सहयोग रहा।बैज परीक्षकों द्वारा ध्वज शिष्टाचार, परेड, नॉट-टाइंग, गणवेश, सैल्यूट, ड्रिल, प्राथमिक चिकित्सा, स्काउट-गाइड नियम, प्रतिज्ञा, प्रार्थना, झण्डागीत, संस्कृति एवं विरासत, संकेत प्रणाली एवं प्रवेश से लेकर राज्य पुरस्कार से जुड़े अन्य विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर को सफल बनाने में बैज परीक्षक श्रीमती पुष्पा शर्मा, सस्मिता शर्मा, रत्ना दास, डॉ. भारती दुबे, रत्ना कश्यप, रागिनी चौधरी, अपर्णा सारखेल, स्वाति हार्डीकर, शीला शर्मा, संध्या तिवारी, रेवती साहू, सुनीता भास्कर, ममता यादव, निधि कश्यप एवं कौशल्या साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई।शिविर संचालिका जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि तृतीय सोपान परीक्षा में उत्तीर्ण होने के उपरांत ही राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयन होता है तथा इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाता है और उस शिक्षा सत्र की बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस के रूप में प्रदान किए जाते हैं। डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि सभी गाइड्स-रेंजर्स आगामी परीक्षा को पूर्ण आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ दें। निरंतर अभ्यास के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अनुशासन व सेवा भाव को सर्वाेपरि रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।डॉ पूनम सिंह ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार बिलासपुर संभाग की राज्य पुरस्कार जाँच परीक्षा 30 अगस्त से 03 सितंबर 2026 तक कोरबा जिले के जेलगांव स्थित आदिवासी विकास विभाग हॉस्टल भवन, एजुकेशन हब, सीपेट परिसर में आयोजित होगी, जिसमें चयनित गाइड्स-रेंजर्स शामिल होंगे। शिविर को सफल बनाने में सभी बैज परीक्षकों एवं विद्यालयीन स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
- -गरीबों के आवास से लेकर भ्रष्टाचार तक के अपने शासनकाल का हिसाब दें पूर्व मुख्यमंत्री-बिना प्रमाण भाजपा पर आरोप लगाना भूपेश बघेल की राजनीतिक हताशा का प्रमाण : केदार कश्यपरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश बघेल लगातार झूठ, भ्रम और तथ्यहीन आरोपों की राजनीति कर रहे हैं। एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री आवास से लेकर स्कूल, पेपर लीक, ट्रांसफर, खनिज, शराब और सट्टे तक हर विषय पर आरोप लगा देने से उनके पांच साल के शासन की नाकामियां छिपने वाली नहीं हैं।मंत्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल भाजपा सरकार से सवाल पूछने से पहले अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब लेकर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने आएं। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस का शासन भी देखा है और उस दौरान गरीब, किसान, युवा और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर कांग्रेस सरकार का रवैया भी देखा है। आज विपक्ष में बैठकर जनता की चिंता का दिखावा करने से कांग्रेस के कार्यकाल की सच्चाई नहीं बदल जाएगी।श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास को लेकर भ्रम फैलाने से पहले भूपेश बघेल को यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गरीब परिवारों के आवास का मुद्दा लगातार क्यों अटका रहा। गरीब परिवार अपने पक्के मकान की प्रतीक्षा करते रहे और आज वही कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास बनाने में नाकामी के कारण भूपेश सरकार में उनके मंत्री ने इस्तीफा भी दे दिया था लेकिन भूपेश जी अड़े रहे कि क्योंकि योजना में प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा है इसलिए कांग्रेस सरकार आवास नहीं बनने देगी। जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पहली ही कैबिनेट में सभी आवासों की स्वीकृति दे दी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—हर पात्र गरीब परिवार को पक्की छत और सम्मानजनक जीवन मिले। उन्होंने कहा कि आवास के अलग-अलग चरणों, स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता के आंकड़ों को राजनीतिक लाभ के लिए मिलाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करना उचित नहीं है।पेपर लीक के मामले पर मंत्री कश्यप ने कहा कि किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता और युवाओं का भविष्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की जांच और तथ्य सामने आने से पहले ही नतीजे पर पहुंच जाने की भूपेश बघेल की हड़बड़ी दिखाती है कि कांग्रेस मानो जांच की घोषणा से डर गयी हो।उन्होंने कहा की सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। आरोपी गिरफ्तार कर लिये गए हैं। भूपेश बघेल द्वारा केवल भाजपा का नाम जोड़कर सनसनी पैदा करने की राजनीति नहीं चलेगी। हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—दोषी कोई भी हो, कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।”शिक्षा विभाग में कथित ‘ट्रांसफर उद्योग’ के आरोप पर श्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल को केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए। यदि किसी स्थानांतरण में अनियमितता की ठोस जानकारी उनके पास है तो सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने रखें।उन्होंने कहा कि बिना तथ्य और बिना प्रमाण हर प्रशासनिक निर्णय को भ्रष्टाचार से जोड़ना आसान है, लेकिन प्रदेश की जनता अब आरोपों की राजनीति को अच्छी तरह समझती है।स्कूलों की स्थिति पर लगाए गए आरोपों को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि पांच वर्षों तक प्रदेश की सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी। आज भूपेश बघेल जिन व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, उनमें से अनेक विषयों की जिम्मेदारी उनके शासनकाल में भी उन्हीं की सरकार के पास थी।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सिर्फ आंकड़े उछालकर भ्रम पैदा करने के बजाय कांग्रेस को बताना चाहिए कि पांच साल में उसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कहां पहुंचाया।खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भूपेश बघेल के आरोपों पर श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों और प्रदेश के हितों की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी विषय पर वास्तविक प्रभाव और तथ्यों का आकलन किए बिना राजनीतिक भय पैदा करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। सरकार प्रदेश के विकास, रोजगार और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है।श्री कश्यप ने कहा कि शराब और सट्टे जैसे विषयों पर आरोप लगाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री को अपने शासनकाल में इन विषयों को लेकर उठे सवालों को भी याद करना चाहिए। पांच साल सत्ता में रहते हुए जिन सवालों के जवाब कांग्रेस नहीं दे पाई, आज उन्हीं विषयों पर भाजपा को घेरने का प्रयास राजनीतिक अवसरवाद से अधिक कुछ नहीं है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल हर कुछ दिनों में आरोपों की नई सूची लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, लेकिन इससे कांग्रेस सरकार के पांच साल का रिकॉर्ड नहीं बदल सकता।उन्होंने कहा, “भूपेश बघेल जी को समझना चाहिए कि छत्तीसगढ़ की जनता राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, काम और परिणाम से सरकार का मूल्यांकन करती है। भाजपा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।”कांग्रेस जितना चाहे भ्रम फैलाए, भाजपा सरकार का जवाब स्पष्ट है—आरोपों का नहीं, विकास का रास्ता; भ्रम का नहीं, सुशासन का रास्ता। भूपेश बघेल पहले अपने पांच साल का हिसाब दें, उसके बाद भाजपा सरकार से सवाल करें।
- -टीम प्रहरी के बहनों ने जिम्मेदारी और अवसर देने के लिए अपने विष्णु भैया के प्रति जताया आभाररायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ‘टीम प्रहरी’ की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपना भाई मानते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए टीम की सदस्य श्रीमती पिंकी निहाल ने मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद किया।राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार यह भाव रक्षाबंधन के अवसर पर टीम प्रहरी की बहनों के शब्दों में साफ नजर आया। श्रीमती पिंकी निहाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, स्नेह और साथ के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं पर भरोसा जताकर उन्हें आगे बढ़ने और जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है, जिसके लिए वे उन्हें अपने भाई के रूप में धन्यवाद देती हैं।उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन आज महिलाओं को भी बराबरी के अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। टीम प्रहरी की महिलाओं ने भी मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ निभाया है। श्रीमती पिंकी निहाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने महिलाओं की क्षमता पर विश्वास जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी दी। यह विश्वास उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, “हम बहनें मुख्यमंत्री विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हैं।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान समिति' का गठन किया गया है। भारतीय जनता पार्टी की इस राष्ट्रीय समिति में छत्तीसगढ़ से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। समिति में श्री चौधरी के अलावा केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, गुजरात के उप मुख्यमंत्री हरीश सांगवी और भाजपा राष्ट्रीय मंत्री स्वदेश सिंह को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धि और उनके द्वारा चलाए जा रहे विकास अभियानों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ पूरे देश में कार्य करेगी। समिति के सभी कार्यक्रम और राष्ट्रव्यापी अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन के दिशा-निर्देशों में संचालित होंगे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देशरायपुर. । राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों हेतु कुल 9 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि जारी की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एल्डरमैन निधि की प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा जारी की गई है। इस मद से मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की अनुशंसा पर विकास कार्य किए जाते हैं । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। श्री साव ने नगरीय निकायों को इस निधि का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा राज्य के 10 नगर निगमों में एल्डरमैन निधि के कुल 2 करोड़ 7 लाख रुपए जारी किए गए हैं। 53 नगर पालिकाओं में कुल 3 करोड़ 93 लाख रुपए और 102 नगर पंचायतों में कुल 3 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि विभाग द्वारा जारी की गई है।
- -नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण, काउंसलिंग, कॉर्निया प्राप्ति, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण पर विशेष जोररायपुर ।क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान (RIO)एवं नेत्र रोग विभाग, पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा आज "नेत्रदान प्रक्रियाओं पर नवीनतम जानकारी” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन टेलीमेडिसिन हॉल, डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में किया गया।यह कार्यशाला प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नेत्र सहायक अधिकारियों एवं सहायक नेत्रदान अधिकारियों के लिए आयोजित की गई। स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा 32 जिलों से प्रतिभागियों का नामांकन किया गया तथा नामांकन अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।कुछ माह पूर्व चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने श्रीलंका में नेत्रदान की उच्च दर का उल्लेख करते हुए प्रदेश में नेत्रदान को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने विभाग को इस दिशा में ठोस पहल करने के लिए प्रेरित किया था। इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान द्वारा यह कार्यशाला आयोजित करने की पहल की गई। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (25 अगस्त से 8 सितम्बर) के प्रारंभ होने से पहले नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को व्यापक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित दाताओं के परिवारों की प्रभावी काउंसलिंग करने में सक्षम हो सकें।प्रशिक्षण के दौरान नेत्रदान हेतु शोकग्रस्त परिवारों से संवाद एवं काउंसलिंग, परिवार की आशंकाओं एवं भ्रांतियों का समाधान, डोनर चयन एवं मेडिकल स्क्रीनिंग, कॉर्निया प्राप्त करने की तकनीक, ऊतक संरक्षण, कोल्ड चेन एवं सुरक्षित परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।इसके साथ ही कन्सेंट फॉर्म ( Consent Forms), डेथ सर्टिफिकेट (Death Certificate) एवं आई बैंक रिकॉर्ड्स (Eye Bank Records) सहित आवश्यक दस्तावेजीकरण पर भी जानकारी दी गई। वास्तविक मामलों पर चर्चा, इंटरैक्टिव क्विज तथा महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा कठिन परिस्थितियों में परिवारों से संवाद एवं परामर्श हेतु रोल प्ले (Role - Play) के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी गई।कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहकर हैंड्स-ऑन एवं डेमोंस्ट्रेशन आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। एन्यूक्लिएशन (नेत्रगोलक निकालने) की वीडियो डेमोंस्ट्रेशन, इन-सिटू कॉर्नियोस्क्लेरल रिम की तैयारी एवं संरक्षण, काउंसलिंग सत्र, डॉक्यूमेंटेशन तथा मॉइस्ट चैंबर (Enucleation, in-situ corneoscleral rim retrieval, preservation, transport, counselling, documentation तथा moist chamber) तैयार करने की प्रक्रिया प्रदर्शित की गई।कार्यशाला के सफल आयोजन में महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही अधीक्षक डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, डॉ. संतोष सोनकर द्वारा कार्यशाला के लिए व्यवस्थागत सहयोग एवं अन्य संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं| सक्रिय प्रशासनिक सहयोग से इतने बड़े राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सुचारु संचालन संभव हो सका।क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान द्वारा सहयोग के लिए महाविद्यालय प्रशासन एवं चिकित्सालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि “इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि नेत्रदान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। अधिष्ठाता महोदय एवं अधीक्षक महोदय के सहयोग से हम इस पहल को प्रभावी रूप से साकार कर पाए हैं। यह सहयोग नेत्रदान को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को नई ऊर्जा देता है।”नेत्रदान की सफलता के लिए चिकित्सकों के साथ-साथ नेत्र सहायक अधिकारियों और सहायक नेत्रदान अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही स्वास्थ्यकर्मी संभावित दाता की पहचान, परिवार से संपर्क, काउंसलिंग, नेत्र प्राप्ति, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े से पहले आयोजित यह प्रशिक्षण प्रदेश में नेत्रदान की गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।कार्यशाला का समापन पोस्ट-टेस्ट एवं प्रतिभागियों से फीडबैक के साथ किया गया।कार्यशाला का संदेश यही रहा कि एक नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि और आशा का नया उजाला ला सकता है। प्रदेश में नेत्रदान की संस्कृति को मजबूत करने के लिए जन-जागरूकता के साथ-साथ प्रशिक्षित एवं संवेदनशील स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।







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