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- *वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश*बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का छमाही निरीक्षण किया। उन्होंने डबल लॉक व्यवस्था का भौतिक सत्यापन करने के साथ संबंधित पंजियों एवं अभिलेखों की जांच की और कोषालय के कामकाज की समीक्षा की।कलेक्टर ने स्टाम्प एवं टिकटों के संधारण, बिल पारित करने की प्रक्रिया, पेंशन भुगतान तथा लेखा संबंधी कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप करने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने तथा बिलों और पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री बसंत गुलेरी, सहायक कोषालय अधिकारी श्री सुजीत कुमार पात्रे, खजांची श्री ज्ञानू भारद्वाज, श्री के.के. यादव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर। विवाह पंजीयन की प्रक्रिया को सेवा सेतु पोर्टल ने सरल और सुविधाजनक बना दिया है। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम ठाकुरटोला निवासी नवविवाहित युगल दम्पति का विवाह पंजीयन आवेदन करने के महज चार दिन बाद अनुमोदित हो गया। ऑनलाइन आवेदन से प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक की यह प्रक्रिया नागरिक सेवाओं में डिजिटल व्यवस्था की उपयोगिता का उदाहरण है।नवविवाहित दम्पति श्री गणपत धुर्वे एवं श्रीमती हंसलेखा धुर्वे का विवाह 27 मार्च 2026 को हुआ था। विवाह पंजीयन के लिए उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया। संबंधित विवाह पंजीयक कार्यालय ने 20 अक्टूबर 2026 को आवेदन अनुमोदित कर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी किया।विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र मिलने से दंपति के पास अब अपने विवाह का आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध है। यह दस्तावेज विवाह संबंधी प्रमाण की आवश्यकता वाली विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उपयोगी होगा। आवेदन और अनुमोदन की तिथियों सहित पंजीयन का विवरण भी प्रमाण-पत्र में दर्ज है।सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को लोक सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिल रही है। श्री गणपत और श्रीमती हंसलेखा का चार दिन में विवाह पंजीयन होना बताता है कि डिजिटल माध्यम से शासकीय सेवाओं की प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए नागरिकों तक उनका लाभ पहुँचाया जा रहा है।
- 0- खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति किया गया जागरूकमहासमुंद. किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित एवं संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने महासमुंद जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत आज पांच स्थानों पर कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिले के विकासखंड महासमुंद के पिटियाझर, बागबाहरा के खल्लारी, बसना के अकोरी, पिथौरा के किशनपुर तथा सरायपाली के केना ग्राम पंचायत एवं सहकारी समितियों में आयोजित इन कार्यक्रमों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।कृषि विभाग द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध एवं असंतुलित उपयोग को कम करना, मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति किसानों और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है।कृषक चैपाल एवं संगोष्ठियों में कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य और जमीन की प्राकृतिक उपजाऊ क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की सेहत को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस दिशा में प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण हैं। किसानों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रमों के दौरान किसानों को हरी खाद, नील-हरित काई, जैव उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही यूरिया एवं डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उर्वरकों के उचित उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। किसानों को बताया गया कि उर्वरकों का चयन एवं उपयोग मिट्टी की आवश्यकता और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए।कृषि उप संचालक श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि 23 अक्टूबर को महासमंुद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम झालखम्हरिया, कनेकेरा, बागबाहरा अंतर्गत सिर्रीपठारीमुड़ा, सुखरीडबरी, पिथौरा अंतर्गत ग्राम अमलीडीह, कुम्हारीमुड़ा, बसना अंतर्गत ग्राम चनाट, बड़ेढाबा एवं सरायपाली अंतर्गत ग्राम कोटद्वारी एवं तोषगांव में कृषक चैपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।--
- 0- निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं तकनीकी मापदण्डों का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश0- सड़क की चौड़ाई, जीएसबी की मोटाई एवं लेवल की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहाराजनांदगांव। सचिव लोक निर्माण विभाग श्री मुकेश कुमार बंसल ने गुरुवार को राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य, ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल तथा ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित तकनीकी मापदण्डों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव श्री बंसल ने सड़क चौड़ीकरण कार्य के निरीक्षण के दौरान सड़क की चौड़ाई, लेवल एवं विभिन्न परतों के निर्माण की जानकारी ली। उन्होंने ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) की निर्धारित चौड़ाई एवं मोटाई की जांच करने तथा सड़क के लेवल एवं मार्किंग का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में तकनीकी मापदण्डों का कड़ाई से पालन करने तथा कमियों को तत्काल दूर करने को कहा।सचिव श्री बंसल ने ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर नीव, पिलर, कैप एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। पुल निर्माण में जल निकासी की समुचित व्यवस्था एवं तकनीकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक निर्माणाधीन सड़क के निरीक्षण के दौरान खुदाई, बेस निर्माण एवं अन्य कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने को कहा। साथ ही निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी एवं आवश्यक अभिलेखों का संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव श्री बंसल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ठेकेदारों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को कार्यालय के साथ-साथ निर्माण स्थलों पर नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने कहा। इस दौरान प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता दुर्ग परिक्षेत्र श्री एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता श्रीमती अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता सुश्री रितु खरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- कभी कच्चे मकान में मौसम की मार झेलने को मजबूर था परिवार, अब पक्की छत के नीचे मिल रही सुरक्षा और सुकून0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलावरायपुर। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का घर हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। लेकिन आर्थिक अभाव के कारण कई जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सपना वर्षों तक अधूरा रह जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम जनमन आवास योजना ऐसे ही परिवारों के सपनों को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों में इस योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंड्रापाठ निवासी श्री पहारु राम की कहानी भी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।श्री पहारु राम वर्षों से अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में जीवनयापन कर रहे थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण घर के भीतर रहना मुश्किल हो जाता था। सर्दियों में ठंडी हवाओं और गर्मियों में तेज तपन से परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वे चाहकर भी अपने परिवार के लिए पक्का मकान नहीं बना पा रहे थे। ऐसे में सुरक्षित घर की उनकी इच्छा केवल एक सपना बनकर रह गई थी।उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उनके आवास की स्वीकृति मिली। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता और निर्माण सामग्री की उपलब्धता से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। वर्षों से कच्चे मकान की परेशानियां झेल रहे पहारु राम और उनके परिवार को अब सुरक्षित आशियाना मिल गया है। आज उनका परिवार पक्के घर में सुकून और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।श्री पहारु राम बताते हैं कि पक्का मकान बन जाने से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले बारिश शुरू होते ही घर की चिंता सताने लगती थी, लेकिन अब मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का डर नहीं रहता। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित वातावरण में रह रहे हैं। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार मौसम की मार से सुरक्षित है। यह घर उनके लिए केवल चारदीवारी और छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुकून और सम्मान की नई पहचान है।अपने पक्के आवास का सपना पूरा होने पर श्री पहारु राम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार की वर्षों पुरानी चिंता दूर कर दी है और बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है।प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान की महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। योजना से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल रही है।जशपुर जैसे जनजातीय बहुल जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा रही है। पहारु राम का पक्का मकान इस बात का उदाहरण है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बसे परिवारों तक पहुंचने से उनके जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन आ सकता है। कभी कच्ची छत के नीचे कठिनाइयों से जूझने वाला यह परिवार आज अपने पक्के आशियाने में सुरक्षित भविष्य के सपने संजो रहा है।
- राजनांदगांव। समाज कल्याण विभाग द्वारा सामथ्र्य शासकीय बौद्धिक मंदता वाले बालक-बालिकाओं के विशेष विद्यालय परिसर राजनांदगांव में पात्र दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से 280 से अधिक दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को जीवन सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम में महापौर श्री मधुसूदन यादव ने सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महापौर ने कहा कि एक वर्ष के भीतर बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। यह पहल जरूरतमंद लोगों को लाभान्वित करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने भी संबोधित किया।उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी) के निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों, नगर पंचायतों एवं नगरीय निकायों में मूल्यांकन शिविरों का आयोजन किया गया था। इन शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हांकन किया गया। इसी क्रम में आयोजित वितरण शिविर में चिन्हांकित 280 से अधिक दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को 30 लाख रूपए से अधिक के सहायक उपकरण प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि जिले में 1 वर्ष में आयोजित शिविर के माध्यम से लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के सहायक उपकरण दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों को वितरित किए गए है। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, पार्षद श्री शिव वर्मा, पार्षद श्री शैंकी बग्गा, समाजसेवी श्री गौतम पारख, श्री हेमंत तिवारी एवं श्री प्रकाश सांखला सहित एलिम्को के राज्य समन्वयक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे।
- 0- बारिश में रूके कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने तथा कार्यों में तेजी लाने कहा0- दीवाली के पहले सभी श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के निर्देशरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने गुरुवार को राजनांदगांव में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राजनांदगांव जिले में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं लंबित सड़कों, पुल-पुलियों तथा भवन निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पुराने एवं लंबित निर्माण कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारिश के कारण रूके निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने गुणवत्ताहीन एवं समय-सीमा में कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लैक-लिस्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। राजनांदगांव के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।श्री बंसल ने सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कार्यों में आ रही तकनीकी एवं प्रशासकीय समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर निर्धारित तकनीकी मापदण्डों के अनुरूप कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए।श्री बंसल ने भवनों के निर्माण, मरम्मत एवं संधारण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनके कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों में संलग्न श्रमिकों को दीपावली त्यौहार से पहले मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान समय पर होना चाहिए तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्य नागरिकों की सुविधाओं एवं क्षेत्र के विकास से सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
- 0- 96.76 लाख के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन0- कहा- समाज का विकास ही शहर के विकास की पहली सीढ़ी, पौने तीन वर्षों में करीब 60 समाजों को मिली विकास कार्यों की सौगातरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन गुरुवार को कोरबा के ढोढ़ीपारा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न समाजों एवं वार्डों में विकास कार्यों की सौगात देते हुए कुल 96.76 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 15 अंतर्गत जीटी हॉस्टल, सीएसईबी के नहर पुल के समीप बरेठ समाज की मांग पर डीएमएफ मद से 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया गया। वहीं, वार्ड क्रमांक 18 कोहड़िया एवं आसपास के क्षेत्रों में 81.76 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि बीते पौने तीन वर्षों में कोरबा शहर के सभी समाजों की मांगों के अनुरूप विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लगभग 60 समाजों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है। आज बरेठ समाज को नए सामुदायिक भवन की सुविधा मिली है, वहीं कहरा समाज को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के सशक्त नेतृत्व में कोरबा में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। बीते तीन वर्षों में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत कार्य जल्द से जल्द धरातल पर उतरें और आम नागरिकों को उनका लाभ मिले। उन्होंने बताया कि आने वाले एक से दो महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी।इस दौरान उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री देवांगन ने विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी। लोकार्पण कार्य में वार्ड क्रमांक 15, जीटी हॉस्टल सीएसईबी के नहर पुल के समीप बरेठ समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण लगात राशि 15 लाख रुपये है। इसी तरह भूमिपूजन कार्य में वार्ड क्रमांक 18, कोहड़िया में मुक्तिधाम निर्माण एवं विकास कार्य जिसकी लागत राशि 48.61 लाख रुपये है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 18 में पचरी निर्माण कार्य — 6.60 लाख रुपये, वार्ड क्रमांक 18, बावापारा कोहड़िया में पचरी निर्माण कार्य — 6.57 लाख रुपये, वार्ड क्रमांक 18 में सामुदायिक भवन के समीप पेवर ब्लॉक, शेड एवं अतिरिक्त विकास कार्य — 9.98 लाख रुपये शामिल है। साथ ही कहरा मोहल्ला सामुदायिक भवन के समीप शौचालय, किचन शेड एवं सांस्कृतिक मंच निर्माण 10 लाख रुपये, 15 लाख रुपये के कार्य का लोकार्पण और 81.76 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने की तथा नगर निगम सभापति श्री नूतन ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने शुरू किया काम*
*प्रमुख मार्गों पर होगा डामर मजबूतीकरण, शहर के साथ ग्रामीण सड़कों की भी सुधरेगी स्थिति*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर बिलासपुर में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को सुधारने के लिए पैचवर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों पर डामरीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। इन कार्यों से नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामतला पहुंच मार्ग तथा महामाया चौक से सेंदरी मार्ग पर डामर मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इन मार्गों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर सड़क की सतह सुधारी जा रही है। बरसात में प्रभावित अन्य सड़कों पर भी पैचवर्क कर गड्ढे भरे जाएंगे।विभाग द्वारा छह प्रमुख मार्गों पर डामर मजबूतीकरण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इनमें राजेंद्र नगर चौक से तारबाहर चौक, महामाया चौक से देवकीनंदन चौक, नेहरू चौक से उसलापुर, संजय तरण पुष्कर से अग्रसेन चौक, पावरहाउस चौक से दर्रीघाट तथा सीपत से बलौदा मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों पर मजबूतीकरण से सड़क की सतह बेहतर होगी और वाहन चालकों को राहत मिलेगी।इसके अतिरिक्त सोन से सोनसरी मार्ग, मल्हार–चिल्हाटी मार्ग, जोंधरा–सोन–बसंतपुर मार्ग, खम्हरिया–सोठी–नवापारा मार्ग तथा पत्रकार कॉलोनी पहुंच मार्ग पर भी निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है। इन कार्यों से शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण अंचलों में भी आवागमन की सुविधा बेहतर होगी।सड़कों की मरम्मत और मजबूतीकरण से दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों एवं व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। क्षतिग्रस्त हिस्सों के सुधार से यातायात अधिक सुगम होने के साथ सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। - 0- नाना पाटेकर स्मरण से लेकर रेंगने वाले बच्चों की दौड़ तक बहुत कुछ खासरायपुर। 91वीं वर्षगांठ पर महाराष्ट्र मंडल तीन दिवसीय मराठी सोहळा (मेला) का भव्य शुभारंभ शुक्रवार 23 अक्टूबर को दोपहर 03:30 बजे किया जाएगा। मराठी मेले के पहले ही दिन रात 08:30 बजे पद्मश्री नाना पाटेकर पर आधारित विशेष कार्यक्रम ‘कुछ यादें, कुछ संवाद’ विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 2.30 से 3.45 बजे तक खेलकूद, आध्यात्मिक और साहित्य से जुड़े रोचक गेम्स होंगे। वहीं शाम चार से छह बजे तक 17 महिला केंद्रों के कार्यक्रम होंगे। उसके उपरांत सर्व मराठी समाज और महिलाओं के कार्यक्रम होंगे।शनिवार, 24 अक्टूबर को मेला सुबह 10 बजे शुरू होगा। दो आयु वर्गों में विभिन्न स्पर्धाओं को जीतने के लिए प्रतिभागियों में होड़ मचेगी। इसके साथ भूला बाई अर्थात साक्षात् माता पार्वती को समर्पित गीतों पर एक्ट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ दोपहर एक बजे से भाव मराठी की प्रस्तुति होगी। जिसके बाद क्रमशः वरिष्ठ जनों और बच्चों के लिए कार्यक्रम होंगे। सर्व छत्तीसगढ़ समाज के बीच संवाद होगा। शाम सात बजे से नाटक ‘केस नंबर 99’ का मंचन किया जाएगा।मराठी सोहळा के अंतिम दिन रविवार, 25 अक्टूबर को गोंधळ और उसके बाद नागरिक संवाद होगा। दोपहर एक बजे से रिश्तों में नोक झोंक की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रमों की कड़ी में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए वाद-विवाद और आजीवन सभासदों के लिए मोनो प्ले भी रखा गया है। शाम चार बजे से विभिन्न समितियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। वहीं शाम सात बजे मराठी मेले का समापन समारोह होगा। इसमें तीन दिनों में हुई विभिन्न स्पर्धाओं में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
- 0- 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरणदुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के द्वारा निर्वाचन नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के संबंध में समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगातथा निर्वाचक नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 12 नवम्बर 2026 को किया जाकर इसी तिथि से दिनांक 11 दिसंबर 2026 तक दावे / आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही की जाएगी। दिनांक 28 दिसम्बर 2026 तक दावे / आपत्ति के निराकरण पश्चात् दिनांक 04 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा ।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
- 0- राजनीतिक दलों की बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष मेंदुर्ग. नगर पालिका निर्वाचन 2026 के अंतर्गत नगर निगम भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरौदा एवं नगर पालिका परिषद जामुल के लिए 01 अक्टूबर 2026 अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचन नामावली तैयार करने के लिए समय-अनुसूची जारी की गई है। जारी आदेश के परिपालन में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन के उपरांत 23 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई है। इसके लिए राजनीतिक दलों से स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि को बैठक में उपस्थित होने को कहा गया है।
- दुर्ग. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई 24 अक्टूबर 2026 को अपने परिसर स्थित नालंदा हॉल में छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन करने जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार सारस्वत, पूर्व सदस्य, नीति आयोग; पूर्व सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग एवं महानिदेशक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा भारत सरकार के रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार, मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे और दीक्षांत भाषण देंगे। आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय समारोह की अध्यक्षता करेंगे।इस दीक्षांत समारोह में वर्ष 2026 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाले कुल 313 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। वर्ष 2026 के स्नातक बैच में 19 पीएचडी, 37 एमएससी, 79 एमटेक, 08 बीटेक (ऑनर्स) तथा 170 बीटेक के विद्यार्थी शामिल हैं। अपने बैच में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले बीटेक विद्यार्थी को संस्थान स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, शैक्षणिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों, दोनों क्षेत्रों में समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बीटेक और एमटेक के विद्यार्थियों को निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी कार्यक्रमों में समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाली सर्वश्रेष्ठ महिला विद्यार्थी को उत्कृष्ट महिला विद्यार्थी हेतु निदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न शाखाओं और कार्यक्रमों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीनेट पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।भारत सरकार की पहल ‘डिजिटल इंडिया’ के अनुरूप, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई भी सतत विकास तथा पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र प्रदान करता है। डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र भारत के किसी शैक्षणिक संस्थान में लागू की गई अपनी तरह की पहली पहल है। अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डिग्री प्रमाणपत्र दीक्षांत समारोह के दिन स्नातक विद्यार्थियों को पेन ड्राइव में प्रदान किया जाएगा।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई की स्थापना 7 अगस्त 2016 को हुई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था। 14 जून 2018 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संस्थान की आधारशिला रखी। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के अत्याधुनिक परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया। 27 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के फेज़-ठ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। 31 मई 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, छत्तीसगढ़ सरकार और दुर्ग नगर निगम के संयुक्त सहयोग से विकसित आईटी पार्क का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। यह राज्य का अपनी तरह का पहला आईटी पार्क है। इससे छत्तीसगढ़ में तकनीक, नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा राज्य में एक विश्वस्तरीय तकनीकी वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
- 0- पुराना गंजमंडी में राज्योत्सव का होगा आयोजनदुर्ग. राज्य गठन के उपलक्ष्य में शासन के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय दुर्ग में एक दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन 02 नवम्बर को पुराना गंजमंडी में किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजन की तैयारियों को लेकर समस्त जिला प्रमुख अधिकारियों की गुरूवार को कलेक्टोेरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत वर्ष आयोजित राज्योत्सव पर चर्चा की गई। साथ ही इस वर्ष भी जिले की गरिमा के अनुरूप 02 नवम्बर को एक दिवसीय राज्योत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। विगत वर्ष की भांति विभागीय अधिकारियों को कार्य दायित्व सौंपे गए है। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगायी जाएगी।उक्त प्रदर्शनी सशक्त नारी, युवा उड़ान के थीम पर होगी। आयोजन में स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। राज्योत्सव के उपलक्ष्य में सभी शासकीय भवनों में 01 से 03 नवम्बर तक रात्रि में रोशनी की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिये। बैठक में नगर निगम दुर्ग की आयुक्त सुश्री लीना कोसम, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल गुप्ता, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण श्री सोनाल डेविड सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- 26.60 किमी मार्ग का होगा उन्नयन, ₹24.06 करोड़ की लागत से डामरीकरण व पुल-पुलिया सहित होंगे विकास कार्यदुर्ग. दुर्ग जिले के महत्वपूर्ण कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक-21) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन का कार्य क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 26.60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के उन्नयन से सड़क की स्थिति बेहतर होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाने के लिए डामरीकरण सहित आवश्यक संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे।भौगोलिक संपर्क की दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश को जोड़ने के साथ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों एवं महत्वपूर्ण आवागमन केंद्रों के लिए संपर्क मार्ग के रूप में उपयोगी है। मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। इसके अलावा दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से राजधानी रायपुर की ओर आवागमन में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गतिमार्ग के सुदृढीकरण से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क से यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगी तथा समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को भी गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।26.60 किमी सड़क का होगा सुदृढ़ीकरणपरियोजना के तहत कुल 26.60 किमी मार्ग का सुदृढीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क पर 60 मिलीमीटर डीबीएम तथा 40 मिलीमीटर बीसी की डामरीकरण परत का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2 मीटर साइड शोल्डर का निर्माण प्रस्तावित है। इन कार्यों से सड़क की मजबूती, टिकाऊपन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा।कुल लागत और प्रशासनिक स्वीकृतिइस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹24 करोड़ 6 लाख 23 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति 24 नवंबर 2025 को जारी हुई थी, जबकि कार्यादेश 8 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।परियोजना से मिलेगा बहुआयामी लाभकिसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा। यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मार्ग के उन्नयन से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
- दुर्ग. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 18 पदों हेतु ऑनलाईन आवेदन मंगाया गया था। उक्त विज्ञापित पदों में से 10 पदों हेतु साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर - एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट एनयूएचएम, सिक्योरिटी गार्ड (आईसीयू), अकाउंटेंट (एनयूएचएम), फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) के अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों का दावा निराकरण उपरांत दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं अंतिम पात्र-अपात्र सूची बनाई गई है जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड किया गया है।दावा आपत्ति निराकरण उपरांत उक्त विज्ञापित पदों में से 08 पदों साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट - एनयूएचएम, फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) पर पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट अनुसार 1ः5 एवं 1ः10 के आधार पर कौशल परीक्षा हेतु सूची तैयार की गई है। जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड की किया गया है। उक्त पदों पर दिनांक 04 नवम्बर 2026 को आयोजित दस्तावेज सत्यापन एवं लिखित/कौशल परीक्षा हेतु परीक्षा समय सारिणी तिथि की सूचना प्रकाशित किया गया है। विस्तृत जानकारी दुर्ग जिलें की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता हैं।
- 0- अब 30 अक्टूबर 2026 तक भेज सकेंगे अपना नवाचार0 आपकी नवाचारी सोच दिला सकती है 10 लाख रूपए का पुरस्कार0- प्रत्येक क्षेत्र में पाँच विजेता, कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपएदुर्ग. सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पूर्व में आवेदन 17 अक्टूबर 2026 तक किए जाने थे, जिसे अब बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026’ कर दिया गया है। जो विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह और नवाचारी अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह एक और अवसर है।चैलेंज का उद्देश्य अपने आसपास की चुनौतियों को पहचानकर उनके लिए नए और व्यावहारिक नवाचारी समाधान सामने लाना है। इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक, स्टार्टअप, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम, कंपनियों, स्व-सहायता समूह, स्वयंसेवी संस्थाएँ तथा स्वतंत्र नवाचारी व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर भाग ले सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है, और केवल विचार के स्तर पर भी आवेदन किया जा सकता है।प्रत्येक विजेता को 10 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में पाँच विजेता होंगेः तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपए है।आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर किया जा सकता है। आवेदन में समस्या, समाधान और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम का विवरण और छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति अपलोड करनी होगी। एक नवाचार केवल एक बार, एक ही क्षेत्र और उप-विषय में भेजा जा सकेगा, दोहरे आवेदन निरस्त किए जाएँगे।
- 0-दुर्ग जिले में 5.89 करोड़ से बनेंगे 6 नए स्कूल भवन0-विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदमदुर्ग. जिले में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार अधोसंरचना विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग, दुर्ग संभाग दुर्ग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 नवीन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।इन कार्यों के लिए शासन द्वारा कुल 589.17 लाख रूपए अर्थात लगभग 5.89 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। पाटन, धमधा, दुर्ग और भिलाई क्षेत्र के इन भवनों को नवंबर-दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके। इनमें विकासखंड पाटन एवं धमधा सहित दुर्ग एवं भिलाई क्षेत्र के शासकीय स्कूल भवन शामिल हैं।लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वीकृत कार्यों में पाटन विकासखंड के तेलीगुंडरा में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, धमधा विकासखंड के खिलोराकला और देवरी में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन शामिल हैं। वहीं दुर्ग विकासखंड के पुलगांव और कैंप-02 भिलाई में शासकीय हाईस्कूल भवन तथा धमधा विकासखंड के मलपुरीकला में हाईस्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा। तेलीगुंडरा, खिलोराकला और देवरी में बनने वाले हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 121.16 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार तीनों भवनों के निर्माण पर कुल 363.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार पुलगांव, मलपुरीकला और कैंप-02 भिलाई में बनने वाले हाईस्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 75.23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। तीनों भवनों पर कुल 225.69 लाख रुपये खर्च होंगे।हायर सेकेंडरी स्कूलों में 9 क्लासरूम और दो प्रयोगशालाएंनिर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों में 9 क्लासरूम, भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के लिए पृथक प्रयोगशालाएं, प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय की सुविधा रहेगी। इससे कक्षा संचालन के साथ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए भी उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा।हाईस्कूलों में आर्ट और कंप्यूटर रूम की सुविधानवीन हाईस्कूल भवनों में 4 क्लासरूम, आर्ट रूम, कंप्यूटर रूम और लैब रूम का प्रावधान है। साथ ही प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय भी बनाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कला, कंप्यूटर एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों के लिए सुविधाएं मिलेंगी।नवीन स्कूल भवनों से विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरणइन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा जिले में शासकीय स्कूलों की अधोसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
- 0- 27 अक्टूबर दोपहर 2 बजे तक करा सकेंगे पंजीयनबालोद. जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग बालोद के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2026-27 का आयोजन 28 अक्टूबर 2026 को टाउन हॉल बालोद में किया जाना प्रस्तावित है। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि युवा उत्सव का उद्देश्य युवाओं के मध्य पारस्परिक एकीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा एकता की भावना को सुदृढ़ करना है, जिसके माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न विधाओं में अपनी कला, कौशल एवं रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसमें भाग लेने के इच्छुक युवा अथवा प्रतिभागी 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर 02 बजे तक कार्यालयीन दिवसों में कार्यालय कलेक्टर जिला बालोद, खेल एवं युवा कल्याण, कक्ष क्रमांक-67 संयुक्त जिला कार्यालय सिवनी में उपस्थित होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।आयु सीमा एवं पंजीयन प्रक्रियायुवा उत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए आयु सीमा 15 से 29 वर्ष तथा संगतकारों के लिए 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। एक प्रतिभागी केवल एक ही विधा में भाग ले सकेगा। इच्छुक प्रतिभागियों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन पंजीयन कराने के साथ-साथ ’माय भारत’ पोर्टल पर भी ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर नियमों के अनुसार चयनित विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।इन विधाओं में आयोजित होंगी प्रतियोगिताएंजिला स्तरीय युवा उत्सव में विकसित भारत चैलेंज ट्रैक, लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला (पेंटिंग), कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्रिएटिव यूथ रील चैलेंज (रील निर्माण) एवं पारंपरिक वेशभूषा जैसी विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विकसित भारत चैलेंज ट्रैक में दल के 6 सदस्य भाग लेंगे। लोक नृत्य एवं लोक गीत विधा में दल के 7-7 सदस्य तथा दोनों विधाओं में 3-3 संगतकार अतिरिक्त रूप से सम्मिलित हो सकेंगे, जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हो सकते हैं। चित्रकला एवं कविता लेखन में 2-2 विजेता प्रतिभागी निर्धारित किए गए हैं। कविता लेखन में प्रतिभागी को एक कविता लिखनी होगी, जिसके लिए अधिकतम 90 मिनट का समय दिया जाएगा, जिसमें कविता हिंदी, अंग्रेजी अथवा किसी भी भारतीय क्षेत्रीय भाषा में लिखी जा सकती है, लेकिन विषयवस्तु हिंसात्मक, आपराधिक अथवा आपत्तिजनक नहीं होनी चाहिए।नुक्कड़ नाटक, रील निर्माण एवं वेशभूषा प्रतियोगितानुक्कड़ नाटक विधा में एक दल में अधिकतम 10 सदस्य शामिल हो सकेंगे। क्रिएटिव यूथ रील चैलेंज के अंतर्गत प्रत्येक प्रतिभागी अधिकतम 60 सेकंड की एक मौलिक एवं रचनात्मक रील प्रस्तुत कर सकेगा, जिसकी थीम ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित छत्तीसगढ़’ निर्धारित की गई है। पारंपरिक वेशभूषा विधा में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके लिए प्रतिभागियों को अपनी साज-सज्जा की सामग्री स्वयं लानी होगी। इसके अलावा रॉकबैंड विधा का आयोजन केवल राज्य स्तरीय आयोजन में किया जाएगा, जिसमें 10 सदस्यीय दल को अधिकतम 20 मिनट का समय मिलेगा तथा इसमें ट्रैक या कैरोके पर गायन मान्य नहीं होगा। पंजीयन एवं अन्य विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय खेल एवं युवा कल्याण बालोद के कक्ष क्रमांक-67 में संपर्क किया जा सकता है।
- बालोद. भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देश पत्र के अनुसार फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के संदर्भ में कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के संबंध में जिले के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में एसएसआर के संबंध में निर्देशानुसार विस्तृत जानकारी व सुझाव राजनीतिक दलों को दिए गए। साथ ही मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में तैयार प्रस्ताव की जानकारी भी दी गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिवंश सिंह मिरी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और जिले की उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत करने के संबंध में सख्त निर्देश दिए।सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में पारदर्शिता रखने के निर्देशबैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत स्पेशल क्लोज्ड किए जा रहे प्रकरणों पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन प्रकरणों को गंभीरता से लें और शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करने के बाद ही उचित कार्रवाई करें।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रकरणों को बंद करने के लिए केवल औपचारिकता पूरी करना उचित नहीं है। प्रत्येक प्रकरण में शिकायत के निराकरण की वास्तविक स्थिति और उससे संबंधित तथ्यपरक कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए सभी विभाग शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें।अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देशसमय-सीमा की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित बैठकों में उपस्थित रहें और सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन करें। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यों में लापरवाही न बरतें।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र कुमार वैद्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, श्री हरिवंश सिंह मिरी, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री लवकेश कुमार ध्रुव , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- पीवी ऐप के माध्यम से किए जा रहे सर्वे का किया अवलोकन0- नगर पंचायत पलारी में डिजिटल सर्वेक्षण की परखी जमीनी हकीकत0- किसान के खेत में खसरा नंबर 291/6 का किया गया सत्यापनबालोद. शासन के डिजिटल कृषि सर्वेक्षण को प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जमीनी स्तर पर पहुंचकर फसल के भौतिक सत्यापन कार्य का जायजा लिया। इस दौरान वे गुरुर विकासखंड के नगर पंचायत पलारी के किसान श्री संतराम साहू, पिता श्री रामू राम साहू के खेत की मेड़ पर अरहर की फसल के बीच से गुजरते हुए पहुंचीं और स्वयं खेत में पीवी ऐप (1.6 वर्जन) के माध्यम से किए जा रहे फसल का भौतिक सत्यापन का अवलोकन किया। उन्होंने किसान के खसरा नंबर 291/6 में दर्ज फसल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने खेत में पहुंचकर डिजिटल ऐप के माध्यम से फसल की स्थिति का जायजा लिया। इसका उद्देश्य सर्वेक्षण के दौरान दर्ज की जा रही जानकारी और खेत में मौजूद फसल की वास्तविक स्थिति के बीच समानता सुनिश्चित करना है। डिजिटल तकनीक से फसल संबंधी आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।पलारी में लगभग 120 खसरों का सत्यापन शेषउल्लेखनीय है कि ग्राम पलारी में लगभग 120 खसरों का भौतिक सत्यापन कार्य अभी शेष है। सर्वेयर श्री दीपेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पीवी ऐप के नए 1.6 वर्जन के माध्यम से अगले दो दिनों के भीतर सभी शेष खसरा नंबरों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।कलेक्टर के निर्देशानुसार सत्यापन कार्य में तेजीकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण एवं भौतिक सत्यापन कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा स्वयं खेत तक पहुंचकर सत्यापन करना मैदानी कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे सर्वेक्षण कार्य में लगे मैदानी अमले को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सही एवं वास्तविक जानकारी दर्ज करने में मार्गदर्शन मिलेगा। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम गुरूर श्री शिवनाथ बघेल, तहसीलदार श्री हेमंत पैकरा, नायब तहसीलदार श्री रमेश मण्डावी, राजस्व निरीक्षक श्री छबिल कुमरे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।--
- 0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में सड़क अधोसंरचना को मिल रही मजबूती0- चरौदा–धरसींवा मार्ग के चौड़ीकरण से ग्रामीणों को मिलेगी राहत, यातायात होगा और सुरक्षित एवं व्यवस्थितरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में रायपुर जिले के महत्वपूर्ण चरौदा–धरसींवा मार्ग का चौड़ीकरण कर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 3.20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण से धरसींवा विकासखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिलेगी।चरौदा–धरसींवा मार्ग क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मार्ग पूर्व में रायपुर–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा रहा है। धरसींवा विकासखंड मुख्यालय के विभिन्न शासकीय कार्यालय इस मार्ग के दोनों ओर स्थित हैं। इसके साथ ही मुख्यालय की प्रमुख आवासीय बसाहट भी इसी मार्ग के आसपास विकसित हुई है। ऐसे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिकों, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं यात्रियों का इस मार्ग से आवागमन होता है।इस मार्ग से रायपुर–कवर्धा, रायपुर–सिमगा एवं रायपुर–बिलासपुर मार्गों पर संचालित यात्री बसों के साथ ही भारी एवं हल्के वाहनों का भी आवागमन होता है। यातायात के बढ़ते दबाव और सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने वाले ग्रामीणों, यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को परेशानी होती थी। सड़क के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होने के साथ ही क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री विशाल त्रिवेदी ने बताया कि चरौदा–धरसींवा मार्ग पर फोरलेन बिटुमिनस (बीटी) सड़क निर्माण का कार्य प्रगतिरत है। निर्माण कार्य के अंतर्गत डिवाइडर के दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी बीटी सड़क बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त मार्ग के दोनों ओर 1 मीटर चौड़ी एवं 1 मीटर गहरी नालियों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। सड़क के दोनों ओर 1.50 मीटर चौड़ाई के सीसी शोल्डर भी बनाए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था होने से बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या कम होगी। वहीं, डिवाइडरयुक्त चौड़ी सड़क से वाहनों का आवागमन अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो सकेगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए है।चरौदा–धरसींवा मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद धरसींवा विकासखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। शासकीय कार्यालयों तक पहुंच आसान होगी तथा यात्री बसों एवं अन्य वाहनों के संचालन में सुविधा बढ़ेगी। सड़क की चौड़ाई बढ़ने से यातायात का दबाव कम करने और दुर्घटनाओं की आशंका घटाने में भी मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के निर्माण से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि धरसींवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार एवं समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
- 0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, श्रीमती सुषमा जैन को हुई 2 लाख 90 हजार 700 रुपए की बचतरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय उनके लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित हो रहा है। इस पहल से न केवल महिलाओं को संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि परिवार में उनकी आर्थिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है।इसी कड़ी में रायपुर में श्रीमती सुषमा जैन को राज्य शासन की इस पहल का सीधा लाभ मिला है। उनके नाम पर प्लॉट की रजिस्ट्री कराने से पंजीयन शुल्क में लगभग 2 लाख 90 हजार 700 रुपए की बचत हुई। इतनी बड़ी राशि की बचत होने से उनके परिवार को आर्थिक राहत मिली है।श्रीमती सुषमा जैन बताती हैं कि वे लंबे समय से अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए संपत्ति में निवेश करने की योजना बना रही थीं। रायपुर में प्लॉट खरीदना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय था, लेकिन रजिस्ट्री शुल्क पर होने वाला अतिरिक्त खर्च चिंता का विषय बना हुआ था। ऐसे समय में राज्य शासन द्वारा महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई।श्रीमती जैन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रजिस्ट्री शुल्क में छूट मिलने से उन्हें लगभग 2 लाख 90 हजार 700 रुपए की बचत हुई है। यह राशि उनके परिवार की अन्य आवश्यकताओं और भविष्य के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा, "इतनी बड़ी राशि की बचत होने से मैं बेहद खुश हूं। महिलाओं के हित में इतना महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लेने के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद देती हूं।"
- -ओलंपियन सुरेंद्र सिंह की टीम ने ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को दी शिकस्त, केतन कुशवाहा बने स्ट्राइकर एवं प्लेयर ऑफ द मैच-महिला प्रदर्शनी मैच में इंद्रावती टाइग्रेस ने महानदी फाल्कन्स को 4-1 से हराया, कप्तान आंचल साहू ने दागे दो गोलरायपुर। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के उद्घाटन मुकाबले में भारतीय हॉकी के दो ओलंपियन खिलाड़ियों की टीमों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली। गुरुवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ओलंपियन सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराकर शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। न्यायधानी नाइट्स की ओर से चिराग और केतन कुशवाहा ने एक-एक गोल किया, जबकि राजधानी रॉयल्स की ओर से रौशन एकमात्र गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।मैच की शुरुआत से ही न्यायधानी नाइट्स ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले के 12वें मिनट में चिराग ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनके तेज फ्लिक को राजधानी रॉयल्स के पहले रशर और गोलकीपर हिमांशु मलिक रोकने में नाकाम रहे। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में केतन कुशवाहा ने शानदार मैदानी गोल कर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त 2-0 कर दी। केतन ने विपक्षी टीम के कुछ रक्षकों को छकाते हुए गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई।इसके ठीक एक मिनट बाद न्यायधानी नाइट्स को अपनी बढ़त और मजबूत करने का मौका मिला, लेकिन टीम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। दूसरी ओर, राजधानी रॉयल्स के कप्तान ललित उपाध्याय ने मिडफील्ड में आक्रामकता बढ़ाते हुए टीम को मुकाबले में वापस लाने का प्रयास किया। हालांकि, राजधानी रॉयल्स भी उसे मिले दुर्लभ पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा सकी।न्यायधानी नाइट्स के सुरेंद्र सिंह ने रक्षापंक्ति में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्षी खिलाड़ियों को डी क्षेत्र में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। न्यायधानी नाइट्स के रक्षकों ने लगातार बेहतरीन ढंग से गेंद को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकाला, जिसका असर स्कोर पर भी दिखाई दिया। दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में राजधानी रॉयल्स के अनिकेत कुजूर के लिए दिए गए पास को रोकने के प्रयास में सुरेंद्र सिंह के चेहरे पर चोट भी लगी।मुकाबले के दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यायधानी नाइट्स को संजीत तिर्की द्वारा स्टिक चेक किए जाने के कारण पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। इसके बाद मिले अगले मौके पर भी टीम को सफलता नहीं मिली। केतन कुशवाहा ने विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में लगातार गोल करने के प्रयास किए, लेकिन उनके शॉट्स में सटीकता की कमी रही। दूसरी ओर, तीसरे क्वार्टर में राजधानी रॉयल्स के खिलाड़ियों ने भी कई बार विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में प्रवेश किया, लेकिन अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी के कारण ये प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सके।चौथे क्वार्टर में खेल की गति कुछ धीमी रही। राजधानी रॉयल्स के सामने मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी, लेकिन टीम की अग्रिम पंक्ति प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सकी। गोल करने के कई अवसर गंवाने के कारण टीम पर दबाव बढ़ता गया। इसी क्वार्टर में मुकाबले के दौरान दूसरी बार खिलाड़ियों को चोट लगी। राजधानी रॉयल्स के पहले रशर प्रेमचंद सोय की न्यायधानी नाइट्स के चिराग से जोरदार टक्कर हो गई। दोनों खिलाड़ी मैदान पर गिर पड़े, जिसके कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा।इसके बाद मुकाबले में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ और न्यायधानी नाइट्स ने 2-1 से जीत दर्ज कर ली। पूरे मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले केतन कुशवाहा को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मुकाबला शाम 5:30 बजे मैनपाट टाइटंस और बैलाडीला बुल्स के बीच होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे चक्रधर चैंपियंस और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की टीमें आमने-सामने होंगी।*महिला प्रदर्शनी मैच में इंद्रावती टाइग्रेस की एकतरफा जीत, महानदी फाल्कन्स को 4-1 से हराया*छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के अंतर्गत गुरुवार को खेले गए महिला प्रदर्शनी मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस ने शानदार खेल दिखाते हुए महानदी फाल्कन्स को 4-1 से पराजित किया। इंद्रावती टाइग्रेस की कप्तान आंचल साहू ने दो गोल दागकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की ओर से लीना कोरसे और ममतेश्वरी लहरे ने भी एक-एक गोल किया। वहीं महानदी फाल्कन्स की ओर से रिया खलखो ने एकमात्र गोल किया।मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस का शुरू से ही दबदबा रहा। टीम ने लगभग 60 प्रतिशत समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। इसके विपरीत महानदी फाल्कन्स के खिलाड़ियों में तालमेल की कमी दिखाई दी। टीम की अग्रिम पंक्ति भी अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा सकी। बेहतर रणनीति, गेंद पर नियंत्रण और आक्रामक खेल की बदौलत इंद्रावती टाइग्रेस ने चार गोल दागकर एकतरफा जीत दर्ज की।*छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में*छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) प्रदेश की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करने और राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला संस्करण 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इनमें राजधानी रॉयल्स, बैलाडीला बुल्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं।प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 18 खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के तथा चार खिलाड़ी राज्य के बाहर के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के खेल तंत्र को मजबूत बनाना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और प्रदेश में राष्ट्रीय खेल हॉकी के निरंतर विकास को गति देना है।'चलो रे संगी, हॉकी खेलबो' के आकर्षक ध्येय वाक्य के साथ आयोजित यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में प्रदेश की बढ़ती आकांक्षाओं का उत्सव है।









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