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- दुर्ग। कारगिल विजय के अमर योद्धा एवं शहीद कौशल यादव की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भिलाई के हुडको स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद कौशल यादव के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए शहीद कौशल यादव द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और देश उनके अमूल्य योगदान का हमेशा ऋणी रहेगा।इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने शहीद कौशल यादव के परिजनों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके प्रति अपनी संवेदनाएँ और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और सरकार उनके साथ सदैव खड़ी है।कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कारगिल के वीर सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
- -मरीजों के लिए अस्पताल में जल्द ही एसडीपी की सुविधाबिलासपुर /कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से अत्याधुनिक ब्लड सेंटर के संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त हो गया है। यह महत्पपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग के सतत सहयोग एवं मागदर्शन से प्राप्त हुई है।अस्पताल में स्थापित यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर एनटीपीसी सीपत द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत निर्मित किया गया है। आधुनिक उपकरणों और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार यह रक्त केंद्र प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे उन्नत ब्लड सेंटर के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी स्थापना एवं विकास में संचालक प्राध्यापक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा ब्लड बैंक के क्षेत्र में उनके 25 वर्षों के अनुभव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस ब्लड सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पहला ऐसा केंद्र बनेगा, जहां सिंगल डोनर प्लेटलेट तैयार करने और मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा डेंगू, कैंसर, बोन मैरो प्रत्यारोपण, थैलेसीमिया और गंभीर रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के उपचार में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इससे मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकेंगी और निजी संस्थानों पर उनकी निर्भरता कम होगी।अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस ब्लड सेंटर का उद्देश्य केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त और रक्त अवयव उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय ट्रांसफ्यूजन सेवाएं प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीपी सुविधा की शुरुआत शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन तथा एनटीपीसी सीपत का आभार व्यक्त किया है। अस्पताल का मानना है कि यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर न केवल बिलासपुर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधा सिद्ध होगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगा।
- -महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कानबिलासपुर /मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बिलासपुर की सक्रिय पहल और विभागों की समयबद्ध कार्यवाही से लोगों को शीघ्र राहत मिल रही है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम धमनी में खराब पड़े सार्वजनिक हैंडपंप की महज आठ दिनों में मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना इसका एक प्रेरक उदाहरण है।ग्राम धमनी निवासी श्री राहुल यादव ने 28 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले का सार्वजनिक हैंडपंप लगभग दो माह से खराब होने के कारण पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।विभाग के तकनीकी दल ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और खराबी का परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 6 जुलाई 2026 को हैंडपंप को पूरी तरह दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को फिर से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया।शिकायतकर्ता ग्रामीण श्री राहुल यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से पूरे मोहल्ले को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निराकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों की दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कर उन्हें बेहतर और प्रभावी शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का सशक्त सेतु बनकर सुशासन की अवधारणा को मजबूत कर रही है।
- -खोंगसरा आदिवासी छात्रावास के विद्यार्थियों को जल्द मिलेगी आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई आवासीय व्यवस्थाबिलासपु / जिले के खोंगसरा स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के विद्यार्थियों को शीघ्र ही नए और आधुनिक छात्रावास भवन की सुविधा मिलने जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए भवन को 15 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने को कहा है, ताकि विद्यार्थियों को नए भवन में स्थानांतरित कर बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उल्लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 50 सीटर नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद छात्रावास का संचालन नए भवन में किया जाएगा। वर्तमान में छात्रावास में 24 विद्यार्थी निवासरत हैं, जिन्हें पुराने भवन के सुरक्षित कमरों में व्यवस्था कर उनकी सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।सहायक आयुक्त श्री संजय चंदेल ने बताया कि नए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। कार्य में तेजी लाकर इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भवन पूर्ण होते ही विद्यार्थियों को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में निर्माण कार्य मई-जून तक पूर्ण होने की संभावना को देखते हुए पुराने भवन में बड़े मरम्मत कार्य नहीं कराए गए थे। हालांकि निर्माण अवधि बढ़ने के बाद भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित कमरों में रखा गया है तथा नए भवन में शीघ्र स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रह रही है।नया छात्रावास शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर आवास, अध्ययन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- -कलेक्टर ने मलेरिया प्रभावित ग्रामों का किया निरीक्षण-स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण व्यवस्था की फील्ड पर समीक्षाबिलासपुर / जिले में मलेरिया की रोकथाम, समय पर उपचार तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने विकासखंड कोटा के मलेरिया प्रभावित ग्राम औरापानी, नवाडीह, मझगांव तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मलेरिया नियंत्रण, कुपोषण उन्मूलन और नियमित स्वास्थ्य निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम औरापानी में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया के तीन तथा नवाडीह में एक संक्रमित बच्चा चिन्हित हुआ है। सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार कर बेहतर चिकित्सा के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। कलेक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव पहुंचकर भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्वे, समय पर जांच तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने ग्राम मझगांव एवं औरापानी के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि कोई बच्चा नियमित रूप से विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आ रहा है तो उसके घर जाकर कारण की जानकारी लें तथा आवश्यकता होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर उपचार की व्यवस्था कराएं। उन्होंने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार, विशेषकर स्थानीय पोषणयुक्त "तिरंगा भोजन" अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।आंगनबाड़ी केंद्र मझगांव के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचकर परिजनों से चर्चा की और बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया। परिजनों ने अगले दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने की सहमति दी। कलेक्टर ने परिवार को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं बच्चों की समुचित देखभाल के प्रति जागरूक किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी गांव में मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक उपचार एवं नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सभी विभागों को सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।इस अवसर पर एसडीएम कोटा श्री प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, मलेरिया कंसल्टेंट, खंड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम कोटा, संबंधित सुपरवाइजर, सीएचओ, आरएचओ, मितानिन, ग्राम सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -नारायणपुर में मिनी राईस मिल से 4 लोगों को मिला रोजगाररायपुर ।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश के बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों के लिए अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का एक प्रमुख साधन बना है, जिसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है।मन में यदि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और शासकीय योजनाओं का सही मार्गदर्शन कैसे किसी साधारण महिला के जीवन को बदलकर उसे उद्यमी बना सकता है, इसकी जीवंत मिसाल पेश की है नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर ने। 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (PMEGP) का सहारा लेकर उन्होंने न केवल मिनी राईस मिल स्थापित की, बल्कि खुद को स्वावलंबी बनाते हुए अपने साथ-साथ चार अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा है।नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की तुलेन्द्री ठाकुर वर्षों से अपने पति श्री गजेन्द्र ठाकुर के साथ कृषि कार्यों में हाथ बंटाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। सीमित आय के कारण दो बच्चों की उच्च शिक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभाना एक बड़ा संकट था। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नारायणपुर के अधिकारियों की सलाह और मार्गदर्शन से उन्होंने PMEGP योजना के तहत आवेदन किया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (शाखा नारायणपुर) द्वारा उनकी 5 लाख रूपए की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 50 हजार रुपए का स्वयं का अंशदान तथा 4.50 लाख रूपए का बैंक ऋण शामिल था।वित्तीय सहायता मिलने के बाद तुलेन्द्री ने अपने गाँव में मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिल की शुरुआत की। इस इकाई में सोलर पॉलिशर और आधुनिक आटा चक्की लगाई गई है। आज यह मिल आसपास के दर्जनों गाँवों के किसानों के लिए धान कुटाई, चावल पॉलिशिंग और गेहूँ पिसाई का एक प्रमुख व भरोसेमंद केंद्र बन चुकी है।राईस मिल के संचालन से क्षेत्र के 4 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। धान प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले कोंडा को तेल निर्माण उद्योग हेतु और भूसे को ईंट निर्माण के लिए बेचा जाता है। इससे मिलने वाली अतिरिक्त आय से मिल के संचालन व्यय का कुशलतापूर्वक प्रबंधन हो जाता है। मिल संचालन से तुलेन्द्री को वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 2.40 लाख रूपए का शुद्ध लाभ हो रहा है। वे बैंक ऋण की बड़ी राशि का नियमित भुगतान कर चुकी हैं तथा योजना के तहत 35 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का लाभ भी प्राप्त कर रही हैं।शुरुआत में मशीनों के संचालन का अनुभव न होने के बावजूद तुलेन्द्री ने अपनी सीखने की ललक और दृढ़ इच्छाशक्ति से व्यवसाय में दक्षता हासिल की। अपनी इस सफलता का श्रेय वे छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा यूनियन बैंक को देती हैं। श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर कहती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और शासकीय योजनाओं का सही लाभ मिले, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार कर सकती है।
- -सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को मिली साइकिलेंरायपुर lसरस्वती साइकिल प्रदाय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक कल्याणकारी पहल हैl इस योजना के तहत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) परिवारों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है lछत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत कोण्डागांव जिले के मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मड़ानार में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मड़ानार, सोनाबाल और गोलावंड की 57 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं मर्दापाल में मर्दापाल, हसलनार, मटवाल, कांगा, नवागांव और खड़पड़ी की 181 छात्राओं को योजना का लाभ मिला।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शासन की सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। वन मंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। मंत्री श्री कश्यप ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के कारण देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि बस्तर के वीर सेनानियों का भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यार्थियों से उन्होंने देशभक्ति की भावना बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र तेजी से विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस परिवर्तन में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- - 1 वर्ष पूर्व मिले भटके हुए बालक का धीवर परिवार बिलासपुर में हुआ सफल फॉस्टर केयर प्लेसमेंटबालोद। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत प्रक्रियाओं को पूर्ण कर बालक समीर (बदला हुआ नाम) के पुर्नवास का आदेश (फॉस्टर केयर प्लेसमेंट) बिलासपुर जिले के रतनपुर के धीवर परिवार को अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा के द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने बालक और उसके भावी परिवार को शुभकामनाएँ एवं आर्शीवाद देते हुए उनके उज्जवल सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण भविष्य की कामना की।महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि विगत 01 वर्ष पूर्व समीर नाम का 09 वर्षीय बालक (बदला हुआ नाम) बालोद जिले के रेल्वे स्टेशन पर भटकता हुआ पाया गया। जिसे रेलवे पुलिस द्वारा तत्काल रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति जिला बालोद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बाल कल्याण समिति द्वारा तत्काल कानूनी प्रावधान अनुसार बालक के परिजनों को ढूंढने हेतु प्रयास किया गया। इस संबंध में राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाओं में ज्ञापन प्रकाशित कराया गया। किन्तु नियत अवधि तक बालक के माता-पिता एवं उसके परिजनों के बारे में जानकारी नही मिलने पर बालक कल्याण समिति द्वारा बालक के सामाजिक विकास एवं बालक के पालन पोषण एवं देखरेख हेतु ऐसे इच्छुक परिवार (फास्टर फेमली) को ढूंढने का प्रयास किया गया। जो बालक को स्वयं के सामर्थ से बेहतर देखरेख एवं सुरक्षा प्रदान कर सके। विगत 04 माह के निरंतर प्रयासों के पश्चात उक्त बालक के पालन पोषण के लिए बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार ने अपनी सहमति प्रदान की।किशोर न्यास अधिनियम 2015 के तहत समस्त औपचारिकताओं को पूरा कर बालक कल्याण समिति जिला बालोद द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई बालोद तथा सीईएसी के सहयोग से उक्त बालक समीर (बदला हुआ नाम) का पालन पोषण हेतु धीवर परिवार रतनपुर, बिलासपुर में पुर्नवास किया गया। इस अवसर पर बालक की उज्ज्वल भविष्य की सुखद कामनाएँ करते हुए बालक को उपहार भी भेंट किया गया। जिससे बालक नए परिवार के साथ सहज आत्मीयता के साथ अपने नये जीवन की शुरूवात कर सके। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति बालोद के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
- -कार्यक्रम की सराहना करते हुए रोपे गए पौधों की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने को कहाबालोद ।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 01 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू ’विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत आज जनपद पंचायत गुरूर के ग्राम पंचायत भेजामैदानी में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों को रोपे गए पौधों की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को विकास कार्यों के संबंध में आवेदन भी सौंपा। कलेक्टर ने ग्रामीणों के मांगों का प्राथमिकता के साथ पूरा करने का भी आश्वासन दिया।कार्यक्रम के दौरान योजना के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि भेजामैदानी के इस कार्यस्थल पर पूर्व में 05 एकड़ जमीन पर वृक्षारोपण किया गया था, जिसमें वर्तमान में 760 पौधे जीवित हैं। उल्लेखनीय है कि भेजामैदानी में कुल 554 पौधे रोपे जाएंगे। इन पौधों में मुख्य रूप से आम, अमरूद, जामुन, कटहल सहित अन्य फलदार व उपयोगी पौधे शामिल हैं। इस अवसर पर एसडीएम श्री आरके सोनकर, जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पन्नालाल धु्रव, जनपद सदस्य श्रीमती कौशल्या चंद्रवंशी, सरपंच श्रीमती रूद्राणी नेताम सहित पंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- बालोद । छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इसके अंतर्गत शहीद राजीव पांडे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, पंकज विक्रम सम्मान, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद विनोद चैबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि पुरस्कार तथा खेलवृत्ति (डाइटमनी) हेतु पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र खिलाड़ी गत वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के अपनी खेल उपलब्धियों के आधार पर 05 अगस्त 2026 तक वेबसाईट http//sportsyw.cg.gov.in आवेदन कर सकते हैं। जबकि नगद राशि पुरस्कार एवं डाइटमनी के आवेदन सीधे संचालनालय, खेल संघों अथवा जिला कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
- -जिले के जनप्रतिनिधियों ने सभी वर्ग के लोगों से इस महाअभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील-महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों ने पौधरोपण हेतु तैयारियां शुरू कीबालोद । बालोद जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 02 लाख 45 हजार महिलाओं के अलावा अन्य सभी महिलाओं तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों के द्वारा अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आयोजित इस महाभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगी। जिले के जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस पुनीत एवं महत्वपूर्ण कार्य की सराहना करते हुए जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा समाज के सभी वर्ग के लोगों से 30 जुलाई को आयोजित वृक्षारोपण अभियान के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की है।जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण एवं संर्वधन करना हम सबकी प्राथमिक जवाबदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जलशक्ति अभियान कार्यक्रम ’कैच द रैन’ के अंतर्गत वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन का जो लक्ष्य हमें दिया है। उसे पूरा करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के लगभग 02 लाख 45 हजार महिलाओं से गुरूवार 30 जुलाई को एक पेड़ महतारी मां के नाम से अनिवार्य रूप से पौध रोपण करने को कहा है। बालोद जिला प्रशासन के इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित बालोद जिले के लगभग 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों को गुरूवार 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान ’एक पेड़ मां के नाम’ से पौधरोपण कर रोपे गए पौधों की समुचित देखभाल करने की अपील की है। इसी तरह नगर पालिका परिषद बालोद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी ने भी बालोद जिला प्रशासन द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान की सराहना की है। श्री सोनी ने कहा कि गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का एक हिस्सा है। इस अवसर पर उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा जिले के सभी मातृ शक्तियों एवं बालिकाओं से भी जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु चलाए जा रहे इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है। इसी तरह जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं बालोद नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश यादव ने इस अभियान की सराहना करते हुए जिले के सभी मातृ शक्तियों से अपने घर, बाड़ी एवं अपने खेत के आसपास के शासकीय भूमि, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन पर अपने मां के नाम पर या अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के नाम पर अनिवार्य रूप से पौधा लगाकर उनकी समुचित सुरक्षा लेने को कहा है। श्री यादव ने कहा कि आपका छोटा सा प्रयास पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेगा। उल्लेखनीय है कि इस दौरान पौधरोपण हेतु सभी पौधे जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क आपके पंचायतों तक पहुँचाकर वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही पौधरोपण के दौरान पौधों के साथ अपनी फोटो सेल्फी लिंक पर अगर आप अपलोड किए जाने पर संबंधित व्यक्ति को पर्यावरण की संरक्षण में किए गए योगदानों के लिए एक प्रमाण पत्र भी प्राप्त होगा।
- -वृहद वृक्षारोपण अभियान में मातृ शक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित करने आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है पौधों का वितरणबालोद। बालोद जिला प्रशासन द्वारा 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान पहली बार आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने हेतु वन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभागों के द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिले में 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के दौरान जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के सभी हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं की पौधरोपण के पुनीत कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से उन्हें पौधा वितरित किया जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के अलावा 30 जुलाई को पौधरोपण करने के इच्छुक अन्य महिलाओं के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के कार्यकर्ताओं का पौधा वितरित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायतों से पौधा प्राप्त कर महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा 30 जुलाई को पौधरोपण करने वाले सभी महिलाओं को पौध वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। देश एवं प्रदेश में पहली बार आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के इस अभिनव इन महत्वपूर्ण अभियान को लेकर जिले के महिलाओं तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन के इस वृहद एवं महती अभियान में शामिल होकर अधिक से अधिक पौधरोपण करने हेतु महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा अन्य सभी महिलाओं ने अपने घरों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर इसकी तैयारियां भी प्रारंभ कर दी है।
- -कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर सफल आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की-महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद। बालोद जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु जिले में गुरूवार 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों की बैठक लेकर 30 जुलाई को आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं, बालिकाओं तथा जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों एवं समाज के सभी वर्गों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों सहित सभी वर्गों के लोगों के द्वारा अपने गांव, बाड़ी, खेत आंगनबाड़ी, पंचायत भवन एवं अन्य शासकीय भवनों तथा उपयुक्त स्थानों में ’एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ पर पौधरोपण किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को इसके लिए पौधों की समुचित उपलब्धता एवं अन्य सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में वन मण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारियों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों से विकासखण्डवार पौधरोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं पौधों की उपलब्धता के साथ-साथ अन्य सभी तैयारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को सूचीबद्ध कर उनके पास पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने अन्य महिलाओं तथा वृक्षारोपण के कार्य में सहभागिता निभाने वाले लोगों तक भी पौधोें की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित सभी हितग्राहियों के अलावा वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अन्य सभी लोगों को ग्राम पंचायतों के माध्यम से पौधों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों एवं अन्य सभी लोगों तक पौधे पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों एवं अन्य लोगों के पास पौधा पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही 30 जुलाई को पौधरोपण हेतु सभी लोगों के पास पौधे पहुँचा दी जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को पौधरोपण के सही तरीके के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने इसका उचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को पौधरोपण के साथ-साथ उसके सुरक्षा की भी समुचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को पौधरोपण करने वाले सभी लोगों को 30 जुलाई को पौधरोपण के पश्चात रोपे गए पौधों के साथ सेल्फी लेकर लिंक पर अपलोड करने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान करने की भी जानकारी अनिवार्य रूप से देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को 26 जुलाई तक वृक्षारोपण हेतु निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप से गड्ढों की खुदाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती ने 30 जुलाई को आयोजित इस महतारी वंदन योजना वृक्षारोपण अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की महिलाओं की भी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित शहरी क्षेत्रों से लाभान्वित एवं अन्य लोगों के पास पौधरोपण हेतु अपने घर में स्थान नही होने पर उन्हें निर्धारित स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा। उन्होंने जिला मुख्यालय बालोद के महिलाओं के पौधरोपण हेतु पर्यावरण पार्क बालोद में जगह निर्धारित करने की जानकारी दी। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों से 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान एवं महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान सफल बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिया। इस मौके पर वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने भी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफलतापूर्वक संपादित करने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए।
- - इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय- रक्तदाता संस्थाओं को मिलेगा एक चौथाई निःशुल्क रक्त का लाभ, कलेक्टर की नई पहल- नियमित रक्तदान शिविरों का वार्षिक कैलेंडर तैयार होगा- आईआईटी भिलाई के सहयोग से बनेगा मोबाइल एप, रक्तदान करने वाली संस्थाओं का रहेगा पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्डदुर्ग / इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा जिला चिकित्सालय में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कला मंदिर, सिविक सेंटर भिलाई जिला दुर्ग में ’रक्तदान-महादान’ विषय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक, व्यापारी संघ, महिला समूहों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी ने कहा कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में जनभागीदारी से सर्वसुविधायुक्त ब्लड बैंक का सफल संचालन किया जा रहा है। इस ब्लड बैंक के माध्यम से जिला चिकित्सालय में भर्ती गंभीर एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाता है, जिससे अनेक लोगों की जान बचाई जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे वर्ष के लिए नियमित रक्तदान शिविरों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करना है, ताकि प्रत्येक संस्था, संगठन एवं समाज रक्तदान शिविर आयोजित कर सके। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी ने बताया कि डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी भिलाई के सहयोग से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि किस संस्था या संगठन ने कितनी यूनिट रक्तदान किया है, वर्तमान में ब्लड बैंक में कितनी यूनिट रक्त उपलब्ध है तथा अन्य आवश्यक जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज रहेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि थैलेसीमिया, एनीमिया, सिकल सेल रोग, गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं जैसे गंभीर मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। वहीं अन्य मरीजों से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाता है।रक्तदाताओं एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर श्री सिंह ने एक नई पहल करते हुए कहा कि यदि कोई संस्था, समाज या संगठन रक्तदान करता है और उसके द्वारा अनुशंसित ऐसा व्यक्ति, जो शासन की निःशुल्क रक्त श्रेणी में शामिल नहीं है, रक्त की आवश्यकता होने पर उसे संस्था द्वारा प्रदाय किए गए रक्त में से एक चौथाई निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि किसी के जीवन को बचाने का संकल्प है। युवाओं को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने तथा समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करने में सभी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।बैठक में जिले के विभिन्न समाज प्रमुखों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस एवं अर्धसैनिक बल, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संगठनों, औद्योगिक संस्थानों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से रक्तदान अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए सुझाव और सहयोग का आह्वान किया गया। इस अवसर पर ब्लड बैंक के प्रभारी अधिकारी डॉ. एस.आर. चुरेन्द्र ने ब्लड बैंक दुर्ग की कार्यप्रणाली, रक्त की आवश्यकता तथा स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की। इस दौरान आभार प्रदर्शन श्री प्रमोद वाघ द्वारा किया गया।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई आयुक्त सुरूचि सिंह, डीआईजी सीआईएसएफ श्री अखिलेश कुमार शुक्ला, अपर कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रफुल्ल गुप्ता, तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु, जिला चिकित्सा अधिकारी एवं रेडक्रास सोसायटी सचिव श्री मनोज दानी, रेडक्रॉस दुर्ग अध्यक्ष श्री शरद पाटनकर, नोडल अधिकारी रेडक्रॉस डॉ.सी.बी.एस.बंजारे, प्रभारी अधिकारी ब्लड बैंक डॉ. एसआर चुरेन्द्र, कोषाध्यक्ष जिला प्रबंध समिति श्री प्रमोद वाघ, सीएमओ सेक्टर 9 हॉस्पिटल डॉ उदय, पुलिस बल के अधिकारी, बड़ी संख्या में संस्था/संगठन/ स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्था, विभिन्न समाज प्रमुख सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / "संवाद से समाधान, मध्यस्थता से सम्मान और सौहार्द से सशक्त समाज का निर्माण" के मूल उद्देश्य को साकार करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के प्रेरणादायी नेतृत्व में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी "Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India" स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा दिनांक 25 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय कम्यूनिटी मीडियेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के चतुर्थ तल स्थित नवीन सभागार में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के साथ किया गया।कम्यूनिटी मीडियेशन अर्थात् सामुदायिक मध्यस्थता ग्रामीण भारत में सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द एवं वैकल्पिक विवाद समाधान की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले सामाजिक, पारिवारिक, पड़ोसी, भूमि एवं अन्य सामुदायिक विवादों का न्यायालयों तक पहुँचने से पूर्व ही आपसी संवाद, सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" के निर्माण के संकल्प के साथ जिले के पांच ग्राम घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल का चयन किया गया है। इन ग्रामों से चयनित कुल 15 कम्यूनिटी मीडियेटर्स इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं, जिन्हें Potential Trainers द्वारा कम्यूनिटी मीडियेशन की संपूर्ण प्रक्रिया, उसके व्यावहारिक पक्षों एवं विवाद समाधान के कौशलों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् ये कम्यूनिटी मीडियेटर्स अपने-अपने ग्रामों में संवाद एवं मध्यस्थता की संस्कृति को सुदृढ़ करते हुए छोटे-छोटे विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे।उपरोक्त कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक समर्पित समन्वय समिति का गठन भी किया गया है, जिसमें स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा लकड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भूपेश कुमार बसंत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर, व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) सुश्री मुस्कान शर्मा एवं श्री पंकज शर्मा सम्मिलित हैं। यह समिति प्रशिक्षण कार्यक्रम की समस्त गतिविधियों के सुचारू संचालन, समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।इस महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी पहल के सफल आयोजन में जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग का भी बहुमूल्य एवं सराहनीय योगदान रहा है। अधिवक्ता संघ द्वारा प्रदान किया जा रहा सक्रिय सहयोग कम्यूनिटी मीडियेशन को जन-जन तक पहुँचाने तथा न्याय तक सरल एवं सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।उल्लेखनीय है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने हेतु मल्टी सेक्टोरियल एप्रोच (Multi-Sectoral Approach) को अपनाया गया है। इसके अंतर्गत राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जिला दुर्ग स्थित विधि महाविद्यालयों सुराना लाॅ काॅलेज, भारती लाॅ काॅलेज, कल्याण लाॅ काॅलेज एवं शंकराचार्य लाॅ काॅलेज के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs), स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी।
- -ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर सुनी समस्याएं, विकास कार्यों की दी सौगात-बच्चों को देखकर रुकवाया काफिला, खिलाई चॉकलेटरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार देर शाम कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी जंगल, कुम्हारी, खोलवा एवं टाटावाही का दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंच उनके साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनका तत्काल निराकरण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं करते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सिंघनपुरी जंगल में शीतला मंदिर परिसर के पास मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपए तथा बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की गई। वहीं सिंघनपुरी जंगल के आश्रित ग्राम कुम्हारी में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा उप मुख्यमंत्री ने की।उनके जनसम्पर्क दौरे के दौरान एक आत्मीय क्षण उस समय देखने को मिला, जब ग्राम सिंघनपुरी जंगल के कई बच्चे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के काफिले को देखने और उनसे मिलने को चौक पर खड़े दिखे। बच्चों को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और सभी बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की। इसके बाद वे बच्चों को स्थानीय दुकान तक ले गए और उन्हें चॉकलेट दिलाई।ग्राम पंचायत खोलवा में उप मुख्यमंत्री ने वीबी-जीरामजी के अंतर्गत नवीन आंगनबाड़ी भवन एवं डोम शेड निर्माण की घोषणा की। साथ ही खोलवा के आश्रित ग्राम कटोरी में आंगनबाड़ी भवन के पास समतलीकरण कार्य के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। इसी प्रकार ग्राम पंचायत टाटावाही के अंतर्गत धनौरा के वार्ड क्रमांक 13-14 में मंच निर्माण के लिए 5 लाख रुपए तथा शेड निर्माण के लिए 8 लाख रुपए की घोषणा की गई। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 14 में एक हैंडपंप स्थापना, वार्ड क्रमांक 10 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड तथा वार्ड क्रमांक 13 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण कराने की भी घोषणा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी साहू, लोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि श्री परदेशी पटेल, श्री लाला राम साहू, श्री परेतन वर्मा, श्री भूखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- -नवीन पंचायत भवन से ग्राम विकास को मिलेगी नई गति : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने जनसम्पर्क कार्यक्रम के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान अंतर्गत ग्राम खौड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवीन ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंचायत भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत भवन का बेहतर उपयोग करते हुए गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्री खम्हन ताम्रकार, सरपंच श्री जनेराम पटेल सहित श्री घम्मन साहू, श्री राजेश मेहता, श्री राकेश ठाकुर, श्री राजू जंघेल, पंचायत के पंच श्री हरी पटेल, श्री सुखदेव पटेल, श्री पेशी पटेल, श्री रामनाथ पटेल, श्रीमती उमा बाई यादव, श्रीमती इंदिरा बाई पटेल, श्रीमती जेठिया बाई पटेल, श्रीमती शांति बाई धुर्वे, श्रीमती भूरी बाई पटेल, श्रीमती चम्पू बाई पटेल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में दौड़ेंगे युवा और नागरिकरायपुर । अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है l बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। lअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर 'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है। रन फॉर इंद्रावती' मैराथन 29 जुलाई को प्रातः 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।आयोजकों ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, वन्यजीव प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर 'रन फॉर इंद्रावती' से जुड़ें और बाघों, वन्यजीवों तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
- -बड़े विद्युत संकट की घड़ी में संयंत्रों के शीघ्र पुनर्संचालन के लिए ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल सफलरायपुर । अंतर्राज्यीय ग्रिड ठप होने जैसी आपात स्थिति में बिजली व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने सफलतापूर्वक ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान बांगो जल विद्युत गृह के टरबाइन से तत्काल बिजली उत्पादन कर स्टार्ट-अप पावर को कोयला आधारित ताप विद्युत गृहों तक 32 मिनट में पहुंचाने में सफलता मिली। वहीं, पूरी ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया लगभग 41 मिनट में पूर्ण की गई।मॉक ड्रिल के दौरान ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला डंगनिया मुख्यालय स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। इस अभ्यास में ट्रांसमिशन, जनरेशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों ने समन्वित रूप से भाग लिया।ड्रिल के तहत हसदेव, हसदेव-बांगो, जमनीपाली तथा कोरबा पूर्व के चयनित विद्युत तंत्र को पृथक कर एक आइलैंडेड सब-सिस्टम तैयार किया गया। इसके बाद इस सब-सिस्टम पर नियंत्रित रूप से उत्पादन एवं विद्युत भार कम करते हुए इसे पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में लाया गया।इसके पश्चात बांगो जल विद्युत गृह में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट की सहायता से इकाई क्रमांक-1 को प्रारंभ कर सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से हसदेव, जमनीपाली होते हुए कोरबा पूर्व तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति बहाल की गई।मॉक ड्रिल के अगले चरण में 160 एमवीए ट्रांसफार्मर के माध्यम से 220 केवी प्रणाली को ऊर्जीकृत कर कोरबा पश्चिम तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति का विस्तार किया गया। निर्धारित क्रम के अनुसार जमनीपाली उपकेंद्र पर विद्युत भार जोड़ा गया तथा उसके अनुरूप बांगो इकाई क्रमांक-1 का उत्पादन बढ़ाया गया।अंतिम चरण में आइलैंडेड सब-सिस्टम का मुख्य ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइजेशन किया गया और सभी विद्युत उपकरणों पर सामान्य विद्युत व्यवस्था पुनः स्थापित कर दी गई। सिंक्रोनाइजेशन की पूरी प्रक्रिया में लगभग 41 मिनट लगे, जबकि बांगो से कोरबा पावर प्लांट तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति लगभग 32 मिनट में सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई।बांगो जल विद्युत संयंत्र प्रदेश का एकमात्र ब्लैक स्टार्ट सक्षम जल विद्युत संयंत्र है। इसकी स्थापित क्षमता 3×40 मेगावाट है। बड़े ग्रिड व्यवधान अथवा पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में यही संयंत्र अन्य उत्पादन इकाइयों के पुनर्संचालन के लिए आवश्यक स्टार्ट-अप पावर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक श्री सी. एल. नेताम, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, अधीक्षण अभियंता श्री संजय चौधरी तथा श्री अभिषेक जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सिलाई प्रशिक्षण ने दिया आत्मनिर्भरता का नया रास्ता, घर से शुरू किया सफल स्वरोजगाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी योजना का लाभ लेकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम मोहला की निवासी श्रीमती नीलिमा देवांगन ने अपने जीवन को नई दिशा दी है। आज वे अपने घर से सिलाई का सफल स्वरोजगार संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।श्रीमती नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की जानकारी उन्हें अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, मशीन संचालन, परिधानों की कटिंग एवं सिलाई सहित व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीलिमा ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से सिलाई का कार्य प्रारंभ किया और आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर रही हैं। स्वरोजगार के पहले ही माह से उन्हें लगभग 5 से 6 हजार रुपए प्रतिमाह की नियमित आय होने लगी। यह आय उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।नीलिमा देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें केवल एक हुनर ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं और भविष्य में अपने स्वरोजगार का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने की इच्छा रखती हैं।श्रीमती नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना युवाओं को हुनर के साथ आत्मविश्वास भी दे रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
- -आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए प्रारंभ से ही प्रभावी कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश-हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में सैनिटरी पैड प्रदाय के निर्देश-पीवीटीजी समुदाय के बच्चों को अगली कक्षाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवेश दिलाने के निर्देश-कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लीअम्बिकापुर । कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए प्रारंभ से ही सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए ताकि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके तथा आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और पढ़ाई से संबंधित गतिविधियों की सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देशित किया जिले के छात्र-छात्राएं मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें अब जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में ग्यारहवीं के छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी, पृथक कक्ष, बड़ी स्क्रीन सहित सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।उन्होंने रायपुर में नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे जिले के विद्यार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बार-बार प्रश्नों का अभ्यास कराया जाए तथा नियमित टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन बेहतर हो सके।कलेक्टर ने भवन विहीन एवं विद्युत विहीन विद्यालयों की जानकारी लेते हुए उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक कार्यवाही कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों एवं गणवेश की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए सभी पात्र विद्यार्थियों को समय पर पर्याप्त संख्या में वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।विद्यालयों में स्थापित न्यूज डेस्क की जानकारी लेते हुए कहा कि विद्यार्थियों में समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित की जाए, जिससे उनमें सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक विषयों की समझ बढ़े।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने 15वें वित्त की स्वच्छता मद से जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को सेनेटरी पैड प्रदाय कराने एवं बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री वसंत ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में डीएमएफ मद से 26 अतिथि व्याख्याताओं की स्वीकृति दी है, उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कलेक्टर ने शाला विकास समिति के माध्यम से अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने को कहा।बैठक में कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाए, जो इस वर्ष कक्षा पांचवीं, आठवीं, नवमीं एवं ग्यारहवीं में प्रवेश लेने वाले हैं। ऐसे सभी बच्चों का अगली कक्षाओं में प्राथमिकता के साथ प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय छोड़ने की स्थिति में है तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि पीवीटीजी समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है, इसलिए इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं।उन्होंने आंगनबाड़ी से कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले बच्चों की सूची संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर तथा आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन हायर सेकेंडरी विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हैं तथा अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त कक्ष निर्माण की कार्यवाही करने को कहा। वीबी जी राम जी योजना के तहत 300 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय एवं नगरीय क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी जा रही है।कलेक्टर श्री वसंत ने निशुल्क साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को साइकिल वितरित करने से पहले उसकी गुणवत्ता का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सके।बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र बन चुका है, उनका आधार कार्ड शीघ्र बनवाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के समन्वय से प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि पूर्ण हो रही है, उन्हें सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ, जीपीओ प्राधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह आयोजित समय-सीमा की पहली बैठक में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की अद्यतन जानकारी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं परिणाम मुखी बनाने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी तथा सभी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- -धान की प्रोत्साहन राशि से आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान रामसायअम्बिकापुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। योजना के तहत धान विक्रय करने वाले किसानों को दी जा रही धान की प्रोत्साहन राशि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। जिससे किसान आत्मनिर्भर और सशक्त बन रहे हैं।सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चकेरी के किसान श्री रामसाय के पास करीब 3.5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते हैं, इस वर्ष अपनी उपज का 69 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर सहकारी समिति में विक्रय किया। धान विक्रय के बाद उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 50 हजार की प्रोत्साहन राशि (बोनस) प्राप्त हुई। इस राशि में अपनी ओर से कुछ धनराशि जोड़कर उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा, जिससे उनकी खेती को नई गति मिली है।रामसाय बताते हैं कि पहले खेती के अधिकांश कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते थे। ट्रैक्टर उपलब्ध होने के बाद जुताई सहित खेती के अन्य कार्य समय पर और आसानी से होने लगे हैं। इससे दूसरों पर निर्भरता कम हुई है तथा खेती की लागत में भी कमी आई है। समय पर कृषि कार्य होने से उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है।उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना से किसानों को लाभ मिल हो रहा है। योजना से प्राप्त प्रोत्साहन राशि ने उन्हें आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने का अवसर दिया, जिससे खेती अधिक सुविधाजनक और फायदेमंद बन गई है। किसान रामसाय ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषक उन्नति योजना जैसी किसान हितैषी पहल से किसानों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ-साथ आधुनिक खेती अपनाने की नई प्रेरणा भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत बना चेक डेम किसानों के लिए साबित हुआ वरदान-भू-जल स्तर बढ़ा, 10 हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई, 1671 मानवदिवस का हुआ रोजगार सृजनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज जल संरक्षण, रोजगार सृजन और कृषि समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इस परियोजना ने न केवल वर्षा जल को संरक्षित किया है, बल्कि किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।ग्राम पंचायत राजपुर में भागवत के खेत के समीप निर्मित इस सामुदायिक चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख रुपए व्यय किए गए, जिसमें 2.79 लाख रुपए मजदूरी एवं 12.55 लाख रुपए सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से कुल 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई और अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पहले जहां वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, वहीं अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे भू-जल भंडार को समृद्ध कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर बनी रहती है।इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह तथा श्री केवल पचरू सहित अनेक किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ-साथ रबी और सब्जी फसलों की भी सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से उत्पादन में वृद्धि हुई है, खेती की लागत कम हुई है और किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है तथा इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यह संरचना जल संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत प्रदान करने तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक के अनुसार चेक डेम बनने के बाद वर्षा जल गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और किसानों को समय पर सिंचाई उपलब्ध हो जाती है। किसानों का कहना है कि अब फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है तथा खेती अधिक लाभकारी बन गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का एक सफल एवं प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। यह परियोजना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि यदि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा एवं नई दिशा दी जा सकती है।
- -30 जुलाई को प्रदेश में पहली बार आयोजित होगा ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’-महतारी वंदन योजना की लाखों हितग्राही महिलाओं के साथ समाज के सभी वर्गों की होगी सहभागिता-आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पौधों का वितरण, व्यापक तैयारियों में जुटा प्रशासनरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रदेश में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य मातृशक्ति को पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बालोद जिला प्रशासन ने इस अभियान की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। वन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 45 हजार महिलाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं तथा अन्य इच्छुक महिलाओं को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पौधे उपलब्ध करा रही हैं, ताकि प्रत्येक महिला 30 जुलाई को अपने घर, आंगनबाड़ी अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधरोपण कर सके। महिलाओं ने भी इस महाअभियान को लेकर उत्साहपूर्वक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।अभियान के अंतर्गत पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद हितग्राही निर्धारित सेल्फी लिंक पर पौधे के साथ अपनी तस्वीर अपलोड कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ मातृशक्ति, प्रकृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।
- -पोषण वाटिका, न्योता भोजन और पौधारोपण से बच्चों को मिली व्यवहारिक शिक्षा, मध्यान्ह भोजन में शामिल होंगी ताजी सब्जियांरायपुर । छत्तीसगढ़ में विद्यालयों को शिक्षा के साथ पोषण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने की दिशा में सूरजपुर जिले ने बैगलेस डे पर उल्लेखनीय पहल की। जिले के लगभग 500 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ पोषण वाटिका निर्माण, न्योता भोजन, अतिरिक्त पूरक पोषण आहार वितरण तथा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान का आयोजन किया गया। इस अभिनव पहल में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत विद्यालय परिसरों में सेमी, लौकी, बरबट्टी, खीरा, तरोई सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों का रोपण किया गया। इन पोषण वाटिकाओं में तैयार होने वाली ताजी सब्जियों का उपयोग प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने के साथ प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और पोषण के प्रति व्यवहारिक समझ भी विकसित होगी।बैगलेस डे के अवसर पर अनेक विद्यालयों में "न्योता भोजन" का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने बच्चों के लिए फल, मिठाई एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया। वहीं "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और पौधों की देखभाल का संकल्प लिया गया।जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती लता बेक ने कहा कि बैगलेस डे केवल पुस्तकों से अलग एक दिन नहीं, बल्कि बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल, सामुदायिक सहयोग, श्रम का सम्मान और प्रकृति से जुड़ाव सिखाने का प्रभावी माध्यम है। सूरजपुर का यह नवाचार शिक्षा, पोषण और जनसहभागिता के समन्वित मॉडल के रूप में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।





















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