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- - संध्या शर्माकेला न्यूट्रिशन का भंडार है और ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट इसे रोजाना खाने की सलाह देते हैं। फाइबर से लेकर पोटैशियम जैसे जरूरी पोषण तत्वों के लिए केला खाना फायदेमंद है। लेकिन सबसे ज्यादा समस्या केले के स्टोरेज को लेकर होती है। अक्सर केला एक रात में ही पककर गल जाता है और खाने लायक नहीं रह जाता है। नवरात्रि में व्रत में खाने और देवी मां को भोग लगाने के लिए फलों में केला जरूर आता है। लेकिन इसे आप इसलिए नहीं खरीदते कि ये जल्दी से खराब हो जाता है तो जान लें केले को स्टोर करने का आसान तरीका।केले को गलकर खराब होने से बचाने के लिए फॉलो करें ये टिप्सकेले को धो देंकेले को मार्केट से लाने के बाद छिलका सहित धो दें। ऐसा करने से केले के ऊपर लगे केमिकल धुल जाते हैं और उसके पकने का प्रोसेस रुक जाता है। ऐसा करने से भले ही छिलके काले पड़ते दिखें लेकिन अंदर से केला कड़क और खाने लायक ही रहता है।कब फ्रिज में रखें केलाकेले को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए। अगर केला ज्यादा पक गया है तो उसे फ्रीजर में स्टोर कर दें। ऐसा करने से केले के पकने का प्रोसेस रुक जाता है और वो खाने लायक बना रहता है।केले को टांगकर रखेंअगर बहुत ज्यादा पका केला नहीं तो ये 6 दिन तक घर में रखकर खाने लायक रहता है। लेकिन ज्यादा पका केला तीन से चार दिन तक ही चलता है।रूम टेंपरेचर पर रखेंकेले को खाने लायक रखना है तो उसे कमरे के नॉर्मल टेंपरेचर पर रखें। गर्माहट और साधी धूप से बचाएं। नहीं तो केला तेजी से पककर काला पड़ जाएगा।केले की डंठल पर लगा दें प्लास्टिककेले की डंठल को प्लास्टिक से रैप कर दें। ऐसा करने से केला जल्दी पककर गलेगा नहीं और खाने लायक बना रहेगा।केले को दूसरे फलों के साथ ना रखेंकेले को रखते वक्त ध्यान रहे कि इसे दूसरे केलों के साथ भूलकर भी ना रखें।
- -सीमा उपाध्यायखाने का स्वाद आपकी सब्जियों पर भी डिपेंड करता है। ताजी, हरी और लोकल मार्केट से खरीदी गई देसी सब्जी का स्वाद बिल्कुल अलग होता है। जो आपको सुपरमार्केट या पैकेट में बंद सब्जियों में शायद ही मिले। कई बार तो लोकल मार्केट में भी सब्जियों को दो वैराइटी मिलती है। जिसे देखकर अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं और सब्जियों का चुनाव उसकी शक्ल से करते हैं। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि खाने में स्वाद और न्यूट्रीशन दोनों मिले तो टमाटर, प्याज से लेकर खीरा जैसी चीजों को खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें।टमाटरमार्केट में हमेशा दो तरह के टमाटर मिलते हैं। एक गोल आकार का और एक लंबे, ओवल शेप का। ज्यादातर लोग ओवल शेप वाले टमाटर खरीदते हैं क्योंकि ये ज्यादा कड़क और सुंदर दिखते हैं। जबकि अगर आप टमाटर का स्वाद चाहते हैं तो देसी वैराइटी वाले गोल टमाटरों को खरीदना चाहिए। इसमे टमाटरों का टेस्ट पता चलता है।प्याजहल्के रंग और पतले छिलके वाले प्याज का टेस्ट डार्क कलर वाले प्याज के छिलके से बेहतर होता है। इसे आप सलाद से लेकर ग्रेवी में आसानी से खा सकते हैं। वहीं जिन प्याज का छिलका मोटा होता है और किनारे ओपन होते हैं, वो स्वाद में ज्यादा तीखे होते हैं।खीरा चुनते समय ध्यान रखें ये बातजब भी मार्केट में खीरा खरीदने जाएं तो हल्के हरे रंग और उन पर बनी हल्की पीली सा धारी वाले खीरे को ही खरीदें। ये लोकल मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं और ये लोकल वैराइटी के होते हैं। जिसमे वाटर कंटेंट ज्यादा होता है और हेल्थ के लिए अच्छा रहता है। वहीं डार्क ग्रीन, शाइन करने वाले और मुलायम खीरे अच्छे नहीं होते हैं।अदरक कैसे चुनेंमार्केट में हाइब्रिड क्वालिटी की सब्जियां ज्यादा मिलती है। सेहतमंद खाना चाहते हैं तो हमेशा देसी या लोकल वैराइटी को ही चुनें। जो अदरक पतली, आड़ी-टेढ़ी और डार्क कलर की होगी। उसमे ज्यादा रेशे होंगे वो स्वाद और महक के मामले में ज्यादा बेहतरीन होगी। वहीं हल्के रंग की मोटी और ज्यादा साफ नजर आने वाली, जिसमे रेशा नहीं होता ऐसी अदरक का स्वाद और महक काफी कम होते हैं।
- - संध्या शर्मागुजरात की फेमस डिश ढोकला को पूरे भारत में बड़े चाव के साथ खाया जाता है। कम तेल में बनने वाली इस डिश को हर कोई अलग-अलग तरह से बनाना पसंद करता है। गुजरात में इसे खमीर उठे चावल और दाल के घोल से बनाया जाता है। हालांकि, इसे आप बेसन के साथ भी बना सकते हैं। गुजरात में बेसन से बनने वाले ढोकला को खमन कहा जाता है। ज्यादातर लोग इसे घर पर बनाना पसंद करते हैं। लेकिन उनकी शिकायत रहती है कि घर का बना ढोकला टाइट और कच्चा रह जाता है। ऐसे में बाजार जैसा सॉफ्ट-स्पंजी ढोकला बनाने के लिए यहां बताई टिप्स को अपनाएं।सही मात्रा में लेना है बहुत जरूरीढोकला बेसन से बनाया जाता है। इसे सॉफ्ट और मुलायम बनाने के लिए इसमें सूजी मिलाई जा सकती है। बेसन के साथ थोड़ी मात्रा में सूजी मिलाने से ढोकला स्पंजी बनता है।सॉफ्ट बनाने के लिए फर्मेंटेशन है जरूरीबहुत सी महिलाएं शिकायत करती हैं कि घर का बना ढोकला काफी टाइट हो जाता है। घर पर बाजार जैसा सॉफ्ट-स्पंजी बनाने के लिए फर्मेंटेशन जरूरी है। इसके लिए बैटर को घोलने के बाद कम से कम 30 से 40 मिनट के लिए रखें। या फिर सोड़ा का इस्तेमाल करें।फेंटने से मिलेगा बेहतर टेक्सचरबैटर को अच्छे से फेंटना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि आप बैटर को कई बार फेंटें। ऐसा करने से ढोकला को एक चिकना और मुलायम बनावट मिलती है। इसके अलावा ऐसा करने से बैटर में कोई गांठ भी नहीं रहती।इस टिप से नहीं रहेगा कच्चाढोकला अगर गीला हो जाता है तो वह कच्चा रह जाता है। इसलिए गीला होने से बचाने के लिए स्टीमर के ढक्कन को तौलिए से ढक दें या फिर ढोकला को एल्युमिनियम फॉइल से ढक दें। ये दो तरकीबें ढक्कन पर जमा हुए पदार्थ को ढोकला पर गिरने से रोकती हैं और उसे गीला होने से बचाती हैं।
- -सीमा उपाध्यायहरा धनिया उन चुनिंदा चीजों में से एक है जिसका इस्तेमाल जब तक रोजाना के खाने में ना हो, तब तक स्वाद कुछ अधूरा सा ही रहता है। दाल, सब्जी, रायता या सलाद के ऊपर धनिया पत्ता की गार्निशिंग हो जाए तो उनमें जो खुशबू, रंगत और स्वाद आता है, उसका कोई जवाब नहीं। यही वजह भी है कि लोग रसोई में ढेर सारा धनिया स्टोर कर के रखते हैं। हालांकि इसके साथ सबसे बड़ी समस्या आती है इसे स्टोर करने की। दरअसल हरा धनिया बहुत जल्दी सूख जाता है, यहां तक कि अगर इसे फ्रिज में भी स्टोर किया जाए तो ये दो से तीन दिन के अंदर ही सूखने लगता है। इसलिए इसकी स्टोरेज हमेशा एक बड़ी परेशानी बनी रहती है। इसकी का हल आज हम आपके लिए ले कर आए हैं। यहां कुछ कमाल की टिप्स शेयर की गई हैं जिनकी मदद से आप हरे धनिया को लंबे समय तक स्टोर कर पाएंगे।धनिया पत्ती नहीं होगी खराब--धनिया पत्ती को लंबे समय तक तरोताजा रखने के लिए पत्तियों को अच्छी तरह से धोकर पानी सूखने के लिए रख दें। अब धनिया पत्ती को टिश्यू पेपर में लपेटकर एयर टाइट डिब्बे में डालें और फ्रिज में रखें। इससे धनिया लंबे समय तक खराब नहीं होगी और सूखेगी भी नहीं।--जिप लॉक प्लास्टिक बैग की मदद से भी आप धनिया को कई दिनों तक स्टोर करके रख सकती हैं। इसके लिए धनिया की पत्तियों को धोकर पानी सुखा लें। अब इन पत्तियों को टिश्यू पेपर में लपेट कर प्लास्टिक बैग में डाल दें और फिर बैग की जिप लॉक कर दें और फ्रिज में रखें।--धनिया की पत्तियों को स्टोर करने के लिए पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। गिलास में पानी भर लें। धनिया की पत्तियों को जड़ सहित इस पानी में डाल दें। जड़ें पानी में रहने से पत्तियां खराब नहीं होगी और फ्रेश रहेंगी।-- फ्रीजर में स्टोर करके भी आप धनिया की पत्तियों को लंबे समय तक फ्रेश रख सकती हैं। धनिया को धोकर बारीक काट लें। अब कटी हुई धनिया को प्लास्टिक के डिब्बे में भरकर फ्रीजर में डाल दें। इससे धनिया की पत्तियां कई दिनों तक फ्रेश और हरी बनी रहेंगी।-- धनिया की पत्ती को धोकर पानी सुखा लें। अब इन्हें बारीक-बारीक काट लें और दो दिनों तक ऐसे ही प्लेट में छोड़कर छाया में सुखाएं। सूखने के बाद धनिया पत्ती का पाउडर तैयार कर लें। एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें और इस्तेमाल में लाएं।
- गर्मी के मौसम में चुभती-जलती धूप से बचने के लिए ज्यादातर लोग घर में ही रहना पसंद करते हैं। इस मौसम में तेज गर्मी से बचने के लिए सही कपड़ों का चुनाव करना बहुत जरूरी है। गर्मियों में घर पर रहकर लोग ऐसे कपड़ों को पहनना पसंद करते हैं जो हल्के और पुराने हों। ऐसे कपड़ों में गर्मी कम लगती है। लेकिन अगर कहीं बाहर जाना पड़ जाए तो समझ नहीं आता की ऐसे कौन-से कपड़े पहने जाएं जिनमें गर्मी कम लगे। ऐसे में यहां हम 5 फैब्रिक के बारे में बता रहे हैं जो गर्मी के लिए बेस्ट रहते हैं। इन फैब्रिक के कपड़े पहनकर शरीर ठंडा रहता है, साथ ही कम्फर्टेबल भी रहते हैं।गर्मी के लिए 5 बेस्ट फैब्रिक1) कॉटन फ्रैब्रिककॉटन का कपड़ा सबसे फेमस प्राकृतिक कपड़ों में से एक है जो गर्मियों के लिए बेस्ट माना जाता है। कपास के पौधे में पाए जाने वाले रेशेदार गेंदों से बना ये कपड़ा पसीने को आसानी से सोखने और निकालने में मदद करता है। कॉटन का कपड़ा हवा को रेशों के जरिए से बहने देते हैं और पसीने को सोख कर शरीर को ठंडा रखते हैं। यह प्राकृतिक और हल्का कपड़ा गर्मियों में पहनने के लिए बेस्ट है।2) शीर फैब्रिकशीर फैब्रिक गर्मियों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कपड़ों में से एक है। ये पूरी तरह से सूती कपड़ा है। दूसरे भारी कपड़ों से अलग यह कपड़ा गर्मियों में आपके शरीर से चिपकता नहीं है।3) लिनन फैब्रिकलिनन फलैक्स के रेशों से बना एक नैचुरल कपड़ा है। इसे दुनिया के सबसे पुराने कपड़ों में से एक माना जाता है। कॉटन कपड़े के मुताबिक यह कपड़ा ज्यादा मजबूत होता है। हालांकि, इसकी कीमत कॉटन कपड़े से ज्यादा होती है।4) रेयानरेयान गर्मियों के लिए एक अच्छा कपड़ा है, इसकी सिंथेटिक प्रकृति के कारण यह हल्का होता है और गर्म मौसम में शरीर से चिपकता नहीं है। गर्मी के मौसम में ये कपड़ा पहनने में बेहद आरामदायक होता है।5) शिफॉनशिफॉन का कपड़ा सभी कपड़ों में सबसे हल्का, सबसे मुलायम होता है। जब स्टाइल की बात आती है, तो शिफॉन का कपड़ा आपकी गर्मियों को ज्यादा आरामदायक बनाता है। शिफॉन का कपड़ा साड़ी, ब्लाउज, शर्ट, कुर्ती बनाने के लिए अच्छा है।
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ठंडा-ठंडा रिफ्रेशिंग खीरा खाने में तो लाजवाब है ही, साथ में इसके ब्यूटी बेनिफिट्स भी कुछ कम नहीं है। गर्मियों में ये हम सभी की डाइट का बड़ा जरूरी हिस्सा बन जाता है। शरीर को हाइड्रेट रखता है और फाइबर की अधिकता होने के कारण वेट मैनेजमेंट में भी बड़ा कारगर है। कुल मिलाकर कहें तो खुद को हेल्दी और ब्यूटीफुल रखना है तो खीरा खूब दबाकर खाएं। लेकिन खीरे के अगर पूरे ब्यूटी बेनिफिट्स चाहिए तो आप इसे अपने ब्यूटी रूटीन का भी हिस्सा बना सकती हैं। आज हम आपको खीरे से जुड़ी कुछ ब्यूटी टिप्स बता रहे हैं जो आप इस समर्स ट्राई कर सकती हैं। ये ब्यूटी टिप्स आपको नेचुरली ब्यूटीफुल बनाए रखने में मदद करेंगी।
मिनटों में ग्लोइंग स्किन देगी ये फेस पैक
फटाफट ग्लोइंग स्किन पाना चाहती हैं तो खीरा इसमें आपकी बड़ी मदद कर सकता है। इसके लिए एक खीरा लें और उसे मिक्सर में डालकर उसका जूस निकाल लें। आप इसमें चिल्ड वॉटर का इस्तेमाल कर सकती हैं। अब खीरे का जूस लें और इसे अपने साफ चेहरे पर कॉटन पैड की मदद से अप्लाई कर लें। आप इसमें गुलाब जल, एलोवेरा जेल या कुछ नींबू की बूंदे भी एड कर सकती हैं। खीरे की ये फेस पैक आपकी स्किन को हाइड्रेट बनाने में मदद करेगी। खीरा आपकी स्किन को डीप क्लीन भी करेगा और पोर्स में जानी गंदगी, धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा ऑयल को भी रिमूव करेगा। मिनटों में फ्रेश ग्लोइंग स्किन चाहिए तो ये हैक जरूर ट्राई करें।
गर्मियों में टैनिंग और सनबर्न को ऐसे हटाएं
गर्मियों में कितना भी बच लें लेकिन धूप के थोड़े से कॉन्टैक्ट में आने से ही फेस पर टैनिंग या सनबर्न की समस्या हो जाती है। इसमें भी एक फ्रेश खीरा आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए बस खीरे का जूस निकालें और उसमें नींबू की कुछ बूंदे एड करें। ये होम रेमेडी आपके फेस को टैनिंग और सनबर्न से इंस्टेंट रिलीफ देगी। इसे और इफेक्टिव बनाने के लिए आप खीरे को या फिर इस पैक को फ्रिज में ठंडा होने के लिए कुछ सकती हैं। ये ठंडा-ठंडा पैक समर्स में आपको रिफ्रेशिंग और फ्रेश कॉम्प्लेक्शन देने में मदद करेगा।
डार्क सर्कल और पफी आईज से पाएं छुटकारा
आंखों के नीचे डार्क सर्कल बढ़ गए हों या फिर पफी आईज यानी आँखें सूजी-सूजी लग रही हों, खीरे का इस्तेमाल बहुत इफेक्टिव हो सकता है। इसके लिए फ्रिज से ठंडा-ठंडा खीरा निकालें और उसकी स्लाइसेज कट करें। अब इन स्लाइसेज को अपने आंखों पर कुछ देर रखें और खुद को रिलैक्स करें। रोजाना 10 मिनट ये छोटी सी टिप फॉलो करेंगी तो डार्क सर्कल से छुटकारा पाने में काफी मदद मिलेगी। रही पफी आईज की बात तो कम से कम 20 मिनट ऐसे ही रहें, ये आपको इंस्टेंट रिजल्ट देगा।
बालों के लिए भी बेस्ट है खीरा
बालों को हाइड्रेट, सॉफ्ट और सिल्की बनाए रखने में भी खीरा आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए बस खीरे का रस निकालें और उसमें शहद, एलोवेरा जेल या मुल्तानी मिट्टी डालकर एक हेयर मास्क तैयार करें। आप अपने हिसाब से इनमें से कोई भी इंग्रीडिएंट डाल सकती हैं। अब इस पैक को अपने बालों पर कुछ देर के लिए लगाकर रखें और फिर देखें कमाल। आपके बालों में एकदम जान सी आ जाएगी और आपके रूखे सूखे बाल बिल्कुल सॉफ्ट और शाइनी दिखने लगेंगे। -
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने ही वाला है। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान कई भक्त पूरे नौ दिनों का उपवास भी रखते हैं। व्रत में केवल फलाहारी भोजन ही किया जाता है। ऐसे में पूरे नौ दिनों सिर्फ फलाहार करना काफी मुश्किल भरा तो होता ही है और इस दौरान क्या खाया जाए इसे ले कर भी थोड़ी कन्फ्यूजन बनी रहती है। आज हम आपको मखाना मेवा बर्फी की जो रेसिपी बता रहे हैं, उसे आप नवरात्रि शुरू होने से पहले ही बनाकर रख सकती हैं। व्रत में जब भी कुछ हल्का-फुल्का और टेस्टी सा खाने के मन हो तो दूध के साथ ये बर्फी खा सकती हैं। ये बर्फी इतनी पौष्टिक है कि आपको एनर्जी देने का भी काम करेगी और व्रत में होने वाली थकान और कमजोरी से भी बचाएगी। तो चलिए जानते हैं फलाहारी बर्फी बनाने की रेसिपी-
मखाना मेवा बर्फी बनाने की सामग्री
नवरात्रि व्रत में फलाहारी बर्फी बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं - मखाना (5 कप, लगभग 75 ग्राम), काजू (आधा कप, लगभग 75 ग्राम), नारियल का बुरादा (आधा कप), 4 छोटी इलायची, फुल क्रीम दूध (आधा लीटर), चीनी ( 3/4 कप, लगभग 150 ग्राम), देसी घी (1 चम्मच), कटे हुए पिस्ता और कटे हुए बादाम।
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट फलाहारी बर्फी
मखाना मेवा बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक पैन रखें और मीडियम आंच पर मखाने रोस्ट कर लें। इन्हें तब तक भूनें जब तक ये एकदम क्रिस्पी ना हो जाएं। अब इन्हें ठंडा होने के लिए रख दें और इनके ठंडा होते ही मिक्सर में डालकर एक फाइन पाउडर बना लें। ध्यान रहे आपको मखाने का एकदम महीन आटे जैसा पाउडर बनाकर तैयार करना है। अब काजू लें और उनका भी पाउडर बनाकर तैयार कर लें। इस पाउडर को भी मखाना पाउडर के साथ मिक्स कर दें।
इसके बाद गैस पर एक पैन रखें और उसके हल्का गर्म होने पर उसमें नारियल का बुरादा डालें। इसे कुछ मिनटों के लिए भून लें ताकि इसकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएं। अब इसे भी मखाना और काजू के पाउडर के साथ मिक्स कर दें। इन सभी चीजों को एक बड़ी बाउल में डालें और इसमें इलायची का पाउडर या कुटी हुई इलायची एड करें।
अब गैस पर एक बर्तन में दूध पकने के लिए रखें। दूध को चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक ये एकदम गाढ़ा ना हो जाए। दूध जब पकते-पकते अपनी मात्रा का आधा हो जाए तो उसमें चीनी एड करें। चीनी के पिघलने तक दूध को और पकाएं फिर इसमें एक चम्मच देसी घी एड करें। गैस की फ्लेम को धीमा करें और अब इसमें मखाना, काजू और नारियल वाले पाउडर को एड करें। सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह मिक्स करते जाएं और जब तक ये एकदम डो की शेप ना ले ले तब तक पकाएं। इसके बाद एक प्लेट पर घी लगाएं और उसमें इस मिक्सचर को डालें। इसे एक घंटे के लिए फ्रिज में या पंखे के नीचे जमने के लिए रख दें। इन्हें बर्फी की शेप में काट लें और ऊपर से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डाल कर गार्निश करें। - फालतू का मोटापा किसी को पसंद नहीं होता। हर किसी की चाहत होती है कि उनका शरीर स्लिम और फिट रहे। इसके लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। जिम में पसीना बहाने के साथ-साथ डाइट का भी खास ख्याल रखते हैं, जो बिल्कुल ठीक भी है। हालांकि डाइटिंग को ले कर लोगों में एक गलत तरह की धारणा बनी हुई है। लोगों को लगता है कि डाइटिंग का मतलब खाना बिल्कुल कम खाना है या फिर खाना बिल्कुल ही स्किप कर देना है। इसी चक्कर में कई लोग डिनर स्किप करना शुरू कर देते हैं, जो बिल्कुल भी हेल्दी नहीं। इसकी जगह आप डिनर के लिए कुछ लाइट और हेल्दी ऑप्शन चुन सकते हैं, जो बिना भूखा रहे वेट मैनेजमेंट में आपकी मदद करेंगे। आइए देखते हैं कुछ ऐसे ही फूड ऑप्शन -डिनर में खाएं ओट्स उपमारात के खाने के लिए उपमा बेस्ट ऑप्शन है। ये खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बहुत ही लाइट और हेल्दी होता है। सबसे खास बात है कि इस साउथ इंडियन डिश को बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। ओट्स उपमा को और भी ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए आप इसमें अपनी पसंद की ढेर सारी सब्जियां डाल सकती है। इसे डाइजेस्ट करना बहुत ही आसान होता है, यही वजह है कि ये डिनर के लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।मूंग दाल चीला भी है हेल्दीअपने डिनर में आप मूंग दाल चीला को भी एड कर सकते हैं। चीला बनाने के लिए अगर आप स्प्राउट मूंग का इस्तेमाल करते हैं तो ये और भी ज्यादा हेल्दी हो जाएगा। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर के साथ कई न्यूट्रियंट्स पाए जाते हैं, जो हेल्थ के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं। यह लाइट फूड की कैटेगरी में आता है क्योंकि इसे डाइजेस्ट करना आसान है। नारियल की चटनी के साथ मूंग दाल चीला, एक टेस्टी और हेल्दी वेट लॉस डिनर ऑप्शन हो सकता है।रात में पिएं सूपरात में कुछ चटपटा, लाइट और हेल्दी खाना चाहते हैं, तो आपके लिए सूप बेस्ट रहेगा। सूप कम कैलोरी का होता है जिसे पचाना बहुत ही आसान होता है। आप अपने प्रिफरेंस के हिसाब से वेज या नॉन वेज, कैसा भी सूप ट्राई कर सकते हैं। वेट लॉस के लिए डिनर में लौकी, टमाटर, गाजर या पालक आदि का सूप बनाकर पीएं। झटपट बनने वाला ये सूप, पेट को भी भर देगा और आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाएंगे।स्टीम्ड वेजिटेबल हैं हेल्दी ऑप्शनअगर आप तेजी से अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो डिनर में स्टीम्ड वेजिटेबल या उबली हुई सब्जियां भी खा सकते हैं। गाजर, ब्रोकली, लौकी, तोरी या पालक जैसी सब्जियों को उबालकर खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, साथ ही इन सब्जियों को पचाना भी बहुत आसान होता है। फाइबर रिच होने के कारण इन्हें खाने से पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है और क्रेविंग कंट्रोल होती है। वेट लॉस के लिए ये एक परफेक्ट डिनर ऑप्शन हो सकता है।
- गर्मियों के मौसम में एक गिलास ठंडा-ठंडा गन्ने का जूस मिल जाए तो दिन बन जाता है। सूखते गले को तर करने के लिए जब कुछ रिफ्रेशिंग सा पीने का मन करता है तो अक्सर लोग गन्ने का जूस पीना ही पसंद करते हैं। वजह है इसका ताजगी भरा स्वाद और साथ ही ये काफी हेल्दी भी होता है। हालांकि गन्ने का जूस पीने का मन हो तो अक्सर बाजार ही जाना पड़ता है। क्योंकि घर पर इसे बनाना थोड़ा मुश्किल होता है और इसके लिए हर बार गन्ना भी होना जरूरी है। लेकिन अगर आपसे कहें कि आप मिनटों में बाजार जैसा गन्ने का जूस बनाकर तैयार कर सकते हैं वो भी बिना गन्ने के। अब ये सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगे लेकिन रसोई में रखी कुछ चीजों से ही आप बिल्कुल बाजार जैसा रिफ्रेशिंग और ताजगी भरा गन्ने का जूस बनाकर तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी।गन्ने का जूस बनाने की सामग्रीघर पर ही बाजार जैसा गन्ने का जूस बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं - कटा हुआ गुड़ (3 से 4 चम्मच), फ्रेश पुदीना के पत्ते (6-7), एक नींबू का रस, बर्फ, काला नमक (स्वादानुसार)। इन तीन-चार चीजों से ही आप बिल्कुल बाजार जैसा गन्ने का जूस बनाकर तैयार कर सकती हैं।सबसे पहले गुड़ को काटकर उसके टुकड़े कर लें और इन्हें मिक्सर में डाल लें। इसमें फ्रेश पुदीना के पत्ते मिलाएं और एक नींबू का रस निचोड़ लें। अब इसमें कुछ आइस क्यूब्स डालें और स्वादानुसार काला नमक मिलाएं। साथ ही इसमें लगभग एक गिलास पानी एड करें और सभी चीजों को अच्छी तरह ब्लेंड करें। आपका बिना गन्ने वाला गन्ने का जूस बनकर तैयार है। इसे नींबू और पुदीना के पत्तों से गार्निश करें और गर्मियों में इस रिफ्रेशिंग ड्रिंक का मजा लें।
- कितनी बार आपने अंदर से खुश महसूस किया है? थोड़ा ठहरकर सोचेंगे तो इस सवाल का जवाब बेहतर दे पाएंगे। क्योंकि अक्सर हम ऊपर से तो खुश दिखाई पड़ते हैं या यूं कहें खुश रहने का दिखावा करते हैं लेकिन दिल से खुश हुए लंबा अरसा बीत जाता है। कई बार तो लोगों को उदास या दुखी रहने की मानों आदत सी ही हो जाती है। अब आदमी दुनियाभर की लड़ाई तो जीत ले लेकिन खुद से खुद की ये जंग काफी मुश्किल हो जाती है। उतार चढ़ाव तो सभी के जीवन में आते हैं और सुख-दुख का लंबा फेज आना भी स्वाभाविक है। लेकिन हमेशा दुखी रहना अगर आपका स्वभाव बन जाए तो यह बिल्कुल भी ठीक नहीं। दरअसल कई बार हमारी ही कुछ आदतें ही हमारे ऐसे स्वभाव की वजह बनती हैं। आज हम आपको ऐसी ही नेगेटिव आदतों के बारे में बता रहे हैं ताकि आप इन्हें जल्द से जल्द छोड़कर अपनी लाइफ को खुशनुमा और बेहतर बना पाएं।खुद को हमेशा दूसरे से कंपेयर करनाजीवन में हर किसी को एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ है। लोगों को लगता है कि लाइफ में कुछ बेहतर करना है तो सबसे आगे खड़े रहना जरूरी है। इसके लिए लोग हमेशा अपनी तुलना किसी दूसरे से करते रहते हैं और अधिकतर मामलों में खुद को कमतर ही आंकते हैं। सोशल मीडिया के जमाने में तो यह और भी ज्यादा कॉमन हो गया है। इस लगातार हो रहे कंपैरिजन से मानसिक अशांति, तनाव और दुख के अलावा दूसरा कुछ हासिल नहीं होता। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर इंसान अलग है, उसकी कहानी अलग है और उसके हालात अलग हैं। खुद की तुलना दूसरों से करने के बजाए अपने आप से करें तो पाएंगे कि आप बेहतर हो रहे हैं और काफी खुश भी हैं।हर चीज को ले कर जरूरत से ज्यादा सोचनावो कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि चिंता चिता के समान है। बात एकदम सौ आने सच है। थोड़ा बहुत चिंता में डूबे रहना स्वाभाविक है और कई मामलों में जरूरी भी है ताकि हम बेहतर काम कर सकें। लेकिन अगर आपका स्वभाव तिल जैसी समस्याओं को ले कर पहाड़ जैसा सोचने वाला है, तो यकीन मानिए जीवन में खुश रहना आपके लिए बहुत बड़ा चैलेंज बन जाएगा। लाइफ में हमेशा यह रूल याद रखिए कि जिस चीज में आप कुछ नहीं कर सकते उसकी चिंता कैसी और अगर कुछ कर सकते हैं तो अपना बेहतर दें और बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दें।हमेशा खुद को 'विक्टिम' बतानासुख-दुख सभी की लाइफ का हिस्सा हैं और हर किसी को अपने-अपने हिस्से का दुख खुद उठाना ही पड़ता है। लेकिन अगर आपको अक्सर यह लगता रहता है कि सब कुछ बुरा सिर्फ आपके साथ ही होता है या पूरी दुनिया मिलकर मानों आपके खिलाफ ही साजिश में लगी हुई है, तो ये 'विक्टिम मेंटेलिटी' आपको हमेशा दुखी ही रखेगी। मेरी तो किस्मत ही खराब है या कोई मुझे खुश ही नहीं देखना चाहता, इस सोच से बाहर निकलें और खुद को खुश रखने की जिम्मेदारी खुद उठाएं। विक्टिम बनकर नहीं बल्कि एक पॉजिटिव और सेल्फ लव से भरा हुआ इंसान बनकर।दूसरों से जलते रहना या अक्सर शिकायत करनादोस्त को नौकरी में तरक्की मिल गई, सहेली ने अपनी गोवा ट्रिप का फोटो पोस्ट कर दिया, सोशल मीडिया पर भी हर कोई खुश दिख रहा है लेकिन आप क्यों नहीं? बस यही सोचकर आपने दूसरों से मन ही मन कुढ़ना शुरू कर दिया और जलन की भावना आपके मन में बैठ गई। एक बार यह हो गया तो यकीन मानिए खुश रहना आपके लिए नामुमकिन सा हो जाएगा क्योंकि नई वजह आपको रोज बिना तलाशे ही मिल जाएगी। खुद को हैप्पी और पॉजिटिव रखना है तो दूसरों की खुशी में खुश होना सीखिए और जीवन से सौ शिकायतें ले कर बैठने के अलावा सॉल्यूशन ढूंढने और चीजों को बेहतर बनाने में समय लगाइए।पास्ट में अटक कर रह जाना और खुद पर काम ना करनाहर किसी को अपना पास्ट प्रेजेंट से बेहतर ही लगता है। मजे की बात है कि कल जब आप फ्यूचर में होंगे तो इस बात के काफी आसार हैं कि आपको अपना ये पास्ट उस प्रेजेंट से बेहतर ही लगेगा। इसलिए बेहतर है जो हुआ उसे अच्छी यादों की तरह समेटें और आगे बढ़ें। खुद को और इंप्रूव करें और कहीं एक जगह अटक कर ना रह जाएं। वरना आप पुराना वक्त सोचते सोचते इस वक्त को कोसने और दुखी रहने में ही गंवा देंगे और फिर आने वाला भविष्य भी कुछ ऐसा ही रहेगा।
- - संध्या शर्माकई बार बाजार में मिलने वाली सब्जियां दिखने में फ्रेश लगती है लेकिन जब उन्हें खरीदकर घर लाया जाता है तो काटने पर उनके खराब होने का पता चलता है। जिससे पैसे, समय और मूड तीनों खराब हो जाते हैं। ताजी और अच्छी सब्जी की पहचान करने के लिए थोड़ी सी समझदारी और सावधानी का होना जरूरी होता है। अगर आपको भी अच्छी फ्रेश सब्जियों की पहचान नहीं है तो ये किचन टिप्स आपकी मुश्किल को आसान बना सकते हैं। आइए जानते हैं गर्मियों के मौसम में सब्जियां खरीदते समय आपको किन जरूरी टिप्स को फॉलो करना चाहिए।फ्रेश सब्जी खरीदने के लिए रखें इन बातों का ख्यालआलूआलू खरीदते समय हमेशा इस बात का खास ख्याल रखें कि आलू का आकार गोल और दिखने में चमकदार होना चाहिए। हरे या काले धब्बों वाले आलू को खरीदने से बचें। इस तरह के आलू में टॉक्सिन मौजूद हो सकते हैं। इसके अलावा कटे हुए आलू को भी खरीदने से बचना चाहिए। इस तरह के आलू जल्दी खराब हो सकते हैं।शिमला मिर्चशिमला मिर्च खरीदते समय उसकी नीचे से शेप जरूर चेक करें। याद रखें, शिमला मिर्च की तीन गांठ उसके तीखा और अक्सर कड़वे होने और चार गांठ स्वाद में हल्का मीठा होने का संकेत देती है। इसके अलावा हमेशा हल्के बड़े साइज की शिमला मिर्च खरीदें। साथ ही यह भी चेक करें कि शिमला मिर्च की सतह पर कोई छेद या वो गली हुई न हो।लौकीगर्मियों में लौकी की सब्जी ज्यादा खाई जाती है। ऐसे में इसकी फ्रेशनेस की पहचान करने के लिए लौकी खरीदते समय उसमें हल्का सा नाखून गढ़ाएं। अगर नाखून आसानी से लौकी में चला जाए तो लौकी बढ़िया है। लेकिन लौकी की सतह अगर नाखून गढ़ाने पर सख्त लगे तो मतलब लौकी पकी हुई है। इसके अलावा हल्के वजन की लौकी खरीदनी चाहिए, उसमें बीज नहीं निकलते हैं।भिंडीभिंडी खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि वो छोटी और नर्म हो। ज्यादा बड़ी और कठोर भिंडी खाने में रेशेदार होती है। अच्छी भिंडी की पहचान करने के लिए एक भिंडी को हल्का सा तोड़कर देखें, अगर वह आसानी से टूट जाए तो वह ताजी और अच्छी है।छेद या खराब ना हो सब्जीअकसर लोग जल्दबाजी में सब्जी खरीदते हैं, जिससे उसके खराब निकलने के चांस जल्दा बढ़ जाते हैं। दुकानदार ऐसे ग्राहकों को अपनी खराब सब्जी बेच देता है। ऐसे में इस नुकसान से बचने के लिए सब्जी खरीदते समय उसे चारों ओर से पलटकर ध्यान से जरूर देखें। सब्जी ऊपर से देखने में सही हो इसका मतलब यह नही होता की वह अच्छी सब्जी है। अगर कोई सब्जी किसी हिस्से से दबी हुई हों तो उसके जल्दी खराब होने का डर बना रहता है।
- चेहरे के साथ ही हाथ-पैरों की सफाई भी जरूरी होती है। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं तो मोजे-जूते अंदर रख दिए होंगे। लेकिन पैरों को अगर साफ और टैन फ्री नहीं किया तो सुंदर फुटवियर भी भद्दे नजर आने लगेंगे। अगर आपके पैरों में भी कालापान दिख रहा है तो इन्हें दूर करने के लिए घर के सस्ते सामानों से सफाई करना सीख लें।घर में पैरों का कालापन दूर करने के लिए पेडिक्योरपैरों में कालापन और गंदगी दिख रही है तो इसे साफ करने के लिए बस कुछ चीजों की जरूरत होती है। जिनकी मदद से स्टेप बाई स्टेप पैरों को चमका सकते हैं। बस फॉलो करें ये आसान से स्टेप।-सबसे पहले किसी बाल्टी में गुनगुना पानी भर लें। फिर उसमे एक चम्मच नमक और एक नींबू का रस डाल दें।-साथ ही एक चम्मच शैंपू या बॉडी वॉश डालकर घोल लें।-अब इस पानी में पैर को पंद्रह मिनट तक डुबोकर रखें और फिर अच्छी तरह से पोंछ लें।-फिर पैरों में एलोवेरा जेल लगाएं। दो मिनट मसाज करें।-रेजर लें और पैरों पर हल्के हाथों से चलाएं। इससे डेड स्किन पूरी तरह से निकल जाती है।-मुल्तानी मिट्टी को पानी में घोलकर पैक बना लें और पैरों में लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें।-जब ये सूख जाए तो गीले कपड़े से पोछ कर साफ कर दें।-पूरा पैर फिर से चमकने लगेगा और सारी टैनिंग साफ हो जाएगी।
- -सीमा उपाध्यायपास्ता सलादसामग्री: • उबला पास्ता: 1/2 कप • भाप में पकी ब्रोकली: 1/4 कप • कटा हुआ अनन्नास: 1/4 कप • कटा हुआ अंगूर: 1/4 कप • कद्दूकस किया हुआ पत्ता गोभी: 2 चम्मच • उबला स्वीट कॉर्न: 2 चम्मच • कद्दूकस किया गाजर: 2 चम्मच • कटा बादाम: 2 चम्मच सजावट के लिए: • अनन्नास प्यूरी: 2 चम्मच • नमक: स्वादानुसार • काली मिर्च पाउडर: 1/2 चम्मचविधि: गार्निशिंग की सामग्री के अलावा अन्य सभी सामग्री को एक बरतन में डालकर अच्छी तरह से मिलाएं और फ्रिज में ठंडा होेने के लिए रख दें। सर्व करने से तुरंत पहले उसे फ्रिज से निकालें और ड्रेसिंग की सामग्री सलाद में डालकर मिलाएं। तुरंत सर्व करें।तंदूरी प्याज सलादसामग्री: • प्याज: 6 • सरसों का तेल: 3 चम्मच • कटा लहसुन: 1/2 चम्मच • काला नमक: 1 चम्मच • नमक: स्वादानुसार • लाल मिर्च पाउडर: 1 चम्मच • चाट मसाला: 3/4 चम्मच • नीबू का रस: 3 चम्मच • बारीक कटा हरा प्याज: 4 चम्मचविधि: प्याज का छिलका छीले बिना उसे बीच से काट लें। पैन गर्म करें और उसमें प्याज डालें। प्याज को बीच से दबाकर सेकें। चार-पांच मिनट बाद प्याज को पलटें और उसे दूसरी ओर से भी पकाएं। प्याज को पैन से निकालकर एक बर्तन में रखें और उसे प्लेट से पांच से दस मिनट के लिए ढक दें। ऐसा करने से प्याज मुलायम हो जाएगा। इस बीच सलाद की ड्रेसिंग तैयार करें। एक बड़ी कटोरी में सरसों तेल, लहसुन, काला नमक, नमक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और नीबू का रस डालकर अच्छी तरह से फेंट लें। प्याज को चॉपिंग बोर्ड पर रखें और चाकू से उसके बीच वाले हिस्से को काट कर हटा दें। प्याज का छिलका हटाएं और प्याज की परतों को अलग कर दें। तैयार ड्रेसिंग और बारीक कटा हरा प्याज भुने हुए प्याज के टुकड़ों के ऊपर डालें। अच्छी तरह से मिलाएं और सर्व करें।थाई ग्रीन पपीता सलादसामग्री: • कद्दूकस किया कच्चा पपीता: 1 • बारीक कटा टमाटर: 1 कप • बारीक कटी हुई शिमला मिर्च: 1 कप • भुनी मूंगफली: 1/2 कप • बारीक कटी फ्रेंच बीन्स: 5 • बारीक कटी मिर्च: 1 • सोया सॉस: 2 चम्मच • तेल: 2 चम्मच • नीबू का रस: 3 चम्मच • ब्राउन शुगर: 2 चम्मच • बेसिल: 1/4 कपविधि: पपीता का छिलका छील लें और उसे कद्दूकस कर लें। ग्राइंडर में मिर्च, सोया सॉस, तेल, नीबू का रस और ब्राउन शुगर डालकर कुछ सेकेंड चलाएं। बीन्स को भी काटकर इसमें मिला दें। एक बड़े बर्तन में सभी सब्जियां डालें। उसमें सोया सॉस वाली ड्रेसिंग और बीन्स डालकार मिलाएं। बेसिल और भुनी मूंगफली डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। मसाला एडजस्ट करें और सर्व करें।
- होली का त्योहार बीतने के साथ ही महिलाओं के लिए किचन में जाना किसी जंग की तरह लगता है। अगले दिन थकान की वजह से अगर खाना बनाने का मन नहीं करता और कुछ हल्का-फुल्का, टेस्टी खाने की डिमांड घर वाले करते हैं तो उन्हें मिनटों में तैयार हो जाने वाला अचारी पुलाव खिलाएं। जिसका स्वाद सबको पसंद आएगा।अचारी पुलाव बनाने की सामग्रीदो आलूअचारी पुलाव बनाने की रेसिपी-अचारी पुलाव बनाने के लिए चावलों को अच्छी तरह से धोकर पानी में ही छोड़ दें।-सोया चंक्स को पानी में डुबोकर पांच मिनट जब ये सॉफ्ट हो जाएं तो निकाल लें।-अब कुकर में सरसों का तेल डालें, तेल गर्म हो जाए जीरा चटकाएं।-साथ में हींग, हल्दी और धनिया पाउडर डाल लें।-लच्छेदार कटे प्याज डालकर फ्राई करें।-जब प्याज फ्राई हो जाए तो अदरक लहसुन का पेस्ट और मनचाहा मसाला डाल दें।-आलूओं को बड़े आकार में काट कर धो लें और भुने प्याज के साथ डाल दें। अच्छी तरह से आलूओं को भुन लें।-सोया चंक्स डालकर चलाएं और फिर चावल डाल दें।-सबसे आखिरी में अचार का मसाला, नमक, और लंबे आकार में कटी हरी मिर्ची डाल दें।-चावल की नाप से दोगुना पानी डालें।-कुकर में सीटी लगाएं और बस तैयार है टेस्टी अचारी पुलाव मिनटों। हरी धनिया ऊपर से डालें और गर्मागर्म सर्व करें।
- चाय-कॉफी पीने वालों को इसके साथ बिस्कुट या नमकीन चाहिए ही होता है। ऐसे में बाजार की जगह आप घर पर ही टेस्टी बिस्कुट बना सकते हैं। घर के बने बिस्कुट फ्रेश होते हैं और आसानी से घर पर बनाए जा सकते हैं। अगर आप भी चाय-कॉफी के साथ बिस्कुट खाना पसंद करते हैं तो गेहूं के आटे से टेस्टी बिस्कुट घर पर ही बनाएं। यहां पर बिस्कुट बनाने की आसान रेसिपी दी है।इसकी मदद से आप घर पर फटाफट टेस्टी बिस्कुट बनाकर तैयार कर पाएंगे।आटा बिस्कुट बनाने के लिए आपको चाहिए--दो कप गेहूं का आटाकैसे बनाएं आटे के बिस्कुटआटे के बिस्कुट बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में मक्खन और थोड़ी पाउडर चीनी लें। चीनी और मक्खन को हैंड मिक्सर या व्हिस्क की मदद से अच्छी तरह से फेंटें। फिर गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और चुटकी भर नमक डालें। फिर असमें इलायची पाउडर भी डाल लें। अब सभी चीजों को हाथ से अच्छी तरह से मिलाएं। फिर इसमें दूध डालें और अच्छी तरह से मिलाएं और आटा गूंथ लें। अच्छे से चिकना आटा लगाएं। बस पानी का इस्तेमाल न करें। आटा लगने के बाद बेलन की मदद से इसे चपटा करके थोड़ा मोटा बेल लें। अगर किनारों पर दरारें पड़ जाएं तो अपने हाथों से किनारों को सील करें। अब इसे बिस्कुट को बेकिंग पेपर से ढकी ट्रे पर रखें। बिस्किट को पहले से गरम ओवन में 160 डिग्री सेल्सियस पर 15 मिनट या हल्के सुनहरे होने तक बेक करें। बिस्कुट को पूरी तरह से ठंडा होने दें। फिर इसे चाय के साथ सर्व करें। इन बिस्कुट को आप एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके भी रख सकते हैं।
- होली के रंगों की बौछार के बीच गुजिया, ठंडाई, दही भल्ले, पापड़ी चाट, मालपुए और पकौड़े जैसी तली-भूनी चीजें खाने से व्यक्ति को ओवर ईटिंग की समस्या हो जाती है। ओवर ईटिंग करने से अपच, पाचन तंत्र में गड़बड़ी, शुगर और बीपी लेवल का बढ़ना, मोटापा जैसी समस्याएं भी व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं। जिससे राहत पाने के लिए पूरी बॉडी को अच्छी तरह डिटॉक्स करने की जरूरत पड़ती है।बॉडी डिटॉक्स करने के फायदेबॉडी को डिटॉक्स करने से ना सिर्फ पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है बल्कि व्यक्ति के शरीर में एनर्जी लेवल भी अच्छा बना रहता है। अगर आप भी ओवर ईटिंग करके पछता रहे हैं तो बिना टेंशन लिए इन 7 आयुर्वेदिक तरीकों से अपनी पूरी बॉडी को डिटॉक्स करें।नींबू पानीबॉडी डिटॉक्स के लिए नींबू पानी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, पाचन को बेहतर बनाने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। Pic Credit: Shutterstockदालचीनीदालचीनी से बना डिटॉक्स वाटर पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने के साथ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसे बनाने के लिए पानी में कटे हुए सेब, अदरक का टुकड़ा और दालचीनी का स्टिक डालकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। आपका दालचीनी डिटॉक्स वाटर बनकर तैयार है। Pic Credit: Shutterstockग्रीन टीग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट डिटॉक्सिफिकेशन को भी बढ़ावा देते हैं और लीवर में सूजन को कम करते हैं। Pic Credit:खीरे से बना डिटॉक्स ड्रिंकखीरे से बना डिटॉक्स ड्रिंक बॉडी डिटॉक्स के साथ शरीर को हाइड्रेट भी रखता है। इस डिटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए खीरे के टुकड़े और पुदीने की पत्तियों को काटकर रात भर पानी में छोड़ दें। अब इस पानी को अगले दिन सुबह पिएं।गुड़-हल्दी पानीगुड़ और हल्दी दोनों ही चीजें शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती हैं। इस ड्रिंक को पीने से लिवर साफ होने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होती है। गुड़-हल्दी का पानी बनाने के लिए 1 गिलास पानी को हल्का गुनगुना गर्म करके उसमें 1/2 चम्मच हल्दी और एक छोटा टुकड़ा गुड़ डालकर रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। P
- होली के पक्के रंगों से स्किन खराब हो जाती है और चेहरे का ग्लो छिन जाता है। ऐसे में स्किन को डिटॉक्स करना बहुत जरूरी है। जब आप स्किन को सही तरह से डिटॉक्स करते हैं तो स्किन की चमक वापिस आ सकती है। यहां देखिए स्किन डिटॉक्स करने का तरीका। इस तरीके को अपनाकर स्किन का निखार लौट आएगा।स्किन को कैसे करें डिटॉक्सजेंटल क्लिंजिंगहोली के बाद स्किन से प्राकृतिक नमी को छीने बिना जिद्दी रंग और गंदगी को हटाने के लिए एक डीप लेकिन जेंटल क्लिंजिंग की जरूरत होती है। आप एक ऐसे क्लिंजर को चुनें जो हाइड्रेटिंग, केमिकल रहित हो और गंदगी को प्रभावी ढंग से हटाता हो। इसका एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फॉर्मूला डैमेज की मरम्मत और संतुलन को बहाल करने में मदद करता है।हाइड्रेट करेंरंग स्किन त्वचा से नमी छीन लेते हैं, इसलिए नमी को फिर से भरना बहुत ज़रूरी है। विटामिन ई युक्त मॉइस्चराइजिंग लोशन स्किन को गहराई से पोषण देने में मदद करता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फॉर्मूला केमिकल्स और सूरज के संपर्क में आने से होने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से लड़ने में मदद करता है, जिससे आपकी स्किन सॉफ्ट बनती है।त्वचा को आराम देंहोली के बाद त्वचा को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए हाइड्रेटिंग सीरम का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है। एक ऐसे सीरम का इस्तेमाल करें जिसमें हाइलूरोनिक एसिड और विटामिन सी हो, जो त्वचा को भरपूर नमी प्रदान करता है। इस तरह का सीरम जलन को शांत करता है।धूप से स्किन की करें सुरक्षाहोली के बाद स्किन यूवी डैमेज के प्रति ज्यादा सेंसेटिव होती है, इसलिए होली के बाद स्किन की देखभाल में सनस्क्रीन लगाना जरूरी स्टेप है। एसपीएफ 50 वाली सनस्क्रीन से होली के बाद दाग-धब्बों से निपटे में मदद मिलती है। यह आपकी स्किन को हानिकारक किरणों से बचाता है और स्किन पर होने वाली जलन से बचाता है।
- होली का त्योहार मौज मस्ती और खुशियां बिखेरने का त्योहार माना जाता है। इस दिन लोग आपसी बैर भुलाकर एक दूसरे को रंग-बिरंगे प्यार के रंग लगाते हैं। लेकिन इस मस्ती में भंग उस समय पड़ जाता है जब कुर्ते की जेब में रखा आपका महंगा स्मार्ट फोन पानी और रंग लगने से खराब हो जाता है। अगर आप खुद को इस नुकसान से बचाना चाहते हैं तो इस होली अपने मोबाइल को रंग और पानी से सुरक्षित रखने के लिए ये आसान टिप्स एंड ट्रिक फॉलो करना ना भूलें।वाटरप्रूफ ट्रांसपेरेंट कवरहोली के दिन मोबाइल को पानी और रंग से सुरक्षित रखने के लिए आप वाटरप्रूफ ट्रांसपेरेंट कवर का यूज कर सकते हैं। इस तरह के कवर यूज करने से कोई जरूरी मैसेज या फोन आने पर आप उसका रिप्लाई बिना किसी टेंशन के होली खेलते हुए भी कर सकते हैं।ईयरबड्सहोली खेलते समय फोन को पानी से बचाने के लिए आप ईयरबड्स का भी यूज कर सकते हैं। ईयरबड्स यूज करने से आपको फोन पर बात करने के लिए अपने मोबाइल को जेब से बाहर नहीं निकालना पड़ेगा। जिससे वो रंग और पानी से सुरक्षित रहेगा।प्लास्टिकअगर आप होली के दिन जमकर मस्ती करने के साथ पैसे भी खर्च नहीं करना चाहते हैं तो रसोई में रखी सब्जी की कोई पॉलीथिन लें और उसमें अपना मोबाइल अच्छी तरह लपेटकर रख लें।मोबाइल में पानी घुसने पर क्या करें?-अगर सुरक्षा रखने के बावजूद फोन में पानी चला जाए तो किसी को कॉल न करें और न ही किसी का फोन पिक करें। ऐसा करने से फोन में स्पार्किंग हो सकती है। ऐसे समय में अपने फोन को तुरंत बंद करके उसकी बैटरी निकाल दें। उसके बाद फोन को एक सूखे सूती कपड़े से पोंछकर सुखा लें।-इसके अलावा फोन में पानी जाने पर उसे पोंछकर चावल के डिब्बे में बीच में घुसाकर करीब 12 घंटे के लिए रख दें। इसके बाद फोन को डिब्बे से बाहर निकालकर ऑन करें। इस उपाय को करने से फोन के अंदर की नमी सूख जाएगी।
- होली का त्योहार मौज-मस्ती का होता है। लेकिन रंगों के चक्कर में नाखूनों से लेकर स्किन और बालों की बैंड बज जाती है। अब त्योहार को एंज्वॉय करने के साथ ही अपनी ब्यूटी को बचा कर रखना है तो कुछ तैयारियां पहले से करना जरूरी है। ज्यादातर लोग रंग खेलने के पहले बालों और चेहरे को तो प्रोटेक्ट कर लेते हैं लेकिन नाखूनों को बचाना भूल जाते हैं। जबकि सबसे ज्यादा रंग नाखूनों पर ही लगता है। सबसे खास बात आप सूखे रंग से खेले या गीले, दोनों ही रंगों का धब्बा नेल्स पर दिखता है। जिसकी वजह से रंग खेलने के बाद ना केवल रंग के धब्बे नाखूनों पर बने रहते बल्कि कई बार तो ये काले होकर टूटने भी लगते हैं। अब रंगों के धब्बे से नाखून बचाने हैं तो इन प्री एंड पोस्ट होली केयर टिप्स को जरूर फॉलो कर लें।होली का गाढ़ा रंग भी नाखूनों का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, हाथ भी दिखेंगे सुंदरनाखूनों को करें मॉइश्चराइजहाथों के साथ ही नाखूनों को भी रंगों से बचाएं। नारियल का तेल पूरे हाथ में लगाने के साथ ही नाखूनों पर भी अप्लाई करें। खासतौर पर नाखूनों के किनारे जहां क्यूटिकल्स होते हैं वहां पर वैसलीन जैसी गाढ़ी चीज लगाएं। जिससे रंग आसानी से फिसल कर निकल जाए और जमने ना पाएं।नाखूनों को ना करें ट्रिमनाखूनों को होली खेलने के पहले ट्रिम करने की बजाय होली खेलने की बाद ट्रिम करें। जिससे जितना भी एक्सेस रंग हो वो नाखून के साथ बाहर निकल जाए और अंदर की स्किन पर लगा रंग भी साफ किया जा सके। नाखून ट्रिम हो जाने की वजह से उपरी पोर वाले हिस्से पर रंग ज्यादा जम जाता है। जिसे साफ करना भी मुश्किल लगता है।जेंट्स लगाएं ट्रांसपैरेंट नेलपॉलिशमहिलाएं तो कलरफुल नेलपेंट लगाकर अपने नेल्स को बचा ले जाती हैं। लेकिन जेंट्स अक्सर भूल जाते हैं और रंग चढ़ने के बाद उनके नाखून सबसे ज्यादा खराब दिखते हैं। तो इस होली जेंट्स अपने नाखूनों पर जेल बेस्ड ट्रांसपैरेंट नेलपॉलिश जरूर लगाएं। जिसे होली खेलने के बाद नेलपॉलिश रिमूवर से साफ कर सके। ये रंगों को नाखूनों पर जमने से रोकने का असरदार तरीका है।नींबू से करें साफअगर नाखूनों के किनारों पर होली का रंग जम गया है तो साफ करने के लिए नींबू के रस का इस्तेमाल करें। नींबू को आधा काटकर उस पर चीनी डालें और नाखूनों के किनारों और नाखूनों पर रगड़ें। इससे सारा रंग निकल जाएगा।ऑर्टीफिशियल नेल्स आएंगे कामलड़कियां हाथों की सुंदरता को बरकरार रखना चाहती हैं तो आजकल मार्केट में आर्टीफिशियल नेल्स खूब मिलते हैं। इन्हें आसानी से चिपकाकर सुंदरता को बढ़ा लेंगी और अपने रंग लगे नाखूनों को भी छिपा सकेंगी।
- होली के त्योहार का इंतजार लोगों को सालभर रहता है। साल के सबसे पहले और बड़े त्योहार में से एक होली खुशियों का त्योहार है। इस दिन हर कोई मौज मस्ती के मूड में होता है। होली खेलने के बाद सबसे मुश्किल काम रंगों को चेहरे और शरीर से साफ करने का होता है। पक्का रंग अगर कोई लगा दे तो अक्सर लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि इसे कैसे छुड़ाएं। होली के रंग स्किन को डैमेज कर देते हैं इसलिए इन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर छुड़ाना सही नहीं है।ऐसे में हम आपको होली के रंग साफ करने का आसान तरीका बता रहे हैं, जिसे अपनाकर रंग आसानी से साफ हो जाएगा।रंग छुड़ाने के लिए अपनाएं ये पहला स्टेपहोली का रंग लगने से स्किन काफी ज्यादा डैमेज हो जाती है, ऐसे में केमिकल वाली चीजों को लगाकर जलन और स्किन फटने की समस्या हो सकती है। इसलिए रंग निकालने के लिए ऐसे तरीके को चुनें जिससे आसानी से रंग निकल भी जाए और दिक्कत भी न हो। इसके लिए आप एक कॉटन पैड लें और इसे नारियल के तेल में अच्छी तरह से भिगो दें। अब पूरे चेहरे पर इसे हल्के हाथों से लगाएं। ऐसा करके रंग काफी हद तक कॉटन पैड पर निकल आएगा।दूसरे स्टेप में साफ हो जाएगा चेहरा और शरीरएक बार जब आप कॉटन पैड का इस्तेमाल कर लें तो फिर बचे हुए रंग को छुड़ाने के लिए बादाम का तेल और जौ के आटे का एक गोल बनाएं। इस घोल को चेहरे और शरीर पर साबुन की तरह इस्तेमाल करें। इससे चेहरे पर लगा रंग साफ हो जाएगा। साथ ही स्किन को भी किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा।अपनाएं ये बातअगर आप होली खेलने से पहले स्किन केयर को फॉलो करते हैं तो रंगों को छुड़ाना आसाना हो जाता है। इसलिए हमेशा रंग खेलने से पहले चेहरे और शरीर पर तेल अच्छे से लगाएं। ऐसा करने से होता ये है कि अगर कोई रंग लगा भी दे तो इसे निकालना आसान हो जाता है। अगर रंग बहुत ज्यादा लगा है तो एक दिन में साफ करने की भूल न करें इससे स्किन डैमेज हो सकती है।
- फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। इस वर्ष यह शुभ तिथि 13 मार्च, गुरुवार को है। हिंदू परंपरा में होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व का उत्साह भारत सहित कई देशों में देखा जाता है। इस दिन परिवार के साथ होली माता की पूजा की जाती है और रात के समय होलिका दहन किया जाता है। यह माना जाता है कि होलिका दहन की अग्नि में आहुति देने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। कुछ धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुछ व्यक्तियों को होलिका दहन की अग्नि देखने या उसमें भाग लेने से बचने की सलाह दी जाती है।ऐसे में आइए जानते हैं कि किन लोगों को होलिका दहन नहीं देखना चाहिए।इन लोगों को नहीं देखना चाहिए होलिका दहननवविवाहित महिलाएंपरंपराओं के अनुसार, जिन महिलाओं की हाल ही में शादी हुई हो, उन्हें ससुराल में पहली होली के दौरान होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। कुछ परिवारों में इस मान्यता के कारण नवविवाहित दुल्हन को मायके भेजने की परंपरा भी होती है।शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तिबीमार या वृद्ध लोगों को होलिका दहन के धुएं और गर्मी से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, विशेष रूप से हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों के लिए।विशेष परिस्थितियों में महिलाएंकई परंपराओं में महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे व्यक्तिगत आस्था और पारंपरिक दृष्टिकोण से देखा जाता है।नवजात शिशुछोटे बच्चों को धुएं और गर्मी से बचाने के लिए होलिका दहन स्थल से दूर रखना उचित माना जाता है, ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।गर्भवती महिलाएं- कुछ मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन की अग्नि देखने से बचने की सलाह दी जाती है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी धुएं और भीड़भाड़ से बचना उचित हो सकता है।
- होलिका दहन की भस्म को धार्मिक रूप से अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। मान्यता है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मकता बढ़ाने में मदद करती है। धार्मिक और ज्योतिष दृष्टि से देखें तो इसे बुरी नजर, शत्रु बाधा, आर्थिक समस्याओं और ग्रह दोष से मुक्ति के लिए उपयोग किया जाता है। यदि इस भस्म का सही विधि से प्रयोग किया जाए, तो यह जीवन में सुख-समृद्धि ला सकती है।1. बुरी नजर से बचने के लिएअगर किसी व्यक्ति को बार-बार नजर दोष लगता है, तो होलिका दहन की भस्म को काले कपड़े में बांधकर ताबीज के रूप में गले या बाजू पर बांधें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति पर किसी की बुरी नजर का प्रभाव नहीं पड़ता।2. घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिएहोलिका दहन की भस्म को घर के मुख्य द्वार और कोनों में हल्के-हल्के छिड़क दें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं।3. व्यापार में वृद्धि के लिएअगर व्यापार में लगातार रुकावटें आ रही हैं, तो दुकान या ऑफिस के मुख्य द्वार पर होलिका भस्म का हल्का छिड़काव करें। यह व्यापार में वृद्धि और धन लाभ दिलाने में सहायक होगा।4. ग्रह दोष से मुक्ति के लिएअगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि, राहु या केतु का अशुभ प्रभाव है, तो उसे होलिका दहन की भस्म को रोज अपने माथे पर लगाना चाहिए। इससे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।5. धन वृद्धि के लिएयदि घर में धन की तंगी बनी रहती है या धन टिकता नहीं है, तो होलिका दहन की भस्म को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और धन आगमन के नए रास्ते खोलने में सहायक होता है।6. विवाह में आ रही बाधा दूर करने के लिएयदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा है या अच्छे रिश्ते नहीं आ रहे हैं, तो होलिका दहन की भस्म को शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय डालें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें। यह उपाय शीघ्र विवाह में सहायक होता है।7. शत्रु बाधा से मुक्ति के लिएअगर कोई शत्रु परेशान कर रहा है या तांत्रिक क्रियाओं का डर है, तो मंगलवार और शनिवार के दिन होलिका भस्म को सिर पर छिड़ककर हनुमान मंदिर जाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे शत्रु बाधा दूर होती है और व्यक्ति को सुरक्षा मिलती है।8. स्वास्थ्य लाभ के लिएअगर कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो उसके तकिए के नीचे होलिका भस्म रखकर रातभर सोने दें और सुबह इसे जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय बीमारियों से जल्दी छुटकारा पाने में मदद करता है।
- 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं' हिंदुओं के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक होली पर बना बॉलीवुड का ये सुपरहिट गाना एकदम ठीक बैठता है। होली ऐसा त्यौहार है जो बच्चे से लेकर बड़ों तक के मन में एक नया उत्साह भर देता है। लेकिन इसी उत्साह में लोग कभी-कभी कुछ ऐसा कर देते हैं, जो रंग में भंग डालने का काम करता है। इस होली के त्योहार आपके रंग में कोई भंग न पड़े, इसके लिए होली खेलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। कुछ सेफ्टी टिप्स को अपनाकर आप फेस्टिवल को अच्छे से एंजॉय कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आपको होली पर किन चीजों को अवॉइड करना चाहिए।बिना इजाजत ना लगाएं रंगहोली रंगों का त्यौहार है लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर किसी को रंग लगाना पसंद हो। हर किसी को हक है कि वह कोई भी त्यौहार अपनी मर्जी के हिसाब से मनाए। यह बात होली के त्योहार पर भी लागू होती है। रंगों के इस त्यौहार में इस बात का ध्यान रखें कि किसी को भी जबरदस्ती रंग ना लगाएं। किसी के साथ भी रंग खेलने से पहले उसकी इजाजत लेना जरूरी है।गुब्बारे फेंकने से पहले जरूर सोच लेंहोली के त्योहार पर गुब्बारे में रंग भरकर किसी के भी ऊपर फेंक देना बच्चों को बहुत भाता है। लेकिन ये खतरनाक हो सकता है। इससे किसी को चोट लग सकती है और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अगर आपको सेफ होली खेलना है, तो इस बार गुब्बारे वाली होली को टाटा, बाय-बाय करें और रंगों से खेलकर होली मनाएं।जानवरों पर ना फेंके रंगइंसान होने के नाते हमारा फर्ज बनता है कि हमारी वजह से किसी जानवर को नुकसान ना पहुंचे। होली के त्योहार पर भी इस बात का खास ध्यान रखें कि जानवरों पर भूलकर भी रंग ना डालें। क्योंकि इंसान तो इन रंगों को बाद में दो कर साफ कर लेंगे लेकिन जानवरों पर ये रंग लंबे समय तक लगा रहेगा, जो उनकी त्वचा को गहरा नुकसान पहुंचा सकता है।रंगों के त्योहार में ना खेलें कीचड़ की होलीहोली का त्यौहार रंग और गुलाल का त्योहार है और इन्हीं के साथ मर्यादित ढंग में होली खेली जाए, वही बेहतर है। लेकिन कुछ लोग इस त्यौहार पर अति उत्साहित होकर लोगों को कीचड़ और नाली में धकेलना शुरू कर देते हैं। त्यौहार के नाम पर इस तरह की चीजें करना फूहड़ता की निशानी है। अगर आपको ऐसी होली खेलनी भी है तो इसे सिर्फ अपने तक सीमित रखें। किसी को जबरदस्ती इन सबमें शामिल न करें।होली खेलते समय रखें मर्यादा का ध्यानकई बार होली के त्योहार पर महिलाएं काफी असुरक्षित महसूस करती हैं। क्योंकि कई बार कुछ फूहड़ और बदतमीज लोग त्यौहार के नाम पर महिलाओं के साथ अश्लीलता पर उतर आते हैं। रंग लगाने के नाम पर महिलाओं को गलत तरीके से छूना, उनके साथ बुरा आचरण करना, इस तरह के कई मामले देखने सुनने को मिल जाते है। त्यौहार की मर्यादा को बनाए रखने के लिए, मर्यादित तरीके से होली खेलना जरूरी है। इसलिए महिलाओं को सेफ फील कराएं और मिलकर त्यौहार को सेलिब्रेट करें।केमिकल वाले रंगों का ना करें इस्तेमालहोली के त्यौहार के बाद स्किन से जुड़ी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं और इसकी खास वजह है केमिकल वाले रंग। होली के त्योहार पर आपकी स्किन को नुकसान ना पहुंचे, इसके लिए कोशिश करें कि इस त्यौहार पर नेचुरली तैयार किए गए हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें और केमिकल वाले रंगों से दूरी बनाकर रखें। आप घर पर भी आसानी से फूलों और सब्जियों से रंग बनाकर तैयार कर सकते हैं।नशे से दूर रहेंहोली के त्योहार पर कुछ लोग शराब, बीयर का भी सेवन करते हैं। जबकि ये बिल्कुल भी सही तरीका नहीं है। शराब शरीर के लिए तो नुकसानदायक है ही, साथ ही इसे पीने के बाद लोग बहक भी जाते हैं, जिससे त्यौहार का अच्छा- खासा माहौल कई बार खराब हो जाता है
- होली की मस्ती के बीच शायद ही कोई होगा जो अपनों को रंगने का कोई मौका छोड़ता होगा। लाल,पीले, हरे रंग से लोग एक दूसरे के चेहरे को रंगते हुए नजर आते हैं। लेकिन असली समस्या तब होती है जब होली खेलने के बाद लोगों के चेहरे और दाढ़ी के बाल से कई दिनों तक होली का पक्का रंग नहीं निकलता है। ऐसे में त्योहार के बाद ऑफिस में बॉस के सामने लाल-पीली रंग की दाढ़ी लेकर जाना शायद ही किसी व्यक्ति को अच्छा लगता हो। अगर आप भी इस तरह की समस्या का सामना हर साल होली के बाद करते हैं तो ये आसान होली ब्यूटी टिप्स दाढ़ी के बालों से पक्के सिंथेटिक रंग छुड़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं।दाढ़ी के बालों से होली के पक्के रंग छुड़ाने के टिप्सनारियल तेलदाढ़ी के बालों से होली का पक्का रंग निकालने के लिए आप नारियल तेल का उपाय आजमा सकते हैं। आप चाहे तो नारियल तेल की जगह सरसों के तेल का भी यूज कर सकते हैं। इस उपाय को फॉलो करने के लिए दाढ़ी के बालों पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं। ये दो तेल रंग को गहराई तक त्वचा पर चिपकने से रोकते हैं। जिससे दाढ़ी के बाल और त्वचा को साफ करना आसान हो जाता है। अगर तेल लगाने से पहले ही दाढ़ी के बालों पर रंग लग चुका है, तो भी यह तेल रंग को ढीला करने में मदद करता है। तेल लगाने के बाद हल्के हाथों से दाढ़ी की मसाज करें और 30 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।नींबूनींबू में मौजूद प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण रंग को हल्का करने में मदद करते हैं। जबकि शहद त्वचा को नमी देकर ड्राई होने से बचाता है। इस उपाय को करने के लिए नींबू और शहद का मिश्रण बनाकर दाढ़ी पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद दाढ़ी के बालों को गुनगुने पानी से धो लें।दहीदही और बेसन का लेप न सिर्फ होली का पक्का रंग हटाने में मदद करता है, बल्कि बालों को पोषण देने का काम भी करता है। इस उपाय को करने के लिए एक कटोरी में दही और दो चम्मच बेसन मिलाकर एक पेस्ट तैयार करके दाढ़ी के बालों पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें। तय समय बाद लेप को हल्के हाथों से रगड़ते हुए साफ कर लें।
- होली का नाम सुनते ही दिमाग में आती है ढेर सारी मौज-मस्ती, पार्टी, खुशियां और रंग में रंगे हुए नाचते-गाते लोग। हमारी बॉलीवुड फिल्मों में भी होली के जश्न को कुछ यूं ही दिखाया गया है। होली और बॉलीवुड आपस में ऐसे जुड़ गए हैं कि दोनों-मानों एक दूसरे के बिना अधूरे। जब तक डीजे पर 'होली खेले रघुबीरा' और 'आज बिरज में होली रे रसिया' की धुन ना बजे, तब तक भला कैसी होली? बॉलीवुड फिल्मों का कोई भी दौर उठा लें कोई एक ना होली से जुड़ा हुआ एक ऐसा सदाबहार गीत मिल ही जाएगा, जो आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा रहता हो। आपको भी होली पर अपना जश्न दोगुना करना है तो होली से जुड़े ये बॉलीवुड गाने जरूर सुन डालें। अपनी होली पार्टी में ढेर सारी मस्ती और फन एड करें इन बॉलीवुड की सदाबहार धुनों के साथ।फिल्म सिलसिला का 'रंग बरसे'...होली का जश्न बिना इस सदाबहार गाने के अधूरा है। अमिताभ बच्चन की आवाज में गाया गया ये गाना आज भी उन चुनिंदा गानों में से एक है, जिनके बिना होली का त्यौहार अधूरा सा लगता है। कोई होली का नाम भी ले तो अचानक से ये गाना फुट पड़ता है और हर कोई गा उठता है- 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे'....'बदरी की दुल्हनिया' (टाइटल सॉन्ग)फिल्म बदरीनाथ की दुल्हनिया का टाइटल सॉन्ग 'बदरी की दुल्हनियां '; होली पार्टी के लिए परफेक्ट बॉलीवुड सॉन्ग है। इसकी मॉडर्न डे लिरिक्स, पंजाबी और बॉलीवुड बिट्स का धमाकेदार फ्यूजन और लाउड म्यूजिक इसे एक परफेक्ट पार्टी सॉन्ग बनाता है। होली पर धमाकेदार पार्टी करनी है और दिल खोलकर नाचना है, तो ये गाना बजाना ना भूलें।फिल्म ये जवानी है दीवानी का 'बलम पिचकारी'...साल 2013 में आई फिल्म ये जवानी है दीवानी का 'बलम पिचकारी' सॉन्ग मूवी की तरह ही खूब हिट हुआ। यंग जनरेशन को एक ऐसा होली सॉन्ग मिला जिसकी लिरिक्स और म्यूजिक बिल्कुल उनके टेस्ट से मैच करता था। इसमें ट्रेडिशनल फॉक सॉन्ग, देसी वाइब्स और मॉडर्न डे बिट्स का ऐसा फ्यूशन बिठाया गया कि आज भी जैसे ही यह गाना किसी पार्टी में बजता है हर कोई झूमने को मजबूर हो जाता है।'गोरी तू लठ मार '.. (फिल्म - टॉयलेट: एक प्रेम कथा)होली की बात हो तो मथुरा की लठमार होली का जिक्र तो जरूर आता है।इसी लठमार होली को बड़ी खूबसूरती के साथ पिरोया गया है फिल्म टॉयलेट: एक प्रेम कथा के सॉन्ग 'गोरी तू लठ मार' में। सोनू निगम और पलक मुच्छल की आवाज में गाया गया ये गाना आपको पानी बिट्स पर थिरकने को मजबूर कर देगा।'जय जय शिवशंकर'... (फिल्म - वॉर)साल 2019 में आई फिल्म वॉर का गाना 'जय जय शिवशंकर' भी काफी पसंद किया गया। गाने को यंग जनरेशन के बीच पॉपुलर बनाती है इसकी पावरफुल बिट्स और हिन्दुस्तानी म्यूजिक का खूबसूरत फ्यूजन। साथ ही होली और भोलेनाथ का भी बड़ा खास कनेक्शन है, जो इस सॉन्ग को और भी परफेक्ट बनाता है।'सोनी-सोनी'... (फिल्म -मोहब्बतें)होली पार्टी पर किसी रोमांटिक और प्लेफुल सॉन्ग पर थिरकना चाहते हैं तो फिल्म मोहब्बतें का गाना 'सोनी-सोनी', एकदम परफेक्ट रहेगा। अपनी ढोल बिट्स और खूबसूरत लिरिक्स के चलते यह गाना डांस के लिए बेस्ट है। यंग जनरेशन हो या ओल्ड जनरेशन ये सॉन्ग सभी को नाचने पर मजबूर कर देगा।








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