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- -संध्या शर्मामौसम चाहें कोई भी हो चिल्ड कोल्ड कॉफी का स्वाद हर टाइम अच्छा लगता है। इसे पीते ही मन फ्रेश हो जाता है। वैसे तो लोग इसे बाजार में जाकर पीते हैं, लेकिन हर बार कैफे में जाकर पीना जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है। हालांकि, घर पर बनी कॉफी का स्वाद कैफे जैसा नहीं होता फिर चाहें इसे बनाने के लिए रेस्तरां वाले इनग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल ही क्यों न हुआ हो। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप कुछ टिप्स को अपना सकते हैं। आइए, जानते हैं परफेक्ट कोल्ड कॉपी बनाने की टिप्स-कैसे बनाएं परफेक्ट कोल्ड कॉफी1) दूध में जमाएं हल्की बर्फकोल्ड कॉफी बनाने के लिए फूल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें। इसे यूज करने से पहले इसको फ्रीजर में रखें और इसमें हल्की बर्फ जमने दें। बर्फ जमने के बाद इसका इस्तेंमाल कॉफी बनाने के लिए करें।2) कॉफी को करें बीटकोल्ड कॉफी को टेस्टी बनाने के लिए कॉफी को बीट करें। इसे बीट करने के लिए एक ग्लास में या फिर शेकर में कॉफी पाउडर डालें। फिर स्वाद के मुताबिक चीनी और थोड़ा पानी मिलाएं। अब इसे अच्छे से मिक्स करें, जब तक झाग न बन जाए।3) दूध को करें ब्लेंडजिस दूध को फ्रीज में रखा है उसे ब्लेंडर में डालें और फिर मिल्क क्रीम के साथ इसे मिक्स करें। फिर इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर ब्लेंड करें।4) इस ट्रिक से मिलेगा कैफे वाला टेस्टअगर आपको रेस्त्रां या कैफे वाली कॉफी का स्वाद और थिकने अच्छी लगती है तो आईसक्रीम का इस्तेमाल करें। जब आप दूध को ब्लेंड करें को इसी के साथ आईस्क्रीम भी मिला दें। इससे कॉफी को बाजार जैसी थिकनेस मिलेगी।5) कॉफी और दूध को करें मिक्सकॉफी और दूध को सबसे एंड में मिक्स करें। इसे सिर्फ एक ही बार ब्लेंड करें ताकी झाग जो बने हैं वह बने रहें। ग्लास में डालने से पहले चॉकलेट सिरप से इसे सजाएं और फिर सर्व करें।
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अगर आप चाय पीने के शौकीन हैं और हर दूसरे दिन चाय के अलग-अलग फ्लेवर ट्राई करना पसंद करते हैं तो ये खबर आपके पसंद की हो सकती है। जी हां, सुबह के फ्रेश स्टार्ट से लेकर दिन भर की थकान दूर करने के लिए लोग अकसर दूध वाली चाय, ब्लैक टी, ग्रीन टी, फूलों से बनी चाय जैसे टी के कई फ्लेवर ट्राई करते हैं। लेकिन एक चाय ऐसी भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। जी हां, इस चाय का नाम है लोटस लीफ टी। यह चाय खासतौर पर कमल के पत्तों से तैयार की जाती है। जिससे सेहत को कई गजब के फायदे मिलते हैं। इस चाय में मौजूद विटामिन बी1, विटामिन सी जैसे गुण इसे सेहत के लिए औषधि बनाते हैं। तो आइए जानते हैं कमल के पत्तों से बनी चाय पीने से सेहत को मिलते हैं क्या फायदे और क्या है इसे बनाने का सही तरीका।
कमल के पत्तों से बनी चाय पीने के फायदे
संक्रमण से लड़ने में करें मदद
कई अध्ययनों में यह भी पाया गया कि कमल की पत्तियों में कुछ ऐसे कंपाउंड मौजूद होते हैं, जो संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के लिए विषाक्त स्थिति पैदा कर देते हैं। ऐसे में कमल की पत्तियों से बनी चाय पीने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
डायबिटीज को रखें कंट्रोल
कमल के पत्तों में मौजूद कुछ खास प्राकृतिक तत्व रक्त में शर्करा के बढ़े हुए स्तर को कम करने में प्रभावी रूप से काम कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से कमल को डाइट में शामिल करते हैं उनमें डायबिटीज के लक्षणों में प्रभावी रूप से कमी देखी गई है।
सूजन व लालिमा दूर करने वाले गुण
कमल की पत्तियों में मौजूद कुछ खास तत्व शरीर की सूजन और लालिमा को दूर करने के गुण रखते हैं। जिनकी मदद से अर्थराइटिस, आईबीडी जैसी स्वास्थ्य समस्या होने पर शरीर की अंदरूनी व बाहरी हिस्सों में होने वाली सूजन को कम किया जा सकता है।
तनाव से राहत
कमल की चाय का सेवन करने से तनाव और चिंता को कम किया जा सकता है। यह तनाव की वजह से मन में पैदा होने वाली घबराहट, हाथ-पैरों का ठंडे होने से बचावा करता है। अगर आपको किसी वजह से तनाव महसूस हो रहा है तो नियमित रूप से कमल की चाय का सेवन करें।
याददाश्त रखें बेहतर
मानसिक स्वास्थ्य को भी अच्छा बनाए रखने के लिए कमल की चाय काफी हेल्दी मानी जाती है। यह आपके माइंड को एक्टिव रखते हुए आपकी याददाश्त को अच्छा बनाए रखने में मदद कर सकती है।
कैसे बनाएं कमल की पत्तियों की चाय
कमल की पत्तियों से चाय बनाने के लिए सबसे पहले कमल की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें। अब एक पैन में पानी गर्म करके उसमें कमल की पत्तियों को डालकर अच्छी तरह उबाल लें। अब इस पानी में चाय पत्ती डालकर उबाल आने दें। आपकी कमल की पत्ती की चाय बनकर तैयार है। इसे छानकर पी लें। आप चाहे तो इस चाय में स्वाद जोड़ने के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं। -
ब्रह्म मुहूर्त में जागने का महत्व हमारे पूर्वज जानते थे। इसे 'creator's hour) यानी रचना करने वाले का समय कहा जाता है। अब नई जनरेशन भी धीरे-धीरे सुबह जल्दी उठने के महत्व को समझ रही है। माना जाता है कि सुबह 4 बजे के आसपास का समय प्रोडक्टिविटी के लिए अच्छा होता है। अगर आप 4 बजे नहीं उठ पा रहे तो सूरज निकलने के करीब डेढ़ घंटे पहले का समय भी ठीक है। सुबह उठकर अगर आप 2 काम कर लेंगे तो आपका पूरा दिन और धीरे-धीरे जिंदगी बेहतर होने लगेगी।
बनें नियम के पक्के
सुबह जल्दी उठने के फायदे हमें बचपन से गिनवाए जा रहे हैं। अगर ज्यादातर सफल लोगों की दिनचर्या देखेंगे तो वे सुबह जल्दी उठते हैं और डिसिप्लिन के पक्के होते हैं। आप सुबह उठने का मन बना चुके हैं तो मॉर्निंग रूटीन में 30 मिनट प्राणायाम और 30 मिनट ब्रिस्क वॉक को जरूर शामिल करें।
करें प्रणव प्राणायाम
सुबह के वक्त प्रदूषण नहीं होता और इस वक्त अगर आप प्राणायाम करेंगे तो आपको शुद्ध हवा और ऑक्सीजन मिलेगी। आप अनुलोम-विलोम, भ्रस्तिका, भ्रामरी और प्रणव प्राणायाम कर सकते हैं। इनके अलग-अलग फायदे हैं। प्रणव प्राणायाम को शरीर की बीमारियां हरने वाला प्राणायाम भी माना जाता है। इसमें समाधि की अवस्था में जाकर ओम की ध्वनि पर फोकस करना होता है। सिंपल तरह से इसे करने के लिए गहरी सांस लें और सांस छोड़ते वक्त अ-उ-ओ-म (ओम) बोलें। आपको आंखें बंद रखनी हैं इस ओम को शरीर के अंदर महसूस करना है। यह आपके तनाव को कम करके अच्छे दिन की शुरुआत करने का बेहतरीन तरीका है। प्रणव प्राणायाम से आप गहरी सांस लेने के साथ मंत्र का उच्चारण करेंगे जो कि आपके पूरे सिस्टम को पॉजिटिव वाइब्रेशंस देने के साथ शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाता है।
ब्रिस्क वॉक
स्वस्थ और लंबी उम्र चाहते हैं तो वॉक करना जीवनभर जारी रखें। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 80 साल तक के लोग ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें जोड़ों, सांस या दिल की बीमारी न हो। 80 के बाद नॉर्मल स्पीड से टहलें। अगर ब्रिस्क वॉक में दिक्कत है तो मॉर्निंग वॉक को दिनचर्या में जरूर रखें। ब्रिस्क वॉक में आप एक मिनट में 100 से ज्यादा कदम चलें। टहलन को आदत में डालें और जितने बार भी कुछ खाएं 100 कदम चलने की आदत डालें। -
-सीमा उपाध्याय
साउथ इंडियन डिश खाने के शौकीन लोग ब्रेकफास्ट में इडली खाना पसंद करते हैं। नाश्ते या फिर दिन के खाने में इडली काफी अच्छी लगती है। जो इडली रेस्तरां में मिलती है वह काफी सॉफ्ट होती है। वहीं घर में बनाने पर ये थोड़ी सख्त हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप मुलायम इडली बनाना चाहते हैं तो यहां दी गई कुछ सिंपल टिप्स को अपनाकर बनाएं।
1/मुलायम इडली बनाने के लिए इसका घोल तैयार करते वक्त कभी भी बासमती चावल का इस्तेमाल नहीं करें। बेहतर होगा कि आप इसके लिए इडली राइस या पारबॉइल्ड राइस (उसना चावल) का उपयोग करें। मध्यम या छोटे दाने वाले चावल घोल बनाने के लिए इस्तेमाल करें।
2/ इडली का घोल तैयार करते वक्त चावल और धुली उड़द दाल के अनुपात का भी खास ध्यान रखें। हर दो कप चावल के लिए एक कप दाल का इस्तेमाल करें। बेहतर परिणाम चाहती हैं तो उसके लिए फ्रेश दाल का ही इस्तेमाल करें।
3/ भिगोए हुए चावल-दाल को पीसने के लिए फूड प्रोसेसर की जगह वेट ग्राइडंर को इस्तेमाल करें। दाल-चावल को पीसने के लिए उसमें ठंडा पानी डालें। ठंडा पानी इसलिए इस्तेमाल करना चाहिए ताकि पीसते वक्त मिश्रण गर्म न हो। घोल या तो ठंडा या फिर कमरे के सामान्य तापमान पर होना चाहिए।
4/ इडली को मुलायम बनाने में मेथी दाना आपकी काफी मदद कर सकता है। चावल और दाल के साथ डेढ़ से दो चम्मच मेथी दाना को भी भिगोएं और फिर उसे पीस दें। इडली ना सिर्फ मुलायम बनेगी बल्कि उसका स्वाद भी निखरेगा।
5/ मुलायम इडली बनाने के लिए सामग्री को पीसने के बाद उसे हाथों से पांच मिनट तक फेंटें और फिर फर्मेंट होने के लिए छोड़ दें। मिश्रण को फेंटने से उसमें पर्याप्त हवा जाती है, जिससे इडली को मुलायम होने में मदद मिलती है। फर्मेंटेशन के लिए प्लास्टिक या एयरटाइट बरतन का इस्तेमाल ना करें। -
-संध्या शर्मा
शाम के समय आपको किसी एसे स्नेक्स की जरूरत होती है जो झटपट बन जाय और स्वादिष्ट भी हो. आज शाम वेज कटलेट बना कर देखिये.
आवश्यक सामग्री -
आलू- 250 से 300 ग्राम (4 मीडियम आकार के)
शिमला मिर्च - 1 (बारीक कटा हुआ)
फूलगोभी - 1/2 कप (बारीक कटा हुआ)
बंदगोभी - 1/2 कप (बारीक कटा हुआ)
गाजर - 1/2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
मैदा - 2 टेबल स्पून
काली मिर्च पाउडर - ¼ छोटी चम्मच से कम
अमचूर पाउडर - ¼ छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
अदरक - 1 इंच टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ) या 1 छोटी चम्मच पेस्ट
हरी मिर्च - 1-2 (बारीक कटी हुई)
नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर - ¼ छोटी चम्मच से कम
हरा धनिया - 2 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
ब्रेड स्लाइस - 6
तेल - कटलेट्स तलने के लिए
विधि ---
आलू छील लीजिये. छिले हुये आलू को हाथ से बारीक तोड़ लीजिये.
ब्रैड को तोड़कर मिक्सर जार में डालकर पीसकर चूरा बना लीजिए.
बारीक तोड़े हुए आलू में गाजर, फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट, धनिया पाउडर, अमचूर, लाल मिर्च पाउडर डाल दीजिए. साथ ही 1/4 छोटी चम्मच नमक मैदा के घोल में डालने के लिए बचाकर बाकी नमक इसमें डाल दीजिए. 3 ब्रेड का चूरा इस मिश्रण में डालकर सारी चीजों को अच्छे से मिला लीजिए. इसमें हरा धनिया भी डालकर मिक्स कर दीजिए. मिश्रण तैयार है.
मैदा का घोल बनाने के लिए मैदा में थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गुठलियां खत्म होने तक पतला घोल बना लीजिए. इसमें तकरीबन 1/4 कप पानी डल जाएगा. घोल में काली मिर्च और बचा हुआ नमक डालकर मिला दीजिये.
पिठ्ठी से उंगलियों की सहायता से थोड़ी सी पिठ्ठी निकालिये, हाथ से दबाकर, गोल या ओवल आकार देकर कटलेट तैयार कीजिये, इस कटलेट को मैदा के घोल में डुबाकर निकालिये और फिर ब्रेड के चूरा में अच्छी तरह लपेटिये. सारे कटलेट इसी तरह बनाकर तैयार करके, प्लेट में रख लीजिये.
कढ़ाही में तेल डालकर गरम कीजिये. तेल गरम हुआ है या नही इसे चैक करने के लिए जरा सा कटलेट का टुकड़ा डालकर देखिए, तेल गरम है तो यह जल्दी से ऊपर उठकर आ जाता है. गरम तेल में 3-4 कटलेट एक एक करके डालिये और तलिये. जब कटलेट दोनों ओर से ब्राउन हो जाय तो, प्लेट में पेपर टावल बिछा कर तले हुये कटलेट कढ़ाही से निकाल कर उस पर रखिये. सारे कटलेट इसी तरह तैयार कर लीजिये.
गरमा गरम कुरकुरे वेज कटलेट तैयार हैं. वेज कटलेट हरे धनिये की चटनी या टमेटो सास के साथ परोसिये और खाइये.
सुझाव
आप चाहे तो आलू को तोड़ने की जगह कद्दूकस भी कर सकते हैं.
आप अपनी पसंद के अनुसार सब्जियां डाल सकते हैं. जो सब्जी पसंद हो, उसे ज्यादा डाल सकते हैं और जो नापसंद हो, तो हटा भी सकते हैं.
आप चाहे तो ब्रेड का चूरा बनाने के बदले ब्रेड को पानी में भिगोकर निचोड़कर भी मिश्रण में मिला सकते हैं.
ब्रेड का चूरा मिश्रण को बाइन्ड करने के लिए डाला जाता है. इससे कटलेट्स तलने पर फटते नही है.
वेज कटलेट्स को कम गरम तेल में ना डालें, यह फट सकते हैं या फिर ज्यादा तेल सोख सकते हैं.
आप अधिक तेल खाना नहीं चाहते हो तो कटलेट्स को शैलो फ्राय भी कर सकते है. इसके लिए तवे पर थोड़ा सा तेल डालकर कटलेट्स को उस पर लगा दें, तेल को चारों तरफ फैला दें और धीमी आग पर दोनों ओर से ब्राउन होने तक सेक लीजिए. -
पौधे हर जगह की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करते हैं। ये ना सिर्फ देखने में बेहद अट्रैक्टिव लगते हैं बल्कि हेल्थ के प्वाइंट ऑफ व्यू से भी काफी फायदेमंद होते हैं। घर में पौधे लगाने से घर का माहौल काफी फ्रेश और रिफ्रेशिंग बना रहता है। यही वजह है कि आजकल लोगों में प्लांट्स लगाने का क्रेज काफी बढ़ा है। घर की बालकनी हो या टेरेस, बेडरूम हो या ड्राइंग रूम, बच्चों का स्टडी रूम हो या फिर किचन, हर जगह के अकॉर्डिंग प्लांट्स लगाना लोगों का शौक बन गया है। आज हम आपको कुछ ऐसे प्लांट्स बताने वाले हैं जिन्हें आप अपने घर की खिड़कियों के पास लगा सकते हैं। ये प्लांट्स आपके घर को विंटेज लुक तो देंगे ही साथ में फ्रेश हवा भी घर के अंदर एंटर होगी।
जेब्रा कैक्टस से विंडो को दें विंटेज लुक
जेब्रा कैक्टस की पत्तियां बहुत ही अनोखी और खूबसूरत होती हैं। यह एक तरह का इंडोर प्लांट है, जिसे उगाने के लिए ज्यादा धूप या ज्यादा पानी की जरूरत भी नहीं पड़ती है। यह पौधा आसानी से ग्रो करता है और दिखने में भी बहुत खूबसूरत लगता है। कम देखरेख में आसानी से ग्रो हो जाने वाला ये पौधा आपके घर की विंडो को काफी क्लासी और विंटेज लुक देगा।
डेकोरेशन के साथ सेहत का ख्याल रखेंगे माइक्रोग्रीन्स प्लांट
घर की जिन खिड़कियों पर धूप ज्यादा पड़ती है, उनको माइक्रोग्रीन्स प्लांट से सजाया जा सकता है। ये छोटे-छोटे प्लांट्स काफी आसानी से ग्रो हो जाते हैं और देखने में भी बेहद खूबसूरत लगते हैं। माइक्रोग्रीन्स सेहत के लिहाज से भी काफी अच्छे होते हैं। ऐसे में आप चाहें तो घर की खिड़कियों को सजाने के साथ अपनी सेहत के लिए भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
खिड़कियों पर लगाएं हर्ब्स
घर की खिड़कियों पर हर्ब्स भी उगाएं जा सकते हैं। किसी भी कमरे में खिड़की या दरवाजे से होकर ही हवा अंदर आती है। हर्ब्स प्लांट्स जैसे-तुलसी, पुदीना, रोजमेरी आदि हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं। ऐसे में इन प्लांट्स को जब विंडो पर लगाया जाता है तो इनसे गुजर कर आने वाली हवा भी फ्रेश हो जाती है। इससे विंडो की खूबसूरती तो बढ़ती ही है, इसके साथ ही कमरे का वातावरण भी अच्छा हो जाता है। इसे रसोई में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
खूबसूरत लुक के लिए लगाएं फूलों वाले प्लांट्स
अगर आप विंडो की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए बेस्ट प्लांट्स खोज रहे हैं तो फूलों वाले पौधों से बेहतर भला क्या होगा। हायसिंथ, डैफोडिल्स, जेरेनियम, साइक्लैमेन, कुछ ऐसे प्लांट्स हैं, जिन्हें आसानी से लगाया जा सकता है। इनमें से निकलने वाले खूबसूरत फूलों से किसी भी जगह की सुंदरता बढ़ जाती है। इन पौधों से आप घर के विंडो की डेकोरेशन कर सकते हैं। ये आपकी विंडो को बहुत ही विंटेज लुक देंगे।
- -संध्या शर्माआप काला चना पुलाव बना सकते हैं। स्वाद के साथ यह रेसिपी हेल्थ के लिए भी बहुत अच्छी होती है। काले चने में कैलोरी, शुगर, फैट, प्रोटीन, सोडियम, कार्ब्स और फाइबर होता है, जो बालों के फाॅलिकल्स को मजबूत बनाकर उनका झड़ना कम करता है। इसके अलावा यह विटामिन्स और खनिजों तत्वों का भी खजाना है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम होती हैं, उन लोगों को चने को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा वेट लॉस के साथ डाइजेशन को बेहतर रखने में भी काले चने बहुत फायदेमंद है।काले चने बनाने की सामग्री-2 कप चावल पके हुए2 टेबलस्पून नींबू का रस1 कप काला चना पका हुआ1 टीस्पून गरम मसाला2 टमाटर2 प्याज2 मिर्च1 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर1 टीस्पून जीरानमक स्वादानुसारतेलपानीकाले चने पुलाव बनाने की विधि-इसे बनाने के लिए आपको एक पैन में ऑयल गरम करना है। अब इसमें जीरा और मिर्च डालें. अब कटे हुए प्याज डालें। इसे गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें। इसके बाद टमाटर डालकर 2 मिनट तक पकाएं। अब इसमें गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर और नमक डाल लें। जब मसाले अच्छी तरह पक जाएं, तो इसमें काले चने डाल लें। इसे दो मिनट पकाने के बाद चावल डाल दें। अब इसे भी 2-3 मिनट पकाने के बाद सभी मसालों को इसमें मिलने दें। आखिरी में नींबू का रस डालकर गैस ऑफ कर लें। काला चना पुलाव तैयार हो जाएगा।
- -सीमा उपाध्यायबारिश में कुछ चटपटा खाने का मन हो रहा हो तो आलू- भिंडी मसाला सब्जी ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए आपको लेना होगा- भिंडी- 3 कप ( 1/2 इंच के टुकड़े में कटी हुई), आलू- 1 कप (कटा हुआ), नमक- स्वादानुसार, तेल- 3 बड़े चम्मच, जीरा- 1 छोटा चम्मच, प्याज़- 1/2 कप (बारीक कटा हुआ), अदरक का पेस्ट- 1/2 छोटा चम्मच (किसी हुई), लहसुन पेस्ट- 1/2 छोटा चम्मच, टमाटर- 1/2 कप (बारीक कटा या प्यूरी), हल्दी पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच, धनिया पाउडर- 1 छोटा चम्मच, लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच, गरम मसाला पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच, अमचूर पाउडर- 1/4 छोटा चम्मच।ऐसे बनाएंपैन में एक बड़ा चम्मच तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें भिंडी और थोड़ा-सा नमक डालकर भूनें। बीच-बीच में चलाते रहें। जब भिंडी का रंग गहरा हो जाए और ये पक जाए तो प्लेट में निकाल लें। इसी पैन में एक बड़ा चम्मच तेल गर्म करें। इसमें आलू और थोड़ा-सा नमक डालकर पकने तक भूनें। इसे भिंडी की प्लेट में निकाल लें। अब इसी पैन में एक बड़ा चम्मच तेल गर्म करके जीरा तड़काएं। इसमें प्याज़ डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। अदरक और लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें। टमाटर मिलाकर पकाएं। हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर और गरम मसाला पाउडर मिलाकर तीस से चालीस मिनट तक पकाएं। जब यह तेल छोडऩे लगे तो इसमें भिंडी और आलू मिलाकर तीन-चार मिनट तक पकाएं। तैयार भिंडी-आलू की सब्जी को रोटी या पराठे के साथ परोसें।
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-संध्या शर्मा
रोज की भागदौड़ में अक्सर महिलाएं कुछ शॉर्टकट खोजती रहती हैं। जो ना केवल उनके पैसे की बचत करे बल्कि समय भी बचाए। बारिश के मौसम में टमाटर जल्दी से सड़ जाते हैं। सब्जी हो या दाल टमाटर को पकने में भी टाइम लगता है। तो आपके हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है टमाटर प्यूरी। जिसे स्टोर करने का ये कमाल का तरीका आपकी कुकिंग को बिल्कुल आसान बना देगा बल्कि पैसे की भी बचत करेगा। तो चलिए जानें कैसे बनेगी ये टमाटर की प्यूरी।खास ट्रिक एंड टिप्स-टमाटर की प्यूरी बनाने के लिए जरूरत है आठ से दस या उससे भी ज्यादा टमाटर की। आपको जितनी प्यूरी बनाने की है उसी हिसाब से टमाटर लें।-अब इन सारे टमाटरों को कट कर लें और मिक्सी के जा में डालकर अच्छी तरह से पीस लें। ध्यान रहे कि टमाटर में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। इसलिए अलग से पानी डालने की जरूरत नही है। सारे टमाटर को पीस लें।-अब एक छन्नी की मदद से इसे छान लें। जिससे कि टमाटर पूरी तरह से छन जाए। केवल टमाटर का छिलका और सीड्स ही छन्नी में बचे।-पैन में इस छने हुए प्यूरी को डालें और साथ में नमक डाल दें।-अच्छी तरह से तब तक पकाएं जब तक कि ये पूरी गाढ़ी ना हो जाए।-बस अब ठंडा हो जाने दें। जब रूम टेंपरेचर पर आ जाए तो प्यूरी को बर्फ के मोल्ड में पलटकर डीप फ्रीज कर लें।-टमाटर की प्यूरी से तैयार आइस क्यूब को आप लंबे समय तक रख सकती हैं।-बस जैसे ही सब्जी बनानी हो तो इसे डालें और तैयार है टेस्टी सब्जी।-जब टमाटर काफी महंगे हो तो इस तरह से बनाकर रखी प्यूरी आपके रोज के खाने को टेस्टी और सरल बना सकती है। -
-सीमा उपाध्याय
भारत में त्योहार का अपना अलग महत्व होता है। रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 19 अगस्त को मनाया जाएगा। ये दिन भाई-बहन के लिए काफी खास होता है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है। माना जाता है कि ये एक तरह का रक्षा सूत्र होता है। इस दिन बहन अपने भाई को खास होने का एहसास कराने के लिए काफी कुछ करती है। इस मौके पर वह सुंदर से सुंदर राखी ढूंढने से लेकर भाई के पसंद की मिठाई उन्हें खिलाती हैं। वहीं बहन अपने भाई को गिफ्ट भी देती है। इस रक्षाबंधन अगर आप अपने भाई को मीठाई की जगह कुछ अलग देना चाहती हैं तो उन्हें खुद बनाई चॉकलेट गिफ्ट में दे सकती हैं। यहां सीखिए नट्स से बनी चॉकलेट बनाने का तरीका। ये घर पर आसानी से बनाई जा सकती हैं। आप इन्हें अपने भाई को गिफ्ट में दे सकती हैं या फिर घर पर उनका मुंह मीठा करने के लिए भी बना सकती हैं।चॉकलेट बनाने के लिए मोल्ड--चॉकलेट बनाने के लिए सबसे पहले जो भी मोल्ड आपको पसंद हैं उसे लें और मक्खन से चिकना कर लें। फिर अलग रख दें। अब चॉकलेट को डबल बॉयलर तरीके से पिघलाएं। आप माइक्रोवेव में भी इसे पिघला सकते हैं। पिघलने के बाद आप अपने सभी मेवे और सूखे मेवे काट लें। इसे चॉकलेट में डालें और अच्छी तरह मिलाएं। इसमें से एक चम्मच लेकर अपने तैयार सांचे में भरकर 1 घंटे के लिए डीप फ्रीज में रख दें। फिर निकालें और चॉकलेट रैपिंग पेपर में रैप करें। चॉकलेट को एक बॉक्स में रखें और भाई को गिफ्ट करें। चाहें तो डार्क चॉकलेट की जगह व्हाइट चॉकलेट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। - घर में रहने वाली महिलाएं अक्सर खुद को वर्किंग वुमन से कमतर समझती हैं। उन्हें लगता है हर दिन वर्किंग वुमन को सजने-संवरने का मौका मिलता है लेकिन ऐसा नही है। घर में रहने वाली महिलाएं भी स्टाइलिश दिख सकती हैं। दरअसल, घरेलू महिलाएं अपने कपड़े पहनने से लेकर सजने-संवरने के मामले में काफी ओल्ड फैशन ट्रेंड को फॉलो करती हैं। जिसकी वजह से वो ट्रेंडी और स्टाइलिश नहीं दिखती लेकिन अगर इन 4 स्टाइल टिप्स को फॉलो करेंगी तो हर दिन स्टाइलिश दिखेंगी। तो चलिए जानें क्या है वो टिप्स।कपड़ों के पैटर्न पर दें ध्यानहाउसवाइफ हैं तो क्या हुआ आप हमेशा बोरिंग कलर और पैटर्न के कपड़े ना पहनें। घर में पहनने के लिए भी ब्राइट कलर, बोल्ड प्रिंट्स या पैटर्न को चुनें। इससे आप ज्यादा ट्रेंडी लुक पा सकती हैं। साथ ही इन वाइब्रेंट कलर का असर मूड और फेस पर भी होता है और आप ज्यादा खुश, खूबसूरत दिखेंगी।इस तरह पहनें कंफर्टेबल कपड़ेघर में काम के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के लिए अगर आप कंफर्टेबल कपड़े जैसे नाइट सूट या नाइटी पहनती हैं तो इस आदत को छोड़ दें। बल्कि आजकल कई तरह के कंफर्टेबल कपड़े मार्केट में मिलते हैं, उन्हें पहनने पर फोकस करें। जैसे कफ्तान ड्रेस या कुर्ता, को-आर्ड सेट। इसमें भी तरह-तरह की डिजाइन आती है। जिसे आप खुद के कंफर्ट के हिसाब से चुन सकती हैं। इन कपड़ों को घर में पहनना शुरू कर देंगी तो कम एफर्ट में हमेशा स्टाइलिश दिखेंगी। साथ ही हसबैंड भी इंप्रेस रहेंगे आपसे।अच्छे एप्रेन पर पैसे इन्वेस्ट करें और किचन के डोर पर ही रखें। घर के कामों के दौरान एप्रेन जरूर पहनें। इससे आपके रेगुलर वाले कपड़े दाग-धब्बे और ज्यादा गंदे होने से बचेंगे। साथ ही कपड़ों से आने वाली मसाले, तेल और फूड की महक नहीं आएगी। और आप खुद की महक से महकेंगी।एक्सेसरीज और जरूरी मेकअप प्रोडक्टहर दिन पहनने के लिए कुछ खूबसूरत ज्वैलरी जरूर रखें। नेकपीस, ईयररिंग्स, रिंग, चूड़ियां, कंगन, जो भी कुछ आपको पसंद है। जरूर बदल-बदल कर पहनें। इसके साथ ही ब्राइट या डार्क शेड की लिपस्टिक और हल्का सा गालों पर ब्लश जरूर लगाएं। ये दो मेकअप प्रोडक्ट आपके पूरे लुक को बदल देंगे और कितनी भी थकान के बाद जब आप शीशे के सामने खड़ी होंगी तो खुद की खूबसूरती को देख सारी थकान दूर हो जाएगी।
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-सीमा उपाध्याय
कई बार ऐसा होता है कि घर पर अचानक मेहमान आ जाते हैं, ऐसे में समझ नहीं आता कि उन्हें नाश्ते में क्या परोसा जाए। वैसे तो हर समय बाजार में कुछ ना कुछ आपको मिल ही जाता है लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो बाजार का बना नाश्ता करना पसंद नहीं करते। बहुत से लोग तो अपने मेहमानों को रेडीमेड मिलने वाला नाश्ता की बजाय घर पर कुछ बनाकर खिलाना पसंद करते हैं।अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें खाना और खिलाना काफी पसंद है तो ये लेख आपके लिए है। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे स्नैक्स आइटम्स के बारे में बताएंगे, जिन्हें बनाना काफी आसान है। इन पकवानों को बनाकर आप अपने मेहमानों का दिल जीत सकती हैं। ये ऐसे स्नैक्स हैं जो बड़ों से लेकर बच्चों तक को पसंद आते हैं। तो चलिए देर न करते हुए आपको भी इन स्नैक्स के बारे में बताते हैं।कटलेटआलू के कटलेट खाने में काफी स्वादिष्ट लगते हैं। इसे सूजी या फिर ब्रेड क्रम्स में लपेट कर जब आप सेकेंगे तो ये और भी ज्यादा कुरकुरे बनेंने। चाय के साथ आप इसे परोस सकती हैं।स्प्रिंग रोलबाजार में स्प्रिंग रोल की शीट बनी बनाई मिल जाती हैं। इन शीट से आप तत्काल स्प्रिंग रोल तैयार कर सकती हैं। अगर आपके पास ज्यादा वक्त है तो सब्जियों की जगह आप इसमें नूडल्स बनाकर भर सकती हैं।वेज सैंडविचझटपट बनने वाली चीजों में वेज सैंडविच काफी सही विकल्प है। अगर आपका मन है तो आप इसे सेक भी सकती हैं। वरना ये मेयोनीज वाली सैंडविच खाने बिना सिके भी खाने में स्वादिष्ट लगती है।क्रिस्पी कॉर्नजिनके घर में बच्चे होते हैं, उनके घर में आपको कॉर्न मिल जाएंगे। ऐसे में जब कोई मेहमान आपके घर अचानक आ गया है तो आप उसे क्रिस्पी कॉर्न बनाकर खिला सकती हैं। कोल्ड ड्रिंक के साथ अगर आप इसे परोसेंगी तो लोग आपकी तारीफ जरूर करें। -
मानसून में मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम और फ्लू के लक्षण बढ़ गए हैं। मानसून में अगर आप भी किसी खास तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं और बार-बार बीमार पड़ रहे हैं, तो इससे बचाव करने में अदरक के लड्डू आपकी मदद कर सकते हैं। अदरक के लड्डूओं में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर बीमारियों का खतरा कम करते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं अदरक के लड्डूओं की रेसिपी और इसके फायदों के बारे में।
अदरक के लड्डू की रेसिपीसामग्री-ताजा अदरक- आधा किलोइलायची- 2 से 3 पीसड्राई फ्रूट्स- 1 बड़ा बाउलकोकोनट गुड़- 2 बाउलघी- 1 कटोरीअदरक के लड्डू बनाने का तरीका- सबसे पहले अदरक को छीलकर उसे कद्दूकस करके एक बड़े बाउल में निकालकर रख लें।- अब चूल्हे पर कहाड़ी को गर्म करके उसमें कद्दूकस किए हुए अदरक को अच्छे से भून लें।- अदरक को हल्का ब्राउन रंग का भूनने के बाद इसे एक बड़े बाउल में निकालकर ठंडा करें।- अब गर्म कड़ाही में घी को गर्म करके भुना हुआ अदरक और कोकोनट शुगर डालकर मिलाएं।- इस मिश्रण में कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और इलायची को डालकर अच्छे से भून लें।- सभी चीजों को एक साथ मिलाने के बाद इसमें पानी की छींटे डालकर लड्डू का मिश्रण तैयार करें।- फिर हाथ में हल्का-हल्का घी लगाकर लड्डू बांध लें। इसके बाद इस लड्डू को एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर कर लें।कब करें अदरक के लड्डू का सेवनअदरक के लड्डूओं की तासीर गर्म होती है, इसलिए दिन में 2 पीस से ज्यादा इसका सेवन न करें। आप सुबह नाश्ते में दूध के साथ इन लड्डूओं का सेवन कर सकते हैं। अगर आप सुबह अदरक के लड्डू नहीं खाना चाहते हैं, रात को सोने से 2 घंटे पहले दूध के साथ खा सकते हैं। मानसून के दौरान होने वाली सर्दी, खांसी और गले की खराश से राहत पाने के लिए भी आप अदरक के लड्डूओं का सेवन कर सकते हैं।अदरक के लड्डू खाने के फायदेअदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी इंफ्लेटेरी और एंटीफंगल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं अदरक के लड्डू खाने के फायदों के बारे में।अदरक में पाए जाने वाले पोषक तत्व मानसून में शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं, जिसकी वजह से मानसून में होने वाली बीमारियों का खतरा कम होता है। अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बारिश के दिनों में होने वाली सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या से राहत दिलाते हैं। बारिश में भीगने के कारण जिन लोगों को गले की खराश की समस्या होती है, उनके लिए भी अदरक के लड्डू काफी फायदेमंद होते हैं।अदरक में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण बारिश के दिनों में होने वाली जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाने में मददगार होते हैं। रोजाना 1 अदरक का लड्डू खाने से जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। -
- संध्या शर्मा
मखाने की चर्चा होते ही मन में यह खयाल आता है कि यह तो सर्दियों में खाया जाने वाला ड्राई फ्रूट है। पर, ऐसा है नहीं। कुछ मेवे ठंडी तासीर वाले होते हैं, जिनमें से एक मखाना भी है। मखाना, जिसे अंग्रेजी में फॉक्स नट या लोटस सीड के नाम से भी जाना जाता है। मखाना एक ऐसा मेवा है जिसका इस्तेमाल धार्मिक पर्वों में व उपवास के दौरान खाने के लिए किया जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह सभी को पसंद आता है, भले ही कुछ को नमकीन तो कुछ को मीठा। मुझे तो गुड़ में पगे मखाने बहुत अच्छे लगते हैं। इसके सेवन से पेट को ठंडक मिलती है।
गर्मी के मौसम में लू और डिहाइड्रेशन की समस्या होना आम है। इसके साथ कमजोरी और थकावट भी अधिकांश लोगों पर हावी रहती है। गर्मी की इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए अधिकांश लोग शेक और जूस आदि की ओर रुख करते हैं। पर, शरीर की खोई ऊर्जा की भरपाई करने के लिए सेहतमंद चीजों का सेवन करना चाहिए। उसी श्रृंखला में एक नाम है, मखाना। इसमें मौजूद पोषक तत्वों के कारण इसे सुपर फूड भी कहा जाता है। अधिकांश लोग इसको एक सुपर हेल्दी स्नैक्स की तरह खाते हैं क्योंकि इसमें जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही वीगन और शाकाहारी लोगों के लिए पोषक तत्वों से भरपूरा मखाना एक अच्छा विकल्प है।
कैसा होता है मखाना?
मखाना गोल, छोटा और मोती जैसे सफेद होते हैं। इसकी बनावट चिकनी होती है। बनावट के साथ-साथ उनके आकार के आधार पर मैं इन्हें तीन भागों में वर्गीकृत करती हूं: पहले टाइप का मखाना साबुत, गोल और आकार में थोड़ा बड़ा होते हैं। दूसरे टाइप के मखाने आकार में थोड़े छोटे होते हैं, जिनमें काले छिलके ज्यादा दिखाई देते हैं। तीसरे प्रकार के मकान को ठुर्री मखाना कहते हैं क्योंकि यह बहुत छोटे व सस्ते होते हैं, पर कुछ लोग इनका इस्तेमाल खीर बनाने के लिए करते हैं। ज्यादातर घरों में मखाने का सेवन नाश्ते के रूप में ही किया जाता है। आइए जानें मैं इनका उपयोग अपनी प्रतिदिन की डाइट में कैसे करती हूं:
1 मैं मखाना का प्रयोग अपने भोजन में तीन तरह से करती हूं-पहला कच्चे रूप में, दूसरा भुने और तीसरा पाउडर बनाकर।
2 मखाने से काला छिलका हटाकर मखाने को दो टुकड़ों में करती हूं और फिर पानी में भिगोकर धोकर पंचामृत में डालती हूं ।
3 कच्चे मखानों को साफ करके दो टुकड़े करके एक चम्मच घी में जीरा, राई का तड़का लगाकर ऐसे ही डाल देती हूं। फिर सेंकती हूं। ऊपर से प्याज, टमाटर और खीरा का कचूंबर बनाकर इस मखाने में मिलाती हूं। स्वादिष्ट नाश्ता तैयार है।
4 एक चम्मच घी में 10-12 मिनट धीमी गैस पर क्रिस्पी होने तक मखाने को भूनती हूं। फिर नमक, काली मिर्च, चाट मसाला आदि डालकर ठंडा करके एअर टाइट डिब्बे में रख लेती हूं। चाय के साथ स्नैक्स के रूप में खाने के लिए यह सेहतमंद विकल्प है।
5 मखाने को भून लें। फिर बिना पानी डाले गुड की चाशनी बनाकर उसमें मखाना डालें। मखाने को गुड़ की चाशनी में मिलाएं। ठंडा होकर हर मखाना अलग हो जाता है। बच्चों को यह बहुत पसंद आता है।
6 भुने मखानों का बादाम के साथ पाउडर बनाकर एयर टाइट डिब्बे में रखती हूं। डिनर में सूप के साथ पनीर, मखाने की टिक्की बनाती हूं या रात में दूध में एक चम्मच मखाना पाउडर डालकर पीती हूं।
7 भुने मखाने को खीर में डालें या सब्जी में,स्वाद अच्छा हो जाता है। इसके अलावा भुने मखानों को बारिश के मौसम में पकौड़े वाले बेसन के मिश्रण में डुबोकर डीप फ्राई करें। खाने में मजा आ जाएगा।
8 सलाद के ऊपर मखानों को क्रश करके डालें या साबुत ही तुरंत सर्व करें, अच्छा रहेगा। साथ ही स्मूदीज में, शेक में मखाने के पाउडर का इस्तेमाल करती हूं।
9 रायते में भुने मखाने और पिस्ता डालें। ऊपर से हींग, जीरा पाउडर, नमक और मिर्च आदि डालें। चाहें तो सिर्फ भुने मखानों को चाट की तरह बनाएं या भेलपुरी की तरह। खाने का मजा दोगुना हो जाएगा।
10 मैं काजू रोल की तरह मखाना रोल और लड्डू आदि बनाती हूं। इसके अलावा छिलके सहित भुने चने को पीसकर बराबर मात्रा में मखाना पाउडर, ड्राई फ्रूट और देसी खांड मिलाकर लड्डू बनाती हूं।
यूं करें स्टोर
पैकेट खोलते ही मखानों को एयर टाइट कंटेनर या जिप लॉक बैग में डालें। इससे हवा और नमी कंटेनर में प्रवेश नहीं करेगी ।
ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें। धूप गर्मी और नमी से दूर रखें ताकि उनका कुरकुरापन बना रहे।
मखानों को रेफ्रिजरेटर में नहीं रखना चाहिए। मखाना खराब हो सकता है।
फायदा मिलेगा भरपूर
मखाने में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम ,फाइबर,आयरन और विटामिन-सी जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और कमजोरी दूर होती है। 100 ग्राम मखाने में 350 ग्राम कैलोरी पाई जाती है। यह वजन कम करने और दिल को सेहतमंद रखने में प्रभावी साबित होता है। -
-सीमा उपाध्याय
बारिश की वजह से घर में नमी काफी ज्यादा आती है। जिसकी वजह से खाने-पीने के सामान को रखने में खास सावधानी रखनी पड़ती है। नहीं तो जरा सी नमी से कीड़े और फफूंद लगना शुरू हो जाती है। घर में अचार बनाकर रखा है तो कई बार नमी की वजह से इनमे भी फफूंद लग जाती है। ऐसे फफूंद लगे अचारों को फौरन फेंकने की बजाय इस तरीके से एक बार सही किया जा सकता है। जिससे कि ये सालभर तक खराब ना हो और खाने लायक बने रहें।
अचार तो होते ही प्रिजरवेटिव है। सब्जियों को प्रिजर्व कर मसाला मिलाकर रखा जाता है। गर्मियों में बने आम, कटहल, मिर्चे जैसे अचार नें अगर फफूंद लग जाती है तो इन्हें ठीक करने का बड़ा ही सरल नुस्खा है। जान लें।
सबसे पहले अचार में पड़ी सारी फफूंद को साफ और सूखे चम्मच की मदद से निकालकर बाहर कर दें। डिब्बे और आसपास जितना भी फफूंद है उसे निकाल दें।
फिर किसी पैन में अचार की मात्रा के हिसाब से सरसों का तेल लें और गर्म करें। जब ये तेल धुआं फेंकने लगे तो गैस की फ्लेम बंद कर दें और तेल को ठंडा हो जाने दें। सरसों का तेल जब पूरी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे अचार के ऊपर डालकर रख दें। ढक्कन लगा दें और साफ सूखी जगह पर रख दें।
साथ ही बाहर धूप हो तो कुछ देर के लिए इस अचार को धूप में सुखा दें। लेकिन ध्यान रहे कि पानी की एक भी बूंद ना पड़े।
अचार को खराब होने से बचाने के टिप्स
0 अचार के डिब्बे में कभी भी गीले चम्मच या गीले हाथ नहीं डालने चाहिए। खासतौर पर हाथों को तो बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए।
00 अचार रखने के लिए छोटे मुंह के डिब्बे का इस्तेमाल करना ज्यादा अच्छा होता है। इससे अचार जल्दी खराब नहीं होता है।
0 अचार को खराब होने से बचाने के लिए बीच-बीच में धूप दिखाते रहें। जिससे नमी ना पैदा हो और अचार सूखा रहे।
00 इसके साथ ही अचार में पके हुए सरसों का तेल ऊपर तक भरें। सरसों का पका तेल प्रिजरवेटिव का काम करता है। जिससे अचार सालों तक खराब नहीं होता है। - जब बात चटनी की हो तो मुंह में अपने आप पानी आ जाता है। चटनी, भारतीय व्यंजन में साइड डिश की भूमिका निभाती है। लेकिन, अगर चटनी को सही तरीके से बनाया जाए तो उसके आगे सब्जी का स्वाद भी फीका लगता है। इसलिए आज हम आपके लिए हरी मिर्च और लहसुन की चटनी की रेसिपी लेकर आए हैं। हरी मिर्च और लहसुन की चटनी इतनी स्वादिष्ट होती है कि अगर आपने एक बार इसका स्वाद चख लिया तो आप हरी मिर्च और लहसुन की चटनी के लिए सामग्री:1 कप हरी मिर्च, 6-8 लौंग लहसुन,, बारीक कटा हुआ, 1/2 चम्मच कसा हुआ अदरक, 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, 1 बड़ा चम्मच सरसों का तेल, नमक स्वादानुसार, 1/4 कप पानी, इमली का पल्प, गार्निंशिंग के लिए ताज़ा धनियाहरी मिर्च और लहसुन की चटनी कैसे बनाएं?पहला स्टेप: सबसे पहले गैस ऑन करें और उसपर एक पैन रखें। जब पैन गर्म हो जाए तब उसमें 1 चम्मच तेल डालें। उसके बाद उसमें 1 कप हरी मिर्च और 6-8 लौंग लहसुन डालें। इन्हें थोड़ा अच्छी तरह पकने दें। जब मिर्च और लहसुन हल्का पक जाए तो उसे पैन में से निकालें। और इन्हें ठंडा होने दें ।दूसरा स्टेप: अब अगले स्टेप में एक मिक्सर जार में मिर्च और लहसुन को डालें। इसमें बारीक कटा हुआ, 1/2 चम्मच कसा हुआ अदरक भी डालें। अब इसमें पानी डालें और इन्हें दरदरा पीस लें।तीसरा स्टेप: अब अगले स्टेप में एक बाउल में इस चटनी को निकालें और इसमें स्वाद अनुसार नमक, 1 चम्मच निम्बू का रस और आधा चम्मच इमली का पल्प डालें और फिर अच्छी तरह से मिलाएं। ऊपर से ताज़ी हरी धनिया से गार्निश करें। आपका हरी मिर्च और लहसुन का चटनी तैयार है।
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बारिश के मौसम में ज्यादातर लोग होठ फटने की शिकायत करते हैं। दरअसल, इस मौसम में स्किन और होठ काफी ज्यादा ड्राई हो जाते हैं। जिसकी वजह सें रोज लिप बाम लगाने की सलाह दी जाती है। वैसे तो बाजार में खूब लिप बाम मिलते हैं लेकिन ये सभी केमिकल युक्त और टिंट वाले होते हैं। इनके लगाने से लिप्स पर एक रंग भी दिखने लगता है। कुछ लोगों को ये पसंद नहीं होता। अगर आप भी उन लोगों की लिस्ट में शामिल हैं तो खुद के लिए घर पर ही लिप बाम बना सकते हैं। यहां कई तरीकों से लिप बाम बनाने का तरीका बता रहे हैं। देखिए-
1) नारियल लिप बाम बनाने के लिए आपको चाहिए
इस लिप बाम को बनाने के लिए पेट्रोलियम जेली को पिघलाएं और फिर इसनमें नारियल तेल और जोजोबा तेल को एक साथ मिला लें। इस मिक्स को एक कंटेनर में डालें और 20-30 मिनट के लिए जमा दें।
2) नारियल लिप बाम बनाने का दूसरा तरीका
नारियल तेल, वैसलीन और कारनोबा वैक्स को एक पैन में धीमी आंच पर पिघला लें। फिर इस मिश्रण को ठंडा होने दें और इसमें एलोवेरा जेल मिला लें। अब इस मिक्स को डिब्बे में डाल लें और सेट होने दें। आप चाहें लिप बाम स्टिक को साफ करके भी घक ते बनाएं लिप बाम को उसमें डाल सकते हैं। -
- संध्या शर्मा
डोसा एक साउथ इंडियन डिश है, जिसका स्वाद काफी अच्छा लगता है। इस उड़द दाल और चावल के साथ बनाया जाता है। कुछ लोग इसे घर पर बनाते हैं लेकिन अक्सर शिकायत करते हैं कि इसका बैटर सही नहीं बनता और डोसा तवे पर चिपक जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो यहां देखिए परफेक्ट बैटर बनाने की ट्रिक्स-
1) सही मात्रा में लें दाल-चावल- सही डोसा बैटर बनाने के लिए सही मात्रा में दाल चावल लेना जरूरी है। परफेक्ट बैटर बनाने के लिए 3:1 को अपनाएं। 3 हिस्से चावल और एक हिस्सा उड़द दाल लें।
2) बैटर में मिलाएं ये चीजें- बैटर को सही बनाने के लिए उसमें उड़द दाल के साथ चना दाल मिलाएं। इसके अलावा मेथीदाना और पोहा भी इसमें मिलाएं।
3) सही तरह से पीसें- डोसा बैटर को सही बनाने के लिए इसे पूरी तरह से पीसना जरूरी है। दरदरा बैटर रहेगा तो इससे डोसा अच्छा नहीं बनेगा।
4) फर्मेंटेशन है जरूरी- फर्मेंटेशन का कोई शॉर्टकट नहीं है। बैटर को फर्मेंट होने में कम से कम 8 से 12 घंटे लग सकते हैं। इसलिए घोल को नमी वाली गर्म जगह पर रखें। चाहें तो गर्म ओवन में इसे रख सकते हैं। ऐसा करने पर बैटर जल्दी फर्मेंट हो जाएगा।
5) कंसिस्टेंसी- बैटर की स्थिरता बहुत जरूरी है। यह न तो गाढ़ा और न ही पतला होना चाहिए। ध्यान रखें कि ये तवे पर आसानी से डाला जा सके। अगर बैटर तवे पर आसानी से फैल रहा है तो ये सही कंसिस्टेंसी है।
6) कैसे स्टोर करें- एक बार जब डोसा फर्मेंट हो जाए, तो इसे रेफ्रिजरेटर या ठंडी जगह पर रख दें। अगर बहुत ज्यादा फर्मेंट होदा तो इससे खराब बदबू, खट्टापन या कड़वा स्वाद आ सकता है। -
-सीमा उपाध्याय
खाने में हल्का–फुल्का और टेस्टी पोहा भला किसे पसंद नहीं। बनाने में भी आसान होता है और झटपट बनकर तैयार भी हो जाता है। स्वाद के साथ–साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। आपने अलग–अलग तरह का पोहा खाया होगा लेकिन आज हम आपको एकदम अलग सी रेसिपी बताने वाले हैं। क्या आप जानते हैं कि पोहे की मदद से आप बड़ी जायेकदार और रबड़ीदार खीर भी बना सकते हैं? यह नॉर्मल खीर से बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होती है और इसे बनाना भी बहुत आसान होता है। यह इतनी गाढ़ी और मलाईदार होती है कि लगता है मानों आप रबड़ी ही खा रहे हैं। तो चलिए इसे बनाने की आसान सी रेसिपी जानते हैं।
बनाने के चाहिए होगा बस थोड़ा सा सामान
इस जायकेदार पोहे की खीर को बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरूरत नहीं है। लगभग हर सामान आपकी किचन में ही मिल जाएगा। आपको इसके लिए आधा कप पोहा, देसी घी, चार कप दूध, काजू, किश्मिश, चीनी और इलायची पाउडर की जरूरत है। आप इसे सजाने के लिए गुलाब के फूल की पंखुड़ियों का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
रेसिपी है बहुत आसान
पोहे की खीर को बनाना बेहद ही आसान है। जब आपका मन चाहे आप तुरंत इसे बनाकर स्वाद ले सकते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई पर एक पैन चढ़ाएं। पैन में दो बड़े चम्मच घी डालें और कटे हुए काजू, किशमिश और पिस्ता को अच्छे से भून लें। हल्का सा सुनहरा रंग होने पर इन्हें बाहर निकाल लें। अब इसी पैन में अपना पोहा डाल लें। इससे खीर में घी की बड़ी सौंधी–सौंधी खुशबू आ जाएगी। अब उसमें दूध डालकर पकाने के लिए रखे दें।
लगभग पांच से दस मिनट तक मीडियम आंच पर पकाएं। उसे बीच–बीच में चलाते भी रहें। थोड़ी देर में आप देखेंगे कि पोहा फूल जाएगा और दूध गाढ़ा होने लगेगा। बस इसी दौरान इलायची पाउडर और अपने ड्राई फ्रूट्स खीर में डाल लें। तो लीजिए तैयार है आपकी जायकेदार और रबड़ी जैसी पोहा खीर। अब गुलाब की पंखुड़ियों से इसकी गार्निशिंग करें और ठंडा-ठंडा सर्व करें। - स्किन पर जमी गंदगी और डेड स्किन को हटाने के लिए स्क्रब का इस्तेमाल करते हैं तो जानें कैसे नेचुरल तरीके से स्किन को क्लीन किया जा सकता है।सप्ताह में एक दिन डेड स्किन दूर करने के लिए स्क्रब और एक्सफोलिएट करने का समय निकालते हैं। तो इस नुस्खे को आजमा लें, कभी भी बॉडी पर डेड स्किन नहीं जमेगी। बस इसके लिए जरूरत है गीले कपड़े की।हर दिन नहाने के बाद किसी साफ तौलिये या मलमल के कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ कर लें।इस कपड़े से शरीर के सारे अंगों को हल्के हाथों से मलकर साफ करें। इससे बड़ी ही आसानी से डेड स्किन निकल जाएगी और बॉडी चमकने लगेगी।दरअसल, नहाने के बाद स्किन बिल्कुल सॉफ्ट रहती है और डेड स्किन भी नमी पाकर फूल जाती है। जिसे इस वक्त निकालना आसान रहता है। जब आप हल्के हाथों से स्किन को रगड़ते हैं तो डेड स्किन फटाफट निकलने लगती है।माइक्रोफाइबर जैसे कपड़े से शरीर को साफ कर लें। ध्यान रखें कि किसी कठोर कपड़े से स्किन ज्यादा ना रगड़ें, नहीं तो चोटहिल हो सकते हैं।
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मजबूत, घने बाल तो हर कोई चाहता है। इसके लिए कई सारे जतन भी करते हैं। लेकिन पता है कुछ चीजें जो बालों की अच्छाई से जुड़ी होती हैं। वो आपके हेयर को डैमेज करती हैं। जिसके बारे में जानना जरूरी है। आमतौर पर बालों के डैमेज होने के लिए हेयर स्टाइलिंग टूल, केमिकल वाले प्रोडक्ट, पॉल्यूशन और न्यूट्रिशन की कमी को माना जाता है। लेकिन इन सबके अलावा कुछ बहुत ही साधारण सी बातें होती हैं जो हेल्दी बालों को कमजोर और डैमेज कर देती हैं।
हर दिन बालों को भिगोना
अक्सर छोटे बाल वाले लोग लापरवाही करते हैं और देखभाल नहीं करते। ऐसे में अगर हर दिन बालों को पानी से धोते हैं और शैंपू नहीं करते हैं। तो इससे बालों के डैमेज होने के चांस बढ़ जाते हैं। बालों को इस तरह हर दिन भिगोना डैंड्रफ बढ़ाता है और साथ ही हेयरलॉस का खतरा भी ज्यादा रहता है।
भीगे बालों के साथ ही सो जाना
छोटे बाल वाले अक्सर हेयर केयर के मामले में लापरवाही करते हैं। भीगे बालों के साथ अगर आप बिस्तर पर लेट जाते हैं। तो इससे बालों में ब्रेकेज बढ़ जाता है। गीले बाल काफी जल्दी उलझ जाते हैं और जड़ें कमजोर होती हैं। जो जरा सी रगड़ पर बालों के गिरने की वजह बनती हैं। वहीं स्कैल्प के गीले होने पर उनमे बैक्टीरिया भी पनपने के चांस ज्यादा रहते हैं जो बालों को डैमेज कर देते हैं।
बार-बार कंघी करना
कुछ लोगों को लगता है कि बालों में बार-बार कंघी करना जरूरी है। लेकिन ऐसा नही है अगर आप बालों पर जल्दी-जल्दी कंघी करते हैं। फिर चाहे बाल सूखे ही क्यों ना हो, इससे बाल डैमेज होने लगते हैं और जड़ों से कमजोर हो जाते हैं। -
गर्मियां शुरू होते ही घरों में नींबू की डिमांड बढ़ जाती है। बॉडी को कूल रखने वाली शिंकजी से लेकर सलाद को चटपटा बनाने के लिए नींबू का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है। लेकिन आपको अगर फ्रेश और रसीले नींबू की पहचान नहीं है तो आपके पैसे और मूड दोनों खराब हो सकते हैं। दरअसल, ऐसे लोगों को नींबू काटने पर ही पता चलता है कि वे अंदर से रसीले हैं या सूखे हुए हैं। अगर आपको भी रसीले नींबू छांटना थोड़ा मुश्किल लगता है तो इन टिप्स को आजमाकर बड़ी आसानी से फ्रेश और रसीले नींबू खरीद सकते हैं।
फ्रेश और रसीले नींबू खरीदने के टिप्स-
नींबू को उठाकर देखें-
रसीले नींबू की पहचान करने के लिए सबसे पहला उपाय उसके वजन की जांच करके किया जा सकता है। रसीले फल हमेशा वजन में भारी लगते हैं। ऐसे में दो समान आकार के नींबू को दोनों हाथों में रखकर देखें कि उनमें से कौन-सा भारी है। वजन में हल्के नींबू रसीले नहीं होते हैं।
छिलके को सूंघकर चेक करें-
अगर बाजार में नींबू का रस निचोडक़र नहीं देख सकते तो उसके छिलके को सूंघकर भी उसके रसीले होने की पहचान की जा सकती है। नींबू के छिलके को हल्के से खुरचकर देखें ताकि उसका रस बाहर आ जाए। इसके अलावा यह भी चेक करें कि नींबू में नींबू जैसी खुशबू आ रही है या नहीं। नींबू अगर रसीला नहीं होगा तो उसमें लाइम की तरह खट्टी खुशबू आएगी।
नींबू का रंग-
हरे रंग के नींबू को लाइम कहा जाता है और वह अंदर से कच्चे हो सकते हैं। जबकि पीले नींबू रस से भरे हुए होते हैं। गहरे हरे रंग वाले नींबू कम रसीले होते हैं। नींबू में अगर पीले रंग के धब्बे हैं, तो वो ठीक होंगे लेकिन अगर उनमें भूरे रंग के दाग-धब्बे होंगे, तो समझ जाएं कि नींबू अंदर से बहुत ज्यादा पके हुए हैं। -
चिलचिलाती गर्मियों में ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाना भला किसे नहीं पसंद। वैसे भी आजकल तो इंटरनेट पर आइसक्रीम बनाने की तमाम रेसिपीज पड़ी हुई हैं। जैसी मर्जी वैसे फ्लेवर की आइसक्रीम का मजा घर पर बैठकर ही उठाया जा सकता है। फिर क्यों बाजार वाली केमिकल से भरी आइसक्रीम को खाना, लेकिन उसके लिए जरूरत है फ्रिज की। बिना इसके तो आइसक्रीम बनाने की सोच भी नहीं सकते, हैं ना। लेकिन आज हम आपके लिए ऐसा तरीका खोजकर लाए हैं जहां आपको फ्रिज की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और आप घर पर ही ढेर सारी आइसक्रीम का आनंद उठा पाएंगे।
बिना फ्रिज के बना रहे हैं आम की आइसक्रीम, तो चाहिए होंगी ये चीजें
बिना फ्रिज के आइसक्रीम बनाना बेहद ही आसान है। इसके लिए सबसे पहले हम अपने ही घर पर एक फ्रिज तैयार करेंगे। डरिए मत इसमें कोई झंझट या तामझाम नहीं है। इसके लिए बस आपको दो जिप लॉक बैग (वही प्लास्टिक के बैग जो आगे से बंद हो जाते हैं) , थोड़े से बर्फ के टुकड़े, आधा कप सेंधा नमक चहिए होगा। बस आपका फ्रिज तैयार है।
वैसे तो आप इस तरीके से अपने मन पसन्द की कोई भी आइसक्रीम बना सकते हैं , लेकिन यहां हम आपको आम की आइसक्रीम की रेसिपी बता रहे हैं। अब आम की आइसक्रीम बना रहे हैं तो जाहिर है आम की जरूरत होगी। इसके साथ ही थोड़ी चीनी या मिश्री, मलाई और दूध की भी जरूरत होगी।
ये है बिना फ्रिज आइसक्रीम जमाने का आसान तरीका
बिना फ्रिज के आइसक्रीम जमाने के लिए आपको सबसे पहले जो भी आइसक्रीम बना रहे हैं उसकी तैयारी कर लेनी है। यहां हम आम की आइसक्रीम बना रहे हैं तो सबसे पहले उसके मिश्रण को तैयार करेंगे। आम का गूदा निकाल लें। अब एक मिक्सर में उसे डालें। अब उसमें स्वाद अनुसार चीनी, आधा कप दूध और थोड़ी सी मलाई या क्रीम डाल दें। सब कुछ मिलकर एक घोल तैयार हो जाएगा।
अब बारी है इसे बिना फ्रिज के जमाने की। इसके लिए आपको एक प्लास्टिक बैग में बर्फ के टुकड़ों को भर लेना है। बर्फ के टुकड़े आप आसानी से किसी दुकान से खरीद सकते हैं। अब उसमें आधा कप सेंधा नमक डाल लीजिए। अपने आइसक्रीम के मिक्सचर को भी एक दूसरे प्लास्टिक बैग में पलट लीजिए। इस मिक्सर वाले बैग को बर्फ वाले बैग में बर्फ के बीचों बीच रख दीजिए। पूरे मिक्सचर वाले बैग को ऊपर से भी बर्फ से ढंक दीजिए। अब आप इसे तौलिया से ढंक दें और पांच मिनट के लिए हाथों से हिलाते रहें। बस पांच मिनट में ही आप देखेंगे कि आपकी आइसक्रीम पूरी तरह तैयार है। -
अमचूर का जिक्र आते ही मुझे आज से छह दशक पूर्व का समय याद आ जाता है, जब उत्तर भारत के अधिकांश घरों में कच्चे आमों को धोकर, छीलकर, चिप्स बनाने वाले स्लाइसर से काटकर धूप में सुखाया जाता था। फिर इमाम दस्ते में कूटकर पाउडर बनाया जाता था। कभी-कभी मसाले पीसने वाली चक्की से भी पिसवाया जाता था। उस समय यह मान्यता थी कि व्रत, त्योहार आदि में घर का कुटा-पिसा मसाला ज्यादा अच्छा और शुद्ध होता है। फिर धीरे-धीरे समय बदला और घर में अमचूर पाउडर बनाने की परंपरा खत्म हो गई। व्यस्तता बढ़ी तो बाजार से बनी-बनाई चीजें खरीदने का चलन भी बढ़ा। अधिकांश घरों में अब अमचूर पाउडर बाजार से आने लगा है। पर आज भी कई महिलाएं कच्चे आम के टुकड़ों पर मसाला लगाकर सुखाती हैं और उसे दाल आदि में डालती हैं। पर, आज हम सिर्फ अमचूर पाउडर की ही बात कर रहे हैं।
कैसे होता है अमचूर का इस्तेमाल?
अमचूर यानी कच्चे आम का पाउडर उन मसालों में से एक है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर भारतीय डिशेज में चटपटा व खट्टा स्वाद जोडऩे के लिए किया जाता है। कई शाकाहारी व्यंजनों जैसे भरवां सब्जी का मसाला पाउडर बनाने की कल्पना इसके बिना नहीं की जा सकती है। इसी तरह चाट मसाला पाउडर का तो यह एक अभिन्न हिस्सा है। इसके अलावा हम कई सब्जी की करी में, समोसा, पराठा आदि की स्र्टंफग में भी इसका इस्तेमाल करते हैं।
कैसे करें इस पाउडर का कुकिंग में इस्तेमाल
अमचूर पाउडर कच्चे आमों से बना बेज या हल्के भूरे रंग का पाउडर होता है। एक चम्मच अमचूर पाउडर में लगभग तीन से चार चम्मच तक नीबू के रस के बराबर खटास पाई जाती है।
कैसे करें इस पाउडर का कुकिंग में इस्तेमाल, आइए जानें:
-जब छोले या सफेद मटर में चाय के पानी व इमली का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं ,तब अमचूर पाउडर को तवे पर गाढ़ा रंग होने तक धीमी गैस पर रोस्ट करके, छोले व सफेद मटर में मिला दें
-पकौड़े के घोल में भी थोड़ा सा अमचूर पाउडर डाल देने से पकौड़े का स्वाद बहुत बढिय़ा हो जाता है।
-जब कच्ची अमिया का सीजन खत्म हो जाता है तो धनिया-पुदीने की चटनी बनाने में अमचूर पाउडर का ही इस्तेमाल करें।
-पाव भाजी में, चाट मसाला पाउडर में और भरवां सब्जी मसाला पाउडर में अमचूर पाउडर जरूर डालें।
-साबूत मलका मसूर की दाल में थोड़ा सा अमचूर पाउडर डालें। स्वाद शानदार हो जाएगा।
-वेजिटेबल सैंडविच के भरावन में, ब्रेड रोल, समोसे आदि की फिलिंग में थोड़ा अमचूर पाउडर डालें। स्वाद बेमिसाल हो जाएगा।
-हरी मिर्च, लाल मिर्च के अचार के भरावन में भी अमचूर पाउडर डालने से उसका स्वाद बढ़ जाता है।
जब भी झटपट मीठी चटनी बनानी हो, तो अमचूर पाउडर में चीनी या गुड़ मिलाकर पका दें। फिर इसमें हींग, जीरा पाउडर,काला व सफेद नमक, देगी मिर्च आदि डाल दें। दस मिनट के अंदर बढिय़ा और स्वादिष्ट मीठी चटनी तैयार हो जाती है। जब घर में दही नहीं हो तब टोफू या पनीर को मैरीनेट करते समय अमचूर पाउडर में हल्दी, अदरक-लहसुन पेस्ट, थोड़ा तेल, देगी मिर्च व सत्तू डालकर पेस्ट बनाकर मैरिनेट कर लें। स्वाद बिल्कुल अलग हो जाता है। अमचूर पाउडर के स्वाद को बनाए रखने के लिए खाना पकाने के अंत में इसे डालना सबसे अच्छा रहता है।
सेहत को भी मिलेगा लाभ
अमचूर पाउडर सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, शुगर, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट आदि कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत उपयोगी हैं। यह कई तरह से सेहत को लाभ पहुंचाता है:
1 यह पाचन में सहायक है। इसमें आयरन पाया जाता है, जो गर्भावस्था में फायदेमंद है।
2 अमचूर त्वचा और बालों को भी फायदा पहुंचाता है। दृष्टि में सुधार लाता है क्योंकि इसमें विटामिन-ए पाया जाता है।
3 यह वजन घटाने में फायदेमंद है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। साथ ही इस पाउडर में कार्बोहाइड्रेट भी बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। -
गरम-गरम पूडिय़ां खाने को मिल जाएं तो दिन बन जाता है। घर में चाहे कुछ भी बना हो लगभग सभी चीजों के साथ पूडिय़ां अच्छी लगती हैं। कई बार तो घर में कोई सब्जी भी ना हो तो बस अचार संग ही इसका आनंद उठा सकते हैं। लेकिन रोज-रोज तेल में तली हुई पूडिय़ां खाना अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। पर क्या हो अगर हम तेल की जगह पानी में पूडिय़ां तल लें। ये सुनने में जरूर अटपटा लग सकता है , लेकिन बीते दिनों इंटरनेट पर बिना तले पूडिय़ां बनाने का एक अनोखा तरीका जमकर वायरल हुआ है। हैरानी की बात ये है कि यह एकदम परफेक्ट काम करता है तो चलिए आज आपको भी वो आसान सा तरीका बता ही देते हैं ताकि आप भी जी भरकर पूडिय़ों का लुफ्त उठा सकें।
बस इन चीजों की होगी जरूरत
बिना तेल की पूडिय़ां बनाने के लिए भी उसी तरह से आटा गूंथना होगा जैसे आप नॉर्मल पूड़ी के लिए गूंथती हैं। बस यहां आपको एक छोटी सी ट्रिक को फॉलो करना है। आटा लगाते वक्त थोड़ा सा दही उसमें मिला लें। दरअसल बिना तेल में तले पूड़ी के टाइट हो जाने का खतरा रहता है। दही हमारी पूडिय़ों को नरम और मुलायम रखने में मदद करेगी। लगभग 1 कप आटा है तो कम से कम दो से तीन चम्मच दही उसमें इस्तेमाल करनी है। आप इसी मात्रा के हिसाब से अपना आटा तैयार कर सकती हैं। इसके बाद कम से कम दस मिनट के लिए आप अपने आटे को वैसा ही छोड़ दें।
हैरान कर देगा ये आसान और अनोखा अंदाज
पानी में पूडिय़ां बनाने का यह अनोखा अंदाज वाकई आपको अचंभे में डाल देगा। इसका तरीका भी बेहद ही आसान है। आटा तैयार होने के बाद आप उसकी लोईयों को नॉर्मल पूडिय़ों की तरह ही बेल लें। अब एक कढ़ाई में पानी डालकर उसे उबलने के लिए रख दें। जब पानी में अच्छे से उबाल आ जाए तब इसमें अपनी पुडिय़ों को एक-एक करके डालना है। कढ़ाई में डालने के लगभग डेढ़ मिनट बाद आपकी पूड़ी पानी के ऊपर तैरने लगेगी। बस तभी उसे बाहर निकाल लेना है। ऐसा कर के आपको सारी पुडिय़ों को तैयार कर लेना है।
अभी आपको लग रहा होगा कि ये तो केवल उबला हुआ कच्चा आटा हैं। तो जरा ठहरिए । इन उबली हुई पुडिय़ों को थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। अब अपने घर में रखे एयर फ्रायर को लगभग दस मिनट के लिए 180 डिग्री पर प्री हीट कर लें। अब इस प्री हीट हो चुके एयर फ्रायर में अपनी पूडिय़ां डालें और लगभग चार मिनट में आपकी पूडिय़ां बनकर तैयार हो जाएंगी। आप देखेंगे कि ये एकदम तेल में तली हुई पुडिय़ों की तरह ही क्रिस्पी और करारी हैं। अब बिना सेहत की फिक्र किए आप इनका लुफ्त उठा सकते हैं।











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