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- नयी दिल्ली. लक्जरी कार विनिर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरदीप सिंह बरार ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि अगले कुछ वर्ष में उसके इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी और 2030 से पहले कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत होगी। जर्मनी की लक्जरी कार विनिर्माता कंपनी की भारत के इलेक्ट्रिक वाहन खंड की कुल बिक्री में हिस्सेदारी वर्तमान में करीब 21 प्रतिशत है। बरार ने कहा कि कंपनी देश में अपने हर वाहन खंड में इलेक्ट्रिक मॉडल लाना चाहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ हमने इलेक्ट्रिक खंड में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम इसे और आगे बढ़ाना चाहेंगे। आज हम 21 प्रतिशत पर हैं और मुझे लगता है कि इसी दर से हम 2030 से पहले ही 30 प्रतिशत तक पहुंच सकते हैं, जो कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य है।'' बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने जनवरी और सितंबर के बीच 2,509 इलेक्ट्रिक बीएमडब्ल्यू और मिनी की खुदरा बिक्री की जो सालाना आधार पर 246 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई। इसमें आईएक्स1 सबसे अधिक बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार रही जबकि आई7 दूसरे स्थान पर रही। समग्र रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी अपने बिक्री नेटवर्क को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। बरार ने कहा, ‘‘ हमें नेटवर्क बढ़ाना होगा क्योंकि छोटे व मझोले शहरों में अच्छी वृद्धि हो रही हैं इसलिए हमें उन शहरों में भी पहुंचना होगा।'' उन्होंने कहा कि बीएमडब्ल्यू स्वामित्व की लागत कम करने के लिए वित्तीय पहल पर भी काम करेगी।बरार ने कहा, ‘‘ हम इस अंतर को कैसे पाटें और उपभोक्ताओं को यह विश्वास कैसे दिलाएं कि लक्जरी कार खरीदना महंगा नहीं है। यह आम प्रीमियम कार जितनी ही किफायती हैं। ये कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर हम काम करना चाहेंगे।'' बीएमडब्ल्यू ने मंगलवार को भारत में नई मिनी जॉन कूपर वर्क्स कंट्रीमैन ऑल4 पेश की। इसकी कीमत 64.9 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह कार देश में पूरी तरह से तैयार इकाई (सीबीयू) के रूप में उपलब्ध होगी। यह मॉडल 2.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आता है...जिससे यह भारत में पेश की गई अब तक की सबसे शक्तिशाली मिनी बन जाती है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने जुलाई-सितंबर 2025 में 4,204 इकाइयों के साथ तीसरी तिमाही की अपनी अब तक की सबसे अधिक कार बिक्री दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 21 प्रतिशत अधिक है। समूह ने 2025 के पहले नौ महीनों में 11,978 इकाइयों की अपनी अब तक की सबसे अधिक कार बिक्री दर्ज की जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। बीएमडब्ल्यू ब्रांड की जनवरी-सितंबर, 2025 की अवधि में 11,510 इकाइयां, मिनी ब्रांड की 468 इकाइयां बिकीं जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री 3,976 इकाई रही।
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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि भारत के बैंक और उनकी विदेशी शाखाएं अब भूटान, नेपाल और श्रीलंका में रहने वाले व्यक्तियों और बैंकों को भारतीय रुपये में ऋण मुहैया करा सकती हैं। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि यह कदम विदेशी विनिमय प्रबंधन (उधारी एवं ऋण) विनियम, 2018 और विदेशी मुद्रा खाता प्रबंधन विनियम, 2015 में संशोधनों के तहत उठाया गया है। इसका उद्देश्य ‘बाहरी व्यापार और भुगतान को सुगम बनाना' है। रिजर्व बैंक ने कहा, ‘‘भारत में अधिकृत डीलर बैंकों और उनकी विदेशी शाखाओं को अब भूटान, नेपाल और श्रीलंका में रहने वाले व्यक्तियों और बैंकों को रुपये में ऋण देने की अनुमति है, ताकि सीमापार व्यापार लेनदेन को सुविधाजनक बनाया जा सके।'' इसके अलावा जनवरी, 2025 में आरबीआई ने भारतीय निर्यातकों को यह मंजूरी दी थी कि वे विदेशों में किसी बैंक में विदेशी मुद्रा खाते खोलकर अपने निर्यात प्राप्तियों को संग्रहीत कर सकें। इन खातों में अप्रयुक्त शेष राशि को अब तक अगले महीने के अंत तक वापस भेज देना अनिवार्य था। हालांकि, आरबीआई ने अब इस अवधि को बढ़ाकर तीन महीने कर दिया है, यदि विदेशी मुद्रा खाता भारत के आईएफएससी में किसी बैंक में रखा गया हो। आरबीआई ने एक अक्टूबर, 2025 को अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा के दौरान इस कदम की घोषणा की थी।
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नयी दिल्ली. खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 2.07 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह कमी सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण हुई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर, 2024 में 5.49 प्रतिशत थी। सितंबर, 2025 से पहले इसका न्यूनतम स्तर जून, 2017 में 1.46 प्रतिशत था। यह दूसरी बार है जब 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत से नीचे आई है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उपभोक्ता कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर बनी रहे, जिसमें दो प्रतिशत की घट-बढ़ हो सकती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा, ‘‘अगस्त, 2025 की तुलना में सितंबर की मुख्य मुद्रास्फीति में 0.53 प्रतिशत की कमी आई है। यह जून, 2017 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम मुद्रास्फीति है।'' एनएसओ ने बयान में कहा, ‘‘सितंबर, 2025 के दौरान अनुकूल आधार प्रभाव के साथ ही सब्जियों, तेल तथा वसा, फल, दाल, अनाज, अंडे, ईंधन और प्रकाश की कीमतों में कमी के कारण मुख्य मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट हुई।'' सितंबर, 2025 के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति सालाना आधार पर शून्य से 2.28 प्रतिशत नीचे रही, जबकि अगस्त में यह शून्य से 0.64 प्रतिशत नीचे और पिछले साल सितंबर में 9.24 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया है। अगस्त में इसके 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति 1.07 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.04 प्रतिशत रही। सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल में 9.05 प्रतिशत और सबसे कम उत्तर प्रदेश में शून्य से 0.61 प्रतिशत नीचे रही। आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सीपीआई मुद्रास्फीति सितंबर, 2025 में 99 महीने के निचले स्तर पर आ गई। ऐसा खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में अनुमान से कहीं अधिक कमी के कारण हुआ। नायर ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में सीपीआई मुद्रास्फीति औसतन 2.6 प्रतिशत रहेगी। ऐसा जीएसटी युक्तिकरण और नरम खाद्य कीमतों के चलते होगा।'' इक्रा का मानना है कि दिसंबर, 2025 में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कमी हो सकती है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) के संयुक्त निदेशक पारस जसराय ने कहा कि खाद्य कीमतों में गिरावट की प्रवृत्ति अक्टूबर, 2025 तक बनी रहेगी, और टमाटर, प्याज, आलू तथा दालों जैसी प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में दोहरे अंक में गिरावट आएगी। इंड-रा को उम्मीद है कि अक्टूबर, 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति लगभग एक प्रतिशत होगी।
- नयी दिल्ली. वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हालिया सुधार पैकेज से बैंकों का परिचालन वातावरण मजबूत होगा और बैंकों को ऋण प्रवाह बनाए रखने के लिए अधिक गुंजाइश मिल सकती है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) ढांचे और संशोधित बासेल-3 मानदंडों को लागू करने का प्रस्ताव सही समय पर लिया गया फैसला है, जिससे बैंकों को आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं का लाभ मिल सकेगा। एक बयान में कहा गया, ‘‘पांच साल की बदलाव की अवधि के साथ एक अप्रैल, 2027 तक ईसीएल को लागू करने से बैंकों को अपने मॉडल को बेहतर बनाने, आंकड़े जमा करने और लाभप्रदता तथा पूंजी पर ईसीएल प्रावधान के प्रभाव को कम करने का समय मिलेगा।'' एसएंडपी ने आगे कहा कि बासेल-3 सुधारों के तहत अनुमानित उच्च पूंजी अनुपात ईसीएल प्रावधानों को कम कर सकते हैं। फिच रेटिंग्स ने एक बयान में कहा कि आरबीआई का हालिया सुधार पैकेज देश के वित्तीय क्षेत्र के लिए व्यापक रूप से सकारात्मक होगा, और बेहतर नियामकीय ढांचे से बैंकों के परिचालन वातावरण को मजबूती मिलने की संभावना है। आरबीआई की योजना एक अप्रैल, 2027 से ईसीएल ढांचे को लागू करने की है, जो मौजूदा हानि-आधारित प्रावधान प्रणाली से हटकर भारत को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाएगा। बैंकों को मार्च, 2031 तक प्रावधान समायोजन को सुचारू करने की अनुमति होगी।
- नयी दिल्ली। अमेरिका-चीन के बीच नए व्यापारिक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतें 1,950 रुपये बढ़कर 1,27,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शुक्रवार को 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसके अलावा, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,950 रुपये बढ़कर 1,27,350 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में यह 1,25,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषण (जिंस और मुद्रा) के उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘अमेरिका-चीन के बीच नए व्यापारिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग में फिर से तेजी आने से सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।'' अमेरिकी प्रशासन द्वारा चुनिंदा चीनी उत्पादों पर 100 प्रतिशत शुल्क वृद्धि की घोषणा और चीन द्वारा दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की धमकी ने वैश्विक अनिश्चितता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ा दिया है। त्रिवेदी ने कहा, ‘‘यह भू-राजनीतिक तनाव, साथ ही सुरक्षा चाहने वाले निवेशकों की निरंतर मांग से सोना मजबूत हो रहा है।'' सर्राफा संघ के अनुसार, हाजिर बाजारों में चांदी की कीमतों में भी ज़बर्दस्त तेजी देखी गई। सोमवार को यह 7,500 रुपये की छलांग के साथ 1,79,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को यह 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना लगभग दो प्रतिशत बढ़कर 4,084.99 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘सर्राफा की कीमतें नए और अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसकी मुख्य वजह ज़ोरदार त्योहारी मांग और संरचनात्मक आपूर्ति एवं नकदी की कमी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सोने में यह उछाल मुख्य रूप से बढ़ती निवेश रुचि के कारण है, जो स्थायी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार संचय की पृष्ठभूमि में है।'' विदेशी बाजारों में हाजिर चांदी लगभग ती प्रतिशत बढ़कर 51.74 डॉलर प्रति औंस के नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी। दुर्लभ खनिजों पर चीन के नए निर्यात नियंत्रणों के जवाब में, एक नवंबर से चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लागू होगा।
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कैंडोलिम (गोवा) .चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का शीर्ष निकाय, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई), भारत के स्वदेशी कृत्रिम मेधा (एआई) मॉडल को सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय और आर्थिक आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के साथ बातचीत कर रहा है। मंत्रालय देश का अपना बड़ा भाषा मॉडल (एलएलएम) विकसित करने के लिए काम कर रहा है।
आईसीएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संस्थान भारत में विकसित किए जाने वाले एलएलएम (बड़े भाषा मॉडल) को सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय और आर्थिक आंकड़े उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। आईसीएआई के चार लाख से अधिक सदस्य हैं।
अधिकारी ने बताया, ‘‘हम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। आईसीएआई का प्रस्ताव है कि भारत में विकसित किए जा रहे एलएलएम को वित्तीय और आर्थिक डेटा उपलब्ध कराया जाए।'' उन्होंने बताया कि संस्थान के पास कंपनियों के बही-खाते, ऑडिट रिपोर्ट जैसी प्रमाणित जानकारी है, जो एआई मॉडल के लिए उपयोगी हो सकती है। आईसीएआई का कहना है कि वे प्रामाणिक और सटीक वित्तीय डेटा देने में सक्षम हैं। - मुंबई. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने शनिवार को कहा कि प्रवासी भारतीयों के लिए भारतीय बाजारों में निवेश को सुविधाजनक बनाना पूंजी बाजार नियामक का एक प्रमुख लक्ष्य है। नियामक ऐसे उपायों पर विचार कर रहा है, जिससे अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को केवाईसी आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए अपने देश की यात्रा न करनी पड़े। पांडेय ने यहां बीएसई ब्रोकर्स फोरम के एक कार्यक्रम में कहा, ''हम अभी तक प्रतिभूति बाजार में एनआरआई की भागीदारी को आसान बनाने के लिए सरल और सुरक्षित केवाईसी प्रक्रिया स्थापित नहीं कर पाए हैं। यह हमारे लिए एक जरूरी लक्ष्य होगा।'' पांडेय ने कहा कि सेबी आरबीआई और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के साथ संपर्क में है, ताकि एक ऐसी प्रणाली बनाई जा सके, जिसमें एनआरआई को केवाईसी सत्यापन के लिए भारत आने को मजबूर न होना पड़े।
- कोलकाता. प्रमुख आभूषण खुदरा विक्रेता सेंको गोल्ड लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में मजबूत बिक्री की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि इस दौरान त्योहारी और शादी के मौसम से उसे लाभ होगा। सेंको गोल्ड ने भरोसा जताया कि इस साल सोने की कीमतों में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उसकी बिक्री में 18-20 प्रतिशत की वृद्धि बनी रहेगी। कंपनी ने बताया कि उसने त्योहारों और शादी के लिए अलग-अलग तरह के आभूषण तैयार किए हैं। उसे उम्मीद है कि तीसरा तिमाही साल की सबसे अच्छी बिक्री वाली तिमाही होगी, क्योंकि इस दौरान धनतेरस, दिवाली और शादी का मौसम होता है। सेंको गोल्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुवंकर सेन ने बताया, ''सालाना आधार पर सोने की कीमतें पहले ही 14-15 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। इसके बावजूद तीसरी और चौथी तिमाही में उपभोक्ता मांग के लिए हमारा नजरिया आशावादी है, क्योंकि आर्थिक स्थिति अच्छी है और हाल ही में जीएसटी दर में कटौती हुई है। हमें वित्त वर्ष 2025-26 में 18-20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि हासिल होने की उम्मीद है।''
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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 328.72 अंक या 0.40 प्रतिशत की मजबूती के साथ 82,500.82 और निफ्टी 103.55 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,285.35 पर था।
बाजार को ऊपर खींचने का काम बैंकिंग शेयरों ने कियाबाजार को ऊपर खींचने का काम बैंकिंग शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 417.70 अंक या 0.74 प्रतिशत की मजबूती के साथ 56,609.75 पर था। निफ्टी ऑटो (0.50 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (1.67 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.44 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.44 प्रतिशत) और निफ्टी एनर्जी (0.43 प्रतिशत) की मजबूती के साथ बंद हुआ।टाटा स्टील, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाइटन, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स थेवहीं, निफ्टी मेटल (0.91 प्रतिशत) और निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स (0.18 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में एसबीआई, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, इटरनल (जोमैटो), सन फार्मा, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाइटन, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स थे।एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि निफ्टी ने हाल ही में कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेक आउट दिया हैएलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि निफ्टी ने हाल ही में कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेक आउट दिया है। इस कारण आने वाले समय में ट्रेंड सकारात्मक रह सकता है। अगर ऐसे में कोई भी गिरावट होती है तो यह खरीदारी का मौका हो सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 25,500-25,550 तक जा सकता है, गिरावट की स्थिति में सपोर्ट 25,150 पर है और अगर यह इस स्तर के नीचे जाता है और गिरावट बढ़ सकती है।वैश्विक स्तर पर ‘गाजा शांति समझौता’ संघर्ष समाप्त होने और क्षेत्र से भू-राजनीतिक जोखिम में कमी का संकेत देता हैजानकारों के मुताबिक, “कुल मिलाकर बाजार का माहौल सकारात्मक हो रहा है। वैश्विक स्तर पर ‘गाजा शांति समझौता’ संघर्ष समाप्त होने और क्षेत्र से भू-राजनीतिक जोखिम में कमी का संकेत देता है।” भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सत्र में हरे निशान में खुला। बाजार में चौतरफा तेजी देखी जा रही है। सुबह 9:33 पर सेंसेक्स 227 अंक या 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,399 और निफ्टी 63 अंक या 0.25 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,245 पर था। -
नयी दिल्ली. प्रीमियम मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी रॉयल एनफील्ड की 350 सीसी की सभी मोटरसाइकिल अब ऑनलाइन ई-कॉमर्स मंच अमेजन से खरीदी जा सकेंगी। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने बयान में कहा कि फिलहाल पांच प्रमुख शहरों अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, दिल्ली और पुणे के ग्राहकों के लिए ही यह सेवा शुरू की गई है। बयान में कहा गया कि क्लासिक 350, बुलेट 350, हंटर 350, गोअन क्लासिक 350 और नई मेट्योर 350 अमेजन इंडिया पर रॉयल एनफील्ड ब्रांड के बिक्री केंद्र के जरिये बेची जाएंगी। रॉयल एनफील्ड ने बताया कि मोटरसाइकिल की आपूर्ति और बिक्री के बाद की सेवाएं ग्राहक के शहर में मौजूद उनके पसंदीदा रॉयल एनफील्ड डीलरशिप के जरिये की जाएगी।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को चांदी की कीमतें 6,000 रुपये बढ़कर 1 लाख 63 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गईं। विदेशी बाजारों में पहली बार चांदी 50 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू गई। विश्लेषकों ने कहा कि मजबूत औद्योगिक मांग, भू-राजनीतिक, आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों ने चांदी की मांग को बढ़ावा दिया है। एक सप्ताह में दूसरी बार चांदी में इतनी तेज उछाल देखा गया। छह अक्टूबर को यह 7,400 रुपये चढ़कर 1,57,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, बुधवार को चांदी 1,57,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
स्थानीय सर्राफा बाजार में, 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बृहस्पतिवार को क्रमशः 1,26,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर अपरिवर्तित रहा। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,039.26 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। हाजिर बाजारों में चांदी दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर पहली बार 50 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गई। रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा, ‘‘बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती पर दांव लगाने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।'' निवेशक अमेरिकी सरकार के वित्तपोषण की दिक्कतों के कारण कुछ विभागों का कामकाज ठप होने (शटडाऊन) के प्रभावों पर विचार कर रहे हैं, जिसने आर्थिक परिदृश्य को धुंधला कर दिया है और फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण प्रमुख आंकड़ों के जारी होने में देरी की है। पीएल वेल्थ के उत्पाद एवं पारिवारिक कार्यालय प्रमुख राजकुमार सुब्रमण्यन ने कहा, ‘‘चांदी का मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 50 डॉलर प्रति औंस की सीमा को पार करना कीमती धातु बाजारों के लिए एक निर्णायक क्षण है।'' सुब्रमण्यन ने कहा, ‘‘चांदी ने इस साल अबतक 72 प्रतिशत लाभ प्रदान किया है, जबकि सोने ने 54 प्रतिशत लाभ दिया है।'' इस बीच, बाजारों को फ्रांस में नए सिरे से राजनीतिक उथल-पुथल और जापान में नेतृत्व परिवर्तन का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, तंग भौतिक बाजार ने भी चांदी की कीमतों को सहारा दिया, जिसे सौर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों से मजबूत औद्योगिक मांग का समर्थन मिला। सिल्वर इंस्टिट्यूट ने वर्ष 2025 में लगातार पांचवें वर्ष वैश्विक आपूर्ति घाटे का अनुमान लगाया है। -
नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हरे निशान में खुला। बाजार की नजर आज से शुरू हो रहे नतीजों के सीजन पर बनी हुई है। शुरुआती कारोबार में आईटी, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है। सुबह करीब 9.25 बजे, सेंसेक्स 191.14 अंक या 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,964.80 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 59.20 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,105.35 पर कारोबार कर रहा था।
ब्रॉडकैप सूचकांकों में, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.21 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी रियलिटी 1.35 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। निफ्टी फार्मा 1.29 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। निफ्टी आईटी 0.56 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.17 प्रतिशत की बढ़त में रहे। निफ्टी एफएमसीजी 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।बाजार जानकारों के अनुसार, “नतीजों के सीजन पर बाजार की गहरी नजर रहेगी। आईटी शेयरों में गिरावट के बाद कुछ सुधार देखने को मिला है, लेकिन इस सेगमेंट के लिए मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं। बैंकिंग शेयर कमजोर कमाई की उम्मीदों के चलते सीमित दायरे में ही रहे हैं। असुरक्षित ऋण सेगमेंट में एनआईएम का दबाव और बढ़ती देनदारियां बैंकिंग नतीजों पर असर डालेंगी।”उन्होंने आगे कहा कि कुल मिलाकर दूसरी तिमाही की कमाई सामान्य रहने की संभावना है, इसलिए बाजार की नजर ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी वस्तुओं के वास्तविक बाजार में हो रहे बदलावों पर रहेगी। इन वस्तुओं की मजबूत मांग की उत्साहजनक रिपोर्टें हैं और यह तीसरी तिमाही और उसके बाद भी अच्छे नतीजों में तब्दील होंगी।इस बीच, सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एचसीएल टेक, इटरनल, सनफार्मा, इंफोसिस और एमएंडएम टॉप गेनर्स थे। पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और टाइटन टॉप लूजर्स थे। अमेरिकी मार्केट में पिछले ट्रेडिंग सेशन में डाउ जोंस 1.20 अंक की मामूली गिरावट के साथ 46,601.78 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 39.13 अंक या 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,753.72 और नैस्डेक 255.01 अंक या 1.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,043.38 पर हरे निशान में बंद हुआ। सुबह के कारोबार में अधिकांश एशियाई मार्केट हरे रंग में कारोबार कर रहे थे। चीन का शंघाई इंडेक्स 1.26 प्रतिशत की बढ़त में रहा। जापान का निक्केई 1.41 प्रतिशत की तेजी में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.07 प्रतिशत की गिरावट में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.70 प्रतिशत की बढ़त में रहा। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 8 अक्टूबर को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 81.28 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 329.96 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। -
नयी दिल्ली. रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बुधवार को कहा कि भारत को डिजिटल क्रांति में सबसे आगे रखने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी नवाचार और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भारत डिजिटल क्रांति में अग्रणी बना रहे। अंबानी ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 देश की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस कार्यक्रम से इतर कहा, ‘‘ आज हमने सेमीकंडक्टर से लेकर धोखाधड़ी प्रबंधन और 6जी तक पूरी मूल्य श्रृंखला देखी...हम नवाचार करने और भारत को डिजिटल क्रांति में सबसे आगे रखने के लिए तत्पर हैं।'' इस बीच, उद्योग संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक एस. पी. कोचर ने कहा कि आईएमसी का उद्घाटन नवाचार एवं प्रौद्योगिकी प्रगति पर आधारित कार्यक्रम की मजबूत शुरुआत है। कोचर ने कहा, ‘‘ जैसा कि प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारत का प्रौद्योगिकी भविष्य सक्षम हाथों में है और देश एक डिजिटल-प्रथम मंच के रूप में मजबूती से उभर रहा है। संचार अब दूर-दराज के कोनों तक पहुंच रहा है, जिसे तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी उन्नयन एवं सरकार के मार्गदर्शन में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा स्पैम/घोटालों जैसी अवांछित गतिविधियों के खिलाफ की जा रही ठोस कार्रवाई का समर्थन मिला है।'' उन्होंने कहा कि स्थापित कंपनियों और स्टार्टअप दोनों को बढ़ावा देने वाला एक संतुलित परिवेश, भारत की डिजिटल गति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में बुधवार को जोरदार तेजी देखी गई और कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। यह इतिहास में पहला मौका है, जब सोने की कीमत ने इस आंकड़े को पार किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने के दिसंबर फ्यूचर्स की कीमत भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे 4,040 डॉलर प्रति औंस थीअंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने के दिसंबर फ्यूचर्स की कीमत भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे 4,040 डॉलर प्रति औंस थी।सोने की कीमतों में तेजी की वजह वैश्विक अस्थिरता है, जिसके कारण निवेशक सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों में अतिरिक्त कटौती की संभावना ने इस तेजी को और हवा दी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट दाम 0.87 प्रतिशत बढ़कर 1,22,170 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखने को मिल रही है, चांदी के 5 दिसंबर के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1,47,354 रुपए प्रति किलो हो गया हैसोने के साथ चांदी में भी तेजी देखने को मिल रही है। चांदी के 5 दिसंबर के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1,47,354 रुपए प्रति किलो हो गया है। इसकी कीमत में बुधवार को 1.07 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 1.44 प्रतिशत बढ़कर 48.20 डॉलर प्रति औंस हो गई है। इस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने 55 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 70 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।दुनिया के बड़े निवेश बैंकों में से एक गोल्डमैन सैश का कहना है कि सोना अगले साल तक 5,000 डॉलर प्रतिशत औंस तक जा सकता हैदुनिया के बड़े निवेश बैंकों में से एक गोल्डमैन सैश का कहना है कि सोना अगले साल तक 5,000 डॉलर प्रतिशत औंस तक जा सकता है, जो कि फिलहाल 4,000 डॉलर प्रति औंस से अधिक है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं और फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की ओर बढ़ता है, तो सोने की रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी रह सकती है।बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश के कारण सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गई हैंबढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश के कारण सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गई हैं। उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका में सरकार का शटडाउन होना, फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल, जापान और अर्जेंटीना में आर्थिक चिंताएं और रूस-यूक्रेन युद्ध में वृद्धि, कीमती धातुओं में खरीदारी को बढ़ावा दे रही हैं।” -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमत 700 रुपये उछलकर 1,24,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। अमेरिका में वित्त पोषण को लेकर विवाद के बीच विभिन्न विभागों में कामकाज ठप होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में और कटौती की बढ़ती संभावनाओं के साथ सोने में तेजी आई। हालांकि, चांदी अपने अपने उच्चतम स्तर से 3,400 रुपये की गिरावट के साथ 1,54,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना सोमवार को 1,23,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। स्थानीय सर्राफा बाजार में, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना मंगलवार को 700 रुपये बढ़कर 1,23,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में यह 1,22,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि, चांदी अपने अपने उच्चतम स्तर से 3,400 रुपये की गिरावट के साथ 1,54,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। सोमवार को चांदी 1,57,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना गिरावट के साथ 3,958.18 डॉलर प्रति औंस पर रहा। मंगलवार को सोने की कीमत 3,977.45 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी आई और हाजिर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण पड़ाव के करीब पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व की नरम मौद्रिक नीति की अपेक्षााओं और सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की निरंतर मांग के कारण सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं, जबकि तकनीकी रूप से यह जरूरत से ज्यादा खरीद वाला क्षेत्र था।'' इस बीच, अमेरिका में सात दिनों से विभिन्न विभागों में कामकाज ठप (शटडाउन) है और अभी भी कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। गांधी ने कहा, ‘‘इस शटडाउन ने वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है और कीमती धातुओं को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, फ्रांस और जापान में चल रहे राजनीतिक तनाव और लगातार भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की मांग बढ़ रही है।'' हाजिर चांदी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48.46 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी सरकार के मौजूदा ‘शटडाउन' के कारण सितंबर की रोजगार रिपोर्ट सहित महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के जारी होने में देरी हुई है। अमेरिकी वृहद आर्थिक संकेतकों की अनुपस्थिति और इस साल फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में दो बार कटौती की बढ़ती उम्मीदों ने सर्राफा कीमतों की मांग को और मजबूत किया है। - नयी दिल्ली. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सोमवार को एक अध्ययन रिपोर्ट में सुझाव दिया कि कंपनियों को अपनी एआई प्रणाली का खुद ही ऑडिट करना चाहिए ताकि संभावित प्रतिस्पर्धा संबंधी मुद्दों को समय रहते चिह्रित कर उनका समाधान निकाला जा सके। कृत्रिम मेधा (एआई) और बाजार प्रतिस्पर्धा पर किए गए इस अध्ययन पर तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, खुद प्रतिस्पर्धा आयोग को भी अपनी तकनीकी क्षमताओं और आधारभूत संरचना को मजबूत करना चाहिए। अध्ययन रिपोर्ट में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि डिजिटल बाजारों और एआई से संबंधित विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक शोध संस्थान बनाया जाए जो अंतर-नियामकीय समन्वय को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए। इस अध्ययन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों और बहुपक्षीय मंचों के साथ सहयोग करने की भी सिफारिश की है। रिपोर्ट में गणना-पद्धति यानी अल्गोरिद्म पर आधारित मिलीभगत, एआई संचालित मूल्य निर्धारण रणनीतियों और मूल्य भेदभाव की संभावनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट कहती है कि एआई बाजारों में पारदर्शिता की कमी से प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है। इसलिए कंपनियों को प्रणालीगत पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना असमानता को कम करने के लिए कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। अध्ययन में एआई के प्रतिस्पर्धात्मक और विरोधाभासपूर्ण दोनों प्रभावों की पहचान की गई है। इसमें एआई मूल्य श्रृंखला में संभावित एकाग्रता, अल्गोरिद्म जनित मिलीभगत, मूल्य भेदभाव, विशेष साझेदारी और एल्गोरिदम की अस्पष्ट प्रकृति जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया गया है। एआई स्टार्टअप कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण में 37 प्रतिशत ने एआई-संचालित मिलीभगत, 32 प्रतिशत ने मूल्य भेदभाव और 22 प्रतिशत ने जानबूझकर कीमत को बहुत कम रखने की आशंका जताई है। वैश्विक एआई बाजार 2025 में 244.22 अरब डॉलर है और इसके बढ़कर 2031 तक एक लाख करोड़ डॉलर हो जाने का अनुमान है। भारत में इसके 7.84 अरब डॉलर से बढ़कर 31.94 अरब डॉलर होने का अनुमान है।
- नयी दिल्ली. लक्जरी वाहन कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने सोमवार को कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी खुदरा बिक्री अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। सितंबर में रिकॉर्ड बिक्री और नवरात्र के दौरान 2,500 से अधिक इकाइयों के पंजीकरण ने इसमें अहम भूमिका निभाई। कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में 5,119 इकाइयों की बिक्री हुई जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बेची गई 5,117 इकाइयों के लगभग बराबर है। पिछले महीने नवरात्र के दौरान सिर्फ नौ दिनों में ही कंपनी ने 2,500 से अधिक वाहन बेच दिए जो भारत में उसके किसी भी त्योहारी मौसम की सर्वाधिक बिक्री है। कंपनी ने कहा कि नवरात्र के दौरान जोरदार मांग के चलते सितंबर महीने में उसके इतिहास का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन रहा। सितंबर 2025 में बिक्री में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, “जीएसटी 2.0 सुधारों के बाद मिली ग्राहकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया और पहले से स्थगित मांग आने से हमने सितंबर में सर्वश्रेष्ठ बिक्री हासिल की है।” अय्यर ने उम्मीद जताई कि यह त्योहारी खरीदारी रुझान अक्टूबर में भी जारी रहेगा। कंपनी को धनतेरस और दिवाली के समय बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “जीएसटी दरों में कमी से ग्राहक धारणा में स्पष्ट सुधार हुआ है, खासकर ऐसे समय में जब प्रतिकूल मुद्रा विनिमय दरों और बढ़ती लागत के कारण कार की कीमतें बढ़ रही हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह सकारात्मक माहौल बाकी त्योहार सत्र में भी कायम रहेगा।” कंपनी को फिलहाल करीब 2,000 कारों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला हुआ है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की कीमतें अगले चार से छह महीनों में पेट्रोल से चलने वाले वाहनों के बराबर होने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल) पर भारत की निर्भरता एक आर्थिक बोझ है, क्योंकि ईंधन आयात पर सालाना 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं और यह पर्यावरण के लिए खतरा भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे में देश की प्रगति के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना महत्वपूर्ण हो जाता है। गडकरी ने 20वें फिक्की उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए कहा, ''अगले 4-6 महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल वाहनों के बराबर हो जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य पांच वर्षों के भीतर भारत के वाहन उद्योग को दुनिया में अव्वल बनाना है।'' गडकरी ने कहा, ''जब मैंने परिवहन मंत्री का कार्यभार संभाला था, तब भारतीय वाहन उद्योग का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था। अब भारतीय वाहन उद्योग का आकार 22 लाख करोड़ रुपये है।''
- नयी दिल्ली. जिंदल स्टेनलेस ने महाराष्ट्र में 125 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से एक इस्पात वनिर्माण इकाई स्थापित करने की सोमवार को जानकारी दी। कंपनी ने बयान में कहा कि देश में उन्नत बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता के लिए इस इकाई में पुल के ‘गर्डर' सहित अन्य महत्वपूर्ण घटक बनाए जाएंगे। वित्त वर्ष 2026-27 तक इकाई के 18,000 टन की वार्षिक निर्माण क्षमता हासिल करने की उम्मीद है, जो चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित 4,000 टन से अधिक है। इसका मकसद टिकाऊ, उच्च गुणवत्ता वाले पुल से जुड़े बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग को पूरा करना है। कंपनी प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, ‘‘ यह विनिर्माण इकाई ग्राहकों के लिए एकीकृत समाधान प्रदान करने के हमारे प्रयासों में एक और कदम है। पुल महत्वपूर्ण संयोजक होते हैं, जो पूरे देश में लोगों, व्यवसायों और आर्थिक गतिविधियों को जोड़ते हैं।'' इस्पात निर्माण...इस्पात को काटने, मोड़ने, आकार देने और संयोजन करने की एक प्रक्रिया है। इससे जिससे निर्माण और औद्योगिक अनुप्रयोगों में उपयोग किए जाने वाले ढांचे, घटक आदि बनाए जाते हैं।
- हैदराबाद/ नयी दिल्ली. अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली तेलंगाना में एक अरब डॉलर के निवेश से अपने विनिर्माण एवं वैश्विक दवा आपूर्ति क्षमता का विस्तार करेगी। राज्य सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी कंपनी के वैश्विक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को यहां एकीकृत कमान नियंत्रण केंद्र में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू से मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘तेलंगाना ने अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली से एक अरब डॉलर का बड़ा निवेश हासिल किया है। इसके तहत कंपनी हैदराबाद में अपनी विनिर्माण और वैश्विक दवा आपूर्ति क्षमता का विस्तार करेगी।'' इस निवेश के तहत एली लिली एक नया विनिर्माण संयंत्र और गुणवत्ता केंद्र स्थापित करेगी जिससे राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अमेरिकी कंपनी ने भी अलग से जारी एक बयान में कहा कि इस रणनीतिक निवेश से उसकी विनिर्माण एवं आपूर्ति क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी जिससे उसके विकसित होते खंड को समर्थन मिलेगा। लिली ने 2020 से अमेरिका और दुनिया भर में सुविधाओं के निर्माण, विस्तार एवं अधिग्रहण के लिए 55 अरब डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई है। एली लिली एंड कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं लिली इंटरनेशनल के अध्यक्ष पैट्रिक जोन्सन ने कहा, ‘‘विश्वसनीय अनुबंध विनिर्माताओं के साथ काम करने से जीवन बदल देने वाली दवाओं को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने की हमारी क्षमता का विस्तार होगा। यह निवेश हमारे वैश्विक नेटवर्क के भीतर क्षमता निर्माण के केंद्र के रूप में भारत में हमारे विश्वास की पुष्टि करता है।'' तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, ‘‘हैदराबाद में लिली का निरंतर विस्तार दर्शाता है कि वैश्विक स्वास्थ्य सेवा नवाचार में शहर के एक शक्तिशाली केंद्र के रूप में उभर रहा है।''
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नयी दिल्ली. अभिनेत्री और खिलाड़ी सैयामी खेर को ‘आयरनमैन इंडिया' का आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर नामित किया गया है। उन्होंने एक साल से भी कम समय में दो कठिन ‘आयरनमैन 70.3 ट्रायथलॉन' पूरा करने के बाद यह सम्मान हासिल किया है। ‘घूमर', ‘चोक्ड', ‘जाट' और ‘8 ए.एम. मेट्रो' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाली सैयामी ने सितंबर 2024 में अपना पहला और जुलाई 2025 में दूसरा ‘आयरनमैन 70.3' पूरा किया। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली एकमात्र भारतीय अभिनेत्री हैं।
‘आयरनमैन 70.3', जिसे ‘हाफ आयरनमैन' भी कहा जाता है, सहनशक्ति को परखने के लिए दुनिया की सबसे कठिन स्पर्धाओं में से एक है। इसमें प्रतिभागियों को एक ही दिन में कुल 70.3 मील (113 किलोमीटर) की दूरी तय करनी होती है, जिसमें 1.9 किलोमीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर दौड़ शामिल है। खेल के प्रति उनकी निरंतरता और समर्पण को देखते हुए ‘आयरनमैन इंटरनेशनल कमिटी' ने उन्हें ‘आयरनमैन इंडिया' नामित किया है। सैयामी ने कहा, ‘‘मैं ‘आयरनमैन इंडिया' का चेहरा बनने पर वास्तव में सम्मानित और उत्साहित हूं। यह आयोजन नौ नवंबर को गोवा में होगा। यह यात्रा मेरे विश्वासों का प्रतीक है - जुनून, निरंतरता और कभी हार न मानने का संकल्प।'' - नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमतें 9,700 रुपये की छलांग लगाते हुए 1,30,300 रुपये के नए शिखर पर पहुंच गईं। यह उछाल विदेशी बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग और रुपये में कमजोरी के कारण आया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने बताया कि स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना उछलकर 1,30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया। इस तरह पीली धातु के भाव में एक ही कारोबारी सत्र में 9,700 रुपये प्रति 10 ग्राम की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,20,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,700 रुपये बढ़कर 1,22,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। यह पिछले सत्र में 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आई गिरावट ने इस तेज उछाल में बड़ी भूमिका निभाई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जींस) सौमिल गांधी ने कहा, "सोना नए रिकॉर्ड पर पहुंचा है क्योंकि निवेशक अब भी इस कीमती धातु में दिलचस्पी बनाए हुए हैं। उन्हें भविष्य में इसके दाम और भी बढ़ने की उम्मीद है।" गांधी ने कहा कि अमेरिका में वित्तीय प्रावधान न होने से सरकारी कामकाज लंबे समय तक ठप होने की आशंका से आर्थिक प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। इस वजह से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में 51,350 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी 65.04 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। सोने का भाव दिसंबर, 2024 में 78,950 प्रति 10 ग्राम पर था। सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 7,400 रुपये उछलकर 1,57,400 रुपये प्रति किलो (सभी करों सहित) के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को चांदी की कीमत 1,50,000 रुपये प्रति किलो थी। चालू वर्ष में चांदी की कीमतें 67,700 रुपये यानी 75.47 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। दिसंबर 2024 के अंत में चांदी 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना लगभग दो प्रतिशत बढ़कर 3,949.58 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 48.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। कोटक सिक्योरिटीज की सहायक उपाध्यक्ष कायनात चैनवाल ने कहा, "अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने के छठे दिन हाजिर सोना ने पहली बार 3,940 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया।" इस बीच, सोना एवं चांदी के वायदा भाव भी नए शिखर पर पहुंच गए।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के दिसंबर आपूर्ति वाले वायदा अनुबंध की कीमत 1,962 रुपये यानी 1.66 प्रतिशत चढ़कर 1,20,075 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सोना के फरवरी 2026 आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव भी 2,047 रुपये यानी 1.71 प्रतिशत चढ़कर रिकॉर्ड 1,21,380 प्रति 10 ग्राम हो गया। चांदी के वायदा भाव भी एमसीएक्स पर बढ़कर दिसंबर 2025 आपूर्ति के लिए 1,47,977 रुपये प्रति किलोग्राम और मार्च 2026 के लिए 1,49,605 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए। अग्मोंट की शोध प्रमुख रेनिशा चैनानी ने कहा, "वर्ष 2025 अनिश्चितताओं का साल रहा और सोने एवं चांदी की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। शुल्क विवाद, भू-राजनीतिक अनिश्चितता, ब्याज दर कटौती और अमेरिकी सरकार के कामकाज ठप होने जैसी अस्थिरताओं ने सोने-चांदी की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया।" विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर में कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, गोल्ड-ईटीएफ की बढ़ती मांग और खुदरा निवेशकों की रुचि ने एक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ा दी।
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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों ने सकारात्मक रिटर्न दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 582.95 अंक या 0.72 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,790.12 और निफ्टी 183.40 अंक या 0.74 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,077.65 पर था।
बाजार की तेजी को सपोर्ट बैंकिंग और आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 515.60 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ। निफ्टी आईटी 2.28 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.08 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.15 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मेटल 0.89 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.90 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 0.08 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इटरनल (जोमैटो), इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, सन फार्मा,एचडीएफसी बैंक और एसबीआई टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, ट्रेंट, आईटीसी, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स और एशियन पेंट्स टॉप लूजर्स थे।लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 511.75 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58,015.10 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 49.90 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,928.05 पर था।बाजार के जानकारों ने कहा कि दूसरी तिमाही के नतीजों से पहले, वित्तीय सेवाओं और आईटी क्षेत्रों में बढ़त के चलते घरेलू शेयर बाजार ने सत्र का अंत सकारात्मक रुख के साथ किया। बैंकिंग इंडेक्स ने बड़े बैंकों द्वारा घोषित मजबूत तिमाही अपडेट और आकर्षक मूल्यांकनों के चलते बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सीजीएचएस दरों में संशोधन के बाद अस्पतालों के शेयरों में उछाल आया। निवेशक अब मार्गदर्शन के लिए वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की आय पर नजर रख रहे हैं। हालांकि उम्मीदें मध्यम बनी हुई हैं, उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण बाजार तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर अधिक आशावादी है। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:30 पर सेंसेक्स 10 अंक की मामूली गिरावट के साथ 81,196 और निफ्टी 8 अंक की बढ़त के साथ 24,902 पर था। -
नई दिल्ली। सोने की कीमतें सोमवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर 3,900 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। इसकी वजह निवेशकों की ओर से सोने की लगातार खरीद करना है। अमेरिकी फेड के द्वारा ब्याज दरों में कमी की संभावना के चलते सोने की मांग में लगातार उछाल देखा जा रहा है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.22 प्रतिशत बढ़कर 3,956.70 डॉलर प्रति औंस पर थी। इसका डे-हाई 3,969 डॉलर प्रति औंस पर है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की कीमतें 1.20 लाख रुपए के करीब पहुंच गई हैंफेड गवर्नर स्टीफन मिरान ने हाल ही में एक आक्रामक दर कटौती योजना के बारे में जानकारी साझा की थी और ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के आर्थिक प्रभावों के बारे में चेतावनी दी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की कीमतें 1.20 लाख रुपए के करीब पहुंच गई हैं।सोने के 05 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.25 प्रतिशत बढ़कर 1,19,595 रुपए पर पहुंच गया हैसोने के 05 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.25 प्रतिशत बढ़कर 1,19,595 रुपए पर पहुंच गया है। सोने के साथ चांदी की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 0.68 प्रतिशत बढ़कर 48.29 डॉलर प्रति औंस पर है। अब तक इसका डे-हाई 48.49 रहा है।एमसीएक्स पर चांदी के 5 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.98 प्रतिशत बढ़कर 1,47,176 रुपए हो गया हैएमसीएक्स पर चांदी के 5 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.98 प्रतिशत बढ़कर 1,47,176 रुपए हो गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बीते एक हफ्ते में 3,692 रुपए बढ़कर 1,16,954 रुपए हो गई है, जबकि पहले यह 1,13,262 रुपए थी। पिछले एक हफ्ते में में चांदी की कीमत 7,510 रुपए बढ़कर 1,45,610 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,38,100 रुपए प्रति किलो थी।इस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने 50 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 70 प्रतिशत का रिटर्न दिया हैइस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने 50 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 70 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दुनिया के बड़े निवेश बैंकों में से एक गोल्डमैन सैश का कहना है कि सोना अगले साल तक 5,000 डॉलर प्रतिशत औंस तक जा सकता है, जो कि फिलहाल 3,900 डॉलर प्रति औंस से अधिक है। - नयी दिल्ली. मारुति सुजुकी इंडिया चालू वित्त वर्ष 2025-26 में चार लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात करने की राह पर है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अप्रैल-सितंबर में कंपनी ने पहले ही दो लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात कर दिया है। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी ने सितंबर में निर्यात में सालाना आधार पर 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और यह 42,204 इकाई रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 27,728 इकाई था। मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने कहा, ''पहली तिमाही में हमने लगभग 1.10 लाख इकाइयों का निर्यात किया और पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में हमने 2.07 लाख से ज्यादा इकाइयों का निर्यात किया। इसलिए, हम अपने चार लाख इकाइयों के पूर्वानुमान को हासिल करने की राह पर हैं।'' उन्होंने बताया कि कंपनी का निर्यात निकटतम घरेलू प्रतिस्पर्धी के निर्यात से दोगुने से भी ज्यादा है।भारती ने कहा, ''आम तौर पर, हम कड़ी प्रतिस्पर्धा की बात करते हैं। बाजार में 18 कंपनियां हैं... मारुति सुजुकी का निर्यात देश में हमारे निकटतम निर्यातक से दोगुने से भी ज्यादा है।'' उन्होंने आगे कहा कि घरेलू बिक्री की तरह ही, अब वाहन निर्माता कंपनी विदेशी निर्यात में भी अपने निकटतम कंपनी पर भारी बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ''एक और दिलचस्प बात यह है कि निर्यात में लगातार वृद्धि हो रही है। मुझे याद है कि लगभग चार साल पहले हम एक साल में लगभग एक लाख इकाई निर्यात करते थे। इस बार दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा एक लाख इकाई से ज्यादा है।'' वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का कुल निर्यात 96,139 इकाई था।भारती ने कहा कि भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों ने भी कार निर्यात में सुधार लाने में मदद की है। अप्रैल-सितंबर के दौरान कंपनी के लिए दक्षिण अफ्रीका, जापान, सऊदी अरब, चिली और कोलंबिया सबसे अच्छे निर्यात बाजार रहे।

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