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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश में श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आठ चीतों को प्राकृतिक वास में छोडा। इसके साथ ही उन्होंने विश्व की पहली चीता पुनर्वास परियोजना की शुरूआत की। ये चीते नामीबिया से लाये गए हैं। नामीबिया से इन चीतों को विशेष विमान से ग्वालियर लाया गया और बाद में इन्हें हेलिकॉप्टर से कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहुंचाया गया।
भारतीय वन्यजीव संस्थान ने चीता पुनर्वास की संभावनाओं का पता लगाने के लिए देश के दस स्थानों के सर्वेक्षण के बाद मध्यप्रदेश में कूनो राष्ट्रीय उद्यान को उपयुक्त स्थान पाया। साढे सात सौ वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान करीब दो दर्जन से अधिक चीतों के प्राकृतिक वास में रहने का उपयुक्त स्थान है। इसके अलावा श्योपुर और शिवपुरी जिलों में लगभग तीन हजार वर्ग किलोमीटर जंगल का इलाका है, जिसमें चीते खुले में घूम फिर सकेंगे। मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई केन्द्रीय मंत्री भी इस अवसर पर मौजूद थे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज कहा कि भारत ओजोन क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर .शुक्रवार को मुम्बई में आयोजित कार्यक्रम में श्री यादव ने कहा कि ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग के कारण जलवायु संकट बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पहल लाइफ - पर्यावरण के लिए जीवनशैली का जिक्र करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि लोगों को संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सतत विकास उपायों से भारत 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा। श्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि उनका मंत्रालय जल्द ही आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ मिलकर कम ग्लोबल वार्मिंग क्षमता वाले रसायनों के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। इन रसायनों को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत नियंत्रित पदार्थों के विकल्प के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है। जून 1992 से मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अनुसार भारत ओजोन क्षयकारी पदार्थों को सफलतापूर्वक समाप्त कर रहा है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागरिकों से संसाधनों के सही उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रेफ्रिजरेटर और ए. सी. के कम इस्तेमाल तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। श्री शिंदे ने कहा कि ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग बढ़ाने से जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में सहायता मिलेगी। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत 2025 तक एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करके रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल कर लेगा। इस लक्ष्य में 35 हजार करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग रहने से नहीं है, बल्कि भारत का संकल्प विश्व को आशा और राहत प्रदान करने से है। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में शुक्रवार को श्री सिंह ने कहा कि देश का रक्षा निर्यात पूर्व के एक हजार नौ सौ करोड़ रुपये की तुलना में 13 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आत्मनिर्भर भारत का दृष्टिकोण भारत को विश्व में सबसे मजबूत और सबसे सम्मानित देशों में से एक बना रहा है। श्री सिंह ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर नये भारत की जरूरतों विशेष रूप से सुरक्षा से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के सपनों को साकार करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसलों की भी प्रशंसा की। इन फैसलों से भारत के रक्षा क्षेत्र में एक दावेदार और प्रदाता के मूक पर्यवेक्षक से विश्व में इसकी छवि को बदलने में मदद मिली है। श्री सिंह ने घरेलू उद्योग में विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारत में नवीनतम रक्षा मंच का विनिर्माण करने की क्षमता और योग्यता है। सरकार इसे हासिल करने में सुविधा प्रदान कर रही है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति जारी करेंगे।
भारत में अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में लॉजिस्टिक्स लागत अधिक होने के कारण राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति की आवश्यकता है। घरेलू बाजार और निर्यात दोनों के लिए भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना आवश्यक है। कम लॉजिस्टिक्स लागत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को प्रोत्साहित करती है।वर्ष 2014 के बाद सरकार ने व्यापार में सुगमता और जीवन में सुगमता, दोनों को बेहतर बनाने पर काफी बल दिया है। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, संपूर्ण लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के विकास के लिए एक व्यापक और बहु-क्षेत्राधिकार ढांचे को निर्धारित करके उच्च लागत और अक्षमता के मुद्दों का समाधान करने की दिशा में एक और कदम है। यह नीति आर्थिक विकास को बढ़ाने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का एक प्रयास है। समग्र योजना और कार्यान्वयन में सभी हितधारकों के एकीकरण से विश्व स्तरीय आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करना प्रधानमंत्री की परिकल्पना रही है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया बहुआयामी सम्पर्क के लिए पीएम गतिशक्ति - राष्ट्रीय मास्टर प्लान, इस दिशा में एक अग्रणी कदम था। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के शुभारंभ के साथ पीएम गतिशक्ति को और बढ़ावा मिलेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार विमर्श किया।
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट के मुद्दों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस समाधान खोजने की आवश्यकता है। श्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित निकासी में सहायता के लिए रूस और यूक्रेन को धन्यवाद दिया। उन्होंने लोकतंत्र, कूटनीति और संवाद के महत्व को रेखांकित किया। भारत-रूस संबंधों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश दशकों पुराने साझेदार हैं। उन्होंने शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के बारे में टिप्पणी के लिए रूस के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।इस अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन, द्विपक्षीय व्यापार, रूस की उर्वरक आपूर्ति, कृषि सहयोग, तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं और वीजा मुक्त पर्यटक का मुद्दा उठाया। श्री पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि रूस की उर्वरक आपूर्ति में आठ गुना वृद्धि भारत के लिए खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। श्री पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस आने का निमंत्रण भी दिया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों की नीलामी कल शुरू होगी। यह नीलामी दो अक्तूबर तक चलेगी। इस दौरान एक हजार दो सौ 22 स्मृति चिन्हों की नीलामी होंगी। इसमें गणेश, स्वामी विवेकानंद, राम मंदिर, नेताजी की प्रतिमा, पेटिंग और खेल संबंधी उपकरण सहित प्रधानमंत्री को दिए गए अन्य उपहार हैं।
आज नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि श्री मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो नमामि गंगे के माध्यम से गंगा नदी के संरक्षण के शुभ कार्य के लिए सभी उपहारों की नीलामी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपहारों का मूल्य सौ रूपये से पांच लाख रूपये है। - अलीगढ़ (उप्र)। नगर में एक पिता द्वारा अपनी ही बेटी की कथित रूप से गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा खुद पिता ने थाने पहुंचकर किया। थाने में आरोपी पिता ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि उसकी बेटी दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम विवाह करना चाहती थी। इस वजह से उसने उसकी हत्या कर दी। उसने पुलिस से खुद को गिरफ्तार करने के लिए कहा। पुलिस ने आरोपी के घर पहुंच कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने तमंचा भी बरामद कर लिया है।मामला थाना बरला क्षेत्र के एक गांव का है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की 16 साल की बेटी का पड़ोस के गांव के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसके चलते डेढ़ माह पहले वह अपने प्रेमी के साथ चली गई थी, लेकिन परिवार के दबाव के चलते वह वापस आ गई। मामला पंचायत तक पहुंचा तो पंचों ने फैसला लिया कि लड़की अपने परिवार और लड़का अपने परिवार के साथ रहेगा। बाद में किशोरी फिर से अपने प्रेमी के साथ विवाह की जिद करने लगी। गुरुवार रात को पिता और पुत्री के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी पिता ने तमंचे से अपनी बेटी को गोली मार दी। घटना के बाद से परिवार वाले फरार हो गए। एसपी ग्रामीण पलाश बंसल ने बताया कि आरोपी पिता ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी और अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसकी बेटी दूसरे समुदाय के युवक प्रेम विवाह से शादी करना चाहती थी। इसकी वजह से उसने उसकी हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। (प्रतीकात्मक फोटो)
- उत्तरकाशी। बरसात का मौसम जा रहा है ऐसे में उत्तराखंड के पवित्र धाम गंगोत्री व यमुनोत्री में फिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने लगे हैं और अनुमान है कि प्रतिदिन नौ से दस हजार श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद से दोनों धामों में अबतक कुल 9,48,647 श्रद्धालु आ चुके हैं। तीन मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। मई और जून माह में गंगोत्री और यमुनोत्री आने वाले श्रद्धालु की संख्या अच्छी रही। लेकिन जुलाई और अगस्त माह में मानसून की बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कें कई बार बंद हुईं जिससे दोनों धामों में सन्नाटा पसर गया । उन्होंने कहा कि इससे यात्रा कारोबार पर भी असर पड़ा, लेकिन अब बारिश का मौसम समाप्त होने की कगार पर है जिसके कारण श्रद्धालुओं ने धामों का रूख करना शुरू कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को गंगोत्री में 6652 व यमुनोत्री में 3335 यात्री पहुंचे जबकि पूरे सीजन में गंगोत्री में 5, 31, 720 तथा यमुनोत्री में 4,16,927 तीर्थ यात्री पहुंचे । गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री में अब प्रत्येक दिन पांच हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं।
- नयी दिल्ली। देश में बिजलीघरों में कोयला संकट के कारण त्योहारों के दौरान बिजली संकट पैदा नहीं होगा। इसका कारण यह है कि अबतक दो करोड़ टन कोयला पहले ही आयात किया जा चुका है। बिजली सचिव आलोक कुमार ने यह जानकारी दी। पिछले साल इसी समय तापीय बिजलीघरों में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट का सामना करना पड़ा था। इसके बाद केंद्र ने आपूर्ति बढ़ाने और संकट से निपटने को लेकर कई कदम उठाये थे। सम्मेलन ‘इनसाइट 2022' के दौरान अलग से बातचीत में कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोयले की कमी के कारण इस बार त्योहारों के दौरान बिजली संकट पैदा नहीं होगा। हम चालू वित्त वर्ष में अब तक पहले ही दो करोड़ टन कोयला आयात कर चुके हैं। इसमें से 1.5 करोड़ टन का पहले ही उपयोग किया जा चुका है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या और कोयला आयात किया जाएगा, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसका आयात किया जाएगा। सरकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के बारे में कुमार ने कहा कि सरकार जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से विनिर्माण और उसे अपनाने की योजना (फेम) को नया रूप देगी। इसमें ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने वाली कंपनियों को ट्रांसफॉर्मर जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित करने वालों के लिये भुगतान करने को लेकर सब्सिडी देने का प्रावधान होगा। सचिव ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि वितरण कंपनियां ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिये ट्रांसफॉर्मर जैसा बुनियादी ढांचा लगाती हैं। इसका उद्देश्य ईवी चार्जिंग स्टेशन को बिजली आपूर्ति करना है जिसकी लागत 5-6 लाख रुपये बैठती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचा लगाने वाली कंपनियों को सब्सिडी देंगे ताकि वे ट्रांसफॉर्मर जैसी ढांचागत सुविधाएं लगाने वाली वितरण कंपनियों को भुगतान कर सकें।'' फिलहाल ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने वाली कंपनियों को ट्रांसफॉर्मर आदि के लिये भुगतान करना पड़ता है।
- नयी दिल्ली । राजधानी दिल्ली स्थित लालकिले के मैदान में दो वर्ष के अंतराल के बाद इस वर्ष रामलीला का भव्य आयोजन होगा जिसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। कोविड-19 महामारी के चलते पाबंदियों के कारण पिछले दो वर्ष रामलीला का आयोजन नहीं किया गया। यह जानकारी रामलीला आयोजन समिति के आयोजकों ने दी। आयोजकों ने कहा कि कोविड से पहले के समय की तुलना में इस आयोजन के लिए खर्च में 100 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह लालकिले पर अब तक की सबसे अधिक बजट वाली रामलीला बन गई है। लव कुश रामलीला समिति द्वारा 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक लालकिला मैदान में 10 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। रामलीला के तहत रामायण के दृश्यों का मंचन किया जाता है जिसमें गीत, कथा, गायन और संवाद शामिल होते हैं। आयोजकों के अनुसार, कोविड महामारी के बाद यह पहली बार होगा जब रामलीला इतने बड़े पैमाने पर होगी।इस साल की रामलीला को जो खास बनाता है, वह है 26 सितंबर से 10-दिवसीय रामलीला से पहले आयोजित होने वाले कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) पर एक स्वास्थ्य शिविर भी इन कार्यक्रमों का हिस्सा होगा। आयोजकों ने कहा कि लोगों में बहुत उत्साह और जोश है और इससे दान को बढ़ावा मिला है। लव कुश रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा, ‘‘इस साल रामलीला का आयोजन बेहद भव्य स्तर पर किया जा रहा है। कोविड के बाद इसका आयोजन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, लोग दान के लिए आगे आ रहे हैं। इस साल बजट 5 करोड़ रुपये का होगा। कोविड से पहले यह 2.5 करोड़ रुपये था। इस लिहाज से इसमें 100 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।'' कुमार ने कहा, ‘‘इस साल का बजट अधिक है क्योंकि हम बड़े पैमाने पर कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं और रामलीला के इतर भी कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।'' समारोह की शुरुआत 17 सितंबर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर होगी। एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा जहां आंखों की जांच और मोतियाबिंद के ऑपरेशन नि:शुल्क किए जाएंगे और दिव्यांगों को मुफ्त कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे। कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया शामिल होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मुफ्त दवा दी जाएगी और लोगों को मुफ्त जांच की सुविधा दी जाएगी। बच्चों को बैग दिए जाएंगे और महिलाओं के लिए उपहार भी दिए जाएंगे। यह एक बड़ा आयोजन होगा और हम इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद कर रहे हैं।'' कुमार ने कहा कि 26 सितंबर तक कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जब वास्तविक रामलीला शुरू होगी।उन्होंने कहा, ‘‘18 सितंबर को महावीर जयंती मनाई जाएगी जिसके लिए जैन संतों को आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। 21, 22, 24 और 25 सितंबर को और कार्यक्रम होने हैं।'' आयोजकों ने कहा कि वे रामलीला 2022 को एक भव्य आयोजन बनाना चाहते हैं क्योंकि देश आजादी के 75 साल और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का जश्न मना रहा है। इस बाद 40,000 लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है जो सामान्य से 15,000 अधिक है।कुमार ने कहा कि कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा की प्रतिकृतियां बनाई जा रही हैं। कुमार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा का निर्माण भी किया जा रहा है। मंच को एलईडी लाइट से सजाया जाएगा और कलाकारों के लिए बिना दिक्कत के प्रवेश और निकास सुनिश्चित करने के लिए पांच प्रवेशद्वार होंगे। दशहरे के दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाद के बड़े-बड़े पुतले जलाए जाएंगे। ये पुतले क्रमश: 100 फुट, 90 फुट और 80 फुट ऊंचे होंगे। file photo
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नयी दिल्ली,। प्रशासनिक स्तर पर गुरुवार को हुए व्यापक फेरबदल के तहत वरिष्ठ अधिकारी सुनील बर्थवाल को नया वाणिज्य नियुक्त किया गया है जबकि विवेक भारद्वाज की खनन सचिव बनाया गया है। कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी एक आदेश में शीर्ष स्तर पर हुए इस प्रशासनिक फेरबदल की जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, बिहार कैडर के 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बर्थवाल को वाणिज्य सचिव नियुक्त किया गया है। वह अभी तक श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात थे। बर्थवाल को तत्काल प्रभाव से वाणिज्य विभाग में ओएसडी के रूप में नियुक्त कर दिया गया है। वह 30 सितंबर को बी वी आर सुब्रमण्यम के सेवानिवृत्त होने के बाद सचिव का पदभार संभालेंगे। सुब्रमण्यम दो साल के लिए आईटीपीओ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किए गए हैं। रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग की सचिव आरती आहूजा को बर्थवाल की जगह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव बनाया गया है। आहूजा की जगह अरुण बरोका लेंगे जो फिलहाल जलशक्ति मंत्रालय में विशेष सचिव हैं। पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक भारद्वाज नए खनन सचिव होंगे। वह महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने जा रहे आलोक टंडन की जगह लेंगे। वहीं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के महानिदेशक पद पर तैनात मुखमीत सिंह भाटिया को अल्पसंख्यक मामलों का सचिव नियुक्त किया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण सिंघल को उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के तहत उर्वरक सचिव बनाया गया है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की सचिव अंजली भावरा को इसी पद पर सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग में भेजा गया है। भावरा की जगह राजेश अग्रवाल लेंगे जो अभी तक कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव पद पर तैनात थे। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत अतुल कुमार तिवारी को अग्रवाल की जगह कौशल विकास सचिव बनाया गया है। अपने कैडर राज्य केरल में कार्यरत 1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को पशुपालन एवं डेयरी विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। कपड़ा मंत्रालय में विशेष सचिव विजय कुमार सिंह भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के सचिव होंगे।
ओडिशा कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी जी श्रीनिवास नए संसदीय कार्य सचिव होंगे। श्रीनिवास वर्तमान में उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार हैं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 1988 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी राजीव जलोटा को भारत सरकार में सचिव रैंक और वेतनमान पर पदोन्नत कर दिया है। वह फिलहाल मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के चेयरपर्सन हैं। -
नयी दिल्ली।” भारतीय सेना ने सेवारत कर्मियों, सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों और ‘जेंटलमैन कैडेट' (प्रशिक्षु) को दुर्घटना बीमा कवच उपलब्ध कराने के लिए एक निजी बैंक के साथ समझौता किया है। सेना ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की जानकारी ट्विटर पर दी। सेना ने ट्वीट किया, “भारतीय सेना और आईडीएफसी बैंक ने सेवारत कर्मियों, सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों और ‘जेंटलमैन कैडेट' को बीमा कवच उपलब्ध कराने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।” सेना ने कहा, “इस एमओयू से दिव्यांगता कवच, शिक्षा और बेटियों की शादी के लिए सहायता मिल सकेगी।”
- जमशेदपुर। जमशेदपुर में एक राष्ट्रीयकृत बैंक से करीब 1.5 करोड़ रुपये नकद और सोने के गहनों की लूट में संलिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जमशेदपुर में 18 अगस्त को बैंक लूटने वाले गिरोह के सात सदस्यों में से दो देश से फरार हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि गिरोह ने फरवरी में शहर के बिस्तुपुर में एक सुनार के पास से 32 लाख रुपये की लूट की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि पटना के बेउर जेल में बंद राजीव सिंह उर्फ पल्लू नामक कैदी के निर्देश पर बैंक लूटा गया। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य गया, समस्तीपुर और पटना के रहने वाले हैं और उन्होंने बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड में लूट की वारदात स्वीकार की है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी राजीव सिंह की हिरासत की मांग करेगी।
- नयी दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) लोगों को हर 10 साल में स्वेच्छा से अपना बायोमीट्रिक डेटा अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वर्तमान में पांच और 15 वर्ष की आयु के बाद के बच्चों को आधार के लिए अपने बायोमीट्रिक्स को अपडेट या नया करना आवश्यक है। अधिकारी ने कहा, ‘‘यूआईडीएआई लोगों को 10 साल में एक बार अपने बायोमीट्रिक्स, जनसांख्यिकी आदि को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। समय के साथ यह लोगों को आधार अपडेट करने के लिए प्रेरित करेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक बार जब कोई व्यक्ति एक निश्चित आयु से अधिक हो जाता है.....उदाहरण के तौर पर 70 वर्ष, तो इसकी आवश्यकता नहीं होगी।'' यूआईडीएआई ने मेघालय, नगालैंड और लद्दाख में लोगों के एक छोटे प्रतिशत की संख्या को छोड़कर देश में लगभग सभी वयस्कों को नामांकित किया है।
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नई दिल्ली। टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध और गैर-बासमस्ती व उसना चावल को छोड़कर अन्य के निर्यात की खेप पर शुल्क से स्थानीय आपूर्ति बढ़ेगी और घरेलू कीमतों पर दबाव कम होगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा रखे गए आंकड़ों के अनुसार, 14 सितंबर को थोक मूल्य 10.7 प्रतिशत बढ़कर 3,357.2 रुपये प्रति क्विंटल हो गया, जो एक साल पहले 3,047.32 रुपये प्रति क्विंटल था। खुदरा भाव 9.47 प्रतिशत बढ़कर 38.15 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है जो पहले 34.85 रुपये प्रति किलोग्राम है। पशुओं के चारे के दाम भी बढ़ गए हैं। मक्का की कीमत एक जनवरी, 2022 को 19 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर आठ सितंबर, 2022 को 24 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसी अवधि के दौरान टूटे चावल की कीमत भी 16 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 22 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। सरकारी गोदामों में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) के चालू खरीफ सत्र में चावल के उत्पादन में 60-70 लाख टन की संभावित गिरावट के बाद स्थानीय कीमतों में तेजी आई है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध के बाद स्थानीय चावल की कीमतों में स्थिरता आनी शुरू हो गई है। कुछ शहरों में हमने कीमतों में मामूली गिरावट भी देखी है।'' पिछले सप्ताह खाद्य मंत्रालय ने कहा था कि टूटे चावल के निर्यात में ‘बिल्कुल असामान्य' वृद्धि हुई है। इस महीने की शुरुआत में लगाया गया प्रतिबंध देश के कुछ हिस्सों में अधिक वर्षा और बारिश की कमी दोनों के कारण धान की कम खेती के रकबे के मद्देनजर इस साल खरीफ चावल के उत्पादन में संभावित गिरावट की पृष्ठभूमि में आया था। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह तक धान का रकबा 4.95 प्रतिशत घटकर 393.79 लाख हेक्टेयर रह गया है। हालांकि, सरकार द्वारा फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में खरीफ चावल के उत्पादन का अनुमान आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारी ने कहा कि धान की बुवाई के रकबे में गिरावट और वर्तमान फसल की स्थिति के आधार पर कुल खरीफ चावल उत्पादन में 60-70 लाख टन की गिरावट हो सकती है।
- लखनऊ । भारी बारिश से लखनऊ के हजरतगंज में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। दिलकुशा कालोनी में निर्माणाधीन दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। मृतकों में दो बच्चे भी हैं। अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का एलान कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अफसरों को घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है।दिलकुशा कॉलोनी में पुरानी दीवार का निर्माण कार्य चल रहा था जिसके लिए मजदूर रुके हुए थे। दीवार का वह हिस्सा गिरा जो कि पहले मजबूती से खड़ा हुआ था। हादसे से चीख पुकार मच गई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार दिलकुशा कॉलोनी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना कल रात से हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन दीवार गिरने से हुई। दो घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों ने दोनों को खतरे के बाहर बताया गया है। जिलाधिकारी ने सिविल हास्पिटल पहुंच कर उनका हालचाल लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे में मृत लोगों के परिजनों को आपदा राहत के अंतर्गत मुख्यमंत्री की ओर से 4-4 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है।हादसे में घायल एक मजदूर झांसी के रहने वाले राघवेंद्र का कहना है कि घटना रात करीब 12 बजे की है। हादसे में बेहोश हुए एक आदमी को जब फोन आया तो उसने 108 नंबर पर फोन किया फिर हम लोगों को अस्पताल लाया गया।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर शोक प्रकट कियालखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि लखनऊ मे एक दीवार गिरने से कई लोगों की मृत्यु होने के समाचार से मुझे बहुत दुख हुआ है। जिन लोगों को इस हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही मैं इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।, तत्परता से राहत कार्य संचालित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री योगीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेज बारिश को देखते हुए जिलों के अधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें और प्रभावित लोगों को मदद प्रदान करें। उन्होने आपदा से हुई जनहानि से प्रभावित परिवारों को अनुमन्य राहत राशि अविलंब प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा अथवा पशु हानि हुई, ऐसे प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कई जिलों में बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने अधिकारियों को इसका सर्वेक्षण करने के भी निर्देश दिए।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। श्री मोदी कल रात समरकंद पहुंचे। उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरिपोव ने उनका स्वागत किया। कई मंत्री, समरकंद क्षेत्र के गवर्नर और उज्बेकिस्तान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए उपस्थित थे।
शिखर बैठक से अलग श्री मोदी परस्पर हित के मुद्दों पर कई विश्व नेताओं से अनौपचारिक बैठक करेंगे। सम्मेलन के बाद रूस, उज्बेकिस्तान और ईरान के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। भारत में रूस के राजदूत डेनिस एलिपोव के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक के दौरान रक्षा सहयोग और सैन्य आपूर्ति पर विचार-विमर्श होगा। दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय उत्तर- दक्षिण परिवहन कॉरिडोर, द्विपक्षीय व्यापार और मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार, संयुक्त राष्ट्र और जी-ट्वेंटी के बीच सहयोग, रणनीतिक स्थिरता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शॉवकत मिर्जियोयेव के साथ भी बैठक करेंगे। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली को गिरफ्तार किया है। श्री गांगुली पर विभिन्न स्कूलों में ग्रुप-सी के कर्मियों के पद पर अयोग्य और चयनित सूची से बाहर के उम्मीदवारों की गैर-कानूनी ढंग से भर्ती में शामिल होने का आरोप है। आरोपी को आज कोलकाता के अलीपुर में सी.बी.आई. अदालत के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने केन्द्रीय विश्विद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित कर दिया है। आधिकारिक वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर परिणाम देखे जा सकते हैं। यह परीक्षा देश के 259 और विदेश के 10 शहरों में 15 जुलाई से 30 अगस्त के बीच संचालित की गई थी। लगभग 14 लाख 90 हजार विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 9 लाख 68 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। एन.टी.ए. ने पहली बार इस परीक्षा का आयोजन किया है। इससे विद्यार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश का समान अवसर मिलेगा।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार, असम सरकार और असम के आठ जनजातीय समूहों के बीच एक त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
श्री शाह ने इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में शांति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही एक हजार एक सौ लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2024 कें अंत तक राज्य सीमा विवाद समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि यह समझौता हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले लोगों के लिए सामाजिक न्याय और राजनीतिक अधिकार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता इन लोगों का कल्याण भी सुनिश्चित करेगा और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करेगा। - इडुक्की (केरल)। पुलिसकर्मी आमतौर पर समाज के प्रहरी माने जाते हैं, लेकिन यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि केरल में ‘सांप’ इन कानून का पालन कराने वालों के रक्षक के रूप में सामने आए हैं। हालांकि रबर से बने ये सांप असली ना होकर, केवल उनके प्रतिरूप हैं। इडुक्की में जंगली इलाके के पुलिस थाने में बंदरों के खतरे से खुद को बचाने के लिए पुलिस विभाग को एक अनोखा विचार सूझा। पुलिसकर्मी यहां केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित कंबुमेट्टू पुलिस थाने के आसपास सांपों के प्रतिरूप (रबर से बना नकली सांप) का इस्तेमाल बंदरों को डराने के लिए करते हैं।यह तरकीब अब तक सफल रही है। चीन में निर्मित ये नकली सांप, असली सरीसृप से मिलते-जुलते हैं। पुलिस थाने में नकली सांपों को विभिन्न स्थानों मसलन इमारत, जंगलों और पेड़ की शाखाओं आदि पर रखा गया है।पुलिसकर्मियों ने संपत्ति की रखवाली करने वाले एक स्थानीय पहरेदार की सलाह पर सांप की प्रतिकृतियों का इस्तेमाल किया, यह पहरेदार जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए पहले से ही इस उपाय का इस्तेमाल कर रहा था।कंबुमेट्टू के उपनिरीक्षक पी के लालभाई ने कहा कि रबर से बने नकली सांप जगह-जगह रखने का यह फायदा हुआ कि इन्हें देखने के बाद किसी भी बंदर ने पुलिस थाने के पास आने की हिम्मत नहीं दिखाई। बंदर गलती से इन प्रतिरूपों को असली सांप समझ लेते हैं। एक अन्य पुलिसकर्मी सुनीश ने कहा कि बंदर कुछ वर्षों से थाने में कई तरह की मुश्किलें खड़ी कर रहे थे। सुनीश ने कहा, ‘‘पहले बंदर समूह में आया करते थे, थाना परिसर में घुसकर सब्जियों की क्यारी को नष्ट कर देते थे। लेकिन रबर के नकली सांपों को लगाने के बाद उनका आना उल्लेखनीय रूप से कम हो गया है।’’
- पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि केंद्र में सत्ता में आने पर ‘सभी पिछड़े राज्यों’ को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा।जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता नीतीश ने पटना में एक समारोह से इतर पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की।उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें (गैर-भाजपा दल) केंद्र में अगली सरकार बनाने का मौका मिलता है तो सभी पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा। ऐसी कोई वजह नहीं है कि यह नहीं किया जा सकता।’ नीतीश ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वामदलों सहित सात दलों के महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार बनाई थी।
- मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू ज़िले के छतरपुर थाना क्षेत्र में मुगडा के समीप एक अनियंत्रित जीप के पलटने से उस पर सवार दो यात्रियों की घटना स्थल पर मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने घटना की सूचना देते हुए बताया कि घटना बुधवार को छतरपुर-पाटन रोड की है। मृतकों की पहचान 50 वर्षीया रुकसाना बीवी और 35 वर्षीय बिनेश्चर भुइयां के रूप में की गई है। घटना के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि जीप प्रति दिन खैरादोहर से नौ बजे पाटन के लिए प्रस्थान करती थी और इस मार्ग में प्रतिदिन जीप का आना-जाना लगा रहता था। घटनास्थल पर पहुंचे छतरपुर सब इंस्पेक्टर विजय कुमार रमायनी लोगों की मदद से जीप से दबे दोनों लोगों के शव को निकाल कर छतरपुर थाने ले आये हैं। मामले की छानबीन की जा रही है। घायलों को इलाज के लिए छत्तरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी भी हालत गंभीर है।
- नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ भुगतान सेवा मंच (गेटवे) और अन्य कंपनियों के खिलाफ धन शोधन मामले में नए सिरे से छापेमारी की है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई चीनी व्यक्तियों द्वारा ‘नियंत्रित' ऐप के जरिये तुरंत ऋण देने वाली कंपनियों द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में की गई है। सूत्रों के अनुसार, कुछ पेमेंट गेटवे ऑपरेटरों से जुड़े परिसरों और ऋण ऐप लेनदेन में लगी कुछ कंपनियों और लगभग तीन राज्यों में ऑपरेटरों की तलाशी ली जा रही है। पेटीएम के एक प्रवक्ता ने कहा कि कार्रवाई उसी मामले से जुड़ी है जिसमें एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में तलाशी ली थी। पेटीएम ने कहा, ‘‘जैसा कि हमने पहले उल्लेख किया है कि ईडी कई भुगतान सेवा प्रदाताओं से कुछ व्यापारियों के बारे में जानकारी मांग रहा है और हमने आवश्यक जानकारी साझा की है।'' इस जांच के तहत संघीय एजेंसी ने दो सितंबर को पेटीएम, रेजरपे और कैशफ्री जैसे पेमेंट गेटवे के बेंगलुरु स्थित परिसरों पर छापा मारा। उस छापेमारी के दौरान चीनी व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित इकाइयों की ‘मर्चेंट' आईडी और बैंक खातों में रखे गए 17 करोड़ रुपये के धन को जब्त किया गया था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठ सितंबर को हुई मंत्रालय और रिजर्व बैंक अधिकारियों की बैठक में अवैध ऋण ऐप से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की थी। इस बैठक में इस तरह के ऐप के संचालन की जांच के लिए कई उपाय करने का निर्णय लिया था। गौरतलब है कि ये पेमेंट गेटवे कंपनियां देश में कोविड-19 महामारी के बाद वर्ष 2020 से ईडी की कार्रवाई के निशाने पर हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। मंत्री उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन के विश्व डेयरी सम्मेलन में बोल रहे थे। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि तोमर ने प्रतिनिधियों का ध्यान कृषि और डेयरी क्षेत्रों की चुनौतियों की ओर आकर्षित किया और आम मुद्दों पर मिलकर काम करने की बात कही। तोमर ने कहा कि चारे की पर्याप्त उपलब्धता कैसे सुनिश्चित की जाए और इस उद्देश्य के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर काम करने की जरूरत है। मंत्री ने यह भी बताया कि कचरे का निपटान ठीक से नहीं किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि फसल के पराली, फलों और सब्जियों के कचरे को फायदे की चीजों में बदलने की जरूरत है। तोमर ने कहा कि इसपर सोचने और काम करने की जरूरत है कि हम कचरे को अलग-अलग तरीकों से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने पराली के निस्तारण का उदाहरण दिया, जहां तकनीक का इस्तेमाल कर पूसा संस्थान ने डीकंपोजर (विघटन यंत्र) बनाया है। उन्होंने कहा कि इससे खेत की उत्पादकता बढ़ेगी, वहीं मवेशियों के लिए चारा भी उपलब्ध होगा। तोमर ने कहा कि भारत मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान देश है, और कृषि का दायरा पशुपालन और सहकारिता क्षेत्रों के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि इसलिए प्रधानमंत्री ने पशुपालन और सहकारिता क्षेत्रों के अलग-अलग मंत्रालय बनाए हैं और उनके बजट में भी वृद्धि की है। तोमर ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ जैविक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है।





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