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- अहमदाबाद । गुजरात सरकार ने 12 जुलाई को अहमदाबाद में आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की 144वीं रथ यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। रथ यात्रा में सीमित संख्या में कुछ निश्चित लोगों को ही हिस्सा लेने की अनुमति होगा तथा इस दौरान कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्य सरकार ने यह स्पष्ट तौर पर साफ कर दिया है कि रथ यात्रा में केवल तीन रथों और दो अन्य गाड़ियों के अलावा किसी भी प्रकार के वाहन को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी। इस बार रथ यात्रा के दौरान गायन मंडली, अखाड़े, हाथी या सजे हुए ट्रकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाताओं को बताया कि रथ यात्रा के मार्ग में लोग एकत्र न हों , इसके लिए पूरे मार्ग में सुबह से लेकर अपराह्न तक कर्फ्यू लागू किया जाएगा। पिछले वर्ष कोविड-19 महामारी के मद्देनजर गुजरात उच्च न्यायालय ने रथ यात्रा को निकालने की अनुमति प्रदान नहीं की थी, जिसके बाद जमालपुर क्षेत्र में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में प्रतीकात्मक रूप से ही रथ यात्रा का आयोजन किया गया था। पारंपरिक रूप से रथ यात्रा सुबह सात बजे भगवान जगन्नाथ के मंदिर से रवाना होती है और रात आठ बजे तक वापस 400 वर्ष पुराने मंदिर में आ जाती है। कोविड-19 महामारी से पहले विश्व प्रसिद्ध इस रथ यात्रा में प्रत्येक वर्ष लाखों लोग हिस्सा लिया करते थे। करीब 100 ट्रकों पर मौजूद झांकियों तथा सजे-धजे हाथियों की एक झलक पाने के लिए लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। करीब 12 घंटे की अवधि के दौरान यह रथ यात्रा 19 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद वापस भगवान जगन्नाथ के मंदिर में लौट आती है। इस दौरान रथ यात्रा एक घंटे के लिए रुकती भी है। जडेजा ने कहा, 'इस बार हमने यात्रा को चार से पांच घंटे में पूरी करने की योजना बनाई है। सारसपुर में इस बार भोजनावकाश के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र नहीं होंगे। अपराह्न में रथ यात्रा के गुजरने के साथ ही मार्ग में पड़ने वाले इलाकों से कर्फ्यू हटता जाएगा।" मंत्री ने लोगों से रथ यात्रा के मार्ग में एकत्र नहीं होने की अपील करते हुए कहा कि यात्रा का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और अन्य टेलीविजन चैनलों पर भी किया जाएगा, इसलिए लोग रथ यात्रा टेलीविजन पर भी देख सकते हैं। परंपरा के मुताबिक हर बार की तरह खलासी समुदाय के युवा ही भगवान जगन्नाथ समेत तीनों रथों को खीचेंगे। इस बार केवल 60 युवाओं को ही रथों को खींचने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें से 20-20 युवा प्रत्येक रथ को खींचेंगे। रथ यात्रा में हिस्सा लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा कोविड-19 टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। रथ यात्रा में हिस्सा लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना होगा और साथ ही शारीरिक दूरी के नियम का भी पालन करना होगा। जडेजा ने बताया कि 12 जुलाई की सुबह रथ यात्रा की शुरुआत से पहले केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंदिर में मंगला आरती करेंगे।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बड़े फेरबदल के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को अश्विनी वैष्णव, अनुराग ठाकुर और मनसुख मंडाविया सहित नव नियुक्त मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय का प्रभार संभाल लिया। नौकरशाह और उद्यमी रहे 51 वर्षीय वैष्णव ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ-साथ रेलवे का भी प्रभार संभाला है। वहीं, कैबिनेट मंत्री के पद पर पदोन्नत किये गये अनुराग ठाकुर ने भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रभार संभाल लिया। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ-साथ रेलवे का भी प्रभार मिलने पर ओडिशा से सांसद वैष्णव ने कहा कि यह जिम्मेदारी देने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। वैष्णव ने कहा कि उनका मुख्य जोर कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने पर होगा। वहीं, दर्शना जरदोश ने रेल राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया।ठाकुर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद संवाददताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी दी है और वह इसे पूरा करने की अपनी सर्वोत्तम कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से जनता तक पहुंचने पर उनका सबसे ज्यादा ध्यान रहेगा। गुजरात से भारतीय जनता पार्टी के नेता मनसुख मंडाविया ने कोविड-19 महामारी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। मंडाविया ने इस मंत्रालय में डॉ. हर्षवर्धन की जगह ली है, जिन्होंने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. भारती प्रवीण पवार ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में अश्विनी चौबे का स्थान लिया है। महामारी के दौरान कामगार वर्ग, खासतौर पर अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों के प्रभावित होने के बीच भूपेंद्र यादव को महामारी के बीच श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जितेंद्र सिंह ने नये केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्हें बुधवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया था। संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी कार्यभार संभाल लिया,जबकि नारायण टी. राणे ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का कार्यभार संभाला। राणे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। भानु प्रताप सिंह वर्मा ने भी इसी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है। गुजरात से भाजपा नेता पुरूषोत्तम रूपाला ने मात्स्यिकी, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का दायित्व संभाला । राज कुमार सिंह ने विद्युत मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला। दो राज्य मंत्रियों प्रतिमा भौमिक और ए नारायणसामी ने भी अपना- अपना पदभार संभाला। सुभाष सरकार ने शिक्षा राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। वह, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से सांसद हैं, जबकि मुंजापारा महेंद्रभाई ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री का प्रभार संभाला। धर्मेन्द्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने कहा कि भारत के शिक्षा तंत्र ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरुआत के साथ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रधान ने कहा कि भारत को समान ज्ञान वाले समाज की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से वह छात्रों, युवाओं को प्राथमिक हितधारक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पशुपति कुमार पारस ने खाद्य प्रसंस्करण और गिरिराज सिंह ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यभार कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाला है। रामचंद्र प्रसाद सिंह ने इस्पात मंत्रालय का कार्यभार संभाला। किरण रीजीजू ने विधि एवं न्याय मंत्रालय का कार्यभार संभाला। रामचंद्र प्रसाद सिंह जदयू नेता एवं सेवानिवृत आईएएस अधिकारी हैं। भाजपा के लोकसभा सदस्य भगवंत खुबा ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री का प्रभार संभाला। वहीं, भागवत किशनराव कारद ने वित्त राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला । उत्तराखंड से सांसद अजय भट्ट ने रक्षा राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। हरदीप सिंह पुरी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कार्यभार संभाला लिया। रामेश्वर तेली ने मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। अजय कुमार और निसीथ प्रामाणिक ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री का पदभार संभाल लिया। कुमार (60) उत्तर प्रदेश के खीरी से लोकसभा सदस्य है और प्रमाणिक (35) पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से लोकसभा सदस्य है। नौकरशाह से नेता बने आर के सिंह ने विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री का प्रभार संभाला।
- मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में वृन्दावन कोतवाली क्षेत्र में किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात को तकरीबन दो बजे चामुण्डा मंदिर के समीप पानीघाट एप्रोच मार्ग पर संयुक्त अस्पताल जा रहे मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को किसी वाहन ने टक्कर मार दी,जिसमें दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी नहीं मिलने के कारण शव एक घण्टे तक वहीं पड़े रहे और कई वाहन उनके ऊपर से गुजर गए,जिससे शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए। शवों की शिनाख्त पानीघाट निवासी अर्जुन और प्रदीप के रूप में हुई है। पुलिस वाहन की तलाश कर रही है और मामले की जांच कर रही है।
- अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में बीमा राशि लेने के लिए अपने पति की मौत का झूठा दावा करने के आरोप में 35 वर्षीय महिला को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। महिला पर आरोप है किउसने बीमे के 18.5 लाख रुपये लेने के लिए जाली दस्तावेजों के आधार पर अपने पति की मौत का झूठा दावा किया। एक अधिकारी ने बताया कि शहर की अपराध शाखा ने आरोपी महिला नंदा मराठी को धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि महिला के पति निमेश मराठी को पता चला कि उसकी आरोपी पत्नी ने 2019 में उन्हें मृत दिखाकर उनकी जीवन बीमा पॉलिसी के 18.5 लाख रुपये पर कथित तौर पर दावा किया है। इसके बाद उन्होंने बुधवार को अपराध शाखा का रुख किया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि आरोपी नंदा ने एक रिपोर्ट प्राप्त की जिसमें कहा गया था कि उसके पति की मार्च 2019 में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई और उस रिपोर्ट के आधार पर नगर निकाय के अधिकारियों ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने अपने पति की जानकारी के बिना 18.5 लाख रुपये की राशि पर दावा करने के लिए दो बीमा कंपनियों में दस्तावेज जमा करा दिए। उन्होंने कहा कि मामले में छानबीन चल रही है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोरोना महामारी से मुकाबले के लिये देश में स्वास्थ्य आधारभूत ढांचा मजबूत बनाने के मकसद से 23,123 करोड़ रूपये के पैकेज को बृहस्पतिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए नव नियुक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने यह जानकारी दी । केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार को हुए व्यापक फेरबदल व विस्तार के बाद बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में यह फैसला किया गया । मंडाविया ने कहा कि इस पैकेज को अगले नौ महीने में मार्च 2022 तक लागू किया जायेगा ।उन्होंने कहा कि यह आपतकालीन प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज का दूसरा चरण है । केंद्र सरकार इससे पहले देश भर में कोविड समर्पित अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिये 15000 करोड़ रूपये दे चुकी है । सरकारी बयान के अनुसार, ‘‘ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 23,123 करोड़ रुपये की एक नई योजना भारत कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज- चरण 2 को स्वीकृति दे दी ।'' इसमें कहा गया है कि इस योजना का उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य ढांचे का विकास और उचित परिणामों पर जोर के साथ शुरुआती रोकथाम, पहचान और प्रबंधन के उद्देश्य से त्वरित प्रतिक्रिया के लिए स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों में तेजी लाना है। इस पैकेज के चरण-2 में केंद्रीय क्षेत्र (सीएस) और केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के घटक शामिल हैं। बयान के अनुसार, केंद्रीय क्षेत्र के घटकों के अंतर्गत एम्स और अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली, एलएचएमसी और एसएसकेएच, दिल्ली, आरएमएल, दिल्ली, रिम्स, इम्फाल और एनईआईजीआरआईएमएस, शिलांग, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़, जेआईपीएमईआर, पुडुचेरी और एम्स दिल्ली (मौजूदा एम्स) और पीएमएसएसवाई के तहत नए एम्स) को कोविड प्रबंधन के लिए 6,688 बिस्तरों के संबंध में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें कहा गया है कि रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को वैज्ञानिक नियंत्रण केंद्र, महामारी सूचना सेवाएं (ईआईएस) और आईएनएसएसीओजी सचिवालय सहयोग को स्वीकृति के अलावा जीनोम अनुक्रमण मशीनें उपलब्ध कराकर मजबूत बनाया जाएगा। बयान के अनुसार, देश के सभी जिला अस्पतालों में अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के कार्यान्वयन के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा । टेली-परामर्श की संख्या प्रति दिन 50,000 से बढ़ाकर प्रति दिन 5 लाख करने के लिए ई-संजीवनी टेली-परामर्श प्लेटफार्म के राष्ट्रीय ढांचे के विस्तार के लिए भी समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। बयान के अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के घटकों के तहत किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य महामारी के खिलाफ प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जिला और उप जिला क्षमता को मजबूत बनाना है। इसके तहत सभी 736 जिलों में बाल चिकित्सा इकाइयां स्थापित करना और टेली-आईसीयू सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश में बाल चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र (बाल चिकित्सा सीओई) की स्थापना की जायेगी और जिला बाल चिकित्सा इकाइयों को सलाह और तकनीकी सहायता दी जायेगी। बयान के अनुसार, इसके तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में 20,000 आईसीयू बिस्तर बढ़ाने के लिये सहायता दी जायेगी जिनमें से 20 प्रतिशत बाल चिकित्सा आईसीयू बिस्तर होंगे। । ग्रामीण, अर्ध शहरी और जनजातीय इलाकों में कोविड-19 के पहुंचने के कारण मौजूदा इकाइयों में अतिरिक्त बिस्तर जोड़ने का काम किया जायेगा । इसमें कहा गया है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक इकाई को सहयोग देने के उद्देश्य से मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (एमजीपीएस) के साथ 1050 तरल मेडिकल ऑक्सीजन भंडारण टैंकों की स्थापना करने के लिये सहायता दी जायेगी। इसका उद्देश्य एम्बुलेंसों के मौजूदा बेड़े को मजबूत करना है और इस पैकेज के तहत 8,800 नई एम्बुलेंस शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही कोविड के प्रभावी प्रबंधन के लिए स्नातक और परास्नातक मेडिकल इंटर्न व एमबीबीएस, बीएससी और जीएनएम नर्सिंग के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। कोविड-19 प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाओं की आवश्यकता पूरी करने के साथ ही बफर स्टॉक तैयार करने के लिए जिलों को समर्थन देने की बात कही गई है। बयान में कहा गया है कि भारत कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज- चरण 2 को 23,123 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ 1 जुलाई, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक लागू किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय अंश– 15,000 करोड़ रुपये और राज्य अंश – 8,123 करोड़ रुपये है ।
- नयी दिल्ली। देश भर में लोगों को दी गयी कोविड रोधी टीकों की खुराकों की संख्या अब 37 करोड़ के करीब पहुंच गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। देश भर में टीकाकरण को व्यापक बनाने के लिये 21 जून से नये चरण की शुरूआत की गयी थी। बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार आज कोविड-19 टीके की 36,08,940 खुराक लगायी गयीं । मंत्रालय ने कहा है कि इनमें से 14 से 44 साल आयु वर्ग के 17,93,389 लोगों को पहली खुराक जबकि 1,71,647 लोगों को दूसरी खुराक दी गयी । देश भर में टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरूआत के बाद से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मिला कर 18 से 44 साल आयु वर्ग में 10,82,14,937 लोगों को पहली खुराक और 33,70,920 को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में 18 से 44 साल आयु वर्ग में 50 लाख लोगों को पहली खुराक दी गयी है। मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में इस आयु वर्ग में दस लाख से अधिक लोगों को पहली खुराक दी गयी है।-file photo
- तिरुवनंतपुरम। केरल में ज़ीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी से 24 वर्षीय एक गर्भवती महिला संक्रमित मिली है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।जॉर्ज ने बताया कि तिरुवनंतपुरम में इस वायरस के 13 संदिग्ध मामले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) से पुष्टि का इंतजार कर रही है। मंत्री ने कहा कि तिरुवनंतपुरम से 19 नमूने भेजे गए हैं जिनमें डॉक्टर समेत 13 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं, उनके ज़ीका से संक्रमित होने का शक है। महिला तिरुवनंतपुरम के पारसलेन की रहने वाली है। उनका यहां एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने सात जुलाई को बच्चे को जन्म दिया है।उन्हें बुखार, सिर दर्द और शरीर पर लाल निशान पडऩे की वजह से 28 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में की गई जांच से उनके ज़ीका से संक्रमित होने की पुष्टि हुई तथा नमूने को पुणे के एनआईवी में भेजा गया। महिला की स्थिति संतोषजनक है। सरकार ने विज्ञप्ति में बताया है कि उनका यात्रा इतिहास नहीं है लेकिन उनका घर तमिलनाडु सीमा पर है। एक हफ्ते पहले उनकी मां में भी इसी तरह के लक्षण दिखे थे। ज़ीका वायरस से संक्रमित होने के लक्षण डेंगू जैसे ही होते हैं, जैसे, बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पडऩा और जोड़ों में दर्द।
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बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला इस्लामनगर पंजाबी कॉलोनी निवासी तीन युवकों के शव सिमरा गांव के बाहर किच्छा नदी के पास जंगल में निर्जन स्थान पर मिले हैं। बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या तीनों युवकों की मौत नदी में डूबने से हुयी है,लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकेगा। इस नदी में कुछ दिन पहले भी दो युवकों की डूबने से मौत हुयी थी । पुलिस ने बताया कि बहेड़ी कस्बे के पावर हॉउस के पास रहने वाले जैनुल (17) ,सय्यद औसाफ़ (18), और ज़ामिन अली (17) मंगलवार दोपहर 12 बजे मोटरसाइकिल से एक साथ निकले थे। रात 10 बजे तक जब ये तीनों घर नहीं पहुंचे तो घर वालों ने उन्हें आसपास के गांवों में तलाशा। बुधवार सुबह नैनीताल रोड स्थित सिमरा गांव के बाहर जंगल में निर्जन स्थान के पास तीनों के शव मिलें। एक युवक के पिता शोएब ने बताया कि तीनों बच्चों की नाक से खून निकला है, गले में चोट के निशान है, इनकी मौत नदी में डूबने से नहीं हुयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों युवकों की हत्या की गयी है।-file photo
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फतेहपुर (उप्र)। फतेहपुर शहर के हरिहरगंज के निकट एक महिला अपने नौ माह के बच्चे के साथ कथित तौर पर रेलगाड़ी के आगे कूद गई। हादसे में मां-बेटे की मौत हो गयी है। सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) सत्येन्द्र सिंह ने बुधवार को बताया कि कंसपुर रेलवे स्टेशन में तैनात अवर अभियंता (जेई) उमेश कुमार पटेल की पत्नी अर्चना पटेल (30) अपने नौ माह के बेटे के साथ मंगलवार की शाम ट्रेन के आगे कूद गई। इस हादसे में मां-बेटे की मौत हो गयी। एसएचओ ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी गयी है। -
एटा (उप्र) । एटा जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के सरदलगढ़ गांव में बुधवार सुबह खेत पर सो रहे बुजुर्ग की गोली मार कर हत्या कर दी गई । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर के अनुसार बुधवार को सुबह थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत सरदलगढ़ निवासी महेंद्र सिंह की खेत पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी । उनकी उम्र 70 वर्ष के करीब थी। उन्होंने बताया कि पूछताछ एवं प्रारम्भिक जांच से पता चला है कि परिवार के ही किसी सदस्य ने महेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की है। संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसएसपी के अनुसार प्रथम दृष्टया संपत्ति विवाद को लेकर हत्या किया जाना प्रतीत होता है। प्रभारी निरीक्षक (कोतवाली देहात) जगदीश चन्द्र ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। -
देवरिया। उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां ससुरालियों पर आरोप है कि दहेज में नगद, सामान कम मिलने पर एक विवाहिता को प्रताडि़त कर घर से निकाल दिया। महिला काफी समय तक मायके रह गई तो आरोपी पति ने चुपके से प्रेमिका के साथ शादी रचा ली। इसकी भनक लगते ही बुधवार को पत्नी थाने पहुंची और तहरीर देकर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि तरकुलवा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री का विवाह रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र निवासी आरोपी युवक से 7 जून 2011 को किया था। दो वर्ष बाद 29 जनवरी 2013 को पुत्री की विदाई की। पति पर आरोप है कि शादी के कुछ ही दिन बाद दहेज के लिए ससुराल के लोग प्रताडि़त करने लगे। आरोपी की पत्नी ने करीब डेढ़ साल पहले पति, सास और देवर पर मारपीट कर घर निकाल देने का आरोप लगाया है। इसके बाद वह अपने मायके में रहने लगी। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि पत्नी जब पिता के घर रहने लगी तो आरोपी पति का प्रेम संबंध एक युवती से शुरू हो गया। उसने प्रेमिका के साथ रहने की ठान ली और शादी रचा ली। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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अंबाला। पति मारता-पिटता था। रिश्तेदार ने पूरा खर्च देने व शादी करने का सपना दिखाकर विवाहिता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में धोखा दे दिया। आरोपी युवक ने मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया। जब उसने अपनी सहेली के घर में शरण ली तो आरोपी युवक वहां भी पहुंच गया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। परेशान होने के बाद विवाहिता ने सदर थाना पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है।
सदर थाना शहर, एसएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस को दी शिकायत में पीडि़ता ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र की रहने वाली है। उसकी अंबाला के गांव कागवाल निवासी युवक के साथ 2016 में शादी हुई थी। इस शादी से दो साल का बेटा है। पति नशे का आदी और मारपीट करता था। इसी दौरान उसकी पति के रिश्तेदार से मुलाकात हुई। तब रिश्तेदार आरोपी युवक ने कहा कि अगर तुम्हारा पति तंग करता है तो वह उसे अपने साथ रख सकता है। सारा खर्च भी देगा। इस तरह वह उसकी बातों पर विश्वास हो गया। एक दिन पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
सदर थाना शहर, एसएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि पीडि़ता के मुताबिक आरोपी अपने साथ कंगवाल से अंबाला अपनी बहन के घर ले आया। यहां वह आठ माह रही। इस दौरान आरोपी विशाल उसे खर्च देता रहा। यहीं पर उसकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती शारीरिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी ने आश्वासन दिया वह उसे अपने पास रखेगा और उसके पति से तलाक दिलवाकर शादी कर लेगा। इस तरह वह थोड़े-थोड़े दिन बाद आकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर चला जाता था। जब युवक से शादी करने की बात कही तो वह टाल मटोल करने लगा और खर्च देना भी बंद कर दिया। आरोपी ने मारपीट कर उसे अपने घर से निकाल दिया और जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद पीडि़ता अपनी सहेली के घर आ गई। मगर आरोपी वहां भी आ गया और मारपीट शुरू कर दी। सदर थाना शहर, एसएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि महिला की तरफ से शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी गई। तफ्तीश में जो भी सामने आएगा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जमुई। बिहार के जमुई जिले में सोमवार को महिला ने अपने पति पर दहेज के लिए प्रताडि़त करने और धोखा देने का आरोप लगाते हुए महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
डीएसपी लाल बाबू यादव ने बताया कि शिक्षिका पत्नी का आरोप है कि 12 साल संग रहने के बाद पति ने उसके साथ बेवफाई की और गुपचुप तरीके से पराई लड़की के साथ रहने लगा। जब उसे इसकी भनक तो वो अपनी बेटी के साथ पति के ठिकाने पर पहुंची और उसे आपत्तिजनक स्थिति में पराई लड़की के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया। पति की इस करतूत का जब उसने विरोध किया गया तो पति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे मौके से भगा दिया। इस मामले में पीडि़ता ने अपने पति आदित्य और ससुर के अलावा दो अन्य लड़कियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
शिक्षिका ने जमुई के डीएसपी लाल बाबू यादव को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी लाल बाबू यादव के अनुसार शिक्षिका ने बताया कि वह वर्तमान में किराए के मकान में रहती है और 2010 से शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। उसकी शादी हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार साल 2009 में आरोपी आदित्य से हुई थी। जमुई के डीएसपी लाल बाबू यादव ने बताया कि शिक्षिका ने शिकायती पत्र में बताया है कि उसकी शादी में दहेज के तौर पर तीन लाख रुपए और गहने भी दिए गए थे। इसके बावजूद सास, ससुर और पति द्वारा उसे दहेज के लिए प्रताडि़त किया जा रहा था।
डीएसपी लाल बाबू यादव के अनुसार शिक्षिका ने अपने पति पर आरोप लगाते हुए बताया कि उसका पति एक महीने से घर नहीं आ रहा था। वह अपनी 9 साल की बेटी के साथ अकेले रह रही थी। फोन कर पूछने पर पति द्वारा कभी दोस्त के पास रहने तो कभी बाहर जाने की बात कही जा रही थी। इसी क्रम में कुछ दिन पहले उसे एक लड़की के साथ उसके पति के अवैध संबंध होने की जानकारी मिली। जानकारी पाकर जब वो मौके पर पहुंची तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस संबंध में सदर डीएसपी लाल बाबू यादव ने बताया कि शिक्षिका से फिलहाल उनकी मुलाकात नहीं हुई है। आवेदन देने की जानकारी मिली है। -
शिमला/रायपुर। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे वीरभद्र सिंह का आज तड़के निधन हो गया है। वीरभद्र का निधन सुबह 3.40 बजे हुआ। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने उनके शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए, ईश्वर से उन्हें इस दुख की घड़ी को सहने के लिए शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि वरिष्ठ नेता श्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और सांसद के रूप में अपने प्रदेश के विकास में अविस्मरणीय योगदान दिया। वे केंद्रीय मंत्री रहे और छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला। -
बांका। बिहार के बांका जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भागलपुर-हंसडीहा स्टेट हाईवे पर टेकानी गांव के पास बंधुवाकुरावा थाना क्षेत्र के निवासी ट्रक खलासी को नपुंसक बनाने की जानकारी मिली है। पूरे मामले का आरोपी ट्रक चालक धनंजय है। खलासी का इलाज भागलपुर में हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी धनंजय को यह शक था कि उसकी पत्नी का खलासी से अवैध संबंध है। इसी गुस्से में पहले तो आरोपी धनंजय ने अपनी पत्नी की जमकर पिटाई कर दी फिर उसने खलासी को भी खूब पिटा और बाद में उसे नपुंसक बना दिया। इस घटना के बाद खलासी काफी देर तक वहां छटपटा रहा। घटना के बाद आरोपी चालक धनंजय फरार हो गया है। जख्मी का इलाज भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने बताया स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी खलासी को रजौन पीएचसी में एंबुलेंस की मदद से भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद खलासी की गंभीर स्थिति देख उसे भागलपुर रेफर कर दिया गया है। जहां स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी कीपत्नी से अवैध संबंध का शक होने पर आरोपी धनंजय ने मौका मिलते ही उसका गुप्तांग काटकर खलासी से बदला लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। - नयी दिल्ली। कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम पर रहने के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ जिलों में नदी से शव निकाले जाने के बाद सरकार द्वारा कराये गए एक अध्ययन में गंगा के पानी में कोरोना वायरस के कोई अंश नहीं पाये गए हैं। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह अध्ययन जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर), लखनऊ, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सहयोग से किया गया। सूत्रों ने कहा कि अध्ययन दो चरणों में किया गया जिसमें कन्नौज, उन्नाव, कानपुर, हमीरपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, बलिया, बक्सर, गाजीपुर, पटना और छपरा से नमूने लिए गए थे। सूत्रों ने कहा, ‘‘एकत्र किए गए नमूनों में से किसी में भी सार्स-सीओवी2 के अंश नहीं मिले।'' वायरोलॉजिकल अध्ययन के तहत पानी के नमूनों से वायरस के आरएनए को निकाला गया ताकि जलाशय में वायरल लोड निर्धारित करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच की जा सके।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को किये गए मंत्रिपरिषद विस्तार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो पूर्व अधिकारियों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया गया है। अश्विनी वैष्णव और राम चंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। बुधवार को कुल 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई जिसमें से 15 कैबिनेट और 28 राज्यमंत्री हैं।भाजपा नेता वैष्णव (50) का जन्म राजस्थान के जोधपुर में हुआ था और वह ओडिशा कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 28 जून 2019 में होने वाले राज्यसभा चुनाव से मात्र छह दिन पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल किया गया था। आईएएस अधिकारी के रूप में वैष्णव, बालासोर और कटक जिले में मजिस्ट्रेट और कलेक्टर का पदभार संभाल चुके हैं। उनकी प्रशासनिक क्षमता उस समय निखर कर सामने आई थी जब 1999 में आए चक्रवात में कम से कम 10 हजार लोगों की मौत हो गई थी। वैष्णव ने ओडिशा में 2003 तक काम किया जिसके बाद उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यालय में उप सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। नौकरशाह से नेता बने राम चंद्र प्रसाद सिंह बिहार के नालंदा जिले से आते हैं। वह 1990 के दशक में तत्कालीन समता पार्टी नेता और रेलवे मंत्री नितीश कुमार के चहेते बन गए थे जब उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। सिंह की क्षमता से प्रभावित होकर कुमार ने मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर से लाकर अपना प्रधान सचिव बनाया था।
- नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिपरिषद के बुधवार को हुए बहुप्रतीक्षित फेरबदल व विस्तार में 43 मंत्रियों ने शपथ ली जिसमें मनसुख मंडाविया को स्वास्थ्य मंत्रालय, धर्मेन्द्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय, हरदीप सिंह पुरी को पेट्रोलियम मंत्रालय और अनुराग ठाकुर को सूचना प्रसारण मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है । नवगठित सहकारिता मंत्रालय का प्रभार गृह मंत्री को दिया गया है ।राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के विभागों का आवंटन किया । इसके अनुसार, ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागर विमानन मंत्रालय, नारायण राणे को लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमिता मंत्रालय तथा सर्वानंद सोनोवान को पोत, जहाजरानी, जलमार्ग एवं आयुष मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है । डॉ. वीरेन्द्र सिंह को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का प्रभार दिया गया है । वहीं, जदयू अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह को इस्पात मंत्रालय दिया गया है । अश्विनी वैष्णव को रेल, संचार तथा इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है । लोजपा के पशुपति कुमार पारस को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का प्रभार दिया गया । किरण रिजिजू को विधि एवं न्याय मंत्रालय, भूपेन्द्र यादव को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया । धर्मेन्द्र प्रधान को शिक्षा तथा कौशल एवं उद्यमिता मंत्रालय, हरदीप सिंह पुरी को पेट्रोलियम, शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय, अनुराग ठाकुर को सूचना प्रसारण मंत्रालय एवं युवा एवं खेल मंत्रालय का प्रभार दिया गया । गिरिराज सिंह को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय तथा महेन्द्र नाथ पांडे को भारी उद्योग मंत्रालय, जी किशन रेड्डी को संस्कृति, पर्यटन एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और पुरूषोत्तम रूपाला को मतस्यिकी, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय दिया गया है । वहीं, मंत्रिपरिषद विभागों के आवंटन के दौरान कई सदस्यों को राज्य मंत्री का बनाया गया है । इनमें पंकज चौधरी को वित्त राज्य मंत्री, अनुप्रिया सिंह पटेल को वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर को कौशल, उद्यमिता एवं इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे को कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया है ।
- नयी दिल्ली। देश भर में कोविड रोधी टीकों की अब तक 36.45 करोड़ खुराक दी गयी है । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालाय ने इसकी जानकारी दी । देश भर में टीकाकरण को व्यापक बनाने के लिये 21 जून से नये चरण की शुरूआत की गयी थी।मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को शाम सात बजे तक 31,04,426 खुराक दी गयी । मंत्रालय ने कहा है कि इनमें से 14 से 44 साल आयु वार्ग के 14,04,816 लोगों को पहली खुराक जबकि 1,35,166 लोगों को दूसरी खुराक दी गयी । देश भर में टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरूआत के बाद से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मिला कर 18 से 44 साल आयु वर्ग में 10,62,08,106 लोगों को पहली खुराक और 31,88,078 को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राज्स्थान, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में 18 से 44 साल आयु वर्ग में 50 लाख लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में इस आयु वर्ग में दस लाख से अधिक लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है।
- राजगढ़ । मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के एक गांव में अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के एक समूह द्वारा बुधवार को एक पुलिस दल पर कथित रुप से हमला कर देने से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए जिनमें एक की हालत गंभीर है। पुलिस की जवाबी गोलीबारी में कम से कम तीन-चार ग्रामीण भी घायल हो गए हैं। राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब पुलिस का एक दल बोड़ा थाना क्षेत्र के कड़िया सांसी गांव के एक मकान में अवैध शराब की खेप पहुंचने की गुप्त सूचना पर वहां पहुंचा था। पुलिस के पास मकान मालिक के खिलाफ स्थायी वारंट था। उन्होंने बताया कि जब पुलिसकर्मी ग्रामीणों से बात कर रहे थे तभी कुछ महिलाओं ने लाठियों और पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया। हमले में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। शर्मा ने बताया कि बोड़ा पुलिस थाने के प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे के सिर में चोट आई है और उनका इलाज चल रहा है।उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने स्वयं को बचाने के लिये गोलियां चलाई जिससे 3-4 ग्रामीण घायल हो गए।
- नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने गौर किया है कि मीडिया में कुछ ऐसी खबरे आईं हैं, जिन्हें जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंड एक्सपेरीमेंटल हेपेटॉलॉजी में छपे एक अध्ययन के आधार पर पेश किया गया है। यह इंडियन नेशनल एसोसियेशन फॉर दी स्टडी ऑफ दी लिवर (आईएनएएसएल)की समीक्षा पत्रिका है। इस अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि टिनोसपोरा कॉर्डीफोलिया (टीसी) जिसे आम भाषा में गिलोय या गुडुची कहा जाता है, उसके इस्तेमाल से मुम्बई में छह मरीजों का लिवर फेल हो गया था।मंत्रालय को लगता है कि उपरोक्त मामलों का सिलसिलेवार तरीके से आवश्यक विश्लेषण करने में लेखकों का अध्ययन नाकाम रह गया है। इसके अलावा, गिलोय या टीसी को लिवर खराब होने से जोडऩा भी भ्रामक और भारत में पारंपरिक औषधि प्रणाली के लिये खतरनाक है, क्योंकि आयुर्वेद में गिलोय को लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। तमाम तरह के विकारों को दूर करने में टीसी बहुत कारगर साबित हो चुकी है।अध्ययन का विश्लेषण करने के बाद, यह भी पता चला कि अध्ययन के लेखकों ने उस जड़ी के घटकों का विश्लेषण नहीं किया, जिसे मरीजों ने लिया था। यह जिम्मेदारी लेखकों की है कि वे यह सुनिश्चित करते कि मरीजों ने जो जड़ी खाई थी, वह टीसी ही थी या कोई और जड़ी। ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिये लेखकों को वनस्पति वैज्ञानिक की राय लेनी चाहिये थी या कम से कम किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिये था। दरअसल, ऐसे कई अध्ययन हैं, जो बताते हैं कि अगर जड़ी-बूटियों की सही पहचान नहीं की गई, तो उसके हानिकारक नतीजे निकल सकते हैं। टिनोसपोरा कॉर्डीफोलिया से मिलती-जुलती एक जड़ी टिनोसपोरा क्रिस्पा है, जिसका लिवर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। लिहाजा, गिलोय जैसी जड़ी पर जहरीला होने का ठप्पा लगाने से पहले लेखकों को मानक दिशा-निर्देशों के तहत उक्त पौधे की सही पहचान करनी चाहिये थी, जो उन्होंने नहीं की। इसके अलावा, अध्ययन में भी कई गलतियां हैं। यह बिलकुल स्पष्ट नहीं किया गया है कि मरीजों ने कितनी खुराक ली या उन लोगों ने यह जड़ी किसी और दवा के साथ ली थी क्या। अध्ययन में मरीजों के पुराने या मौजूदा मेडिकल रिकॉर्ड पर भी गौर नहीं किया गया है।अधूरी जानकारी के आधार कुछ भी प्रकाशित करने से गलतफहमियां पैदा होती हैं और आयुर्वेद की युगों पुरानी परंपरा बदनाम होती है।यह कहना बिलकुल मुनासिब होगा कि ऐसे तमाम वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं, जिनसे साबित होता है कि टीसी या गिलोय लिवर, धमनियों आदि को सुरक्षित करने में सक्षम है। उल्लेखनीय है कि इंटरनेट पर मात्र 'गुडुची एंड सेफ्टी टाइप किया जाये, तो कम से कम 169 अध्ययनों का हवाला सामने आ जायेगा। इसी तरह टी. कॉर्डफोलिया और उसके असर के बारे में खोज की जाये, तो 871 जवाब सामने आ जायेंगे। गिलोय और उसके सुरक्षित इस्तेमाल पर अन्य सैकड़ों अध्ययन भी मौजूद हैं। आयुर्वेद में सबसे ज्यादा लिखी जाने वाली औषधि गिलोय ही है। गिलोय में लिवर की सुरक्षा के तमाम गुण मौजूद हैं और इस संबंध में उसके सेवन तथा उसके प्रभाव के स्थापित मानक मौजूद हैं। किसी भी क्लीनिकल अध्ययन या फार्मा को-विजिलेंस द्वारा किये जाने वाले परीक्षण में उसका विपरीत असर नहीं मिला है।अखबार में छपे लेख का आधार सीमित और भ्रामक अध्ययन है। इसमें तमाम समीक्षाओं, प्रामाणिक अध्ययनों पर ध्यान नहीं दिया गया है, जिनसे पता चलता है कि टी. कॉर्डीफोलिया कितनी असरदार है। लेख में न तो किसी प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह ली गई है और न आयुष मंत्रालय की। पत्रकारिता के नजरिये से भी यह लेख दुरुस्त नहीं है।
- नई दिल्ली। देश भर में अब तक राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 36 करोड 13 लाख से अधिक कोविड टीके लगाये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान 36 लाख से अधिक टीके लगाये गये। देश में स्वस्थ होने की दर 97.18 प्रतिशत हो गई है। कल 47 हजार से अधिक रोगी स्वस्थ हुए हैं। इसे मिलाकर अब तक दो करोड 97 लाख 99 हजार से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। लगातार 55वें दिन स्वस्थ होने की दर में बढोतरी हो रही है।पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड के 47 हजार से अधिक नये रोगियों की पुष्टि हुई है। इस समय देश में चार लाख 59 हजार 920 लोगों का उपचार चल रहा है, जो कुल संक्रमित लोगों का एक दशमलव पांच प्रतिशत है। साप्ताहिक संक्रमण दर पांच प्रतिशत से नीचे है और यह इस समय 2.39 प्रतिशत है। लगातार 16वें दिन दैनिक संक्रमण दर 2. 29 दो प्रतिशत है। कोविड जांच क्षमता निरंतर बढ़ रही है। अब तक 42 करोड़ 35 लाख से अधिक कोविड जांच की जा चुकी है। कल 19 लाख 7 हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई।
- पटना। बिहार के गया जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। कथित रूप से मौसेरे भाई से अवैध संबंध में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।घटना गया जिले के मुफस्सिल थाना अंतर्गत अमरी गांव की है। यहां पिछले दिनों योगेंद्र नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी। हत्या का खुलासा करते हुए डीएसपी घूरन मंडल ने बताया कि योगेंद्र की हत्या रिश्ते में उसके साले लगने वाले आरोपी नीरज ने की थी। जांच में हत्या का कारण मृतक योगेंद्र की आरोपी पत्नी और आरोपी नीरज के बीच अवैध संबंध सामने आया है। डीएसपी घूरन मंडल ने बताया कि हत्या के बाद जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पत्नी के मोबाइल को सर्विलांस पर रख दिया गया था। इसके बाद आरोपी महिला और आरोपी नीरज के मोबाइल के कॉल डिटेल की जांच की गई और हत्याकांड का खुलासा हो गया।डीएसपी घूरन मंडल के अनुसार आरोपी नीरज के बताया कि मृतक योगेंद्र की पत्नी और उसकी मौसेरी बहन से उसके लंबे समय तक अवैध संबंध थे। आरोपी ने यह भी बताया कि मृतक योगेंद्र दिल्ली में काम करता था। लॉकडाउन में योगेंद्र गांव आ गया। ऐसे में आरोपी महिला रेणु और आरोपी नीरज को मिलने में दिक्कत होने लगी। ऐसे में आरोपी रेणु और नीरज ने मिलकर हत्या की साजिश रची।डीएसपी घूरन मंडल के अनुसार आरोपी नीरज ने बताया कि साप्ताहिक बाजार से मछली लाया। इसके बाद आरोपी नीरज, अपने दो अन्य आरोपी साथियों के साथ मृतक के साथ शराब पी और मछली खाई। इसी दौरान आरोपी नीरज ने अन्य आरोपी साथियों ने साथ मिलकर योगेंद्र का गला घोंट दिया। पुलिस ने शक के आधार पर मृतक की आरोपी पत्नी रेणु से पूछताछ की और जांच की। इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ।
- पटियाला। थाना सिटी राजपुरा इलाके में एक 12वीं की छात्रा ने नींद की गोलियां खाने के बाद छत से छलांग लगा दी। छात्रा को जख्मी हालत में राजपुरा के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जहां पुलिस ने उसके बयान लेने के बाद सोमवार देर शाम को 35 वर्षीय शादीशुदा आरोपी युवक बलदेव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना तीन जुलाई रात नौ बजे की है। लड़की को होश आने के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए हैं। पुलिस चौकी कस्तूरबा इंचार्ज सब इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह ने कहा की फिलहाल आरोपी फरार है।पुलिस चौकी इंचार्ज गुरनाम सिंह ने कहा कि पीडि़ता की ओर से पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार वह इस समय 12वीं की छात्रा है और इन दिनों वह मामा के घर में रह रही है। आरोपी बलदेव सिंह मोहल्ले में रहता है। पिछले साल लाकडाउन व कफ्र्यू लगने से पहले जब वह स्कूल जाती थी तो आरोपी अक्सर उसका पीछा करता था। लड़की ने आरोपी की हरकतों को नजरअंदाज कर दिया लेकिन उसकी कमेंटबाजी बंद नहीं हुई। पिछले कुछ समय से आरोपी लगातार उसे फोन करके अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। लड़की ने इनकार करते हुए अपने परिवार वालों को बताने की बात कही, जिसके बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए फोन कर परेशान करने लगा। जिस वजह से लड़की ने तीन जुलाई की रात को घर में रखी नींद की गोलियां खाने के बाद दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। लड़की की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।पुलिस चौकी इंचार्ज गुरनाम सिंह ने कहा कि आरोपी युवक की गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला साफ होगा। इस मामले की भी पड़ताल की जा रही है।
- नयी दिल्ली। उत्तर भारत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई हिस्सों में मंगलवार को गर्मी का प्रकोप जारी रहा। राजस्थान के करौली में पारा 43.9 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के फिर से मजबूत होने के साथ ही पश्चिमी तट पर नौ जुलाई से बारिश में वृद्धि होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजधानी में शाम को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा में आर्द्रता कम रही। आईएमडी के अनुसार, सापेक्ष आर्द्रता 34 प्रतिशत दर्ज की गई। हरियाणा और पंजाब में भी गर्मी का प्रकोप जारी रहा तथा गुरुग्राम में तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि हरियाणा में सबसे गर्म स्थान रहा। पंजाब के बठिंडा में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा जो कि सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा था। पटियाला में 40.6 डिग्री सेल्सियस और अमृतसर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से चार डिग्री अधिक था। राजस्थान के कुछ हिस्सों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई। राज्य में करौली सबसे गर्म स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण पश्चिमी मॉनसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, धौलपुर और भीलवाड़ा जिलों में स्थिर रही और पिछले कई दिनों में यह आगे नहीं बढ़ा। मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 जुलाई के बाद राजस्थान के बाकी हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रह सकता है। इस बीच आईएमडी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिमी तट पर नौ जुलाई से बारिश में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, नौ जुलाई से उत्तर पूर्वी भारत में बारिश में कमी आ सकती है। आईएमडी ने कहा, “अरब सागर में दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के मजबूत होने से नौ जुलाई से पश्चिमी तट पर बारिश में वृद्धि हो सकती है। कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में नौ जुलाई से भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है।” विभाग ने कहा कि इसी दौरान, नौ जुलाई से उत्तर पूर्वी भारत (अरुणाचल, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में बारिश में कमी आएगी।





















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