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-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
सहजन की फलियों को मोरिंग और मुनगा के नाम से भी काफी सारे लोग जानते हैं। वैसे तो इस फली के बहुत सारे औषधीय गुण हैं लेकिन केवल फली ही नहीं बल्कि सहजन की पत्तियां भी बहुत फायदेमंद होती है। इसकी सब्जी बनाकर खाने से ही विटामिन सी, ए, ई, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंग जैसे जरूर तत्व शरीर को मिलते हैं। सहजन में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जो कई तरह के संक्रमण वाली बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। सहजन की फलियों का सीजन ना होने की वजह से इसकी पत्तियों से ये न्यूट्रिशियस तत्व लिए जा सकते हैं। जानें कैसे बनाएं सहजन की पत्तियों की क्रिस्पी और टेस्टी सब्जी, जिसे बच्चे-बड़े सब आसानी से खा सकेंगे।
सहजन की पत्ती की सब्जी बनाने की सामग्री
सहजन की पत्तियां 500 ग्राम
चावल का आटा 1 कप
नमक स्वादानुसार
1 प्याज बारीक कटा हुआ
2 चम्मच सरसों का तेल
1 चम्मच जीरा
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
2 साबुत लाल मिर्च
अदरक-लहसुन-मिर्ची का पेस्ट
आधा चम्मच हल्दी पाउडर
सहजन की पत्तियों की क्रिस्पी सब्जी रेसिपी
-सबसे पहले सहजन की पत्तियों को अच्छी तरह से डंठल से अलग कर लें। फिर इसे दो से तीन पानी से धो लें।
-बारीक-बारीक काट लें।
-अब किसी बड़े बाउल में इन कटी हुई पत्तियों के साथ चावल के आटे को अच्छी तरह से मिक्स करें।
-अब कड़ाही में तेल गर्म करें।
-जब तेल गर्म हो जाए तो इसमे जीरा चटकाएं।
-जीरे के साथ अदरक-लहसुन और मिर्ची का पेस्ट डालकर भूनें।
-जब पेस्ट भुन जाए तो प्याज डालें।
-साथ में साबुत लाल मिर्च भी डाल दें।
-धीमी आंच पर अच्छी तरह से प्याज भुनने के बाद चावल के आटे में मिक्स मोरिंगा लीव्स को डालकर चलाएं।
-नमक भी डाल दें।
-अच्छी तरह से धीमी आंच पर पकाएं।
-बस तैयार है टेस्टी क्रिस्पी मोरिंग लीव्स की सब्जी। इसे दाल-चावल के साथ सर्व करें। बस टेस्ट पसंद करेंगे। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
खास स्टाइल से रबड़ी मालपुआ तैयार करिए। इसका स्वाद चखने के बाद हर किसी के मुंह से केवल आपकी तारीफ ही निकलेगी। जानें कैसे बनाएं टेस्टी और सॉफ्ट मालपुआ।
मालपुआ बनाने की सामग्री
1 कप मैदा
एक चौथाई कप सूजी
1 कप दूध
2 चम्मच चीनी
1 चम्मच सौंफ
1 कप पानी
2 कप घी
चाशनी बनाने के लिए
2 कप चीनी
2 कप पानी
1-2 लच्छा केसर
1 चम्मच इलायची पाउडर
2 चम्मच बादाम
मालपुआ बनाने की विधि
सबसे पहले किसी बड़े बाउल में मैदा लें। इसमे चीनी मिला लें। साथ में दूध डालकर अच्छी तरह से फेंटे। फेंटते समय बाउल को किसी बर्फ से भरे बर्तन में रख लें। जिससे कि पेस्ट बिल्कुल ठंडा रहे। अच्छी तरह से फेंट कर मालपुआ के पेस्ट को फ्लपी बना लें। बिल्कुल क्रीमी टेक्सचर बनाने के बाद इसे साइड में रख दें।
चाशनी बनाएं
चाशनी बनाने के लिए किसी मोटे तले के बर्तन में चीनी और पानी डालें। जब इसमे उबाल आने लगे तो केसर के रेशे और इलायची पाउडर डालकर गाढ़ा कर लें। चाशनी जब गाढ़ा ही जाए तो गैस बंद कर दें।
मालपुआ बनाने के लिए पैन को गैस पर रखें और देसी घी डालें। देसी घी गर्म होने लगे तो इसमे पैनकेक के आकार में बैटर डालकर धीमी आंच पर पकाएं। दोनों तरफ सुनहरा पकाने के बाद तैयार मालपुआ को चाशनी में डाल दें। करीब एक घंटे तक चाशनी में डुबोने के बाद प्लेट में निकालें और ऊपर से रबड़ी और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स, सूखे गुलाब के फूल डालकर सर्व करें। -
पानी शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर आप कम मात्रा में पानी पीते हैं तो कई सारी बीमारियों के पैदा होने का डर रहता है। क्योंकि पानी शरीर से टॉक्सिंस को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही शरीर के सारे बॉडी पार्टस भी स्मूदली वर्क कर पाते हैं। पानी की कमी से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। वहीं यूरिन इंफेक्शन, कब्ज, इनडाइजेशन की समस्या बढ़ जाती है। वहीं चेहरे पर एक्ने भी पानी की कमी से दिखते हैं। कई बार शरीर में पानी की कमी तो होती है लेकिन उसे हम समझ नहीं पाते। ऐसे में शरीर में दिख रहे इन लक्षणों समझें कि आप है डिहाइड्रेशन के शिकार।
यूरिन का कलर
अगर आपको खुलकर यूरिन नहीं हो रही और यूरिन का कलर पीलापन लिए है। तो ये आपके शरीर में पानी की कमी का संकेत है। जरूरी है कि पानी पीने की मात्र को बढ़ा दिया जाए।
मुंह से बदबू
पानी की कमी की वजह से मुंह में लार कम बनती है और मुंह से बदबू आती है। दांतों और मुंह की सफाई के बाद भी मुंह बदबू करता है तो पानी ज्यादा पीना शुरू करें।कद
स्किन और होंठ ड्राई
अगर स्किन हमेशा ड्राई रहती है और होंठ के आसपास का हिस्सा सूखा सा लगता है तो शरीर में पानी की कमी है। इसे पूरा करने के लिए लिक्विड और पानी की मात्रा को बढ़ा दें।
कमजोरी और सुस्ती
डिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। जिसकी वजह से थकान और सुस्ती लगती है और सिर चकराता है। इसलिए सुस्ती और सिर चकराने पर पानी पीना बेहद जरूरी होता है।
नींद ज्यादा लगना और थकान
अगर आपको बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है और नींद आ रही है तो ये शरीर में पानी की कमी का संकेत है। डिहाड्रेशन को दूर करने के लिए लिक्विड और पानी ज्यादा मात्रा में पिएं।
मसल्स क्रैंप
पानी की कमी और डिहाइड्रेशन की वजह से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है और मसल्स में क्रैंप होता है। ये सिचुएशन भी डिहाइड्रेशन की निशानी है। -
हेल्दी रहना है तो सही खानपान और डाइट के साथ ही रूटीन का भी सही होना जरूरी है। इसमे सोना का नियम भी शामिल है। अच्छी नींद सेहत को किस तरह से फायदा पहुंचाती है। ये तो बहुत सारे रिसर्च और स्टडी में पता चल चुका है। लेकिन रात की अच्छी नींद के साथ ही दिन में सोना भी फायदेमंद हो सकता है। इस बारे में ज्यादातर एक्सपर्ट की राय अलग-अलग होती है। लेकिन अगर आपकी आदत दिन में सोने की है तो इस खबर को जरूर पढ़ लें। दिन में सोना दो तरह का होता है। जिसके बारे में पूरी जानकारी जरूरी है।
दिन में इतनी देर सोना है फायदेमंद
दिन में झपकी मारना और सोना, दोनों अलग बाते हैं। अगर आप केवल आधे घंटे या फिर उससे कम देर के लिए सो रहे हैं तो ये सेहत के लिए अच्छा है। इंडिया टुडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च में बताया गया है कि दिन में मात्र 26 मिनट की छोटी सी नैप आपकी सेहत पर पॉजिटिव असर डालती है।
झपकी से दिमाग होगा तेज
अगर आप दिन के मात्र आधा घंटा सोते हैं तो ये दिमाग को तेजी से काम करने में मदद करता है। उम्र बढ़ने के साथ दिमाग में खास तरह के स्नैप्स बनने लगते हैं। जो कि दिमाग को तेजी से काम करने में रुकावट पैदा करते हैं। अगर रोजाना मात्र आधे घंटे की नींद ली जाती है तो इसका लंबे समय में असर देखने को मिलता है। और समय के साथ याददाश्त तेज रहती है और दिमाग को एकाग्र होने में दिक्कत नहीं आती। साथ ही स्ट्रेस लेवल कम होता है और आंखों को भी रेस्ट मिलता है।
ज्यादा देर सोना है नुकसानदेह
अगर दिन में आधे घंटे से ज्यादा आप सोते हैं या पूरे दिन सोते ही रहते हैं तो ये बैड हेल्थ का संकेत है। जिसकी वजह रात की नींद पूरी ना होना हो सकता है। रात की नींद अगर डिस्टर्ब होती है तो डायबिटीज, स्ट्रेस, मोटापा और स्ट्रोक का खतरा रहता है। जो कि स्लीप एप्निया का कारण है। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
मील्स के बीच में कुछ स्नैक्स लेना अच्छा रहता हैं, ताकि थोड़ी भूख को शांत किया जा सके। बच्चों के लिए भी ये काफी जरूरी होता है, क्योंकि ये ना केवल उनकी भूख को शांत करता है, बल्कि ओवरआल न्यूट्रिएंट इंटेक के लिए भी जरूरी है। बच्चे पिज्जा खाने के शौकीन होते हैं। ऐसे में स्नैक्स के लिए आप ब्रेड पिज्जा बॉल्स बना सकते हैं। आइए, जानते हैं इसे बनाने की रेसिपी-
ब्रेड पिज्जी बॉल्स बनाने के लिए आपको चाहिए...
ब्रेड, चीज, स्वीट कॉर्न, प्याज, शिमला मिर्च, पिज्जा पास्ता सॉस,ऑरिगेनो, चिली फ्लैक्स, पिज्जा सीजनिंग नमक, तेल, पानी
कैसे बनाएं
ब्रेड पिज्जा बॉल्स बनाने के लिए सबसे पहले प्याज और शिमला मिर्ट को बारीक काट लें। अब एक बर्तन में प्याज, शिमला मिर्च, उबले हुए स्वीट कॉर्न डालें। इसी के साथ इसमें कद्दूकस किया चीज, चीली फ्लैक्स, ऑरिगेनो और नमक डालें। अच्छे से मिक्स करें और फिर इसमें पिज्जा पास्ता सॉस मिलाएं और खूब अच्छे से इसे मिला दें। अब ब्रेड स्लाइस लें और फिर इसे चारों तरफ से काट दें। सभी ब्रेड के कोनों को निकाल दें। अब एक ब्रेड स्लाइस को पानी में भिगोएं और फिर इसे दोनों हाथो से दबा दें। अब इसमें तैयार किया मिक्स मिलाएं और फिर इसे सभी तरफ से लपेट दें और बॉल बनाएं। सभी ब्रेड का इसी तरह से बॉल बनाएं और फिर सभी ब्रेड के साथ ऐसा करके बॉल्स तैयार करें। अब तेल गर्म करें और फिर इसे गोल्डन ब्राउन होने तक सेक लें। अब ब्रेड पिज्जा बॉल्स तैयार हैं इन्हें सॉस के साथ सर्व करें। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
ब्रेकफास्ट में कुछ हेल्दी और टेस्टी बनाकर खाना चाहते हैं तो ट्राई कर सकते हैं मूंग दाल चीले की ये टेस्टी रेसिपी। ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी लगती है बल्कि बनाने में भी बेहद आसान है। जो लोग अपनी वेट लॉस जर्नी पर हैं उनके लिए यह एक परफेक्ट रेसिपी हो सकती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाया जाता है मूंग दाल चीला।
मूंग दाल चीला बनाने के लिए सामग्री-
चीला बनाने के लिए
-1 कप धुली हुई पीली मूंग दाल
-1 चम्मच नमक
-1 चम्मच कटा हुआ अदरक
-1 हरी मिर्च
-¼ कप कटा हुआ प्याज
-1 बड़ा चम्मच कटा हरा धनिया
-तलने के लिए तेल
चीले की स्टफिंग के लिए-
-1 बड़ा चम्मच तेल
-1 चम्मच जीरा
-¼ कप कटा हुआ प्याज
-1 चम्मच कटी हुई हरी मिर्च
-नमक स्वादानुसार
-¼ चम्मच हल्दी पाउडर
-1 कप कसा हुआ पनीर
-1 बड़ा चम्मच कटा हरा धनिया
मूंग दाल चीला बनाने का तरीका-
मूंग दाल चीला बनाने के लिए सबसे पहले 1 कप पीली मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4-5 कप पानी में 5-6 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें। इसके बाद दाल का पानी निकालकर भीगी हुई दाल को ग्राइंडर में 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 1 हरी मिर्च और ¼ कप पानी के साथ डालकर पीसकर चिकना पेस्ट तैयार कर लें। अब मूंग दाल के पेस्ट एक बड़े मिक्सिंग बाउल में डालकर 1 चम्मच नमक, ¼ कप कटा हुआ प्याज, 1 बड़ा चम्मच कटा हरा धनिया और लगभग ½ कप पानी डालकर डोसे जैसा बैटर तैयार कर लें। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
हर दिन अगर आप नाश्ते में पोहा, उपमा, पराठे खा रहे हैं तो हो सकता है कि एक समय पर आकर आप इन सभी चीजों से बोर हो जाएं। अगर आप कुछ चटपटा खाने के मूड में हैं तो मूंग से टेस्टी कटलेट बनाएं। ये कटलेट प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं। वेट लॉस कर रहे लोग भी आसानी से इन कटलेट को बना सकते हैंं और खा सकते हैं। यहां जानिए इसे बनाने का तरीका-
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए...
रात भर भीगी हुई हरी मूंग
दही
पनीर
हरी मिर्च
अदरक
लहसुन
धनिया
भुना हुआ जीरा पाउडर
नमक स्वाद अनुसार
कैसे बनाएं
कटलेट बनाने के लिए रात भर भीगी हुई मूंग को ब्लेंडर में दही(इस्तेमाल कर रहे दही को कुछ देर के लिए सूती कपड़े में डालकर रखें, जब पानी निकल जाए तब इसका इस्तेमाल करें), पनीर, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, भुना जीरा पाउडर और स्वादानुसार नमक के साथ ब्लेंड करें। ब्लेंड करने के लिए एक्सट्रा पानी न डालें वर्ना कटलेट बनाना मुश्किल हो जाएगा। मिक्स तैयार हो जाने के बाद इसके छोटे-छोटे कटलेट बनाकर तवे पर थोड़े से घी के साथ फ्राई करें। इसे दोनों तरफ से ब्राउन होने दें और हरी चटनी, केचप या दही के साथ परोसें। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
सुबह के वक्त अक्सर बच्चों का टिफिन पैक करने और ब्रेकफास्ट बनाने में देर हो जाती है। ऐसे में समझ नहीं आता कि एक डिश कौन सी तैयार करें जो बच्चे-बड़े सब पसंद करें और चाव से खा लें। अगर आपके साथ ही अक्सर ऐसा होता है तो बस दो इंग्रीडिएंट्स की मदद से चीज पराठा तैयार कर सकती हैं। जो बच्चों के टिफिन में देने के साथ ही बड़ों को ब्रेकफास्ट में आसानी से दे सकती हैं। साथ ही इसे बनाने में ज्यादा टाइम या मेहनत भी नहीं लगती। तो चलिए जानें कैसे बनाएं केवल दो मेन इंग्रीडिएट से टेस्टी चीज पराठा। जिसे टोमैटो सॉस या फिर ऐसे भी खाना सब पसंद करेंगे।
चीज पराठा बनाने की सामग्री--
एक कप गेहूं का आटा
चीज की स्लाइस
ऑरगेनो
कुटी लाल मिर्च
नमक
सेंकने के लिए बटर या घी
चीज पराठा बनाने की विधि
-सबसे पहले गेहूं के आटे को गूंथ लें। आटा थोड़ा नर्म ही रखें।
-बस आटे की लोई लेकर रोटी बेल लें।
-फिर इसके बीच में चीज की एक स्लाइस रखें।
-स्लाइस के ऊपर ऑरेगेनो मिक्स और कुटी हुई लाल मिर्च डालें। स्वादानुसार नमक भी डाल सकते हैं।
-अब, चारों तरफ से रोटी को फोल्ड कर चौकोर पार्सल बना लें।
-ऊपर से सूखा आटा छिड़कें और हल्के हाथ से बेल लें।
-बेलने के बाद इसके ऊपर गार्लिक और बटर मिक्स को लगाएं।
-तवे को गर्म करें और तैयार चीज स्टफ पराठे को डालें। दोनों तरफ से बटर या घी लगाकर सुनहरा सेंक लें।
-बस रेडी है टेस्टी चीज पराठा। इसे टोमैटो सॉस या फिर ऐसे ही खाएं। -
हेल्दी रहने और बहुत सारी बीमारियों को कोसों दूर रखने के लिए न्यूट्रिशियस फूड्स खाना जरूरी होता है। इसमे फल-सब्जियों से लेकर ड्राई फ्रूट्स और नट्स शामिल हैं। साथ ही कुछ खास तरह के बीजों को भी हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। जैसे चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, पंपकिन सीड्स, सनफ्लावर सीड्स। वहीं कुछ बीज ऐसे होते हैं जिन्हें अगर खा लिया जाए तो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए हेल्दी चीजों के अंदर पाए जाने वाले इन बीजों से दूरी बनाकर रखने में ही भलाई है। आगे जाने कौन से हैं वो सीड्स, जिन्हें ना खाने में ही भलाई है।
टमाटर के बीज
टमाटर के बीज काफी छोटे होते हैं और अधिकतर गूदे में लिपटे रहते हैं। जिन्हें अलग करने का काम कोई नहीं करता। फिर चाहे सब्जी हो या सलाद, प्यूरी से लेकर ग्रेवी तक में आराम से शामिल कर दिए जाते हैं। लेकिन ये टमाटर के बीज ही हैं जो किडनी में स्टोन बनाने वाले कंपाउंड को रखते हैं। दरअसल, टमाटर के बीज में ऑक्सलेट होता है जो किडनी स्टोन को बनने में मदद करता है। हालांकि ये बात तो आप अच्छे से समझते होंगे कि रोजाना बहुत ज्यादा मात्रा में टमाटर के बीजों को खाने पर ही ये स्टोन बनाएंगे।
सेब के बीज
सेब तो बहुत ही फायदेमंद फ्रूट है। जिसे लगभग हर किसी को खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन आप जानते हैं कि इतने हेल्दी सेब का बीज जहरीला होता है। सेब के बीजों में खास तरह का कंपाउड अमिगडैलिन होता है। अगर सेब के बीज को खा लिया जाए तो पचते समय ये कंपाउंड हाइड्रोजन साइनाइड बनाने लगता है। जिसकी वजह से मौत होने के भी चांस रहते हैं। लेकिन जानने वाली बात है कि शरीर में हाइड्रोजन साइनाइड की मात्रा जब हर एक किलो पर 15.2 मिलीग्राम होगी। तब ही मौत का खतरा होता है। अगर आपने एक दो बीज सेब के खा लिए तो चिंता की बात नही है।
इन फलों के बीज भी होते हैं नुकसानदेह
सेब के अलावा प्लम, खुबानी, चेरी, आलूबुखारा के बीज भी हेल्दी समझकर नहीं खाना चाहिए। इन सबमे जहरीले कंपाउड होते हैं। इसलिए इन सारे फ्रूट्स को खाते समय बीज को खाने से पूरी तरह बचना सही है।
लीची के बीज
चेरी और खुबानी जैसे फलों के साथ ही लीची के बीज भी नहीं खाने चाहिए। अक्सर लोग जामुन के फायदेमंद गुठली की तरह लीची के बीजों को भी फायदेमंद समझते हैं। लेकिन ये अनहेल्दी होते हैं। स्टडी में पता चला है कि लीची के बीजों में खास तरह का अमीनो एसिड होता है जो ब्लड ग्लूकोज लेवल को प्रभावित करता है। साथ ही ये दिमाग में सूजन का कारण भी बनते हैं।
लाल राजमा
लाल वाले राजमा को कभी भी कच्चा खाने की गलती नहीं करनी चाहिए। इसीलिए हमेशा मम्मी राजमा को भिगोकर पकाने के बाद ही खाने को देती हैं। दरअसल, लाल राजमा में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो रेड ब्लड सेल्स का थक्का बनाने लगते हैं। जो कि बहुत ही खतरनाक कंडीशन है। अगर आप 4-5 कच्चे लाल राजमा को भी चबाकर खा जाते हैं तो ये उल्टी और डायरिया का कारण बन जाते हैं। भिगोकर उबालने से राजमा के ये हार्मफुल कंपाउंड खत्म हो जाते हैं और इसका न्यूट्रिशन शरीर को मिलता है। -
हेल्दी और बेहतर जीवन के लिए एक अच्छी डाइट के साथ प्रॉपर रूटीन और रेगुलर हेल्थ चेकअप का होना काफी जरूरी होता है। लेकिन आजकल के व्यस्त लाइफस्टाइल की वजह से युवा पीढ़ी हेल्दी फूड ही नहीं बल्कि रेगुलर हेल्थ चेकअप को भी नजरअंदाज कर देती हैं। जिसकी खामियाजा कई बार उन्हें चुकाना भी पड़ता है। हालांकि एक्सपर्ट्स युवाओं को अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए खानपान पर ध्यान देने के साथ रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाने की सलाह जरूर देते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे अहम कारण।
अच्छे खानपान के फायदे-
पोषक तत्व-
एक्सपर्ट्स की मानें तो संतुलित भोजन अच्छे स्वास्थ्य का प्रमुख आधार होता है। ऐसे युवा जिनका शारीरिक विकास अभी हो रहा है, उनके लिए तो पोषणयुक्त आहार और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करने से शरीर के लिए जरूरी विटामिन, खनिज पदार्थ और अन्य मैक्रोन्यूट्रिएंट्स व्यक्ति को मिल जाते हैं जो उसके शरीर को सही प्रकार से काम करने में सक्षम बनाने के लिए जरूरी होते हैं।
ऊर्जा एवं विकास-
कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स किसी भी एक्टिव युवा को जरूरी ऊर्जा प्रदान करने में मदद करते हैं। प्रोटीन से मांसपेशियों के विकास में मदद मिलती है जबकि कार्बोहाइड्रेट्स से शारीरिक एवं मानसिक गतिविधियों के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है।
विटामिन और खनिज-
युवाओं के शारीरिक विकास के लिए तरह-तरह के विटामिन और बोन हेल्थ, इम्युनिटी तथा अन्य जरूरी ग्रोथ के लिए खनिजों की आवश्यकता होती है। जो कि कैल्शियम, विटामिन डी, आयरन और विटामिन सी रिच फूड खाने से युवाओं को मिलते हैं।
हाइड्रेशन-
शरीर हाइड्रेट रहने से कॉग्निटिव फंक्शन, पाचन और शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद मिलती है। ऐसे में युवाओं को किसी भी तरह के मीठे पेय के सेवन के बाद पानी के सेवन के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
एंटीऑक्सीडेंट्स-
रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों से एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस तथा इंफ्लेमेशन से निपटने में मदद मिलती है, जो आगे चलकर क्रोनिक रोगों का जोखिम कम करते हैं।
नियमित हेल्थ चेकअप क्यों है जरूरी?
अच्छी डाइट के साथ नियमित मेडिकल चेकअप करवाने से व्यक्ति के शरीर में पनप रहे रोगों या अन्य किसी विकार के जोखिम का पता समय पर लगने से बचाव हो सकता है। आइए जानते हैं रेगुलर हेल्थ चेकअप के फायदे।
शीघ्र निदान-
नियमित हेल्थ चेकअप करवाने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां शीघ्र पकड़ में आ जाती हैं। जिसकी वजह से रोग के गंभीर हाने से पहले ही उनके इलाज की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। उदाहरण के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, कलेस्ट्रोल लेवल और ब्लड शुगर जैसे रोगों की जांच करवाने से उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा हृदय रोगों के जोखिमों की शुरुआती दौर में ही पहचान करके उनके इलाज में मदद मिलती है।
टीकाकरण-
युवाओं को नियमित रूप से वैक्सीनेशन का पालन करने की सलाह दी जाती है ताकि वे उन रोगों से बच सकें जिनसे बचाव मुमकिन है। वैक्सीन न सिर्फ रोगों से बचाव करती है बल्कि इम्यूनिटी को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन-
नियमित हेल्थ चेकअप करवाने से हेल्थ एक्सपर्ट्स व्यक्ति को सेहतमंद जीवनशैली अपनाने के बारे में निजी तौर पर उचित सलाह दे सकते हैं। इसमें व्यायाम संबंधी रूटीन, नींद संबंधी आदतें, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता शामिल हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा-
समय-समय पर अपना हेल्थ चेकअप करवाने से युवाओं को अपने शरीर के बारे में जानने का मौका मिलता है और वे अपनी सेहत से जुड़े फैसले आसानी से ले पाते हैं। डॉक्टर भी आपको आपके जीवन में सेहतमंद विकल्पों को चुनने के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने में मदद करते हैं। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
वैसे तो पूरे सावन में शिवलिंग का दूध, दही और शहद से अभिषेक किया जाता है और फल, फूल चढ़ाएं जाते हैं। हालांकि, सावन में आने वाले सोमवार में महिलाएं और पुरुष व्रत रखते हैं। इस दिन शिव जी की अराधना करते हैं। माना जाता है, सावन के सोमवार में व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन व्रत रखने पर कुछ लोगों को कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में आप खजूर के लड्डू बनाकर खा सकते हैं। ये आसानी से बन जाते हैं और स्वाद में भी अच्छे लगते हैं। जानिए खजूर से कैसे बनाएं व्रत के लड्डू।
खजूर के लड्डू बनाने के लिए आपको चाहिए...
खजूर
बादाम
काजू
अखरोट
पिस्ता
मूंगफली
नारियल
कैसे बनाएं
लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, मूंगफली को अच्छी तरह से ड्राई रोस्ट करें और फिर ठंडा होने दें। अब खजूर के बीज निकाल लें और एक पैन में डालें। इसे गर्म होने दें ताकी ये थोड़ा सॉफ्ट हो सके। जब तक खजूर पक रहा है, तब तक आप नारियल को कद्दूकस करें। अब इस नारियल को भी खजूर के साथ मिक्स करें। अच्छे से मिक्स करें। अब हाथों से इसे अच्छे से मसलें। चाहें तो मिक्सर में ब्लेंड कर सकते हैं। इसी के साथ सभी ड्राई रोस्ट किए गए मेवा को भी ब्लेंड करें। इसे खजूर के साथ अच्छी तरह से मिक्स करें और छोटे-छोटे लड्डू बना लें। अब व्रत के दिन सुबह नाश्ते में इन लड्डू को खाएं। इसके साथ एक गिलास दूध भी पी सकते हैं। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
राजस्थान की बहुत सारी डिश फेमस है। जिसे लोग खाना पसंद करते है। इसी लिस्ट में शामिल है नागौरी दाल तड़का, जिसका स्वाद लोगों को जुबान पर चढ़ जाता है। अगर डिनर में कुछ स्पेशल बनाने का मन है तो बिना ज्यादा मेहनत के फटाफट नागौरी दाल तड़का बनाकर रेडी करें। ये चावल, रोटी या पराठा हर किसी के साथ टेस्टी लगती है। जानें क्या है नागौरी दाल तड़का बनाने की इजी रेसिपी।
नागौरी दाल तड़का बनाने की सामग्री
1 कप मसूर की दाल
आधा कप मूंग की दाल
एक चम्मच हल्दी पाउडर
नमक स्वादानुसार
एक चम्मच जीरा
एक चम्मच सौंफ
सूखी साबुत लाल मिर्च
धनिया की पत्तियां
बारीक कटे 2 प्याज
कसूरी मेथी
कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
अमचूर पाउडर एक चम्मच
पानी दो कप
नागौरी दाल तड़का बनाने की रेसिपी
सबसे पहले मसूर और मूंग की दाल को अच्छी तरह से धोकर करीब आधे घंटे के लिए भिगोकर रख दें। फिर इन दोनों भीगी दाल के पानी को छानकर प्रेशर कूकर में डालें। दो कप पानी, नमक और हल्दी पाउडर डालें। थोड़ा सा तेल डालें और सीटी लगा दें। दो से तीन सीटी बजने के बाद गैस की फ्लेम को बंद कर दें।
करें तड़के की तैयारी
तड़का लगाने के लिए पैन या कड़ाही लें। उसमे तेल डालकर गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो जीरा चटकाएं। साथ में सौंफ और साबुत लाल मिर्च भी डालें। हींग डालकर बारीक कटा प्याज डालें। अच्छी तरह से सुनहरा होने तक भूनें। जब प्याज सुनहरा होने लगे तो इसमे बारीक कटी धनिया हरा मिर्चा, कश्मीरी लाल मिर्च और कसूरी मेथी डालें। साथ में अमचूर पाउडर डालकर पकी हुई दाल को मिला दें। अच्छी तरह मिक्स करें और बस रेडी है टेस्टी नागौरी दाल तड़का। इसे चावल, रोटी या पराठा के साथ गर्मागर्म सर्व करें। -
सुस्त लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी की वजह से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जो आगे चलकर सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बनने लगती है। ऐसी ही एक समस्या का नाम है एनीमिया। दरअसल, शरीर में खून की कमी को एनीमिया कहते हैं। यह वह स्थिति है, जिसमें शरीर के ऊतकों में पर्याप्त ऑक्सीजन ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होने लगती है। एनीमिया होने पर व्यक्ति को थकान, सिर दर्द, बदन दर्द, चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। ऐसे में इस समस्या से राहत पाने के लिए पौष्टिक आहार के साथ कुछ सप्लीमेंट दवाओं और योग की मदद ली जा सकती है। आइए जानते हैं आयरन की कमी होने पर कौन से 3 योगासन आपकी मदद कर सकते हैं।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम-
अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ने के साथ मांसपेशियों में लचीलापन आता है और फेफड़े मजबूत होते हैं। यह प्राणायाम तनाव और चिंता कम करके नाड़ियों को खोलकर शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया को भी बेहतर करता है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने से एनीमिया रोग को भी तेजी से दूर किया जा सकता है।
कैसे करें अनुलोम-विलोम प्राणायाम-
अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पद्मासन या सुखासन में बैठकर अपनी रीढ़ और गर्दन को सीधा रखें और आंखें बंद कर लें। अब दिमाग में आने वाले हर तरह के विचारों को अपने दिमाग से हटा लें और कलाइयों को बाहर घुटनों पर टिकाकर शुरुआत करें। सबसे पहले अपने दाहिने हाथ की मध्यमा और तर्जनी को हथेली की ओर मोड़ें। अंगूठे को अपने दाहिने नथुने पर और अनामिका को बाएं नथुने पर रखें। दाहिने नथुने को अंगूठे से बंद करें और बाएं नथुने से धीरे-धीरे गहराई से श्वास लें। फेफड़े में श्वास भरने तक खींचते रहें। ऐसा करते हुए श्वास की गति पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपना अंगूठा छोड़ें और अनामिका से बाएं नथुने को बंद करें।दाहिने नथुने से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अब इसे उल्टा करें, इस बार दाएं नथुने से सांस लें और बाएं से सांस छोड़ें।
कपालभाति प्राणायाम-
कपालभाति प्राणायाम तेजी से पेट की चर्बी कम करके मोटापे से होने वाले रोगों का खतरा भी कम करता है।इसके अलावा कपालभाति रक्त से जुड़ी समस्याओं को भी तेजी से दूर करके एनीमिया रोगियों को फायदा पहुंचाता है।
कैसे करें कपालभाति-
कपालभाति करने के लिए सबसे पहले वज्रासन या पद्मासन में बैठकर अपने दोनों हाथों से चित्त मुद्रा बनाएं। अब एक गहरी सांस भीतर की ओर खींचते हुए झटके से सांस छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें। अगर आप कपालभाति की शुरुआत कर रहे हैं, तो 35 से शुरू करते हुए धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं।
सूर्यभेद प्राणायाम-
सूर्यभेद प्राणायाम को करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ने के साथ रक्त से जुड़े विकार तेजी से कम होते हैं। सूर्यभेद प्राणायाम शरीर में लाल रंग कोशिकाओं के निर्माण में मदद करके कफ, दमा, खांसी, साइनस, ह्रदय, पाइल्स जैसी समस्याओं में भी राहत देता है।
कैसे करें सूर्यभेदी प्राणायाम-
सूर्यभेदी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले पद्मासन या सुखासन में बैठकर अपनी कमर, गर्दन, पीठ को बिल्कुल सीधा रखते हुए बाएं हाथ की उंगलियों को बाएं पैर पर ज्ञान मुद्रा में रखते हुए दाएं हाथ की दो उंगलियों को बाएं नासिका छिद्र को बंद कर दें। अब दाईं नासिका छिद्र से सांस लेते हुए दोनों हाथ की उंगलियों से दाईं नासिका को बंद करके क्षमतानुसार सांस रोकें। इस प्रक्रिया को 10 बार दोहराएं। -
कई बार देखा गया है कि सिर पर दिख रहे मात्र एक से दो बालों को छिपाने के लिए भी लड़के और लड़कियां कलर लगा लेते हैं। जिसका केमिकल बाकी बालों को भी धीरे-धीरे सफेद करने लगता है। वहीं घरेलू नुस्खे भी ज्यादा काम नहीं आते। ऐसे में अपने बालों की रंगत से कॉम्प्रोमाइज करने की बजाय ये ईजी ट्रिक फॉलो करें। जिसकी मदद से फटाफट बालों की सेहत को नुकसान पहुंचाए बिना ही सफेद बालों को छिपाया जा सकता है। आगे जानें कौन से हैं वो खास ट्रिक।
लगाएं आईशैडो
पार्टी में जाने से पहले सिर पर एक-दो सफेद बाल दिखने लगे तो परेशान ना हो। बालों के कलर से मैच करते आईशैडो को उंगलियों की मदद से बालों पर रगड़ लें। ऐसा करने से बालों पर रंग चढ़ जाएगा और वो बाकी काले बालों के साथ ही मिक्स हो जाएंगे।
हाईलाइटर करेगा मदद
अपने सफेद बालों को आप स्टाइलिश तरीके से भी छिपा सकते हैं। बस किसी भी कलर के हाईलाइटर को सफेद बालों पर लगा लें। या फिर नेचुरल बालों के कलर से मैच करता हाईलाइटर भी बालों में आसानी से लगाया जा सकता है।
स्प्रे पाउडर लगाएं
एक-दो सफेद बाल दिख रहे हैं तो मार्केट में मिलने वाले सेटिंग पाउडर या स्प्रे को छिड़क लें। ये सफेद बालों को छिपा ले जाएगा।
नेचुरल कलर
चुकंदर का पेस्ट बनाकर इसे उबाल लें। इस नेचुरल पेस्ट को लगाने से भी बाल नेचुरली कलर हो जाएंगे। और दिखने में अट्रैक्टिव लगेंगे।
मस्कारा लगाएं
सिर पर एक दो सफेद बाल दिख रहे हैं तो बालों को पकड़कर उसे मस्कारे की मदद से कोट कर दें। इससे बाल फटाफट काले दिखने लगेंगे। -
एक्ट्रेस भाग्यश्री भले ही फिल्मों में एक्टिव ना हो लेकिन सोशल मीडिया पर अक्सर उनके वीडियोज और फोटोज आते रहते हैं। जिसमे वो कई बार घरेलू नुस्खे भी बताती हैं। पिछले दिनों भाग्यश्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर तेजपत्ता से जुड़ा घरेलू नुस्खा बताया। जिसे आजमाकर स्ट्रेस और थकान को दूर किया जा सकता है।
तेजपत्ता को जलाने से होगा फायदा
तेजपत्ता का इस्तेमाल अक्सर इंडियन कुकिंग में किया जाता है। सब्जी हो या पुलाव तेजपत्ता के तड़के से खास महक आती है। जो खाने के टेस्ट को और भी ज्यादा बढ़ा देती है। साथ ही तेजपत्ता हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होता है। लेकिन तेज पत्ता को जलाने से स्ट्रेस में राहत मिलती है।
एक्ट्रेस भाग्यश्री ने बताया नुस्खा
एक्ट्रेस भाग्यश्री ने वीडियो शेयर फैंस को ये खास होम रेमेडी शेयर की। तेजपत्ते को अगर जलाकर इसकी महक को सूंघा जाए तो ये स्ट्रेस और एंजायटी को दूर करने में मदद करती है। साथ ही थकान भी दूर होती है। दरअसल, तेजपत्ता में खास तरह का केमिकल लीनालूल होता है जो दिमाग को शांत रखने में मदद करता है। जिससे स्ट्रेस और थकान में राहत मिलती है।
रिसर्च में खुलासा
हेल्थलाइन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक कई सारी रिसर्च में पता चला है कि तेजपत्ता को जलाने से मिलने वाले फायदे लेवैंडर ऑयल की महक जितना ही काम करते हैं। जिससे दिमाग को शांत करने में मदद मिलती है। लीनालूल की महक एंजायटी, चिंता, तनाव से रिलैक्स करता है। साथ ही गुस्सा और आक्रामकता में कमी आती है।
कैसे करें तेजपत्ते का इस्तेमाल
-सूखे तेजपत्ता को किसी मिट्टी के पॉट में रखकर जलाएं और इसमे से निकलने वाली महक को सूंघें।
-इसके अलावा स्ट्रेस और एंजायटी को दूर भगाने के लिए तेजपत्ता को पानी में उबालकर पीने से भी फायदा होता है। -
बेदाग चेहरा हर किसी को पसंद होता है। फिर वो चाहे लड़की हो या फिर लड़का। लेकिन एक्ने, मुंहासे और चेहरे पर दिखने वाली झाईयां, अक्सर बेदाग चेहरे के सपने को पूरा नहीं होने देती। ऐसे में अक्सर लड़कियां कई सारे नुस्खे आजमाती हैं। अगर डार्क स्पॉट चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ रहे हैं तो इस एक नुस्खे की मदद से आसानी से दूर किया जा सकता है। ये घरेलू नुस्खा चेहरे को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएगा। वहीं क्लियर ग्लोइंग स्किन भी आसानी से मिल जाएगी।
नारियल के तेल का करें इस्तेमाल
नारियल के तेल का इस्तेमाल स्किन के लिए हमेशा अच्छा होता है। अगर आप ड्राई स्किन की मालकिन हैं तो कोकोनट ऑयल बेस्ट ऑप्शन है। क्योंकि ये स्किन को गहराई तक मॉइश्चराइज करता है। किसी बाउल में एक चौथाई चम्मच नारियल का तेल लें। इसमे दो से तीन बूंद नींबू के रस की मिला लें।
इतनी देर करें मसाज
नारियल के तेल और नींबू के रस के इस मिक्सचर को चेहरे पर अप्लाई करें और एक मिनट तक मसाज करें। फिर किसी माइल्ड फेस वॉश से चेहरे को साफ कर लें। अगर स्किन ड्राई लग रही है तो मॉइश्चराइजर लगाएं। नहीं तो इसे ऐसे ही छोड़ दें। नारियल का तेल स्किन को नेचुरली सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाती है। नींबू के रस में नेचुरल ब्लीजिंग एजेंट होते हैं जो स्किन को ग्लोइंग बनाने के साथ ही स्किन के सांवलेपन को भी खत्म करते हैं।
इस बात का रखें ध्यान
-अगर चेहरे पर हमेशा एक्ने और मुंहासे रहते हैं तो नारियल के तेल का इस्तेमाल ना करें.
-ऑयली या कॉम्बिनेशन वाली स्किन पर नारियल का तेल लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
-नारियल के तेल को स्किन पर बहुत देर तक ना लगे रहने दें। तय समय बाद इसे फेसवॉश से क्लीन कर दें। नहीं तो पोर्स क्लॉग होने की समस्या परेशान कर सकती है। -
सावन का महीना शुरू होते ही महिलाएं हाथों पर मेहंदी सजाना पसंद करती हैं। खासतौर पर रक्षाबंधन का त्योहर तो बिना मेहंदी सजे अधूरा लगता है। अगर आप मेहंदी के बिना त्योहारों को अधूरा मानती हैं तो इस बार लेटेस्ट और ट्रेंडी मांडला डिजाइन को हाथों पर सजाएं। इस मेहंदी डिजाइन की खासियत जानने के बाद जरूर इसे लगाना पसंद करेगी। ओल्ड टेंपल और इनफिनिटी राउंड शेप डिजाइन बिल्कुल ट्रेडिशनल मेहंदी डिजाइन है। जो इन दिनों ट्रेंड में हैं।
आलिया भट्ट ने चुना वेडिंग डे के लिए
आलिया भट्ट ने दुल्हन बनने के लिए इस खास मेहंदी डिजाइन को चुना था। मिनिमल लुक में तैयार आलिया हाथों पर इस मेहंदी को सजाए दुल्हन बनी थी। ऐसे में ब्राइडल लुक के लिए ये डिजाइन ट्रेंड में है। जिसमे टिपिकल हैवी डिजाइन को छोड़कर हाथों पर हल्की-फुल्की डिजाइन को लड़कियां चुन सकती हैं।
त्योहारों पर दिखेगी खास
नागपंचमी से लेकर रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनों के हाथ में मेहंदी रचाना शुभ माना जाता है। ऐसे में अगर आप हल्की-फुल्की डिजाइन को चुनना चाहती हैं तो अरेबिक डिजाइन को छोड़कर इस बार ट्रेंडी मांडला डिजाइन को चुन सकती हैं।
करें एक्सपेरिमेंट
आप चाहें तो मांडला डिजाइन के ट्रेडिशनल मेहंदी डिजाइन के साथ थोड़ा एक्सपेरिमेंट भी कर सकती हैं। ये बेहद अट्रैक्टिव दिखेंगे। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
सुबह के नाश्ते में अक्सर लोग टेस्टी और हेल्दी डिश चाहते हैं। खासतौर पर नॉन फ्राईड, जिससे कि वेट लॉस के साथ ही न्यूट्रिशन भी भरपूर मिले। अगर आप हर दिन साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट खाकर बोर हो चुके हैं तो बनाएं टेस्टी धनिया और बेसन की वड़ी। जिसका स्वाद लाजवाब है और ये पौष्टिक भी भरपूर है। सबसे खास बात कि ये ग्लूटन फ्री है। जो वेट लॉस के लिए परफेक्ट है।
वड़ी बनाने की सामग्री--
धनिया की पत्ती 150 ग्राम
100 ग्राम बेसन
3 कली लहसुन
लाल मिर्च या हरी मिर्च
हींग दो चुटकी
1 चम्मच अजवाइन
नमक स्वादानुसार
राई दो चम्मच
सफेद तिल आधा चम्मच
दही 30 ग्राम
तेल
वड़ी बनाने की सामग्री
सबसे पहले धनिया की पत्तियों को अच्छी तरह से धोकर काट लें। फिर किसी बड़े बाउल में धनिया की पत्ती के साथ बेसन लें। इसमे दही, लाल मिर्च, बारीक कटी हरी मिर्च, लहसुन को बारीक काटकर मिला लें। साथ में अजवाइन. हींग और नमक स्वादानुसार डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। और इसे लपेट लें।
स्टीम करें
तैयार मिक्सचर को हाथों में लेकर थोड़ा अंडाकार बनाकर इडली के सांचे में स्टीम कर लें। बस इन पकी हुई वड़ी को निकालकर टुकड़ों में काट लें। अब पैन में तेल डालकर राई चटकाएं। साथ में सफेद तिल डालें और कटे हुए वड़ी के टुकड़ों को डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। बस तैयार है टेस्टी और पौष्टिक नाश्ता। इसे शाम के स्नैक्स में भी आसानी से खाया जा सकता है। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
अगर आप लंच में कुछ टेस्टी और हेल्दी बनाकर खाना चाहते हैं तो ट्राई करें कश्मीर स्पेशल कश्मीरी राजमा की ये टेस्टी रेसिपी। ये रेसिपी टेस्टी होने के साथ बनाने में भी बेहद आसान है। आप इस रेसिपी को लंच में चावल और रोटी दोनों के साथ परोस सकते हैं। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कश्मीरी राजमा को बनाने का क्या है आसान और टेस्टी तरीका।
कश्मीरी राजमा बनाने के लिए सामग्री-
-1 कप राजमा
-1 चम्मच सौंफ पाउडर
-1 चम्मच सूखा अदरक पाउडर
-2-3 लौंग
-1 इंच दालचीनी का टुकड़ा
-4 बड़े चम्मच सरसों का तेल
-1 चम्मच जीरा
-¼ चम्मच हींग
-½ कप प्याज (कटा हुआ)
-2 चम्मच अदरक का पेस्ट
-1 कप दही (1 चम्मच मैदा के साथ फेंटा हुआ)
-2 चम्मच धनिया पाउडर
-½ चम्मच हल्दी पाउडर
-2 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
-नमक स्वादानुसार
-½ चम्मच गरम मसाला पाउडर
-2 बड़े चम्मच ताजा धनिया (कटा हुआ)
कश्मीरी राजमा बनाने का तरीका-
कश्मीरी राजमा बनाने के लिए सबसे पहले राजमा को धोकर उसे पर्याप्त पानी में 6-8 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें। इसके बाद राजमा का पानी निकालकर उसे प्रेशर कुकर में 3 कप पानी, 2 चम्मच नमक, सौंफ बीज पाउडर, सोंठ पाउडर, लौंग और दालचीनी के साथ उबलने के लिए रख दें। अब प्रेशर कुकर को आंच से उतारकर एक तरफ रख दें। अब एक पैन में सरसों का तेल गर्म करके इसमें जीरा और हींग डालकर कुछ सेकेंड चटकने दें। इसके बाद पैन में प्याज डालकर उसे हल्का भूरा होने तक पकाएं। अब पैन में अदरक का पेस्ट और प्याज ब्राउन होने तक भूनें। अब इसमें दही डालकर 2-3 मिनट तक पकाएं। अब इस स्टेज पर पैन में धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर तब तक भूनें जब तक पैन के किनारों से तेल अलग न होने लगे। अब पैन में पका हुआ राजमा उसके पानी के साथ डालें जिसमें उसे उबाला गया था। राजमा के कुछ टुकड़ों को करछी के पिछले भाग से मैश कर लें। पैन में स्वादानुसार नमक डालकर धीमी आंच पर 10-12 मिनट तक पकाएं। आखिर में गरम मसाला और ताजा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें। आपका टेस्टी कश्मीरी राजमा बनकर तैयार है। आप इसे चावल या केसर चावल के साथ गरमागरम सर्व कर सकते हैं।
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-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
अगर आप शिमला मिर्च की सब्जी एक या दो तरीके से खाकर बोर हो गई हैं। तो इस बार शिमला मिर्च को बिल्कुल अलग ट्विस्ट के साथ बनाकर तैयार करें। जल्दीबाजी में टिफिन पैक करना हो या फिर सुबह का नाश्ता, पराठों के साथ ये सब्जी काफी टेस्टी लगती है। साथ ही बच्चों और बड़ों हर किसी को पसंद भी आएगी। तो चलिए जानें कैसे बनाएं टेस्टी बेसन में लिपटी शिमला मिर्च की सब्जी।
बेसन वाली शिमला मिर्च की सब्जी बनाने की सामग्री
धनिया पाउडर
लाल मिर्च पाउडर
बेसन तीन चम्मच
नमक स्वादासनुसार
8-10 शिमला मिर्च
तिल
गरम मसाला
अमचूर पाउडर
जीरा एक चम्मच
तेल
सौंफ आधा चम्मच
राई आधा चम्मच
बेसन वाली शिमला मिर्च की रेसिपी
-सबसे पहले शिमला मिर्च को धोकर काट लें।
-बेसन को किसी पैन में धीमी आंच पर रोस्ट कर रख लें।
-अब पैन में तेल गर्म करें और जीरा चटकाएं।
-जीरे के बाद इसमे सौंफ और राई के दाने डालें।
-अच्छी तरह से चिटकने के बाद हींग डालें।
-कटी हुई शिमला मिर्च को डालें।
-गैस की फ्लेम धीमी रखें और ढंककर कुछ देर पकाएं।
-जब ये हल्की पक जाए को इसमे धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर और सफेद तिल डालें।
-साथ में लाल मिर्च पाउडर भी डाल दें। नमक डालकर कुछ देर और पकाएं।
-जब शिमला मिर्च पकने लगे तो इसमे भुने हुए बेसन को अच्छी तरह से दो से तीन चम्मच डालकर मिक्स करें और पकाएं।
-जब ये पक जाए को गैस की फ्लेम बंद कर दें और एक से दो मिनट ढंका रहने दें।
-बस रेडी है बेसन शिमला मिर्च की टेस्टी सब्जी इसे पराठे को साथ सर्व करें। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
नाश्ते में पोहे का स्वाद लाजवाब लगता है। हालांकि, पोहे से आप कई तरह की टेस्टी डिशेज भी बना सकते हैं। सुबह के नाश्ते और शाम के स्नैक्स में आप पोहा कटलेट बनाकर तैयार कर सकते हैं। ये स्वाद में लाजवाब लगते हैं। इन्हें आप बनाकर फ्रीजर में स्टोर भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं पोहा कटलेट बनाने का तरीका।
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए...
- भीगा हुआ पोहा
- उबले आलू
- कटा हुआ प्याज
- कटी हुई शिमला मिर्च
- कटी हुई पीली शिमला मिर्च
- अदरक और हरी मिर्च का दरदरा पेस्ट
- लाल मिर्च पाउडर
- जीरा पाउडर
- धनिया पाउडर
- गरम मसाला
- चाट मसाला
- नमक स्वादानुसार
- चावल का आटा
- भुनी हुई मूंगफली का दरदरा पाउडर
- कटा हरा धनिया
- तिल
- तेल
कैसे बनाएं
इसे बनाने के लिए सबसे पहले पोहा को पानी में भिगोएं। इसे अच्छे से भीग जाने के बाद छान लें और फिर सारा पानी निकल जाने के बाद इसे एक बर्तन में निकाल लें। अब पोहा को अच्छी तरह से मैश कर लें। फिर उबले आलू को कद्दूकस करें और इसमें मिला दें। इसके अलावा इसमें प्याज, हरी-पीली शिमला मिर्च, अदरक और हरी मिर्च का दरदरा पेस्ट भी मिला दें। अब लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, चाट मसाला, नमक, चावल का आटा, भुनी हुई मूंगफली का दरदरा पाउडर, कटा हरा धनिया मिलाकर अच्छे से मिक्स कर दें। अब आलू का छोटा-छोटा पोर्शन लें और कटलेट की शेप दें। इसके ऊपर तिल लगाएं। सभी कटलेट यूं ही तैयार कर लें। अब तेल को गर्म करें और फिर सभी कटलेट को सेक लें। अब इसे चटनी और सॉस के साथ सर्व करें। इन कटलेट को बनाकर आप फ्रीजर में रख कर स्टोर कर सकते हैं। -
जिस बिस्तर पर सोते हैं, उसपर बेडशीट बिछाई जाती है। इसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। चादर का साइज काफी बड़ा होता है, ऐसे में हर कोई इसे धोने के लिए अपनी सहूलियत देखता है। कुछ लोग बेडशीट को हफ्ते में एक या दो बार बदल लेते हैं, वहीं कुछ लोग महीने भर में इसे बदलते हैं। बेडशीट को लेकर ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि आखिर इसे कितने दिन में बदलना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कितने दिन में बदलनी चाहिए चादर और इसे धोने का सही तरीका।
गंदी चादर से सेहत को होगा नुकसान
अगर आप एक बेडशीट को काफी लंबे समय तक बिछा रहने देते हैं, तो आपको कुछ बातें जाननी चाहिए। रिपोर्ट्स की मानें तो गंदे बेडशीट पर हजारों की संख्या में डेड स्किन सेल्स, डस्ट, तेल आदि जम जाते हैं जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। वहीं बहुत दिन तक एक ही बेडशीट रहने पर गंदगी और बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे स्किन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में समय समय पर चादर को बदलना जरूरी है।
क्या एक महीने में एक बार चादर बदलना सही है?
बिल्कुल नहीं, अगर आप एक महीने तक एक ही चादर को बिछा रहने देते हैं तो इससे सेहत को नुकसान हो सकता है। हफ्ते में एक बार अपनी बेडशीट बदलें। वहीं घर पर कोई पालतू जानवर है तो आप दो दिन में एक बार इसे बदलें।
क्या है बेडशीट धोने का सही तरीका
बेडशीट धोने में ज्यादातर लोग गलती करते हैं। ध्यान रखें कि बाकी सारे कपड़ों के साथ चादरों को ना धोएं। अपनी चादरें हमेशा अलग से धोएं क्योंकि उन्हें सही से धोने की जरूरत होती है। बेडशीट धोने का सही तरीका देख रहे हैं तो सबसे पहले हल्के डिटर्जेंट के साथ गुनगुने पानी में चादरों को भिगो दें। इसे धोने के लिए मशीन में डालें, फिर ड्राई करें और लटकाकर सुखाएं। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
आपने आज तक परवल की सब्जी तो कई बार कई तरह से बनाकर खाई होगी। लेकिन क्या आपने कभी भरवां परवल ट्राई किए हैं। यकीन मानिए इस सब्जी का स्वाद एक बार चखने के बाद भरवां करेले पसंद करने वाले लोग भी हफ्ते में एक बार भरवां परवल जरूर बनाकर खाना चाहेंगे। बता दें, भरवां परवल एक बंगाली डिश है। जिसे बंगाली लोग आमतौर पर अपने घरों में बनाकर खाते हैं। भरवां परवल की यह सब्जी पराठों के साथ खाने में बेहद टेस्टी लगती है। इस सब्जी की खासियत यह है कि यह बनाने में जितनी आसान है खाने में भी उतनी ही टेस्टी होती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाए जाते हैं भरवां परवल।
भरवां परवल बनाने के लिए सामग्री-
-250 ग्राम परवल
-2 प्याज कद्दूकस किए हुए
-1 बड़ा प्याज बारीक कटा हुआ
-1 छोटा चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट
-2 हरी मिर्च लंबी कटी हुई
-1/4 छोटी चम्मच हींग
-1 छोटी चम्मच सौंफ पाउडर
-1 छोटी चम्मच जीरा पाउडर
-1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
-आधा किलो हल्दी
-1 छोटी चम्मच लालमिर्च
-1/2 छोटी चम्मच आमचूर पाउडर
-1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला
-स्वादानुसार नमक
-4 बड़ा चम्मच तेल
-1 छोटी चम्मच नींबू का रस
भरवां परवल बनाने का तरीका-
भरवां परवल बनाने के लिए सबसे पहले परवल को धोकर उसके छीलके उतार लें। इसके बाद परवल के अंदर से गुदा निकालकर एक तरफ रख दें। कददूकस की हुई प्याज में सौंफ पाउडर, जीरा, लाल मिर्च, आमचूर पाउडर थोड़ा सा तेल और स्वादानुसार नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर इस मिश्रण को परवल में दबाकर भर लें। अब कढ़ाई में 3 बड़े चम्मच तेल डालकर उसमें हींग, अदरक लहसुन का पेस्ट और बारीक कटी प्याज को हल्का भूनें। इसमें स्टफड परवल को डालकर धीमी आंच पर ढक्कन लगाकर पकाएं। थोड़ी देर बाद परवल को पलटकर दूसरी तरफ से भी पका लें। ऐसा करते समय बीच-बीच में परवल को पलटते भी रहें। अगर आप परवल को थोड़ा और स्पाइसी बनाना चाहते हैं तो उनके ऊपर थोड़ी सी लाल मिर्च,हल्दी और गरम मसाला और नींबू का रस डालकर कुछ देर परवल को और भूनें। आपके टेस्टी भरवां परवल बनकर तैयार हैं। इन्हें रोटी या पराठे के साथ सर्व करें। -
-सीमा उपाध्याय से जानिए रेसिपी
अगर आप शाम की चाय के साथ कोई हेल्दी और चटपटी रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं तो हरियाली पनीर टिक्का एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। प्रोटीन से भरपूर ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी है बल्कि बनने में भी बेहद आसान और सेहत के लिए हेल्दी है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं घर पर कैसे बनाया जाता है हरियाली पनीर टिक्का।
हरियाली पनीर टिक्का बनाने के लिए सामग्री-
-250 ग्राम पनीर
-2 चम्मच पुदीने के पत्ते
-4 चम्मच धनिया पत्ती
-नमक स्वादनुसार
-1 प्याज क्यूब में कटे हुए
-2 हरी मिर्च
-3 चम्मच बेसन
-1 चम्मच टाइट दही
-1/2 चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट
-चाट मसाला
-1/2 चम्मच नींबू का रस
हरियाली पनीर टिक्का बनाने का तरीका-
हरियाली पनीर टिक्का बनाने के लिए सबसे पहले धनिया पत्ती, पुदीने की पत्ती, हरी मिर्च और नींबू का रस एक साथ पीसकर रख लें। अब एक बाउल में दही, बेसन ,पनीर, नमक, हरा पेस्ट एक साथ अच्छी तरह मिलाकर 1 घंटे के लिए अलग रख दें। अब टूथपिक पर सबसे पहले प्याज फिर पनीर क्यूब लगाकर ओवन में 1/2 घंटे के लिए रख दें। आपका टेस्टी हरियाली पनीर टिक्का बनकर तैयार है। आप इसे नींबू और प्याज के साथ सर्व करें। -
-संध्या शर्मा से जानिए रेसिपी
फ्रोजन डेजर्ट में से एक आइसक्रीम सैंडविच स्वाद में लाजवाब लगते हैं। इसमें कुरकुरे बिस्कुटों के बीच सादा आइसक्रीम लगाई जाती है। सैंडविच में आइसक्रीम के अलावा ब्राउनी, फल, नट्स, केक जैसी कई दूसरी चीजों की लेयर भी लगाई जाती है। अमेरिका में इस स्पेशल स्वीट डिश का सम्मान करने के लिए हर साल 2 अगस्त को राष्ट्रीय आइसक्रीम सैंडविच डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर आप भी आइसक्रीम सैंडविच ककी टेस्टी रेसिपी ट्राई कर सकते हैं।
आइसक्रीम सैंडविच बनाने के लिए आपको चाहिए...
- आइसक्रीम
- वनीला एसेंस
- अंडा
- नमक
- बेकिंग पाउडर
- कोको पाउडर
- शक्कर
- मैदा
- मक्खन
कैसे बनाएं
इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरे में पिघला हुआ मक्खन और शक्कर को अच्छी तरह से फेंट लें। अच्छे से मिक्स के बाद इसमें अंडा और वनीला एसेंस भी मिलाएं। अब इसे अच्छे से मिक्स करें। अब एक छलनी को इस बाउल पर रखें और इसमें मैदा, कोको पाउडर, नमक और बेकिंग पाउडर को छानते हुए डालें। इसे अच्छे से मिक्स करें और बैटर तैयार कर लें। इस बैटर को बेकिंग डिश में डालें और 180 डिग्री पर 25 से 30 मिनट के लिए बेक करें।
जब ये पक जाए तो इसे ठंडा होने दें और इसे दो हिस्सों में काट लें। पहले हिस्से पर आइसक्रीम रखें और दूसरे हिस्से को इस पर अच्छे से लगाएं। आइसक्रीम सैंडविच तैयार है, इसे काट कर सर्व करें।



























