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- - सीमा उपाध्यायफल सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। इसमें जरूरी विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है। यही वजह है कि रोजाना फल खाने की सलाह दी जाती है। इन्हे खाकर तमाम तरह की बीमारियों से दूर रहने में मदद मिलती है। कहते हैं कि जब भी आपको भूख लगे और कुछ स्नैक्स खाने का मन हो तो आप फल खाएं। हालांकि, बच्चे अक्सर फल खाने से कतराते हैं। ऐसे में आप उन्हें फ्रूट चाट बनाकर खिला सकते हैं। यहां देखिए 5 अलग तरह से फ्रूट चाट बनाने का तरीका-सेक कर बनाएं-फलों की चाट बनाने का ये एक पुराना तरीका है। पुरानी दिल्ली में इस तरह बनने वाली फल की चाट खूब मिलती है। इस बनाने के लिए सभी फलों को आलू और टमाटर के साथ घी में फ्राई किया जाता है। फिर इसमें चाट के मसाले को छिड़कते हैं और नींबू का रस डालते हैं।चाट मसाले से वाली चाट-फलों की चाट बनाने का ये सबसे आम तरीका है। इसे बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। इसके लिए सभी फलों को टुकड़ों में काट लें और फिर नमक और चाट मसाला डालकर अच्छे से मिक्स कर दें।फ्रूट कुलिया-फ्रूट कुलिया एक बहुत फेमस चाट है, जो ज्यादातर चाट की दुकानों पर मिलती हैं। इसे बनाने के लिए पहले फलों को बड़े टुकड़ों में काट लिया जाता है और फिर इसे उबले चने,बूरा, नमक, चाट मसाला, खट्टी-मिठी चटनी के साथ बनाया जाता है। इसे सजाने के लिए चकोतरा के पल्प का इस्तेमाल करें।फ्रूट चाट में मिलाएं हरी चटनी-चटपटी फ्रूट चाट बनाने के लिए आप इसमें चाट मसाले के साथ ही हरी तीखी चटनी को मिला दें। अच्छे से मिक्स करें और फिर बारीक सेव और अनार से सजाकर सर्व करें।इस तरह बनाएं खट्टी-मिठी फलों की चाट-खट्टी-मिठी फलों की चाट भी स्वाद में काफी अच्छी लगती है। इसे बनाने के लिए मीठा और खट्टा पानी तैयार करें। फिर फलों के टुकड़े को एक कटोरे में डालें। फिर काला चाट मसाला और मीठा, खट्टा पानी डालें और फिर मिक्स करने के बाद सर्व करें।
- सामग्री-1. Dried ginger (सोंठ) 100g2. Cardamom (इलायची) 50g3. Black pepper(काली मिर्च) 50g4. Cinnamon (दालचीनी) 25g5. Cloves (लोंग) 25g6. Fennel seeds (सौंफ) 25g7. Nutmeg powder(जायफ़ल पाउडर) 1/2tsp8.Basil leaves(तुलसी के पते) 10-12 पते9. Dry rose (सूखे गुलाब के पंखुड़ी) (optional)विधिचाय मसाला पाउडर बनाने के लिए सबसे पहेले सोंठ को छोटे छोटे टुकड़ों में काट ले।अब एक पैन गर्म करे इस पैन में सोंठ के टुकड़े मध्यम आँच पर भूने जैसे ही सोंठ का मॉइश्चर ख़त्म हो जाए सोंठ को एक प्लेट में ठंडा होने के लिए रखे।फिर उसी पैन में लोंग,काली मिर्च, रचना कुक्स,और इलायची डाले।उसके बाद दालचीनी और सौंफ डाले।अंत में तुलसी, गुलाब की पंखुड़ी डालकर इन सभी साबुत मसालों को एक ही मिनट के लिये भूने जैसे ही मसालों की महेक आने लगे गैस को बंद कर दीजिए।इन भूने हुए मसालों को तुरंत ही एक प्लेट में फैला दे। मसालों को पूरी तरह ठंडा होने दीजिए।अब मिक्सर जार पहेले सोंठ को बारीक पिस ले। इस सोंठ के पाउडर को एक कटोरी में डाले।फिर उसी मिक्सर जार में भूने हुए मसाले डालकर उन्हें भी बारीक पिस ले।अंत में भूने हुए मसाला पाउडर के साथ ही सोंठ पाउडर और जायफ़ल पाउडर डालकर फिर से एक बार मिक्सर को चला ले, सारे मसाले मिक्स कर लें।चाय मसाला पाउडर तैयार है। इस पाउडर को डिब्बे में भरकर रखे।बाजार में मिलने वाले मिलावटी चाय मसाले से बचे घर पर बनाए स्वास्थ्यवर्धक चाय मसाला।
- सदाबहार का फूल गमले में आसानी से लगाया जा सकता है। एक बार जब ये पौधा हरा हो जाता है तो इसमें खूब फूल आने लगते हैं। ये एक ऐसा फूल है जो स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है। सदाबहार के फूल अगर आपके घर में भी हैं तो इसकी मदद से फेस पैक तैयार करें। इससे बने फेस पैक को लगाकर चेहरे की चमक हमेशा बनी रहेगी।1) सदाबहार के फूल और गुलाब जल से बनाएं फेस पैकइसके लिए आपको चाहिएकैसे बनाएं फेस पैकइस फेस पैक को बनाने के लिए सदाबहार के फूलों को अच्छी तरह से धो लें। फिर इसके साथ सभी चीजों को अच्छी तरह से मिला लें। अब इसका एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे और गदर्न पर लगाएं। कम से कम 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।2) सदाबहार के फूल और विटामिन ई से बनाएं फेस पैकइसके लिए आपको चाहिए8-10 सदाबहार के फूलकैसे बनाएं फेस पैकइसे बनाने के लिए कुछ सदाबहार के फूलों को कूटकर एक पेस्ट बना लें। फिर इसमें चुटकीभर हल्दी, गुलाबजल और एक विटामिन ई का कैप्सूल मिलाएं। इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर लगाकर 20-25 मिनट तक लगाएं। फिर ठंडे पानी से धोएं। बाद में चेहरे पर थोड़ा गुलाब जल लगा सकते हैं।3) सदाबहार के फूल और शहद से बनाएं फेस पैकइसके लिए आपको चाहिए8-10 सदाबहार के फूलकैसे बनाएं फेस पैकइस पैक को बनाने के लिए सबसे पहले फूलों को अच्छे से साफ करें और पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में फिर नींबू का रस और शहद मिलाएं। चेहरे पर 15-20 मिनट तक पैक को लगाएं और चेहरे को धोएं।
- -संध्या शर्माग्रेवी का टेक्सचर क्रीमी और खट्टा बनाने के लिए अक्सर महिलाएं दही डालती हैं। लेकिन ये दही फट जाती है और ग्रेवी को खराब कर देती है। लेकिन इन टिप्स की मदद से दही को फटने से बचाया जा सकता है।खाने को टेस्टी बनाने के लिए बहुत छोटी-छोटी बारीक बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। तभी तो शेफ और बड़े रेस्टोरेंट में खाना टेस्टी और बिल्कुल परफेक्ट बनता है। ग्रेवी में दही का स्वाद काफी अच्छा लगता है। दही से ग्रेवी में खटास के साथ ही क्रीमी टेक्सचर भी मिल जाता है।ग्रेवी में दही कैसे डालेंलेकिन कई बार दही ग्रेवी में जाते ही फट जाती है और देखने में अजीब लगने लगती है। दही को फटने से बचाने और ग्रेवी को परफेक्ट बनाने के लिए इन 5 बातों का ध्यान रखना है जरूरी।दही को फेंट लेंजब भी दही को ग्रेवी में डालें तो ध्यान रखें कि उसे पहले ही फेंट लें। पहले से ही दही को किसी बाउल में निकालकर अच्छी तरह से फेंट कर क्रीमी टेक्सचर बना लें। जिससे कि ग्रेवी में जाने पर दही फटें नहीं और परफेक्ट बनी रहे।ग्रेवी कर लें नॉर्मलजब भी ग्रेवी में दही डालनी हो तो गैस की फ्लेम को बंद कर उसे थोड़ा नॉर्मल टेंपरेचर पर आ जाने दें। उसके बाद ही उसमे दही डालें। ऐसा करने से दही फटती नही हैं। नहीं तो गर्माहट पाकर दही का फट जाना बिल्कुल कॉमन है।चलाना है जरूरीजब भी ग्रेवी में दही डालें तो उसे तब तक चलाएं जब तक कि दही पूरी तरह से ग्रेवी में मिक्स ना हो जाए और उसमे एक उबाल ना आ जाए। ऐसा करने से दही फटेगी नहीं और ग्रेवी का टेक्सचर बिल्कुल परफेक्ट क्रीमी बनकर तैयार होगा।नमक बाद में डालेंग्रेवी में दही डालने के बाद फटने से बचाने के लिए नमक को सबसे आखिर में डालें। नमक की वजह से भी दही फट जाती है।पानी डालकर ग्रेवी को करें सहीदही डालने के बाद ग्रेवी अगर बहुत ज्यादा गाढ़ी हो जाए पानी डालकर इसकी मात्रा को सही कर लेना चाहिए। पानी डालते वक्त भी ध्यान रखें कि दही ग्रेवी में पूरी तरह से मिक्स हो जाने के बाद डालें। जिससे दही फटे नहीं और ग्रेवी परफेक्ट बनी रहे।
- - सीमा उपाध्यायत्योहारों का सीजन हो या ब्रेकफास्ट में कुछ अच्छा खाने का करें मन, छोलों के साथ फूले-फूले भटूरे का स्वाद हर किसी को बेहद पसंद होता है। लेकिन कई बार घर में इन्हें बनाते समय भटूरे कड़क और पिचके हुए बनते हैं। जो स्वाद को बिगाड़कर रख देते हैं। फूला हुआ भटूरा ना सिर्फ परोसने में अच्छा लगता है बल्कि खाने में भी उतना ही टेस्टी होता है। अगर आपसे भी भटूरे फूले हुए नहीं बनते हैं तो ये हलवाई वाली ट्रिक अपनाकर आप वैसा ही स्वाद और लुक अपने भटूरों को दे सकती हैं।भटूरों को फूला-फूला बनाने के लिए अपनाएं ये किचन टिप्ससॉफ्ट रखें भटूरे का डोभटूरे का डो तैयार करने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कोई चीनी की जगह नमक तो कोई बेकिंग सोडा की जगह ईनो का यूज करता है। आप तरीका भले ही जो मर्जी अपनाएं। लेकिन भटूरे का डो नरम रखें। भटूरे का डो अधिक देर तक छोड़ने से ना सिर्फ सख्त हो जाता है बल्कि खट्टा भी हो सकता है, जो भटूरे का स्वाद खराब कर सकता है। जितना ज्यादा देर तक मैदे का डो गूंथेंगी उतना अच्छा भटूरे का डो तैयार होगा।भटूरे बेलने की टिप्सभटूरे का डो तैयार करने के बाद इसे बेलते समय आटे को बराबर भाग में बांट लें। इस बात का ध्यान रखें कि भटूरे की लोई ना ज्यादा पतली बेली हुई हो और ना ही बहुत ज्यादा मोटी बेली हुई हो।गर्म तेल में ही तलें भटूराभटूरे को तलने के लिए कढ़ाई में हमेशा तेल थोड़ा ज्यादा रखें। भटूरा तलने के लिए तेल हमेशा तेज गर्म होना चाहिए। कढ़ाई में भटूरा डालने के बाद ऊपर से गर्म तेल चम्मच की मदद से डालें और चम्मच की मदद से उसे हल्का दबाते हुए तलें। इससे भटूरा तुरंत फूल जाएगा।
- घर में रखी लोहे की कड़ाही को अक्सर लोग इसलिए इस्तेमाल नहीं करते कि साफ करना मुश्किल होता है। एक बार इस पर कालिख जम गई तो आसानी से नहीं छूटती। लेकिन नॉनस्टिक और एल्यूमिनियम जैसे बर्तनों में खाना बीमारियों को न्योता देता है। अगर आप चाहती हैं कि काले हो चुके लोहे के तवे और कड़ाही को मिनटों में चमका दिया जाए तो बस इस एक चीज से धोएं। बिना मेहनत के आसानी से सारी कालिख और काला जमा हुआ हिस्सा निकल जाएगा। इसके लिए बस फिटकरी की जरूरत होगी।फिटकरी से कैसे करें लोहे के तवे और कड़ाही को साफ-परांठे और पूड़ियां तलने से तवा और कड़ाही काला हो गया है और कालिख जम गई है तो बस फिटकरी से साफ करके चमकाया जा सकता है।-सबसे पहले तवा या कड़ाही को गैस पर रखकर गर्म करें और उस पर फिटकरी को लेकर रगड़ें। गर्म तवे और कड़ाही पर फिटकरी को जैसे ही रगड़ेंगी तो कालिख छूटना शुरू हो जाएगी।-रगड़ने के बाद उस पर पानी डाल दें। और साथ ही एक चम्मच नमक के साथ बचे फिटकरी के टुकड़े को डालकर पांच मिनट के लिए छोड़ दें।-इतनी देर में सारी कालिख गीली होकर छूटने लगेगी। तवे या कड़ाही पर डाले हुए पानी को किसी कटोरी में निकाल लें और डिश वॉश बार या लिक्वड को लगाकर थोड़ा सा रगड़कर साफ करें। साथ ही उस पानी का भी इस्तेमाल करते रहें। जिसमे फिटकरी घुली हुई है।-बस सारा कालापन निकलकर लोहे का तवा बिल्कुल साफ हो कर चमकने लगेगा।
- आप जब अपने ऑफिस में कोई सुझाव देती हैं तो उसे तरजीह मिलती है? या फिर आपके सुझाव को अनदेखा कर दिया जाता है, जबकि वही बात जब कोई पुरुष सहकर्मी कहता है, तो उसकी बात को बहुत गंभीरता से लिया जाता है? अगर हां, तो यकीनन इस ओर गौर करने की आवश्यकता है कि भला आपके हिस्से की शाबाशी कहां जा रही है? कारण कई हो सकते हैं। पर, अध्ययन बताते हैं कि महिलाओं को पुरुषों के साथ समूह में काम करने पर पुरुषों के मुकाबले कम श्रेय मिल पाता है। एकैडमी ऑफ मैनेजमेंट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि ज्यादातर लोग अपने लीडर की कल्पना एक पुरुष के रूप करते हैं। इसी तरह एक और अध्ययन बताता है कि कार्यक्षेत्र में अपनी बात रखने और खुद को साबित करने के मामले में श्रेय पुरुष कर्मी को ही मिलता है। यानी जब एक पुरुष अपनी टीम को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव रखता है तो उन्हें महिला सहकर्मी की तुलना में ज्यादा तवज्जो मिलती है। सीधे शब्दों में कहें तो नेतृत्व के लिए उपयुक्त विकल्प के तौर महिला को देखना मुश्किल माना जाता है। यहां मामला काम का नहीं, सोच का है, जिसे बदलना होगा। ऐसे में कामकाजी महिलाओं को ऐसे प्रयासों की दरकार होती है, जो पुरुष सहकर्मियों के साथ उनकी बराबर भागीदारी को साबित करे। कामकाजी महिलाओं को बार-बार अपनी स्किल्स को साबित करना पड़ता है ताकि उन्हें भी जरूरी महत्व मिले। अगर आपकी मेहनत ऑफिस में मैनेजमेंट की नजरों के सामने आ ही नहीं पा रही है, तो आपको इस दिशा में भी विशेष प्रयास करने की जरूरत है।कीजिए अपने काम को जाहिरहमारा काम बोलता है, यह सच है। पर, यह भी सच है कि चुपचाप सिर्फ काम करते रहना काफी नहीं है। समय-समय पर अपने काम को जाहिर करना भी जरूरी है। इसका तरीका आप पर निर्भर करता है। आप सीधे उनको अपडेट कर सकती हैं कि आपने क्या, कितना, कैसे किया है। आप फॉलोअप ले सकती हैं। पूरी टीम के सामने अपने काम की चर्चा करने की जगह आप बॉस से अकेले मीटिंग करके उन्हें अपने काम के बारे में विस्तार से बता सकती हैं। या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर बातों-बातों में सबके या अपने बॉस के सामने अपने काम की गति पर चर्चा कर सकती हैं। बस जरूरी है, आपका सक्रिय होना।तारीफ करना है जरूरीअगर आप चाहती हैं कि आपकी मेहनत का श्रेय आपको मिले, तो दूसरों को श्रेय देना भी सीखें। वो कहते हैं न, हमको दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए , जैसा हम अपने साथ पसंद करते हैं। यह फॉर्मूला कार्यक्षेत्र में भी आपके काम आने वाला है। अगर आप लोगों की तारीफ करती हैं, उनके काम का श्रेय समय-समय पर उनको देती रहती हैं, तो यकीनन और लोग भी आपका तरीका स्वीकार करेंगे। और आपके हिस्से का श्रेय आपको मिलने के रास्ते आसान हो जाएंगे।बनाइए नोट्सनोट्स, एक ऐसा सूत्र है जो परीक्षा के दिनों में तमाम सवालों के जवाब याद करने और समय की बचत में आपका मददगार होता था। वहीं, ऑफिस में बनाए गए नोट्स आपको अपने काम को सही तरीके से करने में मददगार होंगे। ये नोट्स आपके काम को मौलिकता देंगे। इतना ही नहीं, ये आपके हिस्से का श्रेय चुराने वालों के सामने आपके सबूत के तौर पर काम आएंगे।
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घर में कुछ भी शुभ काम हो रहा तो रंगोली जरूर बनती है। दिवाली के मौके पर तो हर आंगन रंगोली से सजा रहता है। अगर आप रंगों से रंगोली बनाने के बजाय फूलों वाली रंगोली बनाना चाहते हैं तो मात्र गेंदे और थोड़े से गुलाब की पंखुड़ियों से ही सुंदर रंगोली डिजाइन बना सकती हैं। बस इन अट्रैक्टिव और बिल्कुल सिंपल सी डिजाइन को सेव करके रख लें।
गुलाब, गेंदे और अक्ष्त के साथ बनाएं रंगोलीघर के मंदिर में फूल की रंगोली बनाना ज्यादा लोग पसंद करते हैं। पूजा के अक्षत का इस्तेमाल करने के साथ ही गेंदे और गुलाब से ये डिजाइन बनाई जा सकती है।ईजी फ्लावर रंगोली डिजाइनफूलों से रंगोली बनाना मु्श्किल लगता है तो कुछ गेंदे के कुछ फूलों की मदद से ही ये राउंड शेप वाली आसान सी रंगोली डिजाइन बनाई जा सकती है।पीले ऑेरेंज गेंदे से बनाएं अल्पनापीले और ऑरेंज गेंदे के फूलों से सुंदर अल्पना बनाई जा सकती है। साथ में सफेद चावल और गुलाब के फूलों से इसे और भी ज्यादा अट्रैक्टिव बनाया सकते हैं।पत्तियों से बनाएं रंगोली डिजाइनफूलों के साथ ही आम की या अशोक की पत्तियों की मदद से रंगोली की डिजाइन को कंप्लीट करें। ये ना केवल अट्रैक्टिव दिखेगा बल्कि फूल भी कम यूज होंगे।पत्तियों से बनाएं मोरआम की पत्तियों से सुंदर मोर बनाने की कलाकारी करना है तो देख लें ये रंगोली डिजाइनरंगोली डिजाइनफूलों से बनाएं रंगोली की सुंदर डिजाइन, इन अल्पना वाली डिजाइन को बनाना बहुत ही आसान है।फूलों के साथ करें कलर का इस्तेमालगेंदे और गुलाब के सुंदर फूलों के साथ रंगोली बनाएं और बीच में रंगों की मदद से भगवान गणेश को बनाएं। फूलों के बेस पर कलर का काफी क्रिएटिव तरीके से इस्तेमाल किया गया है।हरे रंग के लिए करें घास का इस्तेमालभगवान गणेश की पूजा में दूब का इस्तेमाल किया जाता है। इन दूब को छोटा-छोटा कैंची की मदद से काट लें और हरे रंग के लिए फूलों के साथ यूज करें। सुंदर रंगोली बनकर तैयार होगी।चावलों से तैयार करें रंगोलीपीले और ऑरेंज गेंदे के फूलों के साथ सफेद रंग के लिए चावल का इस्तेमाल कर सकते हैं। मंदिर में बनी ये रंगोली बिल्कुल शुभ होती है और आप चाहें तो इसे माता की चौकी सजाने के लिए भी बना सकती हैं।सबसे आसान रंगोली डिजाइनदिवाली के दिन ढेरों काम होते हैं। ऐसे में अगर रंगोली बनाने का समय नहीं मिल रहा है तो फटाफट से ये गेंदे के माला और गुलाब की पंखुड़ियों से डिजाइन तैयार कर सकती हैं। - -संध्या शर्माब्रेकफास्ट में पोहा, इडली, अप्पम जैसी चीजें लोग रोजाना खाते हैं। लेकिन अगर आप इन चीजों को खाकर बोर हो गए हैं तो गुजराती नाश्ता बनाकर खा सकते हैं। यहां कुछ 5 ऐसे ब्रेकफास्ट ऑप्शन बता रहे हैं जो आप घर पर आसानी से बनाकर खा सकते हैं। इनमें से कुछ चीजें बेसन से बनती हैं और कुछ चावल के आटे से। अच्छी बात ये हैं कि इन सभी डिशेज को घर में मौजूद चीजों से बनाया जा सकता है। आइए, जानते हैं 5 गुजराती ब्रेकफास्ट ऑप्शन-दूधी ना मुठियाये एक ट्रेडिशनल डिश है। जिसे गेहूं और सूजी के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए लौकी का इस्तेमाल होता है ऐसे में ये पौष्टिक तत्वों से भरपूर और ऑथेंटिक गुजराती स्वाद से भरपूर, यह नाश्ता हल्का खाने के लिए बेस्ट है।प्याज थेपलाप्याज का थेपला एक आसान और झटपट बनने वाली ब्रेड है जो टेस्टी होती है और इसे किसी भी सब्जी के साथ खाया जा सकता है। प्याज थेपला बनाने के लिए भारतीय मसालों के साथ कारमेलाइज्ड प्याज को गेहूं के आटे में मिलाया जाता है और फिर आटा गूंथ कर थेपले तैयार किए जाते हैं।मकई ढोकलामकई ढोकला एक हल्का और हेल्दी नाश्ता है, जो ताजा मकई के दानों और मकई दलिया का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। मकई ढोकला एक बेहतरीन स्नैक है।चावल का खीचूये भी एक फेमस गुजराती डिश है। इसे चावल के आटे से बनाया जाता है। ये एक हेल्दी रेसिपी है। इस डिश को बनाने पर चावल के मिक्स को स्टीम भी किया जाता है। इसे सर्व करने से पहले इसके ऊपर घी या फिर मूंगफली का तेल और लाल मिर्च डाली जाती है। इसे आप आसानी से घर पर मौजूद सामान से तैयार कर सकते हैं।हांडवोनाश्ता दिन की सबसे जरूरी मील में से एक है, जिसे बिल्कुल भी स्किप नहीं करना चाहिए। हांडवो एक फेमस गुजराती खाना है, जिसका एक हेल्दी और टेस्टी नमकीन केक बनाया जाता है। यह आम तौर पर लौकी या मिक्स दाल के आटे के साथ तैयार किया जाता है।
- - सीमा उपाध्यायमौसम चाहें कोई भी हो चिल्ड कोल्ड कॉफी का स्वाद हर टाइम अच्छा लगता है। इसे पीते ही मन फ्रेश हो जाता है। वैसे तो लोग इसे बाजार में जाकर पीते हैं, लेकिन हर बार कैफे में जाकर पीना जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है। हालांकि, घर पर बनी कॉफी का स्वाद कैफे जैसा नहीं होता फिर चाहें इसे बनाने के लिए रेस्तरां वाले इनग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल ही क्यों न हुआ हो। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप कुछ टिप्स को अपना सकते हैं। आइए, जानते हैं परफेक्ट कोल्ड कॉपी बनाने की टिप्स-कैसे बनाएं परफेक्ट कोल्ड कॉफी1) दूध में जमाएं हल्की बर्फकोल्ड कॉफी बनाने के लिए फूल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें। इसे यूज करने से पहले इसको फ्रीजर में रखें और इसमें हल्की बर्फ जमने दें। बर्फ जमने के बाद इसका इस्तेंमाल कॉफी बनाने के लिए करें।2) कॉफी को करें बीटकोल्ड कॉफी को टेस्टी बनाने के लिए कॉफी को बीट करें। इसे बीट करने के लिए एक ग्लास में या फिर शेकर में कॉफी पाउडर डालें। फिर स्वाद के मुताबिक चीनी और थोड़ा पानी मिलाएं। अब इसे अच्छे से मिक्स करें, जब तक झाग न बन जाए।3) दूध को करें ब्लेंडजिस दूध को फ्रीज में रखा है उसे ब्लेंडर में डालें और फिर मिल्क क्रीम के साथ इसे मिक्स करें। फिर इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर ब्लेंड करें।4) इस ट्रिक से मिलेगा कैफे वाला टेस्टअगर आपको रेस्त्रां या कैफे वाली कॉफी का स्वाद और थिकने अच्छी लगती है तो आईसक्रीम का इस्तेमाल करें। जब आप दूध को ब्लेंड करें को इसी के साथ आईस्क्रीम भी मिला दें। इससे कॉफी को बाजार जैसी थिकनेस मिलेगी।5) कॉफी और दूध को करें मिक्सकॉफी और दूध को सबसे एंड में मिक्स करें। इसे सिर्फ एक ही बार ब्लेंड करें ताकी झाग जो बने हैं वह बने रहें। ग्लास में डालने से पहले चॉकलेट सिरप से इसे सजाएं और फिर सर्व करें।
- दिवाली का त्योहार बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। ये त्योहार मिठाई और पकवान के बिना अधुरा है। भारतीय घरों में दिवाली पर तरह-तरह की चीजें बनाई जाती हैं। इस साल दीवाली का मजा दोगुना करने के लिए आप घर पर तरह-तरह की मिठाईयां और स्नैक्स तैयार कर सकते हैं। यहां हम आपको कुछ सिंपल 5 स्नेक्स बता रहे हैं, जिन्हें खाकर मेहमान भी आपकी तारीफ करते नहीं थकेंगे।1) कुकीज- नाश्ते के लिए आप कुछ टेस्टी कुकीज तैयार कर सकते हैं। घर में आप इसे आटे से बना सकते हैं। इसमें कुछ ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम, पिस्ता भी डाल सकते हैं। अच्छे फ्लेवर को पाने के लिए आप इसमें इलायची पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। चाय के साथ सर्व करने के लिए ये कुकीज बेस्ट हैं।2) कॉर्न फ्लैक्स नमकीन- मूंगफली, आलू लच्छा और कॉर्न फ्लैक्स का इस्तेमाल करके बनने वाली नमकीन स्वाद में काफी अच्ची लगती है। आप इसमें नारियल के टुकड़े और कड़ी पत्ता को सेक कर डाल सकते हैं। ये नमकीन हर किसी को खूब पसंद आएगी।3) मेथी मट्ठी- दिवाली स्नैक्स के लिए आप मेथी मट्ठी बना सकते हैं। अच्छे सॉफ्ट स्वाद के लिए आप इसमें खूब सारा मॉइन का इस्तेमाल करें। इस मट्ठी को आप अचार के साथ भी खा सकते हैं। ट्रैवलिंग के दौरान भी आप इन मट्ठी को बना सकते हैं।4) चकली- चावल से तैयार होने वाली चकली साउथ में खूब खाई जाती है। इसे बनाने के लिए एक अलग स्टैंड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बैटर में सफेद तिल का इस्तेमाल भी किया जाता है। इससे आप फटाफट बनाकर तैयार कर सकते हैं।5) बेसन भुजिया- बेसन की भुजिया हर घर में खाई जाती है। इसे आप दिवाली स्नैक्स के लिए भी तैयार कर सकते हैं। घर पर इस भुजिया को बनाने के लिए एक अलग सांचे का इस्तेमाल किया जाता है। आप मोटी या पतली शेप अपने मिताबिक चुन सकती हैं।
- आपने अक्सर देखा होगा कि सुबह जब सूरज की पहली किरण कलियों पर पड़ती है तो वह खिल कर फूल हो जाती हैं. लेकिन क्या आप ऐसे पौधों के बारे में जानते हैं, जिनके फूल सिर्फ रात के वक्त ही खिलते हैं. इन पौधों पर लगी कलियां दिन के वक्त बंद रहती हैं और रात होते ही खिल जाती हैं. जबकि, दुनिया के ज्यादातर फूल इससे उल्टा करते हैं. यानी उनकी कलियां रात में बंद रहती हैं और दिन में खिल जाती हैं.रात में फूलों को खिलने का विज्ञानरात के वक्त चांद की रौशनी में खिलने वाले फूलों के पीछे एक दिलचस्प विज्ञान है. दरअसल, रात में खिलने वाले फूलों को "नीशनलाइट" फूल कहा जाता है. ये फूल कई तरह के जैविक और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होते हैं. जैसे- फूलों का जीवन चक्र. अक्सर रात में खिलने वाले फूलों का जीवन चक्र रात के समय के लिए ही अनुकूलित होता है. दरअसल, यह प्रक्रिया मुख्य रूप से तापमान, आर्द्रता और प्रकाश स्तर पर निर्भर करती है.फोटोपियरीओडिज़्म, परागण और रात के कीटफोटोपियरीओडिज़्म की बात करें तो ये एक जैविक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा पौधे प्रकाश के अलग-अलग स्तरों के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं. यह उनके जीवन चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो परागणकों को आकर्षित करने के लिए जरूरी है.दरअसल, रात में खिलने वाले फूलों का मेन उद्देश्य परागण है. ये फूल खिल कर रात के कीटों, जैसे कि पतंगों और अन्य परागणकों को आकर्षित करते हैं. इसे ऐसे समझिए कि इन फूलों की सुगंध और रंग रात के अंधेरे में विशेष रूप से प्रभावी होते हैं और ये इसकी मदद से कीटों को अपनी ओर खींचते हैं. विज्ञान की भाषा में कहें तो फूलों का यह विकास एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने में मदद करता है.कौन-कौन से फूल रात में खिलते हैं'रात रानी' का फूलरात रानी एक खूबसूरत रात में खिलने वाला फूल है. इस फूल की छोटी सफेद कलियां रात में ही खिलती हैं और बेहद सुगंधित होती हैं. इनकी महक आपको दूर से ही रात में आ जाएगी.जैस्मिन भी रात में खिलती हैरात रानी की तरह, जैस्मिन के फूल भी रात में खिलते हैं और उनकी सुगंध बहुत ही कमाल होती है. ये फूल दो तरह के होते हैं. किंग जैस्मिन और सैमबैक जैस्मिन. जैस्मिन का उपयोग अक्सर पर्फ्यूम बनाने में किया जाता है.नाइट-ब्लूमिंग सरेननाइट-ब्लूमिंग सरेन कैक्टस प्रजाति का पौधा है. इस पौधे पर रात में फूल खिलता है. इस पौधे के फूल बहुत बड़े और सुंदर होते हैं और केवल एक रात के लिए ही खिलते हैं. इस पौधे के फूलों की खुशबू बेहद तेज होती है.ट्रंपेट वाइन का फूलट्रंपेट वाइन का फूल भी रात में खिलता है और इसका आकार बेलन के जैसा होता है. यह फूल रात में मधुमक्खियों और अन्य कीटों को आकर्षित करता है. यह पौधा अपनी सुंदरता और रंग बिरंगे फूलों के लिए जाना जाता. इस पौधे का इस्तेमाल अक्सर बागों में सजावटी पौधे के रूप में किया जाता है. इसके अलावा कई और फूल होते हैं जो रात में खिलते हैं.
- धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन सोने, चांदी सहित घरेलू उपयोग की चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भूमि, भवन, वाहन सहित अन्य नए सामानों के खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। कार्तिक कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर देव व असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था। इसमें आयुर्वेद के प्रवर्तक धनवंतरि व मां लक्ष्मी प्रकट हुई थी। मां लक्ष्मी समृद्धि व धनवंतरि निरोगी काया के प्रतीक हैं। धनतेरस पर दोनों के पूजन का विधान है। इसमें नई वस्तुएं खरीदने के बाद इसी समयावधि में मां लक्ष्मी, कुबेर व धनवंतरि का पूजना करना उत्तम रहेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार धनतेरस पर राशि अनुसार कुछ चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। आइए जानते हैं, राशि के अनुसार धनतेरस पर क्या खरीदें-राशि के अनुसार खरीदारी पर मिलेगा फलमेष- ताबा की मूर्तिया, भूमि व भवनवृषभ- चांदी के आभूषण व लक्ष्मी-गणेश की मूर्तिमिथुन- लाल वस्त्र, पुखराज, आभूषणकर्क- चांदी के आभूषण या चांदी के बर्तनसिंह- सोने से बनी मूर्ति व आभूषणकन्या- स्टील के बर्तन, सोना- चांदी के आभूषणतुला- फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक वस्तुएंवृश्चिक- तांबा के बर्तन, देव मूर्तियांधनु- सोने से बनी देव मूर्तिमकर- स्टील के बर्तन, रत्नों में नीलमकुंभ- रत्नों में नीलम, तांबा की देव मूर्तियांमीन- सोने से बनी देव मूर्ति
- दिवाली के त्यौहार पर घर की महज साफ-सफाई ही नहीं की जाती बल्कि उसे बड़े करीने से सजाया भी जाता है। इसके लिए बाजार से ढेर सारी चीजें खरीदकर लाई जाती हैं। हर कोई चाहता है कि उसका घर इस खास मौके पर सबसे सुंदर दिखे। लेकिन घर को सुंदर दिखाने के लिए जरूरी तो नहीं कि हर बार बाजार जा कर महंगे दामों पर ही कोई चीज खरीदी जाए। क्यों ना थोड़ी सी क्रिएटिविटी दिखाकर, घर पर पड़ी बेकार चीजों से ही कमाल की सजावट की जाए। अब जरा देखिए, आपके घर में पुरानी चूड़ियां तो पड़ी ही होंगी। इन्हें फेंकने के अलावा आपको शायद ही कोई दूसरा ऑप्शन दिख रहा हो। नहीं दिखा रहा तो आज हम आपको इनकी मदद से खूबसूरत सा तोरण बनाने की कमल की ट्रिक बताने वाले हैं। वैसे भी बिना तोरण के दिवाली डेकोरेशन अधूरी है, तो चलिए फिर अपने घर की डेकोरेशन में अपनी क्रिएटिविटी का तड़का लगाने।तोरण बनाने के होगी इन चीजों की जरूरतपुरानी चूड़ियों को फेंकने के बजाय आप इनकी मदद से घर पर ही खूबसूरत तोरण तैयार कर सकती हैं। इसके लिए आपको पुरानी चूड़ियों के अलावा कढ़ाई वाले धागे, नेट का कपड़ा, छोटे-बड़े अलग-अलग आकर के डेकोरेटिव मिरर, बुकरम, गोल्डन लेस (पतला और मोटा), हुक, सर्कल लेस और फेविकोल की जरूरत होगी।पुरानी चूड़ियों से यूं तैयार करें खूबसूरत तोरणचूड़ियों से तोरण तैयार करने के लिए सबसे पहले नेट के कपड़े को रुमाल की शेप में कट कर लें। फिर इसकी मदद से चूड़ियों को अच्छे से लपेट दें। इस तरह से लगभग 10 चूड़ियों को नेट के कपड़े से लपेटकर तैयार कर लें। अब बुकरम को दरवाजे के नाप का कट कर लें और इस पर कपड़ा लपेटते हुए स्टेपल कर दें। इस तरह से तोरण का बेस तैयार हो जाएगा। अब चूड़ियों को अच्छे से डेकोरेट करने के लिए फेविकोल की मदद से इस पर डेकोरेटिव मिरर चिपकाएं और सूखने के लिए रख दें।जब ये अच्छे से सूख जाएं तो तोरण के बेस पर चूड़ियों को नीचे की तरफ एक इक्वल स्पेस में चिपका दें या सुई-धागे से टांक दें। इस तरह से तोरण का झूलन तैयार हो जाएगा। अब इसकी खूबसूरती को एनहांस करने के लिए, इसमें पतले और मोटे लेस को अच्छे से चिपकाएं। सर्कल लेस पर मिरर चिपका कर इसे भी बुकरम के बीच-बीच में स्टिक कर दें। इस तरह से आपका खूबसूरत तोरण तैयार हो जाएगा। अब इसे टांगने के लिए, इसके दोनों तरफ हुक टांक दें। इस तरह से तैयार तोरण देखने में बहुत खूबसूरत और यूनिक लगेगा और इससे आपके घर के दरवाजों की खूबसूरती बढ़ जाएगी।
- दिवाली आने में बस कुछ ही दिनों का वक्त बचा है। इस दिन ऐसी ढेर सारी चीजें होती हैं जो दिवाली को सबका मनपसंद और खास त्यौहार बना देते हैं। जैसे कि मिठाइयां, नए कपड़े, घर की डेकोरेशन और बहुत सारे गिफ्ट्स। हालांकि दिवाली पर एक चीज और की जाती है वो है जमकर आतिशबाजी। कई लोग इस दिन ढेर सारे पटाखे फोड़ते हैं। इन पटाखों से घर में रहने वाले पेट्स को काफी परेशानी होती है। पटाखों की तेज आवाज से वो अक्सर काफी डर जाते हैं और इधर-उधर भागना और भौंकना शुरू कर देते हैं। ऐसे में पैट्स का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। चलिए जानते हैं कुछ ऐसी ही टिप्स के बारे में जिनसे आप अपने पैट्स का ध्यान रख सकते हैं।उन्हें रखें कम आवाज वाली जगह परदिवाली के मौके पर पटाखों की तेज आवाज से पालतू जानवर एग्रेसिव और अनकंफरटेबल होने लगते हैं, जिसकी वजह से वो कई बार हिंसक व्यवहार तक कर सकते हैं। ऐसे में उनकी सेफ्टी के लिए आपको चाहिए कि आप उन्हें घर के उस हिस्से में रखें, जहां पर पटाखों की तेज आवाज ना पहुंच सके या बहुत ही धीरे सुनाई दें।कानों में लगाएं रूईपटाखों की तेज आवाज से अपने पेट्स को सेफ रखने के लिए आप रुई का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। शाम के समय आतिशबाजियां शुरू होने से पहले ही थोड़ी सी रुई उनके कानों में लगा दें। बस इतना भर करने से उन्हें पटाखों के शोरगुल से काफी हद तक बचाया जा सकता है।घर के खिड़की-दरवाजे रखें बंददिवाली की शाम आपके पेट्स तेज आवाज और एयर पॉल्यूशन से परेशान ना हों, इसके लिए उन्हें घर के अंदर ही रखें और साथ ही घर की खिड़की और दरवाजों को भी बंद करके रखें। इससे घर के अंदर के एनवायरमेंट को काफी हद तक सेफ रखा जा सकता है। ये ना सिर्फ पालतू जानवरों के लिए सेफ है, बल्कि घर में रहने वाले अन्य सदस्यों के लिए भी फायदेमंद रहेगा।पेट डॉग के लिए लें ये प्रिकॉशनदीपावली का शोरगुल बेजुबान जानवरों के लिए काफी अनकंफर्टेबल होता है। ये जानवर कुछ बोल तो पाते नहीं हैं लेकिन एंजायटी लेवल बढ़ने की वजह से अजीब व्यवहार करने लगते हैं। ऐसे में दिवाली के पहले उनके लिए कुछ प्रिकॉशन लेना जरूरी है। अगर आपके घर में पेट डॉग है, तो दिवाली से पहले ही वेटनरी डॉक्टर से कंसल्ट कर के प्रिकॉशन के तौर पर उसे एंटी-एंजायटी इंजेक्शन लगवा दें।समय-समय पर दें पानीदिवाली का शोरगुल डॉग्स को बहुत ही ज्यादा विचलित कर देता है, जिसकी वजह से वो थोड़े चिड़चिड़े होने लगते हैं,और इसका असर उनके बॉडी टेंपरेचर पर भी पड़ता है। इस वजह से डॉग्स को डिहाइड्रेशन हो सकता है जो उनके लिए नुकसानदायक है। इससे बचने के लिए आप समय-समय पर अपने डॉग को पानी जरूर पिलाते रहें।
- -संध्या शर्माखाने को स्वादिष्ट रखने वाला नमक बारिश के मौसम में अक्सर गीला हो जाता है। ऐसा नमी के कारण होता है। नमक गीला होने के बाद चिपचिपा हो जाता है। ऐसे में इसपर खास ध्यान देना पड़ता है। अगर आप भी इस समस्या के चलते परेशान रही हैं तो दादी-नानी के कुछ नुस्खे आपके काम आ सकते हैं। यहां जानिए 3 ट्रिक्स जो नमक को हमेशा फ्रेश बनाए रखेंगी।लौंग आएगी कामलौंग नमी से जुड़ी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकती है। जी हां, तीखी खुशबू वाली लौंग में नमी-खोखने वाला गुण होता है। ऐसे में अपने नमक डिब्बे में कुछ लौंग रखें। ऐसा करने से डिब्बे में मौजूद नमी खत्म होगी और नमक लंबे समय तक फ्रेश रहेगा।नमक में डालें चावल के दानेये एक बेहद कॉमन नुस्खा है। इसे अक्सर आपने रेस्तरां में भी देखा होगा। चावल के दाने नमी खत्म करने के लिए जाने जाते हैं। इसे इस्तेमाल करने पर एक छोटा मलमल का कपड़ा लें और फिर कच्चे चावल के दानों को डालें और पोटली तैयार करें। इस पोटली को नमक के कंटेनर में रखें। चावल एक्सट्रा नमी को खींचता है और उसे सोख लेता है। नमक को फ्रेश बनाए रखने का ये बेस्ट तरीका है।चमत्कारी साबित होगा राजमाराजमा में भी नम सोखने वाले गुण होते हैं। मुट्ठी भर सूखे राजमा को एक छोटे मलमल के कपड़े में या सांस लेने माले किसी कंटेनर में रखें। इस पोटली को नमक में डालें। राजमा एक्सट्रा नमी को नेचुरल तरीके से सोख लेता है।नमी से जुड़ी समस्याओं को रोकने के लिए इसे रसोई में ठंडी और सूखी जगह पर रखें। नमक को स्टोव या सिंक के पास रखने से बचें। माना जाता है कि नमक को एयर टाइट कांच के कंटेनर में स्टोर करना चाहिए। ऐसा करने पर नमक को नमी से बचाया जा सकता है।
- - सीमा उपाध्यायगर्मा-गर्म फ्राइड राइस खाना भला किसे नहीं पसंद। रात के चावल बच गए हों या फिर कुछ चटपटा और डेली रूटीन से हट कर खाने का मन हो, झट से दिमाग में आता है कि क्यों ना फ्राइड राइस ही बना लिए जाएं। एक तो ये झटपट और आसानी से बनकर तैयार हो जाते हैं और घर के बच्चे हों या बड़े कोई भी फ्राइड राइस को देखकर मुंह नहीं बनाता। हालांकि कई लोगों की ये शिकायत हमेशा बनी रहती है कि हर एक स्टेप फॉलो करने के बाद भी उनके फ्राइड राइस रेस्टोरेंट की तरह खिले-खिले और खुशबूदार क्यों नहीं बन पाते। अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो आज हम आपके लिए कुछ एक्सपर्ट टिप्स लेकर आए हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप एकदम परफेक्ट रेस्टोरेंट स्टाइल फ्राइड राइस मिनटों में बना सकते हैं।1) कुछ लोग फ्राइड राइस का स्वाद बढ़ाने के चक्कर में उसमें एक साथ कई सामग्री डाल देते हैं। ऐसा ना करें। खुशबूदार फ्राइड राइस के लिए उसमें अदरक, लहसुन डालें। इसके अलावा अंडे, अपनी पसंदीदा सब्जियां व पनीर आदि शामिल कर इसका स्वाद बढ़ाएं।2) फ्राइड राइस बनाने में बचे हुए चावल या पहले से बने चावल का इस्तेमाल करें। दरअसल, ताजे पके चावल बहुत मुलायम होते हैं। ऐसे में भूनते वक्त वे चिपक जाते हैं, जिससे फ्राइड राइस खिला-खिला नहीं बन पाता।3) फ्राइड राइस बनाने के लिए हमेशा बड़े पैन का इस्तेमाल करें। इससे आप फ्राइड राइस को जरूरत से ज्यादा पकाने से बच जाएंगी। साथ ही, बड़ा पैन सभी सामग्री को समान रूप से गर्म करता है। इतना ही नहीं, पैन का आकार बड़ा होने पर आप सामग्री को अच्छी तरह से मिला भी पाएंगी।4) फ्राइड राइस बनाते वक्त चावल और अन्य सामग्री को पैन में डालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पैन अच्छी तरह गर्म हो। ऐसा करने से सब कुछ एक साथ जल्दी से पक जाता है। साथ ही, चावल जरूरत से ज्यादा पकता भी नहीं है।5) फ्राइड राइस बनाते वक्त यह सुनिश्चित करें कि गैस की आंच सबसे ज्यादा तेज हो। तेज आंच पर हमेशा फ्राइड राइस बनाने से सभी सब्जियां भाप पर पकने की जगह फ्राई होती हैं। इससे फ्राइड राइस को क्रिस्पी टेक्सचर मिलता है और स्वाद बढ़ता है।
- हेल्दी रहना है तो हेल्दी ईटिंग हैबिट को भी बनाना होगा। अगर आप रोजाना पपीता खाली पेट खाते हैं तो ना केवल सेहत दुरुस्त होगी बल्कि कई सारी बीमारियों से भी राहत मिलेगी। पपीते को जरूरी न्यूट्रिएंट्स का पावर हाउस बोला जाता है। इसमे विटामिन ए, सी, ई से लेकर माइक्रो न्यूट्रिएंट्स फोलेट, पोटैशियम, कॉपर और मैग्नीशियम भी रिच मात्रा में होते हैं। वहीं पपीता डाइजेशन के लिए भी अच्छा होता है। तो अगर हेल्दी रहना चाहते हैं तो रोज सुबह ब्रेकफास्ट में पपीता खाना शुरू कर दें। जानें रोज खाली पेट पपीता खाने से सेहत को कितने सारे फायदे होते हैं।कब्ज और डाइजेशन की समस्या का खात्माअगर आपक कब्ज रहती है, खाना नहीं पचता और अपच हो जाती है तो पपीता खाएं. इसमे मौदूद पेपिन एंजाइम कब्ज से छुटकारा दिलाएगा और साथ ही डाइजेशन को भी इंप्रूव करेगा। खाली पेट सुबह पपीता खाने से बॉडी डिटॉक्स करना आसान हो जाता है। आप चाहें तो शाम को भी स्नैक्स में पपीता खा सकते हैं।पोषक तत्वों को तेजी से अब्जॉर्ब करता हैअगर आप शाम को पपीता खाते हैं मतलब कि खाने के करीब दो घंटे बाद पपीता खाते हैं। तो ये जरूरी न्यूट्रिएंट्स को तेजी से शरीर में अब्जॉर्ब करता है।बॉडी को करता है नेचुरल डिटॉक्सपपीते में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। जब आप खाली पेट पपीता खाते हैं तो शरीर में फाइबर का कंटेट बढ़ता है और सारे टॉक्सिंस को आसानी से बाहर निकालना आसान हो जाता है। जिससे सारी गंदगी और टॉक्सिंस बॉडी के बाहर हो जाते हैं।ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करता हैखाली पेट ब्लड शुगर लेवल के अचानक से बढ़ने का खतरा रहता है। पपीता ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है और ग्लाइसेमिक कंट्रोल बनाकर रखता है।भूख करता है शांतअगर आपने पपीता खाली पेट ब्रेकफास्ट में या फिर स्नैक्स में खाया है तो इससे पेट भरता है और भूख शांत होती है। जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है।एनर्जी देता हैपपीते में विटामिन सी के साथ ही जरूरी पोषक तत्व होते हैं। जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में एनर्जी मिलती है और आप एक्टिव बने रहते हैं।स्किन के लिए फायदेमंदविटामिन सी और ई से भरपूर होने की वजह से ये स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है। खाली पेट खाने से स्किन के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी बॉडी सोख लेती है। जिससे स्किन चमकती है और टाइट बनी रहती है।
- स्किन को ग्लोइंग और शाइनी, सॉफ्ट बनाना तो लगभग हर लड़का-लड़की चाहते हैं। इसके लिए कई तरह के क्रीम, फेसवॉश और फेसपैक की भगाते हैं। लेकिन अगर आप चाहती हैं कि स्किन पर निखार बस यूं ही दिखता रहे, तो आज से ही इन आदतों को डेली रूटीन में शामिल कर लें। इस चीज को आप नोटिस कर सकती हैं कि जिसकी स्किन ग्लो कर रही है वो इन आदतों को रूटीन में जरूर रखता है। जान लें वो कौन सी हैबिट्स हैं।हेल्दी डाइटग्लोइंग स्किन चाहिए तो अपनी डाइट में क्लीन, हेल्दी खाने को शामिल करें। जिससे कि डाइजेशन सही रहे और आपको जरूरी न्यूट्रिशन मिलते रहें। ऐसा करने से स्किन हेल्दी बनी रहती है और नेचुरली ग्लो करती है।फिजिकल वर्कग्लोइंग स्किन का राज फिजिकल वर्क में भी छिपा है। अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करती हैं या फिजिकली वर्क करती है। जिससे पसीना निकलता है और सारे बॉडी पार्ट्स मूव करते हैं। सारे टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं और स्किन पर ग्लो दिखता है।हाइड्रेशन है जरूरीरोजाना शरीर की जरूरत के अनुसार दो से तीन लीटर पानी पीना जरूरी होता है। ये ना केवल बॉडी को हाइड्रेट करता है बल्कि स्किन को भी जरूरी हाइड्रेशन देता है। जिससे स्किन शाइन करती है।डेड स्किन हटाना है जरूरीअगर स्किन बहुत ड्राई नहीं रहती है तो डेड स्किन को रोजाना हटाना जरूरी है। जिससे कि स्किन पर ग्लो नजर आए। धूल-मिट्टी, प्रदूषण, पसीने की वजह से चेहरे पर डेड स्किन जम जाती है।पर्याप्त नींद है जरूरीहेल्दी स्किन का राज पर्याप्त नींद में भी छिपा रहता है। नींद पूरी होने से आंखों के आसपास की स्किन डार्क और लूज नहीं होती। साथ ही पूरे फेस पर ग्लो दिखता है।स्ट्रेस से बचेंचिंता चिता समान है। अगर आपको हर वक्त किसी ना किसी बात की चिंता लगी रहती है तो ये स्किन को भी एजिंग की ओर धकेलता है और आप समय से पहले ही बूढ़ी दिख सकती हैं। इसलिए खुश रहें और स्ट्रेस को ना पालें।
- भले ही भारतीय घरों में हर कोई लौकी खाना पसंद ना करता हो, मगर हफ्ते में एक से दो बार तो इसकी सब्जी बनती ही है। क्योंकि लौकी खाने से कई फायदे होते हैं जैसे कि, कैलोरी कम होने से एक्स्ट्रा फेट जमा नहीं होता है। विटामिन, आयरन, मैग्नीशियम जैसे मिनरल होने से वेट कम करने में भी मदद मिलती है। इसे पचाना आसान होने से कब्ज, गैसे और एसिडिटी की समस्या भी नहीं होती है।अब इतने सारे फायदे होने पर घर की रसोई में लौकी बनना बाजिब भी है। तभी लौकी का रायता, कोफ्ते , हलवा या फिर सांभर में डालने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। मगर अच्छा स्वाद लेने के लिए लोग इसे घर पर उगाना भी पसंद करने लगे हैं ताकि उन्हें ताजी लौकी खाने के लिए मिले। ऐसे में हम आपको कुछ आसान टिप्स दे रहे हैं, इनकी मदद से इतनी पैदावार होगी कि मोहल्ले वालों को भी पंचायत के प्रधान की तरह लौकी बांटती पड़ जाएगी।कंटेनर का साइज और पॉटिंग मिक्सलौकी के अच्छी ग्रोथ के लिए 14 इंच के कंटेनर या बड़े आकार के ग्रो बैग में लगाना चाहिए। बीज बोने से पहले कंटेनर में अच्छी गुणवत्ता वाला पॉटिंग मिक्सचर डालना होगा। पॉटिंग मिक्स बनाने के लिए मिट्टी, रेत और गोबर की खाद का इस्तेमाल करें। अब पॉटिंग मिक्स को एक गमले में डालने के बाद पानी छिपड़ दें।
- पारंपरिक परिधान के बिना त्योहार की बात पूरी नहीं होती। और पारंपरिक परिधान जेवर और अन्य एक्सेसरीज के बिना प्रभावी नहीं लगता। पर, इन सबके अलावा एक और चीज आपके पारंपरिक लुक को खास बनाती है और वह है, आपका हेयर स्टाइल। साड़ी, सलवार-सूट या फिर लहंगा के साथ आप हेयर स्टाइल कैसा बनाती हैं, इसका असर इस बात पर पड़ता है कि पूरा लुक कितना प्रभावी लग रहा है। ऐसे में आपकी व्यस्तता चाहे कितनी भी ज्यादा क्यों ना हो, अपने पारंपरिक कपड़े के अनुरूप हेयर स्टाइल बनाने के लिए कुछ वक्त जरूर निकाल लें। अनारकली सूट से लेकर मैक्सी ड्रेस तक और साड़ी से लेकर लहंगा तक को पहनने के बाद हेयर स्टाइल के मामले में आपके पास क्या-क्या हैं विकल्प, आइए जानें:पारंपरिक जूड़ा है ना!पारंपरिक त्योहारी लुक को पूरा करने में जूड़े से बेहतर हेयर स्टाइल कुछ और नहीं हो सकता। जूड़ा ऊंचा बनाने की जगह थोड़ा नीचे की ओर बनाएं। इसे अंग्रेजी में लो बन भी कहते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे के आकार के मुताबिक मांग निकालें। आप बीच या फिर साइड में भी मांग निकाल सकती हैं। बेहतर होगा कि आप अपने बालों को स्ट्रेट कर लें। अब कंघी करते हुए बालों को पीछे की ओर ले जाएं। फिर बालों को रोल करें और हेयर पिन की मदद से उसे जूड़े का आकार दें। जूड़े पर हेयर स्प्रे कर लें ताकि आपके बाल सेट हो जाएं। इस जूड़े पर बन एक्सटेंशन लगा लें। खूबसूरत जूड़ा तैयार है। आप जूड़े पर गजरा या फिर सुंदर-सी कोई हेयर एक्सेसरीज लगाकर उसकी खूबसूरती को और निखार सकती हैं।कमाल की लगेगी फिशटेल चोटीफिशटेल चोटी के लिए शानदार के अलावा किसी और शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सका। पर, यह भी सच है कि पहली बार देखकर यह काफी जटिल लग सकती है। पर, एक बार सीखने के बाद इसे बनाना बहुत आसान हो जाता है। फिशटेल चोटी सबसे खूबसूरत हेयर स्टाइल में से एक है, जो न सिर्फ आम लोगों के बीच बल्कि सेलिब्रिटीज के बीच भी काफी लोकप्रिय है। फिशटेल चोटी की खासियत यह भी है कि चाहे आपके बाल छोटे हों या लंबे, आप यह चोटी बना सकती हैं। इतना ही नहीं, फिशटेल चोटी को बालों में कई अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है, जिसके कारण आप हर बार एक नया लुक तैयार कर सकती हैं। आप फिशटेल चोटी के अलावा, डबल फिशटेल चोटी, फिशटेल जूड़ा और फिशटेल पोनीटेल भी बना सकती हैं। यह चोटी बनाना आप यूट्यूब ट्यूटोरियल से सीख सकती हैं।साइड वाली चोटीचोटी बनाना तो आप जानती ही होंगी। बस, अपने इसी स्किल का इस्तेमाल त्योहारों पर पारंपरिक लुक को निखारने में करें। खास बात यह है कि इसे बनाना भी बेहद आसान है। इसे बनाने के लिए बालों में कंघी करके उसे सुलझाएं। अपने चेहरे के आकार के अनुरूप मांग निकालें और सारे बालों को कंघी करके एक ओर लाएं और चोटी गूंथ लें। अब उंगलियों की मदद से चोटी को बीच में दबाएं और साइड से बालों को हल्का-हल्का बाहर की ओर खींच लें। हेयर स्टाइल तैयार है। आप चाहें तो चोटी के बीच में छोटे-छोटे फूल भी लगा सकती हैं। यह हेयर स्टाइल आपके पारंपरिक लुक में चार-चांद लगा देगा।सीधे बालों का अनूठा अंदाजआप अपने पसंदीदा पारंपरिक पहनावे के साथ स्टाइलिश सीधे बालों वाला हेयर स्टाइल भी अपना सकती हैं। इसके लिए शैंपू किए हुए बालों को हेयर स्ट्रेटनर की मदद से बिल्कुल सीधा कर लें और पनपसंद मांग निकाल लें। बस, तैयार है आपका हेयरस्टाइल! यह एक बिना झंझट वाला हेयर स्टाइल है, जिसे आप किसी भी पारंपरिक पहनावे के साथ आजमा सकती हैं।न भूलें एक्सेसरीज का साथ1) अपने हेयर स्टाइल को निखारने के लिए आप फैंसी हेयरपिन का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिसमें नकली फूल, क्रिस्टल या रंग-बिरंगे स्टोन शामिल होते हैं।2) पारंपरिक लुक लिए अपने बालों में फूल लगाना ना भूलें। बालों को आप चमेली से लेकर गुलाब जैसे फूलों तक से सजा सकती हैं।3) यदि आप अपने बालों को थोड़ा और आकर्षक बनाना चाहती हैं, तो ऐसी लेयर्ड या नॉर्मल चेन का इस्तेमाल करें, जिस पर पेंडेंट हों।4) जूड़ा या चोटी की खूबसूरती को निखारने के लिए आप हेयर ब्रोच का इस्तेमाल भी एक्सेसरीज के रूप में कर सकती हैं। सबसे खास बात यह है कि इसे बालों में लगाना भी बहुत आसान है।
- त्योहारों का सीजन चल रहा है। नवरात्रि में डांडिया, गरबा, दुर्गा पूजा के बाद करवा चौथ। लगातार फेस्टिवल्स की धूम है, ऐसे में महिलाओं को स्किन की चिंता सताने लगती है। चेहरे पर कालापन और डलनेस दिखता है तो उसे दूर करने के लिए आज से ही इस फेस पैक को लगाना शुरू कर दें। ये ना केवल चेहरे के दाग-धब्बों और कालेपन को दूर करेगा। बल्कि फाइन लाइंस और रिंकल को भी कम करेगा। तो जानें कैसे बनाएं असरदार फेस पैक।चेहरे के कालेपन और डलनेस को दूर करने वाला फेस पैकएक चौथाई नींबू का टुकड़ाएक चौथाई टमाटर का टुकड़ाएक चौथाई कच्चे छिले आलू का टुकड़ाएक चुटकी हल्दीएक चम्मच बेसन-सबसे पहले मिक्सर जार में नींबू, टमाटर, कच्चा छिला आलू को पानी डालकर पीस लें।-ध्यान रहे कि इतना ही पानी डालें कि गाढ़ा पेस्ट बनकर तैयार हो जाए।-अब इस तैयार पेस्ट में चुटकीभर हल्दी डालें और ासथ में बेसन डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें।-चेहरे को पहले गुलाबजल की मदद से पोंछ लें। जिससे कि सारी गंदगी साफ हो जाए।-अब तैयार फेस पैक को लगाएं और सूखने के लिए करीब आधा घंटा छोड़ दें।-जब ये पूरी तरह से सूख जाए तो किसी टॉवेल या टिश्यू पेपर को गीला करके धीरे हाथों से रगड़ते हुए साफ करें।-ऐसा करने से डेड स्किन भी आसानी से निकल जाएंगी।-पूरी तरह से साफ करने के बाद पानी से चेहरा धो लें।-फिर कोई लाइट मॉइश्चराइजर लगा लें।-पहली बार में ही चेहरे पर फेस पैक लगाने के बाद चमक दिखना शुरू हो जाएगी।-त्योहारों के सीजन में लगातार ये इस फेस पैक से चेहरा साफ करने पर डलनेस और कालेपन का निशान मिट जाएगा।
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-सीमा उपाध्याय
शारदीय नवरात्रि महापर्व के दौरान कुछ लोग 9 दिन का ही उपवास करते हैं। ऐसे में फलाहारी खाने को खाया जाता है। वैसे तो लोग कुट्टू के आटे से बनी चीजों को इस व्रत में खाते हैं। लेकिन अगर आपको पूड़ी-पकौड़ी जैसी ऑयली आइटम पसंद नहीं है तो आप कुछ दूसरी डिशेज को ट्राई कर सकते हैं। जिनमें तेल-घी की मात्रा कम या फिर ना के बराबर होती है।1) समा के चावल की पुलाव- समा के चावल व्रत में खाए जाते हैं। इनकी मदद से आप टेस्टी पुलाव तैयार कर सकते हैं। इसे कम घी में बनाया जा सकता है और अच्छी बात ये हैं कि ये डिश फटाफट बनकर तैयार हो जाती है। इसमें आप आलू, टमाटर, लौकी और हरी मिर्ची मिला कर बना सकते हैं।2) साबूदाना खिचड़ी- साबूदाना का खिचड़ी दो तरह से बनाई जाती है। एक गीली और दूसरी सूखी। व्रत में आप गीली खिचड़ी बनाकर खाएं। इसमें आलू, टमाटर, काजू, मखाने और किश्मिश भी मिला सकते हैं। ये व्रत में खाने के लिए एक हेल्दी डिश है।3) इडली- साबूदाना और समा के चावल को मिलाकर आप इडली भी बना सकती हैं। व्रत में कुछ हैवी खाने की क्रेविंग हो तो आप इसे बना सकते हैं।4) व्रत वाला डोसा- व्रत में आप डोसा बना सकते हैं। ये कुट्टू के आटे से बनता है। इसमें आप पनीर की फिलिंग कर सकते हैं।5) आलू की चाट- आलू को सेककर आप इसकी चाट बना सकते हैं। अगर आपको व्रत में चटपटा खाने की क्रेविंग हो तो इसे जरूर ट्राई करें।6) आलू पराठा व्रत वाला- व्रत में आलू के पराठे खाए जा सकते हैं। इसे राजगीरा के आटे से बना सकते हैं।7) मखाना चाट- व्रत में कम ऑयली चीज खानी है तो मखाना चाट बनाएं। इसके लिए मखाने को पहले थोड़े घी में सेक लें और फिर दही के साथ कोटिंग करके व्रत वाली खट्टी मीठी चटनी डालकर सेंधा नमक और भुना जीरा छिड़क कर खाएं।8) सिंघाड़े की कढ़ी- सिंघाड़े की कढ़ी की तरह ही बनती है। बस इसमें बेसन की जगह सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आप राई का तड़का लगाएं और समा चावल के साथ खाएं।9) मखाना खीर- मखाने की खीर भी व्रत में खाई जा सकती हैं। जब आप व्रत में लो एनर्जी महसूस करें तो इस खीर को बनाकर खाएं। -
-संध्या शर्मा
नवरात्रि में कुछ लोग प्याज खाना भी छोड़ देते हैं। ऐसे में सुबह के समय नाश्ता क्या बनाएं इसे लेकर कंफ्यूजन रहती है। तो आइए, नौ दिन के लिए यहां देखें 9 ऑप्शन1) पोहा- नाश्ते के लिए पोहा एक हेल्दी ऑप्शन माना जाता है। इसे आप खूब सारी सब्जियों के साथ मिलाकर बना सकते हैं। इसके स्वाद को इंहेंस करने के लिए कड़ी पत्ते का इस्तेमाल जरूर करें।2) खिचयू- चावल के आटे से बना खिचयू एक गुजराती डिश है। इसे आप नाश्ते में खा सकते हैं। ये एक हेल्दी डिश है जिसे स्टीम करके बनाया जाता है।3) जवे- कुछ लोगों का मानना होता है कि जवे बिना प्याज के अच्छे नहीं लगते हैं। आप टमाटर, हरी मिर्च, मूंगफली और आलू मिलाकर टेस्टी जवे तैयार कर सकते हैं।4) सूजी ढोकला- सूजी से बना ढोकला भी स्वाद में अच्छा लगता है। इसे बनाना भी काफी आसान है। इसमें राई और कड़ी पत्ते का छोंक लगता है। इसे आप चटनी के साथ खा सकते हैं।5) उपमा- जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं वह सूजी से बने नाश्ते को खा सकते हैं। क्योंकि इसे पचाना काफी आसान होता है। ऐसे में सब्जियों और कुछ मेवों के साथ आप उपमा बना सकते हैं।6) बेसन का ढोकला- स्पॉन्जी और रसदार ढोकला स्वाद में काफी अच्छा लगता है। इसे भी नाश्ते के लिए तैयार किया जा सकता है। स्नैक्स के लिए भी ये अच्छा ऑप्शन है।7) नमकीन दलिया- नमकीन दलिया भी नाश्ते में खा सकते हैं। अगर आप हेल्थ फ्रीक हैं तो इसे खाएं। गाजर, बीन्स, मटर जैसी सब्जियों के साथ आप इसे तैयार कर सकते हैं।8) बेसन चीला- बेसन का चीला एक हेल्दी ऑप्शन है। इस आप पनीर, टमाटर, गाजर, धनिया के साथ मिलाकर तैयार कर सकते हैं।9) आलू सैंडविच- आलू की स्टफिंग तैयार करके सैंडविच बनाएं। इसमें आप एक चीज स्लाइस रखें। इसे केचअप या फिर चटनी के साथ सर्व करें। - -सीमा उपाध्यायत्योहारों और मौसम के बदलने पर अधिकतर लोगों के घर में लड्डू बनाए जाते हैं। कुछ घर तो ऐसे होते हैं जहां पर बेसन के लड्डू हमेशा तैयार रहते हैं। वैसे तो लड्डू बनाना बहुत आसान है। लेकिन कई ऐसे लोग हैं जिन्हें लड्डू बनाने में दिक्कत होती है और लाख कोशिशों के बाद भी परफेक्ट स्वाद और शेप नहीं मिलता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो यहां जानिए कुछ टिप्स, जिनकी मदद से आप हलवाई जैसे परफेक्ट लड्डू बना पाएंगे।भारी तले की कढ़ाई में भूनेंलड्डू अलग-अलग चीजों से बनाएं जाते हैं। बेसन, आटे या मेवा से बने लड्डू को बनाने का पहला स्टेप उन्हें भूनना होता है। ऐसे में आटे को भूनने के लिए हमेशा भारी तले वाली कढ़ाई का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से आटा अच्छे से सिकेगा और जलेगा भी नहीं। हालांकि, इसे मीडियम आंच पर भी भूनें।सही समय पर डालें चीनीलड्डू बनाते समय सही समय पर चीनी डालना बहुत जरूरी होता है। कुछ लोग गर्म आटे में चीनी मिला देते हैं जिसकी वजह से मिक्स पतला हो जाता है और फिर लड्डू बांधने में दिक्कत होती है। इसलिए हमेशा आटे को ठंडा होने दें और फिर चीनी के पाउडर को या तगार को मिलाएं। हालांकि, इसे पूरी तरह से ठंडा नहीं करना है, बल्कि ये गुनगुना होना चाहिए।गुनगुने मिक्स से बनाएं लड्डूअगर आप पूरी तरह से ठंडे मिक्स से लड्डू बनाने का सोच रहे हैं तो ऐसा ना करें। क्योंकि लड्डू को सही शेप देने के लिए मिक्स का गुनगुना होना जरूरी है। जब मिक्स न ज्यादा गर्म-ठंडा हो तो लड्डू बनाएं।मिक्स गीला होने पर मिलाएं मेवाकई बार लड्डू बनाने के लिए जो मिक्स तैयार किया जाता है वह काफी ज्यादा गीला हो जाता है। ऐसे में आप इस मिक्स को सही करने के लिए इसमें ड्राई फ्रूट्स के पाउडर को मिला सकते हैं।






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